सीएम धामी ने ‘सांसद खेल महोत्सव’ का किया शुभारंभ, बोले– खेलों से बनेगा ‘फिट इंडिया-स्ट्रॉन्ग इंडिया’
नवोदय विद्यालय तपोवन में वालीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट के लिए सांसद निधि से धनराशि दी जाएगी – राज्यसभा सांसद नरेश बंसल
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून सोमवार को राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में ‘‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से पूरे देश में आयोजित हो रहा ’’सांसद खेल महोत्सव’’, खेल प्रतिभाओं को गाँव से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का बड़ा अभियान है। उत्तराखंड में खेल महोत्सव तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ’’फिट इंडिया-स्पोर्ट्स इंडिया-स्ट्रॉन्ग इंडिया’’ के संदेश को गाँव-गाँव तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य किया। आज उत्तराखंड विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। ’’स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ के अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित किया जा रहा है। राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किया गया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और कौशल को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। बच्चों की प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए अनेक कार्यक्रमों सांसद खेल प्रतियोगिता, फिट इंडिया का आयोजन किया जा रहा है। आज भारत वैश्विक स्तर पर खेलों में सराहनीय प्रदर्शन कर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट के लिए वे अपनी सांसद निधि से धनराशि देंगे। विद्यालय में मेस में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए भी उन्होंने अपनी सांसद निधि से धनराशि देने की बात कही।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजानदास, मेयर सौरभ थपलियाल, सीडीओ अभिनव शाह एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।
“सनशाइन विटामिन” शरीर को मज़बूत ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है
भारत जैसे देश में जहां सालभर सूरज चमकता रहता है, वहां विटामिन डी (Vitamin D) की कमी होना कई लोगों को हैरान कर सकता है। लेकिन स्वास्थ्य रिपोर्ट्स बताती हैं कि हमारे देश में भी लाखों लोग इस पोषक तत्व की कमी से जूझ रहे हैं।
विटामिन डी को “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर में तब बनता है जब त्वचा सूरज की यूवीबी (UVB) किरणों के संपर्क में आती है।
धूप से विटामिन डी पाने का सही समय क्या है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच का समय विटामिन डी लेने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
इस दौरान सूर्य की किरणों में मौजूद यूवीबी किरणें सबसे प्रभावशाली होती हैं, जो त्वचा में विटामिन डी बनने की प्रक्रिया को सक्रिय करती हैं।
बहुत से लोग सोचते हैं कि सुबह-सुबह की हल्की धूप फायदेमंद होती है,
लेकिन वास्तव में दोपहर से पहले वाली तेज धूप ज्यादा असरदार होती है — बस जरूरत से ज्यादा देर तक न बैठें।
कितनी देर और कैसे लें धूप
रोजाना 15 से 30 मिनट धूप में बैठना पर्याप्त है।
कोशिश करें कि आपके चेहरा, हाथ और पैर सीधे धूप के संपर्क में हों।
धूप लेने के तुरंत बाद शरीर को कपड़ों से ढक लें या छाया में चले जाएं।
धूप में बैठते समय ये गलती न करें
धूप में बैठने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग न करें।
सनस्क्रीन एक रक्षक परत की तरह काम करता है जो यूवीबी किरणों को रोक देता है, जिससे शरीर में विटामिन डी बनने की प्रक्रिया 90% तक घट जाती है।
पहले 15-30 मिनट बिना सनस्क्रीन के धूप लें, फिर सनस्क्रीन लगाकर त्वचा की सुरक्षा करें।
त्वचा का रंग भी करता है असर
जिन लोगों की त्वचा का रंग गहरा (डार्क) होता है, उन्हें हल्की त्वचा वाले लोगों की तुलना में 3 से 5 गुना अधिक समय धूप में रहना पड़ता है ताकि पर्याप्त विटामिन डी बन सके।
अगर धूप नहीं मिल पा रही तो क्या करें?
यदि आप रोजाना धूप में नहीं बैठ पाते, तो आहार से भी विटामिन डी ले सकते हैं।
अपने भोजन में शामिल करें:
अंडे की जर्दी (Egg Yolk)
सैल्मन, टूना जैसी मछलियां (Fatty Fish)
फोर्टिफाइड दूध और अनाज (Fortified Milk & Cereals)
या फिर डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी सप्लीमेंट का सेवन करें।
देहरादून। जनपद देहरादून के 28 प्रगतिशील सब्जी उत्पादक कृषकों के समूह को प्रदेश के कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने आज गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में पांच दिवसीय संरक्षित खेती पर प्रशिक्षण हेतु बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि पॉलीहाउस के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस प्रकार के व्यवहारिक प्रशिक्षण से कृषक नई तकनीकों से परिचित होकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती राज्य के कृषकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही है।
इस प्रशिक्षण दल का नेतृत्व तहसीन खान एवं नूतन राणा, सहायक विकास अधिकारी, देहरादून द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में नाबार्ड योजनान्तर्गत 50 से 500 वर्गमीटर पॉलीहाउस हेतु कृषकों को 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें अब तक 300 कृषकों द्वारा 20 प्रतिशत कृषकांश जमा किया जा चुका है। प्रशिक्षण दल में देहरादून से 8, सहसपुर से 2, डोईवाला से 3, रायवाला से 4, विकासनगर से 2, कालसी से 3 तथा सहिया, त्यूनी, कोटी कनासर, चकराता, लांघा व थानों से एक-एक कृषक शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान कैन्ट विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड ऑर्गेनिक बोर्ड के सदस्य निरंजन डोभाल, मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी सहित अनेक काश्तकार उपस्थित रहे।
रजत जयंती पर पूरे प्रदेश की महिलाओं पर केंद्रित एक विशेष आयोजन की तैयारी
2047 के विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका पर होगी तैयारी
देहरादून । प्रदेश की स्थापना के बाद यहां की महिलाओं ने क्या उपलब्धियां हासिल की, उनके सामने अभी भी क्या चुनौतियां हैं और भविष्य का विकसित भारत बनाने में उनकी क्या भूमिका होगी, इस पर मंथन के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सोमवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने रजत जयंती के अवसर पर होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की।
सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह आयोजन 8 नवंबर को हल्द्वानी के गौलापार स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दो हिस्से होंगे जिसमें पहले हिस्से में टॉक शो, ग्रुप डिस्कशन और महिलाओं के लिए भविष्य के विजन पर चर्चा होगी। कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में झौड़ा, सांस्कृतिक नृत्य, गायन जैसे कार्यक्रम होंगे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आयोजन में शामिल होने वाली हजारों महिलाएं अपने-अपने पारंपरिक परिधान में सुसज्जित होकर आएंगी।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट काम करने वाली महिलाओं से विचार विमर्श कर एक विजन डॉक्युमेंट तैयार करने की योजना है। कार्यक्रम में विशेष कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारी को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला सशक्तिकरण विभाग के निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह अनुसचिव प्रभा आर्या, मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा आदि उपस्थित रहे।
साल 2022 में रिलीज हुई सुपरहिट थ्रिलर फिल्म ‘वध’ का सीक्वल अब आधिकारिक रूप से तय हो गया है। मेकर्स ने ‘वध 2’ की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है, जिसमें एक बार फिर दर्शकों को संजय मिश्रा और नीना गुप्ता की दमदार जोड़ी देखने को मिलेगी।
फिल्म मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर एक 17 सेकंड का टीज़र क्लिप जारी करते हुए बताया कि ‘वध 2’ अगले साल 6 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पोस्ट में लिखा गया— “संघर्ष नया, कहानी नई, क्या गलत और क्या है सही — जानिए 6 फरवरी को।”
‘वध 2’ का निर्देशन जसपाल सिंह संधू कर रहे हैं, जिन्होंने फिल्म की कहानी भी लिखी है। इसका निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग द्वारा लव फिल्म्स के बैनर तले किया जा रहा है।
पहली फिल्म ‘वध’ को अपने अनोखे क्राइम और इमोशनल ड्रामा के लिए खूब सराहा गया था। फिल्म में एक बुजुर्ग दंपति की कहानी दिखाई गई थी, जो हालात के चलते अपराध करने को मजबूर हो जाता है। संजय मिश्रा के गहन अभिनय और नीना गुप्ता के सशक्त किरदार ने दर्शकों का दिल जीत लिया था।
अब ‘वध 2’ से उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। दर्शकों में यह जानने की उत्सुकता है कि इस बार कहानी क्या नया मोड़ लेगी और कौन-से सवालों के जवाब छिपे होंगे इस थ्रिलर के सीक्वल में।
देहरादून | जौलीग्रांट थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब कालूसिद्ध मंदिर के पीछे सौंग नदी से एक सड़ा-गला शव बरामद हुआ। स्थानीय लोग जब नदी किनारे लकड़ियां बीनने पहुंचे तो तेज दुर्गंध आने पर उन्होंने आसपास देखा, जहां उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला।
सूचना मिलते ही वन विभाग और थाना जौलीग्रांट पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव के आसपास का क्षेत्र घेरा गया और जांच शुरू की गई। प्राथमिक जांच में पता चला कि शव काफी पुराना है और कई दिन से पानी में पड़ा हुआ था।
स्थानीय प्रतिनिधि बीडीसी सदस्य पंकज रावत ने बताया कि शव की हालत देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह सितंबर माह में आई बाढ़ के दौरान बहकर यहां आ गया होगा। गौरतलब है कि 15-16 सितंबर को सौंग नदी में उफान आने से कई जगहों पर आपदा जैसी स्थिति पैदा हो गई थी।
शव किसी बुजुर्ग व्यक्ति का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा ताकि मृत्यु के कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट्स की जांच शुरू कर दी है ताकि मृतक की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिडनी- टीम इंडिया के वनडे उपकप्तान श्रेयस अय्यर की हालत गंभीर बताई जा रही है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में चोट लगने के बाद उन्हें सिडनी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे फिलहाल आईसीयू में निगरानी में हैं।
जानकारी के मुताबिक, तीसरे वनडे के दौरान फील्डिंग करते समय अय्यर की बाईं पसलियों में गहरी चोट आई थी। शुरुआती जांच में केवल मांसपेशी खिंचाव माना गया था, लेकिन बाद में हुए स्कैन में आंतरिक रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) का पता चला। इसके बाद बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने तत्काल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया।
घटना मैच के दौरान तब हुई जब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने हर्षित राणा की गेंद पर ऊंचा शॉट खेला। अय्यर ने बैकवर्ड प्वाइंट पर शानदार डाइव लगाकर कैच तो पकड़ लिया, लेकिन जमीन पर गिरते समय उनकी पसलियों पर जोरदार झटका लगा। दर्द के चलते उन्हें तुरंत मैदान छोड़ना पड़ा।
बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, श्रेयस पिछले कुछ दिनों से इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में हैं और उनकी स्थिति स्थिर लेकिन नाजुक बताई जा रही है। चिकित्सकों ने उन्हें संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए सघन निगरानी में रखा है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी रिकवरी में कम से कम दो से तीन हफ्ते लग सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि टीम इंडिया के डॉक्टर और फिजियो ने चोट लगने के तुरंत बाद कोई जोखिम नहीं उठाया और अय्यर को अस्पताल ले गए। “उनके कुछ महत्वपूर्ण पैरामीटर्स में गिरावट देखी गई थी, इसलिए उन्हें तुरंत भर्ती किया गया। अब वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा,” बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा।
श्रेयस अय्यर को भारत लौटने से पहले कम से कम एक सप्ताह तक सिडनी में मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रहना होगा। फिटनेस रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि वे कब मैदान पर वापसी कर सकते हैं।
30 वर्षीय अय्यर फिलहाल केवल वनडे प्रारूप में खेल रहे हैं। उन्होंने पीठ की चोट के कारण लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाई हुई है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में उन्होंने शानदार 61 रनों की पारी खेली थी और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या पर गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने सोमवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान वाली याचिका की सुनवाई करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तीन नवंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई राज्यों ने अब तक अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया है और न ही आवश्यक हलफनामे दाखिल किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “यह कोई हल्की बात नहीं है, यह पूरे देश की सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।”
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की तीन जजों की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि अब तक केवल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), पश्चिम बंगाल और तेलंगाना ने ही अपने जवाब दाखिल किए हैं। बाकी राज्यों से कोई ठोस रिपोर्ट नहीं आई है।
गौरतलब है कि अदालत ने 22 अगस्त को ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवारा कुत्तों की स्थिति पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। उस समय कोर्ट ने इस मामले का दायरा दिल्ली-एनसीआर से बढ़ाकर पूरे देश तक कर दिया था।
पिछले आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के बाद उनकी नसबंदी और टीकाकरण कराना जरूरी है, जिसके बाद उन्हें उसी क्षेत्र में छोड़ा जाए। लेकिन, कई राज्यों ने इन दिशानिर्देशों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि यदि अगले हफ्ते तक सभी राज्य सरकारें अपने-अपने हलफनामे दाखिल नहीं करतीं, तो उनके मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को अब “सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रखा जाएगा”, बल्कि पूरे देश में इसके लिए एक समान नीति तैयार की जाएगी।
हल्द्वानी। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को पंतनगर से हल्द्वानी पहुंचेंगे। उनके दौरे को देखते हुए हल्द्वानी और नैनीताल पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। 27 और 28 अक्तूबर को वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कई मार्गों पर अस्थायी यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे।
सीओ ट्रैफिक नितिन लोहनी ने बताया कि सोमवार को सुबह 11 बजे तक पूर्व राष्ट्रपति के काफिले के हल्द्वानी पार करने तक सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पंतनगर से हल्द्वानी की ओर आने वाले मार्गों पर फ्लीट मूवमेंट के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस के अनुसार—
फ्लीट के गुजरने के समय लालकुआं की ओर आने वाले वाहनों को लालकुआं ओवरब्रिज से पहले डिवाइडर के पास रोका जाएगा।
हल्द्वानी से नैनीताल या ज्योलीकोट जाने वाले वाहनों को भीमताल तिराहा, काठगोदाम से भीमताल मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
फ्लीट के मोतीनगर पहुँचने पर हल्द्वानी से लालकुआं की ओर जाने वाले वाहनों को पुराना तीनपानी तिराहा पर रोका जाएगा।
जैसे ही काफिला तीनपानी तिराहा (डिबेर कट) पार करेगा, इंदिरानगर कट, गौलापुल, कुंवरपुर कट और खेड़ा चौकी से आने वाला ट्रैफिक अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।
भीमताल की ओर से हल्द्वानी आने वाले वाहन भीमताल मोड़ काठगोदाम से पहले पुल पर रोके जाएंगे।
पुलिस ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति के कैंची धाम से प्रस्थान से 15 मिनट पहले “जीरो जोन” लागू किया जाएगा, जिसके दौरान आम यातायात को रोककर केवल फ्लीट को प्राथमिकता दी जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित डायवर्जन का पालन करें और अनावश्यक रूप से वीवीआईपी रूट पर न जाएं ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
बदरीनाथ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रथम गाँव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” के समापन समारोह में पहुँचे| इस आयोजन में स्थानीय समुदायों, पर्यटकों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। महोत्सव का संचालन भारतीय सेना एवं उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के सुचारू समन्वय से यह आयोजन बेहद सफल रहा, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व सेना द्वारा लगाए गए स्टालों एवं “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारतीय सेना और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगी। आर्मी द्वारा प्रदर्शित उपकरणों, मॉडल्स और सूचना सामग्री की उन्होंने विशेष सराहना की।
महोत्सव में स्कूली बच्चों ने पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए और कहा कि गढ़वाली लोक संस्कृति की ये झलकियाँ देवभूमि के असली गौरव को दर्शाती हैं। गढ़वाली बैंड, स्थानीय कलाकारों व कारीगरों के प्रदर्शन ने भी सभी का मन मोह लिया।
स्थानीय शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और अन्य धरोहर सामग्री को पर्यटकों द्वारा खूब सराहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं और महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करवाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सर्दियों के मौसम में पर्यटन विकास, रोजगार सृजन, रिवर्स पलायन को बढ़ावा और सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में सहायक सिद्ध होगा।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बद्रीविशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की और प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सैन्य अधिकारी व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
