देहरादून। छठ पूजा के दौरान इस बार श्रद्धालु घाटों पर डीजे बजाने या आतिशबाजी करने की अनुमति नहीं होगी। भीड़भाड़ और संभावित भगदड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने इन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही 27 और 28 अक्तूबर को होने वाली पूजा के लिए विस्तृत ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था भी जारी कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, गलत स्थान पर वाहन पार्क करने पर 1200 रुपये का चालान किया जाएगा और वाहन को क्रेन से टो किया जाएगा। इसके लिए दो क्रेन की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनज़र घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, अधिकारी, एसडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती की जा रही है।
देहरादून में प्रेमनगर, मालदेवता, चंद्रबनी, नेहरू कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में छठ पूजा के मुख्य आयोजन होंगे। पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष मार्ग और पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं—
सहसपुर-विकासनगर रूट: दून से जाने वाले वाहन रांघडवाला तिराहा, दरू चौक, बडोवाला, सिंघनीवाला तिराहा और धुलकोट मार्ग से होकर जाएंगे।
नंदा की चौकी मार्ग: दून शहर से छठ पूजा में शामिल होने वाले श्रद्धालु रांघडवाला तिराहा, प्रेमनगर चौक से नंदा की चौकी तक पहुंचेंगे।
भाऊवाला–प्रेमनगर रूट: सुद्धोवाला चौक, बालाजी धाम कट, ठाकुरपुर रोड होते हुए प्रेमनगर पहुंचा जा सकेगा।
बिधोली–प्रेमनगर रूट: नंदा की चौकी, सुद्धोवाला चौक, बालाजी धाम कट, ठाकुरपुर रोड से होकर आवागमन होगा।
प्रेमनगर से झाझरा-बिधोली दिशा: वाहनों को ठाकुरपुर रोड, बालाजी धाम मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।
धूलकोट तिराहा: भारी वाहनों को सिंघनीवाला की ओर मोड़कर बडोवाला मार्ग से भेजा जाएगा।
पार्किंग व्यवस्था:
सुभारती कॉलेज, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, नंदा की चौकी पेट्रोल पंप के पास, और आसन नदी के किनारे अस्थायी पार्किंग बनाई गई है।
सेलाकुई क्षेत्र में नदी किनारे खाली स्थलों को पार्किंग के रूप में उपयोग किया जाएगा।
मालदेवता, रायपुर और बालावाला से आने वालों के लिए मालदेवता रोड पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
आईएसबीटी, क्लेमेंटटाउन और मोहब्बेवाला क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए चंद्रबनी हाट बाजार मैदान में पार्किंग रहेगी।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें ताकि यातायात सुचारू बना रहे और घाटों पर भीड़ का दबाव कम हो।
मुख्यमंत्री ने किया वीर नारियों व शहीद परिजनों को सम्मानित, पौड़ी के दूरस्थ क्षेत्र से सुनी मन की बात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिखणीखाल से दी शहीदों को श्रद्धांजलि, सौंपे विकास के नए अध्याय
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 102.82 करोड़ रुपये की लागत से संबंधित 11 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ रुपये की लागत की 06 योजनाओं का लोकार्पण तथा 46.24 करोड़ रुपये की लागत की 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा पहाड़ी परंपरा के अनुरूप ओखली में धान की कुटाई, सिलबट्टे पर चटनी पीसने और मट्ठा बिलोने की गतिविधियों में सहभागिता की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और कहा कि आज देश-दुनिया में पहाड़ी उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने आर्मी बैंड का अवलोकन किया और मधुर धुन प्रस्तुत करने के लिए बैंड के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री सहित उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना।
कार्यक्रम के संयोजक एवं स्थानीय विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उन्हें पारंपरिक गदा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीर नारियों, शहीदों के परिजनों एवं पूर्व सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का क्षण है। उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने सदैव भारत माता को गर्वित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है। राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को रूपए 10 लाख से बढ़ाकर रुपए 50 लाख कर दिया गया है। साथ ही परमवीर चक्र तथा अन्य पुरस्कार विजेताओं की पुरस्कार राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की गयी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु 10 हजार की सहायता राशि दी जा रही है। सैनिकों को भूमि खरीद पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी के रूप में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शहीदों के परिजनों को सरकारी सेवा में संयोजन के तहत 28 परिजनों को नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है तथा 13 मामलों की प्रक्रिया प्रचलित है। पूर्व में आवेदन हेतु 02 वर्ष का समय सीमा थी, जिसे बढ़ाकर 05 वर्ष कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन, आधुनिक उपकरण, जैकेट व जूते जैसी सुविधाएँ सैनिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून में बन रहा भव्य सैन्य धाम शीघ्र ही लोकार्पित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा व पूर्व सीडीएस बिपिन रावत पार्क का निर्माण हो चुका है तथा पौराणिक चारधाम पैदल मार्ग पुनः संचालन, ट्राइडेंट पार्क, पूर्व कलेक्ट्रेट भवन का हेरिटेज निर्माण, सतपुली झील निर्माण तथा धारी देवी पैदल मार्ग पुनः निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने लैंड जिहाद, धर्मांतरण, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिससे राज्य में सुशासन की स्थापना हो रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम श्री गुणानंद के नाम पर रखने की घोषणा, विकासखंड रिखणीखाल में दलमोटा से बल्ली तक का मिलान कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में प्रेक्षागृह का निर्माण, विकास खण्ड रिखणीखाल में लो०नि०वि० अतिथि गृह व हैलीपैड निर्माण कार्य, विकास खण्ड जयहरीखाल में न्याय पंचायत मेरूड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना, विकास खण्ड रिखणीखाल के मंदाल नदी से नौदानू में पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड जयहरीखाल में पशु सेवा केन्द्र सिलवाड़, जयहरीखाल पशु चिकित्सालय का उच्चीकरण एवं पशु सेवा केन्द्र ढौंटियाल पशुधन प्रसार अधिकारी पद सहित ग्राम सत्तीचौड़ में स्थापना, विधान सभा लैन्सडौन के अन्तर्गत विकास खण्ड रिखणीखाल में मन्दाल नदी पर बाढ सुरक्षा कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में चौलूडांडा पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के भौन में पम्पिंग योजना का निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के अन्तर्गत दिगोलीखाल पम्पिंग योजना का निर्माण, विकासखंड द्वारीखाल में सिमडी कंडली मोटर मार्ग के प्रथम बैंड से सेरा फरसैंगाल तक मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखंड रिखणीखाल में कठवाडा खनसुली खनेताखाल मोटर मार्ग से ढाबखाल बुलेखा मोटर मार्ग तक मिलान कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में लेकुल नाड़ मज्याड़ी मोटरमार्ग का निर्माण कार्य, रिखणीखाल कोटडीसैंण के समीप ग्राम पैयागड़ी रजवी मल्ला विटे मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखण्ड रिखणीखाल में किल्यौखाल से सुन्द्रोली तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में नावे तल्ली में भाग दो का कार्य, देवियोखाल बाजार से मैवणी तक सम्पर्क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य, विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत पाणीसैंण डबराड़ बूथानगर मोटर मार्ग का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिखणीखाल में डॉक्टरों नियुक्ति तथा विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय मोटर मार्गों के नाम करने की घोषणा की।
कार्यक्रम के संयोजक एवं स्थानीय विधायक महंत दिलीप रावत ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम से राज्य का गौरव बढ़ा है। शहीदों के आंगन की पावन मिट्टी सैन्य धाम के लिए ले जाने हेतु उन्होंने मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि रिखणीखाल जैसी वीर भूमि से हमें सदैव प्रेरणा मिलती है। उन्होंने शहीदों, वीर नारियों, गौरव सेनानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का हार्दिक अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने अपील की कि किसी भी समस्या के समाधान हेतु परिजन गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, ब्लॉक प्रमुख रिखणीखाल रेणु रावत, प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अध्यक्ष भाजपा कोटद्वार राज गौरव नौटियाल, कैप्टन मनवर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र रावत सहित बड़ी संख्या में शहीद परिजन, सैनिक, अधिकारी-कर्मचारी एवं आमजन उपस्थित रहे।
स्विट्जरलैंड की सिंडी मेरलो को 17 मिनट में 11-3, 11-3, 11-4 से हराया
नई दिल्ली। चैंपियन अनाहत ने कनाडा में चल रहे पीएसए सिल्वर स्तर के महिला ओपन स्क्वाश टूर्नामेंट के पहले दौर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम-16 में जगह बना ली है।
विश्व रैंकिंग में 43वें स्थान पर काबिज अनाहत ने स्विट्जरलैंड की सिंडी मेरलो को एकतरफा मुकाबले में 11-3, 11-3, 11-4 से मात दी। यह मैच मात्र 17 मिनट तक चला, जिसमें भारतीय खिलाड़ी ने अपने आक्रामक स्ट्रोक्स और सटीक नियंत्रण से विरोधी को कोई मौका नहीं दिया।
अब अनाहत का सामना टूर्नामेंट की छठी वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद मेलिसा अल्वेस से होगा। उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि वह इस शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाएंगी।
अनुमति से अधिक खुदाई या मानकों की अनदेखी पर होगी जब्ती और मुकदमा दर्ज
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें यूपीसीएल, गेल, यूयूएसडीए, एडीबी आदि संस्थाओं के रोड कटिंग और मोबाइल टावर लगाने से संबंधित प्रस्तावों पर विचार किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक उपयोगिता जैसे बिजली लाइन, पेयजल, सीवरेज और गैस पाइपलाइन भूमिगत करने के लिए रात को सड़क खोदने की अनुमति दी जाएगी, किंतु इन सभी कार्यों पर प्रशासन की क्यूआरटी पैनी नजर रखेगी।
डीएम ने स्पष्ट किया कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई छोड़ देना या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने से गुरेज नहीं करेगा। सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ही कार्य करें और 10 नवम्बर के बाद ही खुदाई शुरू करें।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य समाप्ति के बाद सड़क को चलने योग्य बनाना अनिवार्य है। कार्यदायी संस्थाओं को एनओसी, कटिंग चार्ज और डंपिंग जोन की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करनी होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बेरिकेटिंग और साइट सुपरविजन का पूरा ध्यान रखा जाए।
डीएम ने यूपीसीएल और अन्य एजेंसियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सुपरविजन सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी को यूपीसीएल, गेल, एडीबी और यूयूएसडीए के कार्यों की साइट विजिट के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में देरी या अव्यवस्था से जनता को परेशानी हुई तो जिम्मेदार विभागों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई तय होगी। बैठक में स्मार्ट सिटी के एसीईओ तीरथपाल सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह सहित विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
छठ महापर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज की एकता का प्रतीक- पीएम
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने इस अवसर पर त्योहारों की शुभकामनाएं दीं और विशेष रूप से छठ महापर्व का जिक्र करते हुए कहा कि यह पर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच गहरी एकता का प्रतीक है। छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है, जो भारत की सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण है।
पर्यावरण और स्वच्छता में पहल
पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में चल रही उल्लेखनीय पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में ‘गारबेज कैफे’ की बात की, जहां लोग प्लास्टिक कचरा लाकर मुफ्त भोजन प्राप्त कर सकते हैं। एक किलो प्लास्टिक पर दोपहर या रात का खाना और आधा किलो पर नाश्ता मिलता है।
बंगलूरू में इंजीनियर कपिल शर्मा की पहल का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि उनकी टीम ने शहर की 40 झीलों और कुओं को पुनर्जीवित किया। इस अभियान में स्थानीय लोग और कॉरपोरेट्स भी शामिल हैं, जिससे शहर का पर्यावरण बेहतर हुआ है।
मैनग्रोव से पर्यावरण संरक्षण
गुजरात के धोलेरा तट पर मैनग्रोव लगाने की पहल के बारे में पीएम मोदी ने बताया कि पांच साल पहले शुरू किए गए इस अभियान से 3,500 हेक्टेयर में मैनग्रोव फैल गए हैं, जिससे डॉल्फिन, केकड़े, जलीय जीव और प्रवासी पक्षी बढ़े हैं। इससे मछुआरों को भी लाभ मिला है।
सरदार पटेल की जयंती पर रन फॉर यूनिटी में शामिल होने की अपील
प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की आधुनिक भारत में भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पटेल ने स्वच्छता, सुशासन और देश की एकता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। पीएम मोदी ने देशवासियों से आग्रह किया कि 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित रन फॉर यूनिटी में शामिल हों।
कोरापुट कॉफी और कृषि विकास
पीएम मोदी ने ओड़िशा के कोरापुट में कॉफी खेती की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत की कॉफी दुनिया-भर में लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने देश के विभिन्न कॉफी उत्पादक क्षेत्रों जैसे कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर का भी उल्लेख किया और बताया कि लोग जुनून और मेहनत से कॉफी की खेती कर आर्थिक लाभ कमा रहे हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और किसान-उद्योग की पहल को उजागर करता है। उन्होंने देशवासियों को प्रेरित किया कि वे इन पहलों में सक्रिय रूप से भाग लें और जिम्मेदारी निभाएं।
शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि नींद की कमी न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि कई शारीरिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती है।
आजकल नींद की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह सिर्फ बुजुर्गों या कामकाजी लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब बच्चों और युवाओं में भी नींद न आने की परेशानी आम हो गई है। मोबाइल, लैपटॉप, देर रात तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल, तनाव और अनियमित जीवनशैली इसके मुख्य कारण हैं। शोध के अनुसार, भारत में हर तीसरा व्यक्ति नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है।
नींद की कमी के दुष्प्रभाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार पर्याप्त नींद न लेने से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर, मानसिक संतुलन बिगड़ता है और क्रॉनिक बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी और मधुमेह का खतरा बढ़ता है।
मानसिक स्वास्थ्य: नींद पूरी न होने से दिमाग को आराम नहीं मिलता, जिससे तनाव, चिंता और अवसाद बढ़ सकते हैं।
हृदय स्वास्थ्य: नींद की कमी स्ट्रेस हार्मोन बढ़ाती है, जिससे दिल पर दबाव पड़ता है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
तकनीकी उपकरणों का असर: मोबाइल और कंप्यूटर की ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन को रोकती है, जो नींद के लिए जरूरी है।
नींद में सुधार के उपाय
सोने-जागने का समय निर्धारित करें
रोज़ाना एक ही समय पर सोएं और उठें। कमरा शांत, अंधेरा और ठंडा रखें।
शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं
नियमित व्यायाम से शरीर थकता है और सोना आसान होता है। ध्यान और रिलैक्सेशन तकनीकें तनाव कम करती हैं।
स्मार्टफोन और स्क्रीन टाइम कम करें
सोने से 1-2 घंटे पहले फोन, लैपटॉप या टीवी का इस्तेमाल बंद करें। आवश्यक होने पर डॉक्टर की सलाह से मेलाटोनिन सप्लीमेंट लिया जा सकता है।
यदि नींद की समस्या मानसिक रोग जैसे अवसाद या एंग्जायटी से जुड़ी हो, तो मनोचिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
अच्छी नींद ही है स्वस्थ जीवन की कुंजी।
(साभार)
चमोली। लेफ्टिनेंट जनरल डी. जी. मिश्रा, एवीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तर भारत एरिया (UB Area) ने आज माणा गाँव, चमोली में “देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव – 2025” का शुभारंभ किया। यह उत्सव उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अध्यात्म और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रदर्शन है। इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से भारतीय सेना और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया गया है।
उद्घाटन दिवस पर स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों तथा गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। गढ़वाली लोक नृत्यों, प्रसिद्ध गढ़वाली बैंडों एवं गायकों की प्रस्तुतियों तथा पारंपरिक शिल्पकला के जीवंत प्रदर्शन ने वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। ग्रामवासियों और स्थानीय शिल्पकारों द्वारा लगाए गए स्टालों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी की कारीगरी और जैविक उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा।

भारतीय सेना के बैंड ने मनमोहक धुनों से सभी को मंत्रमुग्ध किया, वहीं “Know Your Army” प्रदर्शनी ने सेना के समर्पण, सेवा भावना और जनसंपर्क को उजागर किया।
“देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने, पलायन को रोकने, रोजगार सृजन और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास की दिशा में एक सार्थक कदम है। इस आयोजन में कारीगरों, किसानों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने समुदायों को सशक्त बनाने के साथ-साथ उत्तराखण्ड की परंपराओं को सहेजने का संदेश भी दिया।
छत्रपति संभाजी महाराज के सम्मान में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय
मुंबई। दक्षिण मध्य रेलवे ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए औरंगाबाद रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन कर दिया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नया नाम अब औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है और स्टेशन के सभी साइनबोर्ड, टिकट, घोषणाएं तथा डिजिटल सिस्टम में अपडेट की प्रक्रिया जारी है।
रेलवे ने बताया कि नांदेड मंडल के अंतर्गत आने वाले इस स्टेशन का नया कोड “CPSN” होगा। नाम परिवर्तन की मंजूरी गृह मंत्रालय से प्राप्त होने के बाद यह निर्णय लागू किया गया। यह बदलाव मराठा साम्राज्य के वीर योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की स्मृति और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, अब यात्रियों को स्टेशन से जुड़ी सभी घोषणाएं, टिकट और सूचना प्रणाली में “छत्रपति संभाजीनगर” नाम सुनाई देगा। सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2022 में औरंगाबाद शहर का नाम भी “छत्रपति संभाजीनगर” करने की मंजूरी दी थी। अब रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के साथ यह प्रक्रिया पूर्ण हो गई है।
इस संबंध में 15 अक्तूबर को महाराष्ट्र सरकार द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था। यह कदम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार की अनुशंसा पर उठाया गया। ऐतिहासिक रूप से, औरंगाबाद रेलवे स्टेशन की स्थापना वर्ष 1900 में हैदराबाद के सातवें निजाम मीर उस्मान अली खान के शासनकाल में हुई थी। वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो अजंता और एलोरा की विश्व धरोहर गुफाओं सहित कई ऐतिहासिक स्मारकों से घिरा हुआ है।
प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम
देहरादून। उत्तराखंड सरकार दिसंबर माह से राज्य की सीमाओं में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलना शुरू करेगी। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य में प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देना है।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि ग्रीन टैक्स व्यवस्था को लागू करने के लिए राज्य की सीमाओं पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। फिलहाल 16 कैमरे कार्यरत हैं, जिन्हें बढ़ाकर 37 किया जा रहा है ताकि सभी प्रमुख प्रवेश बिंदु कवर हो सकें।
परिवहन विभाग ने टैक्स वसूली के लिए एक विक्रेता कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। कैमरों से प्राप्त डेटा सॉफ्टवेयर के माध्यम से कंपनी को भेजा जाएगा, जो उत्तराखंड में पंजीकृत, सरकारी और दोपहिया वाहनों को छोड़कर बाकी वाहनों की जानकारी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) को भेजेगी। वहां से वाहन मालिकों के वॉलेट नंबर के माध्यम से टैक्स की राशि स्वचालित रूप से कटकर परिवहन विभाग के खाते में जमा होगी।
विभिन्न वाहन श्रेणियों के लिए टैक्स की दरें तय की गई हैं —
छोटे वाहनों पर ₹80,
मालवाहक वाहनों पर ₹250,
बसों पर ₹140,
जबकि ट्रकों पर उनके वजन के अनुसार ₹120 से ₹700 तक ग्रीन टैक्स देना होगा।
सड़क, आवास, पेयजल और धार्मिक स्थलों के सुधार कार्यों के लिए स्वीकृत हुई धनराशि
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी गढ़वाल के धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत लालूरी घियाकोटी क्यार्दा की चली मोटर मार्ग का पुननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु रु 4.16 करोड़ के साथ रणकौची मन्दिर, चम्पावत हेतु उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लि० द्वारा आगणित धनराशि के सापेक्ष 4.57 करोड़ धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाइन रेसकोर्स देहरादून में पेयजल योजना (नई पाईप लाईन एवं ओवर हेड टैंक) के निर्माण कार्य हेतु 5 करोड़, पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-सी) के 120 आवासों के निर्माण हेतु 51 करोड़ तथा लोक सेवा आयोग के भगीरथ आवासीय परिसर में एक बहुमंजलीय इमारत जिसमें टाईप-3 के 20 आवास एवं टाईप-4 के 20 आवास बनाये जाने हेतु 19 करोड, आई०आर०बी० द्वितीय वाहिनी, देहरादून परिसर में टाईप द्वितीय के 120 आवासों के निर्माण हेतु 54 करोड़ के साथ ही राज्य योजना के अर्न्तगत राजभवन, देहरादून में बहुउद्देशीय भवनों का निर्माण कार्य (विद्युतीकरण सहित) कुल 13.73 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य योजना के अर्न्तगत रूद्रप्रयाग के विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ में श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग में श्री केदारनाथ जी से गरूरचट्टी पैदल मार्ग की छतिग्रस्त दीवारों का पुर्ननिर्माण एवं रैलिंग फिक्सिंग, मलवा सफाई कार्य हेतु 5.22 करोड़, राज्य योजना के अर्न्तगत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के विकासखण्ड पोखड़ा में दमदेवल-गडरी मोटर मार्ग का झलपाड़ी तक पुननिर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य हेतु 3.39 करोड़ एवं मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद पौडी के विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के विकासखण्ड पोखड़ा के अर्न्तगत चलकुड़िया-मसमोली-सकलोनी-नौखोली मोटर मार्ग किमी0 9 से 12 में पुननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु 3.45 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
