जनता दर्शन में उठी आवाज बनी असरदार, दो दिन में सुलझा मामला
देहरादून। मोथोरोवाला स्थित प्रतिष्ठित इडिफाई वर्ल्ड स्कूल द्वारा शिक्षिका कनिका मदान का दो माह का वेतन, ₹78,966 की सुरक्षा राशि और अनुभव प्रमाण पत्र रोके जाने का मामला जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में आने के बाद सुलझ गया।
जनता दर्शन में शिक्षिका ने फरियाद की थी कि स्कूल प्रबंधन मार्च और जुलाई माह का वेतन तथा अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
डीएम के निर्देश पर स्कूल प्रबंधन ने दो दिन के भीतर शिक्षिका को लंबित वेतन और सही विवरण सहित नया अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर दिया। शनिवार को शिक्षिका कनिका अपनी नन्हीं बेटियों संग कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी सविन बंसल का आभार व्यक्त करने पहुँची।
जिलाधिकारी के संवेदनशील हस्तक्षेप से असहायों, व्यथितों और शोषितों में प्रशासन के प्रति विश्वास और शोषण करने वालों में भय का वातावरण बना है। जिला प्रशासन की यह त्वरित कार्यशैली जनहित में सराहनीय उदाहरण बन रही है।
फर्जी आधार बनाकर “मोहम्मद जैद” नाम से रह रहा था आरोपी, तीन शहरों में बदलता रहा ठिकाने
रुद्रपुर। कुंडा पुलिस ने उत्तर प्रदेश बिजनौर के अफजलगढ़ निवासी हिस्ट्रीशीटर अपराधी सुहैल उर्फ सोनू पुत्र शमीम अहमद (39 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाकर “मोहम्मद जैद” नाम से जसपुर, कुंडा और काशीपुर में किराए पर रह रहा था।
वादी फईम अहमद की मोबाइल शॉप से 12 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 1 एलसीडी और 1 साउंड बॉक्स चोरी की गई थी। मुकदमा अपराध संख्या 336/2025 में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। उसके पास से 8 मोबाइल, 1 सैमसंग एलसीडी, 1 साउंड बॉक्स बरामद हुए। आरोपी ने बाकी मोबाइल और लैपटॉप अपने साथी नौशाद आलम को बेचे थे, जो फिलहाल फरार है।
आरोपी सुहैल उर्फ सोनू बिजनौर का हिस्ट्रीशीटर संख्या-84ए है, जिस पर एनडीपीएस, गैंगस्टर और आयुध अधिनियम सहित 6 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार सहित नौ सदस्य शामिल रहे। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने टीम को सराहना करते हुए फरार अपराधी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
रोहित और कोहली की जबरदस्त साझेदारी से भारत की धमाकेदार जीत
नई दिल्ली। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की जबरदस्त साझेदारी की बदौलत भारत ने तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर सीरीज का समापन शानदार जीत के साथ किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम 46.4 ओवर में 236 रन पर सिमट गई, जिसके जवाब में भारत ने सिर्फ 38.3 ओवर में 237 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। हालांकि, तीन मैचों की यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 2-1 से जीती।
RO-KO की धमाकेदार साझेदारी
रोहित शर्मा और विराट कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 168 रनों की नाबाद साझेदारी कर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की कमर तोड़ दी। रोहित ने 125 गेंदों में 121 रन (13 चौके, 3 छक्के)* और कोहली ने 81 गेंदों में 74 रन (7 चौके)* बनाकर भारतीय पारी को विजयी अंजाम दिया। यह दोनों बल्लेबाजों की वनडे में 12वीं बार 150+ रनों की साझेदारी थी, जिससे उन्होंने सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
गेंदबाजों ने रखी जीत की नींव
भारत के युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया की मजबूत बल्लेबाजी को ढेर कर दिया। वाशिंगटन सुंदर को दो विकेट मिले, जबकि सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल ने एक-एक सफलता हासिल की। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैट रेनशॉ ने 56, मिचेल मार्श ने 41 और मैथ्यू शॉर्ट ने 30 रन बनाए।
रोहित का ऑस्ट्रेलिया में छठा शतक
इस पारी के साथ रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया में अपना छठा वनडे शतक पूरा किया और विदेशी खिलाड़ियों में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
उन्होंने कोहली (5) और कुमार संगकारा (5) को पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड अपने नाम किया।
रोहित का यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नौवां वनडे शतक भी है।
कोहली ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड
विराट कोहली ने 56 गेंदों में अपना 75वां वनडे अर्धशतक पूरा किया और लक्ष्य का पीछा करते हुए 70वीं बार 50+ स्कोर बनाकर सचिन तेंदुलकर (69 बार) को पीछे छोड़ दिया। उनकी यह स्थिर और संयमित पारी टीम इंडिया की जीत की सबसे मजबूत कड़ी साबित हुई।
मुख्यमंत्री राहत कोष में दी गई ₹45 लाख से अधिक की धनराशि
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उत्तरांचल ग्रामीण बैंक और सेंट जोसेफ अकादमी, देहरादून के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान दोनों संस्थाओं ने राज्य में आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में कुल ₹45,49,371 की धनराशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए दोनों संस्थानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता से आपदा प्रभावितों को राहत और पुनर्वास में बड़ी सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि यह योगदान आपदा पुनर्निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और पीड़ित परिवारों को संबल प्रदान करेगा।

इस अवसर पर उत्तरांचल ग्रामीण बैंक की ओर से चेयरमैन हरिहर पटनायक, राजीव प्रकाश, भारती नौडियाल, हरीश कण्डारी, महिपाल डसीला तथा सेंट जोसेफ अकादमी की ओर से ब्रदर जोसेफ एम. जोसेफ, ब्रदर एस्टिनस कुजूर, एस. के. नैथानी, सचिन अग्रवाल और भवनेश नेगी उपस्थित रहे।
10 लोग गंभीर रूप से घायल
काठमांडू। नेपाल के करनाली प्रांत के रुकुम पश्चिम जिले में देर रात एक भयानक सड़क हादसा हुआ। झरमारे इलाके में एक जीप 700 फीट गहरी खाई में गिर गई, जिससे 8 लोगों की मौत और 10 अन्य घायल हो गए।
घटना उस समय हुई जब 18 यात्रियों को ले जा रही जीप मुसीकोट के खलांगा से अथबिस्कोट के स्यालीड़ी जा रही थी। जानकारी के अनुसार, हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति की स्थानीय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई।
जानकारी के मुताबिक, मृतकों की उम्र 15 से 30 वर्ष के बीच थी। घायल यात्रियों का इलाज फिलहाल रुकुम जिले के अस्पताल में चल रहा है।
हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर और हरिद्वार में AQI मध्यम श्रेणी में
देहरादून। उत्तराखंड में दीपावली के त्योहार के बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। 23 अक्तूबर की स्थिति के अनुसार, राज्य के विभिन्न शहरों में वायु गुणवत्ता इंडेक्स (AQI) की स्थिति इस प्रकार रही।
हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर और हरिद्वार मध्यम श्रेणी में रहे
हल्द्वानी: 117 AQI
काशीपुर: 122 AQI
रुद्रपुर: 134 AQI
हरिद्वार: 137 AQI
तीन जगहों पर संतोषजनक श्रेणी में हवा रही, जिसमें टिहरी सबसे बेहतर स्थिति में रहा
टिहरी: 46 AQI (अच्छी श्रेणी)
नैनीताल: 82 AQI (संतोषजनक)
देहरादून में औसत AQI: 98 (संतोषजनक)
ऋषिकेश में औसत AQI: 88 (संतोषजनक)
विशेषज्ञों के अनुसार, दीपावली के दौरान फैली धुंध और प्रदूषण के बाद अब हवा में सुधार देखा जा रहा है, लेकिन मध्यम श्रेणी वाले शहरों में लोग अभी भी मास्क और सावधानी बरतें।
पेट में गैस होना एक आम समस्या है, जो किसी को भी कभी भी परेशान कर सकती है। यह तब होता है जब पाचन तंत्र में भोजन पचते समय गैस जमा हो जाती है, जिससे पेट फूलना, ऐंठन और बेचैनी जैसी समस्याएं होती हैं।
गैस की समस्या अक्सर तब बढ़ती है जब हम जल्दी-जल्दी खाते हैं, भोजन ठीक से नहीं चबाते, या तैलीय, मसालेदार और गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करते हैं। हालांकि, बाजार में इसके लिए कई दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन हमेशा दवा लेना जरूरी नहीं है, क्योंकि इनमें साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
सौभाग्य से, हमारे किचन में कुछ ऐसे प्राकृतिक उपाय मौजूद हैं, जो मिनटों में गैस और पेट की सूजन से राहत दिला सकते हैं।
अजवाइन और काला नमक का असरदार नुस्खा
अजवाइन पेट की गैस दूर करने का सबसे पुराना और प्रभावी उपाय है। इसमें मौजूद ‘थाइमोल’ गैस्ट्रिक स्राव को उत्तेजित करता है।
कैसे करें:
1 चम्मच अजवाइन लें
इसे हल्के गर्म पानी और एक चुटकी काला नमक के साथ खाएं
कुछ ही मिनटों में पेट की ऐंठन और गैस में राहत मिलेगी
जीरा पानी और नींबू का जादू
जीरा पाचन के लिए बेहद फायदेमंद है। नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड पाचन सुधारता है, जबकि जीरा गैस बनने से रोकता है।
कैसे करें:
1 गिलास गुनगुना पानी लें
1 चम्मच जीरा पाउडर और आधा नींबू का रस मिलाएं
इसे पिएं, पेट की सूजन (ब्लोटिंग) और गैस में आराम मिलेगा
हींग और अदरक से तुरंत राहत
हींग एक शक्तिशाली वातनाशक है। अदरक पेट की ऐंठन और गैस कम करने में मदद करता है।
कैसे करें:
एक चुटकी हींग को गुनगुने पानी में घोलकर पीएं
या अदरक का छोटा टुकड़ा चबाएं, या अदरक की चाय पिएं
जीवनशैली में बदलाव से लंबी अवधि की राहत
भोजन धीरे-धीरे और अच्छे से चबाकर खाएं
भोजन के तुरंत बाद लेटने या सोने से बचें
हल्के योगासन, जैसे वज्रासन, नियमित करें
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, यह कब्ज और गैस दोनों से बचाता है
ध्यान दें: यदि इन उपायों के बावजूद पेट में गैस और दर्द बढ़ता है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
(साभार)
फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर राजद और कांग्रेस आमने-सामने
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की रणनीति अब लगभग तय मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पद का चेहरा तेजस्वी यादव को बनाया गया है, जबकि उपमुख्यमंत्री पद पर वीआईपी पार्टी के मुकेश सहनी की जिद भी पूरी हो गई है। तेजस्वी यादव अब ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे हैं और चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक चुके हैं।
हालांकि, गठबंधन के भीतर अब भी कुछ सीटों पर असमंजस बना हुआ है—खासतौर पर उन जगहों पर जहां राजद और कांग्रेस आमने-सामने हैं। सवाल उठ रहा है कि ऐसी सीटों पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव आखिर किसके समर्थन में प्रचार करेंगे?
किन सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’
दूसरे चरण में चार विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां राजद और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं—
सुल्तानगंज: राजद के चंदन सिन्हा बनाम कांग्रेस के ललन यादव
कहलगांव: राजद के रजनीश भारती बनाम कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा
सिकंदरा: राजद के उदयनारायण चौधरी बनाम कांग्रेस के विनोद चौधरी
नरकटियागंज: राजद के दीपक यादव बनाम कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय
इसके अलावा दो और सीटों पर भी आपसी मुकाबला है—
चैनपुर: राजद के ब्रिज किशोर बिंद बनाम वीआईपी के गोविंद बिंद
करगहर: कांग्रेस के संतोष मिश्रा बनाम सीपीआई के महेंद्र गुप्ता
प्रचार से बच रहे हैं राहुल और तेजस्वी
सूत्रों के अनुसार, अब तक तेजस्वी यादव ने उन सीटों पर रैलियां नहीं की हैं जहां ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति है। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता छठ पर्व के बाद प्रचार अभियान में उतरेंगे। माना जा रहा है कि वे भी इन विवादित सीटों पर प्रचार से परहेज़ करेंगे ताकि गठबंधन की एकता पर सवाल न उठें।
अशोक गहलोत का बयान — “सब मिलकर चुनाव जीतेंगे”
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि बिहार में महागठबंधन पूरी मजबूती से चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा, “243 सीटों में से 5-6 सीटों पर आपसी सहमति से ‘फ्रेंडली फाइट’ हो रही है, इसमें कोई विवाद नहीं है। हम सब मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे।” गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए ने अब तक अपना मुख्यमंत्री चेहरा तय नहीं किया है क्योंकि “भाजपा नीतीश कुमार को आगे नहीं रखना चाहती।”
अभिनेता और निर्देशक धनुष की फिल्म ‘इडली कढ़ाई’ हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। दर्शकों और समीक्षकों से फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन अब जो लोग इसे थिएटर में नहीं देख पाए, उनके लिए खुशखबरी है — यह फिल्म जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है।
29 अक्तूबर से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी ‘इडली कढ़ाई’
नेटफ्लिक्स ने सोशल मीडिया पर एक प्रोमो शेयर कर बताया कि ‘इडली कढ़ाई’ 29 अक्तूबर से तमिल, हिंदी, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में स्ट्रीम की जाएगी। कैप्शन में लिखा गया — “इडली कढ़ाई के साथ एक स्वादिष्ट सिनेमाई नाश्ते के लिए तैयार हो जाइए।”
कहानी में इमोशन और स्वाद का तड़का
धनुष द्वारा निर्मित, निर्देशित और अभिनीत यह फिल्म एक आम आदमी की प्रेरक कहानी पर आधारित है। कहानी मुरुगन नामक युवक की है, जिसके पिता पारंपरिक इडली का ठेला चलाते हैं। मुरुगन अपने पिता के काम से अलग राह चुनकर अपना व्यवसाय शुरू करता है, लेकिन हालात ऐसे बनते हैं कि उसे अपने पिता के संघर्ष से जुड़ी जड़ों की ओर लौटना पड़ता है।
फिल्म में नित्या मेनन, अरुण विजय और शालिनी पांडे अहम भूमिकाओं में हैं। भावनाओं, पारिवारिक मूल्यों और संघर्ष की इस कहानी ने दर्शकों को अपनी सादगी और संदेश से जोड़ा।
थिएटर के बाद अब घर बैठे मिलेगा मनोरंजन का स्वाद
1 अक्तूबर को थिएटर में रिलीज होने के बाद अब ‘इडली कढ़ाई’ ओटीटी पर दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी। दर्शक अब इसे अपने घर के आरामदायक माहौल में सभी भाषाओं में देख सकेंगे।
(साभार)
शासन ने अधिकारियों को तुरंत कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए
देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत चार वरिष्ठ अधिकारियों को आखिरकार अपर शिक्षा निदेशक पद पर पदोन्नति दे दी गई है। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुमोदन के उपरांत शासन ने पदोन्नति संबंधी आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत लम्बे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे राज्य शैक्षिक (प्रशासनिक संवर्ग) सेवा के चार वरिष्ठ अधिकारियों के पदोन्नति को आखिरकार अपर शिक्षा निदेशक के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है, इसके साथ ही उन्हें नई तैनाती भी दे दी गई है, जिसके आदेश जारी कर दिये गये है। विद्यालयी सचिव रविनाथ रामन की ओर से जारी आदेश में गजेन्द्र सिंह सोन को पदोन्नत कर उन्हें अपर शिक्षा निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, कुमायूं मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी प्रकार कुलदीप गैरोला को अपर शिक्षा निदेशक, निदेशालय प्रारम्भिक शिक्षा का प्रभार दिया गया है। इसके साथ ही वह अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभायेंगे। शिव प्रसाद सेमवाल को अपर शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा (कुमाऊं मंडल) पद पर पदोन्नत किया गया है। इसके अलावा आनंद भारद्वाज को अपर शिक्षा निदेशक महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा बनाया गया है। शासन ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल नवीन पद का प्रभार ग्रहण कर कार्यभार ग्रहण प्रमाणक शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। इन वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता के साथ ही तेजी आयेगी।
बयान
वरिष्ठ अधिकारियों की यह पदोन्नति न केवल उनके अनुभव और कार्यकुशलता का सम्मान है, बल्कि इससे विभागीय कार्यों में और अधिक गति एवं पारदर्शिता आयेगी। राज्य सरकार हमेशा कर्मचारियों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील रही है और यह पदोन्नति इसी का नतीजा है।- डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
