देहरादून जिला प्रशासन की पहल से बच्चों को नई दिशा, स्कूलों में कराया गया दाखिला
देहरादून। भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए देहरादून जिला प्रशासन द्वारा “भिक्षा से शिक्षा की ओर” अभियान के तहत उल्लेखनीय कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, और बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इंटेंसिव केयर सेंटर साधूराम इंटर कॉलेज की त्रैमासिक बैठक आयोजित हुई।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरू की गई यह पहल अब तक 82 बच्चों को भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू कर शिक्षा से जोड़ चुकी है। पहले चरण में 51 और दूसरे चरण में 31 बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में दाखिला दिलाया गया है। इन बच्चों के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जहाँ उन्हें संगीत, योग और खेल गतिविधियों से जोड़कर शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
डीएम बंसल ने निर्देश दिए कि बालगृहों में रह रहे बच्चों के आधार, आयुष्मान, राशन कार्ड व स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं। ई-डिस्ट्रिक्ट प्रबंधक को बच्चों के आधार अपडेट हेतु शेड्यूल तैयार करने और आरबीएसके टीमों को 10 दिन के भीतर स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बालगृहों में कार्यरत कर्मियों का थानेवार रैंडम सत्यापन करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू करने के लिए अंतरविभागीय टीम और तीन रेस्क्यू वाहन लगातार शहर में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। टीम में पुलिस, श्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य विभागों के साथ कई एनजीओ भी शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने वार्ड और ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त और जिला पंचायती राज अधिकारी को मिशन वात्सल्य गाइडलाइन के तहत वित्तीय सहायता के 5 प्रतिशत हिस्से को बच्चों के कल्याण पर व्यय करने को कहा गया।
बैठक में अनाथ बालक/बालिकाओं के प्रमाणपत्र, निवास, आधार, आयुष्मान कार्ड आदि बनवाने में आने वाली दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष नमिता ममगांई, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर तथा विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
छीनीगोठ क्षेत्र में बाढ़ राहत और सुरक्षा कार्यों की घोषणा
टनकपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शारदा घाट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹20.50 करोड़ की 10 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंतनगर की तर्ज पर चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने एवं छीनीगोठ क्षेत्र में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छीनीगोठ एवं आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाने से यह क्षेत्र मानसून में होने वाले क्षत्रि से बच सकेगा और कृषि भूमि व सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की तर्ज पर चंपावत में एक नया कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय से स्थानीय युवाओं को कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। यह कदम क्षेत्र में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देगा और पर्वतीय कृषि अर्थव्यवस्था को नई पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने कहा ये दोनों घोषणाएं चंपावत को शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है। आज शिक्षा स्वास्थ्य कृषि उद्यान रोजगार देने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। चंपावत जिले में भी विकास को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा चंपावत में विकास को आगे बढ़ते हुए इसे एक आदर्श जिले के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
लैंड पोर्ट परियोजना भारत-नेपाल के बीच लॉजिस्टिक आदान-प्रदान सुगम करेगी
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा, चंपावत में लैंडपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPI) द्वारा निर्माणाधीन लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। यह परियोजना ₹500 करोड़ से अधिक की लागत से बन रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कनेक्टिविटी फॉर ग्रोथ” विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
धामी ने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद भारत और नेपाल के बीच यातायात और लॉजिस्टिक का आदान-प्रदान और सुगम होगा। साथ ही, यह परियोजना दोनों देशों के आपसी संबंधों को भी और मजबूत करेगी।

इस लैंड पोर्ट के बनने से सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।
ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात 30 अक्टूबर को बुसान में
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया में अगले सप्ताह होने वाले एपीईसी शिखर सम्मेलन के अवसर पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से 30 अक्टूबर को उनकी मुलाकात तय होने से पहले व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता की। ट्रम्प ने प्रेस वार्ता में चीन पर कड़े आरोप लगाए और कहा कि उनकी पहली बातचीत फेंटेनाइल और नशीले पदार्थों के अवैध रास्तों को रोकने पर केन्द्रित होगी।
ट्रम्प के आरोप: चीन वेनेजुएला के रास्ते फेंटेनाइल भेज रहा है
ट्रम्प ने कहा कि चीन वेनेजुएला के रास्ते फेंटेनाइल (नशीला पदार्थ) अमेरिका में भेज रहा है ताकि वे अमेरिकी और मेक्सिकन सीमाई नियंत्रणों से बच सकें। उन्होंने दावे किए कि चीन इस व्यापार से बड़ी कमाई कर रहा है और इसे रोकने के लिए वह जिनपिंग से इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका चीन पर लगने वाले कुछ आयात शुल्क (टैरिफ) को 1 नवंबर से बढ़ा रहा है और कुछ मदों पर यह दर 157% तक पहुंच जाएगी। उन्होंने टैरिफ के पीछे आर्थिक दलीलें पेश कीं और कहा कि वर्तमान 20% दर से चीन को नुकसान हो रहा है, जबकि अमेरिका इस पर और सख्ती कर सकता है।
कांग्रेस को योजना बताएंगे; ड्रग तस्करों पर कार्रवाइयों का जिक्र
ट्रम्प ने कहा कि वह कांग्रेस को वेनेजुएला में जमीन पर कार्टेल के खिलाफ संभावित हमलों की योजना के बारे में ब्रिफ करेंगे और प्रशासन पहले से समुद्री अभियानों में कार्रवाई कर रहा है। उनके बयान के अनुसार पिछले माह लगभग 3,200 कथित ड्रग कार्टेल सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। ट्रम्प ने यह भी कहा कि वे सख्त कार्रवाई करने से नहीं हिचकेंगे और देश में ड्रग पहुँचाने वालों को रोकने के लिए जो भी कदम आवश्यक होंगे, उठाए जाएंगे।
हिंसक टिप्पणी पर विवाद की संभावना
प्रेस वार्ता के दौरान ट्रम्प ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का संकेत देते हुए कहा, “ हम उनको बताने जा रहे हैं कि हम क्या करने वाले हैं,” और कड़े अंदाज़ में कहा कि उन्होंने युद्ध घोषित करने की आवश्यकता देखी नहीं बल्कि उन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही जो अमेरिका में ड्रग ला रहे हैं। ऐसे बयानों से कूटनीतिक और कानूनी मायनों में सवाल उठने की संभावना है और इन्हें लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया आ सकती है।
बैठक का राजनीतिक और कूटनीतिक निहितार्थ
यह बैठक 2019 के बाद ट्रम्प-शी की पहली आमना-सामना होगी और दोनों नेताओं के बीच अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा मामलों पर कड़ा संवाद अपेक्षित है। फेंटेनाइल और नशीले पदार्थों के अवैध प्रवाह को रोकने का उपाय, सीमा सुरक्षा, और व्यापार-टैरिफ दोनों ही एजेंडों में उच्च प्राथमिकता पर हैं — जिनका असर द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों पर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैंप कार्यालय में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में “Sardar@150” अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जन-जागरूकता अभियानों और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाए, ताकि सरदार पटेल के विचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल देश की एकता, अखंडता और संगठन के प्रतीक थे। उनका जीवन राष्ट्रहित में समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और एकजुटता का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि “Sardar@150” अभियान का उद्देश्य युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों से जोड़ना और राष्ट्र की एकता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
सर्दियों के मौसम में जब तापमान गिरता है, तो सबसे ज्यादा असर हमारे गले और फेफड़ों पर पड़ता है। बार-बार होने वाली खांसी और जुकाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का संकेत हैं। दवाइयां अस्थायी राहत देती हैं, लेकिन योगासन शरीर को भीतर से मजबूत और रोग प्रतिरोधक बनाते हैं।
योग न केवल सांस की नलियों को खोलता है, बल्कि शरीर में ऑक्सीजन का संचार बढ़ाकर फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ाता है। सर्दियों में यदि आप नियमित रूप से कुछ खास योगासन और प्राणायाम करें, तो खांसी-जुकाम जैसी समस्याओं से स्थायी राहत मिल सकती है।
1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम
यह श्वास अभ्यास सबसे प्रभावी माना जाता है। यह फेफड़ों को शुद्ध करता है और ठंडी हवा से होने वाली जकड़न को कम करता है। नाक बंद होना, साइनस और कफ की समस्या में यह तुरंत राहत देता है।
2. कपालभाति प्राणायाम
कपालभाति फेफड़ों से बलगम निकालता है और श्वसन तंत्र को साफ रखता है। इसके नियमित अभ्यास से फेफड़ों की शक्ति बढ़ती है और ऑक्सीजन का स्तर भी सुधरता है।
3. भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम से मानसिक शांति मिलती है और सर्दी-खांसी से जुड़ी बेचैनी कम होती है। यह नाक और गले की जकड़न में तुरंत राहत देता है।
4. सेतुबंधासन
सेतुबंधासन फेफड़ों और छाती के क्षेत्र को खोलता है और सांस लेने की प्रक्रिया आसान बनाता है। इसके नियमित अभ्यास से ठंड के मौसम में सांस की समस्या और खांसी में राहत मिलती है।
5. अर्ध मत्स्येन्द्रासन
यह आसन शरीर की ऊर्जा संतुलित करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। शरीर में गर्मी बढ़ाकर यह संक्रमण से बचाव करता है।
(साभार)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन
देहरादून। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवासी उत्तराखंडी पांच नवंबर को दून विश्वविद्यालय में जुटने जा रहे हैं। मौका है, दूसरे प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के आयोजन का। इस एक दिवसीय सम्मेलन में उत्तराखंड की 25 वर्षों की यात्रा पर प्रवासी उत्तराखंडी अपने नजरिये को सामने रखेंगे। साथ ही, यह सुझाव भी देंगे कि उत्तराखंड को भविष्य में और बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा सकता है। इस सम्मेलन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है, जो कि 24 अक्टूबर 2025 की देर रात्रि तक चलेगी। अभी तक विभिन्न राज्यों के 200 प्रवासियों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। पंजीकरण प्रवासी उत्तराखंड प्रकोष्ठ की वेबसाइट www.pravasiuttarakhandi.uk.gov.in पर जाकर कराया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के आयोजन का सिलसिला शुरू हुआ है। वर्ष 2024 से पहला प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें 17 राज्यों के 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस बार इस सम्मेलन में भाग लेने वालों की संख्या बढ़ना तय माना जा रहा है। प्रमुुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु के अनुसार-पांच नवंबर को दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में इस सम्मेलन की शुरूआत सुबह दस बजे से होगी। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। सम्मेलन दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा। पहला सत्र पर्यावरण से संबंधित रहेगा, जिसके लिए वन विभाग के पीसीसीएफ एसपी सुबुद्धि को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। दूसरा सत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण से संबंधित रहेगा, जिसके लिए दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
प्रमुख सचिव के अनुसार-सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रवासी उत्तराखंडियों से सीधा संवाद भी करेंगे। संवाद का यह कार्यक्रम करीब एक घंटे का होगा। अभी तक इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड आदि प्रदेशों से 200 लोगों ने पंजीकरण करा लिया है। सम्मेलन के पश्चात शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी दून विश्वविद्यालय में किया जाएगा।
-प्रवासियों को एक मंच पर लाने और उन्हें अपनी मातृभूमि से सक्रियता से जोड़ने तथा राज्य के विकास में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पिछले आयोजन के हमारे अनुभव बेहद उत्साहित करने वाले रहे हैं। मैं उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित हो रहे इस सम्मेलन के लिए प्रवासी उत्तराखंडियों को सादर आमंत्रित करता हूं। प्रवासी उत्तराखंडियों के सुझाव उत्तराखंड के विकास का रोड मैप तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’ एक जुनूनी इश्क की कहानी है, जिसमें हर्षवर्धन राणे और सोनम बाजवा लीड रोल में हैं। पहले दिन इस फिल्म ने 9 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर धमाल मचाया था। हालांकि, तीसरे दिन इस फिल्म की कमाई में गिरावट देखने को मिली है।
तीसरे दिन का कलेक्शन
फिल्म ने तीसरे दिन 6 करोड़ रुपये कमाए। पहले दिन 9 करोड़ और दूसरे दिन 7.75 करोड़ की कमाई के बाद यह गिरावट साफ नजर आ रही है।
बजट वसूलने के करीब
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का बजट 30 करोड़ रुपये है। अब तक इसने 22.75 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। कलेक्शन में कमी के बावजूद, फिल्म बजट तो वसूल कर ही लेगी। हर्षवर्धन राणे फिल्म के प्रमोशन में पूरी तरह सक्रिय हैं।
फिल्म की कहानी
फिल्म में हर्षवर्धन राणे ने विक्रमादित्य का रोल निभाया है, जो अदा (सोनम बाजवा) से बेइंतहा प्यार करता है। कहानी की राह आगे बढ़ते-बढ़ते प्रेम, जुनून और पागलपन की हद तक जाती है, जो दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखती है।
कड़ी टक्कर
‘एक दीवाने की दीवानियत’ को बॉक्स ऑफिस पर आयुष्मान खुराना की ‘थामा’ और ‘कांतारा चैप्टर 1’ जैसी फिल्मों से टक्कर मिल रही है।
(साभार)
जहरीले रसायनों की मिलावट रोकने के लिए राज्यों को दी गई निगरानी की जिम्मेदारी
नई दिल्ली। हाल के महीनों में खांसी की दवाओं में जहरीले रसायनों की मिलावट के मामलों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने 10 रसायनों को ‘हाई-रिस्क सॉल्वेंट्स’ की श्रेणी में रखते हुए सभी राज्यों को इन पर तत्काल निगरानी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम दवाओं की गुणवत्ता और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
राज्यों को मिली निगरानी की जिम्मेदारी
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने राज्यों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब इन रसायनों की पूरी सप्लाई चेन – उत्पादन से लेकर दवाओं की बिक्री तक – सरकारी निगरानी के दायरे में रहेगी। इसके लिए केंद्र ने नया ओएनडीएलएस (Online National Drug Licensing System) पोर्टल शुरू किया है, जिस पर सभी गतिविधियां डिजिटल रूप से ट्रैक की जाएंगी।
इन रसायनों पर होगी कड़ी नजर
सरकार ने जिन 10 रसायनों को हाई-रिस्क श्रेणी में रखा है, उनमें शामिल हैं —
ग्लिसरीन, प्रोपाइलीन ग्लाइकोल, माल्टिटोल और माल्टिटोल सॉल्यूशन, सोर्बिटोल और सोर्बिटोल सॉल्यूशन, हाइड्रोजेनेटेड स्टार्च हाइड्रोलाइसेट, डाइएथिलीन ग्लाइकोल स्टिऐरेट्स, पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल, पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल मोनोमेथिल ईथर, पॉलीसॉर्बेट और पॉलीऑक्सिल कंपाउंड्स, तथा एथिल अल्कोहल।
ये वही रसायन हैं जिनके अनुचित उपयोग के कारण पहले भी कफ सिरप में संदूषण के मामले सामने आए थे।
फार्मा कंपनियों के लिए नया नियम अनिवार्य
सरकार ने साफ किया है कि दवाओं में इन रसायनों का उपयोग करने वाली सभी फार्मा कंपनियों को ओएनडीएलएस पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। जिन कंपनियों के पास पहले से निर्माण लाइसेंस है, उन्हें भी पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी। हाल में डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और प्रोपाइलीन ग्लाइकोल (PG) से संबंधित प्रदूषण के मामलों ने वैश्विक स्तर पर भारत की दवा निर्माण छवि पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
देशभर में निगरानी प्रणाली लागू
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने बताया कि ओएनडीएलएस पोर्टल अब लाइव है, और इस प्रणाली के जरिए सॉल्वेंट की सप्लाई चेन, उत्पादन स्रोत, और गुणवत्ता पर वास्तविक समय में निगरानी रखी जाएगी। यह डिजिटल सिस्टम सी-डैक नोएडा की मदद से विकसित किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू कर दिया गया है।
अब घरेलू बाजार में भी सिरप की लैब जांच अनिवार्य
केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि कफ सिरप की सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच अब भारत के घरेलू बाजार के लिए भी जरूरी होगी। जिस तरह निर्यात से पहले दवाओं को सरकारी लैब से सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होता है, अब वैसा ही प्रावधान घरेलू बिक्री पर भी लागू होगा। फार्मा कंपनियों को किसी भी सिरप को बाजार में लाने से पहले “सर्टिफिकेट ऑफ एनालिसिस” (COA) प्राप्त करना अनिवार्य होगा, जो केवल मान्यता प्राप्त सरकारी या अनुमोदित लैब से जांच के बाद ही जारी किया जाएगा।
जनसुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का यह निर्णय दवा उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि देश में फार्मा सेक्टर पर जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
मंधाना और प्रतिका रावल की शतकीय साझेदारी से भारत की शानदार जीत
नई दिल्ली। महिला विश्व कप 2025 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। गुरुवार को डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने न्यूजीलैंड को 53 रन से हराया। बारिश से बाधित इस मैच में ओवरों की संख्या घटाकर 49-49 कर दी गई थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने तीन विकेट पर 340 रन बनाए, जबकि जवाब में न्यूजीलैंड की टीम निर्धारित ओवरों में आठ विकेट पर 271 रन ही बना सकी।
मंधाना-रावल की ऐतिहासिक साझेदारी
भारतीय पारी की शुरुआत स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने जबरदस्त तरीके से की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 212 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो महिला विश्व कप इतिहास में भारत की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। मंधाना ने 95 गेंदों में 109 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और चार छक्के शामिल रहे। वहीं रावल ने अपने पहले विश्व कप शतक के दौरान 134 गेंदों पर 122 रन ठोके। इन दोनों की पारियों की बदौलत भारत ने मजबूत स्थिति बना ली।
इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मात्र 39 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 55 गेंदों पर नाबाद 76 रन बनाकर भारत का स्कोर 340 तक पहुंचाया।
बारिश बनी रुकावट, लेकिन नहीं थमी भारत की रफ्तार
मैच के दौरान बारिश ने करीब 90 मिनट तक खेल रोके रखा, जिसके बाद ओवरों की संख्या घटाकर 49-49 कर दी गई। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने रनगति बनाए रखी और टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया।
न्यूजीलैंड की कोशिश नाकाम रही
डीएलएस नियम के तहत 44 ओवर में 325 रन का लक्ष्य मिलने के बाद न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही।
क्रांति गौड़ ने दूसरे ओवर में सूजी बेट्स को बिना खाता खोले आउट किया। रेणुका सिंह ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए कप्तान सोफी डिवाइन (6) और जॉर्जिया प्लिमर (30) को पवेलियन भेजा।
हालिडे (81) और इसाबेल गेज (65 नाबाद) ने बीच में संघर्ष किया, लेकिन बड़ा लक्ष्य हासिल नहीं कर सकीं।
न्यूजीलैंड की टीम आठ विकेट पर 271 रन ही बना सकी और मुकाबला 53 रन से हार गई। भारत की ओर से रेणुका सिंह और क्रांति गौड़ ने दो-दो विकेट झटके, जबकि स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, श्री चरणी और प्रतिका रावल को एक-एक सफलता मिली।
सेमीफाइनल में भारत की एंट्री
इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप चरण में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम की बैटिंग और बॉलिंग दोनों ही विभागों में लाजवाब प्रदर्शन रहा, जिसने खिताब की दौड़ में भारत को मजबूत दावेदार बना दिया है।
