अब तक 17 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने किए केदारनाथ धाम के दर्शन
रुद्रप्रयाग। बरसात के बाद अब केदारनाथ धाम की दूसरे चरण की तीर्थयात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रतिदिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार अब तक 17 लाख से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। अधिकतर श्रद्धालु जत्थों के साथ यात्रा पर निकल रहे हैं।
धाम में इन दिनों मौसम सुहावना बना हुआ है, जिससे श्रद्धालु दर्शन के साथ-साथ हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद भी ले रहे हैं। बरसात के महीनों में जहां यात्रा की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई थी और प्रतिदिन मुश्किल से 5 हजार यात्री ही दर्शन कर पा रहे थे, वहीं अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है।
अगस्त माह में अतिवृष्टि और गौरीकुंड हाईवे पर भूस्खलन के कारण यात्रा कुछ समय के लिए बाधित करनी पड़ी थी। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से रोकी भी थी। अब जब मौसम खुल गया है, तो श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है।
स्थानीय व्यापारी विनोद सेमवाल ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में रौनक लौट आई है। बरसात के बाद पहाड़ियों की तलहटी में उगी हरी घास और बुग्यालों का सौंदर्य तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर रहा है। श्रद्धालु अब प्रकृति के बीच आस्था और अध्यात्म का संगम महसूस कर रहे हैं।
लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। रोमांस और कॉमेडी से भरपूर यह फिल्म एक बार फिर दर्शकों को रिलेशनशिप की पेचीदगियों में हंसी का तड़का लगाने वाली है। अंशुल शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने टीज़र से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज पैदा कर दिया था, और अब ट्रेलर ने उस उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है।
फिर शुरू हुई उम्र और रिश्ते की उलझन
ट्रेलर की शुरुआत रकुल प्रीत सिंह और उनके परिवार से होती है, जो उनकी शादी के लिए लड़का देखने पहुंचे हैं। लेकिन ट्विस्ट तब आता है जब रकुल बताती हैं कि उनका बॉयफ्रेंड तलाकशुदा है और उनसे उम्र में बड़ा भी। जैसे ही अजय देवगन की एंट्री होती है, कहानी में हंसी, तंज और इमोशन्स की बौछार शुरू हो जाती है। ट्रेलर में कई मजेदार संवाद और परिवारिक स्थितियों पर आधारित कॉमिक सीक्वेंस देखने को मिलते हैं।
पुराना रोमांस, नई उलझनें
पहली फिल्म में दर्शकों का दिल जीत चुके आशीष और आयशा यानी अजय देवगन और रकुल प्रीत इस बार भी अपने पुराने अंदाज़ में नजर आएंगे। कहानी वहीं से आगे बढ़ती है जहां पिछली फिल्म खत्म हुई थी। लेकिन अब हालात और रिश्ते दोनों और भी पेचीदा हो चुके हैं। सवाल वही है — क्या उम्र का फर्क दो दिलों को फिर जुदा करेगा या इस बार परिवार भी ‘प्यार’ को स्वीकार करेगा?
नई स्टारकास्ट ने बढ़ाई रौनक
इस बार फिल्म में आर. माधवन, मीजान जाफरी, गौतमी कपूर, इशिता दत्ता और जावेद जाफरी जैसे नए चेहरे शामिल हुए हैं। खासकर अजय देवगन और माधवन के बीच के कॉमिक सीक्वेंस को फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी बताया जा रहा है।
इमोशन और कॉमेडी का परफेक्ट मिक्स
ट्रेलर में जहां एक ओर हल्के-फुल्के मजाकिया डायलॉग्स हैं, वहीं दूसरी ओर रिश्तों के टकराव और इमोशनल पलों की झलक भी दिल को छू जाती है।
रिलीज डेट और प्रोडक्शन
‘दे दे प्यार दे 2’ का निर्माण टी-सीरीज़ और लव फिल्म्स के बैनर तले किया गया है। फिल्म 14 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
(साभार)
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे फोड़ने का समय सुबह 6-7 और रात को 8-10 बजे तक सीमित किया
नई दिल्ली। दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया है कि अब सिर्फ नेशनल एन्वायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) से प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी जाएगी। कोर्ट ने इस अनुमति की समयसीमा 18 से 21 अक्टूबर तक तय की है, यानी सिर्फ चार दिनों तक ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे।
मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि “हमें ऐसा संतुलित रास्ता अपनाना होगा जिससे न पर्यावरण को नुकसान पहुंचे और न ही त्योहार की भावना आहत हो।” अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि 21 अक्टूबर के बाद किसी भी प्रकार के पटाखों की बिक्री या उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के उल्लंघन पर निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
तय हुआ समय और शर्तें
ग्रीन पटाखे सिर्फ दो समय स्लॉट में फोड़े जा सकेंगे — सुबह 6 से 7 बजे तक और रात 8 से 10 बजे तक। कोर्ट ने कहा कि बाहरी राज्यों से पटाखे लाने या फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई नकली या गैर-प्रमाणित पटाखे बेचता या जलाता पाया गया, तो उसका लाइसेंस तुरंत निलंबित किया जाएगा।
निगरानी और गश्त के निर्देश
अदालत ने पुलिस को गश्ती दल गठित करने के आदेश दिए हैं जो नियमित तौर पर ग्रीन पटाखों की दुकानों की जांच करेंगे। केवल उन्हीं उत्पादों की बिक्री की जाएगी जिन पर क्यूआर कोड लगा होगा और जिनकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, ताकि खरीदार उनकी प्रमाणिकता की जांच कर सकें। बिक्री केवल अधिकृत कंपनियों द्वारा तय स्थानों से ही की जा सकेगी।
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति अब उस मुकाम पर पहुँच चुकी है, जहाँ विपक्षी बयानबाज़ी से ज़्यादा खतरनाक है “अर्बन नक्सल गैंग” की सक्रियता-और इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब खुलकर हमला बोला है।
मुख्यमंत्री ने एक सार्वजनिक मंच से दो टूक कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड तेज़ी से विकास की राह पर हैं, लेकिन कुछ ‘अर्बन नक्सल गैंग’ के लोग प्रदेश में जिहादी मानसिकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान केवल चेतावनी नहीं था-यह घोषणा थी। घोषणा इस बात की कि अब सरकार न तो बख्शेगी, न चुप रहेगी, और न ही इन छिपे चेहरों को खुला मैदान देगी।
सीएम धामी का लहजा इस बार पहले से कहीं ज़्यादा सख्त और निर्णायक था। उन्होंने साफ़ कहा सरकार ऐसे लोगों के मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी, चाहे उसके लिए हमें कितनी भी सख़्ती क्यों न करनी पड़े। दरअसल, यह बयान ऐसे दौर में आया है जब उत्तराखंड तेज़ विकास, ईमानदार शासन और निर्णायक फैसलों की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बना रहा है। लेकिन इसी विकास के बीच, भ्रम का कारोबार और विचारधारात्मक नक्सलियत फिर सिर उठाने लगी है-वो गिरोह जो विकास नहीं, अविश्वास को बढ़ावा देता है।
मुख्यमंत्री के शब्दों में छिपा संदेश बिल्कुल साफ़ है- उत्तराखंड की शांत फिज़ा में विचारधारा की आग लगाने वालों की पहचान हो चुकी है, और अब सरकार ने खामोशी तोड़कर जवाब देने का ऐलान कर दिया है।
सीएम धामी ने साफ़ कर दिया है कि अब राज्य में न भ्रम चलेगा, न भड़काव, न किसी एजेंडे की राजनीति। यह केवल बयान नहीं, मुख्यमंत्री की रणनीतिक घोषणा है उत्तराखंड अब भ्रम नहीं, भरोसे का चेहरा बनेगा। ‘अर्बन नक्सल’ एजेंडा यहाँ टिकेगा नहीं- यह धामी का इरादा है।
सभी मनरेगा श्रमिकों को भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत लाना सरकार की प्राथमिकता है — मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास कैंप कार्यालय में उत्तराखण्ड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ ऑनलाइन पोर्टल और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लगभग 10,000 श्रमिकों व परिजनों को कुल ₹11 करोड़ 50 लाख की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल धनराशि हस्तांतरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने का अवसर है। राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह सहायता और मृत्यु उपरांत सहायता जैसी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले।
उन्होंने कहा कि राज्य का विकास श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर आधारित है। सभी मनरेगा श्रमिकों को भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत लाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया कि अगले तीन महीनों में कम से कम 5 से 6 लाख श्रमिकों का पंजीकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग और बोर्ड के अधिकारियों का दायित्व है कि वे प्रत्येक श्रमिक तक पहुँच बनाएं और उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दें। पंचायत स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाने और पंजीकरण अभियान को तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा — “राज्य का विकास हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर आधारित है। उनके कल्याण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मेहनत हमारी ताकत है, एकता हमारी पहचान है। राज्य सरकार हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के हर सुख-दुःख की सहभागी है।”
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समर्पण के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खनन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने पारदर्शिता और सख्त निगरानी व्यवस्था के माध्यम से उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि राज्य के खनन राजस्व में 800 करोड़ रुपये की अप्रत्याशित वृद्धि सरकार की पारदर्शी नीति और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि खनन विभाग अब उत्तराखण्ड का ‘मॉडल डिपार्टमेंट’ बन चुका है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के अधिकारी उत्तराखण्ड आकर इसकी नीतियों और व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य विभागों को भी खनन विभाग की पारदर्शिता और अनुशासन से सीख लेते हुए अपनी कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना चाहिए।
बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अदाकी, अपर सचिव विनीत कुमार सहित श्रम विभाग एवं भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम धामी बोले—सिटी बस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी
हल्द्वानी। शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
लोक सेवा आयोग से 109 और अधीनस्थ चयन आयोग से 1347 अभ्यर्थियों को मिली नियुक्ति
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में आयोजित कार्यक्रम में 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें लोक सेवा आयोग से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनके जीवन का एक अहम पड़ाव है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी है। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कर्मचारी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।
सीएम धामी ने कहा कि सचिवालय राज्य शासन का मस्तिष्क है, जहां नीतियां और विकास की रूपरेखा तैयार होती है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में समीक्षा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वहीं, अध्यापक बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं — उन्हें केवल ज्ञान नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी छात्रों में जगानी होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटलाइजेशन तक हर स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए भी कई ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है — यह संख्या पूर्ववर्ती सरकारों के कुल आंकड़ों से दोगुनी है। हाल ही में हरिद्वार में परीक्षा में नकल के मामले पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, आरोपी को गिरफ्तार कर एसआईटी गठित की और सीबीआई जांच की संस्तुति के साथ पेपर निरस्त करने का निर्णय लिया।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। शीघ्र ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापकों और चतुर्थ श्रेणी पदों पर भी नियुक्तियां दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि सभी अध्यापकों को प्रारंभ में दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देनी होगी।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव रविनाथ रमन, दीपेंद्र चौधरी और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। राष्ट्रीय पोषण माह-2025 का समापन समारोह आगामी 17 अक्टूबर को होगा और इसमें सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस अवसर पर प्रदेश भर से आंगनबाड़ी कार्यकत्री और विभिन्न महिला प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के उचित पोषण को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना, सुनहरे 1000 दिन योजना, अन्नप्राशन और गोद भराई जैसे विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पोषण किट और महालक्ष्मी किट का वितरण भी किया जाएगा ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया जा सके।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह हमारे लिए केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु के स्वस्थ भविष्य की नींव है। इस समापन समारोह के माध्यम से हम चाहते हैं कि पोषण का संदेश हर घर तक पहुंचे और कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो। इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए तैयारियों का जिम्मा विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया है।
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशी लाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह आदि उपस्थित रहे।
स्वस्थ और तंदुरुस्त जीवन के लिए सही खानपान का होना बेहद जरूरी है। अक्सर हम विटामिन, प्रोटीन और मिनरल्स की बात करते हैं, लेकिन शरीर के सही विकास और कार्य के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों पर ध्यान कम दिया जाता है। इनमें मैग्नीशियम एक अहम खनिज है, जो हमारी सेहत को कई तरीकों से प्रभावित करता है।
मैग्नीशियम का महत्व
अध्ययनों से पता चलता है कि मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत रखने, मांसपेशियों के सही कार्य, नसों के सिग्नल, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और हार्टबीट को सामान्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों की राय
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पी.बी. मिश्रा का कहना है कि मैग्नीशियम शरीर के लिए अत्यंत जरूरी है। इसकी कमी से मांसपेशियों में ऐंठन, हृदय की अनियमित धड़कन, थकान, अवसाद, चिंता और नींद की समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में दौरे भी पड़ सकते हैं।
कैसे करें आहार में सुधार
डॉ. मिश्रा के अनुसार मैग्नीशियम की कमी दूर करने के लिए आहार में फलियां, हरी सब्जियां, बादाम, चिया और कद्दू के बीज, ब्राउन राइस, केला और एवोकाडो शामिल किए जा सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लेना भी जरूरी है।
मैग्नीशियम कैल्शियम और पोटैशियम के स्तर को प्रभावित करता है। यह हड्डियों में जमा होकर हड्डियों को मजबूत बनाए रखता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव करता है। इसके अलावा यह मस्तिष्क के कार्यों, ऊर्जा उत्पादन और तनाव नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाता है।
थकान और नींद की समस्या का कारण
मैग्नीशियम की कमी से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती, जिससे थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस होती है। यह शरीर का नेचुरल रिलैक्सर भी है, जो नींद और मानसिक शांति बनाए रखने में मदद करता है। कमी होने पर अनिद्रा, बेचैनी और तनाव बढ़ सकते हैं।
(साभार)
सरखेत और घंतूकासेरा में स्थानीय लोगों से मिले, हर संभव सहायता का भरोसा दिया
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के आपदा प्रभावित क्षेत्रों सरखेत और घंतूकासेरा का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को विस्तार से जाना और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और किसी को भी कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से निर्देशित किया कि पुनर्निर्माण और राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके। कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार तेजी से राहत और पुनर्वास कार्य कर रही है, और जो भी सहायता आवश्यक होगी, वह शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, अनुज कौशल, विनोद कैंतुरा, कविता सहित क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
