14-16 अक्तूबर तक नई दिल्ली में यूएनटीसीसी सम्मेलन, 32 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी करेंगे भागीदारी
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सैन्य योगदान देने वाले देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों के सम्मेलन का मंगलवार को उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के लिए शांति स्थापना कभी विकल्प नहीं, बल्कि आस्था का विषय रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत हमेशा से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र के मिशनों में सक्रिय रहा है।
शांति स्थापना सिर्फ सैन्य मिशन नहीं
रक्षा मंत्री ने कहा, “शांति स्थापना केवल सैन्य मिशन नहीं है, बल्कि यह मानवता के प्रति साझा जिम्मेदारी है। युद्ध और अभाव से त्रस्त लोग ब्लू हेल्मेट्स को देख कर यह महसूस करते हैं कि दुनिया ने उन्हें नहीं छोड़ा।”
अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन चिंता का विषय
इस अवसर पर उन्होंने कुछ देशों द्वारा अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन और उन्हें कमजोर करने के प्रयासों पर चिंता जताई। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पुरानी अंतरराष्ट्रीय संरचनाओं में सुधार और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारतीय योगदान की मिसाल
रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले दशकों में लगभग 2,90,000 भारतीय कर्मियों ने 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सेवा दी है। उन्होंने कहा, “कांगो, कोरिया, दक्षिण सूडान और लेबनान में हमारे सैनिक, पुलिस और चिकित्सा पेशेवर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कमजोर लोगों की रक्षा और समाज के पुनर्निर्माण में लगे हैं।”
उन्होंने शहीद भारतीय शांति सैनिकों को भी याद किया, जिनमें से 180 से अधिक कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी।
सम्मेलन 14-16 अक्तूबर तक
यह सम्मेलन 14 से 16 अक्तूबर तक चलेगा, जिसमें 32 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हिस्सा लेंगे। इससे पहले थल सेना प्रमुख ने भी सम्मेलन को संबोधित किया और भारत को शांति स्थापना में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक बताया।
कुलदीप यादव बने मैच के हीरो, जडेजा को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब
नई दिल्ली। भारत ने दिल्ली में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज को सात विकेट से हराकर दो मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। जीत के लिए मिले 121 रन के लक्ष्य को टीम इंडिया ने तीन विकेट गंवाकर हासिल किया। केएल राहुल ने 58 रन की नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि ध्रुव जुरेल छह रन पर नाबाद रहे।
भारत ने मैच के पांचवें दिन एक विकेट पर 63 रन से आगे खेलना शुरू किया था। इस दौरान साई सुदर्शन (39) और कप्तान शुभमन गिल (13) के विकेट गिरे, लेकिन राहुल ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई।
इस जीत के साथ शुभमन गिल ने बतौर कप्तान अपनी पहली टेस्ट सीरीज में शानदार आगाज किया। पिछली सीरीज इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई थी, लेकिन गिल ने इस बार वेस्टइंडीज का 2-0 से क्लीन स्वीप किया। रवींद्र जडेजा को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ और कुलदीप यादव को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
पहली पारी में भारत का दबदबा
पहली पारी में भारत ने पांच विकेट पर 518 रन बनाकर पारी घोषित की थी। यशस्वी जायसवाल (175) और कप्तान शुभमन गिल (129*) ने शतकीय पारियां खेलीं। साई सुदर्शन (87) और ध्रुव जुरेल (44) ने भी अहम योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से जोमेल वारिकन ने तीन विकेट झटके।
कुलदीप की फिर चली जादुई गेंदबाजी
वेस्टइंडीज की पहली पारी 248 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने पांच विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया। जडेजा ने तीन विकेट झटके, जबकि बुमराह और सिराज को एक-एक सफलता मिली।
फॉलोऑन के बाद भी संघर्ष
फॉलोऑन खेलने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने दूसरी पारी में 390 रन बनाए। जॉन कैंपबेल (115) और शाई होप (103) ने शतक जड़कर टीम को संभाला, जबकि जस्टिन ग्रीव्स (50*) नाबाद रहे। भारत की ओर से कुलदीप यादव और जसप्रीत बुमराह ने तीन-तीन विकेट लिए।
अब दक्षिण अफ्रीका से अगली भिड़ंत
भारत की अगली टेस्ट सीरीज नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगी। टीम की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए क्रिकेट प्रेमी एक और रोमांचक प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।
हल्द्वानी में पांच दिवसीय कुमाऊं द्वार महोत्सव की धूम, लोक संस्कृति की झलक से महका मंच
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित पांच दिवसीय कुमाऊं द्वार महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊँ द्वार महोत्सव केवल एक संस्कृति का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी अस्मिता, पहचान और जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक है। हर वर्ष यहां प्रतिभाग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह महोत्सव हमारे कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करता है और उन्हें सम्मानित करने का कार्य भी करता है।
मुख्यमंत्री ने आयोजन की बधाई देते हुए लोक कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि तकनीकी और वैश्वीकरण के इस दौर में भी हमारी परंपराएं जीवित हैं और यह महोत्सव आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के लोक कलाकारों ने अपनी निष्ठा और परिश्रम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहुंचाया है। वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड की ब्रह्मकमल टोपी पहनने के बाद यह टोपी अब राज्य की पहचान बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक भाषा, संस्कृति और कलाकारों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लोक कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन्हें समय पर सहायता मिल सके। कोरोना काल में लगभग 3200 सूचीबद्ध कलाकारों को ₹2000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी गई थी। साथ ही, लोक कला को समर्पित कलाकारों को पेंशन और गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार जैसे सम्मानों के माध्यम से साहित्यकारों को भी सम्मानित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का दशक है। प्रधानमंत्री के इस कथन ने प्रदेशवासियों के भीतर ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन के अग्रदूत हमारी माताएं और बहनें बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि “स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ” का मंत्र हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे ले जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन किया और “लखपति दीदी योजना” के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।
इस अवसर पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, एसएसपी पी.एस. मीणा, प्रभारी जिलाधिकारी अनामिका सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, लोक कलाकार और क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।
सीमांत गांवों में जल्द लगेंगे बीएसएनएल टावर, नेटवर्क समस्या होगी खत्म
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में दूर-दराज से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, निजी भूमि पर कब्जा, बाढ़ सुरक्षा, दैवीय आपदा में क्षतिपूर्ति, आर्थिक सहायता आदि से जुड़ी 151 शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया।
75 वर्षीय बुजुर्ग राकेश तलवाड़ ने अपनी भूमि पर कब्जा और सीमांकन कराने के बाद डीएम को आशीर्वाद दिया। अधोईवाला निवासी सुशीला देवी की निजी भूमि पर मोबाइल टावर अनुबंध समाप्त होने और किराया डिफॉल्ट होने के बावजूद हटाया नहीं गया था। उनकी शिकायत पर जिलाधिकारी ने तुरंत टावर सीज करने के आदेश दिए। इसी दौरान दिव्यकांत लखेडा के खिलाफ गुंडा एक्ट में फास्ट ट्रैक केस दर्ज कराया गया। दोषी पाए जाने पर जिला बदर की कार्यवाही होगी।
बुड्डी गांव निवासी बाबूलाल की आठ माह की वृद्धावस्था पेंशन रुकी हुई थी। डीएम ने समाज कल्याण विभाग को एरियर सहित भुगतान के निर्देश दिए। सीमांत क्षेत्र कथियान के 15 गांवों में नेटवर्क समस्या को दूर करने के लिए बीएसएनएल टावर लगाने की कवायद शुरू की गई।
बीमार रीतू को कोरोनेशन अस्पताल में निःशुल्क भर्ती कर इलाज की व्यवस्था की गई। फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित सुनील को राइफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता मिली। 83 वर्षीय बुजुर्ग मुन्ना लाल और अन्य असहायों को भरण-पोषण और शिक्षा सहायता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने तत्काल प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
62 वर्षीय डेन्डो देवी का आधार कार्ड बनवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को कार्यवाही का निर्देश दिया गया।
जनता दरबार में भूमि सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने, दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त संपत्ति की मुआवजा राशि, सड़क और सुरक्षा दीवार निर्माण, परिवहन सेवा की बहाली समेत अन्य शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा, एसडीएमए स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, डीडीओ सुनील कुमार, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, विवेक राजौरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
अब केवल सरकारी संस्थानों को ही बनाया जाएगा परीक्षा केंद्र , पुलिस-मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीम रखेगी हर केंद्र पर सख्त निगरानी
देहरादून। पेपर लीक प्रकरणों से सबक लेते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) अब अपनी आगामी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ कराने की तैयारी में है। आयोग द्वारा स्थगित की गई सहकारी निरीक्षक, सहायक विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा अब 16 नवंबर को आयोजित की जाएगी।
आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि 45 पदों के लिए यह परीक्षा पहले 5 अक्तूबर को प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा था। अब नई तिथि तय कर दी गई है और उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे।
इस बार परीक्षा व्यवस्था को लेकर आयोग ने “फुलप्रूफ मास्टर प्लान” तैयार किया है। परीक्षा केंद्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। केवल सरकारी शिक्षण संस्थानों — विश्वविद्यालय, सरकारी कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों — को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीम निगरानी रखेगी। वहीं, उम्मीदवारों की बायोमीट्रिक उपस्थिति और कड़ी चेकिंग से लेकर प्रश्नपत्र वितरण तक सभी प्रक्रिया सख्त नियंत्रण में होगी।
आयोग के अध्यक्ष जी.एस. मर्तोलिया ने कहा कि आगामी परीक्षाओं के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। पूर्व में बनाए गए परीक्षा केंद्र अब नहीं रहेंगे और पूरी निगरानी व्यवस्था को नई रूपरेखा में ढाला गया है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
साथ ही, आयोग जल्द ही समूह-ग भर्तियों का नया परीक्षा कैलेंडर जारी करने की तैयारी में है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी और चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जाएगी।
इधर, आयोग ने पुस्तकालय भर्ती परीक्षा की चयन सूची भी विभाग को भेज दी है। इसमें उप पुस्तकालयाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना सहायक, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष और सूचीकार पदों पर चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। अब विभाग स्तर पर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नियुक्ति को दी मंजूरी
देहरादून। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में संविदा के आधार पर 9 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अनुमोदन दे दिया है। विभिन्न संकायों में इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मेडिकल कॉलेज में जहां शैक्षणिक गतिविधियों में व्यापक सुधार होगा वहीं कॉलेज में अध्ययनरत एमबीबीएस छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण भी मिल सकेगा।
सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की कमी को दूर करने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में कॉलेजों में फैकल्टी की नियुक्ति के लिये हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित साक्षात्कार कमेटी ने वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से 9 विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन कर नियुक्ति प्रस्ताव राज्य सरकार को उपलब्ध कराया है। जिसे सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपना अनुमोदन दे दिया है। कमेटी द्वारा चयनित इन विशेषज्ञ चिकित्सकों को संविदा के आधार पर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में नियुक्ति दी जायेगी। जिसमें डॉ कुलदीप सिंह लालर को कार्डियोलॉजी विभाग, डॉ. देवेन्द्र कुमार को न्यूरोसर्जरी तथा डॉ. इंदिरा यादव को रेडियोथैरेपी विभाग में प्रोफेसर पद पर नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार डॉ. सौरभ सचर को रेडियोडाग्नोसिस, डॉ. विक्की बख्शी को रेस्पिरेट्रीय मेडिसिन तथा डॉ. शीबा राणा को ईएनटी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद जबकि डॉ. निधि बहुगुणा को ऑब्स एंड गयानी, डॉ. सुफीयां खान को नेत्र तथा डॉ. छत्रा पाल को इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति दी गई है।
इन सभी चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति आगामी तीन वर्ष अथवा उक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक जो भी पहले हो के लिये की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में इन संकाय सदस्यों की नियुक्ति से एमबीबीएस छात्रों के शिक्षण संबंधी दिक्कते दूर होगी साथ ही उन्हें बेहतर प्रशिक्षण भी मिल सकेगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को भी बेतहर उपचार मिलेगा।
बयान-
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 9 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से शिक्षण व प्रशिक्षण गतिविधियों में और सुधार होगा। राज्य सरकार की मंशा मेडिकल कॉलेजों में शत-प्रतिशत फैकल्टी की तैनाती सुनिश्चित करना है। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
31 अक्तूबर को पर्यटकों के लिए बंद कर दी जाएगी फूलों की घाटी
चमोली। उत्तराखंड की विश्व धरोहर फूलों की घाटी इन दिनों बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है। विभिन्न दुर्लभ फूलों के लिए प्रसिद्ध यह घाटी अब सर्दियों की सुंदरता में रंगीन हो चुकी है। समय से पहले हुई बर्फबारी ने घाटी को पूरी तरह से बर्फ से ढक दिया है, जिससे यहां के प्राकृतिक पहाड़ और स्लोप एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं।
स्थानीय टूर ऑपरेटर संजय सती ने बताया कि इस बार बर्फबारी के चलते पर्यटक फूलों के बजाय बर्फ का आनंद लेने के लिए घाटी की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल के अनुसार, बर्फबारी के बाद घाटी में प्रतिदिन करीब आठ से दस पर्यटक पहुंच रहे हैं। फूलों की घाटी इस साल 31 अक्तूबर को पर्यटकों के लिए बंद कर दी जाएगी।
नेटफ्लिक्स और ड्रीमवर्क्स एनिमेशन की मशहूर एनिमेटेड सीरीज ‘जुरासिक वर्ल्ड: कैओस थ्योरी’ के चौथे और अंतिम सीजन का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हो गया है। न्यूयॉर्क में हुए ट्रेलर लॉन्च इवेंट में पूरी टीम मौजूद रही और फैंस को डायनासोर वर्ल्ड की नई झलक देखने को मिली, जिसने उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया।
थ्रिल और सस्पेंस से भरपूर कहानी
इस फाइनल सीजन की कहानी ‘कैंप क्रेटेशियस’ की घटनाओं के छह साल बाद की है। अब डायनासोर खुली दुनिया में हैं और इंसान उनके डर के साये में जीवन जी रहे हैं। ‘नब्लर सिक्स’ के नाम से मशहूर छह दोस्तों की टीम एक बार फिर खतरों और रोमांच से भरपूर मिशन पर निकलती है। इस बार उनका सामना सिर्फ डायनासोर से नहीं, बल्कि एक ऐसी साजिश से है जो दोनों, इंसान और डायनासोर, के अस्तित्व को चुनौती देती है।
इमोशनल और मनोरंजक मोड़
ट्रेलर में एक्शन और थ्रिल के साथ-साथ इमोशनल सीन्स भी दिखाए गए हैं। दर्शकों को पसंद आने वाले प्यारे डायनासोर ‘स्मूथी’ की भी झलक दिखाई गई है, जो पहले सीजनों में लोगों का दिल जीत चुका है।
कॉमिक कॉन में भव्य लॉन्च
न्यूयॉर्क कॉमिक कॉन के दौरान सीरीज के वॉइस आर्टिस्ट्स और मेकर्स ने फैंस के साथ अनुभव साझा किए। कार्यकारी निर्माता स्कॉट क्रीमर और सह-निर्माता टीम ने बताया कि यह अंतिम सीजन भावनात्मक और यादगार बनाने के लिए खास मेहनत की गई है।
निर्माता और तकनीकी गुणवत्ता
यह सीरीज स्टीवन स्पीलबर्ग, कॉलिन ट्रेवरॉ और फ्रैंक मार्शल द्वारा निर्मित है, वही टीम जिसने जुरासिक पार्क और जुरासिक वर्ल्ड जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को बनाया। इसलिए इसकी कहानी, एनीमेशन और तकनीक हॉलीवुड स्तर की है।
सीजन की जानकारी
फाइनल सीजन में कुल 9 एपिसोड होंगे और यह 20 नवंबर 2025 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जाएगा। दर्शक इसे हिंदी समेत कई भाषाओं में देख सकेंगे।
(साभार)
महिला विकास, स्वास्थ्य, यूसीसी और कर्मचारियों से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा स्वास्थ्य, समान नागरिक संहिता सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी नीतिगत संशोधनों को मंजूरी दी।
कैबिनेट ने उत्तराखंड महिला एवं बाल विकास अधीनस्थ सुपरवाइजर सेवा नियमावली 2021 में संशोधन को मंजूरी दी। अब सुपरवाइजर के पदों पर 50 प्रतिशत भर्ती सीधी और 50 प्रतिशत पद आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों की पदोन्नति से भरे जाएंगे। पहले 10 प्रतिशत कोटा मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों के लिए अलग था, जिसे अब आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों के कोटे में शामिल किया गया है।
यूसीसी विवाह पंजीकरण में संशोधन, स्वास्थ्य कर्मियों को स्थानांतरण की सुविधा
कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता के अंतर्गत ऑनलाइन विवाह पंजीकरण में संशोधन को मंजूरी दी है। अब नेपाली, भूटानी और तिब्बती मूल के व्यक्तियों के लिए आधार कार्ड के साथ उनके नागरिकता प्रमाण पत्र या मिशन द्वारा जारी दस्तावेज भी मान्य होंगे।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की सेवा नियमावली में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। अब पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद वे अपने जीवनकाल में एक बार पारस्परिक स्थानांतरण के पात्र होंगे।
इसके अलावा कैबिनेट ने रायपुर क्षेत्र के फ्रिज जोन में आंशिक संशोधन करते हुए छोटे घरों और दुकानों के निर्माण की अनुमति दी। राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति में अर्हकारी सेवा शिथिलीकरण नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तिथि निर्धारण का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया। साथ ही, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों को कर के बाद के लाभांश (Profit After Tax) का 15 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को देने का निर्णय भी लिया गया।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय।
1- उत्तराखंड महिला एवं बाल विकास अधीनस्थ सुपरवाइजर सेवा नियमावली 2021 के संशोधन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
सुपरवाइजर सेवा नियमावली के अंतर्गत सुपरवाइजर के पदों पर 50% सीधी भर्ती से एवं 40% आगनवाड़ी कार्यकर्त्री एवं शेष 10% मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ती के पदोन्नति से भरे जाते थे। भारत सरकार के दिशा निर्देशों में राज्य के समस्त मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों में उच्चीकृत किया जाना है, ऐसे में मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ती से सुपरवाइजर पद पर होने वाले पदोन्नति के 10% कोटा को भी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री के पदोन्नति कोटे में शामिल करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री के पदोन्नति कोटे को 40% से बढ़ाकर 50% किया गया है। की
2- रायपुर एवं उसके समीप क्षेत्रों के अंतर्गत जहां विधानसभा परिसर प्रस्तावित है, उस क्षेत्र को फ्रीज जोन बनाया गया था। अब कैबिनेट ने फ्रीज जोन में आंशिक संशोधन करते हुए इन क्षेत्रों में छोटे घरों ( लो डेंसिटी हाउसों ) और छोटी दुकानों के निर्माण की अनुमति दे दी है। जिसके मानक आवास विकास विभाग के द्वारा निर्धारित किए जाएंगे।
3 चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की सेवा नियमावली में संशोधन की कैबिनेट ने दी मंजूरी। अब स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के 5 साल की संतोषजनक सेवा के बाद एक स्थान से दूसरे स्थान तक अपने जीवनकाल में एक बार पारस्परिक स्थानांतरण को अनुमति दी जाएगी। नए स्थान में जाने पर अपने नए जनपद के कैडर के अंतर्गत यह सबसे जूनियर होंगे। इसके अलावा रिक्त पद उपलब्ध होने पर पहाड़ से पहाड़ में एवं मैदानी जनपदों से पर्वतीय जनपदों में स्थानांतरण किया जा सकेगा, जिसके लिए मानक विभाग द्वारा तैयार किए जाएंगे।
4. समान नागरिक संहिता के अंतर्गत होने वाले ऑनलाइन विवाह पंजीकरण में संशोधन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
यूसीसी में पंजीकरण हेतु आधार कार्ड की व्यवस्था रखी गई है। क्योंकि उत्तराखंड प्रदेश में नेपाली भूटानी एवं तिब्बती मूल के लोगों से भी शादी होती है। ऐसे में आधार के अलावा अब नेपाल, भूटान के नागरिकों हेतु नेपाली एवं भूटानी नागरिकता प्रमाण पत्र, एवं 182 दिनों से अधिक के प्रवास के लिए भारत में नेपाली मिशन/रॉयल भूटानी मिशन द्वारा जारी प्रमाणपत्र एवं तिब्बती मूल के व्यक्तियों के लिए विदेशी पंजीकरण अधिकारी द्वारा जारी वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र को अनुमन्य किया जाएगा।
5 राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति के संबंध में अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण की नियमावली में संशोधन का निर्णय।
6. मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में विचलन के माध्यम से विधानसभा का सत्रावसान किए जाने के संबंध में लिए गए निर्णय को कैबिनेट के संज्ञानार्थ लाया गया।
7 राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर उत्तराखंड राज्य की पंचम विधानसभा का विशेष सत्र की तिथि के निर्धारण हेतु कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को किया अधिकृत।
8 राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को कर के बाद के लाभांश ( प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) की 15% धनराशि को राज्य सरकार को देना होगा। इसके लिए कैबिनेट में अपनी मंजूरी प्रदान की।
15 नवंबर से खुलेंगे अन्य गेट, पंजीकरण प्रक्रिया शुरू
देहरादून। उत्तराखंड में जंगल सफारी सीजन की शुरुआत को लेकर वन विभाग ने कमर कस ली है। कार्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) में सफारी मार्गों की मरम्मत और वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभाग ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर से बिजरानी जोन पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं अन्य गेट 15 नवंबर से आम लोगों के लिए खुलेगें।
वन विभाग के अनुसार, इस बार मानसून के दौरान हुई भारी बारिश से वन मोटर मार्ग को काफी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में पुलियों, सड़कों और फॉरेस्ट रेस्ट हाउस की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला ने बताया कि बिजरानी गेट के खुलने से पहले सभी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो।
कार्बेट टाइगर रिजर्व हर साल साढ़े तीन लाख से अधिक देशी-विदेशी सैलानियों को आकर्षित करता है। यहां छह प्रमुख गेटों के माध्यम से डे सफारी की सुविधा उपलब्ध है, वहीं नाइट स्टे की व्यवस्था भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
तराई पश्चिम वन प्रभाग के फाटो रेंज में भी इस सीजन से नाइट स्टे की नई सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। डीएफओ तरुण एस के अनुसार, वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है और ऑनलाइन बुकिंग भी जल्द शुरू की जाएगी। वहीं, राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे ने बताया कि बरसात से क्षतिग्रस्त वन मार्गों की मरम्मत का काम जारी है, और 15 नवंबर के बाद पर्यटकों के लिए सफारी खोली जाएगी।
