आज की तेज़ और व्यस्त जिंदगी में तनाव और चिंता आम हो गए हैं। ऑफिस का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां और रोज़मर्रा की चुनौतियां अक्सर मन को बेचैन कर देती हैं। ऐसे समय में योग सिर्फ शरीर को ही लचीला नहीं बनाता, बल्कि मानसिक शांति और स्थिरता भी प्रदान करता है।
कुछ विशेष योगासन ऐसे हैं जो चिंता को कम करने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और जीवन में सुकून लाने में मदद करते हैं। रोज़ाना सिर्फ 20 मिनट का अभ्यास आपके मन को शांत, शरीर को स्वस्थ और आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है।
आइए जानते हैं कुछ असरदार योगासन, जिन्हें अपनाकर आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं:
1. बालासन (Child Pose)
बालासन दिमाग को ठंडक और मन को स्थिरता देता है। यह तनाव, थकान और सिरदर्द में राहत देने के लिए बेहद प्रभावी है।
अभ्यास: घुटनों के बल बैठें, सिर को धीरे-धीरे जमीन पर टिकाएं और हाथ आगे फैलाएं। गहरी और शांत सांस लें।
2. शवासन (Corpse Pose)
शवासन सबसे प्रभावी रिलैक्सेशन आसन है। यह पूरे शरीर को शिथिल कर मानसिक शांति देता है।
अभ्यास: पीठ के बल लेटें, आंखें बंद करें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।
3. अनुलोम-विलोम प्राणायाम (Alternate Nostril Breathing)
सांसों के संतुलन से मानसिक ऊर्जा भी संतुलित होती है। यह चिंता, गुस्सा और डिप्रेशन कम करने में मदद करता है।
अभ्यास: एक नथुने को बंद करके दूसरे से धीरे-धीरे सांस लें, फिर नथुने बदलें और दोहराएं।
4. अधोमुख श्वानासन (Downward Dog Pose)
यह आसन नर्वस सिस्टम को मजबूत करता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है। अभ्यास से शरीर हल्का और मन शांत महसूस होता है।
5. सुखासन (Easy Pose)
सुखासन सबसे सरल लेकिन असरदार ध्यान मुद्रा है। नियमित अभ्यास से मन स्थिर होता है और मानसिक बेचैनी कम होती है।
(साभार)
गणेश जोशी बोले— ऐसे आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ाते हैं
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज हाथीबड़कला स्थित केंद्रीय विद्यालय संगठन क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में आयोजित 36वीं युवा संसद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि युवा संसद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य हमारे युवाओं के हाथों में है, और ऐसे आयोजन उन्हें देश के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड राज्य के 45 केंद्रीय विद्यालयों में से चुनी गई आठ सर्वश्रेष्ठ टीमों ने भाग लिया। इनमें केंद्रीय विद्यालय पिथौरागढ़, केंद्रीय विद्यालय बनबासा, केंद्रीय विद्यालय हल्द्वानी, केंद्रीय विद्यालय उत्तरकाशी, केंद्रीय विद्यालय ऋषिकेश, केंद्रीय विद्यालय रायवाला, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 हाथीबड़कला देहरादून और केंद्रीय विद्यालय आईटीबीपी देहरादून शामिल हैं।
प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न स्थानीय, राज्य स्तरीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रभावशाली चर्चा की और संसद सत्र की तर्ज पर अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
इस अवसर पर राज्यमंत्री कैलाश पंत, उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय देहरादून डॉ. सुकृति रैवानी, आयुक्त केंद्रीय विद्यालय सुजीत सिंह सहायक, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी सुशील कुमार धीमान, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय विजय नैथानी सहित छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
पूर्व जज अजय रस्तोगी करेंगे निगरानी
नई दिल्ली। तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-राजनेता विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी को इस जांच की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह आदेश तमिलागा वेट्री कजगम (टीवीके) की उस याचिका पर आया है, जिसमें पार्टी ने स्वतंत्र जांच की मांग की थी। टीवीके का कहना था कि राज्य पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) पर जनता का भरोसा नहीं है और यह घटना पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा भी हो सकती है।
टीवीके की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
टीवीके सचिव आधव अर्जुना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि भगदड़ की जांच किसी पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई को सौंपी जाए। पहले मद्रास हाई कोर्ट ने एसआईटी गठित की थी, लेकिन टीवीके ने उस पर सवाल उठाए। अब सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच को मंजूरी देते हुए रिटायर्ड जस्टिस अजय रस्तोगी को मॉनिटरिंग कमेटी का प्रमुख नियुक्त किया है।
एफआईआर में टीवीके नेताओं पर गंभीर धाराएं
घटना के बाद करूर पुलिस ने टीवीके के कई पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इनमें जिला सचिव माधियाझगन, जनरल सेक्रेटरी बसी आनंद और ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी सीटीआर निर्मल कुमार शामिल हैं। उन पर हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य की जान जोखिम में डालने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
पुलिस का कहना है कि रैली में कोई खुफिया चूक नहीं थी। लेकिन विजय के देरी से पहुंचने और लंबे इंतजार के कारण भीड़ में असंतोष बढ़ गया था, जिससे भगदड़ की स्थिति बनी।
रैली में अव्यवस्था के आरोप
अधिकारियों के मुताबिक आयोजकों को निर्देश दिया गया था कि विजय की बस को निर्धारित स्थान से 50 मीटर पहले रोका जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। करीब 10 मिनट तक बस में ही रुकने से भीड़ बेकाबू हो गई और अफरातफरी मच गई।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि टीवीके ने अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया। पार्टी को 10,000 लोगों की भीड़ की मंजूरी दी गई थी, जबकि मौके पर 25,000 से अधिक लोग पहुंचे। पर्याप्त पानी, सुरक्षा और व्यवस्था न होने से हालात बिगड़ गए।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में होगा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री धामी देंगे नियुक्ति पत्र
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1347 सहायक अध्यापकों (एलटी) को आगामी 14 अक्टूबर को नियुक्ति पत्र वितरित किये जायेंगे। पटेलनगर स्थित राजकीय दून मेडिकल कालेज के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों सभी चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे। इसके साथ ही चयनित शिक्षकों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में प्रथम तैनाती दी जायेगी, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को चयनित अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध करा दी है। जिसके क्रम में आयोग से चयनित 1347 शिक्षकों को आगामी 14 अक्टूबर को नियुक्ति पत्र वितरित कर दिये जायेंगे। जिसको लेकर विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। डॉ. रावत ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को राजकीय दून मेडिकल कालेज पटेलनगर के प्रेक्षागृह में विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों नियुक्ति पत्र दिये जायेंगे।
उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा उपलब्ध सूची के तहत गढ़वाल मंडल में सामान्य व महिला शाखा में 681 पदों पर शिक्षकों का चयन हुआ है। जिसमें हिन्दी विषय में 112, अंग्रेजी 98, संस्कृत 9, गणित 66, विज्ञान तथा सामान्य विषय 109-109, कला 103, व्यायाम 59, गृह विज्ञान 3, वाणिज्य 11 तथा संगीत विषय में 2 शिक्षक शामिल हैं। इसी प्रकार कुमाऊं मंडल में सामान्य व महिला शाखा में 671 पदों पर शिक्षकों का चयन हुआ है। जिसमें हिन्दी विषय में 90, अंग्रेजी 73, संस्कृत 12, गणित 89, विज्ञान 88, सामान्य विषय 128, कला 127, व्यायाम 45, गृह विज्ञान 8, संगीत 6, उर्दू 1 तथा वाणिज्य विषय में 4 शिक्षक शामिल है। विभागीय मंत्री ने बताया कि आयोग द्वारा घोषित भर्ती परिणाम को लेकर कुछ अभ्यर्थियों द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने सभी वादों का निस्तारण कर 1347 पदों पर नियुक्ति देने के आदेश पारित किये हैं जबकि शेष पदों को रिजर्व रखने के निर्देश दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि इन सभी चयनित शिक्षकों को प्रथम तैनाती राज्य के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में दी जायेगी ताकि वहां शिक्षकों की कमी दूर कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. रावत ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यालयों में विषयवार शिक्षक उपलब्ध कराना है। विभाग लगातार शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही प्राथमिक शिक्षा विभाग में 2100 सहायक अध्यापकों व माध्यमिक शिक्षा विभाग में 800 से अधिक पदों पर प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जायेगी।
कुसुम कंडवाल ने कहा — किसी भी कीमत पर आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे
हरिद्वार। हरिद्वार जनपद के रोशनाबाद के गाँव मे ससुराल पक्ष द्वारा विवाहिता को जिंदा जलाने के मामले राज्य महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। विवाहिता भारती, जिसकी शादी एक साल पहले अक्टूबर 2024 को आशीष कुमार पुत्र विजय पाल से रोशनाबाद के एक गाँव हुई थी, को ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया है।
प्राप्त शिकायत के अनुसार पीड़िता की बहन द्वारा जानकारी दी गयी की शादी के शुरुआती महीने सामान्य रहे, परंतु इसके बाद भारती को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता की बहन ने बताया की परिवार की ओर से कई बार समझौते के प्रयास किए गए, लेकिन अत्याचार रुकने का नाम नहीं लिया।
पिता ने शिकायती पत्र में बताया की 24 सितम्बर 2025 को भारती की बेटी के जन्म के बाद भारती पर अत्याचार और बढ़ गए — उसे गाली-गलौज, मारपीट और मारने तक कि धमकी दी गयी, और 11 अक्टूबर 2025 को पति आशीष कुमार उसके पिता विजय पाल व सास, नन्द और जेठ ने कथित रूप से पेट्रोल डालकर भारती को जिंदा जला दिया, जिससे वह 80% तक झुलस गई और गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती है।
इस निंदापूर्ण प्रकरण की शिकायत मिलते ही उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने जानकारी के आधार पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल को तुरंत और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कुसुम कण्डवाल ने कहा —
“यह अत्यंत निंदनीय और मानवता को झकझोर देने वाली घटना है। किसी भी कीमत पर आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। हर दोषी को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।”
उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है, साथ ही हरिद्वार पुलिस को निर्देशित किया है कि “किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाए, यह मामला महिला सुरक्षा और न्याय की कसौटी बने।”
एसओ सिडकुल ने जानकारी में बताया की मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पीड़िता का उपचार एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। मामले की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है।
वनडे में 5000 रन बनाने वाली भारत की दूसरी और दुनिया की पांचवीं महिला बल्लेबाज बनी
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपनी शानदार बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में इतिहास रच दिया। रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे महिला विश्व कप के मुकाबले में मंधाना ने 80 रनों की लाजवाब पारी खेली। इस दौरान उन्होंने न केवल टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई बल्कि वनडे करियर में 5000 रन पूरे कर एक बड़ा मील का पत्थर भी छू लिया। वह ऐसा करने वाली भारत की दूसरी और दुनिया की पांचवीं महिला बल्लेबाज बन गईं।
मंधाना ने अपने 33वें वनडे अर्धशतक के साथ एक ही मैच में कई उपलब्धियां अपने नाम कीं — वह एक कैलेंडर वर्ष में 1000 वनडे रन पूरे करने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज बनीं और इसके बाद 5000 वनडे रन का आंकड़ा भी पार कर लिया।
29 वर्षीय मंधाना अब वनडे में 5000 रन बनाने वाली सबसे युवा महिला क्रिकेटर बन गई हैं। उन्होंने यह उपलब्धि मात्र 112वीं पारी में हासिल की। इससे पहले वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर और न्यूजीलैंड की सूजी बैट्स जैसी दिग्गज बल्लेबाजों को यह आंकड़ा छूने में ज्यादा पारियां लगी थीं।
इस मैच में मंधाना ने 66 गेंदों में 80 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल थे। खास बात यह रही कि यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी लगातार पांचवीं अर्धशतकीय पारी रही। इससे पहले उन्होंने इस टीम के खिलाफ क्रमशः 125, 117, 58 और 105 रनों की पारियां खेली थीं। मंधाना अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार पांच बार 50+ रन बनाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बन गई हैं — जो उनके निरंतर प्रदर्शन का प्रमाण है।
सुबोध उनियाल बोले—सहकारिता से आत्मनिर्भर बन रहा है प्रदेश का किसान
पौड़ी। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में श्रीनगर के आवास विकास मैदान में आयोजित नौ दिवसीय सहकारिता मेला रविवार को किसानों और महिला समूहों की उत्साही भागीदारी से जीवंत रहा। मेले में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत उपस्थित रहे। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों द्वारा जिले के 156 किसानों को 2 करोड़ 21 लाख 50 हजार रुपये का ब्याज रहित ऋण वितरित किया गया। यह ऋण पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदान किया गया। रिखणीखाल ब्लॉक के 55 किसानों को 79 लाख, नैनीडांडा ब्लॉक के 61 किसानों को 84 लाख 50 हजार और बिरोंखाल ब्लॉक के 40 किसानों को 58 लाख की धनराशि वितरित की गयी। इस योजना से लघु एवं सीमांत कृषकों को आर्थिक सशक्तिकरण की नयी दिशा मिली है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सहकारिता और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों से आज प्रदेश का किसान आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड का सहकारी मॉडल देशभर में नया उदाहरण पेश कर रहा है। उन्होंने प्रदेशभर में आयोजित हो रहे सहकारिता मेलों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी दिशा दे रही है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता मेलों के माध्यम से किसानों और महिला समूहों को अपने उत्पाद बेचने और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लघु एवं सीमांत किसानों को 1 लाख तक ब्याजमुक्त फसली ऋण और पशुपालन व मशरूम उत्पादन हेतु 1.60 से 5 लाख तक ब्याज रहित ऋण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स मिशन योजना के तहत सहकारी समितियाँ किसानों से मंडुवा 4 हजार 886 रुपए प्रति क्विंटल की दर से क्रय कर रही हैं। इससे किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल रहा है और पर्वतीय कृषि परंपरा पुनर्जीवित हो रही है।
वहीं बीते शाम को लोकगायिका हेमा नेगी करासी के गीतों ने माहौल को लोक रंगों से भर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी और विशिष्ट अतिथि के रूप में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत उपस्थित रहे। शुरुआत आर.सी. मेमोरियल उफल्डा पब्लिक स्कूल के बैंड प्रदर्शन से हुई। छात्रों को मुख्य अतिथि द्वारा 2100 की पुरस्कार राशि भेंट की गयी। अपने संबोधन में दिलीप संघाणी ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में उत्तराखंड देश के लिए मिसाल बन गया है। उन्होंने सहकारिता मंत्री डॉ. रावत की पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की ऑर्गेनिक खेती धरती मां के प्रति सच्ची श्रद्धा है।
इस अवसर पर विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप रावत, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अपर निबंधक सहकारिता आनंद शुक्ल, महाप्रबंधक सहकारी बैंक पौड़ी संजय रावत, मेला संयोजक मातवर सिंह रावत, संपत सिंह रावत, उमेश त्रिपाठी, महावीर कुकरेती, नरेंद्र सिंह रावत, मनोज पटवाल पूर्व जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के अध्यक्ष प्रदीप चौधरी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, महिला समूह और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
ममता बनर्जी ने निजी मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर उठाए सवाल
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य वारदात पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और शर्मनाक है, सरकार किसी भी दोषी को बख्शेगी नहीं। ममता ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान निजी मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कॉलेजों को अपने कैंपस और आस-पास सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करनी चाहिए ताकि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा खतरे में न पड़े। उन्होंने कहा, “लड़की निजी कॉलेज की छात्रा थी, इसलिए यह कॉलेज की भी जिम्मेदारी बनती है कि देर रात छात्राएं कहां और किस स्थिति में हैं। घटना की हर कोण से जांच की जा रही है, सच्चाई सामने आएगी और सख्त कार्रवाई होगी।”
वहीं विपक्ष द्वारा सरकार पर की जा रही आलोचना पर ममता ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी एक राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है। ओडिशा, बिहार या यूपी में ऐसी घटनाएं होती हैं तो वे भी उतनी ही निंदनीय हैं जितनी बंगाल में। हमारी सरकार हर मामले को गंभीरता से लेती है।”
इस बीच, पीड़िता का इलाज अस्पताल में जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। छात्रा ने पुलिस को अपना बयान दर्ज करा दिया है। घटना उस वक्त हुई जब वह रात में अपने एक मित्र के साथ कॉलेज कैंपस के बाहर भोजन करने गई थी। कैंपस गेट के पास कुछ युवकों ने उसे सुनसान इलाके में खींच लिया और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता के पिता ने बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी अभी बिस्तर से उठ नहीं पा रही है। मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन मदद कर रहे हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि उसे ओडिशा वापस ले जाने की अनुमति मिले क्योंकि यहां उसकी सुरक्षा को खतरा है।”
नैनीताल, अल्मोड़ा, चमोली और बागेश्वर को मिले नए जिलाधिकारी
देखें सूची
देहरादून। उत्तराखंड शासन ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। प्रदेश में कई जिलों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। कुल 44 आईएएस, आईएफएस और पीसीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
शासन ने आईएएस ललित मोहन रयाल को नैनीताल का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया है, जबकि आईएएस गौरव कुमार को चमोली, आईएएस अंशुल सिंह को अल्मोड़ा और आईएएस आकांक्षा को बागेश्वर जिले की कमान सौंपी गई है। वहीं, आईएएस आशीष कुमार भटगाई अब पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी होंगे। इसके अलावा, आईएफएस पराग मधुकर धकाते को विशेष सचिव पंचायती राज बनाया गया है।




केंद्र के आदेश के तहत एंटीबायोटिक, एंटीवायरल और संक्रमण-रोधी दवाओं का आयात, निर्माण और बिक्री रोकी गई
देहरादून। उत्तराखंड में पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाली 34 दवाओं पर केंद्रीय आदेश के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया है। उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं ड्रग्स प्रशासन (FDA) ने इस संबंध में हाल ही में आदेश जारी किया है।
FDA के अपर आयुक्त और ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि यह रोक पशुओं को दी जाने वाली रोगाणुरोधी दवाओं और उनके फॉर्मूलेशन्स के आयात, निर्माण, बिक्री और वितरण पर लागू होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 23 सितंबर को इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया था।
प्रतिबंधित दवाओं में 15 एंटीबायोटिक, 18 एंटीवायरल और 1 संक्रमण-रोधी दवा शामिल हैं
एंटीबायोटिक दवाओं पर रोक:
यूरिडोपेनिसिलिन, सेफ्टोबिप्रोल, सेफ्टारोलाइन, साइडरोफोर सेफलोस्पोरिन, कार्बापेनेम्स, पेनेम्स, मोनोबैक्टम्स, ग्ल्य्कोपेप्तिदेस, लिपोपेप्टाइड्स, ऑक्साजोलिडिनोन्स, फिडैक्सोमिसिन, प्लाजोमिसिन, ग्लाइसिलसाइक्लिन्स, एरावासाइक्लिन और ओमाडासाइक्लिन।
एंटीवायरल दवाओं पर रोक:
अमैंटाडाइन, बालोक्साविर मार्बॉक्सिल, सेल्गोसिविर, फेविपिराविर, गैलिडेसिविर, लैक्टिमिडोमाइसिन, लैनिनामिवीर, मेथिसाजोन/मेटिसाजोन, मोलनुपिराविर, निटाजोक्सानाइड, ओसेल्टामिवीर, पेरामिविर, रिबाविरिन, रिमांटाडाइन, टिजोक्सानाइड, ट्रायजाविरिन, उमिफेनोविर और जानामिवीर।
इसके अलावा, संक्रमण के लिए दी जाने वाली एंटी प्रोटोजॉल दवा निटाजोक्सानाइड पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
