केरल में कांग्रेस सांसद शफी परमबिल पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हमला, शशि थरूर ने हमले की कड़ी निंदा की
तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल के वडाकरा में अपने सहयोगी कांग्रेस सांसद शफी परमबिल पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए हमले की कड़ी निंदा की है। थरूर ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए कहा कि विपक्षी सांसदों को बिना डर और कानूनी परेशानियों के विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार होना चाहिए।
थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि, “सांसद शफी परमबिल पर पुलिस का हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। लोकतंत्र में सांसदों को बिना डर के अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अनुमति होनी चाहिए। ऐसी कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों और कानूनी सुरक्षा का उल्लंघन है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को संसद की विशेषाधिकार समिति के सामने उठाएगी। थरूर ने यह भी बताया कि भारत में सांसद कानून से ऊपर नहीं हैं, लेकिन उन्हें कुछ संवैधानिक सुरक्षा मिलती है, ताकि वे लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों को सुरक्षित तरीके से निभा सकें।
केरल के पेरमबरा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ के कार्यकर्ताओं के बीच हाल ही में हिंसक झड़पें हुई हैं। इसी दौरान हुए विरोध प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत हुई, जिसमें सांसद शफी परमबिल घायल हो गए और उनकी नाक की हड्डी टूट गई। उन्हें तत्काल सर्जरी करानी पड़ी। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
प्रभारी सचिवों को जनता से संवाद स्थापित करने और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय रहने के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश की सड़कों को जल्द गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मार्गों की मरम्मत और सुधार कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को आवागमन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का नियमित भ्रमण करें, जनता से संवाद स्थापित करें और सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों आवश्यक हैं। सीएम धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में आवश्यक आधारभूत संरचनाओं जैसे सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष रूप से क्षतिग्रस्त पुलों और नए पुलों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय एवं सजगता के साथ कार्य करना होगा।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जोड़ों और हड्डियों का दर्द तेजी से युवा आबादी को भी अपनी चपेट में ले रहा है। पहले जहां यह परेशानी केवल बुजुर्गों में आम थी, वहीं अब 25 से 40 वर्ष की उम्र के लोग भी घुटनों और पीठ दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं।
अनियमित जीवनशैली, घंटों एक जगह बैठे रहना, पोषण की कमी और प्रदूषण जैसी वजहें इसके प्रमुख कारण हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थराइटिस (गठिया) जोड़ों में सूजन और दर्द का एक प्रमुख रोग है, जो शरीर की गतिशीलता को प्रभावित करता है। समय रहते ध्यान न देने पर यह आजीवन परेशानी का रूप ले सकता है। खासतौर पर जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनके घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ जाती है।
हर साल 12 अक्टूबर को ‘विश्व गठिया दिवस (World Arthritis Day)’ मनाया जाता है, ताकि इस रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और लोग समय पर उपचार और जीवनशैली सुधार अपनाएं।
घुटनों के दर्द से राहत पाने के आसान उपाय
संतुलित और पोषक आहार अपनाएं
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए आहार में कैल्शियम, विटामिन-डी, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में शामिल करें।
दही, दूध, बादाम, मछली, अलसी के बीज और हरी सब्जियां इन पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं।
साथ ही, प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और अधिक चीनी का सेवन कम करें — ये शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करते हैं।
तेल से मालिश और सेकाई करें
सरसों, नारियल या नीलगिरी तेल से हल्की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और सूजन में राहत मिलती है।
रोजाना 10-15 मिनट हल्के हाथों से मालिश करने से जोड़ों की जकड़न घटती है।
गर्म पानी की सेकाई (हीट थेरेपी) मांसपेशियों को आराम देती है, जबकि ठंडे पैक से सूजन में कमी आती है। दर्द की स्थिति के अनुसार दोनों का संतुलित उपयोग करें।
नियमित व्यायाम और योग करें
घुटनों की सेहत के लिए हल्की एक्सरसाइज और योग बेहद जरूरी हैं।
वॉकिंग, स्विमिंग, साइक्लिंग जैसे लो-इम्पैक्ट व्यायाम आर्थराइटिस से राहत दिलाते हैं।
योगासन जैसे त्रिकोणासन, वज्रासन और भुजंगासन घुटनों की लचीलापन बढ़ाते हैं और मांसपेशियों को मजबूत करते हैं।
वजन को नियंत्रित रखें
अधिक वजन घुटनों पर दबाव डालता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ सकती है।
संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से वजन नियंत्रण में रखें।
अलसी के बीज और फाइबरयुक्त भोजन का सेवन वजन घटाने और जोड़ों की सूजन कम करने में सहायक होता है।
निष्कर्ष
जोड़ों का दर्द केवल उम्र बढ़ने का परिणाम नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवनशैली से गहराई से जुड़ा हुआ है। अगर आप समय रहते सही खानपान, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण पर ध्यान दें, तो आर्थराइटिस जैसी समस्याओं से बचाव संभव है।
स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं — ताकि जीवन हर उम्र में सक्रिय और दर्द-मुक्त बना रहे।
(साभार)
शिमला बाईपास रोड पर सेंट ज्यूड्स स्कूल के पास हुआ हादसा, साथी घायल, चालक फरार
देहरादून। राजधानी देहरादून में शनिवार रात शिमला बाईपास रोड पर एक भीषण सड़क हादसे ने सबको झकझोर दिया। डीएवी पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और भाजयुमो महामंत्री जितेंद्र सिंह बिष्ट को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। जिसमे उनकी मौत हो गई। हादसा सेंट ज्यूड्स स्कूल के पास उस समय हुआ जब जितेंद्र अपने साथी ऋतिक के साथ सड़क किनारे खड़े थे।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, ऋतिक को वेलमेड अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने कुछ दूरी पर कार को बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि हादसे में शामिल वाहन पास की एक वर्कशॉप से मरम्मत के बाद निकला था। पुलिस ने वर्कशॉप के मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जितेंद्र बिष्ट वर्ष 2018 में एबीवीपी समर्थित छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे और वर्तमान में भाजयुमो के महानगर महामंत्री के रूप में सक्रिय थे। उनके असामयिक निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर है।
मेयर सौरभ थपलियाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, भाजपा नेता रविन्द्र जुगरान सहित विभिन्न दलों और संगठनों ने जितेंद्र के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। वे अपने पीछे डेढ़ साल के छोटे बच्चे और शोकाकुल परिवार को छोड़ गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा — सरकार वनकर्मियों के कठिन हालात और सेवाओं को समझती है, अब दूरस्थ चौकियों पर कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगी राहत
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए हुए है। इसी क्रम में वन विभाग के अंतर्गत दुर्गम क्षेत्रों में तैनात वन कर्मियों को अब आवासीय भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारे वनकर्मी प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा और वन्यजीवों की रक्षा में दिन-रात कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं। दूरस्थ और दुर्गम चौकियों पर तैनाती के दौरान उन्हें अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है। ऐसे में उनके परिवार के लिए अलग से आवास व्यवस्था करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होती है। सरकार ने इस कठिनाई को समझते हुए यह निर्णय लिया है कि दुर्गम क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी सामान्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां तैनात वन कर्मियों को आवासीय भत्ता अनुमन्य किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय उन वनकर्मियों के लिए राहत लेकर आएगा जो जंगलों की सुरक्षा में लगातार जुटे रहते हैं। शासन द्वारा वित्त विभाग की सहमति से ऐसे दुर्गम क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां यह सुविधा लागू होगी।
वन विभाग के कर्मचारियों ने इस निर्णय पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से उन्हें अपने परिवारों की देखभाल करने में सहूलियत मिलेगी और वे राज्य की वन संपदा की रक्षा में और अधिक मनोयोग से कार्य कर सकेंगे।
हाइब्रिड क्लासरूम, ई-विद्या चैनल और वर्चुअल लर्निंग ऐप के जरिए हर गांव तक पहुँचेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा (देहरादून) में आयोजित कार्यक्रम में समग्र शिक्षा उत्तराखंड द्वारा विद्यालयी शिक्षा में आईसीटी योजना के तहत 840 राजकीय विद्यालयों में हाइब्रिड मोड में संचालित वर्चुअल एवं स्मार्ट कक्षाओं के केन्द्रीयकृत स्टूडियो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की यह ऐतिहासिक पहल प्रदेश के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल तकनीक, वर्चुअल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से अनेक नई संभावनाएँ खुली हैं। इन नवाचारों से पाठ्यक्रम अधिक रोचक और सरल हुआ है तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधा संवाद कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में स्थापित किया गया है और 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। अब विद्यार्थी उत्तराखंड वर्चुअल लर्निंग एप्लीकेशन के माध्यम से घर बैठे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और स्वयं मूल्यांकन भी कर पाएंगे। इसके माध्यम से उन्हें देश व राज्य के श्रेष्ठ शिक्षकों से सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा पहुँचाने के लिए 5 पीएम ई-विद्या चैनल भी संचालित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 6 से 12 तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड के 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण पर भेजा जा रहा है। राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में 8 ट्रेडों में व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ की गई है, जिससे 42 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। पहली बार 12वीं के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेलों का आयोजन हुआ, जिनसे 146 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ है। इस पहल की सराहना केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहाँ राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (State Curriculum Framework) तैयार की गई है। विद्यालयों में ‘बस्तारहित दिवस’ को शामिल किया गया है तथा स्थानीय भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं में पुस्तकें तैयार की गई हैं। थारू, बोक्सा और रवांल्टी भाषाओं में शब्दकोश भी बनाए जा रहे हैं। ‘हमारी विरासत’ पुस्तक के माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भारत की संस्कृति, लोक परंपरा और महान विभूतियों से परिचित कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रही है। इसके तहत आईसीटी योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण संसाधनों और वर्चुअल कक्षाओं से जोड़ा गया है। उत्तराखंड ने देश में सर्वप्रथम इस नीति को लागू किया और वर्ष 2022 में ‘बाल वाटिका’ की शुरुआत की। राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की गई हैं और कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरु, महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से राज्यभर के विद्यालयों के विद्यार्थी और अन्य लोग उपस्थित रहे।
जन्म से ही बेटियों का सशक्तिकरण जरूरी- रेखा आर्या
प्रदेश के सभी 13 जनपदों और ब्लॉकों की बोर्ड टॉपर्स सम्मानित
देहरादून। शनिवार को मुख्यमंत्री और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री ने पूरे प्रदेश के सभी जिलों से आई 2024 और 2025 की बोर्ड परीक्षाओं में अव्वल रही 326 मेधावी बालिकाओं को पुरस्कार स्वरूप मोबाइल फोन भेंट किया। मुख्य सेवक सदन, गढ़ी कैंट में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि साल 2013 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत अब तक प्रदेश की कुल 2029 मेधावी बालिकाएं तकनीकी रूप से सशक्त बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बालिकाओं, महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास में जुटी है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के उस विचार का उल्लेख किया, जिसमें समाज की प्रगति को महिलाओं की प्रगति से मापने पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बेटियों के सशक्तिकरण और आर्थिक आजादी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश की बेटियों को चुनौतियों का सामना करते हुए खुद अपने रास्ते गढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी बालिकाओं को रोटी कपड़ा और मकान जैसी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनना होगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में लैंगिक असमानता की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण की व्यवस्था कर उनके लिए अवसर बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू करके हर महिला को बराबरी का अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, राज्य मंत्री प्रताप सिंह पवार, उपनिदेशक विक्रम सिंह, परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सतपुली (पौड़ी)। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने जिलाधिकारी पौड़ी और वन विभाग के अधिकारियों से बात कर एकेश्वर व पोखड़ा ब्लॉक के गुलदार प्रभावित गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए पर्याप्त संख्या में तत्काल पिंजरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने शनिवार को जिलाधिकारी पौड़ी और वन विभाग के अधिकारियों से बात कर पोखड़ा विकासखण्ड के डयूला, देवकुंडई एवं आसपास के इलाकों और ऐकेश्वर ब्लॉक के गांवों में गुलदार को पकड़ने के लिए प्रभावित गांव में पर्याप्त संख्या में तत्काल पिंजरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्रीय विधायक महाराज का कहना है कि वन विभाग स्थिति पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है और गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने के लिए वन विभाग के कार्मिकों को ट्रेंकुलाइजर गन दी गई हैं, गश्त बढ़ा दी गई है और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरे भी लगाये जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
राज्यपाल और CDS ने किया वीरों का सम्मान
देहरादून। मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया के तत्वावधान में शनिवार को जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट, देहरादून में “देवभूमि मेगा पूर्व सैनिक रैली” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान सहित अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। रैली में प्रदेशभर से आए 5000 से अधिक पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया।
राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों को बताया ‘राष्ट्रीय संपत्ति’
अपने संबोधन में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पूर्व सैनिकों को “राष्ट्रीय संपत्ति” बताते हुए उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने हाल ही में धराली में आई भीषण आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक प्रकट किया और शहीद 14 राजपुताना राइफल्स के जवानों को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने कहा कि, “भारतीय सेना के वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है।” उन्होंने सेना और राज्य प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की सराहना की, जिनकी बदौलत आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र सामान्य स्थिति बहाल हुई।
राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड आने वाले समय में एक सशक्त व आपदा-प्रबंधन में सक्षम राज्य बनकर उभरेगा। उन्होंने पूर्व सैनिकों, सैनिकों, नौसैनिकों और वायु सैनिकों के समर्पण और देशभक्ति को नमन करते हुए शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वीर नारियों और विकलांग पूर्व सैनिकों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने “वॉर वूंडेड फाउंडेशन” के अध्यक्ष ले. जनरल असित मिस्त्री (से.) और ब्रिगेडियर हरचरण सिंह (से.) की टीम की सराहना की। इस अवसर पर 14 विकलांग पूर्व सैनिकों को मोटराइज्ड स्कूटर प्रदान किए गए।
इसके साथ ही 20 वीर नारियों को भी सम्मानित किया गया और उनके बलिदान को नमन किया गया। राज्यपाल ने “वेटरन्स अचीवर्स अवार्ड” पाने वाले विजेताओं को बधाई देते हुए उन्हें समाज और पूर्व सैनिक कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहने का आह्वान किया।
CDS जनरल अनिल चौहान ने की पूर्व सैनिकों की सराहना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि उत्तराखंड “वीरों की भूमि” है, जिसने हर युद्ध और संकट में राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाएं तेजी से आधुनिक तकनीक और युद्ध प्रणाली की ओर अग्रसर हैं। CDS ने कहा, “हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का खतरा बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने पूर्व सैनिकों की निःस्वार्थ सेवा, अनुशासन और देशभक्ति की सराहना करते हुए युवाओं से उनसे प्रेरणा लेने की अपील की।
देहरादून में बनेगा ‘इंटीग्रेटेड वेटरन्स वेलनेस एंड सेवा केंद्र’
CDS ने घोषणा की कि देहरादून मिलिट्री स्टेशन में “इंटीग्रेटेड वेटरन्स वेलनेस एंड सेवा केंद्र” स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र पूर्णतः तकनीक-आधारित होगा और पूर्व सैनिकों की सुविधा एवं कल्याण के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया इस परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करेगा।
5000 से अधिक पूर्व सैनिक हुए शामिल, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध
इस मेगा रैली में 21 कंपनियों द्वारा जॉब फेयर, बैंकिंग सेवाएं, राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित स्टॉल और निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाए गए।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, ले. जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता (जीओसी-इन-सी सेंट्रल कमांड), ले. जनरल डी.जी. मिश्रा (जीओसी उत्तर भारत एरिया), और मेजर जनरल एम.पी.एस. गिल (जीओसी उत्तराखंड सब एरिया) सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन सम्मान और संकल्प के साथ
रैली के अंत में राज्यपाल और CDS ने पूर्व सैनिकों व वीर नारियों से मुलाकात की और केंद्र व राज्य सरकार की ओर से उनके निरंतर समर्थन और सेवा के संकल्प को दोहराया। रैली का माहौल गर्व, देशभक्ति और प्रेरणा से ओतप्रोत रहा, जिसने देवभूमि उत्तराखंड की वीर परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने रिलीज़ होते ही दर्शकों के बीच तहलका मचा दिया है। इसकी अनोखी कहानी, लोककथाओं से जुड़ी जड़ें और भारतीय संस्कृति की झलक ने इसे सभी भाषाओं में दर्शकों के लिए खास बना दिया। पहले ही हफ्ते में फिल्म ने 300 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली और अब तक वर्ल्डवाइड कुल कमाई 451 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
शानदार ओपनिंग और लगातार बढ़ती कमाई
फिल्म के पहले दिन ने ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। पहले दिन 61.85 करोड़ रुपये की कमाई के साथ कन्नड़ वर्ज़न ने 19.6 करोड़, हिंदी ने 18.5 करोड़, तेलुगु ने 13 करोड़, तमिल ने 5.5 करोड़ और मलयालम वर्ज़न ने 5.25 करोड़ का योगदान दिया। शुक्रवार को थोड़ी गिरावट के बावजूद कमाई 45.4 करोड़ रही। शनिवार और रविवार को दर्शकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और क्रमशः 55 करोड़ और 63 करोड़ रुपये कमाए गए।
पहले सप्ताह का सक्सेस रिकॉर्ड
पहले हफ्ते के दौरान फिल्म ने दर्शकों को लगातार जोड़े रखा। सोमवार को 31.5 करोड़, मंगलवार को 34.25 करोड़, बुधवार 25.25 करोड़ और गुरुवार 21.15 करोड़ रुपये की कमाई हुई। नौवें दिन तक फिल्म ने अतिरिक्त 14.15 करोड़ रुपये जोड़कर भारत में कुल कलेक्शन 351.55 करोड़ रुपये तक पहुंचा लिया।
वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड और तुलना
‘कांतारा चैप्टर 1’ ने साउथ की सुपरहिट फिल्म ‘ओजी’ (308 करोड़) को पीछे छोड़ते हुए अब तक 451 करोड़ रुपये की वर्ल्डवाइड कमाई कर ली है। अब फिल्म की निगाह रजनीकांत की ‘कुली’ (675 करोड़) पर है।
कहानी और प्रदर्शन का जादू
फिल्म की सफलता की सबसे बड़ी वजह इसकी कहानी में निहित लोककथा और आस्था है। दर्शक अपनी जड़ों से जुड़े अनुभव के साथ फिल्म का रोमांच महसूस कर रहे हैं। इसके साथ ही जबरदस्त एक्शन और रोमांचक सीन्स ने इसे और भी आकर्षक बनाया है। ऋषभ शेट्टी का निर्देशन और अभिनय फिल्म को विशेष बनाता है और दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखता है।
अन्य फिल्मों की हालत फीकी
वहीं, बॉक्स ऑफिस पर वरुण धवन और जान्हवी कपूर की ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ का प्रदर्शन ‘कांतारा’ के सामने फीका साबित हुआ। आठवें दिन फिल्म ने सिर्फ 1.66 करोड़ रुपये की कमाई की, और इसका कुल कलेक्शन 40.41 करोड़ रुपये तक ही सीमित रहा।
(साभार)
