मरीजों से ली सेवाओं की जानकारी, अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
डॉ. राजेश कुमार बोले— मरीजों को समयबद्ध और बेहतर इलाज देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
श्रीनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार जनपद प्रवास पर पहुंचे। जनपद प्रवास के दौरान डॉ. राजेश कुमार ने मार्ग में पड़ने वाले श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर, चिकित्सालय भवन, वार्डों और विभिन्न विभागों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल में दी जा रही सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता की जानकारी ली।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने सीटी स्कैन, एमआरआई और कैथ लैब की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कैथ लैब का संचालन नियमित रूप से हो, इसके लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं मिलें, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं समय-समय पर अस्पतालों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं और प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर रैली को किया फ्लैग ऑफ
अपने श्रीनगर प्रवास के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) के अवसर पर मेडिकल कॉलेज परिसर से आयोजित जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और समाज के हर वर्ग को इसके प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि तनावमुक्त जीवन, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक तत्व हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर कैंप और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
नए पीआरओ सेंटर का उद्घाटन एवं स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश
इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज परिसर में एक नए पीआरओ (Public Relations Office) सेंटर का भी उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह केंद्र मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए कार्य करेगा, जिससे उन्हें जानकारी प्राप्त करने और समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकेगी। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना को निर्देश दिए कि ओपीडी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने मेडिकल कॉलेज टीम को ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण जनता को भी समय पर स्वास्थ्य जांच और परामर्श मिल सके।
कफ सिरप प्रकरण पर सख्त रुख–कार्रवाई जारी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने हाल ही में चर्चा में आए कफ सिरप प्रकरण पर भी स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि ड्रग कंट्रोलर के नेतृत्व में राज्यभर में औषधि विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और संदिग्ध दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी जनपदों में एसओपी (Standard Operating Procedure) का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। जो मेडिकल स्टोर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
स्वास्थ्य मंत्री का विशेष फोकस श्रीनगर मेडिकल कॉलेज पर
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का विधानसभा क्षेत्र होने के कारण स्वयं मंत्री का इस संस्थान पर विशेष फोकस रहता है। लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी और मानव संसाधन की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को पहाड़ी क्षेत्र का एक मॉडल मेडिकल संस्थान बनाया जाए।
मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक सुधार का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग निरंतर नीतिगत सुधारों, अवसंरचना विकास और जनजागरूकता पर बल दे रहा है।
जांच अधिकारी नियुक्त, एक माह में शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
देहरादून। हरिद्वार के ग्राम सराय में नगर निगम द्वारा की गई जमीन खरीद में सामने आए घोटाले को लेकर सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। तत्कालीन डीएम कर्मेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त वरुण चौधरी और एसडीएम अजयवीर सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। गृह विभाग ने इसे लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एसडीएम अजयवीर सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। उन्हें पहले ही निलंबित किया जा चुका है और आरोपपत्र जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया गया था। 16 सितंबर को उन्होंने लिखित रूप में सभी आरोपों से इंकार किया था।
अब शासन ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव (आईएएस) को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह और नगर आयुक्त वरुण चौधरी की जांच की जिम्मेदारी सचिव सचिन कुर्वे (आईएएस) को सौंपी गई है।
गौरतलब है कि इस जमीन घोटाले में सरकार पहले ही दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी सहित 12 अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित कर चुकी है। बताया जा रहा है कि नगर निगम ने ग्राम सराय में अनुपयुक्त 2.3070 हेक्टेयर जमीन 54 करोड़ रुपये में खरीदी थी, जो कूड़े के ढेर के पास स्थित थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी अधिकारी यदि गलत पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
आनंद के पास वापसी की उम्मीद
नई दिल्ली। सेंट लुई में चल रहे क्लच शतरंज लीजेंड्स टूर्नामेंट में रूस के ग्रैंडमास्टर गैरी कास्पारोव ने भारत के महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। पांचवें दिन के मुकाबलों के बाद कास्पारोव अब 8.5-3.5 की बढ़त के साथ अंतिम दिन से पहले पांच अंकों की बढ़त बना चुके हैं।
पहले गेम में समय की गलती ने छीनी जीत
पहली बाजी में आनंद बेहतर स्थिति में थे, लेकिन समय प्रबंधन में चूक के कारण वह जीत से चूक गए। उन्होंने कहा, “पहले गेम में मेरे पास एक मिनट 26 सेकंड थे और फिर पता नहीं क्या हुआ। मुझे घड़ी बार-बार देखनी चाहिए थी, लेकिन पूरी तरह भूल गया।”
ब्लिट्ज मुकाबलों में कास्पारोव का दबदबा
दिन के दो ब्लिट्ज मुकाबलों में कास्पारोव ने पहला गेम जीत लिया, जबकि दूसरा ड्रॉ रहा। तीसरे गेम में आनंद ने शुरुआती गलती की, जिससे केवल 18 चालों में हार माननी पड़ी।
अभी भी है वापसी की उम्मीद
इस टूर्नामेंट में कुल 12 बाजियां खेली जाएंगी और चार अभी बाकी हैं। अंतिम दिन हर जीत पर तीन अंक दिए जाएंगे। ऐसे में आनंद के पास वापसी और खिताब जीतने का मौका अभी भी मौजूद है।
मुख्यमंत्री बोले— सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए उत्तराखंड को बनाया जा रहा है मॉडल स्टेट
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय में इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस (IASSI) के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वार्षिक अधिवेशन के विभिन्न सत्रों में सामाजिक कल्याण, अर्थशास्त्र, रोजगार, उद्योग, कृषि, तकनीकी, पर्यावरण और नगरीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश-विदेश के प्रख्यात विद्वान सार्थक विचार-विमर्श करेंगे। यह चिंतन-मंथन सामाजिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-कल्याण के ठोस उपायों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ निरंतर प्रगति कर रहा है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों नागरिक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे और प्लास्टिक मुक्त भारत जैसे अभियान पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सामाजिक न्याय और सतत विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि, पति-पत्नी दोनों को पेंशन की सुविधा और पेंशन योजनाओं में मासिक भुगतान जैसी पहलें इसी दिशा में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखते हुए एक सुरक्षित व न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन के लिए त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति लागू की है।
उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा क्रांति अभियान, स्मार्ट सिटी मिशन और शहरी आजीविका योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों को सशक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग द्वारा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य सरकार ने सामाजिक विकास को सशक्त बनाने के लिए टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के साथ महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।
टाटा ट्रस्ट के सहयोग से जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य हो रहा है, वहीं नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के साथ एआई, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, पायथन, जनरेटिव एआई और कौशल विकास के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नवाचारों के माध्यम से उत्तराखंड को सस्टेनेबल डेवलपमेंट का मॉडल स्टेट बनाया जाएगा।
इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, आईएएसएसआई अध्यक्ष एवं नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी, प्रो. आर.पी. ममगांई, प्रो. आई.सी. अवस्थी, प्रो. अलख शर्मा सहित अनेक विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने परिजनों को सौंपे चेक, कहा — कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उपनल के माध्यम से सेवारत तीन कार्मिकों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु होने के उपरांत उनके आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए। उपनल के माध्यम से कार्यरत विद्युत वितरण खंड जसपुर के बृजेश कुमार (जनवरी 2025), ब्रिडकुल देहरादून के तसलीम (नवंबर 2024) तथा विद्युत वितरण खंड हरिद्वार के संजीव कुमार (फरवरी 2025) की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हो गई थी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उपनल, सरकारी एवं अर्द्धसरकारी कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बैंकों के साथ कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज के तहत कई सुविधाएं और बीमा लाभ उपलब्ध कराए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिजनों को सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने उपनल कर्मचारियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पंजाब नेशनल बैंक का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी आर्थिक सहायता मानव जीवन की कमी को पूर्ण नहीं कर सकती, किंतु यह कठिन समय में परिवार को संबल अवश्य देती है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कर्मचारियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण के साथ कठिन परिस्थितियों में उनके परिवारों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार द्वारा अनेक नवाचार किए जा रहे हैं और कर्मचारियों के हितों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, मेजर जनरल (से.नि.) शम्मी सबरवाल, उपनल के एमडी जे.एन.एस. बिष्ट, पंजाब नेशनल बैंक के जोनल हेड अनुपम, डिप्टी जनरल मैनेजर अभिनंदन तथा एजीएम अजीत कुमार उपाध्याय उपस्थित रहे।
फोकस करने बैठते ही आने लगती है नींद? हो सकता है यह आलस नहीं, शरीर में पोषक तत्वों की कमी का हो संकेत
कई बार ऐसा होता है कि जैसे ही हम किसी जरूरी काम पर ध्यान केंद्रित करने बैठते हैं — खासकर पढ़ाई या ऑफिस के काम के दौरान — अचानक आलस और नींद हावी होने लगती है। कुछ देर तक फोकस बनाए रखना मुश्किल हो जाता है, आंखें भारी हो जाती हैं और दिमाग सुस्त पड़ जाता है। अगर यह समस्या कभी-कभार हो तो चिंता की बात नहीं, लेकिन अगर यह स्थिति रोजाना बनी रहती है, तो यह केवल आलस नहीं बल्कि शरीर के भीतर किसी कमी का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार नींद और थकान महसूस होना अक्सर आयरन या विटामिन डी की कमी (Deficiency) से जुड़ा होता है। जब शरीर में ये पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं होते, तो एनर्जी लेवल गिर जाता है और दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके परिणामस्वरूप ब्रेन फॉग, ध्यान भटकना और बार-बार नींद आना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
जब शरीर में आयरन की मात्रा कम हो जाती है, तो लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण घट जाता है। इससे दिमाग और शरीर के अन्य हिस्सों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति थका हुआ और नींद से भरा महसूस करता है। इसी तरह विटामिन डी की कमी भी शरीर की ऊर्जा और मूड दोनों को प्रभावित करती है, जिससे दिनभर सुस्ती और काम में अरुचि बनी रहती है।
अनियमित नींद और डाइट भी बड़ा कारण
थकान और नींद की समस्या केवल पोषक तत्वों की कमी से ही नहीं, बल्कि गलत दिनचर्या से भी बढ़ती है।
यदि आप रोजाना पूरी नींद (7–8 घंटे) नहीं लेते या देर रात भारी भोजन करते हैं, तो अगले दिन फोकस करना स्वाभाविक रूप से मुश्किल होता है।
इसके अलावा, ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन शरीर में अचानक एनर्जी का उछाल लाता है, जिसके बाद एनर्जी तेजी से गिरती है और नींद हावी हो जाती है।
इन उपायों से करें शुरुआत
हर 45–50 मिनट के अध्ययन या काम के बाद 5 मिनट का ब्रेक जरूर लें।
कमरे को हवादार और रोशनी से भरपूर रखें।
डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, दालें, अंडे और नट्स शामिल करें।
कैफीन पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त पानी पिएं और नींद का रूटीन ठीक रखें।
अगर समस्या बनी रहे तो ब्लड टेस्ट कराकर आयरन, विटामिन डी और बी12 का स्तर जांचें।
कब लें विशेषज्ञ की सलाह
यदि पर्याप्त नींद और संतुलित आहार के बाद भी थकान और नींद की समस्या खत्म नहीं होती, तो यह किसी क्रोनिक बीमारी जैसे हाइपोथायरायडिज्म या एनीमिया का संकेत हो सकती है।
इसलिए देर न करें — डॉक्टर या डायटिशियन से परामर्श लेकर सही जांच और उपचार करवाएं। सही समय पर ध्यान देने से न केवल फोकस बढ़ेगा, बल्कि आपकी सेहत और कार्यक्षमता दोनों में सुधार होगा।
(साभार)
139 दिन चली हेमकुंड साहिब की यात्रा, दो लाख 72 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चमोली। हेमकुंड साहिब के कपाट आज दोपहर एक बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। पिछले दिनों हुई बर्फबारी से क्षेत्र पूरी तरह बर्फ की चादर से ढक गया है।
इस साल हेमकुंड साहिब में अंतिम अरदास शुक्रवार को सम्पन्न हुई। कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह 10 बजे सुखमणी साहिब के पाठ से शुरू हुई और दोपहर एक बजे गुरुद्वारा ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा की देखरेख में शीतकाल के लिए समाप्त हुई। कीर्तन और गुरुग्रंथ साहिब के सुशोभित होने के बाद श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी दोपहर 12:31 बजे बंद कर दिए गए। यह मंदिर और हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा एक ही परिसर में स्थित हैं। इस साल हेमकुंड साहिब में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख 72 हजार तक पहुंची।
इस वर्ष हेमकुंड साहिब की यात्रा 25 मई से शुरू हुई थी और 10 अक्टूबर को समाप्त हुई, यानी कुल 139 दिन चली।
फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ बीते गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। रिलीज़ के पहले ही दिन इसे ऋषभ शेट्टी की हिट फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ जैसी बड़ी फिल्मों से मुकाबला करना पड़ा। हालांकि, इस चुनौती के बावजूद ‘सनी संस्कारी…’ दर्शकों के बीच टिकती हुई नजर आई, लेकिन कलेक्शन की गति थोड़ी धीमी रही। आइए जानते हैं फिल्म ने आठ दिनों में कैसा कारोबार किया।
औसत शुरुआत, फिर धीरे-धीरे बढ़ी कमाई
फिल्म ने पहले दिन 9.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। दूसरे दिन यह आंकड़ा 5.5 करोड़ रुपये रहा। सप्ताहांत ने फिल्म को थोड़ी राहत दी, शनिवार को 7.5 करोड़ और रविवार को 7.75 करोड़ रुपये कमाए। हालांकि सप्ताह के दौरान फिल्म की कमाई में गिरावट देखने को मिली, फिर भी यह लगातार करोड़ में कलेक्शन कर रही है।
लागत वसूलना अभी बाकी
आठवें दिन फिल्म ने 2 करोड़ रुपये कमाए, जिससे इसका कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 40.75 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। फिल्म का बजट लगभग 60 करोड़ रुपये था, इसलिए अब भी पूरी लागत वसूलने में फिल्म को समय लगेगा।
स्टार कास्ट और निर्देशन
फिल्म में वरुण धवन और जान्हवी कपूर लीड रोल में हैं। रोहित सराफ और सान्या मल्होत्रा भी अहम भूमिकाओं में नजर आए। फिल्म का निर्देशन शशांक खेतान ने किया है। अगर फिल्म अपनी मौजूदा गति बनाए रखती है, तो धीरे-धीरे बजट निकालने में सफल हो सकती है।
(साभार)
मुख्य सचिव ने उद्योगों को बेहतर माहौल और त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून। राज्य सरकार ईएसआईसी अस्पताल खोलने के लिए मानकों में ढील देने की योजना बना रही है। प्रस्ताव जल्द ही क्षेत्रीय परिषद को भेजा जाएगा। मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन ने उद्योगों को बेहतर माहौल देने और उनसे जुड़े मामलों के त्वरित निपटान के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में उद्योगों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगों और उद्यमियों से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए राज्य एवं जिला स्तरीय उद्योग मित्र समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएँ। तात्कालिक मामलों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उद्यमियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुना गया और कई महत्वपूर्ण प्रकरणों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए। सचिव वित्त दिलीप जावलकर की उपस्थिति में जीएसटी से जुड़ी नई व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई और समस्याओं का समाधान सुझाया गया।
इसके अलावा, ईएसआईसी अस्पताल खोलने के मानकों में ढील देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। देहरादून में आवश्यक भूमि की व्यवस्था करने और उद्योगों के लिए बिजली, लॉजिस्टिक व अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में गृह, उद्योग और अन्य संबंधित विभागों के सचिव तथा उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अजय राय ने मायावती को कहा “बीजेपी की बी टीम”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि वह बीजेपी की मदद कर विपक्षी वोटों को तोड़ रही हैं। राय ने मायावती को कांशीराम की विचारधारा को बेचने, दलितों और मुसलमानों के मुद्दों पर चुप रहने और अपनी हालिया रैली के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है।
अजय राय ने मायावती पर बीजेपी की “बी टीम” होने का गंभीर आरोप लगाया है। राय के अनुसार, लखनऊ में मायावती की रैली बीजेपी द्वारा फंडेड और प्रायोजित थी, जिसमें सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर भीड़ जुटाई गई। कांशीराम की पुण्यतिथि पर राय ने कहा कि मायावती ने दलितों और वंचितों के लिए कांशीराम के संघर्ष और उनकी विरासत को नष्ट कर दिया। राय ने रायबरेली, बरेली और बहराइच में दलित और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हुई घटनाओं पर मायावती की चुप्पी को भी गंभीर मुद्दा बताया।
इसके अलावा, राय ने दावा किया कि मायावती की सक्रियता का उद्देश्य केवल उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव में दलित वोट बैंक को बांटकर “इंडिया” गठबंधन को कमजोर करना है।
