मुख्यमंत्री ने 8,589 करोड़ की जल निकासी योजना और बाह्य सहायतित परियोजनाओं की स्वीकृति की मांग की
देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट कर उत्तराखंड से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को जीएसटी सुधारों के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए राज्य को मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि राज्य के शहरी क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या के कारण नगरीय जल निकासी प्रणाली के सुधार और अपग्रेडेशन की आवश्यकता है। राज्य के 10 सर्वाधिक वर्षा प्रभावित जिलों के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के उन्नयन की डीपीआर तैयार की गई है, जिसकी अनुमानित लागत 8,589.47 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री ने बाह्य सहायतित परियोजनाओं (EAPs) की शीघ्र स्वीकृति का भी अनुरोध किया। इनमें उत्तराखंड क्लाइमेट रिज़िलीअन्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना (850 करोड़) और जलापूर्ति सुधार परियोजना (800 करोड़) शामिल हैं।
उन्होंने वर्ष 2023-24 से 2025-26 के लिए 4 अन्य प्रमुख परियोजनाओं—2000 करोड़ की जल एवं स्वच्छता नगरीय अवसंरचना विकास परियोजना, 424 करोड़ की डीआरआईपी-III, 3638 करोड़ की उत्तराखंड क्लाइमेट रेसिलिएंट पॉवर ट्रांसमिशन परियोजना और 1566 करोड़ की पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन सुधार परियोजना—की शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री धामी ननूरखेड़ा से करेंगे राज्यव्यापी वर्चुअल क्लास नेटवर्क का शुभारंभ
देहरादून। सूबे के 840 राजकीय विद्यालय वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जुड़ेंगे। जिससे इन विद्यालयों में हाईब्रिड मोड़ के तहत वर्चुअल और स्मार्ट क्लास दोनों का संचालन किया जायेगा। इस अभिनव पहल का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 11 अक्टूबर (शनिवार) को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी लैब से करेंगे। शुभारम्भ कार्यक्रम की पुख्ता तैयारियों के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के सुधार के लिए कई कदम उठा रही है। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये जहां शिक्षा का डिजिटलीकरण किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की कमी दूर की जा रही है। इसके अलावा स्कूलों को साधन सम्पन्न भी बनाया जा रहा है। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश के नौनिहालों को उच्च स्तरीय व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करने के लिये सरकार ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। जिसके तहत राज्य के 840 राजकीय विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ा गया है। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 11 अक्टूबर (शनिवार) को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी लैब से करेंगे।
डॉ. रावत ने बताया कि योजना के शुभारम्भ अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति विद्यालयों में सुनिश्चित करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि इस अवसर स्थानीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगमों के मेयर व निकायों के अध्यक्ष सहित अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करेंगे। डॉ. रावत ने बताया कि इस अभिनव पहल के तहत इन विद्यालयों में हाइब्रिड मोड में शिक्षण व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत वर्चुअल और स्मार्ट क्लास दोनों माध्यमों में कक्षाओं का संचालन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में डिजिटल प्रसारण हेतु भारत सरकार की आईसीटी योजना के तहत राजीव गांधी नवोदय विद्यालय रायपुर में दो केन्द्रीय स्टूडियो का निर्माण किया गया है। जिनके माध्यम से कक्षाओं का सजीव प्रसारण किया जायेगा। इस दौरान छात्र-शिक्षक के मध्य दो तरफा संवाद भी हो सकेगा। डॉ. रावत ने बताया कि विद्यालयों के वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जुड़ने से सीमांत एवं अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक भी आधुनिक शिक्षण सुविधाएं पहुंच सकेंगी और उनकी सीखने की क्षमता में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि वर्चुअल क्लास नेटवर्क का परीक्षण कर लिया गया है, अब सभी विद्यालयों में कक्षा का सजीव प्रसारण हो सकेगा, साथ ही विभाग द्वारा शुरू किये गये ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम का प्रसारण भी इसी के माध्यम से विद्यालयों में किया जाएगा।
बॉक्स
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रत्येक जनपद में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ा गया है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद के 71 विद्यालय, बागेश्वर 29, चमोली 68, चम्पावत 54, देहरादून, 55, हरिद्वार 53, नैनीताल 64, पौड़ी 103, पिथौरागढ़ 80, रूद्रप्रयाग 53, टिहरी 120, ऊधमसिंह नगर 51 तथा उत्तरकाशी में 39 विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ा गया है।
बयान-
प्रदेशभर के 840 विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। यह पहल न केवल नवाचारपूर्ण है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रत्येक नौनिहाल तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करने की यह पहल निश्चित रूप से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। – डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य पर हुई ध्वस्ती करण की कार्रवाई
देहरादून को सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करना एमडीडीए की शीर्ष प्राथमिकता-बंशीधर तिवारी
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया की सख्त चेतावनी, नियम तोड़ने वालों पर होगी तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माणों पर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के सख्त निर्देशों पर प्राधिकरण की टीम ने कांवली रोड क्षेत्र में चल रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण को ध्वस्त कर दिया। जानकारी के अनुसार संयुक्त सचिव गौरच चटवाल के आदेशों पर श्याम सुन्दर वैश्य द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य किया जा रहा था। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध हिस्से को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अभिजीत थलवाल, सुपरवाइजर सहित पुलिस बल भी मौजूद रहा। एमडीडीए की यह कार्रवाई शहर को योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से विकसित करने की दिशा में एक सख्त संदेश मानी जा रही है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि बिना स्वीकृति या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करने वालों पर अब बख्शिश नहीं की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत– मोहन सिंह बर्निया
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए का मुख्य उद्देश्य देहरादून को सुंदर, स्वच्छ और योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करना है। इसके लिए हर नागरिक को निर्माण से पहले नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा बिना स्वीकृति निर्माण किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण नियमित निरीक्षण अभियान चला रहा है, और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
शहर की सुंदरता और सुव्यवस्था से समझौता नहीं– बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहर की सुंदरता, सुव्यवस्था और नियोजन को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कोई भी व्यक्ति यदि बिना स्वीकृति निर्माण करता है या भूमि काटकर बेचता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि देहरादून को स्मार्ट और सुव्यवस्थित सिटी के रूप में विकसित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। जनता से अपील है कि किसी भी निर्माण से पहले प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत करवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।
एमडीडीए का संदेश स्पष्ट है– अवैध निर्माण पर अब नहीं होगी कोई रियायत, शहर का विकास नियम और व्यवस्था के दायरे में ही होगा।
नवंबर तक काठबंगला प्रोजेक्ट के आवासों का आबंटन पूरा करने के आदेश
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से संबंधित बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को झुग्गियों का पुनः सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2011-12 में किए गए सर्वे में चिन्हित श्रेणी-1 एवं श्रेणी-2 के पात्र लोगों का स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों की सहायता से अभियान चलाकर विनियमन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि झुग्गियों के पुनर्विकास के लिए गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकें आयोजित की जाएं और इसके उपरांत राज्य स्तरीय बैठक का भी शीघ्र आयोजन किया जाए।
मुख्य सचिव ने काठबंगला प्रोजेक्ट में निर्मित आवासों का आबंटन नवंबर 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिव शहरी विकास को इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि भूमि चिन्हीकरण, आबंटन के नियम, आकलन, पात्रता और डीपीआर तैयार करने हेतु सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए और नगर निगम संयुक्त बैठक कर आवश्यक निर्णय लें।
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जयराम रमेश बोले – गाजा में नरसंहार करने वाले नेतन्याहू की प्रशंसा नैतिक रूप से निंदनीय
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेस्ट एशिया शांति पहल की सराहना और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ करने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इसे “नैतिक रूप से गलत” और “भारत की पारंपरिक विदेश नीति के विपरीत” बताया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा को लेकर हुए हालिया समझौते का स्वागत करते हुए ट्रंप और नेतन्याहू दोनों की प्रशंसा की, जो चौंकाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू की बिना शर्त तारीफ करना शर्मनाक है, क्योंकि वे गाजा में चल रही हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं।
रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार फलस्तीन के स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के भविष्य को लेकर पूरी तरह मौन है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने 1988 में ही फलस्तीन को मान्यता दी थी और अब 150 से अधिक देश उस रुख का समर्थन कर रहे हैं।
दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण का स्वागत करते हुए लिखा कि यह इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का प्रतीक है। पीएम ने उम्मीद जताई थी कि बंधकों की रिहाई और गाजा को मिल रही मानवीय सहायता से क्षेत्र में स्थायी शांति की राह खुलेगी।
इस समझौते को इस्राइल और हमास के बीच अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक प्रगति माना जा रहा है, जिसके तहत संघर्षविराम और बंदियों की रिहाई पर सहमति बनी है।
पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और दलीलों को कोर्ट ने किया खारिज
एसजीआरआर इंटर काॅलेज भोगपुर ही करेगा खेल मैदान का संचालन
कुछ असामाजिक तत्व भ्रम फैलाकर अभी भी मामले की गलत जानकारी कर रहे प्रसारित
देहरादून। एसजीआरआर इंटर कॉलेज भोगपुर की खेल भूमि से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कॉलेज प्रबंधन के पक्ष में निर्णय दिया है। सिविल जज (जूनियर डिविजन) ऋषिकेश की अदालत ने पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और दलीलों को अस्वीकार करते हुए स्पष्ट कहा कि उक्त खेल मैदान (भूमि) का स्वामित्व और संचालन श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज भोगपुर के पास ही रहेगा। अदालत के इस निर्णय से विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय जनता में हर्ष का माहौल है।
गौरतलब है कि वर्ष 1950 में श्री गुरु राम राय दरबार साहिब द्वारा ग्रामीण एवं निर्धन छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से भोगपुर में यह विद्यालय स्थापित किया गया था। इस विद्यालय के लिए तत्कालीन समय में 11.5 बीघा भूमि प्रेमदत्त रतूड़ी के पूर्वजों ने दान दी थी, जिस पर वर्तमान में विद्यालय का खेल मैदान संचालित है। लगभग 75 वर्षों से यह मैदान छात्रों की खेलकूद एवं शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।

विवाद उस समय गहराया जब पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर इस भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया। विद्यालय प्रबंधन और श्री दरबार साहिब की संगत ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और मामले को न्यायालय में ले जाया गया। सुनवाई के दौरान एसजीआरआर प्रबंधन ने सभी वैध दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने पाया कि पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी पक्ष के दावे निराधार हैं और खारिज करने योग्य हैं।
न्यायालय के इस निर्णय से यह स्थापित हो गया कि श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज भोगपुर की खेल भूमि पूर्णतः एसजीआरआर संस्था के अधिकार क्षेत्र में रहेगी। अदालत के फैसले के बाद स्कूल प्रबंधन ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अब भी गलत सूचनाएं फैलाकर भ्रम उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए आमजन को सत्य तथ्यों पर भरोसा करना चाहिए। इस निर्णय ने न केवल शिक्षा संस्थान की प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखा है, बल्कि समाज में न्याय और सत्य की विजय का उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
पवन कल्याण अभिनीत फिल्म ‘दे कॉल हिम ओजी’ ने रिलीज़ होते ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। ओपनिंग डे पर ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 63.75 करोड़ रुपये की कमाई कर धमाका किया। दो हफ्तों में, फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 186.66 करोड़ रुपये की कमाई कर लगभग 200 करोड़ के क्लब में शामिल होने की कगार पर पहुँच गई है।
200 करोड़ के क्लब की ओर कदम
फिल्म को सिनेमाघरों में 14 दिन पूरे हो गए हैं। बुधवार को फिल्म ने लगभग 76 लाख रुपये की कमाई की, लेकिन धीरे-धीरे यह आंकड़ा 200 करोड़ के करीब पहुँच रहा है।
वर्ल्डवाइड कलेक्शन में सफलता
‘ओजी’ ने रिलीज़ के 11 दिनों में ही वर्ल्डवाइड कलेक्शन में 300 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। पॉपुलैरिटी का यह स्तर दर्शकों के उत्साह और फिल्म के शानदार कंटेंट को दर्शाता है। हालांकि हाल ही में रिलीज़ हुई ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने थोड़ी रफ्तार कम कर दी है।
फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट
फिल्म का निर्देशन सुजीत ने किया है और इसमें पवन कल्याण के साथ इमरान हाशमी, प्रकाश राज, श्रेया रेड्डी और प्रियंका मोहन अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म की तेज़ रफ्तार कहानी, दमदार एक्शन और स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस ने इसे बड़े स्तर पर हिट बना दिया है। खास बात यह है कि इमरान हाशमी ने इस फिल्म में साउथ में डेब्यू किया और विलेन की भूमिका में अपनी दमदार एक्टिंग का जलवा दिखाया।
(साभार)
देहरादून- प्रदेश भर में नगर निकायों की तरह अब पंचायतों में भी कूड़ा उठान की व्यवस्था करने के लिए पंचायती विभाग ने अब अपना मॉडल तैयार किया है। इस बात को लेकर उत्तराखंड के पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस मॉडल के अनुसार हमारे कॉम्पैक्टर काम पर लगे हैं जो कूड़े के परिमाण को कम करेंगे और हम जटायु वैक्यूम क्लीनर के जरिए कूड़े को खींचकर उसे अलग करके जैविक और गैर जैविक कूड़े में बांटेंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि हमने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्लास्टिक बोतलों को इकट्ठा कर उन्हें सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा है।
साउथ अफ्रीका को हराकर जीत की हैट्रिक पर होगी भारत की नजर
नई दिल्ली। आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का 10वां मुकाबला आज भारत और साउथ अफ्रीका महिला टीम के बीच खेला जाएगा। टीम इंडिया जीत की हैट्रिक दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरेगी, जबकि लाउरा वोल्वार्ड्ट की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीका टीम भी इस मैच को जीतने के लिए बेताब है।
साउथ अफ्रीका ने अपने पहले मैच में इंग्लैंड से हार का सामना किया, लेकिन न्यूजीलैंड को हराकर टूर्नामेंट में शानदार वापसी की है। अब भारतीय महिला टीम और साउथ अफ्रीका के बीच यह मुकाबला विशाखापत्तनम के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में दोपहर 3 बजे से शुरू होगा।
मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग और प्रसारण:
कहाँ देखें: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क
लाइव स्ट्रीमिंग: जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट
समय: दोपहर 3 बजे
टीमों का प्रदर्शन और H2H रिकॉर्ड:
भारत और साउथ अफ्रीका महिला टीम के बीच अब तक 33 वनडे मैच खेले जा चुके हैं। टीम इंडिया ने 20 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि साउथ अफ्रीका ने 12 मैच जीते हैं। एक मैच का नतीजा नहीं निकला।
दोनों टीमे इस प्रकार है-
टीम इंडिया: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, जेमिमा रॉड्रिग्स, रिचा घोष, उमा छेत्री, रेणुका सिंह ठाकुर, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, श्री चरणी, राधा यादव, अमनजोत कौर, अरूंधति रेड्डी, क्रांति गौड़।
साउथ अफ्रीका: लाउरा वोलवार्ट (कप्तान), अयाबोंगा खाका, क्लो ट्रायॉन, नादिन डी क्लर्क, मारिजन कप, तजमिन ब्रिट्स, सिनालो जाफ्ता, नॉनकुलुलेको एमलाबा, एनेरी डर्कसन, एनेके बॉश, मसाबाता क्लास, सुने लूस, काराबो मेसो, तुमी सेखुखुने, नोंदुमिसो शांगासे।
यह मुकाबला फैंस के लिए बेहद रोमांचक होने वाला है, खासकर तब जब भारत अपनी जीत की राह को मजबूत करने की कोशिश करेगा और साउथ अफ्रीका भी जीत के लिए पूरी ताकत लगाएगी।
कहा – यह महोत्सव राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आईटी पार्क सहस्त्रधारा स्थित नाबार्ड के कार्यालय में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा दो दिवसीय ‘सेब महोत्सव 2.0’ का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनपदों से लगे स्टोलों का भी अवलोकन कर किसानों से संवाद भी किया। नाबार्ड ने पिछले वर्ष भी एक दिवसीय ‘सेब महोत्सव 1.0’ का आयोजन किया था। इस महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य के सेब एवं कीवी उत्पादक कृषकों एवं कृषक उत्पादक संगठनों को ग्राहकों से सीधे जोड़ने के लिए एक मंच प्रदान करना है। इसके पिछले संस्करण की सफलता से प्रेरित होकर इस वर्ष ‘सेब महोत्सव 2.0’ का भी आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने नाबार्ड द्वारा आयोजित इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेब महोत्सव उत्तराखंड के सेब उत्पादकों की मेहनत, नवाचार और कृषि उद्यमिता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह पर्वतीय राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने आगामी सेब महोत्सव में कृषि एवं उद्यान के उत्पादों को लगाने का नाबार्ड के अधिकारियों को कहा।
मंत्री जोशी ने कहा कि नाबार्ड ने उत्तराखंड जैसे राज्य में कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार कृषि के विविधीकरण पर विशेष बल दे रही है। बागवानी, सुगंधित एवं औषधीय पौधों, डेयरी, मत्स्य पालन, रेशम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर आकर्षित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा राज्य में 138 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 20 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। साथ ही, कुल 34 वॉटरशेड एवं स्प्रिंगशेड परियोजनाओं के माध्यम से 11,164 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया गया है, जिससे 5,045 परिवार लाभान्वित हुए हैं। बागवानी आधारित विकास कार्यक्रमों के तहत 4,163 एकड़ भूमि पर सेब, कीवी, अखरोट, आम, अमरूद और अन्य फलों के बाग स्थापित किए गए हैं।
मंत्री जोशी ने बताया कि नाबार्ड ने कृषि के विभिन्न आयामों पर आधारित 20 नवाचार पायलट परियोजनाएं भी शुरू की हैं, जिनमें जैविक उत्पादों की ट्रेसबिलिटी, एक्वापोनिक्स, मोरिंगा आधारित एकीकृत कृषि मॉडल, फार्म टूरिज्म, प्राकृतिक खेती, औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर आधारित मॉडल और शून्य ऊर्जा कूल चैंबर जैसे अभिनव प्रयोग शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका के अवसरों को सृजित करना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।
उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार जिले में नाबार्ड द्वारा 500 किसानों के साथ जैविक खेतों के डिजिटलीकरण की परियोजना संचालित की जा रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के 27 कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6 नाबार्ड के प्रयासों से मिले हैं। वहीं, राज्य सरकार द्वारा दिलवाए गए 18 GI टैग में से 10 GI टैग नाबार्ड से सहायतित एफपीओ को प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार किसान केंद्रित नीतियों को और अधिक सशक्त बनाएगी, बागवानी को प्रोत्साहित करेगी और नाबार्ड जैसे संस्थानों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाएगी। मंत्री जोशी ने कहा कि सेब महोत्सव 2.0 हमारे सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है, जिससे उत्तराखंड को एक सतत और समृद्ध कृषि राज्य के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, जीएम शशि कुमार, डीजीएम संजय कुमार, डीजीएमओ निर्मल कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
