मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल
देहरादून। देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन उत्तराखण्ड, के तहत दीपावली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति, डांडिया उत्सव और दीपावली मेले का विशेष आकर्षण होगा। कार्यक्रम रविवार 12 अक्टूबर 2025 को शाम 5 बजे से चौधरी फार्म हाउस, जी.एम.एस. रोड, देहरादून में आयोजित होगा।
आयोजन समिति के अनुसार यह उत्सव वैश्य समाज को एकजुट करने, सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होगा।मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल होंगे।
आयोजन में प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंघल, प्रदेश महामंत्री रमेश गोयल, प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री लच्छू गुप्ता, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विशाल गुप्ता और महानगर अध्यक्ष निकुंज गुप्ता मिडिया प्रभारी मधु जैन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति, पारंपरिक डांडिया रास और दीपावली मेले में हस्तशिल्प, खानपान स्टॉल और बच्चों के लिये विशेष आकर्षण की व्यवस्था की जाएगी।
कहा— फर्जी वीडियो या झूठी जानकारी फैलाई तो होगी कार्रवाई, सोशल मीडिया पर रखी जा रही कड़ी निगरानी
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और अब मतदान में एक महीने से भी कम समय बचा है। राजनीतिक दल मैदान में उतर चुके हैं और प्रचार-प्रसार को लेकर पूरी ताकत झोंक रहे हैं — चाहे वो सोशल मीडिया के जरिये मतदाताओं तक पहुंचना हो या जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना। इसी बीच चुनाव आयोग ने पार्टियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार एआई तकनीक का इस्तेमाल कर भ्रामक वीडियो, ऑडियो या तस्वीरें साझा न करे। आयोग ने सभी दलों को निर्देश दिए हैं कि यदि वे प्रचार में एआई-जनित या डिजिटल रूप से संशोधित सामग्री का उपयोग करते हैं, तो उसे साफ तौर पर “AI-generated” या “synthetic” बताना अनिवार्य होगा।
सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी
चुनाव आयोग ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई भी पार्टी झूठी या भड़काऊ सामग्री साझा कर चुनावी माहौल को प्रभावित न कर सके। आयोग ने चेतावनी दी है कि एआई टूल्स का गलत इस्तेमाल कर फर्जी या गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह पहली बार नहीं है जब आयोग ने ऐसी चेतावनी दी हो—लोकसभा चुनाव के दौरान भी एआई-जनित सामग्री को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
बिहार चुनाव की रूपरेखा
बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण में 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। इस बार राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें करीब 14 लाख नए युवा मतदाता भी शामिल हैं।
प्रवासी उत्तराखंडियों की संस्था ने धराली-थराली आपदा पीड़ितों के प्रति जताई संवेदना
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड प्रवासियों की लब्ध-प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था गढ़वाल हितैषिणी सभा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में ₹3 लाख 51 हजार का चेक सौंपा। यह सहायता राशि हाल ही में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से धराली और थराली में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रदान की गई।
यह शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में मिला। इसमें सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत, महासचिव पवन कुमार मैठानी, कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह रावत, सांस्कृतिक सचिव एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह नेगी, कार्यकारिणी सदस्य प्रताप सिंह महर और सीमा गुसांई शामिल थे।
सभा महासचिव पवन कुमार मैठानी ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने सभा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी उत्तराखंडियों का यह योगदान मातृभूमि के प्रति गहरा लगाव दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल हितैषिणी सभा हमेशा से आपदा पीड़ितों की सहायता में अग्रणी रही है — चाहे उत्तरकाशी भूकंप हो, केदारनाथ आपदा हो या इस वर्ष की धराली-थराली की प्राकृतिक आपदा।
सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत ने बताया कि इस बार आपदा को देखते हुए सभा ने आपदा राहत कोष स्थापित किया, जिसमें सदस्यों और अन्य सामाजिक संगठनों से ऑनलाइन दान की अपील की गई। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहयोग किया।
सभा कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि सभा को 80G की सुविधा प्राप्त है, जिससे दानदाताओं को आयकर में छूट भी प्राप्त होगी।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए निर्देश, सभी जिलों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी
देहरादून। प्रदेशभर के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के रिक्त 2100 पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के शीघ्र आंगणन तैयार करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापकों के 2100 पदों पर शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि सरकार प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पिछले दो वर्षों से प्राथमिक शिक्षकों की निरंतर नियुक्ति कर रही है। जिसके तहत 3000 से अधिक रिक्त पदों को भरा जा चुका है। जबकि कुछ अभ्यर्थियों द्वारा एनआईओएस डीएलएड को शामिल करने को लेकर न्यायालय में चले जाने के कारण भर्ती प्रक्रिया बाधित हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के उपरांत राज्य कैबिनेट ने बेसिक शिक्षक सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन कर वर्ष 2017 से 2019 एनआईओएस डीएलएड प्रशिक्षुओं को प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल करने के साथ ही सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) के पदों को नियमावली में शामिल कर लिया है। जिससे नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती में इन अभ्यर्थियों को भी मौका मिल सकेगा। डॉ. रावत ने बताया कि प्राथमिक शिक्षकों का जिला संवर्ग होने के कारण भर्ती प्रक्रिया भी जिला स्तर से ही सम्पन्न होनी है। जिसके लिये सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं। ताकि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के शतप्रतिशत पदों को भरा जा सके।
इसके अलावा बैठक में डॉ. रावत ने अधिकारियों को शिक्षकों का त्रिस्तरीय ढांचा तैयार करने, आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये शीघ्र आंगणन तैयार करने, धारा-27 के अंतर्गत शिक्षकों के स्थानांतरण में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन
देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर उत्तराखंड में सात जल विद्युत परियोजनाओं (कुल क्षमता 647 मेगावाट) के विकास एवं निर्माण की स्वीकृति के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गंगा और उसकी सहायक नदियों की निर्मलता, अविरलता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को खेलों के माध्यम से रोजगारपरक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए गौलापार क्षेत्र में लगभग 12.317 हैक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस संबंध में आवश्यक अनुमोदन हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री को सैद्धांतिक सहमति देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन भारत सरकार तन्मय कुमार, उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित रहे।
विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाय: ब्लॉक प्रमुख
जिलाधिकारी का योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर
पौड़ी। विकासखंड पौड़ी के सभागार में बुधवार को प्रथम क्षेत्र पंचायत बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभाग करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने सभी विभागों को जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों से समन्वय करके योजनाओं का क्रियान्वयन करने को कहा।
बैठक में ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है ताकि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। ग्रामीण अंचलों के लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे आमजन को जागरूक कर सकें और योजनाओं का अधिकतम लाभ दिला सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता और शासन-प्रशासन के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि अधिकारी व जनप्रतिनिधि समन्वय के साथ कार्य करें तो विकास कार्यों की गति स्वतः ही तेज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीडीसी की आगामी बैठकों में विभागीय योजनाओं सम्बन्धी ब्रोशर्स व अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का सदस्यों/प्रतिनिधियों में वितरण करवाना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें योजनाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ समय से पारदर्शिता के साथ मिले। उन्होंने सभी विभागों को अनिवार्य रूप से बीडीसी बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी बीडीसी में विचार करने योग्य प्रस्तावों का जरूर संज्ञान लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों द्वारा खाद्यान वितरण, पेंशन प्रकरणों तथा ग्राम स्वच्छता समिति के व्यय में पारदर्शिता संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक कार्यों के लिए सर्वे एवं अनुमान तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। बीडीसी बैठक में अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी।
इसके पश्चात स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के अंतर्गत स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलाधिकारी द्वारा जनप्रतिधियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ शिवमोहन शुक्ला, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, खण्ड विकास अधिकारी सौरभ हांडा, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ वीके यादव, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी, ज्येष्ठ उप प्रमुख अर्चना तोपवाल, कनिष्ठ उप प्रमुख नीरज पटवाल सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्रधानगण व अधिकारीगण उपस्थित थे।
केदारनाथ धाम में लगेगा अत्याधुनिक 33 केवी सब स्टेशन, बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत
देहरादून। केदारनाथ धाम में बिजली आपूर्ति को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) यहां अत्याधुनिक तकनीक से लैस 33/11 केवी सब स्टेशन का निर्माण कर रहा है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि यह नया बिजलीघर केदारनाथ क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को स्थिरता और विश्वसनीयता प्रदान करेगा। परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उनके अनुसार, यह आधुनिक सब स्टेशन 2×5 एमवीए क्षमता का होगा और इसमें नवीनतम सुरक्षा उपकरण, उन्नत नियंत्रण प्रणाली तथा उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इससे प्रतिकूल मौसम या आपात स्थिति में भी बिजली बहाली तुरंत संभव हो सकेगी। एमडी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यूपीसीएल प्रदेश के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक आधुनिक विद्युत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद केदारनाथ धाम की बिजली व्यवस्था और अधिक भरोसेमंद बन जाएगी।
19 आतंकियों के ढेर होने का दावा
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आतंकियों के साथ हुई एक घातक मुठभेड़ में 11 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। शहीदों में लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ और उनके सेकेंड इन कमांड मेजर तैयब राहत भी शामिल हैं। पाकिस्तानी सेना ने बताया कि ओरकजई जिले में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया सूचना मिलने के बाद इलाके को घेरकर कार्रवाई की गई।
मुठभेड़ में सेना ने 19 आतंकियों को भी ढेर करने का दावा किया है। घटना के बाद सेना ने पूरे इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हाल के वर्षों में आतंकवादी हमले बढ़े हैं। टीटीपी और सरकार के बीच 2022 में संघर्ष विराम टूटने के बाद से हमले लगातार बढ़ रहे हैं।
सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 2025 की पहली तीन तिमाहियों में कम से कम 901 लोग आतंकवादी घटनाओं और सैन्य ऑपरेशनों में मारे गए हैं। कुल मौतें अब तक 2414 हो चुकी हैं, जो पिछले साल की पूरी संख्या के लगभग बराबर है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025 पाकिस्तान के लिए दशक का सबसे खूनी साल बन सकता है।
नागपुर में पांच बच्चे अब भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे, परिजन अस्पतालों में डटे हुए
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में तीन और मासूमों की मौत होने के बाद मृतकों की संख्या 20 तक पहुंच गई है। छिंदवाड़ा, पांढुर्ना और बैतूल में इस त्रासदी ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है। पांच बच्चे अभी भी नागपुर के अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक की गिरफ्तारी के लिए टीम चेन्नई और कांचीपुरम भेज दी है।
तीन और बच्चों की मौत, संख्या पहुंची 20
नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान तामिया की धानी डेहरिया (डेढ़ वर्ष), जुन्नारदेव के ज्यांशु यदुवंशी (2 वर्ष) और रीधोरा के वेदांश पवार (ढाई वर्ष) ने दम तोड़ दिया। छिंदवाड़ा में मृत बच्चों की संख्या 17 हो गई है। पांढुर्ना और बैतूल में क्रमशः एक-एक और दो बच्चों की मौत हुई।
सिरप में जहरीले तत्व, लापरवाही सामने आई
जांच में पाया गया कि कुछ निजी चिकित्सकों ने बच्चों को ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ दी थी। सिरप पीने के बाद बच्चों की किडनी फेल होना शुरू हो गई। मेडिकल जांच में सिरप में जहरीले रासायनिक तत्व पाए गए, जिससे कई बच्चों की जान चली गई।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
छिंदवाड़ा जिला प्रशासन ने पांच मेडिकल स्टोर सील कर दिए हैं और संदिग्ध सिरप के सैंपल लैब जांच के लिए भेजे हैं। गांव-गांव में लोगों को आगाह किया जा रहा है कि किसी भी हालत में बच्चों को कफ सिरप न दें।
राजनीति में भी उठे सवाल
कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है, जबकि भाजपा ने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
शोक और भय का माहौल
छिंदवाड़ा जिले के गांवों में बच्चों की मौत से मातम पसरा है। नागपुर में भर्ती बच्चों के परिजन अस्पतालों में लगातार अपने बच्चों के साथ हैं।
जांच समिति गठित
सरकार ने उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति यह पता लगाएगी कि जहरीली सिरप बाजार में कैसे पहुंची और किस स्तर पर लापरवाही हुई। औषधि निरीक्षक दलों को जिले के सभी मेडिकल स्टोरों की दवा जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अक्सर लोग कमर या पैरों में दर्द को सामान्य थकान या दिनभर की भागदौड़ का नतीजा मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह दर्द कई बार शरीर में छिपी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है? यह परेशानी न सिर्फ आपकी दिनचर्या को प्रभावित करती है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने पर चलने-फिरने में दिक्कत और स्थायी नुकसान का कारण भी बन सकती है।
आज की व्यस्त जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत पोस्चर और व्यायाम की कमी—ये सभी कारण इस तरह के दर्द को बढ़ावा देते हैं। हालांकि, सिर्फ जीवनशैली ही नहीं, बल्कि रीढ़ की हड्डी, नसों या रक्त संचार से जुड़ी बीमारियां भी इस दर्द के पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं।
आइए जानते हैं, कमर से पैरों तक दर्द के चार प्रमुख कारण, जिन्हें हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है—
साइटिका (Sciatica)
साइटिका एक ऐसी स्थिति है, जिसमें कमर से लेकर पैरों तक जाने वाली साइटिक नस पर दबाव पड़ता है। इसके कारण तीखा, जलनभरा या चुभन जैसा दर्द महसूस होता है। यह दर्द आमतौर पर एक पैर में ज्यादा होता है और लंबे समय तक बैठने या झुकने पर बढ़ जाता है।
अगर आपको पैर में अचानक झटके जैसा दर्द या झुनझुनी महसूस होती है, तो यह साइटिका का संकेत हो सकता है।
स्लिप डिस्क (Slip Disc)
जब रीढ़ की हड्डियों के बीच की डिस्क अपने स्थान से खिसक जाती है, तो यह आसपास की नसों पर दबाव डालती है। इससे कमर, पैरों या कभी-कभी गर्दन तक दर्द फैल सकता है। साथ ही पैरों या पंजों में झुनझुनी, सुन्नपन या कमजोरी भी महसूस हो सकती है।
यह दर्द झुकने या भारी सामान उठाने पर बढ़ जाता है, इसलिए तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
स्पाइनल स्टेनोसिस (Spinal Stenosis)
उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ की हड्डी की जगह संकरी होने लगती है, जिससे नसें दब जाती हैं। इस स्थिति को स्पाइनल स्टेनोसिस कहते हैं। इसमें व्यक्ति को चलने या लंबे समय तक खड़े रहने पर कमर और पैरों में दर्द होता है, जबकि आराम करने पर राहत मिलती है।
अगर चलते-चलते पैरों में भारीपन या सुन्नता महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (Peripheral Artery Disease – PAD)
यह बीमारी तब होती है जब पैरों की धमनियां संकरी हो जाती हैं, जिससे खून का प्रवाह कम हो जाता है। इसके कारण चलने या व्यायाम के दौरान पैरों में दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस होता है।
आराम करने पर दर्द कुछ देर में ठीक हो जाता है, लेकिन यह हृदय रोग का संकेत भी हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
सावधानी ही सुरक्षा है
अगर आपका दर्द लंबे समय से बना हुआ है या चलने-फिरने में मुश्किल पैदा कर रहा है, तो इसे “साधारण थकान” समझने की भूल न करें। समय पर जांच और उपचार से न केवल दर्द कम किया जा सकता है, बल्कि गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
(साभार)
