आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं। हर उम्र का व्यक्ति कभी न कभी गैस, अपच या पेट फूलने जैसी परेशानी झेलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि पाचन प्रणाली शरीर की नींव है—अगर पेट ठीक है तो शरीर स्वस्थ रहता है। लेकिन गड़बड़ दिनचर्या, जंक फूड और तनाव के कारण पाचन संबंधी विकार तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या लंबे समय में गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है।
क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि खाना खाने के तुरंत बाद पेट भारी और फूला हुआ महसूस हुआ हो? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। दुनियाभर में करोड़ों लोग इसी तरह की दिक्कतों से जूझ रहे हैं।
अच्छी बात यह है कि कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ आपकी पाचन प्रणाली को मजबूत बनाने और पेट की असुविधाओं को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हार्वर्ड प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने ऐसे कुछ फलों और बीजों की सूची बताई है जो पाचन को बेहतर बनाए रखते हैं।
क्यों बढ़ रही हैं पाचन की दिक्कतें?
डॉ. सौरभ सेठी बताते हैं कि आज ज्यादातर पाचन संबंधी परेशानियां हमारी खान-पान की गलत आदतों से जुड़ी हैं।
अत्यधिक तला-भुना खाना
देर रात भोजन करना
फाइबर की कमी
तनाव और नींद की कमी
ये सभी कारण पेट की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि “जो हम खाते हैं, वही हमारे पेट की सेहत तय करता है।” इसलिए सही खानपान अपनाना ही पाचन को मजबूत रखने का सबसे आसान उपाय है।
पाचन को दुरुस्त करने वाले सुपरफूड्स
1. कीवी — पेट के लिए फाइबर और एंजाइम का खज़ाना
कीवी में पाया जाने वाला एक्टिनिडिन एंजाइम प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है, जिससे खाना जल्दी पचता है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज को दूर करता है और आंतों की मूवमेंट को बेहतर बनाता है। साथ ही इसके एंटीऑक्सीडेंट पेट की सूजन और एसिडिटी को कम करते हैं।
2. पपीता — प्राकृतिक पाचन बूस्टर
पपीते में मौजूद पेपेन एंजाइम भारी भोजन को आसानी से पचाता है। यह फल हल्का होता है और कब्ज से राहत दिलाता है। अध्ययन बताते हैं कि रोजाना पपीता खाने से दो हफ्तों में पेट फूलना और अपच की समस्या कम हो सकती है।
3. अनानास — सूजन और गैस का इलाज
अनानास में ब्रोमेलिन एंजाइम होता है जो प्रोटीन को तोड़कर गैस, सूजन और अपच को दूर करता है। यह पेट में हानिकारक बैक्टीरिया को भी नियंत्रित करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।
4. खीरा — ठंडक और हाइड्रेशन का स्रोत
खीरे में 95% पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और मल त्याग को आसान बनाता है। गर्मियों में खीरा खाने से एसिडिटी और पेट की जलन से तुरंत राहत मिलती है।
5. चिया सीड्स — पेट की सफाई के लिए बेहतरीन
फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चिया सीड्स पानी में भिगोकर खाने से जेल जैसा बनते हैं, जो आंतों की सफाई और कब्ज से राहत में मदद करते हैं।
6. सौंफ — हर भारतीय रसोई का पाचन मित्र
सौंफ में मौजूद ऐनेथोल तत्व गैस और पेट फूलने की समस्या को तुरंत कम करता है। यह पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है और खाने के बाद पेट को हल्का रखता है। यही कारण है कि भारतीय परंपरा में सौंफ को भोजन के बाद खाना जरूरी माना गया है।
छोटे बदलाव, बड़ा असर
पेट को स्वस्थ रखने के लिए केवल खाने पर ध्यान देना ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार भी जरूरी है।
भोजन धीरे-धीरे चबाकर खाएं
पर्याप्त पानी पिएं
फाइबर युक्त फल-सब्जियां लें
तनाव कम करें और नियमित व्यायाम करें
अगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में इन प्राकृतिक चीजों को शामिल कर लें, तो पाचन से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।
(साभार)
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से कितने गैर-नागरिकों के नाम हटाए गए, इसकी पूरी जानकारी नहीं दी गई
नई दिल्ली। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर फिर से गंभीर आरोप लगाते हुए बिहार में मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि आयोग इस बारे में खुलकर जानकारी देने में विफल रहा है कि कितने नाम हटाए गए और एसआईआर प्रक्रिया में समानता और निष्पक्षता की कमी है।
कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया होता कि कितने गैर-नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, तो स्थिति और स्पष्ट होती।
जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर चल रही सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट के हस्तक्षेप से मताधिकार से वंचित होने की आशंकाएं कम हुई हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया में सटीकता, समानता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना अभी बाकी है। उन्होंने इस संबंध में प्रकाशित एक समाचार पत्र लेख की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया का विस्तृत विश्लेषण किया गया।
कांग्रेस का यह बयान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों को और अधिक तेज़ करता है और बिहार में मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को नया मोड़ देता है।
महर्षि वाल्मीकि की रचनाओं से हमें सत्य, प्रेम और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण के रचनाकार, आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की रचनाओं से हमें सत्य, प्रेम और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उनके द्वारा दी गई समरसता, सद्भाव तथा मानवता जैसे नैतिक मूल्यों की शिक्षा सदैव प्रेरित करती रहेगी।
ट्रंप बोले – टैरिफ से अमेरिका हुआ मजबूत और दुनिया में फैली शांति
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मई महीने के संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों परमाणु शक्तियों के बीच तनाव को कम करने में “टैरिफ यानी आयात शुल्क” को एक राजनयिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा
“टैरिफ हमारे लिए बहुत प्रभावशाली साधन हैं। ये न केवल अमेरिका को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि युद्ध रोकने में भी मददगार साबित होते हैं। अगर मैंने टैरिफ की ताकत का इस्तेमाल न किया होता, तो आज चार बड़े युद्ध चल रहे होते।”
ट्रंप ने कहा कि उस वक्त भारत और पाकिस्तान दोनों ही “हमले के लिए तैयार” थे, सात विमान गिराए गए थे, लेकिन उनकी कूटनीतिक पहल के बाद हालात शांत हुए। उन्होंने कहा,
“मैं यह नहीं बताना चाहता कि मैंने क्या कहा था, लेकिन जो भी कहा, उसने असर दिखाया। दोनों देश रुक गए — और यह सब व्यापार व टैरिफ की वजह से संभव हुआ।”
भारत का जवाब: संघर्ष विराम हमारी सीधी बातचीत से हुआ
ट्रंप के इस दावे पर भारत पहले भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। नई दिल्ली ने कहा था कि मई में हुआ संघर्ष विराम किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से नहीं, बल्कि दोनों देशों के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच सीधी बातचीत के बाद हुआ था।
भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था। इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था। चार दिन तक चली कार्रवाई के बाद 10 मई को संघर्ष विराम समझौता हुआ।
तब भी ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसका श्रेय लेने की कोशिश की थी, जिस पर भारत ने साफ इनकार किया था।
ट्रंप के ‘सात युद्ध रोकने’ के दावे पर बहस
ट्रंप ने अपने हालिया बयान में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में अब तक सात अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रुकवाया है — जिनमें भारत-पाकिस्तान, कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, कॉन्गो-रवांडा, इस्राइल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया और आर्मेनिया-अजरबैजान शामिल हैं।
उनका दावा है कि इन युद्धों को उन्होंने “ट्रेड और टैरिफ की ताकत” से रोका।
“अगर मेरे पास टैरिफ न होते, तो आज भी चार युद्ध चल रहे होते और रोज़ हजारों लोग मारे जा रहे होते,”
ट्रंप ने कहा।
शिक्षकों की भर्ती पर भी तय होंगे नए मानक
देहरादून। उत्तराखंड में मदरसों को अब केवल धार्मिक शिक्षा देने के लिए भी नई व्यवस्था के तहत मान्यता लेनी होगी। राज्य में नया अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान कानून लागू होने के बाद धार्मिक संस्थानों को शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की नियुक्ति दोनों में निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
नए नियमों के अनुसार, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसे केवल शैक्षिक सत्र 2025-26 तक ही मौजूदा अधिनियम — उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2016 और अरबी एवं फारसी मदरसा मान्यता नियमावली 2019 — के तहत शिक्षा दे सकेंगे।
इसके बाद, शैक्षिक सत्र 2026-27 से धार्मिक शिक्षा जारी रखने के लिए प्रत्येक मदरसे को नए कानून के तहत गठित प्राधिकरण से दोबारा मान्यता प्राप्त करनी होगी। यह मान्यता तीन शैक्षणिक सत्रों के लिए वैध रहेगी, जिसके बाद संस्थानों को इसका नवीनीकरण कराना होगा।
कानून के तहत अब यह भी आवश्यक किया गया है कि संस्थान की भूमि उसकी सोसाइटी के नाम पर दर्ज हो और सभी वित्तीय लेन-देन संस्थान के नाम से खुले बैंक खाते के माध्यम से ही किए जाएं।
इसके साथ ही, कोई भी अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अब अपने छात्रों या कर्मचारियों को किसी धार्मिक गतिविधि में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। वहीं, मदरसों को शिक्षक नियुक्ति के लिए अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान परिषद द्वारा तय योग्यता मानकों का पालन करना होगा।
पहले शिक्षकों की नियुक्ति में इतनी सख्ती नहीं थी, लेकिन अब राज्य सरकार ने पारदर्शिता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की है।
सीएम धामी ने ऑनलाइन कोचिंग क्लास का किया शुभारंभ, बोले — शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही मजबूत होगा नया उत्तराखंड
ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मेले में ‘Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class’ का शुभारंभ किया, जिससे ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर जेईई और नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के तहत की गई पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला ग्रामीण संस्कृति, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का अनूठा मंच है। मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पाद खरीद कर ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को मजबूत करें और महिला उद्यमियों के सपनों में निवेश करें।
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के नए आयाम
मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 1.65 लाख महिलाओं को लखपति बनने का गौरव प्राप्त होने की जानकारी दी। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के माध्यम से महिलाओं द्वारा 2000 से अधिक स्टॉल लगाकर 5.5 करोड़ रुपये का विपणन किया गया। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड से स्वदेशी उत्पादों की वैश्विक पहुंच बनी।
राज्य में 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। महिला किसान सशक्तिकरण योजना और फार्म लाइवलीहुड के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता विकसित की गई है। 2.5 लाख किचन गार्डन स्थापित किए गए और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में लगातार कार्रवाई जारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से अवैध प्लाटिंग, नियम विरुद्ध निर्माण और अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशन में विभिन्न क्षेत्रों में रोजाना कार्रवाई की जा रही है। उपाध्यक्ष स्वयं टीम का नेतृत्व करते हुए मौके पर पहुंचकर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करा रहे हैं। एमडीडीए की यह कार्रवाई शहर को योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि जो भी व्यक्ति बिना स्वीकृति के भूमि काटकर बेचने या निर्माण करने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जौलीग्रांट में एमडीडीए की टीम की कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम ने संजय ग्राम बागी वार्ड संख्या 07, कोठारी मोहल्ला, जौलीग्रांट, देहरादून में स्थित एक अनाधिकृत निर्माण को सील किया। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए के सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, कनिष्ठ अभियंता स्वाति, कनिष्ठ अभियंता प्रवेश नौटियाल और सुपरवाइजर अमर लाल भट्ट पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून को सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करना है। इसके लिए नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण नियमित निरीक्षण अभियान चला रहा है और जहां भी नियम विरुद्ध निर्माण पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहर की सुंदरता, सुव्यवस्था और नियोजन को सुरक्षित रखना है। कोई भी व्यक्ति यदि बिना स्वीकृति निर्माण करता है या भूमि काटकर बेचता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि “देहरादून को स्मार्ट और सुव्यवस्थित सिटी के रूप में विकसित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य है। जनता से अपील है कि किसी भी निर्माण से पहले नक्शा स्वीकृत करवाएं, ताकि बाद में किसी भी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।
राशन डीलर एसोसिएशन और विभागीय अधिकारी के साथ बैठक में मंत्री ने दिए निर्देश
देहरादून। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने राशन डीलरों को होने वाले लाभांश और भाड़े की भुगतान में एकरूपता लाने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने सोमवार को ऑल इंडिया शेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन और विभागीय अधिकारियों के साथ विधानसभा भवन स्थित सभागार में बैठक की।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि अलग-अलग जनपदों में राशन डीलरों को अलग-अलग समय सीमा तक का भुगतान होने की बात सामने आई है । इसलिए अधिकारियों से कहा गया है कि केंद्र से जो भी बजट मिले इसका आवंटन इस तरह किया जाए कि किसी भी जनपद के डीलरों का बैकलॉग बाकी ना रहे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने राशन की दुकानों से दी जाने वाली दाल में में विविधता लाने के निर्देश दिए जिससे लाभार्थियों को सिर्फ एक ही तरह की दाल न मिले। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया कि राशन की दुकान से मिलने वाली दाल का रेट बाजार मूल्य से कम होना चाहिए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने दाल वितरण में डीलर को मिलने वाले कमीशन को बढ़ाने और ई पाॅश मशीनों के खराब होने की दशा में उन्हें ठीक करने वाले इंजीनियरों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ई पाॅश मशीन लागू करने का अभी पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है इसलिए उसमें दिखने वाला डाटा त्रुटि पूर्ण हो सकता है, इस डाटा के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी राशन डीलरों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई करने से बचें।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि एसएफआई लाभांश को एनएसएफए के समान बढ़ाने की मांग शासन में विचाराधीन है और उन्होंने अधिकारियों को इसे दिवाली से पहले मंजूर कराने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी ने राशन डीलरों की मांगो पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के लिए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का आभार जताया।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त चंद्रेश कुमार, अपर आयुक्त पीएस पांगती, डीलर्स फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पंत, अनिल कक्कड़, महामंत्री संजय शर्मा, दिनेश चौहान, धर्मानंद बिजलवान, कुंदन शर्मा, दिनेश चंद्र जोशी आदि मौजूद रहे।
अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को मिलेगा सहयोग : धामी
खेल विवि व महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेजी लाएं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खेल विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को राज्य में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और युवाओं को खेलों के प्रति अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैयार की गई खेल अवसंरचना का नियमित रखरखाव और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य में खेल गतिविधियों को निरंतर गति मिलती रहे।उन्होंने निर्देश दिए कि इन परिसंपत्तियों के अधिकतम उपयोग हेतु राज्यभर में नियमित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में बनने वाले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, जिससे राज्य खेल क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह और भागीदारी बढ़ाने के लिए न्याय पंचायत स्तर से लेकर विधायक, सांसद एवं मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी जैसी प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को भी आवश्यक सहयोग प्रदान करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 39वें राष्ट्रीय खेलों के दृष्टिगत प्रदेश के खिलाड़ियों को और बेहतर प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को समयबद्ध रूप से पुरस्कार, छात्रवृत्ति और बीमा सुरक्षा के लाभ दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि खेल विभाग को निजी क्षेत्र एवं कॉरपोरेट जगत की भागीदारी से खेल अवसंरचना के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि खेल सुविधाओं का विस्तार जन-जन तक हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति कर खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाए तथा राज्य में विभिन्न खेल अकादमियों की स्थापना से संबंधित कार्यों में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना है।
बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद के उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, निदेशक खेल आशीष चौहान तथा खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बॉलीवुड फैंस के लिए खुशखबरी है। अभिनेत्री शारवरी वाघ और अभिनेता अहान पांडे ने निर्देशक अली अब्बास जफर की आगामी अनाम एक्शन-रोमांस फिल्म साइन कर ली है। इस फिल्म में अहान और शारवरी की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर रोमांस और एक्शन का धमाल दिखाने वाली है।
दोनों स्टार्स की पिछली हिट फिल्में
अहान पांडे ने अपनी फिल्म ‘सैय्यारा’ से बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की। वहीं शारवरी वाघ 100 करोड़ की हिट फिल्म ‘मुंजा’ का हिस्सा रही हैं। दोनों कलाकारों ने साबित किया है कि दमदार अभिनय ही दर्शकों को थिएटर तक खींच सकता है।
अली अब्बास जफर का YRF के साथ बड़ा कमबैक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फिल्म का निर्देशन अली अब्बास जफर करेंगे। यह फिल्म उनके लिए ‘टाइगर जिंदा है’ के 9 साल बाद यशराज फिल्म्स (YRF) के बैनर के साथ वापसी होगी। अली अब्बास जफर और आदित्य चोपड़ा की यह पांचवीं फिल्म होगी। इससे पहले उन्होंने ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’, ‘गुंडे’, ‘सुल्तान’ और ‘टाइगर जिंदा है’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाई हैं।
सोशल मीडिया पर फैंस का उत्साह
सोशल मीडिया पर फैंस इस खबर से बेहद उत्साहित हैं। कई लोग शारवरी और अहान की जोड़ी को लेकर फायर इमोजी पोस्ट कर रहे हैं। दोनों को एक साथ बड़े पर्दे पर देखने का उत्साह सोशल मीडिया पर साफ नजर आ रहा है।
फिलहाल, फिल्म का टाइटल अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन दर्शक इसे लेकर पहले ही बेहद उत्साहित हैं।
