राज्य सरकार ने दाखिल की पुनर्विचार याचिका
देहरादून। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तराखंड में हजारों शिक्षकों की पदोन्नतियां रोक दी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को पदोन्नति के लिए अनिवार्य कर दिया है, जिससे बेसिक और जूनियर हाईस्कूल के 18 हजार से अधिक शिक्षक इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य के जिला शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर शिक्षा निदेशालय से स्पष्ट दिशा निर्देश मांगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राज्य सरकार की स्थिति के बारे में अवगत कराया जाए।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने बताया कि चमोली, टिहरी गढ़वाल और चंपावत के जिला शिक्षा अधिकारियों ने पत्रों के माध्यम से पदोन्नति संबंधी दिशा निर्देश मांगे हैं। कुछ जिलों में शिक्षक पदोन्नति के लिए धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
नौडियाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को टीईटी को सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस फैसले पर राज्य सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है और इसकी प्रक्रिया जारी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि में पांच साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें दो साल के भीतर टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस नियम में पुराने और नए दोनों प्रकार के शिक्षक शामिल हैं। वहीं, 2010-11 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य नहीं होना चाहिए क्योंकि उस समय टीईटी लागू नहीं था।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट से अंतिम फैसला आने तक पुराने शिक्षकों की पदोन्नति रोकी नहीं जानी चाहिए।”
फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ का इंतजार दर्शकों के बीच लंबे समय से था, और रिलीज के साथ ही यह इंतजार जश्न में बदल गया। गुरुवार को सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद से ही यह फिल्म दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है। रिलीज के पहले दिन से ही टिकट खिड़कियों पर जबरदस्त भीड़ देखने को मिली और फिल्म की कमाई ने उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया है।
ओपनिंग डे पर शानदार शुरुआत
रिलीज के पहले ही दिन ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने 61.85 करोड़ रुपये की जबरदस्त ओपनिंग की। कन्नड़ संस्करण से 19.6 करोड़ रुपये, तेलुगु से 13 करोड़, हिंदी से 18.5 करोड़, तमिल से 5.5 करोड़ और मलयालम से 5.25 करोड़ रुपये की कमाई हुई। दूसरे दिन भी फिल्म की रफ्तार थमी नहीं और इसने करीब 46 करोड़ रुपये का कारोबार करते हुए 100 करोड़ क्लब में शानदार एंट्री कर ली।
तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर ‘कांतारा 2’ की गूंज
शनिवार को फिल्म की कमाई ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी। तीसरे दिन ‘कांतारा 2’ ने करीब 55 करोड़ रुपये की कमाई की, जिससे फिल्म का कुल घरेलू कलेक्शन 162.85 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 120 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने महज तीन दिनों में अपने बजट से ज्यादा कमाई कर ली है, जिससे इसका ब्लॉकबस्टर होना तय माना जा रहा है।
तीसरे पार्ट का ऐलान, बढ़ी उत्सुकता
फिल्म में ऋषभ शेट्टी ने न केवल मुख्य भूमिका निभाई है, बल्कि निर्देशन की कमान भी खुद संभाली है। यह फिल्म साल 2022 में आई ‘कांतारा’ का प्रीक्वल है। इसके साथ ही मेकर्स ने तीसरे पार्ट ‘कांतारा चैप्टर 2’ की भी आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस बार ऋषभ शेट्टी के साथ गुलशन देवैया और रुक्मणि वसंत अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
कहानी की झलक
‘कांतारा चैप्टर 1’ की कहानी कदंब साम्राज्य के समय की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कथा में भगवान शिव के भक्त ‘कांतारा’ गांव के लोगों और राजा विजयेंद्र (जयराम) के बांगरा साम्राज्य के बीच संघर्ष को दिखाया गया है। राजा के पूर्वज ईश्वर के मधुबन पर कब्जा करना चाहते थे, लेकिन दैव की शक्ति ने उन्हें रोक दिया। फिल्म दर्शकों को एक बार फिर आस्था, परंपरा और शक्ति की उस रहस्यमय दुनिया में ले जाती है, जिसने पहले भाग को भी अविस्मरणीय बना दिया था।
इस हफ्ते ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ जैसी बड़ी फिल्म भी रिलीज हुई, लेकिन ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा चैप्टर 1’ के आगे उसका जादू फीका पड़ गया है।
(साभार)
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का जताया आभार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के सवाड़ गांव में केन्द्रीय विद्यालय की स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ ही केन्द्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चमोली के प्रसिद्ध सवाड़ गांव में क्षेत्रीय जनता की मांग पर केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के लिये उनके द्वारा निरन्तर अनुरोध किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना से इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बेहतर गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध हो पायेगी तथा क्षेत्र को नई पहचान भी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा का अनुकूल शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है, इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण के साथ नवाचार से जोडा जा रहा है ताकि छात्रों को अच्छी शिक्षा के साथ शिक्षा का उचित माहौल उपलब्ध हो सके।
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने दवाओं की गुणवत्ता जांच अभियान को तेज किया
देहरादून। बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में प्रतिबंधित कफ सिरप और औषधियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) की संयुक्त टीमें प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। यह अभियान हाल ही में राजस्थान और मध्य प्रदेश में खांसी की दवा (कफ सिरप) के सेवन से बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद शुरू किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तत्परता से कार्रवाई प्रारंभ की है।
केंद्र की एडवाइजरी पर तुरंत कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि भारत सरकार की एडवाइजरी को प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि औषधि निरीक्षक चरणबद्ध तरीके से कफ सिरपों के नमूने एकत्र करें और उनकी गुणवत्ता की प्रयोगशाला जांच कराएं, ताकि किसी भी दोषपूर्ण या हानिकारक दवा को बाजार से तत्काल हटाया जा सके।
बच्चों के लिए प्रतिबंधित सिरप न लिखें डॉक्टर
डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रदेश के सभी चिकित्सकों से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार की एडवाइजरी का संज्ञान लेते हुए वे बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप न लिखें। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा यदि चिकित्सक इन सिरपों को लिखेंगे तो मेडिकल स्टोर भी उन्हें बेचेंगे। इसलिए ज़रूरी है कि डॉक्टर स्वयं भी जिम्मेदारी दिखाएं और प्रतिबंधित दवाओं से परहेज़ करें।
कौन-सी दवाएं प्रतिबंधित हैं
भारत सरकार की एडवाइजरी के अनुसार —
दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा नहीं दी जानी चाहिए।
पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में इन दवाओं का सामान्य उपयोग अनुशंसित नहीं है।
केवल विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह, सही खुराक और न्यूनतम अवधि के लिए ही इनका उपयोग किया जा सकता है।
सरकार ने विशेष रूप से Dextromethorphan युक्त सिरप और Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine Hydrochloride संयोजन वाली दवाओं को चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित किया है।
प्रदेशभर में छापेमारी और सैंपलिंग अभियान
प्रदेश में इस आदेश के बाद अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में राज्यभर में युद्धस्तर पर छापेमारी की जा रही है। स्वयं अपर आयुक्त ने देहरादून के जोगीवाला, मोहकमपुर समेत कई क्षेत्रों में औषधि दुकानों का निरीक्षण किया। सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस माह के भीतर सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और खुदरा दुकानों से सिरपों के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण करवाएँ। ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि एफ.डी.ए. की टीमें प्रदेशभर में सक्रिय हैं। यदि किसी भी स्तर पर दोष पाया गया तो संबंधित कंपनी या विक्रेता के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख्त संदेश – जनस्वास्थ्य सर्वोपरि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रदेश में बिकने वाली हर दवा सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाली हो। जनस्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और बच्चों की सुरक्षा पर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार प्रदेश में औषधि गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ करने की दिशा में भी काम कर रही है।
बच्चों की दवा में लापरवाही अस्वीकार्य- डॉ. धन सिंह रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा राज्य सरकार केंद्र की एडवाइजरी का पूरी गंभीरता से पालन कर रही है। बच्चों की दवाओं से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी चिकित्सकों और औषधि विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिबंधित सिरप को न लिखें और न बेचें। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जनता से अपील – डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवा न दें
एफ.डी.ए. ने राज्यभर में कफ सिरप की सैंपलिंग शुरू कर दी है। अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने जनता से अपील की है कि वे बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। यदि किसी दवा के सेवन से कोई प्रतिकूल प्रभाव दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या अस्पताल से संपर्क करें।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने खुद संभाला मोर्चा, बोले बिना स्वीकृति भूमि काटने या निर्माण करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी देहरादून में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने शिमला बाईपास, मेहुवाला माफी, हरबजवाला, बुद्धपुर, नया गांव और विकासनगर क्षेत्र में एक साथ अभियान चलाते हुए कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया और कई भवनों को सील किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 26 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, जबकि छह स्थानों पर अवैध व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए द्वारा यह कार्रवाई मुख्यमंत्री धामी की उस नीति के तहत की जा रही है जिसमें राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को सुनियोजित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने तथा अवैध निर्माणों पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले उपाध्यक्ष बशीधर तिवारी के नेतृत्व में मेहुवाला माफी स्थित श्री राम इन्क्लेव में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। इस क्षेत्र में कुनाल राठौर व अन्य द्वारा लगभग 10 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाया और संपूर्ण प्लॉटिंग ध्वस्त कर दी। इसके बाद टीम ने शिमला बाईपास रोड स्थित बालाजी इन्क्लेव में महेश उपाध्याय, सतीश व अन्य द्वारा की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। यहाँ भी लगभग 10 बिघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कर दिया गया। इसी क्रम में हरबजवाला स्थित सरस्वती इन्क्लेव में जे.पी. यादव व अन्य द्वारा लगभग 6 बिघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी एमडीडीए की टीम ने बुलडोजर चलाकर समाप्त कर दिया।
इन सभी कार्यवाहियों में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा, प्राधिकरण की संयुक्त टीम तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
अवैध प्लॉटिंग के साथ-साथ प्राधिकरण ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे अनधिकृत व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की। शिमला बाईपास रोड के बुद्धपुर क्षेत्र में सुमित कौशिक द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। इसी प्रकार नया गांव (गौस गोदाम के समीप) में भागीरथी देवी द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील किया गया।
तुन्तोवाला रोड पर सतीश सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं विकासनगर के तेलपुर मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर के पास अमजद द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील किया गया। इसके अतिरिक्त गंगोत्री विहार, मोनाल इन्क्लेव क्षेत्र में रोहित यादव और दिनेश द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों को भी सील किया गया। सभी स्थानों पर एमडीडीए की प्रवर्तन टीम के साथ पुलिस बल मौजूद रहा और कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न की गई।
हर क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कार्रवाई का नेतृत्व स्वयं मौके पर रहकर किया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण देहरादून और आसपास के इलाकों को व्यवस्थित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों पर किसी भी सूरत में रियायत नहीं दी जाएगी। जो भी व्यक्ति बिना स्वीकृति के भूमि काटकर बेचने या निर्माण करने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट और सुंदर शहर बनाना हमारी प्राथमिकता
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए ने क्षेत्रवार निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया है। अब हर क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी नए अवैध निर्माण की सूचना तुरंत मिल सके। उन्होंने कहा कि शहर का सुनियोजित विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति नियमानुसार निर्माण करे। देहरादून को स्मार्ट और सुंदर शहर बनाना हमारी प्राथमिकता है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जनता से भी अपील की कि वे किसी भी परियोजना या कॉलोनी में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित भूमि या परियोजना प्राधिकरण से स्वीकृत हो। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से आम नागरिक को भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसलिए एमडीडीए की वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी लेकर ही किसी प्रोजेक्ट में धन लगाएँ।
अभियान निरंतर जारी रहेगा
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में भी प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऐसे सभी स्थानों पर कार्रवाई की जाएगी जहाँ अवैध निर्माण या अनधिकृत प्लॉटिंग की जा रही है। सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि राजधानी देहरादून का स्वरूप अब योजनाबद्ध विकास की दिशा में है। हम जनता के सहयोग से इसे और व्यवस्थित, हरित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उक्त कार्रवाई में मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, प्रवर्तन अधिकारी, औचक निरीक्षण टीम एवं पुलिस बल की विशेष इकाई शामिल रही।
रूद्रपुर। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को रूद्रपुर में निर्माणाधीन कामकाजी महिला छात्रावास का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों व इंजीनियरों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
रुद्रपुर में एक साथ दो महिला छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी कुल परियोजना लागत 12563.50 लाख रुपये है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने फुलसुंगी स्थित निर्माण स्थल का जायजा लिया और जमीन में आ रही नमी से बचाव के लिए समुचित उपाय करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सभी कार्य तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं ताकि जनवरी 2027 तक परियोजना को पूर्ण किया जा सके।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिला कार्यबल हमारे समाज की शक्ति हैं। रूद्रपुर में बन रहे ये छात्रावास कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधायुक्त आवास की सुविधा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके पूर्ण होने के बाद महिलाओं को आवास संबंधी परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी और वे निश्चिंत होकर अपने काम व व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में लगा सहकारिता मेला
अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में आयोजित सहकारिता मेले में आज प्रदेश के कैबिनेट एवं जनपद अल्मोड़ा के प्रभारी मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा सहकारिता की अनिवार्यता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 को अर्न्तराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कहा कि उत्तराखण्ड के 13 जिलों में सहकारिता मेले लगाये जा रहे है इसकी शुरूआत जनपद अल्मोड़ा से की गई है तथा देहरादून में दिसम्बर माह में इसका समापन होगा।
उन्होंने कहा कि इन सहकारिता मेलों के तीन लक्ष्य रखे गये है पहला लक्ष्य है काश्तकारों को बाजार उपलब्ध कराना, दूसरा लक्ष्य है तीन लाख लखपति दीदीयों को तैयार करना तथा तीसरा लक्ष्य है मिलेट्स मिशन के अन्तर्गत मंडुवा, झिंगोरा, धान, बाजारा आदि अनाजों को वैश्विक पहचान दिलाना। हर जिले के उत्पादों की ब्रांडिंग करके पूरे भारत व विश्व में भेजा जायेगा। सहकारिता के माध्यम से सरकार काश्तकारों को एक बड़ा प्लेटफार्म उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि इन सहकारिता मेलों में किसान गोष्ठियॉ भी आयोजित की जायेंगी जिसमें काश्तकारों की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। सहकारिता के माध्यम से महिला समूहों को 10 लाख रू0 तक बिना ब्याज के कर्ज दिया जायेगा तथा एकल महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 21,000 से 01 लाख रू0 तक बिना ब्याज के कर्ज के लिए एक नई स्कीम शुरू की जायेगी। उन्होंने कहा कि ठेले वालों, फड़ लगाने वालों व छोटे काश्तकारों को प्रतिदिन 05 हजार रू0 तक का कर्ज सहकारिता के माध्यम से बिना ब्याज के दिया जायेगा जिससे छोटे काश्तकारों व व्यापारियों को लाभ मिल सके।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने जिला सहकारी बैंक के माध्यम से लाभार्थी व्यक्तियों को ऋण के चेक भी वितरित किए तथा दुग्ध उत्पादन में बेहतर कार्य करने वाले प्रगतिशील काश्तकारों को सम्मानित भी किया। मेले के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने सहकारिता विभाग के माध्यम से प्रकाशित सहकारिता पुस्तक का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने पशुपालन विभाग के सौजन्य से वृहद टीकाकरण अभियान के तहत टीकाकरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह टीकाकरण वाहन गांव गांव जाकर पशुओं के टीकाकरण का कार्य करेगी।
इस दौरान विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जा प्राप्त मंत्री गंगा बिष्ट, महेश्वर मेहरा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग हिमानी कुंडू सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी/कर्मचारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
आपदा के दौरान राहत और बचाव अभियानों में जुटे कर्मियों के साहस को किया सलाम
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित ’’प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह’’ में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में योगदान देने पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी के कर्मियों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये सम्मान ऐसे कर्मियों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में अपनी जान की परवाह किए बिना योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम उत्तराखंड की बात करते हैं, तो केवल इसके प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता की ही नहीं, बल्कि इसकी भौगोलिक कठिनाइयों और प्रत्येक वर्ष होने वाली आपदाओं की चुनौती भी स्वतः ही सामने आ जाती है। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे हमारे राज्य में भूस्खलन, बाढ़, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाएँ आना आम बात हैं। देवभूमि में रहते हुए हम ये जानते हैं कि प्रकृति का सौंदर्य जितना मनोहारी है, उतनी ही यहां चुनौतियाँ भी अप्रत्याशित हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम सबने 2013 की केदारनाथ आपदा की त्रासदी को देखा है, जब जय प्रलय में हजारों लोगों की जानें चले गईं थी। इसी प्रकार 2021 में चमोली की ऋषिगंगा और धौलीगंगा घाटी में आई आपदा ने पूरे देश को झकझोर दिया था। 2023 में जोशीमठ का धंसाव भी एक बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने आया। इस वर्ष भी उत्तरकाशी, चमोली और देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की अनेक घटनाओं का हमने सामना करना पड़ा। इन आपदाओं में कई लोगों की मृत्यु हुई, कई लोग लापता हुए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती मानव जीवन की रक्षा करने की थी, यही समय था जब एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित पुलिस- प्रशासन के लोगों ने आपदा में घायल और मलबे में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ग्राउंड जीरो पर लगातार काम किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा के समय हमारे राहत कर्मियों ने न केवल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, बल्कि पुनर्वास और राहत शिविरों का भी संचालन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिल्क्यारा टनल में फंसे मजूदरों के लिए चलाए गए अभियान को नहीं भूल सकते। तब दिन-रात चलने वाले बचाव अभियान पर पूरे देश की निगाह थी। परंतु बाबा बोखनाग के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन ने हमारे अभियान को सफल बनाया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वो जब भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हैं, तो बचाव और राहत कर्मियों के जज्बे को देखकर उन्हें विश्वास हो जाता है कि हम प्रत्येक चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कार्यों में सहयोग प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं देहरादून आकर आपदा पीड़ितों से मिलकर उनका दर्द बाँटा, उनकी समस्याएँ सुनीं और समीक्षा बैठक कर त्वरित निर्णय भी लिए। उन्होंने उत्तराखंड की जनता के लिए 1200 करोड़ रुपये की विशेष राहत राशि की घोषणा भी की, जिससे पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य में हमें बड़ी सहायता मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा केवल इमारतें या सड़कें ही नहीं तोड़ती, आपदा लोगों के आत्मविश्वास और भविष्य को भी चोट पहुंचाती है। इसलिए राज्य सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि आपदा पीड़ितों को केवल मुआवज़ा ही न दिया जाए, बल्कि उनके पुनर्वास और उनकी आजीविका पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एसडीआरएफ जवानों को ड्रोन, सैटेलाइट आधारित मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक रेस्क्यू गियर जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं। साथ ही, आपदा मित्र योजना के अंतर्गत गांव-गांव में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही सड़क और पुल निर्माण में डिजास्टर रेज़िलिएंट तकनीक का उपयोग भी अनिवार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण को स्कूल-कॉलेजों में शामिल करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी आपदा के खतरों से और बेहतर तरीके से निपट सके। समारोह में नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए छात्रों द्वारा मुख्यमंत्री धामी का विशेष तौर पर स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, कृष्ण गिरी महाराज, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, कार्यक्रम की संयोजक हनी पाठक मौजूद थे।
केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और जडेजा ने जड़ा शतक
अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए पारी और 140 रनों से जीत दर्ज की। तीन दिन में ही निपटे इस मुकाबले में भारत ने अपनी पहली पारी में 448 रन बनाकर वेस्टइंडीज को लगातार दबाव में रखा और शानदार गेंदबाजी से विपक्षी टीम को ढेर कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
वेस्टइंडीज का बल्लेबाजी में निराशाजनक प्रदर्शन
भारत के लिए रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज ने बेहतरीन गेंदबाजी की। चायकाल से पहले ही वेस्टइंडीज की दूसरी पारी 146 रन पर ऑलआउट हो गई। दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज में यह 17वीं बार है जब कोई टीम पारी के अंतर से जीती है। इसमें से 20वीं सदी में वेस्टइंडीज ने नौ बार जीत दर्ज की है, जबकि 21वीं सदी में भारत ने सभी आठ मैच जीते हैं। यानी भारत ने वेस्टइंडीज को आठवीं बार पारी के अंतर से हराया है। वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी दोनों ही पारी में काफी खराब रही है। पिछली 15 पारियों को देखें तो वेस्टइंडीज सिर्फ दो बार 200 रन का आंकड़ा पार कर पाया है और इस दौरान उसका सर्वोच्च टोटल 253 का रहा है।
भारतीय सरजमीं पर वेस्टइंडीज का कमजोर रिकॉर्ड
भारत में खेले गए पिछले पांच टेस्ट में वेस्टइंडीज चार बार पारी की हार झेल चुका है और एक बार 10 विकेट से हारा है। 2013 और 2018 में खेले गए कोलकाता, मुंबई, राजकोट और हैदराबाद के मैचों में भी भारत ने पारी से जीत हासिल की थी। अहमदाबाद का टेस्ट भी इसी श्रृंखला में शामिल हुआ।
जडेजा और सिराज की शानदार गेंदबाजी
रवींद्र जडेजा ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में नाबाद शतक जमाया और दूसरी पारी में चार विकेट लिए। मोहम्मद सिराज ने तीन विकेट लिए, जबकि कुलदीप यादव ने दो और वाशिंगटन सुंदर ने एक विकेट अपने नाम किया।
भारतीय बल्लेबाजी का दबदबा
पहली पारी में केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और जडेजा के शतकों ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। केएल राहुल 100 रन बनाकर आउट हुए, जुरेल ने 125 रन और जडेजा ने नाबाद 104 रन की पारी खेली।
सीरीज का अगला मुकाबला
दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा और अंतिम मैच 10 अक्टूबर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
मंत्री बोले, लैंसडाउन मेरी कर्मभूमि है, यहां आकर होता है गर्व
पौड़ी। 05 अक्टूबर (रविवार) को लैंसडाउन में होने वाले शहीद सम्मान समारोह की तैयारियों का जायज़ा लेने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी लैंसडाउन पहुंचे। इस भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
लैंसडाउन के परेड मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद मंत्री जोशी सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचे और समारोह स्थल पर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी गरिमा और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित की जाएं ताकि किसी भी प्रकार की कमी न रह जाय। मंत्री ने कहा कि लैंसडाउन उनकी कर्मभूमि रही है और यहां आकर उन्हें गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1976 में उन्होंने यहीं से एक राइफलमैन के रूप में भारतीय सेना में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लैंसडाउन में शहीद सम्मान समारोह आयोजित करने की सहमति देना, सैनिकों और उनके परिजनों के प्रति राज्य सरकार की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
निरीक्षण के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अमृतलाल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल वीरेंद्र प्रसाद भट्ट, उप जिलाधिकारी शालिनी मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल सहित सेना, जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
