जम्मू-कश्मीर से पहली बार किसी खिलाड़ी को मिला यह पद, रॉजर बिन्नी की लेंगे जगह
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को नया अध्यक्ष मिल गया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व क्रिकेटर और अनुभवी बल्लेबाज मिथुन मनहास को बीसीसीआई का अध्यक्ष चुना गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्वीट कर इस ऐतिहासिक पल को साझा किया और मनहास को बधाई दी। यह पहली बार है जब जम्मू-कश्मीर से कोई खिलाड़ी बीसीसीआई अध्यक्ष पद तक पहुंचा है।
क्रिकेट करियर
45 वर्षीय मनहास ने 1997-98 से लेकर 2016-17 तक घरेलू क्रिकेट में लंबा करियर खेला। उन्होंने दिल्ली टीम से 157 फर्स्ट क्लास मैचों में 9714 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 130 लिस्ट ए और 91 टी20 मुकाबले खेले। मनहास आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वॉरियर्स और चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से भी खेल चुके हैं। भले ही उन्हें भारतीय राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में वह लगातार चमकते रहे।
प्रशासनिक अनुभव
मनहास हाल ही में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के प्रशासक रहे और दलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन के संयोजक भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह आईपीएल टीम गुजरात टाइटंस के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा भी थे।
बिन्नी की जगह करेंगे कार्यभार संभाल
पूर्व अध्यक्ष रॉजर बिन्नी का कार्यकाल पूरा होने और आयु सीमा 70 वर्ष पार करने के बाद यह पद खाली हुआ था। बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (AGM) में नई कमेटी के गठन पर सहमति बनी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रेस में हरभजन सिंह और रघुराम भट्ट भी थे, लेकिन अंततः मनहास पर सहमति बनी।
बीसीसीआई की नई टीम
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अध्यक्ष – मिथुन मनहास
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कोषाध्यक्ष – रघुराम भट्ट (कर्नाटक)
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संयुक्त सचिव – प्रभतेज सिंह भाटिया (छत्तीसगढ़)
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सचिव – देवजीत साकिया (जारी रहेंगे)
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उपाध्यक्ष – राजीव शुक्ला (एक्सटेंशन मिला)
आगे की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि मनहास की नियुक्ति से बीसीसीआई का दृष्टिकोण और अधिक खिलाड़ी-केंद्रित होगा। घरेलू क्रिकेट की गुणवत्ता बढ़ाने, युवा खिलाड़ियों के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करने पर खास फोकस रहेगा।
पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान, सभी सकुशल घर पहुंचे
देहरादून। भद्रराज मंदिर की ओर ट्रैकिंग पर निकले कुछ युवक-युवतियां शनिवार देर रात रास्ता भटक गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में उन्हें सकुशल घर भेज दिया गया।
ऐसे चला रेस्क्यू
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मंदिर क्षेत्र में पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। कुछ ही देर में सभी युवक-युवतियों को सुरक्षित ढूंढ लिया गया।
रेस्क्यू किए गए युवक-युवतियां
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पंकज कुमार (23) पुत्र आसाराम, निवासी रतनपुर चौकी नयागांव, थाना पटेल नगर, देहरादून
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उज्जवल पांडे (21) पुत्र दीपक पांडे, निवासी नंद की चौकी, थाना प्रेम नगर, देहरादून
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सोमेश श्रीवास्तव (24) पुत्र मनोज श्रीवास्तव, निवासी बल्लूपुर, थाना कैंट, देहरादून
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मनीष जोशी (24) पुत्र वीरेंद्र जोशी, निवासी वसंत विहार, थाना वसंत विहार, देहरादून
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कमल मित्तल (23) पुत्री संजय मित्तल, निवासी ब्रह्मपुरी सहस्त्रधारा, थाना रायपुर, देहरादून
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खुशी पंवार (20) पुत्री बलवंत सिंह, निवासी करी गांव, थाना प्रेम नगर, देहरादून
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रिया मेहरा (22) पुत्री राजेंद्र सिंह, निवासी गोकुल कुंज स्मिथ नगर, थाना प्रेम नगर, देहरादून
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संध्या बिष्ट (22) पुत्री बालम सिंह बिष्ट, निवासी पूजा बिहार, आईएसबीटी के पास, देहरादून
पुलिस ने अपील की है कि ट्रैकिंग पर जाने वाले लोग मौसम, समय और रास्ते की पूरी जानकारी लेकर ही निकलें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
कालसी ब्लॉक में 29 सितम्बर को बहुउद्देशीय शिविर
अटल आयुष्मान कार्ड, पेंशन, स्वास्थ्य जांच समेत अनेक सेवाएं एक ही स्थान पर
देहरादून। जनता की सुविधाओं और समस्याओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार, 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक विकासखंड कालसी के ग्राम उटैल स्थित बैसोगिलानी मैदान में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहकर समस्याओं का मौके पर समाधान करेंगे और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी देंगे।
शिविर में अटल आयुष्मान कार्ड, यूडीआईडी, दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार व श्रमिक कार्ड बनाए जाएंगे। निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि वितरण, नेत्र परीक्षण व चश्में भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही आय, जाति, चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार और सामाजिक पेंशन प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग व किसान पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं के आवेदन करेगा। स्वास्थ्य विभाग कुपोषित बच्चों का सर्वे, नशा मुक्ति काउंसलिंग, टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की जांच करेगा। ग्राम्य विकास विभाग मनरेगा, पीएमएवाई, एनआरएलएम से संबंधित प्रकरणों का समाधान करेगा। शिक्षा, खाद्य, कृषि, उद्यान, सहकारिता, मत्स्य, दुग्ध, विद्युत, पेयजल, उद्योग और पर्यटन विभाग भी अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
श्रम विभाग श्रमिक कार्ड बनाने और सामग्री वितरण का काम करेगा, जबकि बैंकिंग सेवाओं के तहत पीएम जीवन ज्योति, पीएम सुरक्षा योजना व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शिविर में आकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
नई दिल्ली/आगरा: दिल्ली पुलिस ने 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में फरार चल रहे फर्जी बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले आरोपी बाबा असल में फर्जी दस्तावेजों और पहचान के सहारे न सिर्फ महिलाओं को गुमराह करता था, बल्कि सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ा बताकर रुतबा भी झाड़ता था। दिल्ली पुलिस की टीम आरोपी को आगरा से दिल्ली ला चुकी है, आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च में पढ़ने वाली पीजी डिप्लोमा छात्राओं ने बाबा चैतन्यानंद पर छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप लगाए थे। संस्थान प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया, जिसके बाद बाबा फरार हो गया।
फर्जी दस्तावेज का सच आया सामने
दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि चैतन्यानंद सरस्वती ने खुद को संयुक्त राष्ट्र (UN) और ब्रिक्स (BRICS) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़ा हुआ दिखाने के लिए फर्जी विजिटिंग कार्ड और आईडी कार्ड बनवा रखे थे। एक कार्ड में वह UN का स्थायी राजदूत बताया गया है। दूसरे कार्ड में खुद को ब्रिक्स कमीशन का मेंबर और स्पेशल एनवॉय बताया है। इन फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल वह लोगों पर प्रभाव जमाने और खुद को ऊंचे ओहदे वाला बताने के लिए करता था।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी की तलाश में कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी हर दिन अपना ठिकाना बदल रहा था। आखिरकार आगरा के होटल फर्स्ट ताजगंज के कमरे नंबर 101 से बाबा को पकड़ा गया। होटल स्टाफ ने बताया कि आरोपी ने खुद को ‘स्वामी पार्थसारथी’ के नाम से होटल रजिस्टर में दर्ज करवाया और शनिवार शाम चार बजे चेक-इन किया था।
खरबों की संपत्ति को कब्जाना चाहता था चैतन्यानंद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बाबा तीन खरब से अधिक की संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था। आरोप है कि उसने पीठ के विश्वास को तोड़ा और आश्रम की कई इमारतों को किराए पर देने के बाद, मिलने वाले 60 लाख रुपये प्रति माह का किराया भी गबन किया है। इस संबंध में 23 जुलाई 2025 को वसंतकुंज (नॉर्थ) थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की एफआईआर दर्ज की गई थी।
अब तक दर्ज हो चुके हैं तीन मामले
पीठ की संपत्ति हड़पने और धोखाधड़ी का मामला
छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत
फर्जी नंबर प्लेट और लग्जरी गाड़ियों का गलत इस्तेमाल
बाबा चैतन्यानंद का मामला सिर्फ एक छेड़छाड़ या ठगी का नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे धार्मिक आड़ में फर्जीवाड़ा कर कुछ लोग मासूमों की भावनाओं और विश्वास के साथ खिलवाड़ करते हैं।
गृह मंत्रालय ने दी विशेष अनुमति, अब प्रभावित परिवारों को मिलेगी राहत राशि
उत्तरकाशी। धराली और हर्षिल क्षेत्र में पांच अगस्त को आई भीषण आपदा में लापता हुए 67 लोग अब तक नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय ने विशेष छूट देते हुए इन लोगों का मृत्यु पंजीकरण कर प्रमाण पत्र जारी करने की मंजूरी दे दी है। इससे अब प्रभावित परिवारों को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी।
सात साल का प्रावधान, पर मिली छूट
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत सामान्यत: लापता व्यक्ति को सात साल बाद मृत घोषित किया जाता है। लेकिन आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस प्रावधान में छूट दी है।
ऐसे पूरी होगी प्रक्रिया
लापता व्यक्ति के परिजनों को सबसे पहले अपने मूल निवास स्थान पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी होगी। इसके बाद मामला संबंधित क्षेत्र के परगना मजिस्ट्रेट या एसडीएम के पास जाएगा। एसडीएम 30 दिन का नोटिस जारी करेंगे और यदि इस अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती है, तो मृत्यु पंजीकरण कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
नामित अधिकारी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि धराली और हर्षिल क्षेत्र के मामलों में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को अभिहित अधिकारी और जिलाधिकारी को अपीलीय अधिकारी नामित किया गया है। इन्हीं के जरिए प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
पहले भी मिली थी छूट
गौरतलब है कि चमोली जिले के रैणी गांव में 2021 की आपदा के दौरान भी कई मजदूर लापता हो गए थे। उस समय भी केंद्र सरकार ने अधिनियम में छूट देते हुए मृत्यु पंजीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने की अनुमति दी थी। अब उसी तर्ज पर धराली आपदा प्रभावित परिवारों को राहत देने का रास्ता साफ हो गया है।
पर्यटकों को अनछुए स्थलों तक पहुंचाने और युवाओं को रोजगार देने की पहल
देहरादून। उत्तराखंड आने वाले पर्यटक अब यहां की खूबसूरत वादियों और अनछुए स्थलों की गहराई से जानकारी ले सकेंगे। पर्यटन विभाग इसके लिए प्रदेशभर में 500 नेचर गाइड तैयार कर रहा है। 15 दिन का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद केंद्र सरकार के अधीन पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल इन्हें प्रमाण पत्र प्रदान करेगी।
रोजगार और पर्यटन, दोनों को बढ़ावा
पर्यटन विभाग का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ पर्यटकों को सही मार्गदर्शन मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। विभाग की योजना है कि इस साल सभी जिलों में नेचर गाइड तैयार कर उन्हें पर्यटकों की सुविधा के लिए तैनात किया जाए।
अल्मोड़ा से शुरू हुआ प्रशिक्षण
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल ने संयुक्त रूप से अल्मोड़ा जिले के बिन्सर से नेचर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यहां प्रशिक्षणार्थियों को प्रकृति, पक्षी और जैव विविधता संरक्षण की जानकारी दी जा रही है।
मुफ्त मिलेगा प्रशिक्षण
अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद ने बताया कि 15 दिन के प्रशिक्षण के बाद परीक्षा ली जाएगी। सफल होने पर नेचर गाइड का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पर्यटन विभाग की ओर से पूरी तरह निशुल्क होगा।
अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर चला एम.डी.डी.ए. का बुलडोज़र
देहरादून। शहर और आसपास अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माण करने वालों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एम.डी.डी.ए.) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शनिवार को प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने कई क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए दर्जनों बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया और कई व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया।
एम.डी.डी.ए. उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि शहर को अव्यवस्थित और अवैध तरीके से फैलने नहीं दिया जाएगा। नियम विरुद्ध निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जनता को भी संदेश दिया कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में निवेश कर अपने पैसे और भविष्य को खतरे में न डालें।
प्रमुख कार्यवाहियां
1. शिमला बाईपास रोड
मानवेन्द्र पुण्डीर द्वारा ग्राम हिन्दुवाला साभावाला में लगभग 40 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
2. सेलाकुई (सेरपुर क्षेत्र)
गुलशेर द्वारा हाईवे और आसान नदी के बीच लगभग 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
3. चकराता रोड (शंकरपुर, सेलाकुई)
डी.सी. बंसल द्वारा लगभग 20 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
4. कल्याणपुर धर्मावाला चौक
रासिद द्वारा लगभग 08 बीघा भूमि में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।

5. अद्दूवाला, शिमला बाईपास रोड
नेरन्द्र चौहान द्वारा अवैध रूप से निर्मित फार्म हाउस एवं 08 व्यावसायिक हट्स सील।
6. धर्मावाल रोड, हरबटपुर
राकेश अग्रवाल द्वारा पेट्रोल पंप के निकट अवैध व्यावसायिक निर्माण सील।
7. मुख्य चकराता रोड, खुशहालपुर सहसपुर
सलमान द्वारा अवैध व्यावसायिक निर्माण सील।
8. 75 राजपुर रोड, देहरादून
सरदार मौ. असरफ खान व गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण सील।
9. संस्कृति लोक कॉलोनी, देहरादून
साकिर द्वारा निर्मित दो अवैध भवन सील।

10. चांचक चौक, बंजारावाला
मो. साजिद द्वारा टिन शेड का अस्थायी व्यावसायिक निर्माण ध्वस्त।
मौके पर मौजूद अधिकारी
संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, सचिव मोहन सिंह बर्निया के आदेश पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुरजीत सिंह रावत, निशांत कुकरेती, अवर अभियंता हर्षित मौठानी, जयदीप राणा, नेहा बर्थवाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौजूद रहे।

उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में व्यवस्थित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित करना है। किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या प्लॉटिंग नियमों के खिलाफ है और ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता को भी अपील है कि वह किसी भी अवैध कॉलोनी या निर्माण में निवेश न करें और हमेशा अनुमोदित प्लान व मानचित्र की जानकारी लेकर ही संपत्ति क्रय करें।
5 अक्तूबर को होगी सहकारी निरीक्षक व एडीओ सहकारिता भर्ती परीक्षा
देहरादून। स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में फंसी भर्ती प्रक्रिया फिलहाल अटकी हुई है, लेकिन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) अब अगली परीक्षा को लेकर सक्रिय हो गया है। आगामी 5 अक्तूबर को सहकारी समितियों में सहकारी निरीक्षक वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) के 45 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी।
केवल देहरादून और नैनीताल में परीक्षा
अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के कारण परीक्षा केवल देहरादून और नैनीताल के केंद्रों पर होगी। आयोग ने दोनों जिलों के डीएम को पत्र भेजकर केंद्रों की सख्त जांच और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी परीक्षार्थियों को अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्र दो घंटे पहले पहुंचना होगा, वरना चेकिंग न होने पर वे परीक्षा से वंचित रह सकते हैं।
प्रवेश द्वार पर कड़ी चेकिंग
आयोग ने निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश द्वार पर ही पूरी जांच की जाए। जैमर, सुरक्षा जांच और अभ्यर्थियों की स्कैनिंग की तैयारी एक दिन पहले रिहर्सल के जरिए परखी जाएगी। हर केंद्र पर चौकीदार की तैनाती, पुलिस की विशेष जांच और परीक्षा से दो घंटे पहले तक सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा।
जैमर को लेकर सख्ती
आयोग अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने साफ किया कि इस बार लेटेस्ट तकनीक वाले जैमर ही लगाए जाएंगे। जैमर न सिर्फ परीक्षा कक्ष बल्कि वॉशरूम तक लगाए जाएंगे। किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “जो कमियां स्नातक स्तरीय परीक्षा में दिखाई दीं, उन्हें इस बार पूरी तरह दूर करेंगे। जैमर से लेकर सुरक्षा तक हर तैयारी को एक दिन पहले परखा जाएगा।”–जीएस मर्तोलिया, अध्यक्ष, यूकेएसएसएससी
नुसेरात कैंप में एक ही परिवार के 9 सदस्य मारे गए, तुफाह इलाके में घर ढहने से 11 की जान गई
गाजा। गाजा में इस्राइली हवाई हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात हुए हमलों में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम की अपीलें तेज हो रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमले रोकने के बजाय और कड़े रुख पर कायम हैं।
शनिवार तड़के मध्य और उत्तरी गाजा में कई घरों पर बमबारी हुई। नुसेरात शरणार्थी शिविर में एक ही परिवार के नौ सदस्य मारे गए, जबकि गाजा सिटी के तुफाह इलाके में एक घर पर हुए हमले में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे थे। एक अन्य शिविर पर हमले में चार और लोगों की जान गई।
अस्पताल और मानवीय संकट
लगातार बमबारी से गाजा के अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र लगभग ढह चुके हैं। कई अस्पताल दवाओं, उपकरणों और ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं। दो क्लिनिक पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और कई डॉक्टर-नर्स सुरक्षा कारणों से अस्पताल छोड़ने को मजबूर हुए हैं। ‘डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स’ ने भी शुक्रवार को गाजा सिटी में अपनी सेवाएं निलंबित कर दीं, क्योंकि इस्राइली टैंक उनके स्वास्थ्य केंद्रों के बेहद करीब पहुंच गए थे।
गाजा प्रशासन के मुताबिक, 12 सितंबर से राहत सामग्री की आपूर्ति बंद है और अब तक 65,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 1.67 लाख घायल हैं। मृतकों में लगभग आधी संख्या महिलाओं और बच्चों की है।
संयुक्त राष्ट्र में विवादित भाषण
शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। भाषण के बीच विरोध के नारे लगे, हालांकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल उनके साथ खड़ा दिखा। कुछ हिस्सों में तालियां भी गूंजीं। अपने संबोधन में नेतन्याहू ने ‘अभिशाप’ नामक क्षेत्रीय मानचित्र दिखाते हुए गाजा में जारी अभियान को जायज ठहराया।
अमेरिका की कोशिशें
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि गाजा युद्ध को खत्म करने और बंधकों की रिहाई को लेकर समझौता करीब है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही इस्राइल और फलस्तीन के बीच शांति वार्ता की रूपरेखा तय की जा सकती है। इस बीच, अमेरिका ने 21 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव कई देशों के साथ साझा किया है, जिसमें बंधकों की सुरक्षित रिहाई और मानवीय आपूर्ति बहाल करने पर जोर दिया गया है।
लेह हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण, प्रशासन ने धारा 163 लगाई, पाबंदियों से आम लोग परेशान
लेह। लद्दाख में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने वादों को पूरा करने के बजाय हालात को और खराब कर दिया है। उनका कहना है कि गिरफ्तारियां और दमनकारी कदम किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं, बल्कि जनता से किए गए वादों को निभाना ही असली हल है।
कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि केंद्र ने राज्य का दर्जा बहाल करने और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर लद्दाख को भी समान अधिकार देने का वादा किया था। लेकिन इन वादों को पूरा करने के बजाय सरकार ने विरोध कर रहे लोगों को दबाने का रास्ता चुना। तिवारी ने कहा कि मणिपुर के हालात सरकार दो साल से नहीं संभाल पाई और अब लद्दाख में भी स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।
हिंसा और पाबंदियां
24 सितंबर को लेह में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोक लगा दी गई है। इलाके में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती है और बिना अनुमति जुलूस, मार्च या रैली पर प्रतिबंध लगाया गया है।
स्थानीय लोगों की मुश्किलें
प्रतिबंधों के कारण आम जनता को दूध और खाद्यान्न जैसी ज़रूरी चीजें तक नहीं मिल पा रही हैं। लोग सुरक्षा घेरे में रहते हुए मुश्किल हालात में अपने रोज़मर्रा के काम निपटाने की कोशिश कर रहे हैं।
हिंसा की घटनाएं और गिरफ्तारियां
हिंसा के दौरान भाजपा कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। इसके दो दिन बाद पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को हिंसा भड़काने के आरोप में एनएसए के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेज दिया गया।
वांगचुक की मांगें
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वे भूख हड़ताल पर भी थे, हालांकि हिंसा शुरू होने के बाद उन्होंने इसे खत्म कर दिया। छठी अनुसूची अभी असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में लागू है, जिसके तहत आदिवासी इलाकों को विशेष अधिकार प्राप्त हैं।
कांग्रेस का रुख
तिवारी ने कहा कि लद्दाख भारत की संवेदनशील सीमा पर स्थित है और यहां आंतरिक अशांति से पड़ोसी देशों को फायदा मिल सकता है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि दमन और गिरफ्तारियां शांति बहाल नहीं कर सकतीं। लद्दाख में समाधान केवल संवाद और भरोसे से ही निकलेगा।
