सचिवालय में दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनोें के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कल्याण के चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ मिले। समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेशभर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों में दिव्यागजनों को उन्हें उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्रमाण-पत्र, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण भी मौके पर ही उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को पूरा लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समाज कल्याण विभाग पेंशन योजनाओं में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करे कि जो भी पात्र व्यक्ति दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हों, उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले।
उन्होंने सभी सचिवगणों से अपेक्षा की कि दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत गंभीरता से कार्यों का अनुश्रवण कर उनके हितों से सीधे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
बैठक में उपस्थित विधायकगणों एवं बोर्ड सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उन सभी सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएँ किसी भी सरकार के लिए केवल प्रशासनिक विषय न रहकर मानवीय सरोकार से जुड़ी जिम्मेदारी भी हैं, और इसी भाव से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
बैठक में विधायक भरत चौधरी, श्रीमती सविता कपूर के साथ ही सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र एवं राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे।
ग्रीन पटाखे केवल प्रमाणित निर्माताओं द्वारा बनाए जाएंगे, बिक्री पर तब तक रोक रहेगी जब तक नया आदेश नहीं आता
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। हालांकि, कोर्ट ने कुछ पटाखा निर्माताओं को ग्रीन पटाखे बनाने की अनुमति दी है, लेकिन इन पटाखों की बिक्री इस क्षेत्र में तब तक नहीं हो सकेगी जब तक कोर्ट का अगला आदेश नहीं आता। ग्रीन पटाखे केवल उन्हीं निर्माताओं द्वारा बनाए जा सकेंगे जिनके पास नीरी (NEERI) या पेसो (PESO) जैसे अधिकृत संस्थानों का सर्टिफिकेट होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि पटाखा निर्माता लिखित वचन दें कि वे दिल्ली-एनसीआर में कोई पटाखा नहीं बेचेंगे। अदालत का यह कदम राजधानी में दिवाली के समय बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह स्पष्ट किया कि यह आदेश पूरे देश में लागू नहीं होगा, क्योंकि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर किसी प्रतिबंध का प्रस्ताव नहीं रखा है।
पिछले वर्ष राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 494 तक पहुंच गया था, जिससे शहर स्मॉग की चादर में घिर गया और लोगों को सांस लेने में कठिनाई हुई। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश इस साल दिवाली से पहले प्रदूषण को कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
देहरादून में स्मार्ट तकनीक से सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने की पहल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय परिसर में नगर निगम, देहरादून द्वारा संचालित वैक्यूम बेस्ड रोड़ स्वीपिंग मशीन का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून को साफ सुथरा आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम देहरादून के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्मार्ट तकनीक आधारित यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित बनाने के लिए तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा बेड़े में शामिल की गई उन्नत मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई अधिक प्रभावी और तेजी से होगी। साथ ही धूल व प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, जिससे आमजन को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने नगर निगम एवं संबंधित विभागों से आह्वान किया कि देहरादून शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा – भरा बनाए रखने के लिए इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए ।
इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हृदय रोग आज हर उम्र के लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया हैं। पहले ये समस्या ज्यादातर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, हर साल लाखों लोग हृदय रोगों के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। बदलती जीवनशैली, धूम्रपान, शराब और शारीरिक निष्क्रियता इस संकट के मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
धमनियों में प्लाक और हृदय रोग
हृदय रोगों के पीछे सबसे बड़ा कारण है धमनियों में प्लाक का जमना, जिसे मेडिकल भाषा में एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। यह धीरे-धीरे रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण कर देता है और हृदय तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन पहुंचने में बाधा डालता है।
प्लाक मुख्यतः फैट, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और मृत कोशिकाओं का मिश्रण होता है। ये रक्त वाहिकाओं की भीतरी परत में जमने लगते हैं और खून के प्रवाह को बाधित करते हैं। शोध बताते हैं कि यह प्रक्रिया कई वर्षों में विकसित होती है और लक्षण सामने आने तक धमनी का अधिकांश हिस्सा ब्लॉक हो चुका होता है।
प्लाक बनने के कारण
अस्वस्थ जीवनशैली: जंक फूड, अधिक तेल-घी, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड।
धूम्रपान और शराब: धमनी की दीवारों को नुकसान पहुंचाते हैं।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर: धमनियों की परत कमजोर करती हैं।
हृदय पर असर
धमनियों में प्लाक जमा होने से हृदय को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता। इसके परिणामस्वरूप सीने में दर्द, थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर प्लाक टूट जाए तो रक्त का थक्का बन सकता है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
युवाओं में बढ़ता खतरा
हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं में यह खतरा मुख्यतः असंतुलित जीवनशैली और धूम्रपान के कारण बढ़ा है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल भी प्लाक बनने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है। अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो भविष्य में देश की बड़ी आबादी हृदय रोगों की गिरफ्त में आ सकती है।
धमनियों में प्लाक रोकने के आसान उपाय
धूम्रपान बंद करें: यह हृदय के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
संतुलित आहार लें: हेल्दी फैट वाले भोजन जैसे देसी घी, बादाम, अखरोट और मछली शामिल करें। तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं।
फाइबर युक्त आहार: गेहूं, जई, दाल, सब्जियां और बीन्स शामिल करें।
नियमित व्यायाम: योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं।
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वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके योगदान को नेताओं ने किया याद
नई दिल्ली। आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित पंजाब के गाह (अब पाकिस्तान) में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से उठकर देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में शामिल हुए और बाद में सार्वजनिक जीवन में अपनी छाप छोड़ी।
पीएम मोदी ने किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि। उन्होंने उनके प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में निभाए गए अहम योगदानों को देश की प्रगति में महत्वपूर्ण बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने डॉ. सिंह को “भारत की आर्थिक परिवर्तन का सौम्य शिल्पकार” करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी नीतियों ने समृद्ध मध्यवर्ग का निर्माण किया और करोड़ों परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला। खरगे ने उनके जीवन को सार्वजनिक सेवा, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का उदाहरण बताया।
राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. सिंह की अटूट प्रतिबद्धता, गरीबों और वंचितों के लिए उनके साहसिक निर्णय और मजबूत अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान हमेशा मार्गदर्शन देगा।
राजनीतिक सफर
डॉ. मनमोहन सिंह 1991-96 में पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे और देश में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की। इसके बाद 2004-2014 तक लगातार दो कार्यकाल तक प्रधानमंत्री रहे। उनके नेतृत्व में देश ने तेज आर्थिक विकास देखा और कई कल्याणकारी योजनाएं लागू हुईं।
पवन कल्याण की फिल्म ‘दे कॉल हिम ओजी’ ने रिलीज के पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया है। फैंस की भारी उत्सुकता और अक्षय कुमार की ‘जॉली एलएलबी 3’ जैसी बड़ी टक्कर के बावजूद, पवन कल्याण और इमरान हाशमी की जोड़ी ने जबरदस्त शुरुआत की।
बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई
प्रीमियर और पेड शो के जरिए फिल्म ने पहले ही दिन 20.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया। आंकड़ों के मुताबिक भारत में फिल्म ने लगभग 70 करोड़ रुपये कमाए, जिससे कुल कलेक्शन 90.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। तुलना के लिए, ‘जॉली एलएलबी 3’ सातवें दिन भी 5 करोड़ के आंकड़े को पार करने में संघर्ष करती नजर आई।
वर्ल्डवाइड कमाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में धूम
अंतरराष्ट्रीय बुकिंग और पहले दिन की कमाई मिलाकर फिल्म ने वर्ल्डवाइड 98 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इनमें से 33 करोड़ अंतरराष्ट्रीय बाजार से आए हैं। उत्तरी अमेरिका में भी फिल्म ने धूम मचाई, जहां अब तक 26.05 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया।
इमरान हाशमी की साउथ डेब्यू फिल्म
दो दशक से बॉलीवुड में सक्रिय इमरान हाशमी ने इस फिल्म में साउथ सिनेमा में कदम रखा और खलनायक की भूमिका निभाई। पवन कल्याण जैसे स्टार के सामने भी इमरान की एक्टिंग ने दर्शकों को प्रभावित किया। सोशल मीडिया पर रिलीज के पहले ही दिन उनकी परफॉर्मेंस चर्चा का विषय बनी।
करियर की अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग
इमरान हाशमी का पिछला बड़ा ओपनिंग रिकॉर्ड ‘बादशाहो’ था, जिसने 2017 में पहले दिन 12.60 करोड़ कमाए थे। लेकिन ‘ओजी’ ने उन्हें करियर का नया मोड़ दिया और यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई।
समीक्षकों और दर्शकों की प्रतिक्रिया
फिल्म को समीक्षकों ने भी सराहा है। पवन कल्याण की दमदार एक्टिंग और इमरान हाशमी की गैंगस्टर भूमिका को विशेष पहचान मिली। कम स्क्रीन टाइम के बावजूद इमरान ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
टीम और कहानी
फिल्म का निर्देशन सुजीत ने किया है। इमरान हाशमी और पवन कल्याण के अलावा प्रकाश राज, श्रेया रेड्डी और प्रियंका मोहन भी अहम भूमिकाओं में हैं। तेज़ रफ्तार कहानी, जोरदार एक्शन और स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस ने फिल्म को बड़े स्तर पर सफल बना दिया है।
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धीमी रफ्तार पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को लगाई फटकार, समय पर निर्माण पूरा करने के दिए निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने भंडारीबाग रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को फटकार लगाई और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भंडारीबाग रेलवे ओवरब्रिज मुख्यमंत्री का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जो जनहित से सीधा जुड़ा है। ऐसे विकास कार्यों में लापरवाही या देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके स्थलीय निरीक्षण से अब कार्यों की रफ्तार तेज होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि ओवरब्रिज का निर्माण निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए। इस कार्य की मॉनिटरिंग के लिए एसडीएम और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के एक्सईएन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर गार्डर प्लेसमेंट और अन्य निर्माण गतिविधियों की क्लोज मॉनिटरिंग करेंगे। जिलाधिकारी स्वयं भी इसकी नियमित समीक्षा करेंगे।
डीएम बंसल ने कहा कि शहर के बीचो-बीच वर्षों से अधूरे पड़े इस प्रोजेक्ट के कारण आमजन को लगातार असुविधा और जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है। भंडारीबाग रेलवे ओवरब्रिज परियोजना सहारनपुर रोड पर यातायात दबाव कम करने और शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। यह ओवरब्रिज भंडारीबाग को रेसकोर्स चौक से जोड़ेगा, जिससे प्रिंस चौक और हरिद्वार रोड के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा।
भर्ती प्रकरण की जांच में सख्ती, न्यायमूर्ति वर्मा को जिलों का दौरा कर शिकायतें सुनने का अधिकार
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा प्रकरण की जांच को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में गठित एसआईटी की कार्यवाही अब न्यायिक निगरानी में होगी। इसके लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बीएस वर्मा को जांच पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
गृह सचिव शैलेश बगौली द्वारा जारी आदेश के अनुसार, न्यायमूर्ति वर्मा एसआईटी की जांच की गहनता से निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्रवाई निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित हो। उन्हें आवश्यकता पड़ने पर प्रदेशभर में जाकर शिकायतों और सूचनाओं का संज्ञान लेने तथा जांच टीम को मार्गदर्शन देने का अधिकार भी प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने 24 सितंबर को पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जया बलोनी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। यह टीम एक माह के भीतर सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यदि स्नातक स्तरीय परीक्षा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाती है तो पूरी भर्ती प्रक्रिया वर्षों तक अटक सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पारदर्शी भर्तियों के पक्ष में है और युवाओं के हितों को देखते हुए परीक्षाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
एससीईआरटी सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में कुछ लोग बार-बार पेपर लीक का मुद्दा उठाकर भर्तियों को बदनाम करने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यही लोग अन्य मामलों में सीबीआई जांच से बचते हैं, लेकिन इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
सीएम धामी ने कहा कि सीबीआई जांच की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, जो कई सालों तक चल सकती है। अगर ऐसा हुआ तो भर्ती परीक्षाएं स्थगित हो जाएंगी और इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन अभ्यर्थियों को होगा जो अधिकतम आयु सीमा के करीब हैं।
उन्होंने कहा कि 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पहला संकल्प राज्य के युवाओं को रोजगार देने का लिया था। उसी के अनुरूप सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरा जा रहा है। धामी ने कहा कि सरकार पारदर्शिता और युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी परीक्षा को रुकने नहीं देगी।
जीएसटी दरों में कटौती से अब 1 लाख खर्च करने वाले परिवार को 20 हजार तक की बचत
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में हालिया कटौती को देश के आर्थिक सुधारों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टूथपेस्ट से लेकर ट्रैक्टर तक, हर ज़रूरी चीज़ पर टैक्स का बोझ घटा है और आम नागरिक को सीधा फायदा मिला है।
उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो (यूपीआईटीएस) का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 22 सितंबर से लागू किए गए नए जीएसटी सुधार देश के विकास की दिशा में एक “संरचनात्मक बदलाव” हैं। इनसे जीएसटी पंजीकरण आसान होगा, कर विवादों में कमी आएगी और एमएसएमई को रिफंड तेजी से मिलेगा।
पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय टैक्स के ज़रिए जनता से “लूट” होती थी, जबकि आज उनकी सरकार ने टैक्स कम करके महंगाई पर नियंत्रण किया है और लोगों की आय व बचत दोनों बढ़ाई हैं। मोदी ने दावा किया कि नए सुधारों से इस साल नागरिकों को करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 में 1,000 रुपये की शर्ट पर 170 रुपये टैक्स लगता था, जो जीएसटी लागू होने के बाद 50 रुपये रह गया। अब संशोधित दरों से वही टैक्स केवल 35 रुपये होगा। मोदी ने बताया कि पहले 1 लाख रुपये सालाना खर्च करने वाले परिवार को 20-25 हजार रुपये टैक्स देना पड़ता था, जबकि अब यह घटकर 5-6 हजार रुपये रह गया है। ट्रैक्टर पर 70,000 रुपये की जगह अब 30,000 रुपये टैक्स देना पड़ता है, जिससे किसानों को सीधे 40,000 रुपये की बचत होती है।
इसी तरह तिपहिया वाहन पर टैक्स 55,000 रुपये से घटकर 35,000 रुपये और दोपहिया वाहनों पर 8-9 हजार रुपये तक की कमी आई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से गरीब, नव-मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग सभी को राहत मिल रही है और यही “नए भारत” की असली तस्वीर है।
