PM-ABHIM मिशन के तहत केंद्र सरकार ने दी मंज़ूरी, स्वास्थ्य आपदाओं में समयबद्ध कार्रवाई होगी संभव
देहरादून। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार से बड़ा तोहफ़ा मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंज़ूरी प्रदान की है। यह सेंटर स्वास्थ्य आपदाओं के समय राज्य की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को मज़बूत बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि HEOC के संचालन के लिए कुल नौ संविदा पदों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें वरिष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, डेटा विश्लेषक, हब इंजीनियर और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद शामिल हैं।
धनराशि और संचालन
मंत्रालय के अनुसार HEOC के लिए धनराशि PM-ABHIM परियोजना अवधि 2021–26 तक उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवधि के बाद आगे की निरंतरता योजना की स्वीकृति पर निर्भर करेगी। राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह इन पदों पर संविदा आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करे और HEOC को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाए। निधि हस्तांतरण के लिए HEOC के नाम से एक अलग बैंक खाता भी खोला जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा तोहफ़ा दिया है। “हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन क्षमता और मज़बूत होगी। उन्होंने कहा इसके माध्यम से आपात स्थितियों में समय पर और समन्वित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करता हूँ,”।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उत्तराखंड के लिए हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना को मंज़ूरी दी है। हम जल्द ही संविदा पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेंगे और HEOC को क्रियाशील बनाएंगे। यह सेंटर स्वास्थ्य आपदाओं के दौरान समयबद्ध प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा, जिससे जनता को सीधे लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण कदम
देशभर में HEOCs की स्थापना भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मज़बूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वास्थ्य आपात स्थितियों के समय समयबद्ध कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आयोग की स्थापना को 20 वर्ष पूरे, अब तक 13.46 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से बुधवार को राजभवन में मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर सूचना आयुक्त योगेश भट्ट, दलीप सिंह कुंवर, देवेंद्र कुमार एवं कुशला नंद भी उपस्थित रहे।
मुख्य सूचना आयुक्त ने राज्यपाल को आयोग की गतिविधियों, उपलब्धियों और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग की स्थापना को 20 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस अवधि में प्रदेशभर के लोक सूचना अधिकारियों को 13,46,817 आवेदन प्राप्त हुए। प्रथम अपीलीय अधिकारियों के पास 1,35,430 आवेदन पहुंचे, जबकि आयोग स्तर पर 59,750 आवेदन दर्ज हुए, जिनमें से 58,719 का निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में केवल 1,031 प्रकरण लंबित हैं।
रतूड़ी ने बताया कि आयोग ने द्वितीय अपील और शिकायतों के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई है। आवेदकों को लिखित बयान, अनुपालन रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने की व्यवस्था भी दी गई है। साथ ही, अपीलों और शिकायतों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा भी लागू की गई है। उन्होंने बताया कि द्वितीय अपील में देहरादून से सर्वाधिक 32 प्रतिशत और हरिद्वार से 25 प्रतिशत आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि चम्पावत, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों से 1 प्रतिशत से भी कम आवेदन मिल रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं जवाबदेही का सशक्त माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिनियम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, विशेषकर उन जिलों में जहां अपीलें और शिकायतें बहुत कम आ रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जागरूकता का स्तर कम है, वहाँ विशेष अभियान चलाए जाएँ ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर सही सूचना प्राप्त कर सकें।
“किताबें समाज निर्माण का मार्ग प्रशस्त करती हैं” — ऋतु खण्डूडी
कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में विद्यार्थियों और युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए एक नए पुस्तकालय का शुभारंभ किया। यह पुस्तकालय कोटद्वार के माल गोदाम रोड स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में स्थापित किया गया है।
अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने इस पुस्तकालय को भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की स्मृति को समर्पित किया और कहा कि यह पुस्तकालय आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, प्रेरणा और अनुशासन का केंद्र बनेगा।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा—
“पुस्तकालय की स्थापना करने की प्रेरणा मुझे मेरी मां से मिली। वे हमेशा कहती थीं कि किताबें केवल ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि एक सुंदर और सशक्त समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करती हैं। आज के दौर में जब युवा सोशल मीडिया की तरफ अधिक आकर्षित हो रहे हैं और घंटों का समय स्क्रीन पर व्यर्थ कर रहे हैं, ऐसे में यह पुस्तकालय विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक उपयुक्त वातावरण और बेहतर विकल्प प्रदान करेगा।”
अध्यक्ष ने बताया कि इस पुस्तकालय में पारंपरिक किताबों के साथ-साथ ई-लाइब्रेरी की भी व्यवस्था होगी, जिससे कोटद्वार क्षेत्र के विद्यार्थी और युवा नि:शुल्क लाभ उठा सकेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इस पुस्तकालय के संचालन और प्रबंधन के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा जिसमें विधायक, महापौर, उपजिलाधिकारी, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, शहर के प्रमुख उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य जिम्मेदार लोग शामिल होंगे।
पुस्तकालय का उद्घाटन पूर्व प्रधानाचार्य सत्यप्रकाश थपलियाल के द्वारा हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा—
“पुस्तक जीवन का आधार है। हमें अपनी नई पीढ़ी में पुस्तकों को पढ़ने की आदत विकसित करनी होगी। कोटद्वार में विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण द्वारा पुस्तकालय खोलना निश्चित रूप से सराहनीय पहल है।”
महापौर शैलेंद्र रावत ने अपने संबोधन में कहा—
“पुस्तकालय खोलने की यह पहल कोटद्वार के लिए ऐतिहासिक कदम है। इसके लिए स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण बधाई की पात्र हैं। विधायक ने कोटद्वार में विकास की गंगा बहाई है। आज कोटद्वार में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, और सांस्कृतिक धरोहर हर दिशा में विकास के कार्य हो रहे हैं।”
पूर्व सैनिक गोपाल किशन बड़थ्वाल ने कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय शुरू करवाने और पुस्तकालय की स्थापना के लिए विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऋतु खण्डूडी भूषण के प्रयासों से कोटद्वार लगातार प्रगति कर रहा है।
वरिष्ठ कार्यकर्ता संग्राम सिंह भंडारी ने कहा कि “पुस्तकालय को स्व. सीडीएस बिपिन रावत के नाम से समर्पित करना अत्यंत गौरव की बात है। वे न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और स्थानीय गणमान्यों ने अपने-अपने संबोधन में स्व. सीडीएस बिपिन रावत जी के व्यक्तित्व और योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि यह गढ़वाल की भूमि का सौभाग्य है कि देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में प्रधानमंत्री ने गढ़वाल के लाल बिपिन रावत को यह जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही यह भी गर्व की बात है कि देश के दूसरे सीडीएस भी यहीं की धरती से आए। इस पर सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरव की बात है।
इस अवसर पर, राज्य मंत्री ऋषि कंडवाल, एस डी एम सोहन सिंह सैनी, बी ई ओ अमित चंद, डॉ. बी.एस. रावत, उमेश त्रिपाठी, सुमन कोटनाला, मण्डल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, आशीष रावत, प्रेमा खंतवाल, हरीश बेरानी, आशा डबराल, सेवक राम मनुजा, नगर के पार्षदगण, समाजसेवी, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
भारत ने अब तक सभी मैच जीते, बांग्लादेश को मिली एक हार
नई दिल्ली। एशिया कप 2025 के सुपर-4 राउंड में आज यानी 24 सितंबर को भारत और बांग्लादेश की टीम आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रात 8 बजे खेला जाएगा। मौजूदा टूर्नामेंट में पहली बार दोनों टीमें आमने-सामने आ रही हैं, ऐसे में फैंस के लिए यह मैच खास बनने वाला है।
टीम इंडिया ने अब तक टूर्नामेंट में अपने चारों मुकाबले जीते हैं, जबकि बांग्लादेश को सिर्फ एक हार का सामना करना पड़ा है। लिहाजा यह मैच दोनों टीमों के लिए फाइनल में पहुंचने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
मौसम का हाल
दुबई का मौसम मैच के दौरान साफ रहने की उम्मीद है। तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है और बारिश की कोई संभावना नहीं है।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
टी20 क्रिकेट में अब तक भारत और बांग्लादेश के बीच 17 मुकाबले हुए हैं। इनमें से भारत ने 16 मैच जीते हैं, जबकि बांग्लादेश को सिर्फ एक जीत मिली है।
मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी
वेन्यू: दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, यूएई
मैच टाइम: रात 8 बजे
टॉस टाइम: 7:30 बजे
लाइव स्ट्रीमिंग और टेलीकास्ट
भारत-बांग्लादेश सुपर-4 मैच की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप और वेबसाइट पर देखी जा सकती है। टीवी पर मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा।
दोनों टीमे इस प्रकार है-
भारत: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, संजू सैमसन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, जितेश शर्मा, रिंकू सिंह, वरुण चक्रवर्ती।
बांग्लादेश: लिटन दास (कप्तान/विकेटकीपर), तंजीद हसन, परवेज हुसैन इमोन, सैफ हसन, तौहीद हृदयोय, जेकर अली, शमीम हुसैन, नुरुल हसन, महेदी हसन, रिशाद हुसैन, नसुम अहमद, मुस्तफिजुर रहमान, तंजीम हसन, तस्कीन अहमद, शोरफुल इस्लाम, मोहम्मद सैफुद्दीन।
उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की बैठक में बिजनेस डेवलपमेंट प्लान पर जोर
देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में द्वीप नगर स्थित यूसीएफ सदन में उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन संचालक मंडल की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत यूनियन के नवनिर्मित मुख्यालय कार्यालय के विधिवत उद्घाटन से हुई, जिसे सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, यूनियन के अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा एवं संचालक मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से किया।
बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट कहा कि
“यूनियन को 100 दिनों के भीतर अपने काम का ठोस परिणाम दिखाना होगा। बिजनेस डेवलपमेंट प्लान पर विशेष फोकस रहे और इसका लाभ सीधे सहकारी संस्थाओं तक पहुँचे।”
बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई—
सहकारी शिक्षा निधि की अद्यतन स्थिति एवं निधि को सुदृढ़ बनाने के उपाय।
अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
सहकारी प्रशिक्षण केन्द्र Uttarakhand Institute of Cooperative and Corporate Rural Management (UICCRM) की स्थापना।
उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड पीसीयू के मध्य परिसंपत्तियों (आई.सी.एम. राजपुर एवं रानीखेत भूमि) का विभाजन।
त्रैमासिक सहकारी पत्रिका एवं साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन तथा RNI पंजीकरण।
राज्य की सभी सहकारी संस्थाओं का डाटाबेस तैयार करना।
पीसीयू के माध्यम से प्रदेश के राज्य और जिला सहकारी बैंक में स्टेशनरी की उपलब्धता।
धान खरीद सत्र 2025-26 हेतु मूल्य समर्थन योजना में भागीदारी।
कृभको के माध्यम से उर्वरक व्यवसाय।
गंगाजल प्रोजेक्ट की समीक्षा।
सरकारी कार्यालयों में सोलर कार्य प्रारम्भ करने की नई परियोजनाएँ।
बैठक में उपस्थित निदेशकों से मंत्री ने सुझाव भी प्राप्त किए और कहा कि सहकारिता की गतिविधियाँ तेजी से धरातल पर उतारी जाएँ, ताकि अगले 100 दिनों में ठोस उपलब्धियाँ सामने आएं।
इस अवसर पर अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा, प्रबंध निदेशक मंगल त्रिपाठी, संचालक मंडल सदस्य प्रदीप चौधरी, सुभाष चंद्र रमोला, श्रीमती शांति देवी, सुरेंद्र सिंह, सार्थक त्रिपाठी सहित प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के कार्मिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने दुकानदारों और नागरिकों से की स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की अपील
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुँआवाला बाजार में “स्वदेशी अपनाओ” और जीएसटी की नई दरों के प्रचार-प्रसार हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत बाजार भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर स्वदेशी उत्पादों के लाभ एवं नई कर दरों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम है। इससे स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता घटाएँ।
उन्होंने बताया कि कर दरों में किए गए संशोधन का उद्देश्य आम जनता को सुविधा देना और व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाना है। पारदर्शी व सरल कर प्रणाली से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जागरूकता और लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही “स्वदेशी अपनाओ” अभियान सफल होगा और राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
इस अवसर पर भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला भी उपस्थित रहे।
कांग्रेस की CWC बैठक को भाजपा ने बताया चुनावी स्टंट
नई दिल्ली। बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस की पहली बार हुई कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक ने सियासी गर्माहट बढ़ा दी है। भाजपा ने इस बैठक पर हमला बोलते हुए इसे महज चुनावी स्टंट बताया और कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए।
भाजपा का आरोप:
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि यह बैठक कांग्रेस की सोची-समझी चाल है, जिससे वह महागठबंधन में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। मालवीय ने इसे तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सपने का अंत बताते हुए कहा कि कांग्रेस अब राजद पर निर्भर नहीं रहना चाहती।
महागठबंधन में संदेश:
मालवीय ने कहा कि इस बैठक में वही नेता शामिल हुए हैं जिन्होंने पहले बिहार और बिहार की जनता का अपमान किया। उनका कहना है कि महागठबंधन के भीतर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने पर अब सहमति नहीं बन रही।
कांग्रेस-राजद में बढ़ती दूरी:
भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी का बिहार में बढ़ता सक्रियता दिखाता है कि कांग्रेस अब खुद को एक मजबूत ताकत के रूप में पेश करना चाहती है और राजद पर निर्भर नहीं रहना चाहती। मालवीय ने कहा कि चुनाव से पहले ही दोनों दलों की राहें अलग हो सकती हैं।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया:
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस बिहार में अपनी जमीन खो चुकी है और उसके पास न नेता हैं न कार्यकर्ता। डॉ. बूरा नरसैया गौड़ ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले आरोप को सिर्फ बहाना बताया और भाजपा की जीत की उम्मीद जताई।
पटना बैठक पर रविशंकर प्रसाद का तंज:
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को बिहार की याद 85 साल बाद आई है। उनका कहना है कि यह बैठक सिर्फ राजनीतिक फायदा और आगामी चुनावों के लिए है, जनता की भलाई के लिए नहीं।
प्लास्टिक ने कभी इंसानों की जिंदगी को आसान बनाने का वादा किया था, लेकिन अब यही प्लास्टिक हमारी सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोज़मर्रा के पानी की बोतल, पैकेज्ड फूड और प्लास्टिक बैग में मौजूद सूक्ष्म कण, जिन्हें माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है, धीरे-धीरे हमारे शरीर में जमा हो रहे हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहे हैं।
शोधों से पता चला है कि माइक्रोप्लास्टिक अब लगभग हर इंसान के शरीर में मौजूद हैं। साल 2022 के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पहली बार इंसानों के खून में इन कणों की पुष्टि की। ये छोटे-छोटे कण खून, अंगों और हड्डियों तक पहुंचकर सूजन, कोशिकाओं को नुकसान और गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।
रोजाना औसतन हर इंसान लगभग 5 ग्राम माइक्रोप्लास्टिक निगल रहा है। यह कण न केवल खाने और पानी के जरिए शरीर में प्रवेश कर रहे हैं, बल्कि हवा और यहां तक कि नमक में भी मौजूद हैं।
हड्डियों पर असर:
ब्राजील के वैज्ञानिकों की समीक्षा में पता चला कि माइक्रोप्लास्टिक हड्डियों की मज्जा में मौजूद स्टेम सेल्स की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं। इससे हड्डियों का क्षय तेज होता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन की चेतावनी है कि 2050 तक हड्डियों के टूटने की घटनाएं 32 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।
फेफड़ों और कैंसर का खतरा:
हवा में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक कण फेफड़ों तक पहुंचकर सूजन, एलर्जी, अस्थमा और लंबे समय में फेफड़ों की क्षमता घटाने का काम कर सकते हैं। कुछ शोधों में इन कणों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी जोड़ा गया है।
बच्चों के लिए खतरा:
विशेषज्ञों का कहना है कि माइक्रोप्लास्टिक बच्चों के लिए भी खतरा हैं। प्लास्टिक की बोतलों और पैकेज्ड फूड के लगातार इस्तेमाल से शरीर में माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा बढ़ती है और शिशुओं में क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
निष्कर्ष:
विज्ञानियों का मानना है कि अगर समय रहते प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित नहीं किया गया, तो भविष्य में लाखों लोग हड्डियों, फेफड़ों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करेंगे।
(साभार)
दूध, मिठाई और मसालों की गुणवत्ता की होगी सघन जांच
देहरादून। त्योहारी सीजन के मौके पर उत्तराखंड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर में मिलावटखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत सभी जिलों में विभागीय टीम खाद्य वस्तुओं के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करेगी।
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि दूध, घी, मिठाई, मसाले, आटा, मैदा, बेसन, सूखे मेवे और कुट्टू का आटा जैसे प्रमुख उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। निर्माण इकाइयों, थोक और रिटेल विक्रेताओं से लिए गए नमूनों की जांच सरकारी प्रयोगशालाओं में कराई जाएगी।
डॉ. कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित छापेमारी कर संदिग्ध उत्पादों के नमूने भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई उत्पाद असुरक्षित पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिलावटी खाद्य बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज करने और उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, सभी राज्य मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से हर सप्ताह जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता हेल्पलाइन और व्हाट्सएप पर खाद्य वस्तुओं की शिकायत कर सकते हैं। जांच दिल्ली स्थित एफएसएसएआई और उत्तराखंड की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से कराई जाएगी और हर सप्ताह सार्वजनिक की जाएगी।
सुबह तड़के उठी लपटों ने पूरे गोदाम को घेरा, आसपास के घर भी आये चपेट में
रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। भूरारानी क्षेत्र स्थित एक पाइप गोदाम में तड़के भीषण आग लग गई। लाखों का सामान जलकर हुआ खाक। सुबह करीब 5 बजे उठी लपटों ने कुछ ही देर में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि आस-पास के घरों तक फैल गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घर खाली कर बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की चपेट में आने से कई घरों में रखा सामान भी नष्ट हो गया।
आग की सूचना मिलते ही रुद्रपुर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। स्थिति को काबू में करने के लिए किच्छा, पंतनगर और सिडकुल से अतिरिक्त टैंकर भी बुलाए गए। अग्निशमन अधिकारी ईशान कटारिया ने खुद मौके पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की।
फिलहाल आग लगने के कारणों और कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
