कॉमेडी फिल्मों के चाहने वालों के लिए खुशखबरी! लंबे समय से चर्चा में रही फिल्म ‘मस्ती 4’ का टीजर आखिरकार रिलीज कर दिया गया है। धमाल और हंसी से भरपूर इस सीरीज के चौथे पार्ट में दर्शकों को पहले से कहीं ज्यादा मज़ा, मस्ती और दोस्ती देखने को मिलेगी।
निर्देशक मिलाप जावेरी के निर्देशन में बनी ‘मस्ती 4’ का टीजर आते ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा है। टीजर शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा— “पहले थी मस्ती, फिर आई ग्रैंड मस्ती, फिर ग्रेट ग्रैंड मस्ती और अब तैयार हो जाइए #MASTIII4 के लिए। इस बार कॉमेडी, शरारत और दोस्ती होगी चार गुना ज्यादा।” यह फिल्म 21 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
मस्ती सीरीज की झलक:
2004 में आई पहली फिल्म ‘मस्ती’ ने दर्शकों को खूब हंसाया था। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी उस फिल्म में अजय देवगन, विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख, आफताब शिवदासानी और कई सितारे नजर आए थे। इसके बाद ‘ग्रैंड मस्ती’ और ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’ भी दर्शकों के बीच सफल रही।
‘मस्ती 4’ की स्टारकास्ट और प्रोडक्शन:
‘मस्ती 4’ में एक बार फिर रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय और आफताब शिवदासानी की तिकड़ी पर्दे पर वापसी कर रही है। इनके साथ श्रेया शर्मा, रूही सिंह और एलनाज नोरौजी भी नज़र आएंगी। फिल्म को जी स्टूडियोज और वेवबैंड प्रोडक्शन ने मारुति इंटरनेशनल और बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ मिलकर बनाया है। इसके निर्माता हैं— ए. झुनझुनवाला, शिखा करण अहलूवालिया, इंद्र कुमार, अशोक ठाकेरिया, शोभा कपूर, एकता कपूर और उमेश बंसल।
(साभार)
13 अक्टूबर तक जवाब मांगा
देहरादून। चुनाव आयोग ने उत्तराखंड के दो पंजीकृत लेकिन अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन दलों ने पिछले छह वर्षों के दौरान चुनाव लड़े, लेकिन निर्धारित समय सीमा में अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और चुनावी व्यय विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए। नियमों के अनुसार विधानसभा चुनाव के 75 दिन और लोकसभा चुनाव के 90 दिन के भीतर रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य है।
आयोग ने इन दलों को 13 अक्तूबर तक जवाब देने का समय दिया है। नोटिस भारतीय सर्वोदय पार्टी (पटेल नगर, देहरादून) और उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी (सुभाष रोड, देहरादून) को जारी किए गए हैं।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-29 के तहत पंजीकृत दलों को आयोग से कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें आयकर से छूट, चुनाव चिह्न आवंटन और स्टार प्रचारकों के नामांकन जैसी रियायतें शामिल हैं। नियमों का पालन न करने पर आयोग पहले ही 17 दलों का पंजीकरण रद्द कर चुका है।
खेल मंत्री ने किया उत्तराखंड प्रीमियर लीग सीजन 2 का उद्घाटन
देहरादून। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में उत्तराखंड प्रीमीयर लीग (यूपीएल) सीजन-2 की धूमधाम से शुरुआत हुई। इस अवसर पर प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं।
उन्होंने दोनों महिला टीमों की कप्तानों को टॉस के बाद शुभकामनाएं दीं और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड प्रीमीयर लीग प्रदेश में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने के साथ ही युवाओं को बड़ी पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि निकट भविष्य में इस टूर्नामेंट की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। खेल मंत्री ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से युवाओं को न सिर्फ बड़े मंच पर खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा, बल्कि प्रदेश में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश तभी सच्चे अर्थों में खेल भूमि बन सकता है जब यहां हर घर से एक खिलाड़ी निकले। इसके लिए वातावरण तैयार करने में उत्तराखंड प्रीमीयर लीग जैसे आयोजनों की बड़ी भूमिका रहने वाली है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने यूपीएल के आयोजकों, खेल प्रेमी दर्शकों और सहभागिता करने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
भाजपा नेतृत्व की कार्यशैली और पारदर्शिता पर उठाए सवाल
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भाजपा पर संगठनात्मक चुनावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा देश के सर्वोच्च संस्थानों—मुख्य न्यायाधीश, उपराष्ट्रपति और चुनाव आयुक्त जैसे पदों पर बदलाव करने की ताकत रखती है, तो फिर अपने ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराने से क्यों बच रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही और यही भाजपा की सबसे बड़ी कमजोरी है।
राउत ने कहा कि भाजपा नेतृत्व संगठनात्मक स्तर पर चुनाव कराने में असमर्थ दिखाई देता है। उनका व्यंग्यपूर्ण हमला भाजपा की कार्यशैली और पारदर्शिता पर सीधा वार माना जा रहा है।
मुंबई नगर निगम चुनाव और ठाकरे फैक्टर
आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर राउत ने संकेत दिए कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे पर बयान केवल अंतिम सहमति के बाद ही सामने आएगा। राउत का दावा है कि ठाकरे परिवार का प्रभाव महाराष्ट्र की राजनीति में आज भी अहम है और इसका असर चुनावी नतीजों में साफ दिखेगा।
मराठी अस्मिता पर जोर
राउत ने मराठी पहचान को भी चुनावी एजेंडे से जोड़ा। उन्होंने कहा कि “मराठी जनता बताएगी कि ठाकरे ब्रांड का असली अर्थ क्या है।” उनका इशारा इस ओर था कि स्थानीय अस्मिता एक बार फिर चुनाव में निर्णायक कारक साबित हो सकती है।
भाजपा पर सीधा निशाना
विशेषज्ञ मानते हैं कि राउत का यह बयान भाजपा पर दबाव बनाने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और संस्थानों पर नियंत्रण जमाने के आरोप लगाती रही है। अब संगठनात्मक चुनाव का मुद्दा भी इस बहस में नया मोड़ लेकर आया है।
राउत के बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में मुंबई नगर निगम चुनाव और राज्य की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि “समय आने पर तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।” राजनीतिक गलियारों में इसे विपक्षी खेमे की नई रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है। धामी मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 6 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
देखें, कैबिनेट की बैठक के फैसले
01 – कृषि एवं कृषि कल्याण विभाग
उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026 – 2036 का प्राख्यापन, इस नीति के तहत प्रथम चरण में 91 हजार लाभार्थियों के माध्यम से 22750 हैक्टेयर भूमि को सगंध फसलों से आच्छादित करने का लक्य्म रखा गया है। नीति के तहत किसानों को एक हैक्टेयर तक खेती पर 80 प्रतिशत और उससे उपर लागत का 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा।
02 – विद्यालयी शिक्षा
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् उत्तराखण्ड द्वारा वर्तमान में पी एम ई विद्या कार्यक्रम के अन्तर्गत पांच फ्री शैक्षिक टीवी चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है। पी एम ई विद्या कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु सुव्यवस्थित स्टूडियो स्थापित करने हेतु न्यूनतम कार्य आवश्यकता के दृष्टिगत संयुक्त निदेशक (पदेन) 01 पद, उप निदेशक (पदेन) 01 पद, सहायक निदेशक (पदेन) 01 पद, प्रवक्ता/चैनल समन्वयक (पदेन) 01 पद, स्टूडियो इंजीनियर आउटसोर्स 01 पद, स्टूडियो तकनीकी सहायक (आउटसोर्स) 01 पद, कम्प्यूटर ऑपरेटर (आउटसोर्स) 01 पद एवं MTS (Multy Task Staff) / चतुर्थ श्रेणी (आउटसोर्स) 01 पद, कुल 08 पद सृजित किए जाएंगे। उक्त कार्मिकों को मानदेय इत्यादि पर कुल वार्षिक लगभग रू0 10,56,000/- (रूपये दस लाख छप्पन हजार मात्र) व्ययभार प्रस्तावित है।
03 – आवास विभाग
प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत ग्राम बागवाला तहसील रुद्रपुर, जिला उधमसिंहनगर में जिलास्तरीय विकास प्राधिकरण द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए 1872 किफायती आवासों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना के आवासों की विशिष्टियों में परिवर्तन के कारण आंकलित अतिरिक्त व्ययभार रू0 2785.07 लाख (रू० सत्ताईस करोड़ पिचासी लाख सात हजार मात्र) को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा
मा० सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में पारित निर्णयादेशों के क्रम में उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिये प्रारम्भिक शिक्षा संवर्ग के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) हेतु प्राविधान तथा सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता में सितम्बर 2017 से 31 मार्च, 2019 के मध्य एन.आई.ओ.एस. द्वारा दूरस्थ शिक्षा (ODL) के माध्यम से कराये गये सेवारत डी०एल०एड० प्रशिक्षण को सम्मिलित किया गया।
05 – समाज कल्याण
समाज कल्याण विभागान्तर्गत विभिन्न विवाह अनुदान योजनायें (यथा-अनुसूचित जाति/जनजाति की पुत्रियों की शादी व निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों की शादी, परित्यक्तता विवाहित महिला व मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति अथवा उसकी पत्नी की पुत्री के विवाह हेतु अनुदान योजना, अन्तर्जातीय विवाह पुरस्कार अनुदान योजना एवं दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना) संचालित हैं।
चूंकि विभागान्तर्गत वर्तमान में दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना को छोड़कर अन्य विवाह अनुदान योजनाओं के अन्तर्गत अनुदान सहायता राशि रू0 50,000/- निर्धारित है। इसी क्रम में अन्य शादी अनुदान योजनान्तर्गत प्रदान की जाने वाली अनुदान सहायता राशि रू0 50,000/- की भाँति ही दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजनान्तर्गत दम्पति को प्रदान की जाने वाली सहायता राशि रू0 25,000/- से बढ़ाकर रू0 50,000/- कर दी गई है।
06 –कारागार प्रशासन
उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए महिला प्रधान बंदीरक्षक के दो, महिला बंदीरक्षक के 22, अपर महानिरीक्षक कारागार (सुधारात्मक विंग), रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर और वैयक्तिक सहायक के एक एक पदों को मंजूरी प्रदान की गई। कारागार मुख्यालय में स्वच्छकार, माली एवं अधीनस्थ कारागारों में नाई, स्वच्छकारों की सेवाएं आउटसोर्स के माध्यम से ली जाएगी।
धान और मंडुआ खरीद के लिए 600 करोड़ का बजट आवंटित
1 अक्टूबर से शुरू होगी खरीद, विभागीय बैठक में मंत्री ने की समीक्षा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने खरीफ फसलों की खरीद के 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय स्थित देवेंद्र शास्त्री भवन में मंगलवार को आयोजित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक में खरीफ की फसलों, धान और मंडुआ की खरीद की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को आदेश दिए कि इस बार किसानों को उनकी उपज का भुगतान नियमानुसार 48 से 72 घंटे के भीतर हर हाल में किया जाए। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल और मंडुआ का 4886 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को समय पर लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने पहले से ही 600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर दिया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि फसल भंडारण के लिए गोदाम की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और खरीद के लिए जूट के बैग की पर्याप्त उपलब्धता हर खरीद स्थल पर सुनिश्चित होगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। बैठक में एफसीआई, मंडी समिति और राइस मिल संगठन के प्रतिनिधियों की ओर से रखी गई मांगों के भी शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त चंद्रेश कुमार, एमएस बिसेन, सीएम घिल्डियाल, आरएफसी गढ़वाल अरविंद पांडे, लता मिश्रा, अपर आयुक्त पीएस पांगती, राइस मिल एसोसिएशन अध्यक्ष सचिन गोयल, पंकज सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
7.50 एलएमटी है धान खरीद का लक्ष्य
बैठक के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य 7.50 लाख मीट्रिक टन और मंडुआ खरीद का लक्ष्य 5000 मीट्रिक टन तय किया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। गढ़वाल मंडल में पिछले साल 120 खरीद केंद्रों के मुकाबले इस साल 135 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे जबकि कुमाऊं मंडल में पिछले साल के 564 खरीद केंद्रों के मुकाबले इस साल 600 खरीद केंद्र बनाए जा रहे हैं।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग घंटों तक एक ही जगह बैठे रहते हैं—चाहे ऑफिस में कंप्यूटर के सामने हों, घर पर टीवी देख रहे हों या मोबाइल स्क्रॉल कर रहे हों। यह आदत धीरे-धीरे हमारी सेहत को अंदर से कमजोर कर रही है। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक बैठे रहना जितना खतरनाक है, उससे भी ज्यादा नुकसानदेह है पैरों को क्रॉस करके बैठना।
क्यों है क्रॉस-लेग बैठना हानिकारक?
बहुत से लोग इसे आरामदायक मानते हैं, लेकिन शोध बताते हैं कि पैरों को क्रॉस करके बैठना ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और ब्लड क्लॉट जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस पोज़िशन से शरीर का पोश्चर बिगड़ता है और रक्त प्रवाह रुकावट का शिकार हो जाता है।
‘ई-थ्रोम्बोसिस’ और ब्लड क्लॉट का खतरा
नवीनतम अध्ययन बताते हैं कि डेस्क पर लंबे समय तक क्रॉस-लेग बैठना “ई-थ्रोम्बोसिस” का कारण बन सकता है। यह समस्या तब होती है जब शरीर के निचले हिस्से में रक्त का संचार बाधित हो जाता है और खून का थक्का जमने लगता है। यह थक्का अगर फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी जानलेवा स्थिति बन सकती है।
डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) का रिस्क
क्रॉस-लेग बैठने से पैरों की नसों पर लगातार दबाव पड़ता है। इससे खून का बहाव धीमा हो जाता है और पैरों में सूजन, झनझनाहट व सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। बार-बार ऐसा करने से डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) होने की आशंका बढ़ जाती है।
अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
लंबे समय तक इस पोज़िशन में बैठने से ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से बढ़ सकता है।
दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हृदय रोग का खतरा रहता है।
रीढ़ की हड्डी पर असमान दबाव पड़ने से पीठ और कमर दर्द बढ़ सकता है।
लंबे समय तक गलत तरीके से बैठना स्कोलियोसिस (रीढ़ का टेढ़ापन) जैसी समस्या भी पैदा कर सकता है।
निष्कर्ष
एक ही पोजिशन में बैठे रहना और खासकर पैरों को क्रॉस करके बैठना आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। इसलिए हर थोड़ी देर में उठकर चलना-फिरना, स्ट्रेचिंग करना और सही पोश्चर में बैठना बेहद जरूरी है।
(साभार)
देहरादून में अतिवृष्टि से 211 करोड़ से अधिक का अनुमानित नुकसान
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आपदा से हुई क्षति एवं पुनर्स्थापना कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। 15 सितम्बर की रात्रि को हुई अतिवृष्टि से जनपद में अब तक लगभग 211 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित क्षति आंकी गई है, हालांकि आंकलन कार्य अभी जारी है।
डीएम ने बताया कि वे स्वयं सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर चुके हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों के बाद अब नुकसान की गणना कराई जा रही है। उन्होंने सीडीओ, एसडीएम, अधीक्षण अभियंताओं, कृषि, पशुपालन एवं उद्यान अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क, पेयजल की त्वरित बहाली और घर, खेत व फसल के नुकसान का शीघ्र मुआवज़ा प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रत्येक प्रभावित को राहत पहुँचाना प्रशासन का दायित्व है। इसके लिए सभी क्षेत्रों में वरिष्ठ QRT टीमें तैनात की गई हैं। सहस्त्रधारा, मझाड़ (कार्लीगाड), भीतरली किमाड़ी, सिरोना-फुलेत सहित अन्य क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने विभागों को निर्देशित किया कि बजट का इंतजार किए बिना प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल व्यवस्थाएं बनाई जाएं तथा शासन को शीघ्र प्रस्ताव भेजे जाएं। लोनिवि और पीएमजीएसवाई को युद्धस्तर पर संपर्क विहीन गांवों की कनेक्टिविटी बहाल करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पेयजल, विद्युत, सिंचाई, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली हेतु प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सभी विभाग संयुक्त सर्वे कर भवन, कृषि, उद्यान एवं पशु हानि का आंकलन करें और हैण्ड-टू-हैण्ड मुआवज़ा वितरण सुनिश्चित करें।
जनपद में अब तक दर्ज प्रमुख क्षति में – लोनिवि के 13 पुल व अन्य संरचनाएं (46 करोड़), एनएचआई पुल (13.46 करोड़), पेयजल निगम (18.23 करोड़), जल संस्थान (13.31 करोड़), सिंचाई विभाग (64.50 करोड़), विद्युत (10.63 करोड़), शिक्षा (4.18 करोड़), ग्रामीण विकास (4.15 करोड़), पीएमजीएसवाई (26.38 करोड़), स्वास्थ्य (35 लाख), कृषि (54 लाख), उद्यान (8.78 लाख) सहित विभिन्न विभागों को कुल 211 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एडीएम वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा सहित सिंचाई, लोनिवि, यूपीसीएल, जल संस्थान, पीएमजीएसवाई तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
CAG रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक मजबूती और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन की तारीफ
देहरादून। उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ऐतिहासिक वित्तीय उपलब्धि हासिल की है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने इस अवधि में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर अपनी वित्तीय सुदृढ़ता का परिचय दिया है। यह उपलब्धि उत्तराखंड को उन राज्यों की सूची में शामिल करती है, जिन्होंने हाल ही में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है।
CAG रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक प्रगति और वित्तीय अनुशासन की तारीफ की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व अधिशेष का यह आंकड़ा उत्तराखंड की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार और सशक्त प्रबंधन का प्रतीक है। कभी “बिमारू” राज्यों की श्रेणी में शामिल उत्तराखंड ने अब पारदर्शी नीतियों और सतर्क वित्तीय प्रबंधन के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा, “सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन के सिद्धांतों पर काम कर रही है, ताकि उत्तराखंड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प से प्रेरित होकर हमने ठोस कदम उठाए हैं।”
CAG रिपोर्ट की इस उपलब्धि ने राज्य के वित्तीय सुधार, आर्थिक मजबूती और सुशासन की नीति को उजागर किया है, जो भविष्य में निवेश और विकास की संभावनाओं को और मजबूत करेगी।
बॉलीवुड के दमदार कलाकार इमरान हाशमी और यामी गौतम की अपकमिंग फिल्म ‘हक’ का टीजर रिलीज हो गया है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक महिला अपने हक के लिए संघर्ष करती है और अपने पति द्वारा दबाए जाने के बावजूद इंसाफ की मांग करती है। कहानी सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचने वाली महिला की जुझारू यात्रा पर आधारित है।
हक की लड़ाई
टीजर में यामी गौतम अपने किरदार शाजिया बानो के रूप में दिखाई देती हैं, जो अपने हक की लड़ाई लड़ रही हैं। इमरान हाशमी उनके सामने कहते हैं कि अगर वह सही मुसलमान और नेक बीवी होतीं तो ऐसा सवाल कभी नहीं उठातीं। इस पर यामी जवाब देती हैं कि उनका संघर्ष सिर्फ अपने हक के लिए है।
अदालत में चुनौती
फिल्म में दिखाया गया है कि यामी गौतम अदालत का दरवाजा खटखटाती हैं, लेकिन उन्हें सुझाव दिया जाता है कि किसी काजी से मिलें। इसके जवाब में शाजिया बानो कहती हैं कि अगर किसी का खून हो जाए तो क्या तब भी यही सलाह दी जाएगी। इस डायलॉग से महिला अधिकारों और न्याय की अहमियत को उभारने की कोशिश की गई है।
सुप्रीम कोर्ट का असर
टीजर में जज का किरदार कहता है कि यह मामला निजी नहीं, बल्कि पूरे देश का है। इसके बाद इमरान हाशमी और यामी गौतम सुप्रीम कोर्ट में आमने-सामने होते हैं। यामी गौतम अपने किरदार के माध्यम से कानून से यह मांग करती हैं कि महिलाओं के हक को समान नजरिए से देखा जाए।
फिल्म की खास बातें
‘हक’ फिल्म सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम केस पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन शुपर्ण एस वर्मा ने किया है और यह 7 नवंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फिल्म का निर्माण जंगली पिक्चर्स, इनसोम्निया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज के सहयोग से किया गया है।
(साभार)
