सड़कों की तत्काल मरम्मत के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी रोड और किमाड़ी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य सड़कों की तत्काल मरम्मत कर यातायात सामान्य बनाया जाए और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग एवं राहत शिविर स्थापित किए जाएं।
सीएम ने कहा कि सभी विभाग युद्धस्तर पर कार्य कर प्रभावित परिवारों को आपदा मानकों के अनुसार आर्थिक सहायता और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी है।
निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, डीएम देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए
देहरादून। मालदेवता क्षेत्र के किसनपुरी बांडावाली में नदी का रुख बदलने और अनधिकृत निर्माण के कारण करीब 150 मीटर सड़क पूरी तरह बह गई। इससे छह करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ। जिलाधिकारी सविन बंसल ने तुरंत उच्चस्तरीय जांच कराने और लोक निर्माण विभाग को नदी को चैनलाइज कर सड़क निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने मालदेवता, खैरी धनौला, किसनपुरी बांडावाली और कोठालगेट के पुलों व सड़कों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत कर यातायात शीघ्र सुचारू करने के निर्देश दिए।
कोठालगेट के पास क्षतिग्रस्त मोटर पुल के कारण मसूरी का संपर्क कट गया था, लेकिन प्रशासन की तत्परता से वैली ब्रिज रातों-रात तैयार कर हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे मसूरी क्षेत्र की जनता को राहत मिली। मालदेवता और केशरवाला में वॉशआउट सड़कों की मरम्मत और नदी चैनलाइजेशन का काम तेजी से जारी है।
चमोली के घायल मरीजों को एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट करने के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। उन्होंने चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्यों को और गति देने के निर्देश दिए।
सीएम ने चमोली डीएम संदीप तिवारी से स्थिति की जानकारी लेकर गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली और नेटवर्क कनेक्टिविटी शीघ्र बहाल करने, आश्रय-भोजन-चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और हर परिवार तक राहत सामग्री पहुंचाने को कहा।
इस अवसर पर आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में मोबाइल और कंप्यूटर हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन क्लास या फिर दोस्तों से बातचीत—हर जगह स्क्रीन हमारे साथ रहती है। लेकिन यह सुविधा धीरे-धीरे हमारे स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। खासकर गैजेट्स से निकलने वाली नीली रोशनी (ब्लू लाइट) हमारी आंखों, दिमाग और त्वचा पर गहरा असर डाल रही है।
कई शोध बताते हैं कि लंबे समय तक स्क्रीन पर नज़रें गड़ाए रखने से न सिर्फ नींद खराब होती है, बल्कि यह समय से पहले बुढ़ापा (Premature Ageing) भी ला सकती है। लगातार ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से थकान, हार्मोनल असंतुलन, त्वचा पर झुर्रियां और यहां तक कि मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग घंटों कमरे या ऑफिस के अंदर काम करते हैं और बाहर धूप या प्राकृतिक रोशनी से दूर रहते हैं, उनके शरीर में विटामिन-डी की कमी और मोटापे जैसी परेशानियां जल्दी सामने आती हैं। अगर इसके साथ ब्लू लाइट का असर जुड़ जाए तो स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ जाते हैं।
अमेरिका की ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि लगातार ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से शरीर की जैविक घड़ी (Biological Clock) प्रभावित होती है। यह न सिर्फ नींद और ऊर्जा स्तर बिगाड़ती है, बल्कि कोशिकाओं की कार्यक्षमता भी कम करती है। पशुओं पर हुए इस रिसर्च में स्पष्ट हुआ कि ब्लू लाइट ने उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर दिया और मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाया।
नींद पर असर, मोटापे का खतरा और त्वचा की चमक खोना—ये सब ब्लू लाइट की वजह से होने वाले दुष्प्रभाव हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक स्क्रीन से निकलने वाली यह रोशनी त्वचा पर झुर्रियां, दाग-धब्बे और समय से पहले बुढ़ापा लाने में अहम भूमिका निभाती है।
अगर आप भी दिनभर मोबाइल और लैपटॉप में डूबे रहते हैं, तो अब वक्त आ गया है कि सावधान हो जाएं और स्क्रीन टाइम को कम करें। प्राकृतिक रोशनी और बाहर की ताज़ी हवा आपके स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए बेहद जरूरी है।
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प्रत्येक होटल में कर्मचारियों की तैनाती, प्रभावितों की समस्याओं का हो रहा समाधान
देहरादून। आपदा प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाले गए 168 लोगों को प्रशासन ने अस्थायी राहत के रूप में विभिन्न होटलों में ठहराया है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत पांच होटलों को अधिग्रहित कर इन्हें राहत शिविर का स्वरूप दिया है। यहां प्रभावितों के लिए भोजन, राशन और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था की गई है। साथ ही, समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए होटलवार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि मजाड़ और कालीगाड जैसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में सर्च व रेस्क्यू अभियान अब भी जारी है। अब तक खतरनाक इलाकों से 70 लोगों को बचाया गया था, जिसके बाद कार्लीगाड गांव से 60 प्रभावितों को हिमालयन व्यू होटल, सेरा गांव से 32 लोगों को ईरा रिजॉर्ट और कुल्हान से 76 लोगों को हिल व्यू होटल पहुंचाया गया। पहले इन लोगों को अस्थायी रूप से स्कूल भवनों में ठहराया गया था।
प्रत्येक होटल में दो-दो कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि राहत कार्य सुचारू रूप से चल सके। वहीं, जिला पर्यटन विकास अधिकारी को नोडल अफसर और रायपुर के सहायक खंड विकास अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। होटल परिसरों में सफाईकर्मियों की भी तैनाती की गई है ताकि प्रभावित लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। प्रशासन लगातार उनके नुकसान और आवश्यकताओं का ब्यौरा एकत्र कर रहा है, जिससे आगे मदद और पुनर्वास की दिशा में योजनाएं बनाई जा सकें।
भारत में हॉलीवुड सुपरहीरो फिल्मों और जापानी एनिमे सीरीज का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। खासकर एनिमे फिल्मों का दर्शकों के बीच एक अलग ही फैनबेस तैयार हो चुका है। इसी कड़ी में हाल ही में रिलीज हुई जापानी एनिमे फिल्म ‘डेमन स्लेयर’ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। महज कुछ ही दिनों में यह फिल्म करोड़ों का बिज़नेस कर चुकी है और युवाओं, खासकर जेन-ज़ी (Gen Z) दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
6वें दिन का कलेक्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘डेमन स्लेयर’ ने रिलीज़ के 6वें दिन 3.09 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसके साथ ही फिल्म का कुल कलेक्शन 50.87 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि मंगलवार को फिल्म ने 4.08 करोड़ रुपये कमाए थे, लेकिन बुधवार को इसमें थोड़ी गिरावट दर्ज की गई।
बिना प्रमोशन भी हिट
दिलचस्प बात यह है कि ‘डेमन स्लेयर’ का भारत में कोई बड़ा प्रमोशन नहीं किया गया था। इसके बावजूद फिल्म सिर्फ अपने फैनबेस की वजह से थिएटर्स में हिट साबित हो रही है। एनिमे फिल्मों का सबसे बड़ा दर्शक वर्ग युवा पीढ़ी है, जो लगातार इस फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स दे रही है।
एक्शन और रोमांच से भरपूर
यह फिल्म अपने दमदार एक्शन और शानदार फाइट सीन्स के लिए चर्चा में है। सोशल मीडिया पर भी दर्शक लगातार इसके विजुअल्स और स्टोरीलाइन की तारीफ कर रहे हैं। फिल्म न केवल भारत बल्कि अमेरिका समेत कई अन्य देशों में भी रिलीज हुई है, जहां इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
साउथ फिल्म ‘मिराय’ से मुकाबला
हालिया बॉलीवुड रिलीज़ की तुलना में ‘डेमन स्लेयर’ ज्यादा अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हिंदी फिल्मों का कलेक्शन जहां लाखों में सिमटकर रह गया है, वहीं यह जापानी एनिमे फिल्म करोड़ों कमा रही है। हालांकि, इसे साउथ इंडियन फिल्म ‘मिराय’ से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिसने बुधवार को 4.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।
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राहुल गांधी का बड़ा आरोप, कहा – सॉफ्टवेयर से हो रही है ‘वोट चोरी’
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में सुनियोजित तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और यह काम किसी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा रहा है। राहुल ने दावा किया कि यह लोकतंत्र की सीधी हत्या है और चुनाव आयोग उन लोगों को बचा रहा है, जो ‘वोट चोरी’ के जिम्मेदार हैं।
राहुल गांधी ने कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां 6,018 मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राज्य के बाहर से मोबाइल नंबरों और एक ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए किया गया, जिसमें खासतौर पर कांग्रेस समर्थकों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा, “मैं कोई ऐसी बात नहीं कह रहा जो प्रमाणित न हो। यह पूरी प्रक्रिया केंद्रीकृत ढंग से चलाई जा रही है। बूथ लेवल पर नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर तकनीक के जरिए मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।”
राहुल गांधी का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े का असर सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लाखों वोटरों के नाम लिस्ट से गायब किए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अगर सचमुच लोकतंत्र की रक्षा करना चाहता है तो एक सप्ताह के भीतर मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करे।
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस बहुत जल्द ‘वोट चोरी’ पर बड़ा खुलासा करने वाली है, जिसे उन्होंने “हाइड्रोजन बम” करार दिया।
सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल, किसानों को मिलेगा ब्याजमुक्त ऋण
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भारतीय सहकारी समिति लिमिटेड और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के मध्य समझौता ज्ञापन हुआ। इस समझौते ज्ञापन के माध्यम से न केवल बीज उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी बल्कि राज्य सहकारी समितियों और किसानों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। दूसरा समझौता ज्ञापन राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के बीच हुआ जो राज्य के कृषि उत्पादकों सहकारी समितियों और किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दो नवीन योजनाओं, उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक की ऋण नीति एवं वाणिज्यिक अचल संपत्ति- आवासीय गृण ऋण नीति का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जसपुर की फीकापार एमपैक्स को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। राज्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला सहकारी बैंक लि0 मुख्य शाखा देहरादून को भी सम्मानित किया गया। साथ ही दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को चेक वितरण भी किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का आंदोलन है। इसमें सभी का लाभ, सभी की भागीदारी और सभी की जिम्मेदारी निहित रहती है। भारतीय संस्कृति की इस धरा पर सहकारिता कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग है। सहकारिता एक ऐसी क्रांति है, जो हमें सामाजिक-आर्थिक समृद्धि की दहलीज तक ले आई है और मुझे विश्वास है कि यह क्रांति बहुत शीघ्र साकार होगी।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ का भाव सहकारिता की आत्मा है। इसका अर्थ है- सम्पूर्ण विश्व को परिवार मानकर सभी के हित में काम करना। आज जब संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है, तब यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारतीय परंपराएँ इस वैश्विक दृष्टिकोण की आधारशिला रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे ‘महिला स्वयं सहायता समूह’ न केवल परिवार की आर्थिक रीढ़ बने हैं, बल्कि उद्यमिता में भी नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। युवा भी अब स्टार्टअप, ऑर्गेनिक उत्पाद मार्केटिंग, प्रोसेसिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर सहकारिता आंदोलन को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सहकारी समितियाँ सेना, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों को खाद्यान्न, डेयरी और अन्य आवश्यक वस्तुएँ आपूर्ति कर रही हैं। यह न केवल राज्य की सहकारिता की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि राष्ट्रीय सेवा में योगदान का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता, मानव समाज का सबसे पुराना और कीमती सिद्धांत है। सहकारिता केवल संगठनात्मक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य स्पर्धा नहीं अपितु आपसी सहयोग की भावना से आगे बढ़ना है। इसका उद्देश्य एक-दूसरे को स्वावलंबी और सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण के कार्य की शुरुआत उत्तराखण्ड से हुई है। प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। 13 जिलों की कुल 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड कर दिया गया है। जिससे पारदर्शिता आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किसानों को 5 लाख रुपए तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनों ने ‘लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में भारत में वैश्विक सहकारी सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री ने सहकारिता को भारत के लिए संस्कृति का आधार और जीवन पद्धति बताया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने सहकार से समृद्धि को साकार करने के लिए अलग सहकारिता मंत्रालय गठन किया। उन्होंने कहा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ऋण शून्य ब्याज पर प्रदान करने की योजना प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2 लाख लखपति दीदी बनी हैं, जिन्हें वर्ष 2026 तक 4 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. रावत ने कहा कि यह देश का पहला राज्य है जिसने सहकारिता में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।
निदेशक सहकारिता (केंद्र सरकार) कपिल मीणा ने केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। सचिव सहकारिता डॉ. बी.वी.आर सी पुरुषोत्तम ने राज्य सहकारिता विभाग की योजनाओं और कार्यों के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक आनन्द शुक्ला, ईरा उप्रेती एवं मंगला प्रसाद त्रिपाठी, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल सहित सहकारिता विभाग एवं सहकारी बैंकों के अन्य अधिकारीगण तथा विभिन्न जिलों से आयी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और अन्य लोग उपस्थित।
शिक्षकों ने विभिन्न मांगें रखीं, सीएम ने समाधान का दिया आश्वासन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि मांगों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में सचिव शिक्षा, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा तथा राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक सप्ताह के अन्दर बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय शिक्षक संघ के मांग पत्र के नियमों के आलोक में अग्रेतर कार्यवाही कार्यवाही की जाए।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री रमेश पैन्यूली, उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
दो को सुरक्षित निकाला गया, राहत-बचाव दल मौके पर तैनात
चमोली। चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। नगर पंचायत नंदानगर के कुन्तरि लगाफाली वार्ड में मलबे की चपेट में आने से छह मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। हादसे के बाद सात लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। राहत और बचाव दल मौके पर जुटे हैं।
जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद एसडीआरएफ की टीम नंदप्रयाग पहुंच गई है। वहीं, एनडीआरएफ भी गोचर से रवाना कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन एम्बुलेंस और मेडिकल टीम भी मौके पर भेजी गई हैं।
इसी दौरान नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी मूसलाधार बारिश से चार से पांच मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, यहां जनहानि की कोई सूचना नहीं है। उधर, मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इधर, देहरादून जिले में लगातार भारी बारिश के चलते एहतियातन गुरुवार को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
