हॉलीवुड की सुपरहिट हॉरर फ्रेंचाइज़ी ‘द कंज्यूरिंग’ की नई किस्त ‘द कंज्यूरिंग: लास्ट राइट्स’ रिलीज़ के बाद से ही दर्शकों को रोमांचित कर रही है। फिल्म को थिएटर्स में उतरे सात दिन पूरे हो चुके हैं और लगातार यह बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर रही है। आइए जानते हैं कि सातवें दिन गुरुवार को इस फिल्म ने कितना बिज़नेस किया।
अब तक का कलेक्शन:
रिपोर्ट के अनुसार, ‘द कंज्यूरिंग: लास्ट राइट्स’ ने पहले दो दिनों में 17.5 करोड़ रुपये की मजबूत शुरुआत की। रविवार (तीसरे दिन) फिल्म का कलेक्शन 15.5 करोड़ रुपये रहा। सोमवार को 5 करोड़, मंगलवार को 5.5 करोड़ और बुधवार को 3.19 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया।
सातवें दिन की कमाई:
निर्देशक माइकल शावेज की इस फिल्म ने गुरुवार को 2.19 करोड़ रुपये का बिज़नेस किया। इसी के साथ ‘द कंज्यूरिंग: लास्ट राइट्स’ का कुल कलेक्शन 66.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
स्टारकास्ट और फिल्म से जुड़ी खास बातें:
इस हॉरर फिल्म में पैट्रिक विल्सन और वेरा फार्मिगा एक बार फिर पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर एड और लॉरेन वॉरेन के किरदार में नजर आए हैं। उनके साथ मिया टॉमलिंसन और बेन हार्डी भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म ‘द कंज्यूरिंग: द डेविल मेड मी डू इट’ का सीक्वल है और ‘कंज्यूरिंग यूनिवर्स’ की नौवीं फिल्म है।
फिल्म का बैकग्राउंड:
‘द कंज्यूरिंग: लास्ट राइट्स’ एक अमेरिकी सुपरनैचुरल हॉरर फिल्म है, जिसकी कहानी वॉरेंस की असली जांच पर आधारित है। फिल्म की स्क्रिप्ट इयान गोल्डबर्ग, रिचर्ड नाइंग और डेविड लेस्ली जॉनसन-मैकगोल्ड्रिक ने मिलकर लिखी है, जबकि इसकी मूल कहानी जेम्स वान और जॉनसन-मैकगोल्ड्रिक ने गढ़ी है।
(साभार)
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद बने नए उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली। सीपी राधाकृष्णन ने आज देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। 67 वर्षीय राधाकृष्णन ने उपचुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों से पराजित किया। यह चुनाव 9 सितंबर को हुआ था, जो पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद आयोजित कराया गया।
महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा
उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से त्यागपत्र दे दिया था। राष्ट्रपति भवन से जारी बयान के अनुसार, उनके इस्तीफे के बाद गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अब देवव्रत दोनों राज्यों के राज्यपाल के तौर पर जिम्मेदारी निभाएंगे।
धनखड़ के इस्तीफे के बाद बने नए उपराष्ट्रपति
संसद के मानसून सत्र के दौरान जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल अभी दो साल बाकी था। इसी वजह से मध्यावधि चुनाव की नौबत आई।
छात्र आंदोलन से उपराष्ट्रपति तक का सफर
राधाकृष्णन की राजनीतिक यात्रा बेहद असाधारण रही है। छात्र आंदोलन से शुरुआत करने वाले राधाकृष्णन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और वहीं से भाजपा की राजनीति में आए। संगठन में लंबे समय तक काम करते हुए उन्होंने तमिलनाडु भाजपा की कमान संभाली और कई अभियानों का नेतृत्व किया। 2007 में उनकी 93 दिन की रथ यात्रा विशेष रूप से चर्चा में रही, जिसमें उन्होंने नदियों को जोड़ने, आतंकवाद उन्मूलन, समान नागरिक संहिता और नशे के खिलाफ जनजागरूकता जैसे मुद्दे उठाए।
राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव से परिपूर्ण
राधाकृष्णन को संगठन और प्रशासन, दोनों क्षेत्रों में मजबूत नेता माना जाता है। उनके समर्थक उन्हें ‘तमिलनाडु का मोदी’ भी कहते हैं। वह महाराष्ट्र और झारखंड के राज्यपाल रहे, साथ ही तेलंगाना और पुडुचेरी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला। 1998 और 1999 में वह कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए। संसद में उन्होंने स्थायी समितियों और विशेष जांच समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान
राधाकृष्णन ने 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और ताइवान जाने वाले पहले भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने। बाद में उन्हें कॉयर बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया गया, जहां उनके नेतृत्व में नारियल रेशे के निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई।
पोकलेन और कम्प्रेशर मशीन से चट्टानें तोड़ने का कार्य जारी, शाम तक खोलने की उम्मीद
उत्तरकाशी। लगातार भूस्खलन और बोल्डरों के कारण यमुनोत्री हाईवे 19वें दिन भी पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका है। सड़क बाधित होने से धाम और आसपास के गांवों में जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन खच्चरों के माध्यम से गैस सिलेंडर और आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाने में जुटा है, जबकि एनएच विभाग भारी मशीनरी लगाकर मार्ग खोलने का प्रयास कर रहा है।
यमुनोत्री हाईवे पर जंगलचट्टी और बनास के बीच अब तक सुचारू यातायात बहाल नहीं हो पाया है। खरसाली गांव सहित गीठ पट्टी के ग्रामीणों को आवश्यक सामान पहुंचाने के लिए प्रशासन को खच्चरों का सहारा लेना पड़ा। गुरुवार को यहां 82 रसोई गैस सिलेंडर और 34 पैकेट खाद्य सामग्री भेजी गई।
एनएच विभाग की टीम बनास और नारायणचट्टी के पास मार्ग पर आए बड़े-बड़े बोल्डरों को हटाने के लिए पोकलेन और कम्प्रेशर मशीन का इस्तेमाल कर रही है। विभाग के ईई मनोज रावत ने बताया कि बनास क्षेत्र में विशाल चट्टानों के कारण दिक्कत आ रही थी, लेकिन मशीनरी पहुंचने के बाद तेजी से काम हो रहा है। उम्मीद है कि शुक्रवार शाम तक हाईवे आंशिक रूप से खोल दिया जाएगा।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पी.डी. सौंदाण ने बताया कि हनुमानचट्टी से खच्चरों के जरिए खरसाली गांव में 82 गैस सिलेंडर और 34 पैकेट रसद भेजी गई है। इसके अलावा बनास गांव के ग्रामीणों को हनुमानचट्टी में ही 109 पैकेट सामग्री वितरित की गई। नारायणपुरी के लिए सामग्री भेजने की तैयारी है।
ग्रामीणों ने रोते हुए सुनाई 5 अगस्त की तबाही की दास्तान
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान जौलीग्रांट एयरपोर्ट स्थित राज्य अतिथि गृह में धराली गांव के आपदा पीड़ितों से मुलाकात बेहद भावुक क्षणों का गवाह बनी। 5 अगस्त को आई भीषण आपदा में सब कुछ गंवा चुके ग्रामीण जब प्रधानमंत्री के सामने पहुंचे, तो अपने दर्द को रोक नहीं पाए।
धराली गांव की कामेश्वरी देवी अपने जवान बेटे को खोने के बाद गहरे सदमे में थीं। मुलाकात के दौरान उनकी आंखों से आंसू लगातार बहते रहे। टूटे हुए स्वर में वह केवल इतना कह सकीं कि “आपदा ने हमारा सब कुछ छीन लिया, परिवार का सहारा भी चला गया।” इस मुलाकात में ग्राम प्रधान अजय नेगी, बीडीसी प्रतिनिधि सुशील पंवार, महिला मंगल दल अध्यक्ष सुनीता देवी और कामेश्वरी देवी शामिल थे। सबने नम आंखों के साथ प्रधानमंत्री को उस रात की भयावह तस्वीर सुनाई, जब पलभर में घर, बगीचे और जीवन भर की कमाई मलबे में बदल गई।
प्रधान अजय नेगी ने अपने चचेरे भाई को खोने की पीड़ा साझा की, वहीं सुशील पंवार ने बताया कि इस आपदा में उनके छोटे भाई समेत पूरा परिवार खत्म हो गया। सुनीता देवी का घर, होमस्टे और बगीचे सब कुछ तबाह हो गया। अब तक सिर्फ कामेश्वरी देवी के बेटे आकाश का शव ही बरामद हुआ है, बाकी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला।
प्रधान अजय नेगी ने प्रधानमंत्री को गांव की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी और पुनर्वास, रोजगार की व्यवस्था और कृषि ऋण माफी की मांग रखी। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और जीवन पुनर्निर्माण के लिए हरसंभव कदम उठाएंगी।
यह मुलाकात साफ दर्शाती है कि आपदा ने सिर्फ घर-बार और संपत्ति नहीं छीनी, बल्कि लोगों के दिलों पर गहरे जख्म भी छोड़ दिए हैं।
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर लगातार कार्रवाई, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले– नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) लगातार अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ सख़्त अभियान चला रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में नियोजित और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध व्यवसायिक और आवासीय निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सहस्त्रधारा रोड, एकता विहार और वन विहार में कार्रवाई
प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत सहस्त्रधारा रोड, एकता विहार कैलाशपुर, वन विहार आदि विभिन्न स्थानों पर किए जा रहे अवैध व्यवसायिक/आवासीय भवनों पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। टमित पाल द्वारा सौन्धोवाली मानसिंह निकट एमडीडीए आमवाला तरला आवासीय योजना सहस्त्रधारा रोड में पृथक–पृथक 3 आवासीय भवन स्वीकृत कराए गए थे, जिन्हें जोड़कर अवैध निर्माण किया जा रहा था। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर इन भवनों को सील किया गया। संजीव द्वारा ओर्चिड पार्क कॉलोनी, हैलीपैड रोड देहरादून में बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
महमूद हसन द्वारा गंगोत्री विहार वेस्ट कैनाल रोड (इलेक्ट्रिक टावर के सामने) में अवैध रूप से निर्मित दो दुकानों को संयुक्त सचिव के आदेशों पर सील किया गया। मो. इंतज़ार द्वारा एकता विहार कैलाशपुर रोड देहरादून में किए जा रहे अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। स्मीर हुसैल द्वारा वन विहार नियर सपना हॉस्टल देहरादून में बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माण को भी सील किया गया। इन कार्रवाइयों में सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत व उनकी टीम, सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता जितेंद्र सिंह और सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।
नियम विरुद्ध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं – बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, “मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में नियोजनहीन और अवैध निर्माण को रोकने के लिए सख़्त कार्रवाई की जाए। एमडीडीए की टीमें निरंतर फ़ील्ड में काम कर रही हैं। नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा – ‘भागवत वसुधैव कुटुम्बकम की जीवंत मिसाल’, शाह और राजनाथ ने सराहा योगदान
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार को 75 वर्ष के हो गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने उनके नेतृत्व में संघ द्वारा किए गए कार्यों और समाज पर पड़े सकारात्मक प्रभाव की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मोहन भागवत “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि 2009 से अब तक का उनका कार्यकाल संघ के इतिहास में परिवर्तनकारी रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री ने उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
नेताओं ने सराहा योगदान
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भागवत ने समाज सेवा और युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें भारत की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का प्रेरणास्रोत बताया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि उनके नेतृत्व में संघ ने सेवा, समर्पण और एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
संघ प्रचारक से सरसंघचालक तक
संघ प्रचारक के बेटे मोहन भागवत 2009 से आरएसएस के सरसंघचालक हैं। उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभर में कार्य किया और हाल ही में अल्पसंख्यकों से संवाद के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम भी आयोजित किया। भागवत के कई विचार जैसे—“हर मस्जिद के नीचे शिवलिंग खोजने की जरूरत नहीं है” और “भारत में सभी का डीएनए एक है”—अक्सर चर्चा में रहे हैं। वे लगातार एक समावेशी दृष्टिकोण और सामाजिक सद्भाव के पक्षधर माने जाते हैं।
यमुनोत्री धाम की राह फिर बाधित, फूलचट्टी से जानकीचट्टी को जोड़ने वाली सड़क का 200 मीटर हिस्सा ध्वस्त
सुरक्षित और सुगम यात्रा मानसून के बाद भी बनी चुनौती
उत्तरकाशी। यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए रास्ता एक बार फिर मुश्किलों से घिर गया है। फूलचट्टी से जानकीचट्टी को जोड़ने वाली सड़क पर यमुना नदी के तेज कटाव से करीब 200 मीटर हिस्सा पूरी तरह बह गया है। इससे धाम की यात्रा पर संशय गहराता जा रहा है। इससे पहले जंगलचट्टी क्षेत्र में सड़क को सुचारू हुए भी 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन स्थिति अब तक सामान्य नहीं हो पाई है।
बाडिया और सिलाई बैंड के पास भी लगातार सड़क के बंद और खुलने का सिलसिला जारी है। ऐसे में शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मानसून के बाद यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। हनुमान चट्टी से फूलचट्टी और सिलाई बैंड-बाडिया के बीच हाईवे की कई जगहों पर हालात खतरनाक बने हुए हैं।
लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी वाली सड़क पर भी हालात बेहद खराब हैं। फूलचट्टी से जानकीचट्टी तक 200 मीटर से अधिक हिस्सा नदी के कटाव में बह चुका है, कई जगहों पर सड़क का नामोनिशान तक मिट गया है। ऐसे में यात्रा के सफल संचालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एनएच के एई धीरज गुप्ता का कहना है कि अगर सब कुछ अनुकूल रहा तो अगले दो दिन में फूलचट्टी तक हाईवे दुरुस्त कर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। वहीं, लोनिवि के ईई तनुज कम्बोज ने जानकारी दी कि ध्वस्त सड़क की मरम्मत के प्रयास जारी हैं और जल्द ही इस मार्ग को एनएच को हस्तांतरित किया जाएगा।
सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बीच भड़की हिंसा
काठमांडू। नेपाल इस समय अभूतपूर्व राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल से गुजर रहा है। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का गुस्सा अब हिंसक प्रदर्शनों में बदल चुका है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि देशभर की जेलों पर भी इसका असर साफ दिखने लगा है। कैदियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं, जिसमें कुछ कैदी मारे जा चुके हैं और हजारों फरार हो गए हैं। हालात काबू से बाहर होते देख सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है, जबकि नेपाल-भारत सीमा पर भी चौकसी तेज कर दी गई है।
गुरुवार को रामेछाप जिले की जेल में कैदियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक भिड़ंत हो गई। कैदियों ने गैस सिलेंडर से धमाका कर जेल से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों की फायरिंग में तीन कैदियों की मौत हो गई और 13 घायल हो गए।
इससे पहले मंगलवार से अब तक देशभर की 25 से अधिक जेलों में हिंसा भड़क चुकी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार करीब 15,000 कैदी विभिन्न जेलों से फरार हो गए हैं। इनमें काठमांडू की सुंदरहर जेल से 3,300, नक्कू जेल से 1,400 और डिल्लीबजार जेल से 1,100 कैदी शामिल हैं।
अन्य जिलों में भी हालात गंभीर हैं। सुनसरी के झुम्का जेल से 1,575, चितवन से 700, कपिलवस्तु से 459, कैलाली से 612, कंचनपुर से 478 और सिन्धुली से 500 कैदी भाग निकले। रौतहट के गौर जेल में 291 कैदियों में से 260 भाग गए थे, जिनमें से अब तक केवल 31 को ही पकड़ा जा सका है।
स्थिति और भयावह तब हो गई जब पश्चिम नेपाल के बांके जिले के नौबस्ता नाबालिग सुधार गृह में भी हिंसा भड़क उठी। यहां सुरक्षाबलों की गोलीबारी में पांच नाबालिग कैदी मारे गए, जब वे गार्ड से हथियार छीनने की कोशिश कर रहे थे।
नेपाल में लगातार बढ़ते इन घटनाक्रमों के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे जेन जेड युवाओं का आंदोलन अब पूरे देश को हिला रहा है।
भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षाबलों की निगरानी कड़ी कर दी गई है, क्योंकि आशंका है कि फरार कैदी सीमा पार करने की कोशिश कर सकते हैं।
आज की भाग-दौड़ और तनावपूर्ण जिंदगी में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। यह न केवल हृदय रोगों का कारण बनता है, बल्कि स्ट्रोक, किडनी की समस्याओं और दृष्टि पर भी असर डाल सकता है। ऐसे में सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता। स्थायी और प्राकृतिक उपाय अपनाना जरूरी हो जाता है।
योग एक प्राचीन और वैज्ञानिक तरीका है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा भी प्रदान करता है। नियमित योगासन और प्राणायाम के अभ्यास से रक्तचाप नियंत्रित रहता है, तनाव कम होता है और जीवनशैली में सुधार आता है।
नीचे कुछ प्रभावशाली योगासन बताए गए हैं, जिनके नियमित अभ्यास से उच्च रक्तचाप को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है:
उच्च रक्तचाप कम करने वाले 5 प्रभावशाली योगासन
1. शवासन (Shavasana)
शवासन सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली योगासन है। यह पूरे शरीर को आराम देता है, तनाव और उच्च रक्तचाप को कम करता है। नियमित अभ्यास से मानसिक शांति मिलती है और हल्का अवसाद, सिरदर्द, थकान तथा अनिद्रा जैसी परेशानियां भी दूर होती हैं।
2. वज्रासन (Vajrasana)
वज्रासन पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी है। भोजन के बाद 5-10 मिनट इस आसन में बैठने से एसिडिटी, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में राहत मिलती है, जिससे रक्तचाप भी नियंत्रित रहता है। यह डायबिटीज में भी सहायक होता है।
3. सेतुबंधासन (Setu Bandhasana)
सेतुबंधासन दिल और फेफड़ों को मजबूत करता है, नसों को शांत करता है और रक्त प्रवाह को नियमित रखता है। यह कमर को मजबूत बनाता है और मानसिक तनाव कम करता है। अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। 20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
4. बालासन (Balasana)
बालासन मानसिक शांति और तनाव कम करने के लिए आदर्श है। वज्रासन में बैठकर शरीर को आगे झुकाएं और माथा ज़मीन पर टिकाएं। हाथों को आगे फैलाएं या शरीर के पास रखें। कम से कम 1-2 मिनट इसी स्थिति में रहें। यह आसन पीठ और कमर की थकान को भी दूर करता है।
5. प्राणायाम (Pranayama)
नियमित प्राणायाम, जैसे अनुलोम-विलोम और भ्रामरी, रक्तचाप को नियंत्रित करने में अत्यंत प्रभावी हैं। ये न केवल हृदय और फेफड़ों को मजबूत करते हैं बल्कि मानसिक तनाव और चिंता को भी कम करते हैं।
(साभार)
25-26 सितंबर को मुख्य परीक्षा, प्रत्येक सत्र के लिए अलग समय निर्धारित
देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने राज्य निर्वाचन आयोग समीक्षा अधिकारी भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत के अनुसार, परीक्षा 25 और 26 सितंबर को आयोग के मुख्य परीक्षा भवन में आयोजित होगी।
परीक्षा का शेड्यूल:
25 सितंबर: सुबह 9 बजे से 12 बजे तक सामान्य अध्ययन और दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक हिंदी संरचना की परीक्षा।
26 सितंबर: सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निबंध परीक्षा।
परीक्षार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे 25 सितंबर को सुबह 7:30 बजे और 26 सितंबर को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुँच जाएँ। आयोग ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं, जिन्हें आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
