सचिव दीपक कुमार ने ग्रामीण संस्कृत प्रशिक्षण और ज्ञान परंपरा संवर्धन के प्रयासों की जानकारी दी
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सचिव ने राज्यपाल को विभाग द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्कृत ग्रामों में ग्रामीणों को संस्कृत संभाषण के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राज्यपाल ने इन कार्यों की सराहना करते हुए कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के अंतर्गत ‘मेरी योजना’ पुस्तक के अगले संस्करण पर कार्य करने के निर्देश भी दिए।
मलयालम सिनेमा की सुपरहीरो फिल्म ‘लोका: चैप्टर 1- चंद्रा’ दर्शकों के बीच लगातार छा रही है। महज 35 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म रिलीज के दो हफ्तों में लगभग 96 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है और अब तेजी से 100 करोड़ क्लब की दहलीज पर पहुंच रही है। फिल्म का 14वें दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी सामने आ चुका है, जिसने मेकर्स की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।
ओपनिंग वीकेंड पर धमाकेदार शुरुआत
फिल्म ने रिलीज के पहले दिन 2.7 करोड़ रुपये कमाए और दूसरे दिन यह आंकड़ा 4 करोड़ तक पहुंच गया। शनिवार और रविवार को दर्शकों का रिस्पॉन्स और बढ़ा, जब फिल्म ने क्रमशः 7.6 करोड़ और 10.1 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। शुरुआती चार दिनों में ही फिल्म ने 25 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया।
पहले हफ्ते में रिकॉर्ड तोड़ कमाई
वर्किंग डेज में थोड़ी गिरावट के बावजूद फिल्म ने पहले हफ्ते में 54.7 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार किया। खास बात यह रही कि मलयालम के साथ-साथ तेलुगु, तमिल और हिंदी वर्ज़न में भी इसे बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला। हिंदी ऑडियंस, खासकर नॉर्थ इंडिया में फिल्म को खूब सराहा गया।
दूसरे हफ्ते में भी बरकरार जोश
दूसरे शुक्रवार को फिल्म ने 7.65 करोड़ रुपये कमाए, वहीं शनिवार और रविवार को इसका कलेक्शन 10 करोड़ के पार चला गया। हालांकि सोमवार को हल्की गिरावट आई, लेकिन मंगलवार को भी फिल्म ने 5.1 करोड़ का कारोबार किया। 13वें दिन तक ‘लोका’ का कलेक्शन 93.5 करोड़ पहुंच गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, 14वें दिन बुधवार को फिल्म ने 2.44 करोड़ रुपये और जोड़ लिए, जिससे कुल कलेक्शन अब 95.94 करोड़ हो गया है।
महिला सुपरहीरो की कहानी ने बनाया स्पेशल
‘लोका: चैप्टर 1’ को खास बनाती है इसकी वुमन सुपरहीरो थीम। निर्देशक डॉमिनिक अरुण ने इस फिल्म को अपने अलग विजन से पेश किया है। लीड एक्ट्रेस कल्याणी प्रियदर्शन ने अपने दमदार एक्शन और इमोशनल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया है। साथ ही नस्लेन, सैंडी, अरुण कुरियन और चंदू सलीमकुमार जैसे कलाकारों की अदाकारी ने भी फिल्म की कहानी को मजबूती दी है।
(साभार)
संजय राउत का हमला—“खून और क्रिकेट साथ-साथ नहीं चल सकते”
नई दिल्ली। एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस मैच का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना देशद्रोह और बेशर्मी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रही है।
राउत ने कहा, “आपने कहा था कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बह सकते, तो फिर खून और क्रिकेट कैसे साथ-साथ चल सकते हैं? यह देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। पहलगाम हमले में हमारी 26 महिलाएं विधवा हुईं, उनका दर्द आज भी जिंदा है। फिर भी आप पाकिस्तान के साथ खेल रहे हैं। यह देशद्रोह है।”
उन्होंने साफ किया कि यह सवाल उनकी सरकार से नहीं बल्कि भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से है कि इस फैसले में उनकी भूमिका क्या है।
प्रसारण रोकने की मांग
इससे पहले उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी एशिया कप में संभावित भारत-पाकिस्तान मैच के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार का यह कदम राष्ट्रीय हित और जनभावना के खिलाफ है।
प्रियंका ने लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर का मकसद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब करना था। ऐसे में अब उसके साथ क्रिकेट खेलना उस संदेश को कमजोर करता है। यह निर्णय मेरी अंतरात्मा को स्वीकार्य नहीं है।”
बारिश-भूस्खलन से प्रदेश की 187 सड़कें अब भी बंद
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने सभी पर्वतीय जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी बारिश के आसार जताए गए हैं।
मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने बताया कि बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत समेत कई पर्वतीय इलाकों में बारिश का प्रभाव ज्यादा हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के बाद राजधानी देहरादून में तापमान बढ़ा है। बुधवार को दून का अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 24.5 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को भी लगभग इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
सड़कें बंद, लोगों को हो रही परेशानी
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश की कुल 288 बंद सड़कों में से बुधवार तक सिर्फ 101 मार्ग ही खोले जा सके हैं, जबकि 187 अब भी बंद पड़े हैं। इनमें टिहरी में 20, चमोली 31, रुद्रप्रयाग 23, पौड़ी 18, उत्तरकाशी 22, देहरादून 14, हरिद्वार एक, पिथौरागढ़ 22, अल्मोड़ा 23, बागेश्वर सात और नैनीताल में छह मार्ग शामिल हैं।
चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में फिलहाल कोई भी सड़क बंद नहीं है। बंद रास्तों के कारण पहाड़ी जिलों में आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग ने बंद मार्गों को खोलने के लिए 671 जेसीबी मशीनें तैनात की हैं।
कुलदीप की फिरकी और दुबे की धार ने यूएई 57 रन पर किया ढेर
दुबई। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने एशिया कप टी20 का आगाज शानदार अंदाज में किया। गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के सामने यूएई की पूरी टीम 13.1 ओवर में महज 57 रन पर सिमट गई। जवाब में भारत ने मात्र 27 गेंदों में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर नौ विकेट से आसान जीत दर्ज की। यह जीत भारत की टी20 इतिहास की सबसे तेज़ जीतों में शुमार हो गई।
पावरप्ले में ही निपटा मैच
भारत की ओर से अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने तूफानी शुरुआत दी। अभिषेक ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। हालांकि 30 रन बनाकर वे आउट हो गए, लेकिन इसके बाद गिल (20*) और कप्तान सूर्यकुमार यादव (7*) ने भारत को पावरप्ले में ही जीत दिला दी।
रिकॉर्ड तोड़ जीत
भारत ने यूएई को हराकर एशिया कप टी20 में गेंदों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की। टीम ने 93 गेंदें शेष रहते जीत हासिल कर 2016 में बनाए अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इससे पहले भारत ने 59 गेंद शेष रहते यूएई को हराया था।
गेंदबाजों का जलवा
भारतीय गेंदबाजों ने यूएई को एक पल भी संभलने का मौका नहीं दिया। कुलदीप यादव ने घातक स्पेल में चार विकेट चटकाए। शिवम दुबे ने तीन और जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल व वरुण चक्रवर्ती ने एक-एक विकेट लिया।
महज 106 गेंदों पर खत्म हुआ मुकाबला
भारत-यूएई का यह मैच सिर्फ 106 गेंदों में समाप्त हो गया। यूएई की पारी 79 गेंदों पर सिमट गई और भारत ने 27 गेंदों में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह टी20 इंटरनेशनल इतिहास के सबसे छोटे मुकाबलों में से एक रहा।
पूर्व मुख्यमंत्री निशंक बोले – पंत जी का जीवन त्याग, जनसेवा और राष्ट्रभक्ति की गाथा
देहरादून। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का 138वां जन्मदिवस देहरादून के आई.आर.डी.टी. सभागार में आयोजित किया गया इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कुलपति मुक्त विश्वविद्यालय प्रो नवीन चन्द्र लोहनी, उपाध्यक्ष उत्तरांचल विश्वविद्यालय अंकिता जोशी एवं कार्यक्रम संयोजक राकेश डोभाल ने संयुक्त रूप से पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन व पुष्पांजली कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के विचार आज भी प्रासंगिक हैं उनका विराट व्यक्तित्व आजादी के कालखण्ड से ही प्रेरक रहा है वास्तव में उस हिमालय पुत्र को नमन करते हुए गौरवान्वित हो रहे हैं कि उत्तराखंड के सुदूर अल्मोड़ा के खूंट से निकल कर राष्ट्रीय फलक पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया उन्होंने कहा कि गोविन्द बल्लभ पन्त पर शिक्षा विभाग निबंध प्रतियोगिता एवं क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन कर युवाओं को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से भली भांति परिचित हो सके यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम सेनानी, भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत जी द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, हिंदी भाषा के उत्थान एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में किये गये अद्वितीय योगदान को भारत सदा सर्वदा याद रखेगा।
उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम में सम्मिलित डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पंत जी का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, वह जनसेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति की जीवंत गाथा थे। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, बल्कि स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक और भाषायी स्वरूप को भी स्थायित्व प्रदान किया। हिंदी को राजभाषा का गौरव दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान युगांतकारी है। वे भलीभांति समझते थे कि “भाषा केवल संप्रेषण का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का संवाहक है। हिंदी के उत्थान और राष्ट्र की एकता के लिए उनका अथक परिश्रम हमें स्मरण कराता है कि अपनी जड़ों से जुड़े बिना कोई भी राष्ट्र विश्व में अपनी सशक्त पहचान नहीं बना सकता।

कुलपति उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय प्रो नवीन चन्द्र लोहनी ने पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के द्वारा समाज सेवा में किये गये कार्यों को लेकर याद किया जाएगा
उन्होंने कहा कि प्रखर वक्ता, उच्च कोटि के अधिवक्ता कुशल नेतृत्व के धनी उत्तराखंड के गौरव को आज युवा पीढ़ी को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
उत्तरांचल यूनीवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट अंकिता जोशी ने कहा कि देश के यशस्वी नेता के रूप में पं. गोविन्द बल्लभ पन्त को सदा याद किया जाएगा उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को महामानव के इतिहास से संकल्पित होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया कलावृक्ष प्रदर्शन कला संस्थान द्वारा कत्थक नृत्य,निर्वाणा योगशाला द्वारा योग प्रदर्शन, प्रतिभा डांस अकादमी द्वारा नृत्य प्रस्तुति एवं शिवालिक इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर उत्तराखंड के स्तंभ विशिष्ट कार्य हेतु मीरा रावत,ललित बड़ाकोटी, रामचंद्र भट्ट, डॉ सुशील कुमार कोटनाला,मनमोहन भट्ट एवं डॉ दिनेश जोशी को अतिथियों द्वारा विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से राज्यमंत्री रमेश गडिया उपाध्यक्ष जलागम परिषद,कार्यक्रम सह संयोजक प्रदीप कुमार, हिमालयन अभ्युदय सामाजिक संस्था सचिव डॉ भावना बोरा, साक्षीशंकर, सुधाकर भट्ट,श्याम सिंह भण्डारी, डॉ भान सिंह, डॉ अनुज रतूड़ी,प्रभात कुमार,जसमीन, डॉ दीपक भट्ट, बृजपाल सिंह,संकेत नौटियाल, अवधेश तिवारी, हिमांशु,शिवम् जोशी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ नवीन चन्द्र पन्त ने किया।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने जताया आभार, कहा– धामी सरकार कर्मचारी हितैषी नीतियों की मिसाल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार एक बार फिर कर्मचारी हितैषी नीतियों के लिए सुर्ख़ियों में है। कर्मचारियों के हित में लगातार संवेदनशील रहते हुए राज्य सरकार ने निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों व स्वायतशासी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का शासनादेश जारी किया है। इस निर्णय से राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री धामी, उनकी सरकार और उद्योग सचिव का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। महासंघ ने इस फैसले को कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार का विशेष धन्यवाद किया है। महासंघ का कहना है कि यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे राज्य की कार्यप्रणाली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, उत्तराखण्ड की पहल पर राज्य के विभिन्न निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं स्वायतशासी संस्थाओं में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सरकार ने पांचवे/छठवें केन्द्रीय वेतनमान के तहत 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का शासनादेश जारी किया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। महासंघ का कहना है कि इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। यह शासनादेश लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की मांग को पूरा करने वाला कदम है।

धामी सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए संवेदनशील- राणाकोटी
प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों के हितों के लिए संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ते में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर्मचारियों के आर्थिक बोझ को कम करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा, यह निर्णय बताता है कि राज्य सरकार निगमों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को भी समान अवसर व सुविधाएं देने के लिए गंभीर है। इस कदम से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे और अधिक समर्पण व उत्साह के साथ अपने कार्यों को अंजाम देंगे। राणाकोटी ने आगे कहा कि महासंघ लगातार कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाता रहा है और आगे भी यही प्रयास जारी रहेगा।
धामी सरकार कर्मचारी हितैषी- जोशी
प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी ने भी कर्मचारियों की ओर से सरकार का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने समय-समय पर कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया है। उन्होंने कहा यह फैसला सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच को दर्शाता है। निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायतशासी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि एक बड़ी राहत है। हमें उम्मीद है कि सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती रहेगी। जोशी ने यह भी कहा कि महासंघ लगातार सरकार के साथ संवाद बनाए रखेगा ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।
मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम से पढ़ाई होगी और भी लचीली
देहरादून। प्रदेश में छात्रों को अब अपनी पसंद के विषय चुनने और पढ़ाई में नए अवसरों का लाभ लेने का मौका मिलेगा। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू होगा, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधा और रुचि के अनुसार पढ़ाई जारी रख सकेंगे। सचिवालय स्थित सभागार में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
डॉ. रावत ने कहा कि एनईपी-2020 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और भारतीय परंपरागत शिक्षा का संतुलन उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में ईवी तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिसिस, उभरती तकनीकें और उद्यमिता जैसे नए पाठ्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित विषयों जैसे ज्योतिष विज्ञान, योग, आयुष, वास्तु, कृषि और वानिकी को भी पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, कौशल विकास, बहुविषयक विकल्प, डिजिटल इनिशिएटिव, अकादमिक शोध, ओपन डिस्टेंस लर्निंग और एकेडमिया-इंडस्ट्री सहयोग जैसे विषयों पर भी विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
देहरादून। धामी मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले किये गए।
पशुपालन विभाग
पशुपालन विभाग द्वारा 9 पर्वतीय जनपदों अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चम्पावत, पौड़ी, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग के कुक्कुट पालकों के लिए कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना लागू जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत प्रारम्भिक वर्ष 2025-26 में ब्रायलर फार्म योजना के अन्तर्गत 816 एवं कुक्कुट वैली स्थापना योजना के अन्तर्गत 781 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। जिसके तहत कुल आहार सब्सिडी -रूपये 2,83,85,000 (रूपये दो करोड़ तिरासी लाख पिच्चासी हजार मात्र) का आवंटन किया जाएगा।
परिवहन विभाग
देहरादून शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के नाम से स्पेशल परपज व्हीकल का गठन किया जाएगा। जो देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा संचालित ई-बसों को संचालित किए जाने, प्रधान मंत्री ई-बस सेवा योजना के अन्तर्गत ई-बसों के संचालन तथा वर्तमान नगर बस सेवा का संचालन सुगठित-सुव्यवस्थित करने का कार्य करेगा।
आवास विभाग
जनपद ऊधमसिंहनगर में प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित कालोनियों एवं व्यावसायिक निर्माण हेतु ग्राम फाजलपुर महरौला, तहसील रूद्रपुर अंतर्गत कुल रकबा 9.918 हे० भूमि को वर्तमान सर्किल रेट पर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधमसिंहनगर के पक्ष में आवंटन किया जाएगा।
न्याय अनुभाग
महाधिवक्ता, मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के अधिष्ठान कार्यालय में आशुलिपिक संवर्ग में वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव (वेतनमान 123100-215900, लेवल-13. ग्रेड पे-8700) का 01 पद सृजन के साथ ही आशुलिपिक (वेतनमान-29200-92300, लेवल-05) का 01 पद समर्पित किया जाएगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नवम वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी दी
देशभर में 27 लोग गिरफ्तार, सेना ने शांति बनाए रखने की अपील की
काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने राजनीतिक हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। राजधानी काठमांडू समेत देशभर में जेनरेशन जेड की अगुवाई में हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है। आगजनी, लूटपाट और झड़पों के बीच सुरक्षा बलों ने सख्ती बढ़ाते हुए 27 लोगों को गिरफ्तार किया और कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तारियां मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच हुईं।
सुरक्षा बलों ने काठमांडू के गौशाला-चाबाहिल-बौद्ध क्षेत्र से चोरी की गई 33.7 लाख नेपाली रुपये नकद और बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए हैं। इनमें 31 गन, मैगजीन और गोला-बारूद शामिल हैं। झड़पों में 23 पुलिसकर्मी और 3 आम नागरिक घायल हुए, जिनका इलाज सैन्य अस्पतालों में चल रहा है।
कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू
बढ़ती हिंसा को देखते हुए सेना ने देशभर में कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू कर दी है। कर्फ्यू गुरुवार सुबह 6 बजे से प्रभावी रहेगा, जबकि निषेधाज्ञा बुधवार शाम 5 बजे तक जारी रहेगी। सेना का कहना है कि हिंसा और लूटपाट में अराजक तत्व शामिल हैं, जिन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
भारी तबाही और राजनीतिक संकट
इस हिंसा में सबसे ज्यादा नुकसान काठमांडू में हुआ है। हिल्टन होटल जलकर खाक हो गया, राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में तोड़फोड़ और आगजनी हुई। पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनल के घर में आग लगने से उनकी पत्नी की मौत हो गई। कांतिपुर मीडिया ग्रुप के दफ्तर में भी आगजनी हुई।
स्थिति बिगड़ने के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन 8 सितंबर से शुरू हुए थे, जब सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया था। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग भ्रष्टाचार पर रोक, सरकार में पारदर्शिता और जनता के सवालों के जवाब हैं।
