भारी बारिश से कमजोर हुई पहाड़ों की धरातलीय संरचना, कई जिलों में भू-धंसाव से बढ़ा खतरा
देहरादून: इस साल हुई भारी बारिश ने उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों की भू-आकृतियों को कमजोर कर दिया है। नतीजतन चमोली के नंदानगर से लेकर टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और उत्तरकाशी तक कई गांवों, कस्बों और शहरों में भू-धंसाव और भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
गोपेश्वर के क्यूंजा घाटी स्थित किणझाणी गांव के खेतों में दरारें आ चुकी हैं, जबकि टिहरी जिले के घुत्तू क्षेत्र के कनियाज और भाटगांव में मकानों की दीवारें फट गई हैं। गढ़वाल विश्वविद्यालय क्षेत्र और रुद्रप्रयाग के कुछ इलाकों में भी जमीन खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं।
वैज्ञानिकों की चेतावनी
गढ़वाल विवि भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रो. वाईपी सुंद्रियाल के अनुसार, पहाड़ों में तीन प्रकार की भू-आकृतियां होती हैं – नदी-नालों के मलबे पर बनी, ग्लेशियर आपदा के मलबे पर बनी और गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित ढलानों पर बनी। भारी बारिश के कारण इन मलबों के नीचे की मिट्टी व पत्थर खिसकते हैं, जिससे भू-धंसाव तेजी से बढ़ रहा है।
डीबीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य व भूगर्भ विज्ञानी डॉ. ए.के. बियानी का कहना है कि नदियों के रुख बदलने और निर्माणाधीन भवनों के पास से रिसते पानी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। उनका कहना है कि केवल वैज्ञानिक पैमानों पर आधारित विकास ही इन खतरों से बचाव का रास्ता खोल सकता है।
बदलते मौसम के असर
विशेषज्ञों ने यह भी चेताया है कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की प्रकृति में बदलाव आया है। पहले यह सर्दियों में हिमालय पर बारिश और बर्फबारी का कारण बनता था, लेकिन अब मानसून सीजन में भी सक्रिय हो रहा है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं और हिमालय से टकराने वाली ठंडी हवाओं के मेल से वेस्टर्न हिमालय पर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिससे बादल फटने और बाढ़ जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ गया है।
देहरादून का ऐतिहासिक घण्टाघर अब नए स्वरूप में जगमगाया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया सौंदर्यीकरण और स्वचालित प्रकाश व्यवस्था का लोकार्पण
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को शहर की पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक घण्टाघर का सौंदर्यीकरण, भव्य रूपांतरण और स्वचालित प्रकाश व्यवस्था का लोकार्पण किया। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इस धरोहर को आधुनिक स्वरूप दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घण्टाघर अब रात्रि में भी जीवंत दिखाई देगा और शहर की नाइटलाइफ को नया आकर्षण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगी, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता, संरक्षण और अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेगी।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक पहल की नई दिशा
हिलांस आउटलेट्स व बाल भिक्षावृत्ति निवारण कार्यक्रम की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने घण्टाघर क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए निर्मित चार “हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स” का भी लोकार्पण किया। साथ ही कलेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चुपानी और आईएसबीटी में हिलांस कैंटीनों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आउटलेट्स न केवल सस्ती व गुणवत्तापूर्ण वस्तुएँ उपलब्ध कराएँगे बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाएँगे।
उन्होंने बाल भिक्षावृत्ति निवारण अभियान का भी उल्लेख किया, जिसके तहत अब तक 82 बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा से जोड़ा गया है। साधूराम इंटर कॉलेज में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इंटेंसिव केयर सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में 14 सौ करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इनमें इलेक्ट्रिक बस सेवा, 11 चार्जिंग स्टेशन, भूमिगत पार्किंग और रिस्पना-बिंदाल नदियों पर एलिवेटेड रोड का निर्माण प्रमुख हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारी वर्ग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को थाना डालनवाला परिसर में स्थापित 13 लॉन्ग रेंज आधुनिक सायरनों का लोकार्पण किया। यह पहल उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए संवेदनशील राज्य है। ऐसे में समय रहते सतर्कता और सूचना प्रसारण जन-जीवन की सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 8 किलोमीटर और 16 किलोमीटर तक की रेंज वाले ये सायरन न केवल आपदा की स्थिति में समय पर चेतावनी देंगे, बल्कि राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायक होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रणाली का नियमित परीक्षण किया जाए और जनता को इसके उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए।
आपदा राहत कोष में मिली सहायता, बाल थाने का भी किया निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर सेवानिवृत्त पुलिस कार्मिकों, उत्तराखंड पीसीएस एसोसिएशन और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में सहायता राशि के चेक भेंट किए गए।
मुख्यमंत्री ने डालनवाला थाने में स्थापित बाल थाने का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, पुलिस महानिदेशक, आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सख्त नकल विरोधी कानून के बाद नहीं हुआ भर्ती परीक्षा पेपरलीक
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना से विदेश में रोजगार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल के कार्यकाल में रिकॉर्ड 25 हजार युवाओं का चयन सरकारी सेवा में हुआ है। इसी क्रम में शनिवार को जनजाति कल्याण विभाग के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में चयनित 15 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
04 जुलाई 2021 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद, धामी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्किल प्रदान करने पर विशेष तौर पर फोकस किया। इस दौरान लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चिकित्सा सेवा चयन आयोग के जरिए 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार प्रदान किया जा चुका है। उत्तराखंड लोकसेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के स्तर पर अभी कई विभागों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। कुछ मामलों में जल्द ही अंतिम चयन संस्तुति की जाने वाली है, इस कारण कुल स्थायी नौकरियों का यह आंकड़ा अभी और बढ़ने वाला है।
विदेश में रोजगार के मौके
मौजूदा सरकार ने साल 9 नवंबर 2022 से मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना शुरु की है, इसके लिए युवाओं को आतिथ्य, नर्सिंग, ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए जर्मनी और जापान में रोजगार प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिसमें से 37 को जापान में रोजगार प्रदान किया जा चुका है।
सख्त कानून से आई पारदर्शिता
धामी सरकार ने 2024 में सख्त नकल विरोध कानून लागू करते हुए, नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम किया है। इसके बाद से एक भी परीक्षा में पेपरलीक नहीं हुआ है, यही नहीं धामी सरकार पेपर लीक में शामिल 100 से अधिक माफिया का जेल भी भेज चुकी है।
सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल के जरिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड का पानी और जवानी, यहीं के काम आए। युवा पलायन करने के बजाय, रोजगार प्रदान करने वाले बने।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी किया 3 महीने का पैसा
देहरादून। शनिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 4 करोड़ 47 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी की।
कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत मई 25 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि जून में 5308 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपए शनिवार को जारी किए गए हैं। जबकि जुलाई महीने के लिए कुल 5276 लाभार्थियों के 1 करोड़ 58 लाख 28 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है। इसके अलावा अगस्त महीने के लिए कुल 5242 लाभार्थियों को 1 करोड़ 57 लाख 26 हजार रुपए दिए गए हैं।
इस योजना के तहत लाभार्थी के 21 वर्ष के हो जाने या बालिका लाभार्थियों के विवाह या लाभार्थी के सेवायोजित हो जाने के बाद वह योजना से बाहर हो जाते हैं।
इस अवसर पर विभागीय निदेशक बंसी लाल राणा, सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन आदि उपस्थित रहे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जनजाति कल्याण विभाग के अन्तर्गत संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में चयनित 15 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के साथ ही 15 करोड़ रुपए से अधिक लागत की विभिन्न विभागीय निर्माण योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ये सभी परियोजनाएँ न केवल जनजातीय समाज की आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी युवा शिक्षक नई पीढ़ी के समग्र विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस संबंध में सबसे अहम फैसला भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारें केवल दिखावे के लिए ही आदिवासी समाज के विकास की बात किया करती थी, जबकि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए धरातल पर नए – नए कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज के विकास के लिए दिए जाने वाला बजट को पहले के मुकाबले 3 गुना तक बढ़ाया दिया है। वहीं जनजातीय समाज के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान“ के अंतर्गत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। आज हमारे राज्य में 4 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कालसी, मेहरावना, बाजपुर व खटीमा में संचालित हो रहे हैं, जिसमें जनजातीय समुदाय के छात्रों को निशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टल की सुविधा प्रदान की जा रही है।

इसी तरह सीमान्त जनपद पिथौरागढ में भोटिया तथा राजी जनजाति के शैक्षिक उन्नयन के लिये एकलव्य विद्यालय खोलने के लिए अभी हाल ही में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भी आदिवासी समाज के कल्याण के लिए अनेकों कार्य कर रही है। जहां एक ओर जनजातीय समाज के बच्चों को प्राइमरी स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक की कक्षाओं में छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वहीं, राज्य में 16 राजकीय आश्रम पद्वति विद्यालयों का संचालन भी किया जा रहा है। इसके साथ ही, जनजाति समाज के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में तीन आईटीआई संस्थानों का संचालन किया जा रहा है। जनजाति समाज के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था के साथ ही छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के कार्यों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार भी उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसके लिए प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इसके साथ ही, उत्तराखंड में देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून को लागू किया गया है, लेकिन जनजातियों की परम्पराओं रीति रिवाजों के संरक्षण के लिए सभी अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता से बाहर रखा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय शोध संस्थान में सौन्दर्यीकरण तथा बालिकाओं के लिए हाईटेक शौचालय ब्लॉक का निर्माण, “आदि लक्ष्य संस्थान में डाइनिंग हॉल का निर्माण कराए जाने की घोषणा की है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, दलीप सिंह रावत, प्रमोद नैनवाल, अध्यक्ष जनजाति आयोग श्रीमती लीलावती राणा, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, निदेशक समाज कल्याण चंद्र सिंह धर्मशक्तू एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित हुए।
मोनिश ने खुद को हिन्दू बताकर की शादी
रुद्रपुर। स्थानीय पुलिस ने शादी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर हिन्दू युवती से शादी करने और बाद में दहेज माँग व धर्म परिवर्तन का दबाव डालने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का असली नाम मोनिश पुत्र इरशाद अहमद भारती है, जो मेरठ का रहने वाला है और वर्तमान में दिनेशपुर में रह रहा था।
पीड़िता ने थाना नानकमत्ता पुलिस को तहरीर दी कि युवक ने स्वयं को मनीष चौधरी पुत्र अमित चौधरी, हिन्दू जाति बताकर 11 दिसंबर 2024 को प्रेम पैलेस, नानकमत्ता में उससे हिन्दू रीति-रिवाज से विवाह किया। शादी के बाद आरोपी और उसके परिवार ने ₹2 लाख नकद, कार और सोने के आभूषण की माँग की। विरोध करने पर पीड़िता से गाली-गलौज, मारपीट की गई और 21 फरवरी 2025 को घर से निकाल दिया गया।
घर से निकाले जाने के बाद पता चला कि आरोपी का नाम वास्तव में मोनिश है और वह मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है। साथ ही वह पहले से ही एक मुस्लिम युवती से विवाह कर चुका है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उस पर जबरन धर्म परिवर्तन और मांसाहार खाने का दबाव डालता था।
पीड़िता की तहरीर पर थाना नानकमत्ता में FIR संख्या-162/2025 दर्ज कर मामले की विवेचना उपनिरीक्षक रजनी गोस्वामी को सौंपी गई। पूछताछ में आरोपी ने फर्जी प्रोफाइल बनाने और शादी कर धोखा देने की बात कबूल कर ली।
6 सितंबर 2025 को पुलिस ने आरोपी को दिनेशपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि महिलाओं के साथ धोखाधड़ी, दहेज प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने जिलावार जोनिंग कर दी भूस्खलन की संभावनाओं की चेतावनी
देहरादून। उत्तराखंड के चार प्रमुख पर्वतीय जिलों में भूकंप से भूस्खलन का जोखिम काफी अधिक पाया गया है। आईआईटी रुड़की के आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता उत्कृष्टता केंद्र के विशेषज्ञों ने पहली बार जिलावार अध्ययन कर इस खतरे का विश्लेषण किया है। उनका शोध 2 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ।
शोध में अक्षत वशिष्ठ, शिवानी जोशी और श्रीकृष्ण सिवा सुब्रमण्यम ने हिमालयी क्षेत्रों में भूकंप और भूस्खलन के संबंध का विस्तृत अध्ययन किया। उनका कहना है कि उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और यहां भविष्य में भूकंप से प्रेरित भूस्खलन बड़ी आपदा का कारण बन सकते हैं।
विशेषज्ञों ने पहली बार जिला-स्तरीय भूकंप-प्रेरित भूस्खलन जोखिम की जोनिंग तैयार की। इसमें भूकंपीय तीव्रता परिदृश्य और भूकंप की वापसी अवधि को ध्यान में रखा गया। अध्ययन के अनुसार रुद्रप्रयाग जिला सभी परिदृश्यों में सबसे अधिक संवेदनशील है, जबकि पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में भी भारी भूस्खलन की आशंका जताई गई है।
आजकल हाई ब्लड प्रेशर केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गई है। युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रही है। तनाव, नींद की कमी, फास्ट फूड की लत और लंबे समय तक बैठने की आदत ने ब्लड प्रेशर की उम्र घटा दी है। विशेषज्ञ इसे ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं, क्योंकि यह धीरे-धीरे हृदय, किडनी, आंख और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है।
क्या सिर्फ नमक ही जिम्मेदार है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि ब्लड प्रेशर केवल ज्यादा नमक खाने से बढ़ता है। लेकिन आहार विशेषज्ञ बताते हैं कि यह केवल एक पहलू है। चीनी, अधिक कैफीन, शराब, धूम्रपान और लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहना भी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।
इन आदतों से भी बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर
विशेषज्ञों के अनुसार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और पेय पदार्थों में मौजूद अतिरिक्त शुगर भी रक्तचाप बढ़ाने में योगदान देती है। शोध में यह पाया गया है कि जो लोग अपनी दैनिक कैलोरी का एक चौथाई या अधिक ऐडेड शुगर से लेते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का जोखिम तीन गुना तक बढ़ जाता है। कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा और रेडी टू ईट फूड्स में शुगर अधिक होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
अधिकांश लोग शुगर के नुकसान के प्रति जागरूक नहीं हैं, इसलिए वह तय मात्रा से ज्यादा चीनी का सेवन कर लेते हैं। इसका नतीजा मेटाबॉलिक सिंड्रोम और टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों के रूप में सामने आता है, जो हृदय और रक्त वाहिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
यूरिक एसिड और ब्लड प्रेशर का संबंध
कुछ शोध बताते हैं कि ज्यादा शुगर यूरिक एसिड को बढ़ा सकती है, जिससे किडनी की रक्त वाहिकाओं में तनाव आता है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
क्या करें ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए?
विशेषज्ञों का सुझाव है कि नमक के साथ-साथ ऐडेड शुगर और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स को कम करें। इसके अलावा नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने में मदद करती है।
(साभार)
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर बोले पीएम मोदी – हमारी साझेदारी वैश्विक स्तर पर रणनीतिक
ट्रंप ने मोदी को बताया ‘महान मित्र’, पर जताई कुछ नीतियों पर नाराजगी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत और दूरदर्शी हैं। पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और हमारे रिश्तों के सकारात्मक मूल्यांकन की हम सराहना करते हैं। भारत-अमेरिका साझेदारी वैश्विक स्तर पर व्यापक और रणनीतिक है।”
ट्रंप ने क्या कहा था?
ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा, “मोदी हमेशा मेरे दोस्त रहेंगे, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। हालांकि इस समय उनकी कुछ नीतियों से मैं सहमत नहीं हूँ, लेकिन भारत और अमेरिका का रिश्ता खास है। ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, इसमें चिंता की कोई बात नहीं।”
सवाल पर मिला यह जवाब
ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वे भारत के साथ रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए तैयार हैं? इसी सवाल पर उन्होंने यह टिप्पणी की।
पुरानी पोस्ट पर विवाद
ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग साथ दिख रहे थे। इसके साथ उन्होंने लिखा था, “लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। ईश्वर करे उनका भविष्य समृद्ध हो।” बाद में एक अन्य पोस्ट में उन्होंने भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने पर नाराजगी जताई और कहा कि इस वजह से उन्हें निराशा हुई है।
टैरिफ विवाद ने बढ़ाई खटास
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की ओर से भारत पर 50% तक टैरिफ लगाने और रूस से तेल आयात को लेकर बढ़ते मतभेदों ने रिश्तों में तनाव पैदा किया है। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में चीन के तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया, जहाँ उनकी पुतिन और शी जिनपिंग से गर्मजोशी भरी मुलाकात भी चर्चा में रही। इसके बाद अमेरिकी राजनीति में ट्रंप प्रशासन पर भारत से रिश्ते बिगाड़ने के आरोप लगने लगे।
