मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री ने वितरित किए तीलू रौतेली पुरस्कार
33 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार मिला
देहरादून। गुरुवार को आईआरडीटी सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार वितरित किए। प्रदेश भर से कुल 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए चुना गया है जबकि 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार दिया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% आरक्षण देने का बड़ा कदम उठाया । इसके साथ ही समान नागरिक संहिता लागू करके महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाया । मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के सबसे बड़ा योगदान महिलाओं का रहेगा।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 1661 के दौर में तीलू रौतेली ने एक सशक्त महिला और वीरांगना के रूप में जैसी उपलब्धियां हासिल की, वह आज आश्चर्यजनक लगती हैं।
रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है और तीलू रौतेली पुरस्कार की धनराशि को 11 हजार से तीन बार बढ़ाते हुए अब 51 हजार रुपए कर दिया गया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इसी तरह प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय भी बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि महिला सारथी योजना और एकल महिला स्वरोजगार योजना के जरिए प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी ।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना में भी यह सुनिश्चित किया गया है कि बालिका खिलाड़ियों को भी बराबर संख्या में सहायता राशि मिले।
इस अवसर पर राजपुर विधायक खजान दास, विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा आदि उपस्थित रहे।
बॉलीवुड की चर्चित एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘बागी 4’ कल, यानी 5 सितंबर को बड़े परदे पर रिलीज हो रही है। रिलीज से पहले ही निर्माताओं ने फैंस को एक खास तोहफा दिया है—फिल्म का नया गाना ‘मरजाना’ रिलीज कर दिया गया है, जो बी प्राक की दमदार आवाज़ के साथ दर्शकों का दिल जीत रहा है।
गाने का आकर्षण:
टाइगर श्रॉफ ने अपने इंस्टाग्राम पर गाने का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “हर लफ्ज़ में दर्द, हर सुर में मोहब्बत… BPraak की आवाज़ में #Marjaana हमेशा आपके साथ रहेगा।” इस पोस्ट के साथ ही उन्होंने फैंस को फिल्म की एडवांस बुकिंग के बारे में भी जानकारी दी।
फैंस की प्रतिक्रिया:
‘मरजाना’ गाने को सुनकर फैंस बेहद उत्साहित हैं। एक फैन ने लिखा, “दिल को छू लेने वाला गाना”, तो दूसरे ने कहा, “जमीन से जुड़ा हुआ आदमी”। कई फैंस ने तो फिल्म के लिए पहले ही टिकट बुक कर लिए हैं। गाने के वीडियो पर फैंस लगातार फायर और दिल वाले इमोजी पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
फिल्म का संक्षिप्त विवरण:
‘बागी 4’ का निर्देशन ए. हर्षा ने किया है और निर्माण साजिद नाडियाडवाला का है। फिल्म में टाइगर श्रॉफ, संजय दत्त, सोनम बाजवा और हरनाज संधू मुख्य भूमिका में हैं। यह एक्शन-ड्रामा थ्रिलर फिल्म कल सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है।
(साभार)
त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने NextGenGST सुधारों को बताया ऐतिहासिक कदम
नई दिल्ली। सांसद हरिद्वार एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जीएसटी परिषद द्वारा लागू किए गए NextGenGST सुधारों को ऐतिहासिक और भविष्यगामी करार दिया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में लिए गए ये निर्णय कर प्रणाली को सरल बनाने के साथ-साथ करोड़ों भारतीयों के जीवन और व्यवसाय को भी सहज बनाएंगे।
त्रिवेन्द्र ने बताया कि इन सुधारों से Ease of Doing Business में सुधार, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ये कदम स्थानीय विनिर्माण, लघु-मध्यम उद्यम और स्वरोज़गार को बढ़ावा देंगे और भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं समावेशी बनाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सुधार भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर नई पहचान और ताकत प्रदान करेंगे।
रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एसडीआरएफ ने गधेरे से निकाला शव
नैनीताल। नैनीताल जिले के बेतालघाट क्षेत्र में बरसाती नाले के तेज बहाव में बहे वन दरोगा का शव रात दो बजे एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया। इस घटना से गांव में मातम पसर गया है और मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
बेतालघाट ब्लॉक के गैरखाल निवासी 40 वर्षीय देवेंद्र सिंह, पुत्र दिलीप सिंह, वन विभाग की बेतालघाट रेंज में वन दरोगा के पद पर तैनात थे। बुधवार शाम वह खैरना बाजार से अपने साथी युवक के साथ बाइक से घर लौट रहे थे।
रातीघाट-बेतालघाट मोटर मार्ग पर डोलकोट क्षेत्र में बरसाती गधेरे को पार करने की कोशिश में वह बाइक समेत बहाव में बह गए। उनके साथ मौजूद युवक किसी तरह किनारे पर अटक गया और स्थानीय लोगों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन, बेतालघाट पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा और तेज बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं। यहां तक कि पानी डायवर्ट करने के लिए दो लोडर मशीनों की भी मदद ली गई।
आखिरकार रात करीब दो बजे एसडीआरएफ की टीम ने गधेरे के बीच से देवेंद्र सिंह का शव बरामद कर लिया। राजस्व पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेज दिया है।
पिछले वर्ष ही मृतक के छोटे भाई की करंट लगने से मौत हो गई थी। अब परिवार पर एक और दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
दूध, पनीर, ब्रेड और दवाएं हुईं सस्ती, पान मसाला-सिगरेट पर बढ़ा टैक्स
22 सितंबर से लागू होंगी नई जीएसटी दरें
नई दिल्ली। दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने जनता को राहत का बड़ा पैकेज दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में व्यापक कटौती का ऐलान किया। अब कई रोजमर्रा की वस्तुएं और सेवाएं सस्ती होंगी, जबकि कुछ लग्जरी और हानिकारक उत्पादों पर कर बढ़ा दिया गया है। जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।
जीएसटी में संशोधन के बाद अधिकांश वस्तुएं 5% और 18% स्लैब में आ गई हैं। कई उत्पादों को जीरो टैक्स (0%) श्रेणी में रखा गया है, जबकि तंबाकू, पान मसाला और शुगरी ड्रिंक्स जैसे आइटम अब 40% ‘सिन टैक्स’ स्लैब में आ गए हैं।
क्या सस्ता हुआ?
दूध, पनीर, छेना, ब्रेड, खाखरा और चपाती पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
बटर, खोआ, घी और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स 12% से घटकर 5% टैक्स पर आ गए हैं।
33 जीवन रक्षक दवाओं और हेल्थ इंश्योरेंस/एलआईसी पॉलिसियों पर टैक्स शून्य कर दिया गया है।
कृषि और बागवानी मशीनरी, ट्रैक्टर, ट्यूब-टायर, कीटनाशक और उर्वरक सामग्री पर टैक्स 18% से घटकर 5% हो गया है।
मोटरसाइकिल (350 सीसी तक), एसी, टीवी, डिशवॉशर और छोटे वाहनों पर जीएसटी 28% से घटकर 18% हो गया है।
क्या महंगा हुआ?
कोल्ड ड्रिंक, शुगरी बेवरेज और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक अब 40% स्लैब में चले गए हैं।
लग्जरी कारें, रेसिंग कारें और 350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलें भी महंगी हो गई हैं।
पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
जुआ, कैसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और रेस क्लब में एंट्री भी अब 40% जीएसटी स्लैब में आएगी।
रिवॉल्वर, पिस्तौल और निजी उपयोग के लिए विमान व नाव पर भी 40% टैक्स लगेगा।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से आम और मध्यम वर्ग को सीधी राहत मिलेगी, जबकि हानिकारक व विलासिता वाली वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स लगाकर राजस्व भी बढ़ाया जाएगा।
4.5 लाख लोग प्रभावित, 37 की मौत, 3.5 लाख एकड़ फसल बर्बाद
चंडीगढ़। पंजाब में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पंजाब के सभी 23 जिलों के 1400 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है। सभी विभागों को सेवाएं बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
अब तक 37 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। लगभग 3.5 लाख एकड़ फसल बर्बाद हो गई है।
तीन बांधों पर दबाव से बिगड़े हालात
भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांध में जलस्तर खतरे के निशान के करीब या ऊपर पहुंच चुका है। बीबीएमबी ने पौंग बांध से रोजाना छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाकर 1 लाख क्यूसेक करने का फैसला लिया है। रणजीत सागर बांध के सातों गेट इतिहास में पहली बार खोले गए हैं।
स्कूल-कॉलेज 7 सितंबर तक बंद
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने सभी सरकारी, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूल-कॉलेज व विश्वविद्यालय 7 सितंबर तक बंद रखने का फैसला किया है।
केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग
राज्य को आपदा प्रभावित घोषित करने के बाद उम्मीद है कि केंद्र से अतिरिक्त राहत पैकेज मिलेगा। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की तैनाती बढ़ाई जा सकती है। इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल वीरवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वहीं, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से पंजाब समेत उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है।
प्रदेश में 520 सड़कें बंद, 779 मशीनें तैनात, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ तेजी से खोलने में जुटे
देहरादून। राज्य में लगातार जारी बारिश ने पहाड़ी जिलों में संकट गहरा दिया है। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल के कई गांवों में भू-धंसाव से घरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं। खतरे के चलते कुछ लोगों ने रातोंरात अपने घर खाली कर दिए, वहीं प्रशासन ने भी कई इलाकों में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें भी धंसने लगी है।
इसी बीच प्रदेश सरकार ने सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए 15 सितंबर से गड्ढा मुक्त अभियान शुरू करने की घोषणा की है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा के अनुसार, 31 अक्तूबर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। विभाग ने योजना बना ली है, लेकिन लगातार हो रही बारिश बाधा बन रही है।
वर्तमान में प्रदेश की 520 सड़कें बंद पड़ी हैं, जिनमें पांच राष्ट्रीय राजमार्ग, 27 राज्य मार्ग, 17 मुख्य जिला मार्ग और 164 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। अकेले अल्मोड़ा जिले में 86 सड़कें ठप हैं, जबकि पौड़ी, टिहरी, चमोली और उत्तरकाशी जिले भी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
बंद रास्तों को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग और बीआरओ ने 779 मशीनें तैनात की हैं। इसके बावजूद बारिश के बाद बार-बार सड़कें फिर से बंद हो रही हैं।
सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि 29 पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरकाशी जिले में सबसे ज्यादा 10 पुल प्रभावित हुए हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पुल भी शामिल हैं।
8 सितंबर को आयोग के समक्ष तलब, राष्ट्रीय महिला आयोग को भी भेजा गया पत्र
देहरादून। महिला सुरक्षा को लेकर देहरादून को असुरक्षित बताने वाली रिपोर्ट पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख़्त रुख अपनाया है। आयोग ने रिपोर्ट तैयार करने वाली निजी एजेंसी पीवैल्यू एनालिटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को नोटिस जारी कर 8 सितंबर को देहरादून स्थित महिला आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग को भी इस मामले में कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि “नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वूमन सेफ्टी” नाम से जारी यह रिपोर्ट पूरी तरह एक निजी कंपनी का आयोजन है। इसका केंद्र सरकार, राज्य सरकार या राष्ट्रीय/राज्य महिला आयोग से कोई संबंध नहीं है। रिपोर्ट में न तो आधिकारिक डेटा का इस्तेमाल हुआ है और न ही यह किसी मान्यताप्राप्त प्रक्रिया पर आधारित है। यह मात्र 31 शहरों में 12,770 महिलाओं पर किए गए सीमित सर्वे के आधार पर तैयार की गई है।
कंडवाल ने कहा कि इस रिपोर्ट को ऐसे प्रसारित किया गया, मानो इसे राष्ट्रीय महिला आयोग ने जारी किया हो, जबकि हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय रहाटकर भले ही उस कार्यक्रम में मौजूद थीं, लेकिन रिपोर्ट का संबंध न तो राष्ट्रीय महिला आयोग से है और न ही किसी सरकारी संस्था से।
राज्य महिला आयोग का कहना है कि इस तरह की गैर-प्रमाणिक रिपोर्ट से देहरादून और उत्तराखंड की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास हुआ है। जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील है और लगातार ठोस कदम उठा रही है।
कुंभ 2027 होगा दिव्य और भव्य, मास्टर प्लान के तहत घाट, पार्किंग, टेंट सिटी और यातायात व्यवस्था पर जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में कुम्भ मेला 2027 के भव्य आयोजन की सभी तैयारियां समय करते हुए स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किये जाएं। कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर उन्हें पूर्ण किये जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यों आगे बढ़ायें।
बुधवार को सचिवालय में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी के क्रम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला संबंधित सभी कार्य विस्तारित क्षेत्र और मास्टर प्लान को ध्यान में रख कर किए जाएं। मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट, कैम्प स्थलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित किया जाए, ताकि इसके अनुसार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करने के साथ ही संबंधित भूमि का अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भीड़ का दवाब कम करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार और मौजूदा घाटों की मरम्मत भी समय से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें कुंभ को देखते हुए प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बहादराबाद – श्यामपुर बाईपास को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ कुंभ के दौरान मिल सके। इसी तरह श्यामपुर, गैंडीखाता एवं चण्डीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट लगाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसी तरह कुंभ क्षेत्र में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन योजना, पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। पार्किंग दूर होने पर शटल सेवा की व्यवस्था पर विचार किया जाए। कुंभ क्षेत्र में आंतरिक मार्गों को भी समय से ठीक किया जाए, इसका लाभ स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। मंसा देवी, चंड़ी देवी पैदल मार्ग के सुदृढीकरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ठोस कचरा अपशिष्ट के लिए जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट अपनाया जाए, कुंभ क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। महिला श्रद़धालुओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों और गंगा तटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था की जाए। हरकी पैड़ी में श्रद्धालुओं के लिए आरती और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद़धालुओं की सुरक्षा से संबंधित सभी इंतजाम समय से पूरी कर ली जाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पार्किंग स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाए जाएं। श्रद़धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सी और मोटर बोट की उपलब्धता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि श्रद़धालु उत्तराखंड से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। इसके लिए कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखी जाएं। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाए। मेला प्रबंधन में आईटी व डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम सूचना देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव को कुंभ मेला तैयारी की समीक्षा 15 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में विधायक मदन कौशिक, प्रेमचंद अग्रवाल, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, रवि बहादुर, अनुपमा रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फेनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ पंकज पांडेय, डॉ आर राजेश कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मेलाधिकारी सोनिका और वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
एक ही छत के नीचे मिलेगी फिजियोथेरेपी, काउंसलिंग, कृत्रिम अंग और रोजगार प्रशिक्षण की सुविधा
देहरादून। गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का प्रथम जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) शुरू हो गया। इस एकीकृत केंद्र में दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, आधार पंजीकरण व अपडेट, फिजियोथेरेपी, परामर्श, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, रोजगार प्रशिक्षण और विभिन्न चिकित्सकीय सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल, विधायक खजान दास, पार्षद सुनीता मजखोला, जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह उपस्थित रहे। महापौर ने इसे सशक्त समाज की दिशा में मील का पत्थर बताया। और हेल्पलाइन नंबर 8077386815 जारी किया। मौके पर दिव्यांग बच्चों को पुरस्कार और लाभार्थियों को उपकरण भी वितरित किए गए।
डीएम की पहल पर दिव्यांगजनों के लिए एकीकृत सेवाएं
डीएम सविन बंसल ने बताया कि समाज की लगभग 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है। ऐसे में उनका जीवन आसान बनाने और गरिमा के साथ जोड़ने के लिए डीडीआरसी केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केंद्र तक आने-जाने के लिए विशेष वाहन की भी व्यवस्था की गई है।
डीडीआरसी में फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, काउंसलिंग, अर्ली इंटरवेंशन, प्रमाणन, रोजगारपरक प्रशिक्षण और सहायक उपकरण वितरण की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्र का संचालन समाज कल्याण विभाग की देखरेख में डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान द्वारा किया जाएगा।
