कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, सेवा पखवाड़ा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनता को सुगम, सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।राज्य की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। पुलिस द्वारा रात्रिकालीन गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बरसात के बाद सड़कों के सुधारीकरण और गड्ढा मुक्त कराने के लिए निविदा प्रक्रिया अभी पूर्ण कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर सभी जनपदों में सेवा, जनजागरूकता एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध रूप से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जनपदों का भ्रमण करेंगे और विभिन्न व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।
मुख्यमंत्री ने रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लिया और तत्काल नमूना लेकर जाँच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।
ट्रंप ने बाइडन प्रशासन की तुलना अपने कार्यकाल से करते हुए कहा कि उनके पहले चार साल में अमेरिका आर्थिक रूप से पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने टैरिफ (आयात शुल्क) नीति का जोरदार बचाव किया और इसे “व्यापार के माध्यम से युद्धों को सुलझाने का उपकरण” बताया। उन्होंने कहा कि टैरिफ नीति ने अमेरिका को वैश्विक स्तर पर बेहतरीन बातचीत की क्षमता दी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की। ट्रंप ने अपने पूर्व राष्ट्रपति बाइडन प्रशासन की नीतियों की आलोचना भी की।
व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में ट्रंप ने टैरिफ को “जादुई उपाय” बताते हुए कहा कि इस नीति के कारण उन्होंने सात युद्धों को सुलझाने में सफलता हासिल की। उन्होंने दावा किया कि टैरिफ ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया और वैश्विक आर्थिक तनाव को नियंत्रित करने में मदद की।
ट्रंप ने बाइडन प्रशासन की तुलना अपने कार्यकाल से करते हुए कहा कि उनके पहले चार साल में अमेरिका आर्थिक रूप से पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि टैरिफ नीति अमेरिका को बेहतर वार्ताकार बनाती है और इसे अपनाने से देश को वित्तीय लाभ भी मिलता है।
भारत के साथ संबंधों पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन पिछले कई सालों में यह एकतरफा रहे हैं। उन्होंने भारत पर लगाए गए उच्च टैरिफ का उदाहरण देते हुए कहा कि इस कारण अमेरिका-भारत के बीच व्यापार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच पाया। ट्रंप ने हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल के मामले को भी उद्धृत करते हुए कहा कि अमेरिका भारत से शुल्क नहीं ले रहा, जबकि भारत अधिक टैरिफ वसूल रहा है।
निगम बोध घाट, यमुना बाजार और मोनेस्ट्री मार्केट में पानी घुसा, एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी
नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और राजधानी के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। यमुना बाजार, निगम बोध घाट, ओल्ड उस्मानपुर, ओल्ड गढ़ी मेंडू और आईएसबीटी का वासुदेव घाट सहित मोनेस्ट्री मार्केट के आसपास के इलाके पानी में डूब गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में 5 तारीख तक हल्की से भारी बारिश जारी रह सकती है। यमुना का जलस्तर अब 207 मीटर के पार पहुंच गया है, जो खतरे के स्तर से 2 मीटर ऊपर है। इस कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।
ओल्ड उस्मानपुर और ओल्ड गढ़ी मेंडू गांवों में यमुना का पानी घुसने से लगभग 2,500 लोग अपने घर खाली करने के बाद राहत शिविरों में पहुंचाए गए। स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि पानी तेजी से बढ़ रहा है और कई घरों में घुस चुका है। वहीं मोनेस्ट्री मार्केट और आस-पास के इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
एनडीआरएफ कमांडेंट ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि रात से बचाव और राहत कार्य जारी हैं, और टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
देहरादून। कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने संगध पौंध केन्द्र की समीक्षा बैठक के बाद बताया कि प्रदेश में महक क्रांति नीति के विस्तार के लिए वर्ष 2025 से वर्ष 2047 (विकसित भारत संकल्प) तक की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके प्रथम चरण में 22,750 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर कार्य किया जाएगा, जिससे लगभग 1,050 करोड़ रुपये का टर्नओवर और 91 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
महक क्रांति नीति के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष वैली विकसित की जाएंगी। जिनमें चमोली एवं अल्मोड़ा में डैमस्क रोज़ वैली (2000 हैक्टेयर), चम्पावत एवं नैनीताल में सिनॉमन वैली (5200 हैक्टेयर), पिथौरागढ़ में तिमूर वैली (5150 हैक्टेयर), हरिद्वार एवं पौड़ी लैमनग्रास वैली (2400 हैक्टेयर), ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार में मिन्ट वैली (8000 हैक्टेयर) सम्मिलित हैं।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि महक क्रांति नीति प्रदेश के किसानों के लिए गेमचेंजर साबित होगी और इससे सुगंधित खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का ड्राफ्ट शीघ्र ही मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में सगंध पौध केंद्र के निदेशक डॉ0 नृपेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
वरुण धवन और जान्हवी कपूर की आने वाली फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ का पहला गाना रिलीज हो गया है। यह गाना साल 1999 के सोनू निगम के हिट गीत ‘बिजुरिया’ का रीक्रिएशन है, जिसे तेज और एनर्जेटिक म्यूजिक के साथ फिल्म में पेश किया गया है। डांस नंबर होने की वजह से गाने में दोनों सितारों के जबरदस्त मूव्स देखने को मिल रहे हैं।
गाने में सितारों का जलवा
गाने की शुरुआत में मनीष पॉल पगड़ी लगाए नजर आते हैं। शुरुआती लाइन्स किसी हद तक ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ के टाइटल ट्रैक की याद दिलाती हैं। इसके बाद वरुण धवन की एंट्री होती है और वह अपने शानदार डांस मूव्स से स्क्रीन पर छा जाते हैं। जान्हवी कपूर साड़ी में अपनी हॉटनेस और ग्रेस दिखाती नजर आती हैं। गाने में फिल्म की पूरी लीड कास्ट—रोहित सराफ, सान्या मल्होत्रा और मनीष पॉल—भी नजर आती हैं।
1999 के हिट गाने का नया अवतार
यह गाना सोनू निगम के म्यूजिक अल्बम ‘मौसम’ के गीत ‘बिजुरिया’ का रीमिक्स है। मूल गाने में सोनू निगम की आवाज और उनके स्टाइलिश हुक स्टेप्स को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इस रीक्रिएशन में पुराने हुक स्टेप को फिल्म में दोबारा पेश किया गया है और कुछ नई लाइन्स जोड़कर इसे और ताजगी दी गई है।
बॉक्स ऑफिस टक्कर तय
वरुण-जान्हवी की यह फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में रोहित सराफ, सान्या मल्होत्रा और मनीष पॉल भी अहम भूमिकाओं में हैं। शशांक खेतान द्वारा निर्देशित इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर टक्कर ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा’ से होने वाली है।
(साभार)
नैनीताल में टूटे आठ साल पुराने बारिश के रिकॉर्ड
हल्द्वानी। कुमाऊं क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा गिरने से कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जबकि मैदानी इलाकों में उफान पर आई नदियाँ और नाले लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। राज्यभर में करीब 152 सड़कों पर आवागमन बाधित है।
बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण बैराज में चारपहिया वाहनों का संचालन दो दिन से बंद है। नदी का जलस्तर घटकर एक लाख क्यूसेक के नीचे जाने पर ही आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी।
नैनीताल में इस जनवरी में अब तक 2000 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो पिछले आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाली है। हल्द्वानी में गौला नदी के तेज बहाव के कारण नदी पुल के नीचे चेकडैम अपनी जगह छोड़ चुके हैं।
प्रदेश के देहरादून, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चंपावत और नैनीताल में बुधवार को कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने की घोषणा की गई है।
पिथौरागढ़ जिले की ऊंची चोटियों पर इस सर्दी का पहला हिमपात भी दर्ज किया गया। व्यास, दारमा और मल्ला जोहार की चोटियां बर्फ से ढक गईं। चार दिन पहले पिथौरागढ़ में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस था, जो मंगलवार को गिरकर 21 डिग्री तक आ गया।
आजकल ज्यादातर लोग वजन घटाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो करते हैं या फिर महंगे फिटनेस प्रोग्राम्स पर खर्च करते हैं। लेकिन अगर आपके पास इतना समय या साधन नहीं है, तो भी चिंता की कोई बात नहीं। क्या आप जानते हैं कि सिर्फ खड़े-खड़े भी वजन घटाना संभव है? जी हां, योग और स्ट्रेचिंग के कुछ आसान आसनों की मदद से आप बिना झुके भी कैलोरी बर्न कर सकते हैं। यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहतर है जो जिम नहीं जा पाते या कमर और पीठ दर्द से परेशान रहते हैं।
खड़े होकर किए जाने वाले योगासन जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन और उत्कटासन न सिर्फ पेट और कमर की चर्बी कम करने में मदद करते हैं बल्कि शरीर को एनर्जी और बैलेंस भी देते हैं। वहीं, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जैसे साइड बेंड, आर्म स्ट्रेच और नेक स्ट्रेच लचीलापन बढ़ाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को सुधारते हैं। रिसर्च के मुताबिक, महज 10–15 मिनट की खड़े होकर की गई एक्सरसाइज भी मेटाबॉलिज्म को एक्टिव कर कैलोरी बर्न करना शुरू कर देती है।
खड़े-खड़े करें स्ट्रेचिंग
सिर्फ कुछ मिनट की स्ट्रेचिंग से आप जिद्दी चर्बी पर काबू पा सकते हैं। यह मांसपेशियों को लचीला बनाती है और शरीर को एनर्जेटिक रखती है। सुबह उठते ही या रात को सोने से पहले खड़े होकर स्ट्रेचिंग करना बेहद फायदेमंद है।
वजन घटाने में मददगार खड़े होकर किए जाने वाले योगासन
ताड़ासन (Mountain Pose)
यह सबसे आसान योगासन है जो पूरे शरीर की मांसपेशियों को एक्टिव करता है और सही पॉश्चर बनाता है। रोज़ाना 5 मिनट ताड़ासन करने से पेट और कमर की चर्बी पर असर दिखने लगता है।
वृक्षासन (Tree Pose)
इस आसन से बॉडी बैलेंस बेहतर होता है और कोर मसल्स मजबूत बनते हैं। यह जांघों और पेट की चर्बी घटाने के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता भी बढ़ाता है।
त्रिकोणासन (Triangle Pose)
यह आसन साइड स्ट्रेच कराता है जिससे कमर और पेट की चर्बी तेजी से कम होती है। साथ ही शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी भी बढ़ती है।
उत्कटासन (Chair Pose)
इस आसन में खड़े होकर बैठने जैसी स्थिति बनती है। यह जांघ, हिप्स और पैरों की चर्बी घटाने के लिए बेहद असरदार है। इसे रोज़ 3–4 बार दोहराने से फैट बर्निंग और तेज़ हो जाती है।
(साभार)
मुंबई पुलिस की रणनीति सफल, पांच दिन का आंदोलन बिना बवाल खत्म
मुंबई। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे हजारों समर्थकों के साथ मुंबई पहुंचे थे। पांच दिन तक चला यह बड़ा आंदोलन आजाद मैदान में हुआ, लेकिन मुंबई पुलिस की सख्त और रणनीतिक तैयारियों के कारण माहौल कभी बेकाबू नहीं हुआ। आंदोलन का समापन तब हुआ, जब राज्य सरकार ने उनकी अधिकतर मांगों को मान लिया और जरांगे ने भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।
राज्यभर से उमड़ा समर्थन
जरांगे ने 29 अगस्त को अनशन शुरू किया था। उनकी अपील पर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग मुंबई पहुंचे। हजारों वाहनों के कारण दक्षिण मुंबई के कई मार्ग जाम हो गए। आंदोलनकारी आजाद मैदान और उसके आसपास डटे रहे, वहीं कुछ लोग रेलवे स्टेशन पर रात गुजारते नजर आए।
पुलिस की सूझबूझ और सख्त निगरानी
मुंबई पुलिस ने आंदोलन को शांतिपूर्वक संचालित करने के लिए 1,500 से अधिक जवानों के साथ सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आरएएफ, एसआरपीएफ और दंगा नियंत्रण बल को भी तैनात किया। हालात पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन का सहारा लिया गया। कई बार रास्ते जाम हुए, लेकिन जरांगे के वीडियो कॉल पर समर्थक पीछे हट गए।
हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
आंदोलन के चलते मुंबई में जनजीवन प्रभावित हुआ तो बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और सभी रास्ते खाली करने का आदेश दिया। अदालत ने साफ किया कि तय शर्तों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को मैदान खाली करने को कहा और अंततः भीड़ शांतिपूर्वक हट गई।
पुलिस की सराहना और सरकार का आश्वासन
आंदोलन समाप्त होने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त सत्य नारायण चौधरी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की। वहीं सरकार ने जरांगे की 8 में से 6 प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं, जबकि दो पर प्रक्रिया जारी है।
मनोज जरांगे की आठ प्रमुख मांगें
सभी मराठा समाज के लोगों को सरलता से कुनबी प्रमाणपत्र (सगे-सोयरे कुनबी प्रमाणपत्र) उपलब्ध कराया जाए।
हैदराबाद, सतारा और औंध गजट को तुरंत लागू किया जाए।
मराठा आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी आपराधिक मामले वापस लिए जाएं।
आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिजनों को तत्काल आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी दी जाए।
58 लाख से अधिक कुनबी नोंदी ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाएं, ताकि मराठा समाज की पहचान स्पष्ट हो।
वंशवली (शिंदे) समिति को स्वतंत्र कार्यालय और अतिरिक्त समय दिया जाए।
सरकार मराठा-कुनबी एक का आधिकारिक आदेश (जीआर) जारी करे।
सगे-सोयरे प्रमाणपत्र की सत्यापन और मान्यता प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
सरकार ने जो छह मांगें स्वीकार की
हैदराबाद गजट लागू करने का निर्णय लिया गया।
सातारा और औंध गजट को लागू करने की प्रक्रिया शुरू, 15 दिनों में कानूनी दिक्कतें दूर होंगी।
आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का आश्वासन।
आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 15 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और योग्यता अनुसार नौकरी।
58 लाख कुनबी नोंदी पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाएगी।
वंशवली (शिंदे) समिति को कार्यालय और कार्यकाल विस्तार मिलेगा।
अधूरी बची 2 मांगें
मराठा-कुनबी एक का जीआर अभी प्रक्रिया में है, लेकिन लागू नहीं हुआ।
सगे-सोयरे प्रमाणपत्र की जांच की प्रक्रिया शुरू है, पर अंतिम फैसला लंबित है।
धामी सरकार का बड़ा फैसला, सार्वजनिक निकायों और उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा
5वें और 6ठे वेतनमान पर कार्यरत कर्मियों को डीए बढ़ोतरी का लाभ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने कर्मचारियों और विकास कार्यों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक निकायों और उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में अधोसंरचना और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
धामी कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, छठे वेतनमान पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह दर 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत कर दी गई है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिला कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवन निर्माण हेतु 417.72 लाख रुपये, रुड़की उपकारागार में नवीन आवासीय भवनों के लिए 251.49 लाख रुपये, धारचूला विस क्षेत्र के किलातम गांव में चैकडैम निर्माण के लिए 95.49 लाख रुपये तथा चंपावत विस क्षेत्र में मेला स्थलों और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए 81.50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
देहरादून। प्रदेश के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 महिलाओं का चयन किया गया है। पुरस्कार वितरण 4 सितंबर को किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए इस साल प्रदेश भर से कुल मिलाकर 13 महिलाओं का चयन किया गया है। इसके अलावा 33 महिलाओं को राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का पुरस्कार दिया जाएगा।
यह आयोजन 4 सितंबर को आईआरडीटी के सभागार में किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपनी सामर्थ्य से बढ़कर काम कर रही हैं और उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कई नए आयाम खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि इन सभी महिलाओं को सशक्त करना सरकार की जिम्मेदारी है, इस काम में सरकार बिल्कुल भी पीछे नहीं रहेगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का असली काम हमारी आंगनबाड़ी बहने करती हैं और उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।
