देहरादून/लखनऊ। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन एवं जनकल्याण से जुड़ी पहलों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
विद्या भारती विद्यालय की बच्चियों से संवाद
इस अवसर पर विद्या भारती संस्था से जुड़े विद्यालय की बच्चियों ने भी राज्यपालों से शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने बच्चियों से संवाद करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बालिकाओं को जीवन में अनुशासन, परिश्रम, संस्कार और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।
राज्यपाल ने कहा कि विद्या भारती जैसे संस्थान बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देते हैं, जो समाज और राष्ट्र के लिए अमूल्य योगदान है।
देहरादून। भू-कानून अभियान उत्तराखंड (2016) के सदस्यों ने आज जिलाधिकारी देहरादून को सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के मामलों में त्वरित कार्यवाही और जनहित में लिए गए साहसिक निर्णयों के लिए प्रदान किया गया।
अभियान के संस्थापक एवं मुख्य संयोजक शंकर सागर ने कहा कि ऐसे अधिकारी, जो गरीब जनता की आवाज़ तुरंत सुनकर उसका निस्तारण करते हैं, वही जनता के बीच लोकप्रिय होते हैं। इतिहास में ऐसे अधिकारियों की संख्या गिनी-चुनी ही रही है। आज देहरादून ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड में जिलाधिकारी के जनहितकारी फैसलों की प्रशंसा हो रही है। उन्होंने आशा जताई कि इस तरह की कार्य संस्कृति पूरे प्रदेश में विकसित होगी।
इस अवसर पर सह संयोजक आनंद सिंह रावत, गढ़वाल संयोजक अशोक नेगी, कुमाऊं संयोजक उमेद बिष्ट, महिला संयोजक धना वाल्दिया सहित कृष्णा बिजलवाण, सुभागा फरसवान, ज्योतिका पांडे, कल्पेश्वरी नेगी, देवेश्वरी गुसाई, पूजा बुढ़ाथोकी, गीता शर्मा, राजेश पेटवाल, राजेश कुमार सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
जीएसआई ने शुरू किया परीक्षण, समय रहते मिलेगी चेतावनी
देहरादून। उत्तराखंड में भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) जल्द ही चार जिलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में इस सिस्टम का परीक्षण चल रहा है और सफलता मिलने के बाद इसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में स्थापित किया जाएगा। इससे समय रहते चेतावनी जारी की जा सकेगी और जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
जीएसआई देहरादून के निदेशक रवि नेगी ने बताया कि यह तकनीक भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगी। वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि अर्ली वार्निंग सिस्टम से न केवल पूर्वानुमान और सुरक्षा उपाय मजबूत होंगे, बल्कि स्थानीय लोगों को भी समय रहते सतर्क किया जा सकेगा।
सचिव सुमन ने भूस्खलन आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर आयोजित कार्यशाला में कहा कि शोध संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों को सरल भाषा में साझा किया जाना चाहिए ताकि विभाग आम जनता को जागरूक कर सके। उन्होंने जोर दिया कि पूर्वानुमान जारी करने के बाद इतना समय जरूर मिलना चाहिए कि लोग सुरक्षा के कदम उठा सकें।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि राज्य में अधिकांश भूस्खलन बारिश के दौरान होते हैं और चमोली जिला सबसे अधिक प्रभावित है। आईआईआरएस के वैज्ञानिक डॉ. सोवन लाल ने कहा कि उपग्रह और ड्रोन तकनीक से संवेदनशील इलाकों की निगरानी और अध्ययन किया जा सकता है।
जीएसआई उप महानिदेशक संजीव कुमार और डॉ. हरीश बहुगुणा ने बताया कि रियल-टाइम डेटा मिलने पर अर्ली वार्निंग सिस्टम के नतीजे और बेहतर होते हैं। साथ ही, राज्य में कितने ऑल वेदर स्टेशन की जरूरत है, इस पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में जीएसआई और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच एक एमओयू भी साइन हुआ, जिससे शोध और सूचनाओं का आदान-प्रदान और अधिक सहज हो सकेगा। इस अवसर पर वाडिया संस्थान, सीबीआरआई सहित 28 संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
रक्षा मंत्री बोले – आत्मनिर्भरता अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की जरूरत
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक हालात और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत और अधिक रणनीतिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और लचीला बनकर उभरेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे महामारी हो, आतंकवाद या क्षेत्रीय संघर्ष – मौजूदा सदी ने हर स्तर पर चुनौतियाँ खड़ी की हैं, और इन परिस्थितियों ने आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
देश में युद्धपोत निर्माण का संकल्प
राजनाथ सिंह ने एक मीडिया कार्यक्रम में कहा कि आत्मनिर्भरता अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की मांग है। उन्होंने बताया कि भारत अब अपने ही देश में युद्धपोतों का निर्माण कर रहा है और नौसेना ने यह ठाना है कि भविष्य में किसी भी विदेशी देश से युद्धपोत नहीं खरीदे जाएंगे।
स्वदेशी रक्षा प्रणाली पर जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के प्रयासों को सराहा जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वदेशी “सुदर्शन चक्र” रक्षा प्रणाली जल्द ही वास्तविकता बन जाएगी। साथ ही, विकसित देशों की संरक्षणवादी नीतियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर वैश्विक स्तर पर “युद्ध जैसी स्थिति” पैदा कर रहा है।
भारत के लिए राष्ट्रीय हित सर्वोपरि
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के संदर्भ में राजनाथ सिंह ने कहा कि बाहरी दबाव चाहे कितना भी क्यों न हो, भारत अपने किसानों और छोटे उद्यमियों के हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने साफ कहा कि भारत किसी भी देश को अपना शत्रु नहीं मानता, लेकिन राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
हर्निया एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें शरीर के अंदरूनी अंग या ऊतक कमजोर मांसपेशी के माध्यम से बाहर निकल आते हैं। यह दर्दनाक हो सकता है और समय पर इलाज न होने पर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। हर्निया किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन पुरुषों में इसकी संभावना ज्यादा होती है। हालांकि लोग अक्सर सोचते हैं कि यह केवल भारी वजन उठाने से होता है, लेकिन असल में यह कई रोजमर्रा की आदतों और जीवनशैली की गलतियों के कारण भी हो सकता है।
मुख्य कारण और सावधानियां:
गलत तरीके से भारी वजन उठाना:
भारी वस्तुएं उठाते समय सीधे पीठ या पेट की मांसपेशियों पर जोर डालना हर्निया का सबसे बड़ा कारण है। हमेशा घुटनों को मोड़कर और पीठ को सीधा रखते हुए वजन उठाना चाहिए। इससे मांसपेशियों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा और हर्निया का खतरा कम होगा।
मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता:
लंबे समय तक बैठकर काम करना और व्यायाम न करना मोटापे का कारण बनता है, जो पेट की मांसपेशियों पर दबाव डालता है। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार हर्निया के जोखिम को काफी हद तक घटा सकते हैं।
पुरानी खांसी और कब्ज:
लगातार खांसी या कब्ज के कारण पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे मांसपेशियां कमजोर होती हैं और हर्निया का खतरा बढ़ता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पोषक तत्वों की कमी:
मांसपेशियों की मजबूती के लिए सही पोषण बेहद जरूरी है। प्रोटीन, विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों की कमी से मांसपेशियां कमजोर होती हैं। अपने आहार में प्रोटीन और विटामिन से भरपूर भोजन शामिल करें।
निष्कर्ष:
छोटी-छोटी जीवनशैली की आदतों में बदलाव कर हर्निया के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सही वजन उठाने की तकनीक अपनाएं, नियमित व्यायाम करें, कब्ज और खांसी को अनदेखा न करें और संतुलित आहार लें।
(साभार)
ग्राम्य विकास मंत्री ने बरसात से प्रभावित पुलों के शीघ्र पुनर्निर्माण के दिए आदेश
देहरादून। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में यूआरआरडीए के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत बरसात से बाधित सड़कों की समीक्षा की।
बैठक में मंत्री जोशी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बरसात के कारण अवरुद्ध हुई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर पर खोला जाए। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने दूरभाष के माध्यम से मुख्य सचिव से दूरभाष के माध्यम से वार्ता कर बरसात में क्षतिग्रस्त एवं बह चुके पुलों के शीघ्र पुनर्निर्माण के लिए ठोस कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन पुलों के पुनर्निर्माण में तेजी लाई जाए ताकि ग्रामीणों को आवागमन की कठिनाइयों से शीघ्र निजात मिल सके।
बैठक में अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी दी गई कि प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते फिलहाल प्रदेशभर में कुल 166 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें गढ़वाल मंडल की 142 एवं कुमाऊं मंडल की 24 सड़कें शामिल हैं। वहीं, बरसात के कारण प्रदेश में अब तक कुल 07 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 02 पुल पूरी तरह बह गए हैं। कुमाऊं क्षेत्र के पिथौरागढ़ जनपद के धारचूला स्थित सोबला उमचिया में 01 पुल तथा गढ़वाल क्षेत्र के जनपद रुद्रप्रयाग के जखोली ब्लॉक में खोली रणधार-बधाणीताल से खोड बक्सीर-छेनागड़ मोटर मार्ग का 01 पुल बह गया है।अधिकारियों ने बताया कि सड़कों एवं पुलों की बहाली कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। गढ़वाल क्षेत्र में 91 और कुमाऊं क्षेत्र में 13 जेसीबी मशीनों को अवरुद्ध मार्गों को खोलने के कार्यों में लगाया गया है।
बैठक में यूआरआरडीए के मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मौसम की चेतावनी के मद्देनजर अधिकारियों को निरंतर अलर्ट मोड में रहने का आदेश
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उच्चाधिकारियों, समस्त जिलाधिकारियों और पुलिस विभाग के साथ आपदा राहत कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से काम करने के निर्देश दिए गए।
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार हर कदम पर आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को तत्काल 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि प्रभावित परिवारों को समय पर राशन और आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुएँ उपलब्ध कराई जाएँ। नदियों के जल स्तर की निरंतर निगरानी की जाए और बंद पड़ी सड़कों को शीघ्रता से खोला जाए।
स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी पर आए मलबे को हटाने के लिए मशीनों का उपयोग करने और मलबे का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। सीएम ने कहा कि बरसात का मौसम समाप्त होते ही सभी सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य में तेजी लाई जाए।
इसके अलावा, उन्होंने चारधाम यात्रा के लिए 15 सितंबर के बाद अपेक्षित बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने और मौसम की चेतावनी के मद्देनजर निरंतर अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह के गोलों ने मैच का निर्णायक पल तय किया
नई दिल्ली। एशिया कप हॉकी 2025 में भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। मेजबान टीम ने रोमांचक मुकाबले में चीन को 4-3 से हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज़ किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह के गोलों ने टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई, जबकि मैच में कुल सातों गोल पेनल्टी कॉर्नर से बने, जो मुकाबले को और रोमांचक बनाते हैं।
भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत आक्रामक रणनीति और उत्कृष्ट फिटनेस के साथ की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह चोट से उबरकर लौटे और निर्णायक क्षणों में गोल करके टीम की लाज बचाई। कोच क्रेग फुलटन की रणनीति का असर मैदान पर साफ दिखाई दिया।
हालांकि, मिडफील्ड और फॉरवर्ड लाइन में तालमेल की कमी दिखी और कुछ मौकों पर डिफेंस कमजोर पड़ गया। अमित रोहिदास पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। युवा फॉरवर्ड्स ने जोश दिखाया, लेकिन गोल करने में चूक की। हार्दिक सिंह ने हमेशा की तरह टीम को मजबूती दी, जबकि गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने बचाव किए लेकिन उनके बॉडी लैंग्वेज में चिंता नजर आई।
मैच का निर्णायक पल आखिरी क्वार्टर में आया, जब हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागकर भारत को जीत दिलाई। चीन ने अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और भारतीय डिफेंस को दबाव में रखा। भारत का अगला मुकाबला जापान से होगा, जिसने अपने पहले मैच में कज़ाकिस्तान को 7-0 से हराया है।
मैच आंकड़े (भारत बनाम चीन):
भारत: पेनल्टी कॉर्नर: 12 | गोल (PC से): 4 | सर्किल एंट्री: 36
चीन: पेनल्टी कॉर्नर: 6 | गोल (PC से): 3 | सर्किल एंट्री: 13
राज्य आपातकालीन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को येलो अलर्ट के मद्देनजर सावधानी बरतने और संभावित बाढ़ के खतरों से निपटने के निर्देश दिए
देहरादून। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने भारी बारिश को देखते हुए चेतावनी जारी की है। केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 2 सितंबर तक येलो अलर्ट के मद्देनजर सावधानी बरतने और संभावित बाढ़ के खतरों से निपटने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन के अनुसार, आगामी 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना है, जिससे जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए अल्मोड़ा, देहरादून, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को विशेष सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के कारण नदियों का जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग, हिमालयी गंगा मंडल के आंकड़ों के अनुसार:
सौंग और गंगा नदी (देहरादून), अलकनंदा (श्रीनगर और रुद्रप्रयाग), कोसी नदी (बेतालघाट) का जल स्तर चेतावनी स्तर से ऊपर है।
रामगंगा, गौरी गंगा (बंगापानी), धौलीगंगा (कंज्योति, पिथौरागढ़) का जल स्तर चेतावनी स्तर के ऊपर पहुंचा हुआ है।
सरयू नदी (पिथौरागढ़), अगलार नदी (टिहरी गढ़वाल), अलकनंदा, भागीरथी और गंगा (पौड़ी व टिहरी गढ़वाल), अलकनंदा व मंदाकिनी (रुद्रप्रयाग) का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे स्थानीय प्रशासन और जनता को आवश्यक सावधानियों के बारे में अवगत कराएं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें।
एक्शन और रोमांच के प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त की फिल्म ‘बागी 4’ का ट्रेलर आज रिलीज़ हो गया है। ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन, खूनखराबा और थ्रिलिंग सीन देखने को मिल रहे हैं, जो दर्शकों को पहले मिनट से ही बांधकर रख देते हैं। इसके अंदाज और एक्शन की शैली कहीं न कहीं ‘एनिमल’ और ‘मार्को’ जैसी फिल्मों की याद दिला रही है।
खूबसूरत फिल्मी डायलॉग्स और जबरदस्त एक्शन
ट्रेलर की शुरुआत एक वॉइसओवर से होती है, जिसमें कहा जाता है: “लव स्टोरी तो बहुत सुनी थीं, देखी थीं। लेकिन ऐसी एक्शन-पैक्ड लव स्टोरी पहली बार देखी है।” इसके बाद संजय दत्त की एंट्री होती है, जो खून से लथपथ सफेद कोट-पैंट में नजर आते हैं। 3 मिनट 41 सेकंड के इस ट्रेलर में दिलचस्प फिल्मी डायलॉग्स के साथ-साथ हाई-एड्रेनालिन एक्शन और रोमांचक खूनखराबा दिखाया गया है। ट्रेलर में यह भी बताया गया है कि टाइगर श्रॉफ का किरदार रॉनी मानसिक तनाव और हैलोसिनेशन (मतिभ्रम) से ग्रसित है।
फिल्म की बाकी कास्ट और एक्शन सीन
ट्रेलर में टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त के अलावा सोनम बाजवा, श्रेयस तलपड़े, हरनाज कौर संधू और सौरभ सचदेवा जैसी कास्ट भी नजर आती है। कुछ सीन में टाइगर श्रॉफ नेवी ऑफिसर के रूप में दिखाई देते हैं, जबकि संजय दत्त खतरनाक विलेन के किरदार में अंधाधुंध खूनखराबा कर रहे हैं। इसके अलावा, सोनम बाजवा और हरनाज कौर संधू भी जबरदस्त एक्शन करती नजर आती हैं।
बॉक्स ऑफिस टकराव
‘बागी 4’ का निर्देशन हर्षा ने किया है और इसे साजिद नाडियाडवाला ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। उसी दिन बॉक्स ऑफिस पर विवेक अग्निहोत्री की ‘द बंगाल फाइल्स’ भी दस्तक दे रही है, जिससे दोनों फिल्मों के बीच रोमांचक टकराव की संभावना बनी हुई है।
(साभार)
