अभ्यर्थी psc.uk.gov.in पर देख सकते हैं अपना परिणाम
देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने पुलिस सब इंस्पेक्टर (SI), गुल्मनायक और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। अभ्यर्थी अपना रिजल्ट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.uk.gov.in पर देख सकते हैं। आयोग ने रिजल्ट के साथ ही कैटेगरीवार कटऑफ मार्क्स भी जारी किए हैं।
UKPSC SI Cut Off 2025: देखें कैटेगरीवार कटऑफ
पदनाम / कैटेगरी कटऑफ (Marks)
उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस)
यूआर (UR) 205.66
यूआर / यूएफ 179.23
ईडब्ल्यूएस (EWS) 201.85
ईडब्ल्यूएस / यूएफ 179.22
ओबीसी (OBC) 198.80
ओबीसी / यूएफ 175.41
एससी (SC) 174.14
एससी / यूएफ 168.55
एसटी (ST) 189.39
डीएफएफ 170.84
ईएक्सएस 151.26
उपनिरीक्षक (अभिसूचना)
यूआर (UR) 201.60
यूआर / यूएफ 182.53
ईडब्ल्यूएस (EWS) 195.24
ईडब्ल्यूएस / यूएफ 177.95
ओबीसी (OBC) 194.99
ओबीसी / यूएफ 174.65
एससी (SC) 167.78
एससी / यूएफ 162.95
एसटी (ST) 186.34
ईएक्सएस 154.06
गुल्मनायक (पुरुष – PAC/IRB)
यूआर (UR) 190.16
ईडब्ल्यूएस (EWS) 185.33
ओबीसी (OBC) 186.34
एससी (SC) 160.67
एसटी (ST) 177.45
डीएफएफ 163.46
कब हुई थी परीक्षा?
इस भर्ती के लिए शारीरिक मानक व दक्षता परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा 12 जनवरी 2025 को आयोजित हुई थी। इसके बाद 14 मई 2025 को दस्तावेज सत्यापन किया गया। अंतिम चयन सूची लिखित परीक्षा के अंकों और उम्मीदवारों की दी गई प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार की गई है।
कितने पदों पर होगी नियुक्ति?
गृह विभाग की इस भर्ती के तहत कुल 222 पदों पर चयन किया जाएगा। इनमें शामिल हैं –
सब इंस्पेक्टर (नागरिक पुलिस व अभिसूचना): 108 पद
गुल्मनायक (PAC/IRB): 89 पद
अग्निशमन द्वितीय अधिकारी (पुरुष/महिला): 25 पद
आगे की प्रक्रिया
लिखित परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद अब चयनित उम्मीदवारों की मेडिकल परीक्षा होगी। इसमें उनकी शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। गौरतलब है कि शारीरिक माप परीक्षण और दक्षता परीक्षा पहले ही क्वालीफाइंग नेचर में हो चुकी है। अंतिम मेरिट सूची लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों और मेडिकल टेस्ट में पास उम्मीदवारों के आधार पर जारी होगी।
13 अरब डॉलर से अधिक निवेश, मेक इन इंडिया से मेक फॉर द वर्ल्ड की ओर बढ़ा कदम
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री इशिबा के नेतृत्व में भारत-जापान संबंधों का नया दौर शुरू हुआ है। दोनों देशों की साझेदारी अब केवल ‘मेक इन इंडिया’ तक सीमित नहीं रही, बल्कि ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही है। बीते दो वर्षों में हुए 170 से अधिक समझौते और 13 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश इस भरोसे और मजबूत साझेदारी का प्रमाण हैं।
भारत के उद्योगों में जापानी विश्वास
जापान का निवेश भारत के कई अहम क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है—इस्पात, ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टरों में बड़े प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं। निप्पॉन स्टील ने गुजरात व आंध्र प्रदेश में संयंत्र विस्तार की योजना बनाई है। वहीं, सुजुकी और टोयोटा भारत के अलग-अलग राज्यों में नए प्लांट्स लगाकर उत्पादन क्षमता बढ़ा रहे हैं। इससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।
वैश्विक निर्यात का नया केंद्र
भारत-जापान के संयुक्त उपक्रम अब घरेलू उत्पादन को वैश्विक बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। भारत में निर्मित हाइब्रिड और ईवी वाहन अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व जैसे बाजारों में निर्यात होंगे। यह कदम भारत को “विनिर्माण हब” बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।
लघु उद्योगों और किसानों को सीधा लाभ
भारत-जापान सहयोग का सबसे बड़ा फायदा लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) और किसानों को मिल रहा है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और जापानी कंपनियों के साथ मिलकर देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय SMEs को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।
इसी तरह, सोजित्ज कॉरपोरेशन और इंडियन ऑयल की साझेदारी से 30 बायोगैस संयंत्र स्थापित होंगे, जहां किसान कृषि अवशेष बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
रक्षा और रणनीतिक सहयोग
बढ़ते क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारत और जापान ने सैन्य सहयोग को भी नई दिशा दी है। तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास बढ़ाए जाएंगे और आधुनिक तकनीक आधारित सैन्य उपकरण विकसित किए जाएंगे। साथ ही, दोनों देशों ने खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद व संगठित अपराधों से मिलकर निपटने का भी संकल्प लिया।
सतत विकास और पर्यावरण पर जोर
ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने साझेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए संयुक्त क्रेडिट तंत्र पर सहमति बनी है, जो स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग 24 घंटे से बंद, गांवों का संपर्क टूटा
चमोली। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई नेशनल हाईवे और मोटर मार्ग मलबे व बोल्डरों के कारण बाधित हो गए हैं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और गांवों का संपर्क कट गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
सिमली-ग्वालदम नेशनल हाईवे पर गौचर-कमेड़ा के पास भारी मलबा आने से एक बस फंस गई, जिसके चलते हाईवे के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। बीआरओ की टीम बोल्डरों को हटाने में जुटी हुई है, लेकिन लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण आवागमन बाधित है।
वहीं, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर भी भारी मलबे के चलते आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। कनखुल तल्ला क्षेत्र में शनिवार सुबह फिर से मलबा गिरने से मार्ग बंद हो गया। पिछले 24 घंटे से इस मार्ग पर यातायात बाधित है, जिससे कपीरी पट्टी के दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार से संपर्क टूट गया है।
उधर, मानसून के रुकने के अभी आसार नहीं दिख रहे। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब सितंबर मध्य तक बना रहेगा। निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, अगले पांच दिन कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है और 15 सितंबर तक मानसून जारी रहेगा। हालांकि, इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर कम हो सकता है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में मानसून की विदाई की संभावना जताई जा रही है।
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किये गये। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड को कुशल युवाओं को जर्मनी में स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित स्टार्टप जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न देशों की मांग के आधार पर भी राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिये जाने के बाद राज्य के कई युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल,जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड मौजूद थे।
आजकल हर उम्र के लोगों में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने की समस्या आम हो गई है। हाई ब्लड शुगर (डायबिटीज) केवल मीठा खाने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में इंसुलिन हार्मोन की गड़बड़ी से जुड़ी गंभीर स्थिति है। अगर इसे समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो यह दिल, किडनी, आंखों और नसों तक को नुकसान पहुंचा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 30 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को हर छह महीने में ब्लड शुगर की जांच अवश्य करानी चाहिए। इससे शुरुआती अवस्था में ही डायबिटीज का पता लगाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में करीब 54 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, वहीं भारत में तेजी से बढ़ते मामलों की वजह से इसे डायबिटीज कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड कहा जाने लगा है।
तो सवाल यह है कि आखिर किन वजहों से हमारा ब्लड शुगर लेवल लगातार बढ़ता रहता है?
शुगर लेवल कैसे बढ़ता है?
डॉक्टरों के अनुसार, जब हम भोजन करते हैं तो उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज में बदलकर खून में पहुंचता है। सामान्य स्थिति में इंसुलिन इस ग्लूकोज को कोशिकाओं तक ले जाकर ऊर्जा में बदल देता है। लेकिन जब इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है या शरीर उसे सही तरह से इस्तेमाल नहीं करता, तो शुगर खून में जमा होने लगता है। लगातार 120 mg/dl से ऊपर का लेवल डायबिटीज की ओर इशारा करता है।
एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. वसीम गौहरी के अनुसार, चार मुख्य कारण ब्लड शुगर बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं:
1. नींद की कमी
अगर आप रोज़ाना 7 घंटे से कम सोते हैं तो शुगर लेवल बिगड़ सकता है। नींद की कमी से शरीर का हार्मोनल बैलेंस गड़बड़ा जाता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। इसके अलावा, कम नींद मीठा खाने की लालसा को भी बढ़ा सकती है।
2. ज्यादा फास्टिंग
बिना गाइडेंस के लंबे समय तक फास्टिंग करना भी शुगर लेवल बढ़ा सकता है। रिसर्च में पाया गया है कि इससे स्ट्रेस हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जिससे डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरा बढ़ जाता है। उपवास करने से पहले और बाद में संतुलित आहार लेना जरूरी है।
3. लगातार तनाव
तनाव की स्थिति में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन ज्यादा मात्रा में बनते हैं। इससे शरीर में ग्लूकोज लेवल ऊपर चला जाता है और कोशिकाएं इंसुलिन को सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पातीं। यही वजह है कि क्रॉनिक स्ट्रेस डायबिटीज को और खराब कर सकता है।
4. देर रात भोजन
रात को देर से और भारी खाना खाने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी कम हो जाती है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात का भोजन हल्का और समय पर करें, ताकि ग्लूकोज को पचाने में शरीर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
निष्कर्ष:
ब्लड शुगर कंट्रोल में रखने के लिए समय पर जांच, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, तनाव से बचाव और सही समय पर भोजन करना बेहद जरूरी है। इन छोटी-छोटी आदतों में सुधार करके डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
(साभार)
नेशनल गेम्स व अन्य राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता सम्मानित
मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों को डीबीटी किया दो योजनाओं का पैसा
देहरादून। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में उत्तराखंड के खिलाड़ियों पर जमकर धन वर्षा हुई। शुक्रवार को परेड ग्राउंड के मल्टीपरपज हाल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक विजेताओं को नगद इनाम धनराशि वितरित की।
इस अवसर पर 38वें राष्ट्रीय खेल, अन्य राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, वेटरन मास्टर प्रतियोगिता, सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को कुल मिलाकर 15 करोड़ 69 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि वितरित की गई। खिलाड़ियों के साथ कुल 320 खेल प्रशिक्षकों को भी इनामी धनराशि दी गई है।
आयोजन में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को मई से जुलाई तक 3 महीनों की धनराशि डीबीटी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद से प्रेरणा लेकर प्रदेश के खिलाड़ी बड़े लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की हर खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार ने 38 वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को दुगनी इनामी धनराशि देकर अपना वायदा पूरा किया है। उन्होंने कहा की भविष्य में भी प्रदेश के जो खिलाड़ी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे उन्हें नगद इनाम धनराशि के साथ-साथ सरकारी नौकरी देने के लिए भी सरकार वचनबद्ध है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक विजेता खिलाड़ियों से कहा कि वह अपने प्रदर्शन से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए आदर्श बन चुके हैं और नए खिलाड़ियों को सामने लाने में उन सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यदि 2036 ओलंपिक भारत में आयोजित होता है तो इसके लिए खिलाड़ियों को तैयार करने में उत्तराखंड के खेल ढांचे की बड़ी भूमिका रहने वाली है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी में अभी से जुटें और प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं का प्रतिनिधित्व ओलंपिक में होना चाहिए।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने सभी आमंत्रित खिलाड़ियों को उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में प्रतिष्ठित करने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, उपनिदेशक शक्ति सिंह, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई व अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।
मलखंब और योगासन का प्रदर्शन
राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के आयोजन में मलखंब और योगासन का आकर्षक प्रदर्शन भी किया गया। मलखंब के खिलाड़ियों ने कई कठिन मुद्राएं बनाकर दर्शकों को चकित कर दिया।
पांडवाज बैंड ने जमाया रंग
आयोजन में पांडवाज बैंड ने संगीतमय में और सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की । कार्यक्रम की शुरुआत और अंत में विभिन्न गीत सुनकर बैंड के कलाकारों ने श्रोताओं का दिल जीता।
दो को मिली सरकारी नौकरी
समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में नौकरी के नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
देहरादून। मेजर ध्यानचंद जयंती के अवसर पर बहुउद्देश्यी क्रीड़ा हाल परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस – 2025, समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल और खेल भावना समाज को ऊर्जा, अनुशासन और प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी स्टिक के जादू से पूरी दुनिया को भारत की खेल शक्ति से परिचित कराया। उन्होंने हिटलर तक को ये बता दिया कि देश भक्ति आखिर क्या होती है। उन्हीं के आदर्शों पर चलकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश भी एक वैश्विक खेल शक्ति बन रहा है, इसमें उत्तराखंड भी अपनी भूमिका निभाने के लिए कमर कस चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं।
आज हमारे खिलाड़ी केवल किसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ही नहीं खेलते बल्कि जीतने और तिरंगा लहराने के संकल्प के साथ मैदान में उतरते हैं। हाल के वर्षों के उदाहरण देखें तो जहां, 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा वहीं पुरुष हॉकी टीम ने 41 वर्षों बाद कांस्य पदक हासिल किया। इसी तरह पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक, मनु भाकर ने दो कांस्य पदक, स्वप्निल कुसले व अमन सेहरावत ने एक- एक कांस्य पदक जीतकर और पुरुष हॉकी टीम ने लगातार अपना दूसरा कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। हाल ही में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में ज्योति याराज्जी, गुलवीर सिंह और अविनाश सबले ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम बुलंद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल बजट तीन गुना बढ़ा दिया है।
देवभूमि बनी खेलभूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने का कार्य किया। अब राज्य में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो गया है।
उत्तराखंड राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन करने में भी सक्षम बना है। हाल ही में देश की एकमात्र ओलंपिक स्टैण्डर्ड हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार किया गया है। जिसके फलस्वरूप इस आइस रिंक में इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की जा चुकी है, जो न केवल हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का सूत्रपात करने में भी मील का पत्थर सिद्ध हुई है।
आठ शहरों में बनेगी खेल अकादमियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही एक ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। राज्य सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड के प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित कर रही है। नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और इंटरनेशनल स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं शिक्षा, तथा प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं।
राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का भी काम कर रही है।
खिलाड़ियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुए, मख्यमंत्री ने कहा कि खेल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा कुल 250 से अधिक खिलाड़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को लगभग 16 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। सम्मानित हो रहे खिलाड़ियों में पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी मनदीप कौर, अमीषा रावत और मनोज सरकार को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले शौर्य सैनी और अभिनव देशवाल को 30-30 लाख रुपये की सम्मान राशि से पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना” के अंतर्गत 3,900 खिलाड़ियों तथा “मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना” के अंतर्गत 2,199 खिलाड़ियों को प्रतिमाह मिलने वाली उनकी छात्रवृत्ति की लगभग साढ़े 5 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई।
दो घोषणाएं की
सीएम ने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं, इसलिए खेल विभाग और युवा खिलाड़ियों को अभी से इसकी तैयारियों में जुटना होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक बनाने और पवेलियन फुटबाल ग्राउंड में सिंथेटिक फुटबाल टर्फ लगाने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के जरिए हर क्षेत्र में मानक स्थापित किए हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल सुविधाओं का विकास करने में कामयाब रही है, इससे आने वाले समय में राज्य के हर घर से खिलाड़ी निकलेगा।
समारोह को सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल आशीष चौहान एवं खेल विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
पौसारी गांव में भूस्खलन से मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के पौंसारी गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। भूस्खलन के कारण एक घर में दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। मृतक महिलाएँ बसंती देवी और बछुली देवी हैं। लापता व्यक्तियों में रमेश चंद्र जोशी, गिरीश चंद्र और पूरन चंद्र शामिल हैं।
डीएम आशीष भटगाईं और विधायक सुरेश गढ़िया ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्र में संचार सुविधाओं की कमी से समन्वय बनाने में कठिनाई हो रही है।
क्षेत्रीय नुकसान:
बृहस्पतिवार की रात कपकोट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण जगथाना मार्ग और बैसानी से आगे सड़क पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गई है।
मालूखेत मैदान के पास सड़क का 20 मीटर से अधिक हिस्सा ध्वस्त हो गया।
चचई की पम्पिंग योजना बह गई।
ग्राम सुमटी में किसानों की जमीन धस गई और ग्राम बैसानी में प्रेम सिंह के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
कई खेत और मकान मलबे में दब गए हैं।
पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश:
पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश और मलबा आने के कारण 25 से अधिक सड़कें बंद हैं। जिलाधिकारी ने सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालयों में अवकाश घोषित किया। धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है, प्रशासन ने लोगों से नदी नालों के किनारे न जाने की चेतावनी दी है।
चंपावत में बारिश का कहर:
चंपावत जिले में 12 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं। ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश का आदेश दिया गया।
तीसरे साल लगातार खिताब से चूके नीरज
नई दिल्ली। भारतीय स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा डायमंड लीग फाइनल में लगातार तीसरे साल खिताब नहीं जीत सके। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास 85.01 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.51 मीटर के शानदार थ्रो के साथ इस बार फाइनल का खिताब अपने नाम कर लिया।
नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन इस सीजन मिलाजुला रहा। डायमंड लीग के चार क्वालिफाइंग चरणों में से दो में भाग लेने के बावजूद, उन्होंने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। इस दौरान उन्होंने 90 मीटर का आंकड़ा भी पार किया, जिसमें मई में दोहा चरण में 90.23 मीटर का थ्रो शामिल था। जून में पेरिस चरण में 88.16 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने जीत दर्ज की।
फाइनल मुकाबले में नीरज की शुरुआत कठिन रही। पहले प्रयास में उन्होंने 84.35 मीटर का थ्रो किया और तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, जूलियन वेबर ने पहले ही प्रयास में 91.37 मीटर फेंककर अपने दबदबे की झलक दी। दूसरे प्रयास में नीरज ने 82 मीटर का थ्रो किया, जबकि वेबर ने लगातार दूसरी बार 91 मीटर से अधिक फेंककर शीर्ष पर बने रहे।
तीसरे, चौथे और पांचवें प्रयास में नीरज फाउल रहे, लेकिन उन्होंने अंतिम छठे प्रयास में तकनीक बदलकर 85.01 मीटर का थ्रो किया और दूसरे स्थान पर पहुँच गए। इस थ्रो ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोर्न वालकॉट को तीसरे स्थान पर धकेल दिया।
नीरज के प्रदर्शन से यह स्पष्ट हुआ कि वह लगातार शानदार थ्रो कर रहे हैं, लेकिन इस बार खिताबी जीत जर्मनी के जूलियन वेबर के हिस्से रही।
भारत-जापान आर्थिक फोरम- पीएम मोदी ने साझा की 2030 और 2047 की ऊर्जा योजनाएं
टोक्यो। भारत-जापान आर्थिक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी भाषा में संबोधन शुरू करकर दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी का संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जापान टेक्नोलॉजी का पावरहाउस है, वहीं भारत टैलेंट का पावरहाउस है। उन्होंने दोनों देशों की साझेदारी और विकास की अपार संभावनाओं पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी जापान यात्रा की शुरुआत बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ हो रही है और भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा एक अहम भागीदार रहा है। उन्होंने बताया कि मेट्रो, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप्स तक हर क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग का भरोसा मजबूत रहा है। जापानी कंपनियों ने भारत में अब तक 40 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिनमें पिछले दो वर्षों में 30 बिलियन डॉलर का प्राइवेट निवेश शामिल है।
पीएम मोदी ने भारत में पिछले 11 वर्षों के दौरान हुए आर्थिक और राजनीतिक सुधारों का हवाला देते हुए कहा कि भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है और बहुत जल्द तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में है। उन्होंने बताया कि व्यापार और निवेश को आसान बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं, जिनमें ‘सिंगल डिजिटल विंडो’ अप्रूवल और निजी क्षेत्र के लिए संवेदनशील क्षेत्रों का खुलापन शामिल है।
उन्होंने कहा कि ऑटो, बैट्री, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, शिप-बिल्डिंग और परमाणु ऊर्जा में भारत-जापान साझेदारी को और मजबूत किया जा सकता है। पीएम मोदी ने वैश्विक दक्षिण और अफ्रीका के विकास में सहयोग की भी अपील की।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत ने AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्प्यूटिंग, बायोटेक और अंतरिक्ष में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जापान की तकनीक और भारत के टैलेंट मिलकर इस सदी की तकनीकी क्रांति को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी और 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
