गुंडा एक्ट में बेटों पर केस, जिला बदर तक होगी कार्रवाई
विधवा मां की गुहार पर डीएम ने दिखाई सख्ती
देहरादून: भागीरथपुरम और बंजारावाला की रहने वाली विधवा विजयलक्ष्मी पंवार अपने दो बिगड़ैल बेटों से परेशान होकर सीधे जिलाधिकारी सविन बंसल के पास पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे नशे के आदि हैं, बार-बार मारपीट करते हैं और पैसों की मांग पूरी न होने पर जान से मारने की धमकी देते हैं।

पीड़िता की व्यथा सुनते ही डीएम ने थाना या कचहरी की लंबी प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए, गुंडा एक्ट, 1970 की विशेष शक्तियों का प्रयोग किया। इसके तहत दोनों बेटों के खिलाफ केस दर्ज कर नोटिस जारी कर दिया गया। यह जिला स्तर पर पहली बार है जब डीएम कोर्ट ने सीधे गुंडा एक्ट में कार्रवाई की है।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि बेटों की हरकतों से मां का जीवन असुरक्षित है। डीएम ने दोनों बेटों को 26 अगस्त को पूर्वाह्न 10:30 बजे कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। निर्देश का पालन न होने पर जिला बदर की कार्रवाई की जाएगी।
सात वर्षीय सूरज सिंह घायल, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
पौड़ी गढ़वाल: जिले के सतपुली मल्ली क्षेत्र में देर रात गुलदार ने दहशत फैला दी। रविवार रात करीब 11:30 बजे गुलदार ने एक टैंट फाड़कर अंदर सो रहे सात वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया।
घायल बच्चे की पहचान सूरज सिंह (7 वर्ष), पुत्र तिलक सिंह, निवासी नेपाल के रूप में हुई है। हमले में बच्चे के हाथ पर गहरी चोटें आईं। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। आए दिन हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग की कार्रवाई
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पिंजरे लगाए हैं। साथ ही ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और क्षेत्र में गश्त भी तेज कर दी गई है ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके।
ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द ही गुलदार को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे। अपने दौरे के दौरान वह अहमदाबाद, मेहसाणा, गांधीनगर और पालनपुर समेत कई ज़िलों में 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। सोमवार शाम को पीएम मोदी अहमदाबाद में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
बैटरी निर्माण और निर्यात की शुरुआत
पीएम मोदी सोमवार सुबह अहमदाबाद जिले के हंसलपुर में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का शुभारंभ करेंगे। साथ ही वह 100 देशों को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को हरी झंडी दिखाएंगे। यह परियोजना भारत को बैटरी निर्माण का हब बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
रेलवे परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें 530 करोड़ रुपये की लागत से बनी 65 किमी महेसाणा–पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, 860 करोड़ रुपये की कलोल–कड़ी–कटोसन रोड रेल लाइन, और 40 किमी लंबी बेचराजी–रानुज रेल लाइन का गेज परिवर्तन शामिल है।
सड़क और बिजली परियोजनाएं
मोदी अहमदाबाद जिले में वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क चौड़ीकरण का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा अहमदाबाद–मेहसाणा–पालनपुर मार्ग पर छह लेन का अंडरपास और अहमदाबाद–वीरमगाम मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज का शिलान्यास करेंगे।
बिजली क्षेत्र में, प्रधानमंत्री अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में विद्युत वितरण से जुड़ी नई परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
स्लम विकास और शहरी ढांचा
प्रधानमंत्री अहमदाबाद शहर के रामापीर नो टेकरो सेक्टर-3 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्लम विकास परियोजना का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा सरदार पटेल रिंग रोड और आसपास की प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण का शिलान्यास भी करेंगे। साथ ही जल एवं सीवरेज प्रबंधन को मजबूत करने वाली परियोजनाओं की नींव भी रखी जाएगी।
हरित ऊर्जा में भारत की नई छलांग
हंसलपुर में स्थित टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र (तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का संयुक्त उद्यम) में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन की शुरुआत भारत के बैटरी इकोसिस्टम के लिए नया अध्याय होगा। अनुमान है कि अब 80% से अधिक बैटरी का उत्पादन भारत में ही होगा।
बॉलीवुड के बहुमुखी अभिनेता मनोज बाजपेयी इस बार पुलिस वाले किरदार में नजर आएंगे। उनकी आगामी फिल्म ‘इंस्पेक्टर जेंदे’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। इसके साथ ही मेकर्स ने फिल्म की रिलीज़ डेट का भी एलान कर दिया है।
सच्ची कहानी से प्रेरित फिल्म
फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है। 2 मिनट 32 सेकेंड के ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे एक आम पुलिस अधिकारी, कठिन और असंभव लगने वाले मामलों को अपनी हिम्मत और जुगाड़ से हल करता है। ट्रेलर में आपको एक्शन और कॉमेडी दोनों का तड़का देखने को मिलेगा।
मनोज बाजपेयी बोले- प्रेरक कहानी
मनोज बाजपेयी ने कहा, “इंस्पेक्टर जेंदे की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने कभी प्रसिद्धि के पीछे नहीं भागा। उन्होंने बस अपना काम किया और फिर भी सबसे कुख्यात अपराधियों में से एक को दो बार पकड़ा। उनकी बहादुरी, हास्य और मुंबई का अनोखा अंदाज वाकई प्रेरक है। इस किरदार ने मुझे एक ऐसी दुनिया में कदम रखने का मौका दिया, जो मनोरंजक होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी है। ट्रेलर केवल झलक है, फिल्म सीधे कहानी के केंद्र में ले जाती है।”
कब और कहां रिलीज़ होगी फिल्म?
फिल्म 5 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होगी। यह फिल्म चिन्मय डी. मंडलेकर द्वारा निर्देशित है और जय शेवक्रमणी व ओम राउत के बैनर तले निर्मित की गई है।
देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर से कैबिनेट विस्तार की चर्चा गर्म है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट दोनों ने ही इसके संकेत दिए हैं। राज्य मंत्रिमंडल में इस समय पांच पद रिक्त हैं, जिनमें से चार लंबे समय से खाली हैं जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी के हालिया दिल्ली दौरे के दौरान पार्टी नेतृत्व से इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि हाईकमान की सहमति मिलते ही मंत्रिमंडल विस्तार पर फैसला हो सकता है। सीएम धामी ने साफ कहा कि कैबिनेट विस्तार को लेकर बातचीत जारी है और निर्णय पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के बाद ही लिया जाएगा। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि “कैबिनेट में खाली पदों को भरने के लिए लंबे समय से कवायद चल रही है, अब इन पदों को जल्द भरा जाएगा।”
संभावित चेहरे
कैबिनेट में जिन विधायकों के नाम चर्चा में हैं उनमें खजान दास, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, विनोद कंडारी, भरत चौधरी, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल और राम सिंह कैड़ा सहित कुछ अन्य नाम शामिल हैं।
भाजपा सूत्रों का मानना है कि नए चेहरों के शामिल होने से सरकार की कार्यशैली में नई ऊर्जा आएगी और संगठन को भी मजबूत आधार मिलेगा।
उत्तरकाशी: धराली के बाद हर्षिल घाटी में रविवार शाम को एक बार फिर तेलगाड नदी के उफान पर आने से हालात गंभीर हो गए। भारी बारिश के बाद नदी में अचानक बढ़े पानी और मलबे ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पूरे हर्षिल बाजार, जीएमवीएन गेस्ट हाउस, पुलिस थाना और नदी किनारे के सभी भवनों को खाली करा दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेलगाड नदी में लगातार बड़े-बड़े बोल्डर और भारी मलबा आने से भागीरथी नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने और झील का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
दोपहर बाद हुई तेज बारिश से नदी का रौद्र रूप गंगोत्री हाईवे तक पहुंच गया। कई बार मलबा और तेज धार भागीरथी की ओर बढ़ी, जिससे आर्मी कैंप तक अलर्ट पर रखा गया है।
धराली क्षेत्र में जहां खीरगंगा का मलबा लगातार बहता रहा, वहीं तेलगाड से आ रहे विशाल बोल्डरों ने हर्षिल घाटी के लिए संकट और गहरा कर दिया है। फिलहाल प्रशासन और सेना की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
देहरादून, उत्तरकाशी और चमोली में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम एक बार फिर से कहर बरपाने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में भारी से भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
वहीं, राज्य के अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। विभाग के मुताबिक, 25 अगस्त को भी पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के आसार हैं, जबकि 27 अगस्त तक प्रदेशभर में रुक-रुक कर तेज बारिश जारी रह सकती है।
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए देहरादून, उत्तरकाशी और चमोली जनपदों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना आवश्यकता के यात्रा न करें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
ज्योर्तिमठ मॉडल पर आधारित राहत पैकेज की सिफारिश, आज सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
उत्तरकाशी- उत्तरकाशी ज़िले के धराली गांव में आई आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि समिति सोमवार को यह रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। इसमें ज्योर्तिमठ मॉडल को आधार मानकर राहत और पुनर्वास पैकेज देने की सिफारिश की गई है।
गौरतलब है कि 5 अगस्त को खीरगंगा में आए भीषण सैलाब ने धराली गांव को मलबे में तब्दील कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव राजस्व डॉ. सुरेंद्र नारायण पांडे की अध्यक्षता में समिति गठित की गई। इसमें यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान और अपर सचिव वित्त हिमांशु खुराना सदस्य के रूप में शामिल हैं।
समिति ने वर्ष 2023 में ज्योर्तिमठ भू-धंसाव प्रभावितों के पुनर्वास मॉडल का अध्ययन कर धराली के लिए सिफारिशें दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आपदा से कुल 115 परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रभावितों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से सुझाव लेने के बाद समिति ने पुनर्वास स्थलों के तौर पर जांगला, लंका और कोपांग के नाम प्रस्तावित किए हैं।
ज्योर्तिमठ प्रभावितों की तर्ज पर धराली के लिए भी भूमि और मकानों की क्षति पर एकमुश्त समाधान (वन टाइम सेटलमेंट), घर के बदले घर और भूमि के बदले भूमि देने की बात कही गई है। साथ ही अधिकतम 100 वर्ग मीटर तक घर बनाने का प्रावधान और पुनर्वास स्थलों पर 75 वर्ग मीटर तक डुप्लेक्स मकान उपलब्ध कराने का सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल है।
पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा, राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश– समय पर पहुंचे मदद, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
थराली (चमोली)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया।
सीएम धामी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावितों तक समय पर सहायता पहुँचनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रशासनिक तंत्र को ग्राउंड जीरो पर सक्रिय रहकर राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बरसात का मौसम आते ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है फाइलेरिया (हाथीपांव), जो मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। यह रोग धीरे-धीरे शरीर की लसीका नलिकाओं को प्रभावित कर देता है और पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में असामान्य सूजन ला सकता है। अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो मरीज के जीवन पर भारी असर पड़ता है।
भारत सरकार ने 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में 10 से 28 अगस्त तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान लोगों को मुफ्त दवा दी जा रही है, जिसका सेवन करना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस दवा का सेवन करना ही संक्रमण को फैलने से रोकने का सबसे आसान और कारगर तरीका है।
बीमारी कैसे फैलती है?
संक्रमित मच्छर जब किसी व्यक्ति को काटता है तो उसके शरीर में मौजूद कीड़े (पैरासाइट) खून के जरिए दूसरे इंसान में पहुंच जाते हैं और धीरे-धीरे उसकी लसीका नलिकाओं पर हमला करने लगते हैं। यही कारण है कि यह रोग गंदगी, खुले नाले और पानी के जमाव वाले इलाकों में ज्यादा फैलता है।
लक्षण और दिक्कतें
शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन धीरे-धीरे बुखार, दर्द और सूजन बढ़ने लगती है। पैरों में असामान्य सूजन आ जाती है, जिससे वे हाथी के पैर जैसे दिखने लगते हैं। पुरुषों में हाइड्रोसील (अंडकोश में पानी भरना) की समस्या भी हो सकती है।
बचाव के उपाय
हर साल सरकार की ओर से दी जाने वाली एमडीए दवा (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) का सेवन जरूर करें।
गर्भवती महिलाओं, एक साल से छोटे बच्चों और गंभीर रोगियों को यह दवा नहीं दी जाती।
मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे फाइलेरिया समेत कई मच्छर जनित रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी और समय पर दवा का सेवन ही सबसे बड़ा बचाव है।
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