गृह मंत्री ने कहा, लोकतंत्र में सभी चर्चाएं सार्थक होनी चाहिए और सदन का संचालन नियमों के अनुसार होना चाहिए
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संसद और विधानसभाएं बहस और चर्चा का मंच हैं, लेकिन संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए सदन को बाधित करना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उन्होंने यह बात अखिल भारतीय सभापति सम्मेलन में कही। शाह ने बताया कि मानसून सत्र में विपक्ष के विरोध के कारण कई बार कार्य बाधित हुआ और कामकाज प्रभावित हुआ।
अमित शाह ने कहा, “लोकतंत्र में बहस जरूरी है, लेकिन किसी के राजनीतिक स्वार्थ के लिए सदन को ठप करना गलत है। सभी चर्चाओं में सार्थकता होनी चाहिए और अध्यक्ष की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।” उन्होंने सदन संचालन में निष्पक्षता और नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया।
गृह मंत्री ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब भी संसद की गरिमा से समझौता हुआ, देश को इसके गंभीर परिणाम देखने को मिले। उन्होंने विट्ठलभाई पटेल को भी याद किया, जिनका नाम भारतीय संसद के पहले निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में दर्ज है। शाह ने कहा कि लोकतंत्र की स्थापना और विधायी प्रक्रियाओं को मजबूत करना स्वतंत्रता दिलाने जितना ही महत्वपूर्ण था।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावितों से मिलकर हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया
कुलसारी (चमोली)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुलसारी पहुंचकर आपदा राहत शिविर का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उन्हें इस संकट की घड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। राहत शिविर में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने सीधे पीड़ितों से फीडबैक लिया।

इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक सहायता समय पर और पूरी संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों और मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही थराली क्षेत्र में बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ आपदा प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और हर प्रभावित परिवार के लिए राहत एवं सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। सैकड़ों परिवार बेघर हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग बुनियादी जरूरतों जैसे खाद्य सामग्री और गैस सिलेंडर से भी वंचित हैं। इस विकट स्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पीड़ितों के लिए राहत का हाथ बढ़ाया है, जिससे 80 सर्वाधिक प्रभावित परिवारों को बड़ी मदद मिलेगी।
80 परिवारों को सर्वाधिक नुकसान
धराली गांव के कुल 280 परिवारों में से 80 परिवार ऐसे हैं जो इस आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। इनके पास न तो गैस सिलेंडर है और न ही भोजन पकाने व जीवनयापन की अन्य आवश्यक सामग्री। इनके लिए हर दिन एक नई चुनौती बनकर सामने आ रहा है।
RSS ने भेजा ‘राहत हाथ’
संकटग्रस्त परिवारों की सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने त्वरित कदम उठाए। ऋषिकेश के नटराज चौक से एक राहत ट्रक को धराली के लिए रवाना किया गया। इस ट्रक में आवश्यक खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और गैस सिलेंडर जैसी जीवनदायिनी सामग्री शामिल है।

सेवा संकल्प का उद्घोष
राहत सामग्री रवाना करते समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक शैलेन्द्र ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आपदा की इस घड़ी में हमारे स्वयंसेवक पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। यह सिर्फ सामग्री नहीं, बल्कि यह विश्वास है कि हम सब एक हैं और मिलकर हर चुनौती का सामना करेंगे।”
सामाजिक सहयोग से बढ़ा अभियान
इस राहत अभियान में उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्य मंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला। ऋषिकेश से राहत सामग्री को रवाना करते समय संघ के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, ऋषिकेश के महापौर शंभु पासवान, प्रतीक कालिया सहित कई स्वयंसेवक और समाजसेवी मौजूद रहे।
महापौर ने की सराहना
ऋषिकेश के महापौर शंभु पासवान ने संघ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “यह अत्यंत सराहनीय पहल है। ऐसे समय में जब धराली के लोग गहरे संकट में हैं, संघ की यह मदद उन्हें बड़ी राहत देगी। मैं सभी सामाजिक संगठनों से अपील करता हूँ कि वे आगे आकर पीड़ितों की सहायता करें।”
आपदा की इस भयावह घड़ी में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य सामाजिक संगठनों की यह संयुक्त पहल धराली के पीड़ित परिवारों के लिए न केवल भौतिक सहायता, बल्कि एक नई उम्मीद और जीने की हिम्मत लेकर आई है।
103 टेस्ट, 7195 रन- पुजारा ने अपने शानदार करियर को कहा अलविदा
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुजारा ने अपने क्रिकेट करियर और भावनाओं को साझा किया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में बिताए अपने समय को “जीवन का सबसे खास अनुभव” बताते हुए टीम, परिवार और समर्थकों का धन्यवाद किया।
राजकोट के छोटे शहर से उठकर भारतीय क्रिकेट में अपना नाम रोशन करने वाले पुजारा ने पोस्ट में लिखा कि भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और हर मैच में अपनी पूरी मेहनत देना उनके लिए यह शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “हर अच्छी चीज का अंत होता है, और इसी भाव के साथ मैं क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूँ।”
पुजारा ने अपने पोस्ट में बीसीसीआई, सौराष्ट्र क्रिकेट संघ, टीम, कोच, मार्गदर्शकों और सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने अपने परिवार, पत्नी पूजा और बेटी अदिति के योगदान को भी बेहद अहम बताया और कहा कि अब वह अपने जीवन के अगले चरण में उनके साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं।
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पुजारा ने 103 टेस्ट और 5 वनडे मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 176 पारियों में 7195 रन, 19 शतक और 35 अर्धशतक बनाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 206 रन रहा। वनडे में उनका औसत 39.24 रहा। आईपीएल में उन्होंने 30 मैचों में 390 रन बनाए।
पुजारा का अंतिम टेस्ट जून 2023 में इंग्लैंड में खेला गया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल था, जिसमें भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में पुजारा इंग्लैंड दौरे पर कमेंट्री करते भी नजर आए थे।
गाजा में भूख और कुपोषण का संकट बढ़ा, पांच लाख लोग प्रभावित
गाजा। गाजा में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जहां इस्राइल के हालिया हमलों में बड़ी संख्या में नागरिकों की जानें चली गई हैं। शनिवार को हुए हमलों में कम से कम 33 फलस्तीनियों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और रोजमर्रा की जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे लोग शामिल थे। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में कुल 62,622 फलस्तीनी जान गंवा चुके हैं।
विस्थापितों के तंबुओं पर हमला
नासिर अस्पताल और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में विस्थापितों के तंबुओं को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हुई। इनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे। उत्तरी गाजा के शेख रादवान फील्ड अस्पताल में भी इस्राइली गोलीबारी में कम से कम पांच सहायता चाहने वालों की मौत हुई, जो जिकिम क्रॉसिंग के पास थे।
पत्रकार भी हमलों में शिकार
फलस्तीनी पत्रकार सिंडिकेट ने पुष्टि की कि कैमरामैन खालिद अल-मधौन जिकिम क्रॉसिंग पर रिपोर्टिंग करते समय हमले में मारे गए। स्थानीय टीवी चैनलों ने भी उनकी मौत की पुष्टि की। अन्य हमलों में 11 नागरिकों की भी जान गई।
इस्राइली सेना का बयान
इस्राइली सेना ने खान यूनिस में हमले की जानकारी न होने का दावा किया और कहा कि वह अन्य घटनाओं की जांच कर रही है। सेना ने यह भी कहा कि जब लोग सैनिकों के पास आते हैं या खतरा पैदा करते हैं, तो उन्हें चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाने की आवश्यकता पड़ती है।
भूख और अकाल का संकट
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में पांच लाख लोग गहन भूख से जूझ रहे हैं। बच्चों में कुपोषण बढ़ रहा है, जिससे अब तक 281 मौतें हुई हैं। इस्राइल का कहना है कि उसने पर्याप्त मदद पहुंचाई है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और राहत संगठन इसे पर्याप्त नहीं मानते।
सैन्य अभियान की चेतावनी
इस्राइल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि गाजा के हालात जल्द ही नए सैन्य अभियान के दौरान और भयावह हो सकते हैं। वहीं, सहायता समूह लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र में खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की कमी गंभीर मानव संकट पैदा कर रही है।
ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की जोड़ी से सजी बड़े बजट की फिल्म ‘वॉर 2’ इस साल की सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाली फिल्मों में शामिल रही है। रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग और स्टारकास्ट के कारण फिल्म ने जबरदस्त हाइप बना लिया था। उम्मीदों के मुताबिक इसने पहले दिन शानदार कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर तूफानी शुरुआत की। हालांकि, दूसरे हफ्ते में आते-आते इसकी रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। आइए जानते हैं अब तक का इसका पूरा बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड।
पहले हफ्ते में ‘वॉर 2’ का धमाका
फिल्म ने ओपनिंग डे पर लगभग 52 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया और दूसरे दिन यह आंकड़ा 57.85 करोड़ तक पहुंच गया। वीकेंड पर भी फिल्म को बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला, जिससे तीसरे और चौथे दिन क्रमशः 33.25 करोड़ और 32.65 करोड़ की कमाई हुई।
हालांकि, पांचवें दिन से गिरावट शुरू हो गई और कलेक्शन घटकर 8.75 करोड़ पर आ गया। बावजूद इसके, पहले हफ्ते के अंत तक फिल्म ने लगभग 204 करोड़ रुपये नेट का आंकड़ा छू लिया। सिर्फ हिंदी बेल्ट में ही यह 150 करोड़ से ज्यादा कमा चुकी थी।
दूसरे हफ्ते में धीमी हुई रफ्तार
दूसरे हफ्ते में फिल्म की पकड़ कमजोर होती दिखी। आठवें दिन ‘वॉर 2’ ने करीब 5 करोड़ और नौवें दिन 4 करोड़ की कमाई की। वहीं दसवें दिन यानी दूसरे शनिवार को रिपोर्ट्स के मुताबिक कलेक्शन लगभग 4.87 करोड़ रहा। इस तरह फिल्म का कुल भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब तक 213.12 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
फिल्म की स्टारकास्ट बनी आकर्षण का केंद्र
‘वॉर 2’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टार पावर रही। ऋतिक रोशन का करिश्मा, जूनियर एनटीआर का दमदार अंदाज, कियारा आडवाणी का ग्लैमरस टच और अनिल कपूर की अहम भूमिका ने फिल्म को मजबूत बनाया। शानदार म्यूजिक और ग्रैंड एक्शन सीक्वेंस दर्शकों को ‘पैसा वसूल’ अनुभव दे रहे हैं।
रजनीकांत की ‘कुली’ से कड़ी टक्कर
‘वॉर 2’ के साथ ही रजनीकांत की फिल्म ‘कुली’ भी रिलीज हुई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर टक्कर दी। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती कमाई के मामले में ‘कुली’ फिलहाल ‘वॉर 2’ से थोड़ा आगे चल रही है।
(साभार)
कांग्रेस और राहुल गांधी देश को कमजोर करने वाली ताकतों के साथ खड़े हैं – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू
रिजिजू का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- ‘खतरनाक रास्ते पर चल रहे हैं कांग्रेस नेता’
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयानों से उनकी ही पार्टी असहज हो जाती है और डरती है कि कहीं उनके बयान कांग्रेस को नुकसान न पहुंचा दें। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश को कमजोर करने वाली ताकतों के साथ खड़े हो रहे हैं और बेहद खतरनाक रास्ते पर जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि जॉर्ज सोरोस जैसे अंतरराष्ट्रीय तत्व भारत सरकार को अस्थिर करने के लिए एक ट्रिलियन डॉलर तक खर्च करने की बात करते हैं। कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और कई वामपंथी संगठनों में सक्रिय भारत विरोधी खालिस्तानी ताकतें देश के खिलाफ साजिश रच रही हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी इन ताकतों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पूरी तरह सुरक्षित है।
विधेयक पर चर्चा
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और गंभीर आरोपों में घिरे मंत्रियों को हटाने से संबंधित विधेयक पर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को भी किसी छूट से बाहर रखा है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में नैतिकता को प्राथमिकता देता तो इस विधेयक का समर्थन करता।
संसद में गतिरोध पर हमला
रिजिजू ने विपक्ष पर संसद ठप करने का आरोप लगाया और कहा कि अगर सदन नहीं चलता तो इसका नुकसान विपक्ष को होगा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को संसदीय चर्चा में कोई रुचि नहीं है। कई सांसद शिकायत करते हैं कि हंगामे के कारण वे अपने क्षेत्रों की समस्याएं नहीं उठा पा रहे हैं।”
‘मेरा गला भी बैठ गया’
संसद में विपक्ष के शोर-शराबे को लेकर रिजिजू ने हल्के अंदाज में कहा, “मेरा गला भी बैठ गया है। विपक्ष को बार-बार चिल्लाकर काम करने की अपील करनी पड़ रही है।” उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सवाल पूछने की होती है, लेकिन कांग्रेस इस बुनियादी जिम्मेदारी को भी निभाने में नाकाम है।
राहुल गांधी पर दोबारा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी राहुल गांधी को उनकी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों पर फटकार लगा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान न सिर्फ गलत साबित होते हैं, बल्कि उनकी पार्टी भी इससे शर्मिंदगी उठाती है। रिजिजू ने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष मजबूत होना चाहिए, लेकिन राहुल गांधी एक मजबूत विपक्ष तो दूर, बुनियादी कर्तव्यों को भी निभा नहीं पा रहे हैं।”
कुथनौर, सिलाई बैंड, फूलचट्टी समेत कई क्षेत्रों में मलबा आने से यातायात ठप
उत्तरकाशी। लगातार हो रही भारी बारिश ने यमुनोत्री हाईवे पर संकट और बढ़ा दिया है। कुथनौर, सिलाई बैंड, ओजरी, डाबरकोट, जंगलचट्टी, नारदचट्टी और फूलचट्टी में मलबा व बोल्डर आने के कारण मार्ग कई जगहों पर बंद पड़ा है। वहीं, स्यानाचट्टी में यमुना नदी के मुहाने पर दोबारा मलबा जमने से कृत्रिम झील बनने लगी है। हालांकि नदी का एक छोर खुला होने से पानी की निकासी हो रही है, लेकिन खतरा अभी भी टला नहीं है।
शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था और तेज प्रवाह से बनी झील का मुहाना अपने आप खुल गया था। अब दोबारा यहां झील बनने से स्थानीय लोग भयभीत हैं। नदी का बहाव यमुनोत्री हाईवे के पुल से महज तीन-चार फीट नीचे है, जिसके कारण आसपास के होटलों के निचले हिस्से अभी भी पानी में डूबे हुए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बुधवार को कुपड़ा खड्ड से आए मलबे और बोल्डरों ने यमुना का पानी रोक दिया था, जिससे झील का स्तर तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते स्यानाचट्टी के घरों, होटलों और सरकारी स्कूलों में पानी घुस गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि हाईवे का पुल भी जलमग्न हो गया और पूरा कस्बा दो मंजिला इमारतों तक डूब गया। लोगों को भागकर दो-तीन किलोमीटर दूर ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
स्यानाचट्टी के जयपाल सिंह रावत, नवदीप और पटमी देवी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर यह घटना रात में घटित होती तो बड़ी त्रासदी हो सकती थी। दिन में होने के कारण लोग सतर्क रहे और समय रहते अपनी जान बचा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि कुपड़ा खड्ड से लगातार आ रहा मलबा अभी भी क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
मुख्यमंत्री धामी ने राहत कार्यों की समीक्षा कर पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए
देहरादून। चमोली जिले के थराली क्षेत्र में आई आपदा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा परिचालन केंद्र में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारी चमोली को आदेश दिए कि आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों और मृतकों के परिजनों को तत्काल पाँच-पाँच लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि थराली में बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जाए और पुनर्वास कार्य को तेजी से पूरा किया जाए।
सीएम ने बिजली, पानी, सड़क नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने पर जोर देते हुए प्रभावितों को मिलने वाली राहत सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राहत सामग्री और आवश्यक सामान एक साथ उपलब्ध कराया जाए ताकि प्रभावितों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और प्रशासनिक टीम की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की और कहा कि आपदा प्रभावित अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार समन्वित ढंग से राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तत्परता की भी प्रशंसा की।
धामी ने राज्य में अगले दो दिनों तक जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने, आवश्यक उपकरण और आपदा प्रबंधन सामग्री संवेदनशील इलाकों में पहले से ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चमोली (थराली), पौड़ी (सैजी) और उत्तरकाशी (धराली) में हाल ही में आई आपदाओं के पैटर्न का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की एक समिति गठित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया। बैठक में मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा -अंकिता भंडारी मामले में वीआईपी को बचाया अब हिमांशु चमोली को बचाने में जुटी भाजपा
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस तरह अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकारी मशीनरी ने मुख्य आरोपी को बचाने का काम किया, उसी तरह जितेंद्र नेगी आत्महत्या मामले में भी भाजपा नेताओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मृतक जितेंद्र नेगी ने अपने वीडियो संदेश में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। इसके बावजूद पुलिस ने एक ही घटना की दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिससे केस कमजोर करने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
माहरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि थाना स्तर पर दर्ज की गई दूसरी एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए और दोहरी एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए हैरानी की बात है कि मृतक के पिता की ओर से 21 अगस्त को दर्ज की गई रिपोर्ट में आरोपी का स्पष्ट उल्लेख होने के बावजूद, कुछ देर बाद उसी घटना की एक और रिपोर्ट अवैध हथियार की धारा में दर्ज कर ली गई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के दबाव में पुलिस मुख्य आरोपी को बचाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से फोन पर संवेदना जताने का दिखावा कर रहे हैं, जबकि उनकी पुलिस ही मामले को कमजोर कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और भाजपा शासन में “जंगल राज” कायम है। अंकिता भंडारी हत्याकांड, चंपावत-काशीपुर की घटनाएं, हरिद्वार की नाबालिग से दुष्कर्म और पंचायत चुनावों में हुई धांधलियां इसका प्रमाण हैं। यहां तक कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान भी डकैतियां हुईं, जो प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती हैं।
माहरा ने चेतावनी दी कि कांग्रेस आने वाले दिनों में बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं पर बढ़ते अपराध के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, विधायक लखपत बुटोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रवक्ता शीशपाल सिंह, सुजाता पॉल, डॉ. प्रतिमा सिंह, महामंत्री नवीन जोशी और आईटी विभाग अध्यक्ष विकास नेगी भी मौजूद रहे।
