भाजपा उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम से दिल्ली में मिले सांसद त्रिवेन्द्र
नई दिल्ली। सांसद हरिद्वार एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर गढ़वाल सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी भी उपस्थित रहे।
भेंट के दौरान उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर सारगर्भित चर्चा हुई। इस संवाद में राज्य के विकास, संगठन की मजबूती तथा आने वाले समय की रणनीति को लेकर सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।
सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि गौतम का मार्गदर्शन उत्तराखंड में भाजपा संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक होगा।
मसूरी कार्यक्रम में तीरथ सिंह रावत का तीखा बयान, भ्रष्टाचार पर साधा निशाना
देहरादून। मसूरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश की नौकरशाही और व्यवस्था पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बावजूद भ्रष्टाचार की रफ्तार नहीं थमी, फर्क सिर्फ इतना है कि अब “ड्राइवर और यात्री दोनों यहीं के हो गए हैं।” रावत ने तंज कसते हुए कहा कि पहले जब उत्तराखंड उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, तब अफसर यहां से “ट्रक भरकर” ले जाते थे, लेकिन अब भरने वाले भी यहीं के हैं और खाने-खिलाने वाले भी। कार्यक्रम में उनकी यह टिप्पणी सुनकर लोग भले चौंके, लेकिन तालियों से समर्थन भी जताया।
रावत ने उत्तराखंड आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि कभी लोग “कोदा-झंगोरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे” का जज्बा रखते थे, मगर आज उस पर कोई बात नहीं करता। उन्होंने साफ कहा कि जिन सपनों के लिए राज्य बना था, वह अब भी अधूरा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की भूमिका पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसे कुछ नेता ईमानदार होते हैं और कुछ भ्रष्ट, वैसे ही अफसर भी दो तरह के होते हैं। जब तक सरकार योजनाबद्ध ढंग से काम नहीं करेगी, जनता का भला संभव नहीं।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य के विकास के लिए नेताओं, अफसरों, कलाकारों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर आगे आना होगा। ईमानदारी और जनसेवा का भाव ही उत्तराखंड को प्रगति की राह पर ले जाएगा, वरना आंदोलनकारियों की कुर्बानियां व्यर्थ चली जाएंगी।
देहरादून। चमोली जिले के थराली में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बादल फटने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दुख जताया है।
उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि 20 से 25 भवनों को मलबे से नुकसान पहुंचा है, जिनमें दो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। इस हादसे में एक महिला का शव बरामद हुआ है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। आपदा में पाँच लोग घायल हुए हैं। जिन्हें एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर भेजने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खराब मौसम राहत-बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहा है। सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार थराली क्षेत्र में आपदा राहत कार्य तेज से चल रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घायलों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में चीनी टीम को 17-11 से हराकर भारत पोडियम के शीर्ष पर
नई दिल्ली। भारत के निशानेबाजों ने एशियाई स्तर पर धमाकेदार प्रदर्शन किया है। 16वें एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में अर्जुन बाबुता और इलावेनिल वलारिवान की जोड़ी ने 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीनी टीम डिंगके लू और शिनलु पेंग को 17-11 से हराकर पोडियम के शीर्ष स्थान पर कब्जा किया।
शुरुआती दौर में चीनी टीम आगे थी, लेकिन अर्जुन और इलावेनिल ने 9.5 और 10.1 के स्कोर से जबरदस्त वापसी की और मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इलावेनिल के लिए यह इस चैंपियनशिप में दूसरा स्वर्ण पदक है, उन्होंने इससे पहले महिला वर्ग में 10 मीटर एयर राइफल में भी स्वर्ण जीता था। इसके अलावा, अर्जुन बाबुता, रुद्राक्ष पाटिल और किरण जाधव की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था।
केरी ने कहा- ओबामा प्रशासन के समय सहयोग और सम्मान से निर्णय होते थे, अब दबाव और टकराव बढ़ा है
वाशिंगटन। पूर्व अमेरिकी अधिकारी जॉन केरी ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने और बिगड़ते द्विपक्षीय संबंधों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की है। केरी ने कहा कि कूटनीतिक प्रयासों के बिना अल्टीमेटम देना किसी भी देश की महानता का संकेत नहीं है और भारत-अमेरिका के रिश्तों में वर्तमान तनाव अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
केरी ने यह भी कहा कि ट्रंप और पीएम मोदी के बीच टकराव सही नहीं है। बड़े राष्ट्र अपनी शक्ति का प्रदर्शन केवल आदेश और दबाव देकर नहीं करते, बल्कि कूटनीतिक प्रयासों और बातचीत के माध्यम से समझौते तक पहुंचते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ओबामा प्रशासन के दौरान सहयोग और सम्मान के आधार पर निर्णय लिए जाते थे, जबकि अब दबाव और टकराव अधिक नजर आ रहा है।
केरी ने आशा जताई कि भारत और अमेरिका मिलकर व्यापार विवाद सुलझा लेंगे। उन्होंने भारत की पेशकशों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक बदलाव है।
इससे पहले, व्हाइट हाउस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी जॉन बोल्टन ने भी ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि रूस से तेल खरीदने पर भारत पर टैरिफ लगाया गया, जबकि चीन पर नहीं, जिससे भारत चीन-रूस गठबंधन की ओर जा सकता है।
अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञ क्रिस्टोफर पैडिला और अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने भी इस टैरिफ नीति की आलोचना की है। पैडिला ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका संबंधों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और जेफरी सैक्स ने इसे अमेरिकी विदेश नीति में सबसे गलत कदम करार दिया।
आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में घंटों मोबाइल या लैपटॉप पर बैठना और गलत तरीके से उठना-बैठना रीढ़ की हड्डी की समस्या, यानी स्लिप डिस्क, को जन्म दे सकता है। स्लिप डिस्क तब होती है जब रीढ़ की हड्डी के बीच मौजूद डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है। इसका असर कमर में तेज दर्द, पैरों में सुन्नपन और लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने में कठिनाई के रूप में दिखाई देता है। यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो यह समस्या लंबे समय तक जीवन को प्रभावित कर सकती है।
योग के जरिए राहत
हालांकि, नियमित योगाभ्यास स्लिप डिस्क के दर्द और तकलीफ़ को काफी हद तक कम कर सकता है। सही योगासन रीढ़ की लचीलापन बढ़ाते हैं, मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और नसों पर दबाव घटाते हैं।
स्लिप डिस्क के आम लक्षण:
कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द
पैरों में झनझनाहट या कमजोरी
लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने में तकलीफ़
झुकने या वजन उठाने पर दर्द बढ़ना
गर्दन या पीठ में जकड़न
स्लिप डिस्क में लाभदायक योगासन:
भुजंगासन: रीढ़ की हड्डी मजबूत बनाता है और नसों पर दबाव कम करता है।
शलभासन: कमर की मांसपेशियों को मजबूत कर पीठ दर्द से राहत देता है।
मकरासन: कमर को आराम और तनाव मुक्त करता है।
सेतुबंधासन: रीढ़ और कमर को मजबूती देता है, रक्त संचार को बेहतर बनाता है और पोस्चर सुधारता है।
बालासन: रीढ़ की स्ट्रेचिंग करता है, आराम और दर्द से राहत देता है।
सावधानियाँ:
योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही शुरुआत करें।
अचानक झटके वाले आसनों से बचें।
शुरुआती दौर में लंबे समय तक योग न करें।
यदि दर्द असहनीय हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
(साभार)
भविष्य में अपना स्पेस स्टेशन बनाएगा भारत- पीएम मोदी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला सहित गगनयान मिशन के अन्य अंतरिक्षयात्री और इसरो के प्रमुख वी. नारायणन मौजूद रहे। केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीक मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए देशवासियों को दूसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं दीं।
अंतरिक्ष में भारत की लगातार उपलब्धियां
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष का अंतरिक्ष दिवस “आर्यभट्ट से गगनयान तक” की थीम पर आधारित है, जो भारत के अतीत और भविष्य दोनों की उपलब्धियों को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि भारत ने कम समय में अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल मिशन और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर डॉकिंग–अनडॉकिंग जैसी उपलब्धियां शामिल हैं।
भारत का भविष्य: स्पेस स्टेशन और गगनयान मिशन
प्रधानमंत्री ने कहा कि शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर तिरंगा फहराकर हर भारतीय को गर्व महसूस कराया। उन्होंने जोर दिया कि भारत सेमी क्रायोजेनिक इंजन और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन जैसी उन्नत तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भविष्य में भारत न केवल गगनयान मिशन में सफलता हासिल करेगा, बल्कि अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन भी बनाएगा।
गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम किया, ट्रक चालक फरार, फैक्ट्री प्रबंधन से मांगी जवाबदेही
पटना। बिहार की राजधानी पटना में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिगरियावा स्टेशन के पास हिलसा-दनियावां मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रक और टेम्पो की सीधी टक्कर में 10 लोगों की जान चली गई। मृतकों में नौ महिलाएं और टेम्पो चालक शामिल हैं। हादसे की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि टेम्पो पूरी तरह चकनाचूर हो गया और सवार यात्री बुरी तरह फंस गए।
टक्कर के बाद सड़क पर खून फैल गया और कई शव इधर-उधर बिखरे पड़े थे। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर जुटे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस व ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान तीन घायलों की मौत हो गई, जबकि कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
गुस्साए लोगों ने सड़क जाम किया
हादसे की खबर फैलते ही लोगों का आक्रोश भड़क उठा। ग्रामीणों ने सड़क जाम कर हंगामा किया और फैक्ट्री प्रबंधन को मौके पर बुलाने की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर सीधे पास की सीमेंट फैक्ट्री के अंदर चला गया। पुलिस हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटी रही।
गंगा स्नान के लिए निकले थे यात्री
पुलिस जांच में पता चला है कि सभी मृतक नालंदा जिले के मलावा गांव के निवासी थे। वे टेम्पो से फतुहा के त्रिवेणी घाट गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। रास्ते में यह हादसा हो गया। पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों की पहचान हुई
हादसे में मरने वालों की पहचान संजू देवी, उदेशा देवी, कंचन देवी, बबीता देवी, रेणु कुमारी, दीपिका पासवान, गंगा देवी, कुसुम देवी, काजल कुमारी और चालक चंदन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ट्रक चालक की तलाश जारी है।
सीएम ने जनप्रतिनिधियों से ली आपदा की जानकारी
चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने के कारण मलबे में दबने से एक युवती के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना पर उनके सुरक्षित व सकुशल होने की कामना की है। इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य में जुट गई हैं।
बता दें कि थराली तहसील क्षेत्र के टूनरी गदेरे में शुक्रवार देर रात बादल फटने से थराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी मलबा आ गया। मलबे की चपेट में आने से एसडीएम आवास सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानों में मलबा भर गया। कई वाहन भी मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। वहीं एसडीआरएफ और एनडीआरफ की टीम आपदा क्षेत्र के लिए रवाना हो गई है। कर्णप्रयाग ग्वालदम सड़क भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसे सुचारू करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों से भी सीएम धामी ने ली जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के जनप्रतिनिधियों से टेलीफोन पर वार्ता कर बादल फटने से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने आपदा पर गहरा दुःख जताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। इसके साथ उन्होंने स्थानीय विधायक से वार्ता कर उनसे मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यो का भौतिक निरीक्षण करने की अपेक्षी की है।
गणेश जोशी ने अधिकारियों को सर्वेक्षण तेज करने और किसानों को शीघ्र मुआवजा देने के निर्देश दिए
देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा की।
बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाय। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसलों के नुकसान का नियमित रूप से सर्वेक्षण कर प्रतिदिन की रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाए। कृषि मंत्री जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के मानकों के अनुसार शीघ्र कागजी कार्यवाही पूरी कर किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि आपदा से प्रभावित कृषकों को तुरंत राहत मिल सके।
बैठक के दौरान किसानों की फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए भारत सरकार की ओर से तय मानकों के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से भी किसानों को उनकी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए अतिरिक्त सहायता देने पर भी चर्चा की गई। इस संबंध में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को शीघ्र आंकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और किसान भाइयों की हर संभव मदद की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण कृषि भूमि में सिंचित और असिंचित मिलाकर लगभग 28 हैक्टेयर क्षेत्रफल में नुकसान हुआ है। इसी प्रकार उद्यान क्षेत्र में 4800 हैक्टेयर में फसलों को क्षति पहुँची है। अधिकारियों ने बताया कि उपरोक्त क्षति का क्षेत्रफल भारत सरकार के आपदा के मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक है, जो मुआवजा वितरण की श्रेणी में आता है।
इस अवसर पर कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, निदेशक कृषि परमाराम, बागवानी मिशन महेंद्र पाल, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
