स्यानाचट्टी के घरों और होटलों में घुसा पानी, लोगों में दहशत
स्यानाचट्टी। उत्तरकाशी जनपद में एक बार फिर कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। पहले धराली और अब स्यानाचट्टी क्षेत्र भारी मलबे और पत्थरों से प्रभावित हो रहा है। कुपड़ा खड्ड से लगातार मलबा और बोल्डर बहकर आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। इसके चलते स्यानाचट्टी के कई घरों और होटलों में पानी घुस गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्यानाचट्टी, कुथनौर और खरादी क्षेत्र के सभी भवनों व होटलों को खाली करवा दिया। अब तक करीब 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। वहीं, खतरे की आशंका के कारण कई ग्रामीण अपने मूल गांवों – स्यालना, पुजारगांव, पाली और भंसाड़ी लौट गए हैं।
हालांकि दिन में मौसम साफ होने से कुछ राहत मिली और जलस्तर घटा, लेकिन देर शाम दोबारा भारी मलबा आने से संकट और बढ़ गया। तेज धूप में भी कुपड़ा खड्ड से लगातार मलबा और पत्थर आ रहे हैं, जिसके चलते नदी का प्रवाह रुक-रुककर प्रभावित हो रहा है।
यमुनोत्री हाईवे पर बना पुल भी झील के बढ़ते जलस्तर से आधा डूब चुका है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सिंचाई विभाग की तीन पोकलेन मशीनें नदी का प्रवाह सामान्य करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन बार-बार मलबा आने से काम अधर में लटका है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि हर बार बारिश में स्यानाचट्टी और आसपास के लोगों को इस भय से जूझना न पड़े। वहीं, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर डटी हुई हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी
देहरादून। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आगामी सितम्बर माह में होने वाले चिंतन शिविर कार्यक्रम के संबंध में आयोजित वर्चुअल बैठक में उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने भी वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
बैठक में देशभर के विभिन्न राज्यों के ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4-5 सितम्बर, 2025 को राजस्थान के उदयपुर में प्रस्तावित चिंतन शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी राज्यों से सुझाव आमंत्रित किए।
इस अवसर पर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह चिंतन शिविर ग्रामीण विकास की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ग्राम्य विकास के क्षेत्र में केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री जोशी ने ग्रामीण आजीविका, स्वावलंबन, स्वरोजगार एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने से जुड़े अपने सुझाव भी साझा किए।
इस दौरान मंत्री जोशी ने अधिकारियों को नॉर्थ ईस्ट के हिमालयी राज्यों का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए, ताकि पर्वतीय राज्यों में ग्राम्य विकास से संबंधित योजनाओं का बेहतर और व्यावहारिक क्रियान्वयन किया जा सके।
इस अवसर पर आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव ग्राम्य विकास झरना कमठान सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को 23 अगस्त से 17 सितंबर तक थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। मंदिर तक पहुँचने के लिए बनाई गई रोपवे सेवा को वार्षिक रख-रखाव और निरीक्षण के लिए 26 दिनों के लिए बंद कर दिया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए रोपवे सेवा के प्रबंधक सी.बी. सिंह और समन्वयक नरेश बिजल्वाण ने बताया कि 23 अगस्त शनिवार से लेकर अगले महीने 17 सितंबर तक टॉवर, केबिन, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम की गहन जांच और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस निरीक्षण में देश और विदेश के विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम शामिल होगी, जो लोड कैपेसिटी, विंड प्रेशर, सुरक्षा मानकों समेत सभी तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी।
श्रद्धालुओं को चढ़नी होगी डेढ़ किमी खड़ी चढ़ाई
रोपवे बंद रहने की अवधि में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 1.5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करनी होगी। यह चढ़ाई बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए थोड़ी मुश्किल हो सकती है। प्रबंधकों ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्य उनकी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
तीन गुना बढ़ी है श्रद्धालुओं की संख्या
बता दें कि रोपवे सेवा शुरू होने के बाद से सुरकंडा देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तीन गुना तक बढ़ चुकी है। खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए यह सेवा बेहद सहायक और सुलभ रही है। इस सेवा ने न केवल यात्रा को आसान बनाया है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा दिया है।
प्रबंधन का संदेश: असुविधा के लिए खेद, सहयोग अपेक्षित
रोपवे प्रबंधन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, और सभी तकनीकी निरीक्षण पूर्ण होने के बाद ही सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से धैर्य और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से भेंट कर राज्य में खेलों के व्यापक विकास, उच्च स्तरीय खेल अवस्थापना के निर्माण तथा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की और केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस खेल महाकुंभ ने उत्तराखण्ड को एक नई पहचान दिलाई है। इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखण्ड ने स्वयं को एक ‘खेलभूमि’ के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जिला अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधा की स्थापना, देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में आईस स्केटिंग रिंग का संचालन, जिला नई टिहरी में साहसिक प्रशिक्षण केन्द्र का उच्चीकरण, चंपावत के महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में इंडोर आर्टिफिशियल रॉक क्लाइम्बिंग की सुविधा और राज्य के 95 विकासखण्डों में बहुउद्देशीय क्रीड़ाहॉल के निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखण्ड में राज्य का प्रथम खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, जो राज्य एवं देश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल से संबंधित शैक्षणिक कोर्सेज़ की सुविधा भी प्रदान करेगा। उन्होंने इस विश्वविद्यालय को एक अग्रणी खेल संस्थान के रूप में विकसित करने हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग और यथासंभव आर्थिक सहायता/अनुदान प्रदान करने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने हर सम्भव सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आश्वस्त किया।
विधवा माला देवी को प्रताड़ित करने पर बैंक प्रबंधक पर ₹22 लाख की आरसी जारी
देहरादून। पति की मृत्यु के बाद भी ऋण बीमा लागू न करने और दो बच्चों की असहाय विधवा माता माला देवी को प्रताड़ित करने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने केनफिन होम लि0 की सम्पत्ति कुर्क कर दी है, जिसकी नीलामी 23 अगस्त को की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बैंक की अमानवीय कार्यप्रणाली और मानसिक उत्पीड़न के मामले को गंभीर मानते हुए जीएमएस रोड स्थित केनफिन होम लि0 शाखा प्रबंधक पर ₹22 लाख की आरसी भी काटी है।
विधवा माला की शिकायत पर कार्रवाई
चुक्खुवाला निवासी माला देवी ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि उनके पति स्व. उदय शंकर ने मकान खरीदने के लिए केनफिन लि0 से ₹20 लाख का ऋण लिया था, जिसका बीमा भी कराया गया था। अब तक ₹12.22 लाख की किस्तें जमा की जा चुकी थीं। 20 जनवरी 2025 को पति की मृत्यु हो जाने के बाद भी बैंक और बीमा कंपनी ने ऋण निपटाने की कार्रवाई नहीं की और उल्टा उन्हें परेशान किया जा रहा था, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही थी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्प अनुसार जिला प्रशासन निर्बल जनों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। बैंकों द्वारा बीमा धोखाधड़ी और आश्रितों को प्रताड़ित करने की घटनाओं पर प्रशासन का कड़ा रुख जारी रहेगा।
हांगझोउ में भारत का पहला मुकाबला थाईलैंड से 5 सितंबर को
नई दिल्ली। अनुभवी मिडफील्डर सलीमा टेटे को हांगझोउ (चीन) में 5 से 14 सितंबर तक होने वाले महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई है। हॉकी इंडिया ने गुरुवार को 20 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। यह टूर्नामेंट बेहद अहम है क्योंकि इसका विजेता सीधे 2026 एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में जगह बनाएगा।
भारत को पूल-बी में रखा गया है, जहां टीम को जापान, थाईलैंड और सिंगापुर से भिड़ना होगा। भारतीय टीम का पहला मुकाबला 5 सितंबर को थाईलैंड से, दूसरा मैच 6 सितंबर को जापान से और आखिरी पूल मैच 8 सितंबर को सिंगापुर से होगा।
मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने टीम चयन पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह टीम अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का संतुलित मिश्रण है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य आक्रामक और अनुशासित हॉकी खेलना है और हमें विश्वास है कि खिलाड़ी एशिया की शीर्ष टीमों से कड़ी चुनौती लेने में सक्षम हैं।”
टीम में गोलकीपर की जिम्मेदारी बंसारी सोलंकी और बिचु देवी खारीबाम को दी गई है। डिफेंस लाइन में निक्की प्रधान और उदिता जैसी सीनियर खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरे भी शामिल हैं। मिडफील्ड की कमान सलीमा टेटे के साथ नेहा, लालरेमसियामी, शर्मिला देवी और वैष्णवी फाल्के जैसी खिलाड़ियों के पास होगी। वहीं, फॉरवर्ड लाइन में नवनीत कौर, संगीता कुमारी, मुमताज खान और दीपिका जैसे स्ट्राइकर भारत की आक्रामक ताकत साबित होंगे।
गौरतलब है कि इस बार टीम में अनुभवी खिलाड़ी सविता और सुशीला चानू शामिल नहीं हैं, जिन्होंने हाल ही में एफआईएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में हिस्सा लिया था।
पुलिस ने आरोपी नेता को लिया हिरासत में
पौड़ी। पौड़ी जनपद के तलसारी गांव में शुक्रवार सुबह एक युवक ने पैसों के लेनदेन के विवाद के चलते गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया, जिसमें उसने भाजपा नेता पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस ने आरोपी नेता को गिरफ्तार कर लिया।
32 वर्षीय जितेंद्र सिंह नेगी पुत्र सतीश चंद्र ने अपने घर में खुद को गोली मार ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस व राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जबकि फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए।
एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर भाजपा नेता हिमांशु चमोली को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का किया आभार व्यक्त
देहरादून। केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना के तहत एचटी/एलटी विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा और साथ ही एससीएडीए (SCADA) ऑटोमेशन प्रणाली लागू की जाएगी।
परियोजना की कुल लागत ₹547.73 करोड़ है, जिसमें समानांतर जीबीएस ₹493.05 करोड़ और पी.एम.ए. शुल्क @ 1.5% यानी ₹8.22 करोड़ (जिसमें जीबीएस ₹7.39 करोड़) शामिल है।
इस योजना से ऋषिकेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार होगा। साथ ही बिजली आपूर्ति की रीयल टाइम निगरानी और त्वरित सुधार संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि, “ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक, पर्यटन और कुंभ क्षेत्र के लिए यह परियोजना न केवल विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि शहर के सौंदर्यकरण, सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन में भी अहम योगदान देगी। राज्य सरकार इस योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करेगी।”
ओम बिरला बोले– विपक्ष का आचरण लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि संसद के भीतर और बाहर सांसदों की भाषा और व्यवहार गरिमामय होना चाहिए, लेकिन विपक्ष का आचरण लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने चेताया कि जनता सब देख रही है कि किस तरह महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा बाधित की जा रही है।
सिर्फ 37 घंटे चर्चा संभव
बिरला ने बताया कि पूरे मानसून सत्र के दौरान 419 प्रश्न पूछे गए, लेकिन उनमें से केवल 55 सवालों के ही मौखिक उत्तर दिए जा सके। सदन की कार्यवाही के लिए 120 घंटे का समय तय था, जबकि हंगामे के कारण सिर्फ 37 घंटे चर्चा हो पाई। इस बीच लोकसभा ने कुल 12 विधेयक पारित किए।
सदन की गरिमा पर चिंता
गुरुवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही विपक्ष के शोर-शराबे के कारण तुरंत स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे पुनः शुरू हुई बैठक में अध्यक्ष ने खेद जताया कि सत्र बार-बार बाधित हुआ। उन्होंने कहा कि यह समय सभी के लिए आत्मचिंतन का है, क्योंकि पूरे महीने चले सत्र में गंभीर बहस और विमर्श नहीं हो सका।
विपक्ष लगातार करता रहा हंगामा
यह सत्र 21 जुलाई से आरंभ हुआ था। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लगातार कार्यवाही बाधित की। अंत में ओम बिरला ने समापन भाषण देते हुए सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
रोजाना 10 हजार ट्रे की जगह अब केवल 4-5 हजार की ही हो रही आवक
देहरादून। उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद देहरादून में अंडों और चिकन की खपत पर असर दिखने लगा है। लोगों ने एहतियातन इनकी खरीदारी कम कर दी है, जिसके चलते अंडों का कारोबार भी आधा रह गया है। हालांकि, मांग और आपूर्ति दोनों में कमी आने की वजह से फिलहाल बाजार में कीमतों पर खास असर नहीं पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, दून में रोजाना आठ से दस हजार ट्रे अंडे मंगाए जाते थे, लेकिन बर्ड फ्लू की आशंका के बाद यह संख्या घटकर चार से पांच हजार ट्रे तक सिमट गई है। अंडा कारोबारी संजय चौहान के अनुसार, आवक कम होने के बावजूद दाम स्थिर बने हुए हैं। वहीं, ऑफलाइन बाजार में कीमतों में कोई बदलाव नहीं है, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अंडों के दाम जरूर बढ़ गए हैं।
