बारिश से ढही झोपड़ी, चार लोग दबे, दो की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
मुंबई। मुंबई में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में भारी जलभराव से सड़क और रेल यातायात ठप हो गया है। शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगने के साथ ही विक्रोली में हुए भूस्खलन ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मुंबई के दादर, किंग्स सर्कल, वाशी और नवी मुंबई समेत कई क्षेत्रों में लोगों को जलभराव के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों में देर रात से सुबह तक हुई बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। मरोल फायर स्टेशन पर सबसे अधिक 207 मिमी और सांताक्रूज़ के नारियलवाड़ी स्कूल में 202 मिमी बारिश दर्ज की गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बीएमसी की लापरवाही से जलनिकासी की समस्या बढ़ गई है। किंग्स सर्कल के निवासी विजय ने बताया कि सड़कों पर सीवेज का पानी भरा है, जिसके कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है।
भूस्खलन से दो मौतें
विक्रोली पार्कसाइट के वर्षा नगर इलाके में देर रात पहाड़ी से गिरी मिट्टी और पत्थरों ने एक झोपड़ी को दबा दिया। हादसे में शालू मिश्रा (19) और सुरेश मिश्रा (50) की मौत हो गई, जबकि आरती मिश्रा (45) और ऋतुराज मिश्रा (20) घायल हो गए। घायलों का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन ने आसपास के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मुंबई और आसपास के जिलों में अगले कुछ घंटों तक मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। रत्नागिरी, रायगढ़, ठाणे और पालघर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
एसजीआरआर विश्वविद्यालय की कुलपति व रजिस्ट्रार ने हरी झण्डी दिखाकर 4 वाहनों को रवाना किया
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में धराली आपदा पीड़ितों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुछ कोर्सों में आपदा पीड़ित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने धराली (उत्तरकाशी) आपदा प्रभावितों के लिए राहत एवम् खा़द्य सामग्री भेजी। 2 ट्रक सहित 4 वाहनों में राहत एवम् खाद्य सामग्री लेकर विश्वविद्यालय की टीम रवाना हुई। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जब पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी समय श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने धराली (उत्तरकाशी) आपदा से पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम रखने का संकल्प लिया। मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत यह पहल तब साकार हुई, जब कुलपति डॉ. कुमुद सकलानी और रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश गंभीर ने राहत सामग्री से लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा, “संकट की इस घड़ी में एसजीआरआर परिवार के सभी सदस्या पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर सम्भव सहयोग करें। यह हमारा धर्म है, और हमारा कर्तव्य भी है।”
धराली में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को बेघर कर दिया, उनके घर, रोजगार और सपने बहा दिए। ऐसे में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने न केवल राहत सामग्री भेजने का बीड़ा उठाया, बल्कि पीड़ितों को निःशुल्क उपचार और उनके बच्चों को कुछ चयनित पाठ्यक्रमों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने का भी वचन दिया।
उत्तरकाशी जिले के बड़कोट स्थित एसजीआरआर पब्लिक स्कूल के माध्यम से यह राहत सामग्री जिसमें दवाइयां, खाद्यान्न, कंबल, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, प्रभावित गांवों तक पहुंचाई जा रही है। एसजीअरआर पब्लिक स्कूल बड़कोट की प्रधानाचार्य कमला रावत और एसजीआरआर पब्लिक स्कूल पुरोला के प्रधानाचार्य उत्तम सिंह चैहान ने एडीएम उत्तरकाशी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर राहत वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की। उत्तरकाशी जनपद के अन्तर्गत आने वाले एसजीआरआर ग्रुप के सभी संस्थानों के सभी केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे राहत और बचाव कार्यों में हर संभव योगदान दें। यह पहल केवल एक औपचारिक मदद नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है।
धराली की ठंडी हवाओं और टूटी छतों के बीच, यह राहत सामग्री पीड़ितों के लिए केवल सामान नहीं, बल्कि एक उम्मीद की किरण है, यह भरोसा कि वे अकेले नहीं हैं, पूरा एसजीआरआर परिवार उनके साथ खड़ा है।
अंकिता ने पारुल चौधरी का रिकॉर्ड तोड़कर बढ़ाया भारत का मान
नई दिल्ली। भारतीय धाविका और ओलंपियन अंकिता ध्यानी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। इस्राइल में आयोजित ग्रैंड स्लैम जेरूसलम एथलेटिक्स मीट में उन्होंने महिलाओं की 2000 मीटर स्टीपलचेज़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 23 वर्षीय अंकिता ने 6 मिनट 13.92 सेकंड का समय निकालकर पारुल चौधरी के 6:14.38 सेकंड के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इस शानदार प्रदर्शन से अंकिता ने न केवल भारत का नाम रोशन किया, बल्कि महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक भी अर्जित किए हैं, जो उन्हें अगले महीने टोक्यो में होने वाली विश्व चैंपियनशिप (3000 मीटर स्टीपलचेज़) में क्वालिफाई करने में मदद करेंगे।
भारतीय एथलेटिक्स के मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर के अनुसार, “2000 मीटर स्टीपलचेज़ में हासिल अंक 3000 मीटर स्टीपलचेज़ की विश्व रैंकिंग में भी जोड़े जाएंगे, जिससे अंकिता की राह आसान होगी।”
यह प्रतियोगिता विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर लेवल (श्रेणी बी) का हिस्सा थी। इसमें इस्राइल की एडवा कोहेन (6:15.20) दूसरे और डेनमार्क की जूलियन ह्विद (6:17.80) तीसरे स्थान पर रहीं।
अंकिता इससे पहले भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने पिछले महीने विश्व विश्वविद्यालय खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में रजत पदक जीता था और 9:31.99 मिनट का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला था। इसके अलावा वह पिछले साल ओलंपिक में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में भी हिस्सा ले चुकी हैं। वहीं, इस साल की शुरुआत में हुए राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ दोनों में स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे।
लोकसभा अध्यक्ष, रक्षा मंत्री और भाजपा अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
नई दिल्ली। आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पहुंचकर उन्हें नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कई वरिष्ठ नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक दिग्गज नेताओं ने अटल जी को श्रद्धांजलि दी। वहीं, उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य भी इस मौके पर मौजूद रहीं और भावुक होकर अपने पिता को नमन किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा – “अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। भारत की सर्वांगीण प्रगति के प्रति उनका समर्पण और सेवाभाव हमें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।”
अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक सफर
अटल बिहारी वाजपेयी 16 से 31 मार्च 1996 और फिर 19 मार्च 1998 से 13 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता थे। इंदिरा गांधी के बाद वे ऐसे इकलौते प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने तीन बार अपने नेतृत्व में पार्टी को जीत दिलाई।
25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्मे अटल जी के पास चार दशक से अधिक का संसदीय अनुभव था। 1957 से वे लगातार संसद सदस्य रहे और भारतीय राजनीति में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई।
सर्वोच्च सम्मान से हुए सम्मानित
अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्र सेवा के लिए कई पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें 1992 में पद्म विभूषण और ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ पुरस्कार मिला। 1993 में कानपुर विश्वविद्यालय ने उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी। वर्ष 2014 में उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा हुई और 2015 में राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया।
16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की आयु में अटल जी का निधन हो गया। आज भी वे अपनी दूरदर्शी नीतियों, ओजस्वी वक्तृत्व कला और राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव के लिए देशवासियों के दिलों में अमर हैं।
डीएम ने जनपद वासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
देहरादून। जनपद में 79 वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने क्लेक्ट्रेट परिसर में सुबह 9ः00 बजे ध्वजारोहण कर जनपद वासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। सभी विभागों, शिक्षण संस्थाओं, गैर सरकारी कार्यालयों में भी ध्वजारोहण किया गया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महापुरुषों को नमन करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि देश को बडे संघर्षाे, प्रयत्नों और बलिदानों के बाद आजादी मिली है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अमूल्य बलिदान को याद कर हम सबको आजादी के महत्व को समझना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आजादी एक अधिकार के साथ एक दायित्व भी है। सभी लोग पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्मठता के साथ अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण मनोयोग से निर्वहन करेंगे और भारत के नवनिर्माण में अपनी अहम भूमिका निभांए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता को बनाए रखते हुए देश के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर काम करना होगा। विकसित राष्ट्रों की भांति हम सभी को देश के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। देश के अंतिम छोर पर खडे नागरिक तक सरकार की विकासपरक योजनाएं, मूलभूत सुविधाएं, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और सोशल सर्विसेज का सुगमता से लाभ पहुंचाना होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि आजादी के इस पर्व पर हम सब विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लेकर चलें। ताकि हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना पूर्ण हो सके।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशा) जय भारत सिंह, एसडीएम अपूर्वा सिंह सहित क्लेक्ट्रेट परिसर स्थित सभी पटलों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद थे।
सीएम धामी की 6 बड़ी घोषणाएं, शिक्षा, पेयजल, मानदेय वृद्धि और आपदा प्रबंधन पर फोकस
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। सेवा के आधार पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से श्वेता चौबे, सेनानायक आईआरबी द्धितीय देहरादून, योगेश चन्द्र पुलिस उपाधीक्षक, विपिन चन्द्र पाठक, निरीक्षक नागरिक पुलिस, नरेन्द्र सिंह बिष्ट, निरीक्षक नागरिक पुलिस, राकेश चन्द्र भट्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, अजय प्रकाश सेमवाल, लीडिंग फायरमैन और सुनीत कुमार, मुख्य आरक्षी को सम्मानित किया गया।
विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से शेखर चन्द्र सुयाल , अपर पुलिस अधीक्षक, राजेन्द्र सिंह खोलिया, निरीक्षक नागरिक पुलिस, कैलाश चन्द्र भटट्, निरीक्षक नागरिक पुलिस, मनोहर सिंह रावत, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, ओमकान्त भूषण,उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, दीपक कुमार, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, गोपाल राम मुख्य आरक्षी, अमरजीत, आरक्षी और राहुल, आरक्षी को सम्मानित किया गया गया। विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों प्रिया राणा, मनीषा चौहान, राहुल सरनालिया, अमीषा चौहान विशम कश्यप, अमित बेलवाल और महक चौहान को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्यहित में 06 घोषणाएं की
1. राज्य के उन विद्यालयों में, जहाँ मिड-डे मील योजना के तहत भोजन बनाने के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ राज्य सरकार द्वारा दो गैस सिलेंडर और एक चूल्हा उपलब्ध कराया जाएगा।
2. राज्य के अंतर्गत उन विधानसभा क्षेत्रों में, जहाँ पेयजल आपूर्ति में कठिनाई है, वहाँ प्रत्येक क्षेत्र में 10-10 हैंडपंप स्थापित किए जाएंगे।
3. ग्राम चौकीदार एवं ग्राम प्रहरी के मानदेय में एक हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।
4. सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत ब्लॉक प्रतिनिधियों के मानदेय में दो हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।
5. राज्य में दूरस्थ व रोजगार मूलक उच्च शिक्षा के समग्र विकास और प्रचार-प्रसार के लिए जनपद स्तर पर राज्य सरकार द्वारा विशेष शैक्षणिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संचालन व समन्वय उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।
6. ’गंगोत्री ग्लेशियर सहित प्रदेश के अन्य हिमालयी ग्लेशियर एवं उनके समीपवर्ती क्षेत्रों का नियमित अध्ययन कराया जाएगा,साथ ही प्रीडेक्टिव और प्रोएक्टिव आपदा प्रबंधन हेतु आपदा प्रबंधन विभाग को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण किया और उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने उत्तरकाशी के धराली सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित हुए सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की कठिन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने तत्परता, समर्पण और साहस के साथ राहत एवं बचाव का कार्य किया, इसके लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को पूरी संवेदना के साथ और तेज गति से किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की 78 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा में देशवासियों के अदम्य साहस, अटूट समर्पण और निरन्तर परिश्रम के बल पर हमारा राष्ट्र अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, वर्ष 2047 तक भारत पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होने के संकल्प के साथ, तीव्र गति से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। रक्षा, विज्ञान, तकनीकी कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में देश तेजी से कार्य हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भारत एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना का मनोबल बढ़ाने के साथ ही देश को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरी दुनिया ने देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। राज्य सरकार विकसित उत्तराखंड के मंत्र के साथ राज्य को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को बेहतर बनाने का कार्य किया गया है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियो के द्वारा उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर राज्य में कई नई योजनाओं को लागू किया है। प्रदेश धार्मिक पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म ,फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्र में देश के एक विशिष्ट हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उद्यमियों के साथ 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गये। डेढ़ वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं। किच्छा खुरपिया फार्म में हजार एकड़ से अधिक भूमि पर एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप के अनुकूल इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के साथ ही 200 करोड़ के वेंचर फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि को खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। प्रदेश को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में नई योग नीति लागू की है। प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ’’स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’’ की स्थापना की जा रही है। “हाउस ऑफ हिमालयाज ’’ ब्रांड राज्य के सभी आर्गेनिक उत्पादों को एक छत के नीचे लाने में कारगर सिद्ध हुआ है। ’’होम स्टे योजना’’ के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं ने स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि उपकरण खरीदेने के लिए “फार्म मशीनरी बैंक“ योजना से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया गया है। 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ’स्टेट मिलेट मिशन’ और ’ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को राज्य में लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन हमारी अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तम्भ है, इसके लिए “नई पर्यटन नीति’’ बनाई गई है। केदारखंड और मानसखंड मंदिरमाला मिशन पर तेजी से कार्य हो रहे हैं। हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर परियोजना पर भी कार्य किया जा रहा है। अपुणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन,1905, एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064, डिजिटल उत्तराखंड ऐप जैसी विभिन्न पारदर्शी व्यवस्थाओं के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, वंदे भारत एक्सप्रेस, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, भारतमाला और पर्वतमाला परियोजना, अमृत योजना, ऑल वेदर रोड और उड़ान योजना जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले चार वर्षो में लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं। प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। सरकार के सतत प्रयासों से राज्य की जी.एस.डी.पी. में 1.3 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 11.33 प्रतिशत बढोत्तरी हुई है। देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून लागू करने का ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी सरकार पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। धर्मांतरण रोधी कानून को और अधिक सख्त बनाने का निर्णय लिया है। सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। ’ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, नरेश बंसल, विधायक खजानदास, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, सचिवगण, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
एनएचआईडीसीएल की टीम मलबा हटाने में जुटी
चमोली। चमोली जनपद में भले ही आज मौसम सामान्य है, लेकिन बदरीनाथ हाईवे एक बार फिर अवरुद्ध हो गया है। पीपलकोटी के भनेरपाणी क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आने से मार्ग सुबह 9 बजे से बंद पड़ा है। इसके चलते बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ओर जा रहे करीब 300 यात्री हाईवे के दोनों ओर फंसे हुए हैं और मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि भनेरपाणी क्षेत्र में हाईवे की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है। यहां लगभग 30 मीटर हिस्से में लगातार भूस्खलन हो रहा है। शुक्रवार को भी भारी मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। एनएचआईडीसीएल की टीम जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी है, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति के रंग में रंगी बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का पहला पोस्टर और रिलीज डेट जारी कर दी गई है। मेकर्स ने इस खास मौके पर फिल्म का फर्स्ट लुक शेयर करते हुए दर्शकों को आजादी की शुभकामनाएं दीं, जो देशभक्ति के जज्बे को और गहरा कर देती हैं।
पोस्टर में सनी देओल पगड़ी बांधे, कंधे पर तोप उठाए, आंखों में अदम्य साहस और देश के लिए कुछ भी कर गुजरने का जज्बा लिए नजर आ रहे हैं। पृष्ठभूमि में गूंज रहा ‘हिंदुस्तान हिंदुस्तान’ का सुर माहौल को और भावुक बना देता है। साथ ही सेना के जवान तिरंगा लहराते दिखाई दे रहे हैं। फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
(साभार)
देहरादून। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भव्य ध्वजारोहण किया। इस मौके पर पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का उत्साह और जोश देखने को मिला। समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।
अपने ऐतिहासिक संबोधन में सीएम धामी ने राज्य की अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया और विकास की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की। समारोह में बड़ी संख्या में नागरिक, अधिकारी, पुलिसकर्मी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
गगनयान मिशन से सेमीकंडक्टर चिप तक, मोदी बोले – ‘भारत आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रहा’
नई दिल्ली। 15 अगस्त 2025 को भारत ने आजादी के 79 वर्ष पूरे किए और देशभर में उत्सव का माहौल रहा। राजधानी दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। 103 मिनट के अपने अब तक के सबसे लंबे भाषण में पीएम मोदी ने अंतरिक्ष मिशन से लेकर रोजगार सृजन, रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों और तकनीकी आत्मनिर्भरता तक, कई अहम मुद्दों पर सरकार का रोडमैप साझा किया।
अंतरिक्ष में आत्मनिर्भर भारत
प्रधानमंत्री ने गगनयान मिशन की तैयारियों और अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में हो रहे काम का जिक्र किया। उन्होंने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की हालिया वापसी पर गर्व जताया और बताया कि देश के 300 से अधिक स्टार्टअप अंतरिक्ष क्षेत्र में सक्रिय हैं।
युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ की योजना
पीएम मोदी ने “प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना” की शुरुआत की घोषणा की। इसके तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये की सहायता और रोजगार बढ़ाने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह योजना करीब 3.5 करोड़ नए रोजगार अवसर सृजित करेगी।
ऑपरेशन सिंदूर में ‘मेड इन इंडिया’ का कमाल
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों ने दुश्मन को चौंका दिया। पिछले दशक में रक्षा निर्माण में हुई प्रगति को उन्होंने गर्व का विषय बताया।
सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में भारत की छलांग
प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि साल के अंत तक भारत में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स बाजार में आएंगी। छह विनिर्माण इकाइयों में से चार को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा रहा है।
