मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पूरी सरकार आपदा पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है- श्याम अग्रवाल
उत्तरकाशी। आवास सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) श्याम अग्रवाल ने उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अपना एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान किया है।
राज्यमंत्री श्याम अग्रवाल ने कहा धराली में हाल ही में आई इस विनाशकारी आपदा ने कई घरों को उजाड़ दिया, लोगों की आजीविका छीन ली और जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। राज्य सरकार ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में SDRF, ITBP, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, बिजली, पेयजल समेत सभी विभाग लगातार प्रभावित इलाकों में डटे हुए हैं।
इसी दौरान, राज्यमंत्री श्याम अग्रवाल ने मुख्यमंत्री आवास पर धामी को एक माह के वेतन का चेक सौंपा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पूरी सरकार आपदा पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। इस कठिन समय में हमारे द्वारा दिया गया यह योगदान भले ही गिलहरी के प्रयास जैसा हो, लेकिन यह हमारी संवेदना और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
राज्यमंत्री अग्रवाल ने आपदा में दिवंगत हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि सरकार हर समय उनकी मदद के लिए तत्पर है, चाहे वह राहत सामग्री हो, पुनर्वास हो या आजीविका के नए साधन उपलब्ध कराना हो। उन्होंने कहा कि आपदा पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक कि उनका जीवन पटरी पर न लौट आए।
डिजिटल उत्तराखण्ड एप और 66 नई वेबसाइट की लॉन्च
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल उत्तराखण्ड एप का उद्घाटन किया और S3Waas प्लेटफॉर्म आधारित 66 नई वेबसाइटों को लॉन्च किया।
सीएम धामी ने नगरीय कूड़ा उठाने वाले वाहनों की जीआईएस आधारित रियल टाइम ट्रैकिंग वेब एप की शुरुआत भी की, जिससे स्वच्छता प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
इसके अलावा, 1905 सीएम हेल्पलाइन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नवाचार को जोड़ा गया, जिससे शिकायत निस्तारण और सेवा वितरण की प्रक्रिया और तेज होगी। अतिक्रमण की निगरानी के लिए एक वेब बेस्ड एप्लीकेशन का भी शुभारंभ किया गया, जिससे अवैध कब्जों पर समय रहते कार्रवाई संभव होगी।
अक्षय कुमार और अरशद वारसी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ का टीजर आखिरकार रिलीज हो गया है, और इस बार कहानी में ट्विस्ट यह है कि कोर्ट में दो-दो जॉली आमने-सामने होंगे। सुभाष कपूर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में हंसी, तंज और कोर्टरूम ड्रामा का तड़का पहले से कहीं ज्यादा है।
टीजर की झलक
1 मिनट 30 सेकंड के इस टीजर की शुरुआत कोर्ट की सुनवाई से होती है, जहां मेरठ के जगदीश त्यागी उर्फ जॉली (अरशद वारसी) की एंट्री स्कूटर पर होती है। इसके बाद आते हैं सौरभ शुक्ला, अपने मशहूर जज वाले अंदाज में। फिर लखनऊ के जगदेश्वर मिश्रा उर्फ जॉली (अक्षय कुमार) डिफेंस के वकील के रूप में कोर्ट में उतरते हैं, और शुरू हो जाती है दोनों के बीच तगड़ी बहस। टीजर में हल्के-फुल्के अंदाज में कहानी की झलक मिलती है, जो संकेत देती है कि इस बार मज़ा तीन गुना होगा।
कब आएगी फिल्म?
19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही ‘जॉली एलएलबी 3’ में अक्षय, अरशद और सौरभ के साथ हुमा कुरैशी और अमृता राव भी नज़र आएंगी।
फ्रेंचाइजी का सफर
2013 में पहली बार ‘जॉली एलएलबी’ में अरशद वारसी, सौरभ शुक्ला और बोमन ईरानी की तिकड़ी ने दर्शकों का दिल जीता। 2017 में आए सीक्वल में अक्षय कुमार ने जॉली का किरदार निभाया। अब करीब आठ साल बाद, तीसरे पार्ट में दोनों जॉली एक साथ कोर्ट में भिड़ेंगे।
(साभार)
मुख्यमंत्री धामी से मिला स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधिमंडल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹ 51 लाख की धनराशि का योगदान दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी द्वारा दिए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निश्चित रूप से विभिन्न संस्थाओं द्वारा आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए दिया जा रहा यह सहयोग सराहनीय है।
धराली और ऋषिगंगा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों का तत्काल विश्लेषण करने के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत को निर्देश दिए कि धराली (उत्तरकाशी) के ऊपर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित ग्लेशियर और ग्लेशियर लेक का तत्काल विश्लेषण कर यथास्थिति से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर पिघलने से बनने वाली झीलों और उनसे संभावित खतरों का त्वरित आंकलन आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से जान-माल की हानि रोकी जा सके।
मुख्य सचिव ने धराली और ऋषिगंगा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता पर लेकर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रदेशभर के ऐसे ऊंचाई वाले स्थानों को भी चिन्हित करने को कहा, जहां झील बनने या उसके विस्तार की आशंका है। इस कार्य के लिए उत्तराखण्ड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (यू-सैक) को नोडल एजेंसी नामित किया गया है और इसे मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी), इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट (आईआरएसएस) और इसरो से सहयोग लिया जाएगा। ऊंचाई पर स्थित झीलों की मॉनिटरिंग के लिए सेंसर लगाने के कार्य में तेजी लाने और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) से भी मदद लेने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, युगल किशोर पंत एवं विनोद कुमार सुमन उपस्थित रहे, जबकि आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को मिलेगा वैश्विक बाजार- मुख्यमंत्री
प्रदेश में 1.63 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
तीन वर्षों में 15 हज़ार उद्यमियों को मिलेगा इन्क्यूबेशन सहयोग – मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अन्तर्गत सराहनीय कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया और उनसे संवाद भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का शुभंकर एवं लोगो लॉन्च किया तथा हाउस ऑफ हिमालयाज के नये उत्पाद एवं वेबसाइट का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य हुआ है। जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो वह पूरे समाज को सशक्त बनाने का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर उद्यमिता और नौकरियों तक में प्रदेश की महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अन्तर्गत आगामी तीन वर्षों में 15 हज़ार से अधिक उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अंतर्गत उन्हें व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण, कानूनी एवं लाइसेंसिंग सहयोग, को-वर्किंग स्पेस, निवेश सहायता और स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक विपणन के लिए एक मजबूत नेटवर्क उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल की पहल के अंतर्गत, लखपति दीदी के संकल्प को साकार करने तथा स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य में हाउस ऑफ हिमालयाज अम्ब्रेला ब्रांड बनाया गया है। इसके अंतर्गत अभी 35 उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। शीघ्र ही हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद विश्व के अन्य देशों में भी निर्यात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में 68 हज़ार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 5 लाख महिलाएं संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 2023 में शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से हमारी बहनों ने विभिन्न आयोजनों में 27 हज़ार से अधिक स्टॉल लगाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री की है। प्रदेश की 1 लाख 63 हज़ार से अधिक बहनें लखपति बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु 49 ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की गई है। इन उत्पादों के प्रभावी विपणन के लिए 13 जनपदों में 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट्स, 17 सरस सेंटर, 3 राज्य स्तरीय विपणन केंद्र तथा 8 बेकरी यूनिट्स का भी संचालन किया जा रहा है। केंद्र सरकार की वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं।
अल्मोड़ा की सीमा कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर वे पिछले 5 वर्षों में 18 लाख रुपये की आमदनी कर चुकी हैं। बागेश्वर की दया दानू ने कहा कि उनके साथ 400 महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं और एक वर्ष में सबने मिलकर एक करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। चम्पावत की हेमा उपाध्याय ने कहा कि वे एग्रो टूरिज्म पर कार्य कर रही हैं। पॉली हाउस और होमस्टे के माध्यम से उन्हें हर साल 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। कोरोना के दौरान उन्होंने अपने पति के साथ रिवर्स पलायन किया था। चमोली की रेखा नेगी ने कहा कि स्टॉल के माध्यम से उन्हें स्थानीय उत्पादों पर अच्छी आय प्राप्त हो रही है। देहरादून की किरण राणा ने कहा कि उन्हें मशरूम उत्पादन से काफी फायदा हुआ है और उनके साथ 34 महिलाएं कार्य कर रही हैं। हरिद्वार की छवि ने बताया कि उन्होंने रेस्टोरेंट के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया था, जिस पर उन्हें 6 लाख रुपये की सब्सिडी मिली। नैनीताल की किरण जोशी ने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए रेशम उत्पादों से उन्होंने पिछले 9 माह में 8 लाख रुपये का व्यवसाय किया है।
इस अवसर पर विधायक खजानदास, सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा, आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव झरना कमठान तथा ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश में 96 सड़कें बंद, 514 मशीनें राहत कार्य में लगीं
पौड़ी गढ़वाल। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने भारी बारिश के कारण पाबौ-झंगबो-गढीगांव-पिनानी सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर जिलाधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र कनेक्टिविटी बहाल करने के निर्देश दिये हैं।
लोनिवि मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक ने बताया कि भारी बरसात से प्रदेश में कई जगहों पर भूस्खलन होने की वजह से सड़कें क्षतिग्रस्त होने से मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना मिल रही है। जनपद पौड़ी चौबट्टाखाल के अन्तर्गत पाबौ-झंगबो-गढीगांव-पिनानी सड़क के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही उसे ठीक कर कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए जिलाधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। मौके पर सड़कों को खोलने के लिये मशीनें पहुंच चुकी हैं और सड़कों को दुरुस्त करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है।
लोक निर्माण मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक ने जानकारी देते हुये बताया कि प्रदेश में सोमवार को 02 राष्ट्रीय राजमार्ग, 20 राज्य मार्ग, 09 मुख्य जिला मार्ग, 06 अन्य जिला मार्ग और 58 ग्रामीण मार्ग सहित कुल 96 मार्ग अवरुद्ध हैं जिन्हें खोलने के लिये लगातार युद्धस्तर पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि 514 मशीनें विभिन्न महत्वपूर्ण एवं मार्ग बन्द होने के सम्भावित स्थानों पर तैनात की गयी हैं और सभी प्रभावित क्षेत्रों में अधिशासी अभियन्ताओं को अवरूद्ध मार्गों को प्राथमिकता से खोलने के निर्देश दिये गये हैं।
एक महीने में दूसरी घटना, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
देवप्रयाग। टिहरी के देवप्रयाग ब्लॉक के गढ़ाकोट गांव में जंगली भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह भालू ने दूसरी बार हमला कर एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल महिला को तत्काल श्रीनगर बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि घटना से गांव में दहशत का माहौल है।
ग्राम प्रधान विजय सिंह असवाल के मुताबिक, सुबह करीब नौ बजे गांव की गुड्डी देवी (45) पत्नी जोत सिंह मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल की ओर गई थीं। सड़क के नीचे घनी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। उनके शोर मचाने पर पास में मौजूद अन्य महिलाओं ने साहस दिखाते हुए उन्हें किसी तरह भालू के चंगुल से छुड़ाया।
गुड्डी देवी को गंभीर चोटें आईं और ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इससे पहले, 1 जुलाई को भी गांव की रजनी असवाल (38) पर भालू ने हमला कर घायल कर दिया था। वन क्षेत्राधिकारी एम.एस. रावत के अनुसार, जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए वन विभाग लगातार गश्त कर रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
टाइगर श्रॉफ के चाहने वालों का लंबा इंतज़ार खत्म हो गया है। एक्शन और रोमांच से भरपूर ‘बागी’ फ्रैंचाइज़ी की चौथी किस्त का टीज़र 11 अगस्त को लॉन्च कर दिया गया। करीब 1 मिनट 49 सेकंड के इस वीडियो में टाइगर अपने दुश्मनों पर बिना किसी रहम के कातिलाना वार करते नज़र आ रहे हैं। उनका आक्रामक अंदाज़ और तेज़तर्रार मूव्स दर्शकों में जोश भर देते हैं।
शुरुआत से ही रोंगटे खड़े कर देने वाला माहौल
टीज़र की शुरुआत टाइगर के दमदार डायलॉग— “जरूरत और जरूरी में फर्क होता है”—से होती है। इसके बाद स्क्रीन पर हथियारों की चमक और जबरदस्त फाइट सीक्वेंस छा जाते हैं। हर फ्रेम में टाइगर की गुस्से से भरी आंखें और बेजोड़ एक्शन स्किल्स, फिल्म को लेकर उत्सुकता को दोगुना कर देते हैं।
खलनायक के रूप में संजय दत्त का जलवा
टीज़र में संजय दत्त एक खतरनाक विलेन के रूप में नज़र आते हैं, जिनके साथ टाइगर की भिड़ंत देखने लायक है। वहीं, सोनम बाजवा अपनी स्क्रीन प्रेज़ेंस से ग्लैमर और एक्शन दोनों का तड़का लगाती हैं। हरनाज संधू भी इस बार सिर्फ खूबसूरती ही नहीं, बल्कि दमदार एक्शन के साथ सरप्राइज़ पैकेज बनकर उभर रही हैं।
रिलीज़ डेट और टीम
‘बागी 4’ का निर्देशन ए. हर्ष ने किया है और इसे साजिद नाडियाडवाला ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में टाइगर श्रॉफ, सोनम बाजवा, संजय दत्त और हरनाज संधू अहम भूमिकाओं में हैं। यह एक्शन से भरपूर फिल्म 5 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।
(साभार)
बीकेटीसी ने श्री तुंगनाथ मंदिर संरक्षण संबंधी डीपीआर हेतु सीबीआरआई से किया संपर्क- हेमंत द्विवेदी
रूद्रप्रयाग। समुद्र तल से 12074 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार के नाम से विख्यात श्री तुंगनाथ मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार – रखरखाव हेतु श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) ने प्रयास तेज कर दिये है।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बीकेटीसी श्री तुंगनाथ मंदिर के सरंक्षण एवं रखरखाव हेतु प्रतिबद्ध है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) दिल्ली तथा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के निर्माण और विकासात्मक गतिविधियों के लिए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रही है और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और सीबीआरआई द्वारा पहले भी श्री तुंगनाथ मंदिर क्षेत्र का दौरा किया जा चुका है।
बताया कि सीबीआरआई की तकनीकी सहायता से बीकेटीसी द्वारा श्री तुंगनाथ मंदिर संरक्षण,रखरखाव एवं निर्माण कार्य किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले माह बीकेटीसी ने सीबीआरआई को श्री तुंगनाथ मंदिर के रखरखाव संरक्षण हेतु निरीक्षण आख्या एवं उपचारात्मक उपायों की रूप रेखा प्रेषित करते हुए डीपीआर बनाने का अनुरोध किया था जिस पर कार्य गतिमान है।
तुंगनाथ के संरक्षण, रखरखाव परियोजना में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोजीत सामंत, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देबदत्त घोष, निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार और सीबीआरआई की विशेषज्ञ टीम शामिल है।
