दर्शकों के लंबे इंतज़ार के बाद सोनाक्षी सिन्हा और सुधीर बाबू की पौराणिक थ्रिलर ‘जटाधरा’ का बहुप्रतीक्षित टीजर जारी हो गया है। टीजर में सोनाक्षी सिन्हा अपने अब तक के सबसे अलग और आक्रामक अंदाज में नजर आ रही हैं। माथे पर लाल तिलक, भारी गहनों से सजी और हाथ में चमकती तलवार थामे, वह दुश्मनों पर क्रोधपूर्ण प्रहार करती दिखती हैं। उनकी आंखों में उभरता गुस्सा और दृढ़ता दर्शकों को तुरंत कहानी से जोड़ देता है।
टीजर का दूसरा बड़ा आकर्षण हैं सुधीर बाबू, जो शिव भक्त के रूप में स्क्रीन पर उतरते हैं। गले में रुद्राक्ष, माथे पर तिलक और हाथ में त्रिशूल लिए वह सोनाक्षी के किरदार के सामने युद्धरत दिखाई देते हैं। यह टकराव फिल्म की कहानी का अहम मोड़ संकेत देता है।
पौराणिक कथाओं में लिपटी डार्क फैंटेसी
‘जटाधरा’ भारतीय पौराणिक कथाओं को रोमांचक एक्शन, डार्क फैंटेसी और आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के साथ पिरोने का प्रयास है। पोस्टर और टीजर में गरजते बादल, त्रिशूल की चमक और देवत्व से भरे दृश्य कहानी को रहस्यमय और भव्य बनाते हैं।
निर्माण और रिलीज़
जी स्टूडियोज और प्रेरणा अरोड़ा के प्रोडक्शन में बनी, वेंकट कल्याण और अभिषेक जायसवाल द्वारा निर्देशित यह फिल्म शानदार VFX और सिनेमैटिक अनुभव का वादा करती है। टीजर 8 अगस्त 2025 को रिलीज हुआ है, जबकि फिल्म इस साल के अंत तक सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है।
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तीन दिनों से उत्तरकाशी में डटे मुख्यमंत्री, हेलीकॉप्टर से लगातार राहत सामग्री भेजी जा रही
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी और निर्देशन में आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री तीन दिन से उत्तरकाशी में ही प्रवास कर स्वयं रेस्क्यू अभियान की कमान संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह जिला मुख्यालय उत्तरकाशी के निकटवर्ती मातली हेलिपैड में जाकर रेस्क्यू अभियान को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए और हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री की खेप रवाना करवाई।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आपदा प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए मातली हेलीपैड से सुबह सात बजे से हेलिकॉप्टर्स की आवाजाही का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर तक 128 लोगों को हर्षिल से हेलिकॉप्टर के जरिए मातली हैलिपैड पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री रेस्क्यू अभियान का जायजा लेने के लिये आज फिर से धराली क्षेत्र के भ्रमण पर रवाना हुए हैं।
आपदाग्रस्त धराली क्षेत्र में प्रभावितों को राहत पहुँचाने और लापता लोगों की खोजबीन का अभियान युद्धस्तर पर जारी है। बुनियादी सुविधाओं तथा संचार व्यवस्था की बहाली के लिए विभिन्न एजेंसियां निरंतर जुटी हुई हैं। हर्षिल बगोरी में मोबाईल सेवा बहाल कर दी गई है।
राजधानी को मिला राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर, बदल रही मासूमों की तकदीर
देहरादून — जिलाधिकारी सविन बसंल के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने भिक्षावृत्ति एवं बाल मजदूरी उन्मूलन अभियान के तहत एक सराहनीय पहल की है। इस अभियान के अंतर्गत भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए माइक्रो प्लान के तहत साधु राम इंटर कॉलेज में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर की स्थापना की गई है।
इस सेंटर में आधुनिक शिक्षा प्रणाली, कंप्यूटर लैब, संगीत, योग, खेल, प्रोजेक्टर आधारित शिक्षण और अन्य क्रियात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। अब तक 57 बच्चों को मानसिक सुधार (माइंड रिफॉर्म) कर नियमित स्कूलों में दाखिला दिलाया जा चुका है, जबकि लगभग 50 बच्चे वर्तमान में इस सेंटर में विशेषज्ञ शिक्षकों से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
सितंबर से अब तक 300 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति और बालश्रम से रेस्क्यू किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी रोकना न केवल एक आधिकारिक जिम्मेदारी है, बल्कि एक नैतिक दायित्व भी है। उनका लक्ष्य जिले को हर हाल में भिक्षावृत्ति और बालश्रम मुक्त बनाना है।
राजधानी में तैयार यह राज्य का पहला आधुनिक सुविधाओं से लैस इंटेंसिव केयर सेंटर है, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है— “भिक्षावृत्ति और बालश्रम से मुक्त कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना ही हमारा लक्ष्य है।”
राहुल गांधी ने सीसीटीवी-वेबकास्टिंग फुटेज सिर्फ 45 दिन रखने के नियम पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा एक वीडियो के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी सिर्फ चुनावी गड़बड़ी नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया गंभीर विश्वासघात है। राहुल ने लिखा, “देश के गुनहगार सुन लें—वक्त बदलेगा, सजा जरूर मिलेगी।”
राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार सत्ता मिली। उन्होंने दावा किया कि मोदी महज 25 सीटों के अंतर से प्रधानमंत्री बने और आयोग ने कर्नाटक के महादेवपुर विधानसभा क्षेत्र में मतगणना से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराने से इनकार किया।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग चुनावी प्रक्रिया के सीसीटीवी व वेबकास्टिंग फुटेज को केवल 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का नियम बनाकर सबूत मिटाने की कोशिश कर रहा है, जबकि इसी अवधि में अदालत में चुनाव परिणाम को चुनौती दी जा सकती है।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी को शपथ पत्र के साथ सबूत पेश करने को कहा है। इसी तरह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव-2024 से जुड़े मतदाता धोखाधड़ी के मामले में भी उनसे शपथ पत्र और प्रमाण मांगे गए हैं।
भाजपा का पलटवार
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी के आरोपों को गंभीरता से लेने से इनकार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कानूनी प्रक्रिया का सहारा क्यों नहीं लिया? उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी ने न तो आपत्ति दर्ज कराई और न ही कोई चुनाव याचिका दायर की, फिर अब आयोग पर चुनिंदा हमला क्यों किया जा रहा है?
चार जन औषधि केंद्रों और एक अन्य मेडिकल स्टोर पर दवा की खरीद-बिक्री पर रोक
देहरादून। प्रदेश में नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की क्विक रिस्पांस टीमों ने ऋषिकेश और हरिद्वार में नौ औषधि विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी कर गंभीर अनियमितताएं पकड़ीं। कार्रवाई के तहत चार जन औषधि केंद्रों और एक अन्य मेडिकल स्टोर पर दवा की खरीद-बिक्री पर रोक लगाते हुए उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई, जबकि दो अन्य प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया।
एफडीए आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देश पर गठित क्विक रिस्पांस टीमें लगातार प्रदेशभर में नकली और सब-स्टैंडर्ड दवाओं की रोकथाम के लिए अभियान चला रही हैं। हालिया निरीक्षण में ज्वालापुर और कनखल स्थित जन औषधि केंद्रों के अलावा ऋषिकेश क्षेत्रांतर्गत नेपाली फार्म व आसपास के मेडिकल स्टोर्स में भी गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। जिन फर्मों पर कार्रवाई हुई, वहां पाई गई कमियों पर स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।
इस अभियान में सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सुधीर कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, विनोद जगुड़ी, हरीश सिंह, निधि रतूड़ी काला और मेघा शामिल रहे।
हेलीकॉप्टरों से युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू अभियान
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार प्रातः काल धराली में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि हेली सेवा, एमआई-17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों की मदद से सुबह से ही युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से हर संभव सहयोग मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क, संचार और बिजली आपूर्ति की बहाली के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी प्रभावितों को शीघ्र सुरक्षित निकाला जाएगा और सामान्य जनजीवन को बहाल करने के लिए हरसंभव प्रयास जारी हैं।
आपदा प्रभावित क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं विद्युत, पेयजल आपूर्ति , संचार कनेक्टीविटी को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर करे बहाल- मुख्यमंत्री
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात्रि आपदा कंट्रोल रूम उत्तरकाशी पहुंचकर जनपद में चल रहे आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल रूम से वीसी के माध्यम से मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने हर्षिल धराली में बादल फटने से आयी प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत अभियानों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राहत सामग्री और बचाव दल की प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। उन्होंने बादल फटने, भूस्खलन और भारी बारिश के कारण प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उनके लिए भोजन, पानी और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में कनेक्टिविटी को सुचारू करने के लिए जल्द से जल्द विसेट और जेनसेट को धराली हर्षिल क्षेत्र पहुंचाने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को आपदा प्रबंधन की तैयारियों और अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल,राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, आईटीबीपी , पुलिस सहित सभी संबंधित एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्र में तैनात हैं और लगातार राहत कार्यों में लगी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी आपदा से निपटने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना बनाने के लिए भी कहा, जिसमें पूर्वानुमान प्रणाली और संचार नेटवर्क को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें ताकि राहत कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्र से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मातली एवं देहरादून लाए जा रहे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा लगातार आपदा की स्थिति की जानकारी ली जा रही है तथा आपदा की इस स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वाशन दिया है।
मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर रोड कनेक्टीविटी को बहाल करने तथा धराली हर्षिल क्षेत्र में मूलभूत सुविधा विद्युत, जल, संचार सेवाओं की बहाली को लेकर संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं |
पौड़ी गढ़वाल के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचे सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित लोगों से मिलकर, हर संभव सहायता का दिया आश्वासन
टूटे और पथरीले रास्ते भी नहीं रोक पाए मुख्यमंत्री के कदम
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पौड़ी जनपद के आपदाग्रस्त क्षेत्र सैंजी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से उनका हालचाल पूछते हुए क्षति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावितों के आंसू पूछते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हर समय उनके साथ हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की कमी न हो। इससे पूर्व उन्होंने हेलीकाप्टर से थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
विगत दिनों हुई अतिवृष्टि से जनपद में जान माल की हानि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सीधे पौड़ी जिले के आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे। हेलीकाप्टर से भरसार हैलीपैड में उतरने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से आपदा प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हुए।
मुख्यमंत्री ने नौठा में बुराँसी के आपदा प्रभावित और अन्य ग्रामीणों से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बुराँसी के पांच आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चेक दिये।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सैंजी गांव में पैदल ही क्षतिग्रस्त रास्ते से गुजरते हुए आपदा प्रभावित परिवारों के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। इस दौरान प्रभावित परिवारों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और त्वरित गति से राहत कार्य हेतु धन्यवाद दिया। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोगों ने प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर शरण ली है।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित महिलाओं के आंसू पोछते हुए उनका ढाँढस बांधा और कहा कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी खुद को अकेला न समझे, पूरा राज्य पीड़ितों के साथ खड़ा है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावितों के पुनर्वास एवं विस्थापन की कार्यवाही त्वरित गति से की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से हुई क्षति का आकलन करवाए जाने के साथ साथ सर्वप्रथम ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने की कार्यवाही प्रारंभ की जाय। उन्होंने कहा कि प्रशासन तत्परता से लोगों की मदद करे, जिससे जनजीवन सामान्य हो सके। साथ ही कहा कि वाडिया इंस्टीट्यूट को सर्वे करने के लिए कहा जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट्स नियमित रूप से भ्रमण करें, ताकि बीमार, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा विशेष रूप से प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार समय से मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार किट और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए।
कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुनर्वास के लिए एक समिति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के दुकानों मकानों को क्षति पहुंची है, उनके लिए प्राथमिकता से प्रयास किए जाएंगे।
जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि क्षेत्र में प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर ली गई है तथा राहत सामग्री और धनराशि वितरित की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि हर गांव तक प्रशासन की टीम पहुंच रही है और किसी को भी राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
मानसून की फुहारें जहां गर्मी से राहत देती हैं, वहीं बालों के लिए यह मौसम एक नई चुनौती बनकर सामने आता है। हवा में मौजूद अधिक नमी और लगातार गीलापन बालों को कमजोर बनाता है, जिससे बाल झड़ने, टूटने और संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप इस मौसम में अपने बालों की देखभाल के लिए कुछ खास उपाय अपनाएं।
1. बारिश में भीगने के बाद साफ पानी से धोना है जरूरी
बारिश का पानी अक्सर प्रदूषण, धूल और रसायनों से भरा होता है, जो बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। बारिश में भीगने के तुरंत बाद बालों को साफ पानी से धोकर सुखा लेना चाहिए, ताकि डैंड्रफ और स्कैल्प संक्रमण से बचा जा सके।
2. हल्के तेल से करें मसाज, हेवी ऑयल से बचें
नमी भरे इस मौसम में भारी तेल लगाने से बाल और भी चिपचिपे हो सकते हैं। नारियल, बादाम या आर्गन ऑयल जैसे हल्के तेलों से हल्की मसाज सप्ताह में एक या दो बार करना फायदेमंद होता है। ध्यान रखें कि तेल को अधिक देर तक न छोड़ें, वरना स्कैल्प में गंदगी जम सकती है।
3. सल्फेट-मुक्त शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करें
सल्फेट वाले शैंपू बालों के प्राकृतिक तेल को हटा देते हैं, जिससे बाल रूखे और कमजोर हो जाते हैं। मानसून में सौम्य और सल्फेट-फ्री शैंपू से बाल धोएं और हर बार कंडीशनर जरूर लगाएं ताकि बालों में नमी बनी रहे।
4. गीले बालों में न करें कंघी, साझा न करें तौलिया
गीले बाल सबसे कमजोर होते हैं, ऐसे में उनमें कंघी करने से वे टूट सकते हैं। बाल सुखाने के लिए तौलिया को हल्के हाथों से इस्तेमाल करें। तौलिया और कंघी को किसी के साथ साझा न करें, इससे फंगल इंफेक्शन का खतरा रहता है।
5. ड्रायर का उपयोग सीमित करें, और करें ‘कूल मोड’ पर
हीट स्टाइलिंग टूल्स बालों की नमी छीनकर उन्हें और ज्यादा डैमेज कर सकते हैं। अगर ड्रायर का उपयोग करना हो तो हमेशा ‘कूल मोड’ चुनें और अत्यधिक गर्मी से बचें।
6. खुले बालों से बचें, बनाएं सुरक्षात्मक हेयर स्टाइल
मानसून में खुले बाल गंदगी और नमी को जल्दी आकर्षित करते हैं। इस मौसम में चोटी, बन या जूड़ा जैसी स्टाइल से बालों को सुरक्षित रखा जा सकता है। यह बालों के उलझने और टूटने से भी बचाते हैं।
7. हफ्ते में एक बार हेयर मास्क जरूर लगाएं
त्वचा विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार मीणा के अनुसार, मानसून में बालों को खास हाइड्रेशन और पोषण की जरूरत होती है। सप्ताह में एक-दो बार डीप कंडीशनिंग या हेयर मास्क लगाने से बालों की जड़ों को मजबूती मिलती है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार भी जरूरी है।
निष्कर्ष:
मानसून में बालों की देखभाल थोड़ी मेहनत जरूर मांगती है, लेकिन सही उपायों और थोड़ी सावधानी से आप इस मौसम में भी अपने बालों को मजबूत, स्वस्थ और चमकदार बनाए रख सकते हैं।
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70 से ज्यादा घायलों का इलाज, गंभीर मरीजों को किया गया रेफर
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित और प्रभावी चिकित्सा राहत कार्यों का संचालन करते हुए अनुकरणीय तत्परता का परिचय दिया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार स्वयं पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वे लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमों से सीधा संवाद कर हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
धराली-हर्षिल में विशेष चिकित्सा टीम तैनात
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि धराली-हर्षिल क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से 9 सदस्यीय चिकित्सा टीम भेजी गई है, जो स्थानीय प्रशासन के समन्वय से मौके पर ही सेवाएं दे रही है।
मातली में 70 से अधिक घायलों को उपचार
अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सीएमएस दून अस्पताल डॉ. आर. एस. बिष्ट के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम (7 डॉक्टर, 5 पैरामेडिकल स्टाफ) मातली में तैनात है। अब तक 70 से अधिक घायलों का इलाज किया जा चुका है, जिनमें अधिकांश को एयर लिफ्ट कर लाया गया।
गंभीर मरीजों को एम्स व आर्मी हॉस्पिटल रेफर किया
फिलहाल 09 घायल मरीज उत्तरकाशी जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जिनकी स्थिति स्थिर है। 03 गंभीर मरीजों को एम्स ऋषिकेश और 02 को सेना अस्पताल रेफर किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
मनोचिकित्सकीय सहायता भी जारी
स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार व राहत सेवाएं दे रही हैं। साथ ही, मानसिक आघात से जूझ रहे लोगों के लिए मनोचिकित्सकों की टीमें भी तैनात हैं, जो लगातार काउंसलिंग कर मानसिक सहयोग दे रही हैं।
हेलीसेवा से भेजी जा रहीं अतिरिक्त टीमें
स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त मेडिकल टीमें भी तैयार रखी हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार हेलीसेवा के माध्यम से भेजा जा रहा है। विभाग का संकल्प है कि कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे।
“हर नागरिक सुरक्षित, हर ज़रूरतमंद को इलाज”
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग आपात स्थिति में पूरी संवेदनशीलता और समर्पण से कार्य कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर ज़रूरतमंद तक समय पर उपचार पहुंचे।
