क्या छिन रहा है मताधिकार? संसद में एसआईआर को लेकर घमासान तेज
नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार इस अहम प्रक्रिया पर संसद में चर्चा से बच रही है, जिससे लोकतंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को संसद में विपक्षी दलों की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी यह प्रक्रिया बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे नागरिकों के मतदान के अधिकार सीधे प्रभावित हो सकते हैं।
खरगे ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से इनकार करती है, तो इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक जिम्मेदारियों का अनादर माना जाएगा। उनके अनुसार, “हर भारतीय नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए एसआईआर पर विस्तृत और पारदर्शी चर्चा बेहद जरूरी है।”
क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली एक प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची की गहन जांच की जाती है। इस प्रक्रिया के तहत अपात्र नामों को हटाया जाता है, दोहराव को दूर किया जाता है, और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है।
विपक्ष की आपत्तियां
विपक्षी दलों का आरोप है कि बिहार में इस प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ नहीं किया जा रहा है। उनका मानना है कि इससे हजारों योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं, जिससे उनके मताधिकार पर असर पड़ेगा। इसी चिंता को लेकर विपक्ष इस विषय पर संसद में खुली बहस की मांग कर रहा है।
सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
खरगे ने यह भी सवाल उठाया कि केंद्र सरकार इस विषय पर चुप्पी साधे हुए है, जो संदेह को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वाकई लोकतांत्रिक सिद्धांतों में विश्वास रखती है, तो उसे विपक्ष की मांग पर विचार कर इस मुद्दे पर संसद में स्पष्ट और जवाबदेह चर्चा करनी चाहिए।
देहरादून। बुधवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून स्थित कैम्प कार्यालय में उपनल के माध्यम से विद्युत विभाग के कार्य करने वाले उपनल कर्मचारी धनवीर सिंह नेगी की आकस्मात मृत्यु होने पर उपनल और पंजाब नेशनल बैंक के बीच हुए करार के क्रम में 50 लाख की धनराशि का चैक मृतक के पिता बलवीर सिंह नेगी तथा उनकी पत्नी मंगीता नेगी का सौंपा। इस दौरान काबीना मंत्री सहित कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने धराली में आयी प्राकृतिक आपदा के दिवंगतजनों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हम किसी की भी मृत्यु हो जाने पर उसे वापस तो नहीं ला सकते है लेकिन उनके विधिक आश्रितों को आर्थिक मदद करके परिवार कल्याण के लिए मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता का 50 लाख रूपये का पहला चैक, जो कि अनुबन्ध के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक की ओर से प्राप्त हुआ है, उसे स्व० धनवीर सिंह नेगी की पत्नी को प्रदान किया गया। सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि इससे पहले भी उपनल द्वारा एक लाख पचास हजार की धनराशि दी जा चुकी है और ईपीएफ के माध्यम से पत्नी तथा बच्चों को मासिक पेंशन दिये जाने की कार्यवाही की जा चुकी है। काबीना मंत्री ने कहा कि कर्मकार प्रतिकर के माध्यम से भी लगभग 10 लाख की धनराशि दिये जाने की कार्यवाही पर पत्राचार जारी है।
विदित हो कि विद्युत वितरण खण्ड, बडकोट, उत्तरकाशी में टीजी-2 के पद पर उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी धनवीर सिंह नेगी 28 मई 2015 से कार्यरत थे। दिनांक 17 अप्रैल 2025 को क्षेत्र में बाधित विद्युत आपूर्ति को ठीक करते हुए धनवीर सिंह नेगी घायल हो गये थे तथा इसके पश्चात इनको अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकीय उपचार के बाद भी इन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस दौरान मृतक उनपल कार्मिक के परिवार से उनके पिता बलवीर सिंह नेगी, पत्नी मंगीता नेगी, पुत्र आयुश नेगी सहित उपनल चेयरमैन मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, ईफसिता, उनपल के प्रबंध निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) जेएनएस बिष्ट, सैनिक कल्याण निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) अमृतलाल, पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अनुपम, एजीएम अजीत उपाध्याय, सर्वेश पाल, सैनिक कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव सुनील सिंह, अनुसचिव निर्मल कुमार, डीजीएम उपनल राजेश नेगी, पीबीओआर के केन्द्रीय अध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट, कर्नल (सेनि) यूएस ठाकुर, सुखदेव गुरुंग, बचन सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
करीब दो दशक पहले दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली क्लासिक फिल्म ‘परिणीता’ एक बार फिर से सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार है। विद्या बालन की डेब्यू फिल्म के तौर पर चर्चित इस रोमांटिक ड्रामा को अब तकनीकी रूप से बेहतर रूप में दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा है। हाल ही में फिल्म का नया ट्रेलर रिलीज किया गया है, जिसने पुरानी यादों को ताज़ा कर दिया है और नए दर्शकों को भी उत्साहित कर दिया है।
नई तकनीक, वही पुराना जादू
2005 में रिलीज हुई ‘परिणीता’ को अब 8K क्वालिटी में री-रिलीज किया जा रहा है। ट्रेलर में सैफ अली खान और विद्या बालन की केमिस्ट्री एक बार फिर से दिल को छूती है। ट्रेलर में ‘पिया बोले’ जैसे क्लासिक गाने और फिल्म के खूबसूरत विजुअल्स दर्शकों को पुराने दौर की खूबसूरती और भावनात्मक गहराई का एहसास कराते हैं।
थिएटर्स में कब से देख पाएंगे फिल्म?
‘परिणीता’ को 29 अगस्त को देशभर के चुनिंदा सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज किया जाएगा। निर्माताओं का कहना है कि इस बार फिल्म को अत्याधुनिक 8K फॉर्मेट में बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा, ताकि दर्शकों को सिनेमाई अनुभव और भी रोमांचक लगे।
फिल्म की कहानी और सितारे
निर्देशक प्रदीप सरकार की यह फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर आधारित है। इसमें ललिता और शेखर की भावनात्मक प्रेम कहानी को बेहद संजीदगी से दिखाया गया है। विद्या बालन, सैफ अली खान, संजय दत्त और दीया मिर्जा ने अपने-अपने किरदारों से फिल्म में जान डाल दी थी। फिल्म आज भी अपने म्यूजिक, सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक गहराई के लिए याद की जाती है।
(साभार)
अधिकारियों को आपदा पीड़ितों की तुरंत मदद के निर्देश
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को अल्मोड़ा के सोमेश्वर में आपदाग्रस्त इलाकों का दौरा किया और पीड़ित लोगों की मदद करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर रह रहे कई परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट भी कराया।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या आजकल अपने विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के दौरे पर हैं। लगातार तीन दिन से हो रही मूसाधार बारिश के बाद बुधवार सुबह उन्हें सोमेश्वर के कई इलाकों में आपदा जैसे हालात बनने की सूचना मिली। बारिश लगातार जारी रहने के बावजूद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या अपनी टीम के साथ बुधवार को उन सभी इलाकों में गई और पीड़ितों का हाल-चाल जाना।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मौके से ही जिला प्रशासन, राजस्व व अन्य विभाग के अधिकारियों को फोन करके आपदा पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्हें कई ऐसे परिवार मिले जो आपदा के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर रह रहे थे। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने इन परिवारों को सामान सहित सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया।
इस अवसर पर रेखा आर्या ने कहा कि लगातार बारिश के चलते प्रदेश में कई जगहों पर आपदा जैसी स्थितियां पैदा हो गई है। प्रदेश सरकार 24 घंटे हर नागरिक के साथ खड़ी है और हर किसी की मदद करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।
रेखा आर्या ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में जिन लोगों का नुकसान हुआ है उनकी भरपाई के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है और हर पीड़ित की मदद की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तरकाशी के धराली में हुई आपदा बेहद दुखदाई है और प्रदेश सरकार की सभी एजेंसियां पीड़ितों को राहत पहुंचाने में दिन-रात जुटी हुई है।
इस अवसर पर उनके साथ चंदन बोरा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, बालम भाकुनी, राजू बोरा, दलीप रौतेला आदि उपस्थित रहे।
देहरादून व ऋषिकेश में ICU सहित बेड आरक्षित
मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस, 03 मनोचिकित्सक धराली भेजे गए
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने से उत्पन्न आपदा को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूर्णतः अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज समय पर मिल सके।
इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं, ताकि आपदाग्रस्त क्षेत्र से लाए गए घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
आरक्षित चिकित्सा व्यवस्था इस प्रकार है:-
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, देहरादून
150 जनरल बेड
50 ICU बेड
कोरोनेशन जिला चिकित्सालय, देहरादून
80 जनरल बेड
20 ICU बेड
एम्स, ऋषिकेश
50 जनरल बेड
20 ICU बेड
इन अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और दवा आपूर्ति की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस, मनोचिकित्सक भेजे गए
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा से प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष तौर पर तीन मनोचिकित्सकों को धराली क्षेत्र में तैनात किया है, ताकि ज़रूरतमंदों को तत्काल काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सके।उन्होंने बताया कि इन डॉक्टरों की टीम स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में काम करेगी और राहत शिविरों में जाकर लोगों से संवाद भी करेगी।
स्वास्थ्य विभाग पूर्ण सतर्कता में
स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) और आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा को भी चौबीसों घंटे एक्टिव मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा यह एक संवेदनशील समय है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति इलाज से वंचित न रह जाए। स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
रोजगार, शोध व नवाचार युक्त शिक्षा पर रहेगा फोकस
कहा, उच्च शिक्षा उन्न्यन को बनेगा भविष्य का ठोस रोड़मैप
देहरादून। प्रदेश की उच्च शिक्षा को गुणवत्तापरक, रोजगारपरक, शोध आधारित और नवाचार युक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य में शीघ्र ही दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन किया जायेगा। राज्य स्तरीय इस चिंतन शिविर में एनईपी-2020 के अनुरूप विभिन्न पहलुओं पर मंथन कर भविष्य के लिये ठोस रोड़मैप तैयार किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे दिये गये हैं।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के उन्नयन को अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया जायेगा। जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में एनईपी-2020 के अनुरूप रणनीतिक सुधारों की पहचान कर भविष्य के लिये ठोस रोड़मैप तैयार करना है ताकि प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापरक, रोजगारपरक, शोध आधारित और नवाचार युक्त उच्च शिक्षा युवाओं को मिल सके और वह भविष्योन्मुखी विषयों में दक्षता हासिल कर सके। डॉ. रावत ने बताया कि चिंतन शिविर में शिक्षा सुधारों के लिये विभिन्न परियोजनाओं के संचालन के लिये प्रतिष्ठित शैक्षणिक व व्यापारिक प्रतिष्ठित संस्थानों से साझेदारियों को भी अमलीजामा पहनाया जायेगा, साथ ही शिक्षा, शोध व उद्योग से जुड़े लोगों से भी प्रभावी समन्वय स्थापित किया जायेगा। इसके अलावा चिंतन शिविर में उच्च शिक्षा में सुधार को एनईपी-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता, संबद्धता प्रणाली, शैक्षणिक संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण एवं नीतिगत सुधारों पर विचार-विमर्श किया जायेगा। इसके साथ ही उच्च शिक्षा को डिजिटलाइजेशन, समावेशिता, बहु-विषयक दृष्टिकोण, शोध, नवाचार, रोजगार एवं प्लेसमेंट से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जायेगी।
डॉ. रावत ने बताया कि चिंतन शिविर में प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, शोधकर्ता, शिक्षा उद्यमी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों के प्राचार्य सहित विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे। चिंतन शिविर के सफल आयोजन के लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरा करने के निर्देश दे दिये हैं।
रुद्रप्रयाग जिले के नवनिर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधियों ने की पंचायतीराज मंत्री से भेंट
देहरादून। रुद्रप्रयाग जिले के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विजयी हुए नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने विधायक भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल एवं भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट के नेतृत्व में प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज से भेंटकर कर एक मत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति विश्वास जताते हुए अपने क्षेत्र की समस्याओं और प्राथमिकताओं से उन्हें अवगत कराया।
रुद्रप्रयाग जनपद के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विजयी हुए अगस्त्यमुनि एवं जखोली ब्लॉक के नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने विधायक भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल एवं भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट के नेतृत्व में प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज से सुभाष रोड़ स्थित उनके कैम्प कार्यालय में भेंटकर कर एक मत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति विश्वास जताते हुए अपने क्षेत्र की समस्याओं और प्राथमिकताओं से उन्हें अवगत कराया। इस दौरान पंचायतीराज मंत्री महाराज ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश का विकास करना है। इसलिए एक जुट होकर हमें ग्रामीण जनता की सेवा में जुट जाना चाहिए।
महाराज ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने उत्तराखंड में पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हाल ही में 193.84 करोड़ की धनराशि दी है। जिससे सभी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कराये जाने के साथ-साथ पंचायतों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पंचायतें विकास की पहली और प्रमुख इकाई हैं और इन इकाइयों को सक्षम बनाने के लिए पैसे की कोई कमी नहीं रखी जायेगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाएं और पारदर्शिता के साथ उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
पंचायत राज मंत्री महाराज से मुलाकात करने वालों में भाजपा जिला प्रभारी बलबीर घुनियाल, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, अगस्त्य मुनि ब्लॉक प्रमुख चुनाव प्रभारी महावीर सिंह पंवार, जखोली ब्लॉक प्रमुख चुनाव प्रभारी रमेश मैखुरी, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन कांडपाल, सुबोध बगवाड़ी, अमित मैंखुंडी, जिला मीडिया प्रभारी सतेन्द्र बर्त्वाल, मंडल अध्यक्ष अर्जुन नेगी बृजमोहन नेगी सहित बड़ी संख्या में अगस्त्यमुनि एवं जखोली के नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद थे।
अब तक 56 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित, ‘नंदा-सुनंदा’ बनी उम्मीद की किरण
देहरादून। देहरादून जिले में गरीब, अनाथ और असहाय बालिकाओं को उच्च शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल की महत्वाकांक्षी योजना ‘नंदा-सुनंदा’ के अंतर्गत आज 18 बालिकाओं को कुल 6.17 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए। इस अभिनव पहल के माध्यम से अब तक कुल 56 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है, जिस पर लगभग 19.24 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने चयन समिति, ग्राउंड स्टाफ और संबंधित टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य न केवल बालिकाओं को शिक्षित करना है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य को उज्जवल बनाना भी है। उन्होंने कहा कि “एक बच्चे की मदद करना पूरे परिवार की मदद करने के बराबर है। प्रशासन बालिकाओं की शिक्षा में हरसंभव सहायता देने को प्रतिबद्ध है।”
डीएम ने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी शिक्षा की ज्वाला को सदैव जीवित रखें और कभी भी समझौता न करें। उन्होंने महापुरुषों की जीवनियों को पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि उनसे जो सीख मिलती है, वह अनमोल होती है।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि यह योजना जिला प्रशासन की पहल जरूर है, लेकिन इसे आगे बढ़ाने में माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा और समर्थन की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री नवाचार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रबल समर्थक रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने टीम और प्रशासन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन हमेशा ऐसे बच्चों के साथ खड़ा रहेगा। संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बाल विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
पुनर्जीवित बालिकाएं:
इस चरण में जिन बालिकाओं की शिक्षा को सहायता मिली उनमें हर्षिता भट्ट (B.Sc. OT), गौरी जेठुली (कक्षा 6), वैष्णवी जेडूली (कक्षा 3), कल्पना (कक्षा 6), अनुष्का (B.Sc. Medical Technology), जोया (कक्षा 5), सानिया (कक्षा 11), आराध्या (कक्षा 2), आकांक्षा चड्ढा (MHA), दीपिकास (B.Sc. Nursing), जानवी रावत (कक्षा 11), मानसी नैनवाल, प्रियांशी जैन (BA प्रथम वर्ष), आन्हा सैफी (कक्षा 12), सेहरीश सैफी (कक्षा 9), तैयबा सैफी, सृष्टि आर्य (कक्षा 12), जैनिक खत्री (कक्षा 4), शिंवागी (BA & MC), अनिष्का कंसवाल (कक्षा 8) शामिल हैं।
नंदा-सुनंदा योजना प्रशासन की एक अनुकरणीय पहल बनकर उभरी है, जो समाज के वंचित वर्ग की बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य कर रही है।
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने इस आपदा में जन-धन की हानि पर संवेदना व्यक्त की है और प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई है।
अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया। गृह मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपना दौरा स्थगित कर तत्काल देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं और केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल एवं आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
गांवों में मच गई चीख-पुकार, होटल-दुकानें तबाह, गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे भी बाधित
मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा दुख, राहत कार्य तेज़
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में धराली गांव उस वक्त दहशत और तबाही का मंजर बन गया जब बादल फटने की घटना के बाद खीरगंगा में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई। जलप्रलय की यह मारक लहरें गांव की ओर बढ़ीं तो पूरा क्षेत्र चीख-पुकार से गूंज उठा।
उत्तरकाशी जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि धराली आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका है। मौके पर बचाव कार्य जारी है।
होटल और बाजार तबाह
बाढ़ के सैलाब ने धराली के कई होटलों, दुकानों और बाजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। मलबा अंदर तक भर गया है। स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
सेना, पुलिस, एसडीआरएफ मौके पर रवाना
हर्षिल से सेना, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें भटवाड़ी के लिए रवाना कर दी गई हैं। वहीं जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।
सीएम धामी ने जताया शोक, बचाव कार्यों पर खुद रख रहे नज़र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा मैं लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हूं। राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। राज्य सरकार ने भारत सरकार से दो एमआई और एक चिनूक हेलिकॉप्टर राहत-बचाव कार्य के लिए मांगे हैं।
बारिश से उत्तराखंड बेहाल, यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे बाधित
उत्तरकाशी में लगातार बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। बड़कोट तहसील क्षेत्र के बनाल पट्टी में अतिवृष्टि के कारण करीब डेढ़ दर्जन बकरियां कुड गदेरे में बह गईं। वहीं, गदेरा उफान पर आने से पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।
यमुनोत्री हाईवे का हिस्सा धंसा
स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे का करीब 25 मीटर हिस्सा धंस गया है जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। दूसरी ओर, स्यानाचट्टी के पास पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने की वजह से खतरा बना हुआ है।
गंगोत्री हाईवे पर भी बाधा
डबराणी, नाग मंदिर, नेताला जैसे स्थानों पर भारी मलबा आने के कारण गंगोत्री हाईवे कई घंटों तक बंद रहा। बाद में बीआरओ द्वारा मार्ग साफ करवा कर आवाजाही सुचारू की गई।
एनएच विभाग की चुनौतियाँ
एनएच विभाग के ईई मनोज रावत ने बताया कि लगातार बारिश से हाईवे खोलना मुश्किल हो रहा है। जहां सड़क धंसी है, वहां शाम तक आंतरिक कटिंग कर छोटे वाहनों को निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मौसम विभाग का अलर्ट, 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने कहा कि 10 अगस्त तक प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार हैं।
