एक नई वैश्विक रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अच्छी नींद न लेना सिर्फ थकान या चिड़चिड़ेपन तक सीमित नहीं, बल्कि यह 170 से अधिक बीमारियों की जड़ बन सकती है। चीन की पेकिंग यूनिवर्सिटी और आर्मी मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा 88,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए अध्ययन में सामने आया कि नींद की अनियमितता से दिल, दिमाग, लिवर, और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नींद केवल विश्राम का माध्यम नहीं, बल्कि एक बुनियादी जरूरत है। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद न लेने पर शरीर के हर सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है, जो लंबे समय में गंभीर रोगों को जन्म दे सकता है।
शोध में नींद से जुड़ी छह आदतों की जांच
रिसर्च में वैज्ञानिकों ने नींद की अवधि, नींद आने का समय, नींद का चक्र, नींद की गहराई, गुणवत्ता और रात में बार-बार जागने जैसी आदतों का विश्लेषण किया। निष्कर्षों के अनुसार, जो लोग हर दिन अलग-अलग समय पर सोते-जागते हैं, उनमें बीमारियों का जोखिम स्थायी रूप से बढ़ जाता है।
रात 12:30 बजे के बाद सोने वालों में लिवर सिरोसिस का खतरा 2.6 गुना अधिक देखा गया।
पार्किंसन रोग का जोखिम 2.8 गुना और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 1.6 गुना बढ़ा।
दिल और दिमाग को भी झेलनी पड़ती है मार
रिपोर्ट में बताया गया कि खराब नींद हृदय और मस्तिष्क की सेहत पर भी गहरा असर डालती है।
अनिद्रा और स्लीप एपनिया जैसी स्थितियाँ हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाती हैं।
नींद की कमी से उच्च रक्तचाप, मोटापा, मधुमेह, और सूजन की समस्याएं सामने आती हैं।
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के एक अन्य अध्ययन में पुष्टि की गई कि अनियमित नींद सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों से जुड़ी होती है।
याददाश्त और मानसिक सेहत पर भी असर
नींद की कमी का असर मानसिक क्षमताओं पर भी पड़ता है। लगातार कम नींद लेने वालों में याददाश्त कमजोर होने, निर्णय क्षमता में गिरावट और ध्यान भटकने की समस्या देखी जाती है। दीर्घकालिक तौर पर इससे अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
नींद की अनदेखी से क्या-क्या हो सकता है नुकसान?
विशेषज्ञों के अनुसार, सभी उम्र के लोगों के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। अनियमित नींद के कारण:
शरीर में स्ट्रेस हार्मोन ‘कोर्टिसोल’ का स्तर बढ़ता है और मेलाटोनिन का स्तर बिगड़ता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है।
भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन बढ़ता है, जबकि भूख को नियंत्रित करने वाला हार्मोन लेप्टिन घटता है, जिससे वजन बढ़ सकता है।
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सरकारी कार्यक्रमों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बने उत्पाद ही होंगे उपयोग
जिलाधिकारियों को ग्रोथ सेन्टर में महिलाओं हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जाए महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखंड में आई दूसरी औद्योगिक क्रांति -मुख्यमंत्री
देहरादून। सीएम धामी ने राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों व समारोहों में केवल महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए स्मृति चिन्ह, शॉल व भेंट आदि ही उपयोग में लाने के शासनादेश को जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सभी महिलाओं को ग्रोथ सेन्टर में प्रशिक्षण दिलवाने, महिला स्वयं सहायता समूहो द्वारा तैयार उत्पादों को राज्य के अम्बै्रला ब्राण्ड हॉउस ऑफ हिमालयाज से जोड़ने, सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाए गए उत्पादों की क्वालिटी कण्ट्रोल पर विशेष ध्यान देने तथा उत्पादों की बेहतरीन पैंकेजिंग व मार्केटिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शासन-प्रशासन को राज्य की महिलाओं को लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनाने के विजन के साथ मिशन मोड पर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद उत्तराखंड में दूसरी औद्योगिक क्रांति आई है जिसका लाभ महिला स्वयं सहायता समूह को भी उठाना चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से राज्य के विभिन्न विकासखण्डों में महिला स्वयं सहायता समूहों से वर्चुअल संवाद किया।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रत्येक जनपद की विभिन्न विकासखण्डों के बहुत से महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद करते हुए उनके स्वयं सहायता समूहों द्वारा कौन-कौन से उत्पाद बनाए जा रहे हैं, स्वयं सहायता समूहों को कितना लाभ हो रहा है, हर स्वयं सहायता समूहों से कितनी महिलाएं जुड़ी हैं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं की आय में कितनी वृद्धि हुई, समूहों में कार्य करने से महिलाओं को क्या लाभ हुआ, महिलाओं द्वारा बनाएं गए उत्पादों की आपूर्ति की क्या स्थिति है, जैसी विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों से उनके उत्पादों की बिक्री हेतु डिजिटल प्लेटफ्रॉम के उपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस सम्बन्ध में महिला स्वयं सहायता समूहों से सहयोग व सहायता करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाएं ही आर्थिक व सामाजिक क्रान्ति की सबसे बड़ी संवाहक हैं। मुख्यमंत्री धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों से एसएचजी के और अधिक विस्तार व महिलाओं को स्वरोजगार में प्रोत्साहन के सम्बन्ध में सरकार को सुझाव देने हेतु भी आमंत्रित किया।
उत्तराखंड में 68 हजार स्वयं सहायता समूहों (SHG) से लगभग 5 लाख से अधिक महिलाएँ जुड़ी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला स्वयं सहायता समूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने “उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन” के अंतर्गत प्रदेश की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें संगठित करने का काम किया है, ताकि उनके जीवन में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और गरिमा का नया अध्याय जुड़ सके। आज राज्य में 68 हजार स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाकर लगभग 5 लाख महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। आज 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल पेश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” ने राज्य में महिला आर्थिक सशक्तिकरण का लिखा नया इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2023 में रक्षाबंधन के पर्व पर स्वयं सहायता समूहों की हमारी बहनों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” प्रारंभ की थी। जिसके माध्यम से हमारी बहनों ने विभिन्न आयोजनों में 27 हजार से अधिक स्टॉल लगाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री करने में सफलता प्राप्त की। इन उत्पादों के प्रभावी विपणन हेतु 13 जनपदों में 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट्स, 17 सरस सेंटर, 3 राज्य स्तरीय विपणन केंद्र तथा 8 बेकरी यूनिट्स का भी संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही, चारधाम यात्रा मार्गों पर भी सैंकड़ों अस्थायी आउटलेट्स के माध्यम से महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री की जा रही है| इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार की ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ योजना के अंतर्गत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं। हमारी सरकार द्वारा जहां एक ओर ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से हमारे पारम्परिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम भी किया जा रहा हैं।
वहीं, ‘Hilans’ ब्रांड के अंतर्गत हमारी बहनों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदेश में ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर भी अपनी सशक्त पहचान बना रहे हैं |
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की हमारी सभी माताओं और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि आपका ये भाई, आपका ये बेटा, आपके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी शक्ति, निष्ठा और समर्पण के साथ निरंतर कार्य करता रहेगा।
मुख्यमंत्री धामी का स्वदेशी आग्रह
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी से ये आग्रह भी करना चाहता हूं, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ये आह्वान किया कि वे स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा संकल्प और भी सशक्त हो सके।
बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, अपर सचिव झरना कमठान एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं 95 विकासखण्डों से विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूह उपस्थित थे।
सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘धड़क 2’ को सिनेमाघरों में रिलीज हुए अभी चार दिन ही हुए हैं, लेकिन फिल्म का प्रदर्शन पहले हफ्ते में ही कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। जाति व्यवस्था जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित यह रोमांटिक ड्रामा बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।
सोमवार को गिरी कमाई, घटा दर्शकों का रुझान
1 अगस्त को रिलीज हुई ‘धड़क 2’ ने पहले दिन 3.5 करोड़ रुपये की शुरुआत की थी। दूसरे दिन यह मामूली बढ़त के साथ 3.75 करोड़ तक पहुंची, जबकि रविवार को गिरावट के साथ 3.09 करोड़ ही कमा पाई। लेकिन सोमवार को फिल्म की रफ्तार बुरी तरह थम गई और चौथे दिन सिर्फ 1.40 करोड़ रुपये की ही कमाई कर सकी। अब तक फिल्म की कुल कमाई 12.80 करोड़ रुपये हो चुकी है।
प्रतिद्वंद्वियों से पिछड़ी ‘धड़क 2’
रिलीज के पहले हफ्ते में ‘धड़क 2’ का सीधा मुकाबला अजय देवगन की ‘सन ऑफ सरदार 2’ से रहा, जो बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन कर रही है। सोमवार को ‘सन ऑफ सरदार 2’ ने 2.50 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि ‘सैयारा’ जैसी पहले से चल रही फिल्म ने भी चौथे सोमवार को बराबरी की कमाई कर ‘धड़क 2’ को पीछे छोड़ दिया।
सामाजिक मुद्दे को छूती कहानी, लेकिन कमजोर निष्पादन
फिल्म की कहानी सामाजिक विषमता और प्रेम को केंद्र में रखती है। निर्देशक शाजिया इकबाल ने इसे संजीदगी से पेश करने की कोशिश की है। कलाकारों की बात करें तो सिद्धांत और तृप्ति के अलावा नासिर हुसैन, सौरभ सचदेवा और विपिन शर्मा भी अहम भूमिकाओं में हैं। लेकिन अच्छी कास्टिंग और थीम के बावजूद फिल्म दर्शकों से जुड़ नहीं पाई।
धीमा स्क्रीनप्ले बनी बड़ी वजह
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसका धीमा स्क्रीनप्ले और बिखरी हुई कहानी है। गंभीर विषय पर बनी होने के बावजूद फिल्म में वो प्रवाह नहीं दिखता, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रख सके। वहीं दूसरी ओर ‘सैयारा’ जैसी फिल्में भावनात्मक जुड़ाव और मनोरंजन के मिश्रण से दर्शकों को थिएटर तक खींचने में सफल रही हैं।
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राहत और बचाव में जुटा प्रशासन
अब तक 3628 लोगों को किया गया रेस्क्यू
भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले एक महीने से लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक कुल 252 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 132 की मौत नदी-नालों में डूबने से, 60 की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से, 47 की मूसलधार बारिश के कारण, और 13 की मौत मकान, दीवार या पेड़ गिरने से हुई है।
राज्य के कई हिस्सों में जलभराव और भूस्खलन जैसी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। 432 रेस्क्यू ऑपरेशनों के जरिए अब तक 3628 नागरिकों और 94 मवेशियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत कार्यों के तहत स्थापित 53 राहत शिविरों में 3065 लोग शरण लिए हुए हैं, जिन्हें भोजन, दवाइयां और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
अब तक 28.49 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है, जबकि कुल 3600 करोड़ रुपये की सहायता योजना बनाई गई है। बाढ़ से 128 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं और 2333 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 254 ग्रामीण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे गांवों का संपर्क टूट गया है।
राज्य में इस वर्ष अब तक 711.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक है। 40 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने छतरपुर और टीकमगढ़ के लिए अति भारी बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना सहित 40 से अधिक जिलों में वज्रपात और भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
आपदा की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और धार सहित संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेते हुए कहा, “सेना और राहत दलों ने शिवपुरी में करीब 400 और गुना में 350 लोगों की जान बचाई है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से राहत कार्यों में जुटा है।”
महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भरता की नई राह, 95 विकासखंडों में एक साथ कार्यक्रम की शुरुआत
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय परिसर से मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम का प्रदेश के समस्त 95 विकासखंडों में एक साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा रक्षाबंधन पर्व के लिए लगाए गए स्टॉलों का भी उन्होंने अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बाँधी। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और उनके आत्मनिर्भर प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने मेहनत और लगन से यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मातृशक्ति को अवसर, संसाधन और सहयोग मिले, तो वे स्वयं को सशक्त बनाने के साथ-साथ परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनें लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण का नया इतिहास रच रही हैं। सरकार ने महिला उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम तैयार किया है। इसके अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के लिए 49 ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की गई है।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी और विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी उद्यमी महिलाएं उपस्थित रहीं।
टिहरी, देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर में रेड अलर्ट, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत में ऑरेंज अलर्ट जारी
देहरादून। राज्य में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने हालात की समीक्षा की और सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टिहरी, देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर में रेड अलर्ट जबकि हरिद्वार, नैनीताल और चंपावत में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा सभी जनपदों को इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है।
सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों और क्विक रिस्पांस टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा। जलभराव की स्थिति में टीमें तुरंत मौके पर पहुंचे और त्वरित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए और लोगों को नदी किनारे जाने से रोका जाए। जहां भी निर्माण कार्य चल रहे हों, वहां श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वर्षा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी और विश्लेषण कर संभावित बाढ़ या जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर अग्रिम कार्य योजना तैयार करने को कहा गया।
सचिव ने निर्देशित किया कि पानी के बहाव को रोकने वाली सभी अवैध संरचनाओं को तत्काल हटाया जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, दवा, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी, ड्यूटी अधिकारी अनु सचिव विकास कुमार श्रीवास्तव और यूएसडीएमए के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
उत्तराखंड की संस्कृति और प्रकृति को बड़े पर्दे पर लाने की सराहना, फिल्म नीति पर हुई चर्चा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘बौल्या काका’ के पोस्टर का विमोचन किया। इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता हेमंत पांडेय मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग राज्य के सुंदर और सुदूरवर्ती गांवों—ग्वालदम, थराली और तलवाड़ी—में की गई है।
मुख्यमंत्री ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करना सराहनीय प्रयास है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री और फिल्म की टीम के बीच राज्य में फिल्म निर्माण की संभावनाओं, प्रोत्साहन योजनाओं और सरकार की नीतियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ‘उत्तराखंड नई फिल्म नीति’ के तहत फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी, टैक्स छूट और लॉजिस्टिक सहयोग जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना, युवाओं को रोजगार देना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। कम चर्चित स्थानों पर शूटिंग करने वाले निर्माताओं को 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी और स्थानीय कलाकारों को मौका देने पर विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिशों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और हर वर्ष राज्य में फिल्मों की शूटिंग का नया रिकॉर्ड बन रहा है। उत्तराखंड को फिल्ममेकिंग हब बनाने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।
इस अवसर पर अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित फिल्म के निर्माता, निर्देशक और पूरी टीम उपस्थित रही।
गंगोत्री और पुरोला विधायकों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने की शिष्टाचार भेंट
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में गंगोत्री क्षेत्र से विधायक सुरेश सिंह चौहान तथा पुरोला क्षेत्र से विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व में उत्तरकाशी जिले से त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में जीत दर्ज करने वाले नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों ने भेंट की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विजयी जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं जनसेवा के नवीन दायित्वों के सफल निर्वहन हेतु शुभकामनाएं दी।
50वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम में सीएम धामी ने बताया, सतगुरु की वाणी में थी भगवान बुद्ध जैसी करुणा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड, भूपतवाला में 50वाँ निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य सतगुरू लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने भक्ति को जन जन तक पहुँचाया है। उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी और दृष्टि में भगवान बुद्ध के समान असीम करुणा थी। पूज्य सतगुरु ने समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने जीवन भर यही सिखाया कि सेवा सबसे बड़ा धर्म है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का संपूर्ण विश्व में व्यापक प्रचार प्रसार हो रहा है। दुनिया हमारी प्राचीन संस्कृति और दर्शन से परिचित हो रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया राज्य में ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना भी प्रस्तावित है। कॉरिडोर के निर्माण के पश्चात धर्मनगरी हरिद्वार भी काशी और अयोध्या की भांति अपने भव्य स्वरूप में नजर आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। प्रदेश में घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया गया है। सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून को भी राज्य में लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में सनातन की आड़ में वेश बदलकर आम लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन के द्वारा ऐसे ढोंगियों और विधर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जो वेश बदलकर हमारे सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को श्रीमद्भागवत गीता के बारे में भी बताया जाएगा। इसके साथ दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना भी की गई है।
इस अवसर महंत ललितानंद गिरी महाराज, पंजाब विधानसभा उपाध्यक्ष जय कृष्ण सिंह, हरियाणा के राज्यमंत्री राजेश नागर, स्थानीय विधायक मदन कौशिक, मेयर रुड़की अनीता देवी, दर्जा राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य में जुटा प्रशासन, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
कोटद्वार। सिद्धबली मंदिर के पास कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब किल्बोखाल से आ रही एक मैक्स गाड़ी पर अचानक पहाड़ी से भारी चट्टान और मलबा गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों की पहचान पौड़ी गढ़वाल निवासी 20 वर्षीय सतबीर और 32 वर्षीय रविंद्र उर्फ मोटा के रूप में हुई है। घायलों में मीनाक्षी, पंकज, सिमरन, देवेंद्र और दिनेश शामिल हैं। इनमें से चालक देवेंद्र और दिनेश की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज बेस अस्पताल कोटद्वार में चल रहा है।
घटना के तुरंत बाद प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की वजह क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश मानी जा रही है, जिससे भूस्खलन की आशंका और बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
