उत्तराखंड निवेश उत्सव में गृहमंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की ओर से दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान उद्योग समूहों के साथ हुए एमओयू अब जमीन पर उतर रहे हैं, इस आयोजन के बाद उत्तराखंड में अब तक एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इसी मौके को एतिहासिक बनाने के लिए, राज्य सरकार की ओर से शनिवार को रुद्रपुर में उत्तराखंड निवेश उत्सव आयोजित किया जा रहा है। देश में पहली बार किसी राज्य सरकार द्वारा, निवेश के उपरांत इस तरह के आयोजन के जरिए निवेश की असल स्थिति जनता के सामने रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में दोपहर 12 बजे से होने वाले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे। जिसमें उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में नए स्थापित उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ ही अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद होंगे। इस आयोजन मे जरिए राज्य सरकार उत्तराखंड में निवेश के माहौल को प्रोत्साहित करना चाहती है। ताकि अधिक से अधिक निवेशक उत्तराखंड का रुख करें, इससे राज्य में आर्थिक गतिविधि तेज होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। विदित है कि दिसंबर 2023 के दौरान देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान कुल 3,57,693 करोड़ के 1779 एमओयू साइन किए गए थे। जिससे राज्य में 81,327 नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इन एमओयू के आधार पर राज्य में अब तक एक लाख करोड़ रुपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है। दिसंबर 2023 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जबकि समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था ।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान हुए एमओयू
ऊर्जा – कुल 1,03,459 करोड़ के 157 एमओयू (रोजगार 8,472) में ग्राउंडिंग 40341 करोड़ रुपए
उद्योग – कुल 78,448 करोड़ के 658 एमओयू, (रोजगार 44,663) में ग्राउंडिंग 34086 करोड़ रुपए
आवास – कुल 41,947 करोड़ के 125 एमओयू, (रोजगार 5,172) में ग्राउंडिंग 10055 करोड़ रुपए
पर्यटन – कुल 47,646 करोड़ के 437 एमओयू, (रोजगार 4694) में ग्राउंडिंग 8635 करोड़ रुपए
उच्च शिक्षा – कुल 6,675 करोड़ के 28 एमओयू, (रोजगार 4428) में ग्राउंडिंग 5116 करोड़ रुपए
अन्य- कुल 79,518 करोड़ के 374 एमओयू, (रोजगार 13898) में ग्राउंडिंग 3292 करोड़ रुपए
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान उद्योग समूहों के साथ जो भी निवेश संबंधित समझौते किए गए थे वो अब तेजी से धरातल पर उतर रहे हैं। इससे उत्तराखंड में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। हम उद्योग स्थापित करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। मजबूत आधार भूत सुविधाएं, शांत वातावरण से उत्तराखंड निवेशकों की पसंद बनकर उभरा है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण
हल्द्वानी। अगले महीने हल्द्वानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम मिलने जा रहा है। स्टेडियम का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शुक्रवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने हल्द्वानी के गौलापार में मानसखंड खेल परिसर में बन रहे एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में सभी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाई जा रही हैं और निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हॉकी स्टेडियम बन जाने के बाद क्षेत्रीय खिलाड़ी यहां नियमित रूप से अभ्यास और प्रशिक्षण ले सकेंगे। खेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि बनाने की दिशा में यह स्टेडियम एक नया आयाम है।
उन्होंने कहा जिस तरह से प्रदेश के सभी शहरों और कस्बों में खेल सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही है, इससे निश्चित रूप से खेल जगत में उत्तराखंड के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में भारत को दिलाया रजत और कांस्य, सीएम धामी ने दी बधाई
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में वेटलिफ्टर मुकेश पाल ने भेंट की। मुकेश पाल ने अमेरिका के बर्मिंघम (अलाबामा) में 27 जून से 07 जुलाई, 2025 तक आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत एवं कांस्य पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया है।
मुकेश पाल वर्तमान में सीआईडी, हल्द्वानी में उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आस्था और विरासत को आतंकवाद से जोड़ना निंदनीय, समाज की एकता को किया जा रहा चोटिल
उत्तर प्रदेश। वाराणसी में आयोजित बिरसा मुंडा राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक और धार्मिक आयोजनों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम व सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने विशेष रूप से कांवड़ यात्रा को लेकर हो रही आलोचनाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का अपमान बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति का प्रतीक है, जिसमें समाज के सभी वर्ग—श्रमिक से लेकर उच्च वर्ग तक—बिना किसी जातीय या क्षेत्रीय भेदभाव के सम्मिलित होते हैं। उन्होंने इस यात्रा को लेकर सोशल मीडिया और कुछ वर्गों द्वारा की जा रही आलोचना को निंदनीय बताते हुए कहा कि कांवड़ियों को “उपद्रवी” और “आतंकवादी” कहना भारत की परंपरा और आस्था का अपमान है।
सीएम योगी ने कहा, “जो लोग कांवड़ यात्रा को बदनाम करते हैं, वही लोग जनजातीय समुदाय को देश से अलग करने की साजिशें रचते आए हैं। वे सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय तनाव फैलाने की कोशिश करते हैं। हमें इस मानसिकता से सावधान रहना होगा, ताकि समाज और राष्ट्र की एकता को मजबूत किया जा सके।”
उन्होंने बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनकी विरासत हमें सामाजिक न्याय और एकता की राह दिखाती है। ब्रिटिश शासन और जमींदारी के खिलाफ उनका आंदोलन आज भी प्रासंगिक है।
मुख्यमंत्री ने जौनपुर की एक घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि जब कुछ लोग नियमों की अवहेलना कर ताजिया निकालने का प्रयास कर रहे थे और हाईटेंशन तार की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो गए, तब प्रशासनिक निर्णय लेने की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने कहा, “ये लातों के भूत हैं, जो बातों से नहीं मानते।”
सीएम ने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी विवाद में जबरन हस्तक्षेप न करें। “अगर आप दारोगा की भूमिका में उतरेंगे तो पिट सकते हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का अराजकता फैलाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन इसे सख्ती से नियंत्रित करेगा।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और सौंदर्य को दिखाएगी फिल्म
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में हिंदी फ़िल्म “5 सितम्बर” का पोस्टर लॉन्च किया। यह फ़िल्म पूर्णतः उत्तराखंड में फिल्माई गई है तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय प्रतिभा को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करने का सशक्त प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म निर्माण का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फिल्म नीति के तहत हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि अधिक से अधिक निर्माता–निर्देशक उत्तराखंड की धरती पर फिल्म निर्माण करें और राज्य के युवाओं को रोजगार और मंच प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फ़िल्में न केवल उत्तराखंड की प्रतिभा को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि पर्यटन एवं सांस्कृतिक संवर्धन में भी सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने फिल्म निर्माण टीम को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह फ़िल्म दर्शकों के मन को छूने में सफल होगी।
इस अवसर पर फिल्म के डायरेक्टर कुनाल शमशेर मल्ला, कलाकार संजय मिश्रा, ब्रिजेंद्र काला, ऋषभ खन्ना, भुवन खन्ना और दीपराज राणा मौजूद थे।
राजकुमार राव और मानुषी छिल्लर की एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘मालिक’ ने 11 जुलाई को बड़े पर्दे पर दस्तक दी थी। शुरुआती दिनों में इसने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की, लेकिन पहले वीकेंड के बाद फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ती गई। एक हफ्ते के भीतर इसकी कमाई लाखों तक सिमट गई है, जिससे निर्माता-निर्देशक की उम्मीदों को झटका लगा है।
तीन दिन का जोश, फिर गिरा ग्राफ
फिल्म ने पहले दिन 3.75 करोड़ रुपये का बिजनेस किया, जबकि वीकेंड के चलते दूसरे और तीसरे दिन इसका कलेक्शन 5.25 करोड़ तक पहुंचा। हालांकि सोमवार से फिल्म की पकड़ कमजोर होने लगी। चौथे दिन सिर्फ 1.75 करोड़, पांचवें दिन 2.1 करोड़, और छठे दिन फिर से 1.75 करोड़ का आंकड़ा ही छू सकी।
सातवें दिन की हालत चिंताजनक
सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार यानी सातवें दिन ‘मालिक’ महज 94 लाख रुपये ही कमा सकी। अब तक फिल्म का कुल कलेक्शन करीब 20.79 करोड़ रुपये है। हालांकि फिल्म की स्टार कास्ट और प्रचार को देखते हुए इससे ज्यादा की उम्मीद की जा रही थी।
‘सुपरमैन’ और दूसरी फिल्मों से टक्कर भारी पड़ी
‘मालिक’ के साथ रिलीज हुई ‘आंखों की गुस्ताखियां’ और हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर ‘सुपरमैन’ ने इसके कलेक्शन को प्रभावित किया। विशेषकर ‘सुपरमैन’ ने मल्टीप्लेक्स दर्शकों को अपनी ओर खींचा, जिससे ‘मालिक’ की स्क्रीन शेयर और दर्शक संख्या पर असर पड़ा।
अभिनय मजबूत, लेकिन स्क्रिप्ट कमजोर
राजकुमार राव का अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है, जबकि मानुषी छिल्लर ने भी अपने किरदार में मेहनत की है। प्रोसेनजीत चटर्जी और हुमा कुरैशी ने सपोर्टिंग भूमिकाओं में कहानी को संतुलन देने की कोशिश की है। निर्देशक पुलकित की थ्रिलर स्क्रिप्ट शुरुआत में पकड़ बनाती है, लेकिन मिड और क्लाइमैक्स में कमजोरी के चलते दर्शकों का जुड़ाव कम होता चला जाता है।
(साभार)
125 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा पर AAP का वार
AAP नेता अनुराग ढांडा बोले — पार्टी की एंट्री से बदली राज्य की राजनीति की दिशा
नई दिल्ली। बिहार में आम आदमी पार्टी की सक्रियता के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पहली बार 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इस फैसले को ‘केजरीवाल मॉडल’ की लोकप्रियता का असर बताया है। उन्होंने कहा कि बिहार में अब चुनाव बुनियादी मुद्दों पर लड़ा जाएगा।
आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि जैसे ही पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की, पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं ने जनसंपर्क अभियान चलाकर जनता की बुनियादी जरूरतों को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के 1.67 करोड़ उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। ढांडा का दावा है कि यह बदलाव आम आदमी पार्टी के बढ़ते जनाधार और असर का नतीजा है।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की राजनीति को नई दिशा दी है, जहां मुफ्त बिजली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जनता की प्राथमिकता बन गई हैं। अब बिहार में भी केजरीवाल मॉडल की झलक दिखने लगी है।
नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 20 वर्षों के शासन के बावजूद बिहार की कानून-व्यवस्था दयनीय है और राज्य आज भी विकास की दौड़ में पिछड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम नीतीश पूरी तरह भाजपा के नियंत्रण में हैं और ‘सुशासन बाबू’ की छवि अब कमजोर पड़ चुकी है।
ढांडा ने कहा कि बिहार में आम आदमी पार्टी जनता के मूलभूत अधिकारों को चुनावी मुद्दा बनाएगी और एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आएगी। पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी और ‘केजरीवाल मॉडल’ को जन-जन तक पहुंचाएगी।
बैठक में मौके पर ही कई मांगों को स्वीकृति, अधिकारियों को दिए तत्काल निर्देश
देहरादून— जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने परिजनों की समस्याएं सुनीं और कई मांगों पर मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में देरी के लिए क्षमा याचना करते हुए डीएम ने बताया कि वे अपने कार्यालय में कुछ बुजुर्ग याचियों से बातचीत में व्यस्त थे, जिससे उन्हें बैठक में पहुंचने में विलंब हुआ।
कुछ प्रमुख निर्णय व निर्देश:
निःशुल्क बस यात्रा: स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बसों में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के लिए निशुल्क यात्रा की स्वीकृति मौके पर ही दी गई। रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा को लेकर जीएम रोडवेज से पत्राचार करने का आश्वासन भी दिया गया।
स्थलों का नामकरण: स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर चौराहों, स्कूलों, सड़कों एवं अन्य स्थानों का नामकरण करने की मांग पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, शहरी विकास, लोनिवि एवं शिक्षा विभागों से पत्राचार करने की बात कही।
स्मारकों का जीर्णोद्धार: पुरानी जेल परिसर में स्थित स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारक के जीर्णोद्धार की स्वीकृति देते हुए डीएम ने मौके पर ही स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। खाराखेत के ऐतिहासिक स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए DPR बन चुकी है और कार्य जल्द शुरू होगा।
पेंशन एरियर भुगतान: वर्ष 2021 में बढ़ी पेंशन का एरियर न मिलने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मुख्य कोषाधिकारी को सभी 10 लाभार्थियों को तत्काल एरियर भुगतान करने के निर्देश दिए। मुख्य कोषाधिकारी ने आश्वासन दिया कि भुगतान आज ही कर दिया जाएगा।
अभद्रता की शिकायत: रोडवेज कंडक्टर द्वारा अभद्रता की शिकायत पर डीएम ने GM परिवहन व RTO को कंडक्टरों के प्रशिक्षण का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य सुविधाएं: अस्पतालों में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के लिए विशेष पंजीकरण खिड़की खोलने, अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति और चिकित्सकीय स्टाफ को सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के निर्देश भी दिए गए।
भूमि आवंटन एवं भवन निर्माण: 100 वर्गमीटर भूमि आवंटन पर अमल हेतु नगर निगम मेयर को पत्र भेजने की बात कही गई। साथ ही एमडीडीए और वन विभाग को आवंटित भूखंडों पर शीघ्र निर्माण और पेड़ स्थानांतरण कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
सेनानी भवन विवाद का समाधान: पुरानी जजी परिसर में निर्माणाधीन सेनानी भवन में उत्पन्न विवाद का मौके पर ही समाधान करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने को कहा।
बैठक में प्रमुख लोग उपस्थित रहे:
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, एडीएम प्रशासन जयभारत सिंह, अपर नगर आयुक्त अवास रजा, एसडीएम हरिगिरि एवं अपर्णा सिंह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी सहित स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारी अवधेश पंत, गोवर्धन प्रसाद शर्मा, महिपाल सिंह रावत, विजय कुमार गर्ग, यशपाल सिंह रावत और अन्य लोग शामिल रहे।
शिवभक्तों को सम्मानित कर बोले मुख्यमंत्री: यह मेरे जीवन का सौभाग्य है
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुॅचकर ओम पुल के निकट गंगा घाट पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया तथा देशभर से आए शिवभक्त कांवड़ियों के चरण धोकर स्वागत किया व उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने आयोजित भजन सन्ध्या में भी प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि शिव भक्त कांवड़ियों का पैर पखार कर उनका आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने सफल आयोजन के लिए हरिद्वार पुलिस सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों, एचआरडीए को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जल अर्पित करने मात्र से ही भगवान शिव अपने सभी भक्तों की मनोकामनायें पूरी कर देते है, और श्रावण मास में तो भगवान शिव की भक्ति का प्रभाव अत्यधिक बढ़ जाता है। देशभर से सैकड़ो -हजारों किलोमीटर की यात्रा करके शिव भक्त कांवड़िये धर्म नगरी हरिद्वार से गंगा का जल लेकर जाते है और जलाभिषेक करते हैं | उन्होंने कहा कि कांवड यात्रा न केवल श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है बल्कि यह हमें सेवा में पुण्य का भागीदार बनने का भी अवसर देती है। इस वर्ष की अभी तक कांवड यात्रा पर एक करोड़ से अधिक शिव भक्त कांवड़ियों ने अपने-अपने गंतव्य को प्रस्थान कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ संस्कृति के संरक्षण के लिए बहुत पुनरोत्थान के कार्य भी चले रहे है, चाहें काशी विश्वनाथ कोरिडोर, अयोध्या में भव्य राम मन्दिर बनने की बात करें या उज्जैन में बनने वाला महाकाल, हमारे देवभूमि उत्तराखण्ड में केदारनाथ का नवनिर्माण या बद्रीविशाल का मास्टर प्लान हो, इन सभी पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारे राज्य में प्रथम ध्वज वाहक बनकर आदि कैलाश यात्रा को पूरे विश्व में प्रसिद्धि दिलाने का काम किया है। वह देश के प्रथम प्रधानमंत्री है जिन्होंने साढे़ 17 हजार फुट की ऊँचाईं पर जाकर सीमांत क्षेत्र में भगवान आदि कैलाश व पार्वती कुण्ड के दर्शन किये। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मां गंगा के तट पर हरिद्वार-ऋषिकेष कोरिडोर का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हरिद्वार धर्मनगरी का भी काशी, अयोध्या की भाँति अपने भव्य स्वरूप में दर्शन हो जाया करेंगें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पवित्र धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसके लिए हमने पहली बार एक विशिष्ट मोबाइल एप के साथ स्वास्थ्य केन्द्र, शौंचालय, पार्किंग, टिन शेड विस्तार, विश्राम स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था की है। आपकी यात्रा में कोई असुविधा न हो साथ ही प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग एवं हरिद्वार क्षेत्रों में होटल एवं ढाबों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मोनीटरिंग भी की जा रही है। यात्रा के दौरान सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किये गये है, धर्मनगरी हरिद्वार में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही हैं। लगभग तीन सौ से ज्यादा कैमरें कांवड क्षेत्र में लगाये गये है। कांवड मेंला क्षेत्र में वाटर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की है, जाम में फंसे गम्भीर मरीजों को गंगा नदी और गंगनहर के जरिये जल्द से जल्द निकटवर्ती अस्पतालों तक पहुंचाए जा सके। कांवड मेंला केवल एक धार्मिक आयोजन ही नही हमारी आस्था श्रृद्धा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। हमारा सौभाग्य है कि हर साल करोंड़ों-करोंडों शिव भक्तों का सेवा करने का सुअवसर प्राप्त होता है। जहां भक्ति है वहां मर्यादा की भी आवश्यकता है, जहां आस्था है वहां अनुशासन भी जरूरी है, और जहां शिव है वहां शान्ति भी स्वाभाविक है। लेकिन हाल ही में कुछ घटनाएं भी सामने आई है, जहां कुछ स्थानों पर कांवड यात्रा के दौरान उपद्रव और अनुशासनहीनता भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि शिव शक्ति कोई प्रदर्शन नहीं बल्कि एक आन्तरिक साधना है। उन्होंने कहा कि भगवान महादेव को जलाभिषेक करने, जल अर्पित करने एवं उनकी अराधना करने की पवित्र यात्रा एवं अनुष्ठान है। उन्होंने कहा कि महादेव को प्रसन्न करने के लिए, अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए, अपना शोधन करने लिए इस यात्रा को करते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि आपकी यात्रा के कारण किसी को भी पेरशानी न हो, यात्रा में किसी भी प्रकार का विघ्न एवं बाधा न हो, कावंड़ यात्रा के नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति कावड़ यात्रा के उद्देश्यों को भुलाकर अशान्ति, एवं उपद्रव की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं, उनसे भी विनम्र अपील की कि वह सच्चे शिव भक्त की भांति विनम्रता पूर्ण आचरण करें, क्योंकि जब भक्त विनम्र और सहनशील होता है तब आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है। उन्होंने भगवान आशुतोष से प्रार्थना की कि इस बार की कांवड़ यात्रा आपके भीतर शिव तत्व को जागृत करें, इसके लिए आपको प्रसन्न रहकर शान्तिपूर्ण आचरण करना होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की यह पुण्य भूमि केवल आप सभी का स्वागत ही नहीं करती है, बल्कि आपकी सेवा को अपना शौभाग्य मानती है। इसलिए संरकार, शासन एवं प्रशासन, स्वयं सेवी संगठन, डॉक्टर्स, सफाई कर्मी, व्यापार मण्डल, श्री गंगा सभा, जनप्रतिनिधिगण, सन्तगण सभी मिलकर कांवड़ यात्रा का संयोजन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए हमने विकल्प रहित संकल्प के साथ हम निरन्तर कार्य कर रहे हैं, उसका परिणाम भी आ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी दिशा बिल्कुल सही लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, नीति आयोग भारत सरकार ने इण्डेक्स में पूरे देश के अन्दर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में देवभूमि उत्तराखण्ड ने देश के अन्दर पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही बेरोजगारी दर राष्ट्रीय स्तर से कम हुई है। उन्होंने कहा कि हमने नकलविरोधी कानून बनाया है, इसके बनने के बाद 24 हजार से अधिक नियुक्तियां बिना किसी नकल व बिना भ्रष्टाचार के सम्पन्न हो गई हैं। उन्होंने कहा कि नकल माफिया जेल की सलाखों के पीछ़े हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण के लिए भी काम किया है, सख्त धर्मान्तरण विरोधी कानून लागू किया है, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिकता कानून लागू किया है, वहीं लव जिहाद, लैण्ड जिहाद और थूक जिहाद के खिलाफ भी कठौर कार्यवाही सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनानत की आड़ में विधर्मियों द्वारा छद्म वेष बनाकर भोले भाले लोगों को ठगने के खिलाफ भी ऑपरेशन कालनेमि चला रहे हैं। इस ऑपरेशन के माध्यम से छद्म वेशधारियों को पकड़ने का काम कर रहे है, जोकि सनातन धर्म को नुकसान पहुॅचाने एवं हिन्दु धर्म को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में श्रीमद् भागवत गीता के पाठ को भी अनिवार्य कर दिया है। पिछले दो दिनों से सभी स्कूलों में विद्यार्थी गीता का पाठ कर रहे हैं, जिससे हमारे प्रदेश के बच्चे शिक्षा के साथ-साथ जीवन जीने की कला को भी सीख पायें, शिक्षा के साथ-साथ अपने अध्यात्म के प्रति भी उत्सुकता भी जागृत हो।उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यात्रा की सफलता एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जो भी दिशा-निर्देश जारी किये हैं, उनका अनुपालन करें, यात्रा को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।
इस दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी,राज्यसभा सासंद कल्पना सैनी,राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि,शोभाराम प्रजापति,देशराज कर्णवाल, हरिद्वार मेयर किरण जैसल,रुड़की मेयर अनीता देवी,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी ,विधायक प्रदीप बत्रा ,आदेश चौहान, मदन कौशिक,जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की मधु,श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम,महामंत्री तन्मय वशिष्ठ,सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार,पूर्व विधायक संजय गुप्ता,प्रणव सिंह चैंपियन, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,आईजी राजीव स्वरूप,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे |
सचिवालय में कौशल विकास और श्रम विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कौशल विकास और श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए सभी संबंधित विभागीय सचिव समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने मुख्य सचिव को सचिवों के साथ बैठक कर इसके लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को इन्क्यूबेशन और ग्रोथ सेंटरों से जोड़ने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में स्थानीय लोगों को प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, मिस्त्री जैसे कार्यों के लिए बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। उद्योगों की मांग और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कोर्स तैयार किए जाएं। प्रशिक्षण केंद्रों में अत्याधुनिक मशीनें, प्रयोगशालाएं (लैब्स) और स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जनपद की पारंपरिक पहचान को ध्यान में रखते हुए लोगों को कौशल विकास और प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण बढ़ाने के साथ ही सभी कुशल श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल श्रम मुक्ति के लिए लक्षित पुनर्वास से संबंधित कार्रवाई हेतु शीघ्र योजना बनायी जाए। राज्य के बड़े जनपदों में बाल श्रम मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये विशेष कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की जाए तथा प्रदेश के दूरदराज इलाकों में स्किल ऑन व्हील्स वैन की शुरूआत की जाए। मुख्यमंत्री ने हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में राज्य के युवाओं को विदेश में रोजगार से जोड़ने के लिए संबंधित देशों में स्थित भारत के दूतावासों से संपर्क किये जाने पर बल देते हुये ऐसे युवाओं को विदेशी भाषाओं के कोर्स कराने हेतु दून विश्वविद्यालय से नियमित समन्वय स्थापित किये जाने के भी निर्देश दिए। जनपदों में बनाए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने की भी बात मुख्यमंत्री ने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष कितने युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ा गया इसके विवरण के साथ दीर्घकालिक योजना के बारे में कौशल विकास विभाग 10 दिनों के भीतर स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करे।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 27 आईटीआई में प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थियों को दो वर्षीय कोर्स के अंतर्गत एक वर्ष का प्रशिक्षण आईटीआई में तथा एक वर्ष का प्रशिक्षण उद्योगों में प्रदान करने हेतु भारत सरकार से सहमति प्राप्त हो गई है। पाँच अन्य आईटीआई के लिए शीघ्र ही सहमति प्राप्त किये जाने की प्रक्रिया गतिमान है।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, सी. रविशंकर एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
