मंदिर समिति ने जारी की वस्त्र आचार संहिता
मसूरी। सिद्धपीठ भद्रराज मंदिर में अब श्रद्धालुओं को मर्यादित वस्त्र पहनकर ही प्रवेश की अनुमति होगी। यह फैसला मंदिर समिति द्वारा मंदिर की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। अमर्यादित या अनुचित पोशाक में आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले धोती प्रदान की जाएगी।
मसूरी से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर, समुद्र तल से 7,267 फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान भद्रराज मंदिर में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन को आते हैं। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी को समर्पित है और 16 व 17 अगस्त को यहां भव्य मेले का आयोजन भी होता है।
मंदिर समिति बिन्हार जौनपुर मसूरी, पछवादून की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे पारंपरिक एवं मर्यादित पहनावे में ही मंदिर आएं। समिति अध्यक्ष राजेश नौटियाल ने जानकारी दी कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि मंदिर में स्कर्ट, ऑफ शोल्डर ड्रेसेस, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, फटी हुई जींस जैसे वस्त्रों में आने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर समिति का कहना है कि धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, और इस दिशा में यह एक आवश्यक कदम है।
आईटीबीपी इंस्पेक्टर बात-बात में तान देता था बेट और पत्नि पर बंन्दूक, प्रशासन का सख्त एक्शन, ऑन द स्पॉट लाईसेंस निलम्बित
देहरादून — जिला प्रशासन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि शस्त्र लाइसेंस मनमानी करने का अधिकार नहीं है। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए रेसकोर्स निवासी एक व्यक्ति का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
यह कार्रवाई उस समय की गई जब जनता दरबार के दौरान विकास घिल्डियाल नामक युवक ने जिलाधिकारी को बताया कि उसके माता-पिता के तलाक के बावजूद उसके पिता लाइसेंसी बंदूक का उपयोग उसे और उसकी मां को डराने-धमकाने में कर रहे हैं। युवक ने आशंका जताई कि इस स्थिति से कभी भी कोई गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।
डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही शस्त्र लाइसेंस को निलंबित करते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने और शस्त्र थाने में जमा करवाने के निर्देश पुलिस अधीक्षक को दिए। इसके बाद इस आदेश को विधिवत जारी कर दिया गया है।
जिलाधिकारी के इस निर्णय से पीड़ित मां-बेटे को बड़ी राहत मिली है, वहीं समाज में शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग को लेकर भी एक सख्त संदेश गया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। डीएम ने कहा, “शस्त्र लाइसेंस सिर्फ आत्मरक्षा के लिए होता है, न कि परिजनों को डराने या दबाव बनाने के लिए। कानून के खिलाफ जाने वालों को कोई राहत नहीं दी जाएगी।”
प्रशासन की इस तत्परता ने यह संदेश भी दिया है कि ‘एंग्री गनमैन’ जैसे व्यवहार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर कोई फिट और एनर्जेटिक दिखना चाहता है। लेकिन जैसे ही वजन घटाने की बात आती है, अधिकतर लोग सबसे पहले अपने खाने की मात्रा घटा देते हैं। यह सोच आम है कि कम खाना यानी तेजी से वजन घटाना। मगर क्या यह तरीका वाकई सेहत के लिए सही है? विशेषज्ञों की मानें तो नहीं।
हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. मल्हार गाणला के अनुसार, अचानक भोजन की मात्रा कम कर देना न सिर्फ शरीर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि वजन घटाने के लक्ष्य को भी प्रभावित कर सकता है। आइए समझते हैं क्यों।
पोषक तत्वों की भारी कमी
जब आप बिना सोचे-समझे अपनी डाइट को कम कर देते हैं, तो शरीर को जरूरी विटामिन, प्रोटीन, मिनरल और फाइबर नहीं मिल पाते। इसका असर सीधा आपकी एनर्जी, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है। नतीजा – कमजोरी, थकावट और बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
पेट का न भरना, भूख का बार-बार आना
कम खाने से पेट पूरी तरह नहीं भरता, जिससे बार-बार भूख लगती है। इससे न सिर्फ बेचैनी होती है, बल्कि आप बाद में ज्यादा खा लेते हैं, जो वजन घटाने के प्लान को उल्टा कर सकता है।
क्या करें?
डॉ. गाणला की सलाह है – खाना बंद नहीं करें, बल्कि स्मार्ट चॉइस बनाएं। मतलब, उन चीजों को कम करें जिनमें कैलोरी ज्यादा है (जैसे – रोटी, चावल, तले हुए स्नैक्स), और उनकी जगह ऐसे फूड शामिल करें जो पोषक भी हों और कम कैलोरी वाले हों।
क्या खाएं?
सब्जियां: फाइबर से भरपूर, पेट भी भरेगा और वजन भी घटेगा।
दालें: प्रोटीन की अच्छी मात्रा देती हैं।
सलाद: हर मील से पहले सलाद खाने से पेट जल्दी भरता है और ओवरईटिंग रुकती है।
फ्रूट्स: लेकिन सीमित मात्रा में, खासकर लो-शुगर वाले फल जैसे अमरूद, पपीता या सेब।
वजन घटाने के लिए भूखा रहना नहीं, सही और संतुलित खाना जरूरी है। अपने शरीर को पोषण से वंचित करना कभी भी हेल्दी तरीका नहीं हो सकता। याद रखें – भूख मिटाना भी जरूरी है, लेकिन समझदारी से।
(साभार)
उत्तराखण्ड की विलुप्त होती परंपराओं के संरक्षण पर हुई सार्थक चर्चा
देहरादून। उत्तरकाशी से आए लोकसंस्कृति से जुड़े प्रसिद्ध युवा कलाकार मुकुल बड़ुनी एवं ने आज उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण से शिष्टाचार भेंट की। यह भेंट उत्तराखण्ड की विलुप्त होती कला, संस्कृति एवं परंपराओं को अपने सृजन के माध्यम से पुनर्जीवित करने के प्रयासों के संदर्भ में की गई।
इस अवसर पर उन्होंने अपने हस्तनिर्मित चित्रकला “माँ गंगा” की एक अनुपम कलाकृति विधानसभा अध्यक्ष को उपहार स्वरूप भेंट की, जिसे उन्होंने अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणास्पद बताया। यह कलाकृति न केवल कला का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि उत्तराखण्ड की अध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है।

विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण ने मुकुल बड़ूनी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर केवल हमारी पहचान ही नहीं, बल्कि हमारी आत्मा है। इसे संजोए रखना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी कहा कि लोककलाओं को मंच और प्रोत्साहन देकर हम अपने राज्य की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक पहचान दिला सकते हैं।
श्रीमती खण्डूडी भूषण ने इससे जुड़े सभी कलाकारों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं और आश्वस्त किया कि ऋतु खण्डूडी भूषण पारंपरिक कला एवं कलाकारों को निरंतर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्र सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना देश के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।
मीडिया को जारी अपने बयान में मंत्री जोशी ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और सतत खेती (सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) को प्रोत्साहित करना है। साथ ही, यह योजना कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार लाने और किसानों को अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक ऋण सुलभ कराने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
उन्होंने बताया कि यह योजना उन क्षेत्रों को लक्षित करेगी जहां उत्पादकता कम है, फसल सघनता न्यून है और कृषि ऋण का वितरण अपेक्षाकृत कम रहा है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक राज्य से कम से कम एक जिला शामिल किया जाएगा और वर्ष 2025-26 तक देश के 100 जिलों में इसे लागू किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष तक किसानों की आय दोगुनी करने के विजन को पूर्णता तक पहुंचाने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल का भी इस किसान हितैषी निर्णय के लिए आभार जताया।
4500 से अधिक शहरों के बीच हुए सर्वेक्षण में इंदौर का प्रदर्शन रहा शानदार
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के नतीजों में इंदौर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। इस बार भी इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया, जो कि लगातार आठवीं बार इस खिताब पर कब्जा जमाने वाला पहला शहर बन गया है। गुजरात का सूरत दूसरे स्थान पर रहा। इस उपलब्धि ने इंदौर को सुपर लीग श्रेणी में भी शीर्ष पर पहुंचा दिया है।
सुपर लीग में 23 शहरों की टक्कर, इंदौर फिर सबसे आगे
स्वच्छ सर्वेक्षण की सुपर लीग में उन 23 शहरों को शामिल किया गया था, जो पिछले वर्षों में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रह चुके हैं। इंदौर ने इस श्रेणी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वच्छता की कसौटी पर बाकी सभी शहरों को पीछे छोड़ दिया।
राष्ट्रपति ने विजेताओं को किया सम्मानित
गुरुवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वच्छता पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने की। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
4,500 से अधिक शहरों की हुई परख
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में देशभर के 4,500 से अधिक शहरों का मूल्यांकन किया गया। स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नागरिक भागीदारी और सेवा वितरण जैसे 10 प्रमुख मापदंडों और 54 सूचकों के आधार पर यह सर्वे किया गया। यह सर्वेक्षण न केवल सफाई की स्थिति को दर्शाता है, बल्कि शहरी जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नागरिकों की सक्रिय भूमिका को भी उजागर करता है।
हॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित सुपरहीरो फिल्म ‘सुपरमैन’ ने 11 जुलाई को भारत में बड़े पर्दे पर एंट्री ली और पहले दिन से ही जबरदस्त कमाई करते हुए चर्चा में आ गई। जहां एक ओर कुछ बॉलीवुड फिल्में इसे टक्कर देने की कोशिश में थीं, वहीं ‘सुपरमैन’ ने बॉक्स ऑफिस पर एकतरफा दबदबा बनाते हुए सभी को पीछे छोड़ दिया है।
शुरुआती दिनों से शानदार प्रदर्शन
फिल्म ने पहले ही दिन 7.25 करोड़ रुपये की धमाकेदार ओपनिंग ली। दूसरे दिन शनिवार को यह आंकड़ा बढ़कर 9.5 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जबकि रविवार को 9.25 करोड़ रुपये की कमाई हुई। सोमवार को जहां अधिकतर फिल्मों की रफ्तार धीमी हो जाती है, वहीं ‘सुपरमैन’ ने 2.6 करोड़ रुपये कमा कर अपनी पकड़ बरकरार रखी।
मिडवीक में भी जारी है कमाई
पांचवें दिन (मंगलवार) को फिल्म के कलेक्शन में हल्की बढ़त देखने को मिली और 3 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं बुधवार को (छठे दिन) फिल्म ने 1.44 करोड़ रुपये की कमाई की। अब तक ‘सुपरमैन’ का भारत में कुल कलेक्शन 33.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
50 करोड़ क्लब की ओर बढ़ते कदम
फिल्म की वीकडेज पर भी मजबूत पकड़ यह संकेत देती है कि आगामी वीकेंड में यह फिल्म फिर से रफ्तार पकड़ेगी और जल्द ही 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है।
डीसी यूनिवर्स की नई शुरुआत
‘सुपरमैन’ डीसी यूनिवर्स (DCU) की पहली फिल्म है, जिसे जेम्स गन ने लिखा और निर्देशित किया है। फिल्म में डेविड कोरेंसवेट ने सुपरमैन उर्फ क्लार्क केंट की भूमिका निभाई है। डीसी कॉमिक्स पर आधारित यह फिल्म न केवल अमेरिका में बल्कि भारत जैसे देशों में भी जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर रही है।
(साभार)
कार और बाइक की टक्कर के बाद वाहन नहर में गिरे, दो लोग गंभीर रूप से घायल
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात लोगों की जान चली गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना डिंडोरी कस्बे के पास वाणी-डिंडोरी रोड पर उस समय हुई जब एक कार और मोटरसाइकिल के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई।
पुलिस के अनुसार, हादसे की जानकारी उन्हें रात करीब 11:57 बजे मिली। घटना वाणी-डिंडोरी रोड पर एक नर्सरी के पास घटी, जहां टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क किनारे एक नहर में जा गिरे। सूचना मिलते ही पुलिस और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया।
मलबे से कुल सात लोगों के शव निकाले गए, जबकि दो अन्य घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मृतकों की पहचान की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच भी जारी है।
स्थानीय प्रशासन ने घटना को बेहद दुखद बताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। फिलहाल, दुर्घटना को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
“संस्कारों की सुबह”– धामी सरकार का नया फैसला, प्रार्थना सभा में अब अनिवार्य होगा गीता पाठ
देहरादून। शिक्षा से जुड़े एक ऐतिहासिक निर्णय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान भगवद गीता के श्लोकों का पाठ अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “गीता का संदेश न केवल धार्मिक, बल्कि जीवन की जटिलताओं में मार्गदर्शन करने वाला दर्शन है। यह विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाई में बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और आचरण में सकारात्मक बदलाव लाएगा।”
क्या होगा इस निर्णय के तहत.?
हर स्कूल में प्रतिदिन की प्रार्थना सभा में गीता के चयनित श्लोकों का पाठ होगा।
श्लोकों के साथ उनका सरल अर्थ और व्याख्या भी विद्यार्थियों को समझाई जाएगी।
शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर, शिक्षकों को इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार का उद्देश्य :-
नैतिकता, अनुशासन, और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को शिक्षा से जोड़ना।
भावनात्मक विकास और आत्मबोध को शिक्षा प्रणाली में समाहित करना।
छात्रों को एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाना।
मुख्यमंत्री धामी का साफ़ कहना है —
“यह कोई धार्मिक निर्णय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।”
शिक्षाविदों और अभिभावकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। लेकिन एक बात स्पष्ट है उत्तराखंड अब शिक्षा को केवल किताबों तक नहीं, बल्कि संस्कारों तक पहुँचाने की दिशा में एक ठोस कदम उठा रहा है।
जागेश्वर धाम बनेगा सांस्कृतिक विरासत का नया केंद्र, ₹146 करोड़ की परियोजना स्वीकृत
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जागेश्वर मंदिर समिति द्वारा आयोजित श्रावणी मेले 2025 के शुभारंभ अवसर पर वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए सभी श्रद्धालुओं एवं आयोजकों को मेले की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर धाम देवभूमि उत्तराखंड की पौराणिक सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह हमारी लोक आस्था, परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सांस्कृतिक विरासत के पुनरुत्थान का अमृतकाल चल रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक तथा केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमाऊं के प्रमुख धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जागेश्वर मास्टर प्लान के प्रथम चरण में ₹146 करोड़ की स्वीकृति दी जा चुकी है। दूसरे चरण की विकास परियोजनाएं भी स्वीकृत हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद अल्मोड़ा में कोसी नदी के किनारे 40 किमी का साइकिल ट्रैक, शीतलाखेत को ईको टूरिज्म, द्वाराहाट और बिनसर को आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए कार्यरत है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड ने सतत विकास लक्ष्यों में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। राज्य में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से कम हुई है। पिछले चार वर्ष में 24 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धार्मिक व सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा हेतु सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और ऑपरेशन कालनेमी जैसे कठोर कदम भी उठाए गए हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष मंदिर प्रबंधन समिति नवीन भट्ट, जिलाधिकारी अल्मोड़ा आलोक कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा मौजूद थे।
