हमें अलर्ट रहने की जरूरत, पर घबराने की नहीं- स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया..
देश-विदेश: कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। भारत में एक बार फिर से कोरोना महामारी पैर पसार रहा है। कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 से लोगों में डर पैदा कर दिया है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को कोरोना के बढ़ते केसों और सांस लेने संबंधी बीमार लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्यों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों, अधिकारी समेत कई लोग शामिल हुए। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं और तैयारियों के साथ ही संक्रमण की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की गई। बता दें, आईसीएमआर के निदेशक डॉ. राजीव बहल, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और आईसीएमआर की पूर्व महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने भी इस बैठक में भाग लिया।
यह एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने का समय..
कोविड-19 पर समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा, ‘यह एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने का समय है। साथ ही संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण के साथ मिलकर काम करने का समय है। हमें अलर्ट रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। उनका कहना हैं कि अस्पताल की तैयारी, निगरानी बढ़ाने और लोगों के साथ प्रभावी संचार के मॉक ड्रिल के साथ तैयार रहना महत्वपूर्ण है। हर तीन महीने में एक बार सभी अस्पतालों में मॉक ड्रिल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं राज्यों को केंद्र की ओर से सभी प्रकार के समर्थन का आश्वासन देता हूं। स्वास्थ्य राजनीति का क्षेत्र नहीं है।
निवारक उपाय सुनिश्चित करने का आग्रह..
मंडाविया ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से सर्दियों के मौसम और आगामी त्योहारों के दौरान ठंड की स्थिति को देखते हुए निवारक उपाय सुनिश्चित करने का आग्रह किया। आपको बता दें, कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 का पहला मामला आठ दिसंबर को केरल में मिला था। 79 साल की एक बुजुर्ग महिला में ये संक्रमण पाया गया था। वहीं, विदेश में भी कोरोना से हाहाकार मचा है। सबसे बुरा हाल सिंगापुर का है, जहां एक हफ्ते के अंदर करीब 56 हजार से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। वहीं मलेशिया, इंडोनेशिया में भी लगातार मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
फिर बढ़ने लगा कोरोनावायरस का संक्रमण..
देशभर में आज सुबह कुल 341 कोरोनावलायरस के नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 292 मामले केरल से हैं। इसी के साथ केरल में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 2041 हो गया है। तीन मौत के साथ केरल में कोरोनावायरस के कारण होने वाले मौतों के आंकड़ों की संख्या अब बढ़कर 72,056 हो चुकी है।
पिछले 24 घंटों में 224 मरीज या तो ठीक हो चुके हैं या फिर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अबतक कोविड के मामले बढ़कर 68,37,203 हो चुका है। मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि केरल में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि राज्य इस संक्रमण से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान करने और अस्पतालों में आइसोलेशन वॉर्ड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अयोध्या में राम मंदिर के पास बनेगा उत्तराखंड अतिथि गृह, सीएम धामी ने दी स्वीकृति..
उत्तराखंड: अयोध्या में बनाए जा रहे भगवान राम के भव्य मंदिर के पास ही उत्तराखंड सरकार राज्य अतिथि गृह का निर्माण करेगी। राज्य अतिथि गृह के लिए राज्य सरकार ने जो भूमि चिह्नित की है, वह राम मंदिर से करीब सात किमी की दूरी पर है।करीब साढ़े तीन किमी की एरियल दूरी पर स्थित चिह्नित स्थान के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने ले आउट तैयार कर लिया है। इसी ले आउट के अनुसार राज्य सरकार ने भूखंड का चयन किया है। यूपी सरकार ने सभी राज्यों के अतिथि गृह बनाने के लिए एक ही स्थान तय किया है। राज्य संपत्ति विभाग की एक टीम पिछले दिनों अयोध्या से इस स्थान का निरीक्षण करके लौट आई है।
टीम ने करीब पांच भूखंड देखे हैं, जिनमें से किसी एक भूखंड पर सरकार को अतिथि गृह का निर्माण करना है। सीएम को भूखंड का प्रस्ताव दिखा दिया है। सीएम ने अनुमोदन दे दिया है। उन्होंने भूखंड आवंटन के बाद अतिथि गृह निर्माण के लिए तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अतिथि गृह का निर्माण होने के बाद उत्तराखंड से अयोध्या जाने वाले राज्य के लोगों को सुविधा होगी।
4000 वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा अतिथि गृह..
राज्य अतिथि के लिए उत्तराखंड सरकार ने 4000 वर्ग मीटर भूमि की डिमांड की है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। आवंटन से पहले उत्तरप्रदेश आवास विकास परिषद वहां मास्टर प्लान के तहत अवस्थापना तैयार कर रहा है।
जनवरी तक आवंटित हो जाएगी भूमि..
राज्य सरकार अपेक्षा कर रही कि जनवरी माह तक उत्तराखंड को भूखंड का आवंटन हो जाएगा। राज्य सरकार को इसके लिए कीमत देनी होगी। चूंकि ले आउट और अवस्थापना के साथ भूखंडों का आवंटन हो रहा, इसलिए इसकी दरें भी सामान्य से अधिक होगी। भूखंड आवंटन होने के बाद अतिथि गृह के निर्माण की डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। हम जल्द भूमि मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। जिस स्थान पर भूमि चिह्नित की गई है, वहां से अयोध्या के लिए दो मार्ग हैं। पहले करीब साढ़े किमी और दूसरे करीब सात किमी है। अतिथि गृह के लिए सभी राज्यों को एक ही स्थान पर भी भूमि मिलेगी।
सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध- सीएम धामी..
उत्तराखंड: राज्य सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जो इस दिशा में काम कर रही है। यह कहना है सीएम पुष्कर सिंह धामी का। उन्होंने यह बात विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। सीएम ने इस दौरान अल्पसंख्यक आयोग की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
सीएम धामी का कहना है कि आज का दिन देश की एकता और अखंडता के संरक्षण व संवर्धन के लिए हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। देश की एकता और अखंडता का मूल भी हमारी यही सांस्कृतिक विभिन्नताओं में पाए जाने वाली एकरूपता है। अनेकता में एकता का यही भाव देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी पंथ मार्ग, संप्रदायों का सम्मान करने की रही है। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति व सामर्थ्य का विस्तार पूरे विश्व में हो रहा है। उनके दिए गए मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास से नए भारत में हर वर्ग के सशक्तीकरण का प्रयास किया जा रहा है।
अभी तक 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत..
राज्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने के लिए मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। सरकार ने अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है, जिसके तहत अभी तक 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से गांवों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।
राज्य में जल्द लागू होगी समान नागरिक संहिता..
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में समान नागरिक संहिता को जल्द लागू किया जाएगा। इस दिशा में काम किया जा रहा है। 2025 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को सहयोग देना होगा। कार्यक्रम में उत्तराखंड अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष आरके.जैन, उपाध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह, मजहर नईम, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी, डीजीपी अभिनव कुमार आदि मौजूद रहे। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा, विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर सीएम का तोहफा मिला है। सीएम ने मॉडल मदरसों का नाम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने की अनुमति दी है। यह मदरसे राष्ट्रवादी सोच के मॉडल मदरसे होंगे।
खेल महाकुंभ 2023- न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ी करेंगे प्रतिभाग..
उत्तराखंड: खेल महाकुंभ 2023 का सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया है। इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्य और रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे। खेल महाकुंभ में एथलेटिक्स के साथ 15 प्रतिस्पर्धाओं में स्कूली छात्र प्रतिभाग करते हैं। बता दें कि खेल महाकुंभ में न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ी प्रतिभाग करते हैं। खेल महाकुंभ में इस समय करीब दो लाख खिलाड़ियों ने न्याय पंचायत स्तर पर प्रतिभाग किया है। जबकि राज्य स्तर पर छह हजार खिलाड़ी अपना हुनर दिखाएंगे। बता दें कि उत्तराखंड के छात्रों की प्रतिभा निखारने के लिए हर साल खेल महाकुंभ का आयोजन किया जाता है।
नए साल में रेलवे यात्रियों को मिलेगी बड़ी राह..
मॉडर्न सुविधा से जानें क्या-क्या फायदा मिलेंगे..
उत्तराखंड: देश-दुनिया से रेल यात्रा कर दून आने वाले यात्रियों को नए साल से मॉडर्न सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए रेलवे की ओर से देहरादून रेलवे स्टेशन के पास ही मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। सात मंजिला इस बिल्डिंग को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) में बनाया जा रहा है, जिसमें देशी-विदेशी के साथ ही पहाड़ी व्यंजनों का जायका मिलेगा।
इस बहुमंजिला मल्टीपरपज बिल्डिंग में तकरीबन 64 कमरे होंगे। यात्रियों को इन कमरे की ऑनलाइन बुकिंग कराने की भी सुविधा मिलेगी। रात को रुकने के लिए अभी तक रेलवे यात्रियों को गांधी रोड, प्रिंस चौक, त्यागी रोड, राजपुर रोड समेत कई जगहों पर घूमना पड़ता है। ऐसे में इस बिल्डिंग के बनने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
रेलवे के साइट इंचार्ज वैभव सिंह राणा का कहना हैं कि पीपीपी मोड में बन रहे इस बिल्डिंग पर करीब 10 करोड़ से अधिक खर्च होगा। रेलवे ने कंपनी को 44 साल से जमीन लीज पर दी है। बिल्डिंग का काम तेजी से चल रहा है। अब बिल्डिंग को रंग-रोगन के साथ ही फाइनल टच दिया जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में सीएम धामी ने दिए उत्पादन बढ़ाने के निर्देश..
उत्तराखंड: वैश्विक निवेशक सम्मेलन में ऊर्जा क्षेत्र में एक लाख करोड़ के निवेश पर करार हुआ है। इससे राज्य ऊर्जा क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। उन्होंने उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) से 2030 तक विद्युत उत्पादन के लक्ष्य 2200 मेगावाट को और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा, प्रदेश में स्थापित और नई परियोजना से उद्योगों की बिजली जरूरतों पर ध्यान देना होगा। शनिवार को शाम को यूजेवीएनल के 23वें स्थापना दिवस समारोह में सीएम धामी ने यूजेवीएनएल के नए कारपोरेट भवन का लोकार्पण किया। साथ ही निगम की ओर से सीएसआर फंड के तहत सरस्वती विद्या इंटर कॉलेज भानियावाला को दी गई बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने सीएम को 20.9 करोड़ लाभांश का चेक भेंट किया।
सीएम ने सभी विभागों और संस्थानों से बेहतर वर्क कल्चर के साथ जीरो पेडेंसी का संकल्प लेने को भी कहा। राज्य गठन के बाद यूजेवीएनएल का गठन उत्तराखंड को ऊर्जा राज्य बनाने के लिए किया गया था। ऊर्जा क्षेत्र की विकास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है।लखवाड़ बहुउद्देश्यीय जल विद्युत परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना से करीब 475 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो सकेगा। जो प्रदेश के लिए ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा। जमरानी बांध परियोजना के लिए भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर शीघ्र काम शुरू किया जाएगा।
सरकार किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेगी..
सीएम ने सरकार ने नई जल विद्युत नीति लागू की है। जिसमें यूजेवीएनएल सहित अन्य संस्थानों को अपनी संपत्तियों का भी ध्यान रखने को कहा। ऐसे कई मामले संज्ञान में आ रहे है, जिनमें संस्था की जमीन पर अवैध अतिक्रमण हुआ है। संस्थानों को सरकार की जमीन मिलती है तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उनकी है। इसलिए सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र का अवलोकन करें और जमीनों को कब्जा मुक्त कराएं। सरकार किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निगम की योजनाओं की जानकारी दी।
5433 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन..
उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड(यूजेवीएनएल) के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को सरकार के अंश पूंजी पर लाभांश के रूप में 20.9 करोड़ का चेक भेंट किया। उन्होंने कहा कि निगम की परियोजनाओं में वर्ष 2022-23 में 5433 मिलियन बिजली का उत्पादन किया गया। इससे 115.64 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया गया। यूजेवीएन लगातार पिछले सात वर्षों से प्रदेश सरकार को लाभांश दे रहा है। हनोल त्यूणी जल विद्युत परियोजना व लखवाड़ पंप स्टोरेज परियोजना समेत यूजेवीएन लिमिटेड व टीएचडीसी के संयुक्त उपक्रम को 489 मेगावाट की तीन जल विद्युत परियोजनाएं व 1230 मेगावाट की दो पंप स्टोरेज परियोजनाएं आवंटित किया गया। 2022-23 में सराहनीय प्रदर्शन पर विभिन्न विद्युतगृहों एवं परियोजनाओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
उत्तराखंड में एकल महिलाओं को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देने की योजना..
उत्तराखंड: धामी सरकार एकल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत लाथार्थी महिलाओं को सस्ता लोन दिया जाएगा। इस योजना के तहत सस्ती दरों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। जिसके लिए आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार महिला बाल विकास विभाग इस संबंध में अगली कैबिनेट में प्रस्ताव लाने जा रहा है। इसके तहत अधिकतम दो लाख रुपये वाली परियोजना की लागत पर प्रदेश सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दिए जाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि महकमे के सर्वे के अनुसार प्रदेश में लगभग चार लाख एकल महिलाएं है। लेकिन प्रस्तावित योजना में 25 वर्ष से 45 वर्ष तक की एकल महिलाओं को शामिल किया जाएगा। ऐसी महिलाओं की कुल संख्या डेढ़ लाख तक पहुंच रही है।
विभाग चयनित महिलाओं को स्वरोजगार करने में मदद करेगा। उन्हें सहकारी बैंक से 50 हजार से दो लाख रुपये तक लागत वाली परियोजना पर अधिकतम 75% तक सब्सिडी दी जाएगी। शेष 25% धनराशि भी बिना गारंटर के लोन स्वरूप दी जाएगी। इसके लिए महिला की सालाना आय 72 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। एकल महिलाओं में विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता व अविवाहित महिलाएं शामिल होंगी।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एकल महिलाओं के लिए यह योजना घोषित की गई थी, जिसे अब धरातल पर उतारा जाना है। इस योजना के तहत महिलाएं अपना कोई भी स्वरोजगार शुरू करने के साथ ही अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकेंगी। इसके लिए कैबिनेट मंत्री ने प्रस्ताव बना कर अगली कैबिनेट बैठक में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
ये हैं पात्रता की शर्तें..
महिला उत्तराखंड की मूल निवासी हो
न्यूनतम आयु 25 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष
मासिक आय छह हजार रुपये से अधिक न हो
किसी भी संगठित सेवा, सरकारी, गैर सरकारी उपक्रम में कार्यरत न हो
राजकीय व पारिवारिक पेंशन प्राप्त न करती हो
विधवा, विकलांग जैसी कल्याणकारी योजनाओंं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी पात्र होंगी।
सर्दी में बेघरों के लिए व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त, धामी सरकार ने जारी किये 1.35 करोड़..
उत्तराखंड: प्रदेश में ठंड का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते बेसहारा और बेघर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पढ़ रहा है। बीते मंगलवार को सीएम ने देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया था। इसके साथ ही ISBT के पास स्थित मलिन बस्ती में रह रहे लोगो का हालचाल जाना और वहां की व्यवस्थाओं को परखा। सीएम धामी ने प्रदेश में बेसहारा एवं बेघर लोगों को सर्दी से बचाव की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के लिए सभी जिलाधिकारियों एवं नगर आयुक्तों को निर्देश दिए। सीएम ने तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर यह व्यवस्था बनाये जाने को भी कहा था।
निरिक्षण के दौरान दिए थे निर्देश..
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सर्दी के मौसम में विभिन्न स्थलों पर अलाव की व्यवस्था के साथ बेसहारा लोगो को कंबल व कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान सीएम ने अधिकारियों को रैन बसेरों की स्थिति में और सुधार किये जाने के साथ ही शहर में जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए थे।
सरकार ने जारी की 1.35 करोड़ की धनराशि..
सीएम के निर्देशों के बाद सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने प्रदेश के सभी डीएम को 1.35 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। रंजीत सिन्हा ने कहा कि इस संबंध में डीएम हरिद्वार द्वारा शीतलहर के प्रकोप से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निशुल्क कम्बल वितरण, रेनबसेरों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने के लिए 15 लाख की धनराशि आवंटित किये जाने के लिए कहा गया था।
पौड़ी के लिए जारी की 15 लाख की धनराशि..
इसी क्रम में राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने और निशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि मद के रिस्पॉन्स और रिलीफ मद से एक करोड़ 35 लाख की धनराशि सभी डीएम को स्वीकृत की गई है। जिसमें जनपद पौड़ी को 15 लाख तथा जनपदों को 10-10 लाख की धनराशि शामिल है।
उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिलेगा JRD टाटा मेमोरियल अवार्ड..
उत्तराखंड: स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिये उत्तराखंड को जे.आर.डी. टाटा मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। आगामी 18 दिसम्बर को इंडिया हैबिटैट सेंटर नई दिल्ली में आयोजित 7वें जेआरडी टाटा अवार्ड कार्यक्रम में सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत इस सम्मान को प्राप्त करेंगे। आपको बता दें यह पुरस्कार राज्य को 42 विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये दिया जा रहा है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिये उत्तराखंड को यह सम्मान मिलना अपने आप में गौरव की बात है।
राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के प्रयास में जुटी है। इसी का परिणाम है कि हाई फोकस बड़े राज्यों की श्रेणी में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रदर्शन के लिये प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर 7वें जे.आर.डी. टाटा मेमोरियल अवार्ड के लिये चयनित किया गया है। जिसमें उत्तराखंड को अवार्ड के साथ-साथ पांच लाख की धनराशि भी वित्तीय सहायोग के तौर पर दी जायेगी। पुरस्कार के लिये उत्तराखंड का चयन भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2019-21 में देशभर में कराये गये नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे चार व पांच में विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में बेहतर प्र्रदर्शन एवं सैम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के माध्यम से आंकड़ों में दर्ज प्रगति के आधार पर किया गया है।
जिसके अंतर्गत प्रजनन स्वास्थ्य, किशोर-किशोरी स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन, जल स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, लिंग आधारित हिंसा, जनसंख्या उर्वरता स्तर पर आधारित 42 सूचकांक शामिल हैं। देशभर से हाई फोकस बड़े राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड के साथ ही असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उडीसा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश भी प्रतिस्पर्धा में सम्मिलित रहे हैं।
जानिए 16 दिसंबर को मनाया जाता है विजय दिवस..
देश-विदेश: देश में आज विजय दिवस मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने 1971 युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के नायकों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज विजय दिवस पर हम उन सभी बहादुर नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होनें 1971 में भारत की सेवा करते हुए निर्णायक जीत सुनिश्चित की थी। उनकी वीरता और समर्पण देश के लिए बेहद गर्व का स्रोत है। उनके बलिदान और अटूट भावना हमेशा लोगों के दिलों और हमारे राष्ट्र के इतिहास में अंकित रहेगी। भारत उनके साहस को सलाम करता है और उनकी अदम्य भावना को याद करता है। आपको बता दें कि 1971 की जंग में भारत ने पाकिस्तान सेना को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे और बांग्लादेश नाम का नया देश अस्तित्व में आया था। हर साल 16 दिसंबर को देश में विजय दिवस मनाया जाता है।
