मोदी सरकार को राहत, बरकरार रहेगा 370 हटाने का फैसला..
देश-विदेश: सुप्रीम कोर्ट से पीएम मोदी की सरकार को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को बरकरार रखा है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसकी कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं है। आपको बता दें कि 5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रभाव को खत्म कर दिया था, साथ ही राज्य को 2 हिस्सो जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था। केंद्र के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 23 अर्जियां दी गई थी। सभी को सुनने के बाद सितंबर में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
370 हटने के 4 साल, 4 महिने, 6 दिन बाद आज सुप्रीम कोर्ट मे पांच जजों जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा, जम्मू कश्मीर के संविधान में संप्रभुता का कोई जिक्र नहीं था। हालांकि भारत के संविधान की प्रस्तावना में इसका उल्लेख है। भारतीय संविधान आने पर अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर पर लागू हुआ। अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आर्टिकल 370 हटाने का फैसला बरकरार रहेगा। उन्होनें कहा कि 370 को हटाना संवैधानिक तौर पर सही है। हालांकि उन्होनें कहा कि राष्ट्रपति के पास फैसले लेने का अधिकार है।
‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ नए निर्माण की शुरुआत, मंजिल तक पहुंचाएंगे- सीएम धामी..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को एफआरआई में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की पुस्तिका ‘सशक्त नेतृत्व समृद्ध उत्तराखंड’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि विकास पुस्तिका राज्य सरकार की संचालित योजनाओं, नीतियों को जन-जन तक पंहुचाने का माध्यम होती है। उनका कहना हैं कि सूचना तकनीकी के इस दौर में विकास पुस्तिकाओं को ई-बुक के रूप में भी प्रस्तुत करें। जिससे लोग अपने मोबाइल एवं अन्य माध्यमों से भी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना हैं कि देहरादून में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन की सफलता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा रही है। निवेशक सम्मेलन को सफल बनाने में निवेशकों, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों ने भी सहभागिता सुनिश्चित कर इसे सफल बनाने में पूर्ण सहयोग एवं योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
समिट में इंग्लैंड, आबूधाबी समेत अन्य देशों के साथ-साथ भारत के विभिन्न राज्यों के लोगों ने भी प्रतिभाग किया। यह उत्तराखंड की अनंत संभावनाओं को तलाशने की शुरुआत है। प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ को एक नए उत्तराखंड के निर्माण की शुरूआत बताया है। हम इस शुरूआत को इसकी मंजिल तक पहुंचाएंगे। इस दौरान पांडवाज बैं, प्रीतम भरतवाण एवं लोक कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुति दी। सभी ने लोक कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मीडिया और सभी का धन्यवाद व्यक्त किया। कहा कि सरकार और जनता के बीच मीडिया महत्वपूर्ण कड़ी है। मीडिया ही सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों को जनता तक ले जाती है। जनहित के मुद्दों और आम लोगों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करती है। सचिव सूचना शैलेश बगौली, महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
श्रमिकों के साथ भोजन कर सीएम ने दिया धन्यवाद..
सीएम धामी ने पिछले एक सप्ताह से ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की व्यवस्थाओं से जुड़े श्रमिकों एवं पर्यावरण मित्रों के साथ भोजन कर उनके अथक परिश्रम की सराहना कर धन्यवाद दिया। सीएम ने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता में हमारे श्रमिक भाइयों का विशेष योगदान रहा है, उनके श्रम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुबई में भारतीयों से की मुलाकात..
देश-विदेश: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुबई में भारतीय छात्रों और युवा उद्यमियों और नौकरीपेशा लोगों से मुलाकात की। इस दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि विदेश में रहने वाले भारतीयों से अपील की कि वह दुनिया के सामने देश की तरक्की वाली तस्वीर पेश करें और दुनिया को बताएं कि भारत किस तरह से आगे बढ़ रहा है और क्या बदलाव हो रहे हैं।
विदेश मंत्री का कहना हैं कि प्रधानमंत्री मोदी आज विकसित भारत संकल्प यात्रा को संबोधित करेंगे। इस पहल के जरिए देशवासियों को पिछले 10 सालों में हुई तरक्की के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें समझाया जाएगा कि देश ने क्या प्रगति की है। जब हम विकसित भारत की बात करते हैं तो हम नए भारत के बारे में बात करते हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि जब भी आप ये सब नारे सुनते हैं तो हो सकता है कि आप इसके लाभार्थी ना हों, यह फायदे असल में उन लोगों को मिलेंगे जो इसके असल में जरूरतमंद हैं, लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है। यह पहलू है चंद्र मिशन, सबसे तेजी से 5जी तकनीक को भारत में लागू करना, कोवैक्सिन यह भी विकसित भारत बना रहे हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि ‘इन सब चीजों का पता होना बेहद अहम है, खासकर उन लोगों के लिए जो विदेशों में पढ़ रहे हैं। आपका प्रभाव अपने परिवार या किसी छोटे समूह तक सीमित नहीं है बल्कि आप अन्य लोगों से मिलते हैं और भारत के बारे में उनके विचारों को आकार देते हैं। यह बेहद जरूरी है कि भारत कैसे तरक्की कर रहा है, इसकी जानकारी दुनिया को भी देना अहम है।
फरवरी से अप्रैल 2024 तक होंगी बोर्ड CBSE परीक्षाएं..
उत्तराखंड: जल्द ही 10वीं और 12वीं कक्षा दोनों के छात्रों के लिए http://www.cbse.gov.inपर व्यापक सीबीएससी डेटशीट 2024 प्रकाशित की जाएगी। 15 फरवरी से 10 अप्रैल, 2024 के बीच निर्धारित, कक्षा 10वीं और 12वीं के थ्योरी एग्जाम होंगे, जबकि प्रैक्टिकल एग्जाम 01 जनवरी से 14 फरवरी, 2024 के बीच होंगे। 2023 के CBSE के परीक्षा परिणामों की घोषणा करते हुए, CBSE ने पुष्टि की थी कि 2024 की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी 2024 से शुरू होंगी। बाद में, बोर्ड ने कहा कि ये परीक्षाएं लगभग 55 दिनों तक चलेंगी और इनके 10 अप्रैल, 2024 तक समाप्त होने की उम्मीद है।CBSE आमतौर पर परीक्षा से लगभग 1 से 1.5 महीने पहले डेट शीट या टाइम टेबल जारी करता है।
CBSE दिसंबर में कक्षा 10 CBSE बोर्ड परीक्षा तिथि पत्र 2024 और CBSE कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा तिथि पत्र 2024 के लिए विषय-विशिष्ट कार्यक्रम की घोषणा करने की तैयारी के अंतिम चरण में है। 2023 में, CBSE डेटशीट दिसंबर में जारी की गई थी। पेपर के सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होने की संभावना है। छात्र सीधे आधिकारिक वेबसाइट – http://cbse.gov.in से बोर्ड परीक्षाओं के लिए विस्तृत विषय-वार डेट शीट पीडीएफ आसानी से पा सकेंगे और डाउनलोड कर सकेंगे। इस डेट शीट में प्रत्येक विषय की परीक्षा तिथियों, परीक्षा समय और महत्वपूर्ण निर्देशों के बारे में विशिष्ट विवरण होंगे जिनका छात्रों को परीक्षा देते समय पालन करना होगा।
CBSE और UPMSP द्वारा प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। झारखंड, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे बोर्ड पहले ही अपनी 2024 बोर्ड परीक्षाओं के लिए विस्तृत डेटशीट जारी कर चुके हैं।CBSE कक्षा 10 की परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और अन्य सहित कई विषय शामिल होते हैं। इन परीक्षाओं में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों घटक शामिल हैं। CBSE बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं की डेटशीट में सभी विषयों, जैसे हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और अन्य के लिए विषयवार परीक्षा तिथियां शामिल होंगी। इसी तरह, कक्षा 12वीं के लिए, डेट शीट में तीनों स्ट्रीम – कला, विज्ञान और वाणिज्य के विषयों को शामिल किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक स्ट्रीम के विभिन्न विषयों के लिए परीक्षा कार्यक्रम का विवरण होगा
उच्च शिक्षा का द्वितीय सत्र निवेशकों के साथ हुआ आयोजित..
उत्तराखंड: प्रदेश में निहित शिक्षा सामर्थ्य को संवारने के लिए इन्वेस्टर्स समिट के तहत विद्यालयी, तकनीकी और उच्च शिक्षा का द्वितीय सत्र निवेशकों के साथ आयोजित हुआ। सत्र में निवेशकों और डेलीगेट्स का स्वागत करते हुए विद्यालयी, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल के रूप विकसित हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में निवेशकों द्वारा रुचि दिखाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निवेशकों को सरकार द्वारा हर संभव सहयोग किया जाएगा। निवेशकों की किसी भी प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए शासन और प्रशासन प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप प्रदान किया है और राज्य ने इसे प्रभावी रूप से लागू भी किया है। राज्य के 200 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 08 ट्रेड में व्यवसायिक शिक्षा दी जा रही है तथा 331 विद्यालय में प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से राज्य के उच्च शिक्षण संस्थाओं में शोध गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों और शोधार्थियों को रुपए 18 लाख तक का शोध अनुदान दिया जा रहा है। वर्तमान में 22 निजी विश्वविद्यालय सहित 275 निजी महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। इन संस्थाओं में से कई संस्थाओं द्वारा उत्कृष्ट नैक और एनआईआरएफ रैंकिंग में शामिल है।
उच्च शिक्षा सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि राज्य में सभी बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ ही शिक्षा की पहुंच सुलभ हो इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। राज्य में विद्यालय, उच्च और तकनीकी का समेकित विकास हो, इसके लिए निजी और सरकारी संस्थानों को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में भी बेहतर निजी और आवासीय स्कूल खुले, यह सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इन्वेस्टर्स समिट के तहत शिक्षा के क्षेत्र में हुए करार से उम्मीद है जल्द पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी शिक्षा का लाभ वहां के नौनिहाल ले सकेंगे।
सत्र में उत्तराखंड राज्य निवेश के लिए किस प्रकार बेहतर है, इस पर पैनलिस्ट द्वारा चर्चा की गई। उनका मानना है कि उत्तराखंड राज्य अपने नैसर्गिक सौंदर्यता से परिपूर्ण है। इसके साथ ही यहां फ्रेंडली और सहयोगी सुशासन है। कानून की दृष्टि से भी सुरक्षात्मक राज्य है। शिक्षा के माध्यम से राज्य की तस्वीर और बेहतर की जा सकती है। इसके लिए अवस्थित क्षमताओं का विकास, विद्यार्थियों को दक्ष और परिणाम आधारित शिक्षा व्यवस्था पर कार्य करना होगा, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। सत्र में सचिव रविनाथ रमन, शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो0 अतुल खोसला, संपर्क फाउंडेशन से विनीत नय्यर, यूपीएस के चांसलर डॉक्टर सुनील राय, दून स्कूल के चेयरमैन अनूप सिंह बिश्नोई, शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रदीप कुमार गुप्ता सहित निवेशक और डेलीगेट्स मौजूद थे।
पीएम मोदी ने थपथपाई सीएम धामी की पीठ..
उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सीएम धामी की पीठ थपथपाई। पीएम मोदी ने सिल्कयारा सुरंग से सफल बचाव के लिए राज्य सरकार की सराहना करते हुए उत्तराखंड के सीएम की पीठ थपथपाई। पीएम मोदी ने उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू के लिए उत्तराखंड सरकार सहित सभी का धन्यवाद किया। पीएम मोदी ने कहा कि तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।
पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी पहाड़ के काम आएगा..
मंच से अपने संबोधन के अंत में आखिरकार पीएम मोदी ने उस कहावत का जिक्र कर ही दिया जो उत्तराखंड के लिए अक्सर कही जाती है। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए कहा जाता है कि पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी पहाड़ के काम नहीं आता है। जाहिर है कि पीएम को उत्तराखंड के बारे में पूरा होमवर्क करे आए थे। पीएम ने इसके साथ ही साफ कर दिया कि उत्तराखंड के विकास के प्रति वो पूरी तरह से तैयार हैं। पीएम ने कहा कि, मोदी ने ठाना है कि अब पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी दोनों ही पहाड़ के काम आएगा। आपको बता दें कि पीएम पहले भी उत्तराखंड के विकास को लेकर अपनी इच्छा इंगित कर चुके हैं। उन्होंने अपने केदारनाथ दौरे पर कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा।
रोमांच के शौकीनों को टिहरी में मिलेगा गोवा का लुत्फ..
यहां शुरू होगी फ्लाईबोर्ड और क्रूज बोट..
उत्तराखंड: टिहरी में एशिया के सबसे बड़े बांध की टिहरी झील में अब पैरासेलिंग, हॉट एयर बैलून, पैराग्लाइडिंग के बाद फ्लाईबोर्ड और क्रूज बोट की सुविधा भी मिलने लगेगी। पर्यटक यहां एडवेंचर का लुत्फ ले सकेंगे। अब आपको गोवा भोपाल नहीं जाना होगा, आपको गोवा भोपाल का लुत्फ उत्तराखंड के टिहरी जिले में मिलेगा। बता दे कि पर्यटन विभाग और टाडा मिलकर टिहरी झील को विश्व स्तरीय साहसिक गंतव्य बनाने के लिए कार्य करने में जुट हुआ है।
जहां कोटी कालोनी में एडवेंचर स्पोर्टस , बोटिंग की सफलता के बाद टाडा (टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण) टिहरी बांध की झील में तीन नए बोटिंग प्वाइंट विकसित कर रहा है। यहां पर्यटक अगले महीने से आलीशान क्रूज बोट का लुत्फ उठा सकेंगे। वहीं बताया जा रहा है कि टाडा ने टिहरी झील में दो फ्लाईबोर्ड उतारने की निविदा आमंत्रित की है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक झील में फ्लाईबोर्ड की सवारी कर पर्यटक नए रोमांच का आनंद उठाएंगे।
रिपोर्ट की माने तो जिला पर्यटन विभाग और टाडा झील में फ्लाईबोर्ड उतारने की योजना तैयार है। जहां एक ओर क्रूज बोट की असेंबलिंग का कार्य अंतिम चरण में है। कोटी कालोनी के अलावा डोबरा पुल, पीपलडाली और कोटेश्वर झील में नए बोटिंग प्वाइंट बनाने की कवायद चल रही है तो वहीं विभाग ने 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की जेटी के लिए भी टेंडर निकाले हैं, जो कोटी कॉलोनी बोटिंग प्वाइंट के विस्तार और नए बोटिंग प्वाइंट पर प्लेटफार्म बनाने के काम आएगी। गौरतलब है कि बीते एक दशक में टिहरी बांध की झील साहसिक पर्यटन का बड़ा गंतव्य बनकर उभर रहा है यहां वॉटर स्कूटर, स्पीड बोट के बाद टिहरी झील में मरीना, हाउस बोट और पैरासेलिंग गतिविधियां कराई जा रही हैं। वहीं अब पर्यटकों को फ्लाईबोर्ड और क्रूज बोट की सुविधा भी मिल सकेगी. जिससे पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
इस वरिष्ठ IAS अधिकारी के वीआरएस की मिली मंजूरी..
उत्तराखंड: शासन की वरिष्ठ अधिकारी के वीआरएस को स्वीकृति मिल गई है। राज्यपाल ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीषा पंवार के वीआरएस को मंजूरी दे दी है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के कारण वीआरएस लेने की वजह बताई थी। जिसके बाद अब वीआरएस मंजूरी आदेश भी जारी कर दिए गए है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार में वरिष्ठ आईएएस अफसर मनीषा पवार का वीआरएस मंजूर हो गया है। बताया जा रहा है कि मनीषा पंवार कई अहम जिम्मेदारी निभा चुकी है।
वह हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है। देहरादून 1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अफसर अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने स्वास्थ्य कारणों से वीआरएस मांगते हुए अब नौकरी न करने का निर्णय लिया था। कार्मिक महकमें से उनके पत्र को राज्यपाल सचिवालय भेजा गया था जहां से मंजूरी के बाद उनका स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का फैसला मंजूर हो गया है
बताया जा रहा है कि अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार बीते लंबे अरसे से बीमार चल रही है। उत्तराखंड की नौकरशाही में वरिष्ठता के क्रम में वो तीसरे नंबर पर आती है। उनका वीआरएस मंजूर हो गया है।इससे पहले उनके पति पूर्व आईएएस अधिकारी उमाकांत पंवार भी वीआरएस ले चुके हैं। कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग ने अखिल भारतीय सेवाएं (डेथ कम रिटायरमेंट रूल्स) 1958 के नियम 16(2) के तहत तीन माह की नोटिस अवधि से उन्हें राहत दे दी गई है।
आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे ने गिनाए अग्निपथ योजना के फायदे..
देश-विदेश: भारतीय सेना के चीफ जनरल मनोज पांडे ने एक कार्यक्रम के दौरान अग्निपथ योजना की तारीफ की। उनका कहना हैं कि इस योजना की मदद से सेना को बेहतरीन सैनिक मिलेंगे। दरअसल पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि अग्निपथ योजना को लागू करने से सैन्य भर्ती की दिशा में अहम कदम है। इससे तकनीकी तौर पर सक्षम सैनिकों की सेना में भर्ती हो सकेगी। साथ ही यह योजना सबसे बेहतरीन सैनिकों को सेवा में रखने में बेहद कारगर है।
आपको बता दें कि बीते साल जून में केंद्रीय कैबिनेट ने भारतीय सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना को मंजूरी दी थी। अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों की सेना में भर्ती चार साल के लिए होती है। चार साल की सेवा के बाद अग्निपथ योजना से सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों को रिटायरमेंट पर करीब 12 लाख रुपये मिलेंगे, जिससे वह भविष्य कोई काम कर सकते हैं। अग्निपथ योजना का उद्देश्य युवा सैनिकों की सेना में भर्ती कर सेना की औसत उम्र को 4-5 साल घटाना है। अग्निपथ योजना का ये भी उद्देश्य है कि जब अग्निवीर सेना में चार साल की सेवा पूरी करेंगे तो वह अपनी युवावस्था के चरम पर होंगे और ज्यादा बेहतर तरीके से अनुशासित होंगे। इससे वह समाज को बेहतर बनाने में योगदान दे सकेंगे। योजना के अनुसार, हर बैच में से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी कमीशन दिया जाएगा।
इन्वेस्टर समिट में शामिल होने के लिए मेहमान आने शुरू..
उत्तराखंड: देहरादून में आठ व नौ दिसंबर को आयोजित होने जा रही इन्वेस्टर समिट में शामिल होने के लिए आज से ही मेहमान आने शुरू हो जाएंगे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देश-विदेश से आने वाले मेहमानों का स्वागत ढोल-दमाऊ की थाप और तुलसी की माला पहनकर होगा। इसके लिए सुबह से ही संस्कृति विभाग के कलाकारों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। संस्कृति विभाग के सतपाल राणा, दिनेश उप्रेती का कहना हैं कि संस्कृति विभाग के लगभग 15 कलाकारों की ओर से आने वाले डेलिगेट्स का स्वागत किया जाएगा। सबसे पहले तिलक लगाया जाएगा और साथ में तुलसी की माला पहनाई जाएगी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
