दिल्ली रेफर मरीजों के तीमारदारों को मिलेगी ठहरने की सुविधा..
आवास के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू..
उत्तराखंड: अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली रेफर होने वाले मरीजों के तीमारदारों को दिल्ली में ठहरने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आवास उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 26 सितंबर को टेंडर खोले जाएंगे। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में कैंसर, हृदय रोग समेत गंभीर बीमारियों के बेहतर इलाज की सुविधा न होने पर मरीजों को दिल्ली के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है, लेकिन मरीज के साथ रहने वाले तीमारदारों को ठहरने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। होटलों में रुकना तीमारदारों को महंगा पड़ता है। अब प्रदेश सरकार मरीज के साथ अटेंडेंट (तीमारदार) को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह का कहना हैं कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों से मरीज को दिल्ली के किसी अस्पताल में इलाज के लिए रेफर किया जाता है, तो मरीज के साथ रहने वाले अटेंडेंट को ठहरने के लिए आवास की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। पहली बार में किसी भी फर्म ने आवेदन नहीं किया, जिससे दोबारा से टेंडर जारी किए गए हैं।
सात अक्तूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखंड में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में लेंगे भाग..
उत्तराखंड: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात अक्तूबर को उत्तराखंड आएंगे। इस दिन वह मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भाग लेंगे। यह बैठक दो बार टल चुकी है। सबसे पहले यह बैठक 15 जुलाई को होनी थी। फिर इसे 24 सितंबर को रखा गया था। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार परिषद की यह बैठक नरेंद्रनगर स्थित एक होटल में होगी। बैठक के लिए राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी हैं। बैठक में उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी उत्तराखंड आएंगे।
चंद्रयान 3- क्या फिर से सक्रिय हो पाएंगे विक्रम लैंडर, प्रज्ञान रोवर?
इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने बताई चुनौतियां..
देश-विदेश: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरे भारत के लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान से इसरो आज फिर से संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर सकता है। इसरो के अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (एसएसी) के निदेशक नीलेश देसाई का कहना हैं कि अगर भाग्य ने साथ दिया तो दोनों से न केवल फिर संपर्क होगा, बल्कि उनके उपकरण भी उपयोग करने की दशा में मिलेंगे। हालांकि, इसके सामने काफी बड़ी चुनौतियां हैं। इसे लेकर इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर कुछ जरूरी बातें बताईं।
चिंता का विषय..
जी माधवन नायर का कहना हैं कि विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर लगभग दो सप्ताह से स्लीप मोड में हैं। वहां तापमान माइनस 150 डिग्री से भी ज्यादा हो सकता है। यह लगभग फ्रीजर से कुछ निकालने और और फिर उसका उपयोग करने की कोशिश करने जैसा है। उस तापमान पर बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और तंत्र कैसे एक्टिव रहते हैं, यह वास्तव में चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों के लिए पर्याप्त परीक्षण किए गए हैं। इसमें कोई शक नहीं है। इस पर भी काम किया गया कि ऐसी स्थिति के बाद भी काम करता रहे। फिर भी हमें अपना ध्यान रखना होगा। हमें भाग्य का साथ चाहिए होगा।
अगले 14 दिनों में कुछ और दूरी तक घूम सकते हैं..
बता दे कि चांद पर सूर्योदय के बाद सौर ताप उपकरणों और चार्जर बैटरियों को भी गर्म कर देगा। यदि ये दोनों शर्तें सफलतापूर्वक पूरी हो जाती हैं, तो यह काफी अच्छा मौका है कि सिस्टम फिर से चालू हो जाएगा। एक बार यह चालू हो जाए, तो यह काफी संभव है कि हम अगले 14 दिनों में कुछ और दूरी तक घूम सकते हैं और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रमा की सतह पर अधिक डेटा एकत्र कर सकते हैं।
चार सितंबर को पूरी तरह चार्ज करने के बाद स्लीप मोड में डाल दिया था..
इसरो ने इन दोनों को दो और चार सितंबर को पूरी तरह चार्ज करने के बाद स्लीप मोड में डाल दिया था, क्योंकि चंद्रमा पर रात्रि काल शुरू हो चुका था, जिसमें भयानक सर्दी और विकिरण से उन्हें गुजरना था। बीते 20 दिन में दोनों ने माइनस 120 से माइनस 200 डिग्री सेल्सियस जितनी सर्दी को सहन किया है। अब पृथ्वी के समय अनुसार 20 सितंबर की शाम से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सूर्योदय शुरू हो गया है।
नैनीताल हाईकोर्ट ने तीन सीनियर जजों को जबरन किया सेवानिवृत..
उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट ने कामकाज में लेटलतीफी समेत अपने पद का गलत इस्तेमाल करने जैसी वजहों के चलते बड़ा एक्शन लिया है। नैनीताल हाईकोर्ट ने तीन जजों को जबरन रिटायर किया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी की सिफारिश पर राज्यपाल ने तीन वरिष्ठ जजों को रिटायर करने का आदेश जारी कर दिया है। नैनीताल हाईकोर्ट की वेबसाइट में जारी नोटिफिकेशन के अनुसार राजेंद्र जोशी श्रम न्यायालय हरिद्वार के पीठासीन अधिकारी, शमशेर अली श्रम न्यायालय काशीपुर के पीठासीन अधिकारी और शेष चंद्र देहरादून के चतुर्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को जबरन रिटायर कर दिया है।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद किया आदेश जारी..
आपको बता दें इन तीनों को उत्तराखंड न्यायिक सेवा नियमावली-2004 (संशोधित 2016) के नियम-25 (क) में उल्लेखित व्यवस्था के अनुसार राज्यपाल ने लोकहित में आदेश दिया है कि तीनों न्यायिक अधिकारी आदेश जारी होने के बाद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। राज्यपाल की मंजूरी के बाद ये आदेश जारी किया गया है। नैनीताल हाईकोर्ट अभी तक अनियमितता व भ्रष्टाचार की शिकायत पर करीब एक दर्जन न्यायिक अधिकारियों पर कार्रवाई कर चुका है। कार्रवाई की जद में आए न्यायिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, प्रलोभन और अपने पद का दुरूपयोग करने जैसे गंभीर आरोप रहे हैं।
युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका, 6 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन..
उत्तराखंड: लोक सेवा आयोग द्वारा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत औषधि निरीक्षक (ग्रेड-2) समूह ‘ग‘ के पदों पर सीधी भर्ती निकाली गई है। इच्छुक युवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट http://ukpsc.net.inपर जाकर 06 अक्टूबर, 2023 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन का कोई अन्य तरीका/ माध्यम स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार आयोग ने ये भर्ती औषधि निरीक्षक (ग्रेड-2) समूह ‘ग‘ के 19 रिक्त पदों पर निकाली है। इन पदों पर आवेदन करने के लिए वहीं उम्मीदवार होगा जिसके पास भारत में कानून द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय से क्लिनिकल फार्माकोलॉजी या माइक्रोबायोलॉजी में विशेषज्ञता के साथ फार्मेसी या फार्मास्युटिकल साइंसेज या मेडिसिन में स्नातक की डिग्री है।
आयु सीमा: 21 से 42 वर्ष.
वेतनमान: रु.44900/- रु.142400/- (लेवल-7)
चयन प्रक्रिया..
उम्मीदवारों का चयन 200 अंकों की एमसीक्यू आधारित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा और पद योग्यता के अनुसार प्रश्न पूछे जाएंगे।
आवेदन कैसे करें..
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट http://ukpsc.net.inके माध्यम से 16 सितंबर 2023 से 06 अक्टूबर 2023 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन का कोई अन्य तरीका/ माध्यम स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नए उपयोगकर्ताओं को यूकेपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर ओटीआर (एक बार पंजीकरण) के माध्यम से खुद को पंजीकृत करना होगा और फिर पद के लिए आवेदन करना होगा। जिन उम्मीदवारों ने पहले ही पंजीकरण करा लिया है, उन्हें अपने यूजर आईडी और पासवर्ड के साथ लॉग इन करना चाहिए और संबंधित पद के लिए आवेदन करना चाहिए।
आवेदन शुल्क- अनारक्षित : रु.172.30, ईडब्ल्यूएस: रु.172.30, ओबीसी: रु.172.30, एससी: रु.82.30, एसटी: 82.30 रुपये इन पदों के लिए इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व आयोग की वेबसाइट https://psc.uk.gov.in/ पर प्रसारित विस्तृत विज्ञापन में वर्णित समस्त शर्तों/निर्देशों का भली-भांति अवलोकन कर लें।
प्रथम वूमेंस उत्तराखंड प्रीमियर लीग में अल्मोड़ा फ्लेमिंग बर्ड ने चमोली प्रिंसेस को हराया..
उत्तराखंड: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की ओर से अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी में चल रही प्रथम वूमेंस उत्तराखंड प्रीमियर लीग में बुधवार को पांचवा मुकाबला अल्मोड़ा फ्लेमिंग बर्ड और चमोली प्रिंसेस के बीच खेला गया। मुकाबले में अल्मोड़ा फ्लेमिंग बर्ड की कप्तान जेसिया अख्तर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। कप्तान जेसिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टुर्नाम्नेट का पहला शतक ठोका, उन्होंने 56 गेंदों में 107 रनों की नाबाद पारी खेलकर चमोली प्रिंसेस के सामने 20 ओवर में 149 रनों का लक्ष्य दिया। चमोली प्रिंसेस की टीम इस लक्ष्य के सामने शुरुआत से ही दबाव में दिखी और पूरी टीम कुल 58 रन बनाकर आउट हो गई। कंचन परिहार ने 25 रनों का योगदान दिया। अल्मोड़ा फ्लेमिंग बर्ड टीम की और से अंजलि कठैत ने 3 विकेट और रूचि चौहान ने दो चटकाए।
असम में जल्द लॉन्च होगा मुख्यमंत्री का आत्मनिर्भरशील असम अभियान..
देश-विदेश: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आज प्रमुख शासन सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने सीएम का आत्मनिर्भरशील असम अभियान को जल्द लॉन्च करने की जानकारी दी। असम के सीएम ने बताया कि राज्य में जल्द मुख्यमंत्री का आत्मनिर्भरशील असम अभियान (मुख्यमंत्री आत्मनिर्भरशील असम अभियान) लॉन्च किया जाएगा। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीएम सरमा ने अधिकारियों से इस योजना के विवरण और इसे अंतिम रूप देने पर चर्चा की। इस योजना पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘इस नई योजना के तहत दो लाख युवाओं आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।’ उन्होंने इस योजना पर जानकारी देते हुए बताया कि इसका पंजीकरण 23-24 सितंबर से शुरू किया जाएगा।
सर्दियों के सीजन में नहीं होगा उत्तराखंड में बिजली संकट..
केंद्र से मिली 1589 मेगावाट बिजली..
उत्तराखंड: प्रदेश में सर्दियों के सीजन में बिजली की किल्लत नहीं होगी। केंद्र ने छह माह के लिए 1589 मेगावाट बिजली दे दी है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया। यह बिजली एक अक्तूबर से मिलनी शुरू होगी। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना हैं कि केंद्र ने गैर आवंटित कोटे से एक अक्तूबर से 31 मार्च 2024 तक माहवार बिजली आवंटन का आदेश जारी किया है। इसके तहत अक्तूबर माह में 456 मेगावाट, नवंबर में 378 मेगावाट, दिसंबर में 78 मेगावाट, जनवरी में 169 मेगावाट, फरवरी में 195 मेगावाट और मार्च में 313 मेगावाट बिजली मिलेगी।
केंद्र ने अपने सेंट्रल पूल से चंडीगढ़, हिमाचल, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड को नार्दर्न ग्रिड से बिजली देने का ये आदेश जारी किया है। पिछले दिनों सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से अक्तूबर के बाद प्रदेश में बिजली संकट की आशंका के बीच माहवार बिजली की मांग की थी। उन्होंने सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।
सर्दियों में प्रदेश की नदियों का जलस्तर गिर जाता है, जिससे यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन गिर जाता है। पिछले साल का आंकड़ा देखें तो एक अक्तूबर को यूजेवीएनएल का उत्पादन 2.4 करोड़ यूनिट, एक नवंबर को 1.2 करोड़ यूनिट, एक दिसंबर को 90 लाख यूनिट, एक जनवरी को एक करोड़ यूनिट उत्पादन हुआ था जबकि मांग इसके सापेक्ष कहीं ज्यादा होती है। वर्तमान में यूपीसीएल 4.4 करोड़ यूनिट की मांग पूरी कर रहा है, जिसमें यूजेवीएनएल से करीब 2.1 करोड़ यूनिट बिजली मिल रही है।
उत्तराखंड में पहाड़ों में भी स्थापित होंगे धान की खरीद के लिए केंद्र..
उत्तराखंड: प्रदेश में एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक धान की खरीद की जाएगी। इस बार 8.96 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही चावल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। राज्य में मोटे अनाजों की खरीद के लिए पहली बार पर्वतीय क्षेत्रों में क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने इस संबंध में विधानसभा में अधिकारियों की बैठक ली। उनका कहना हैं कि खरीफ-खरीद सत्र 2023-24 को एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक चलेगा। पहले यह समयावधि 31 जनवरी तक की गई थी।
इसके बाद मंडुवा के उत्पादन के लिए 1.26 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,846 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मंत्री आर्या का कहना है कि सहकारिता, एफसीआई, यूपीसीयू और यूसीसीएफ आदि से क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि किसानों को चावल की खरीद के संबंध में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
नियमानुसार 72 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए। इसके अलावा बोरों की भी व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को खरीद केंद्रों तक अपनी फसल पहुंचाने में दिक्कत न हो। बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एल फैनई, अपर सचिव सहकारिता अलोक पांडेय, अपर आयुक्त पीएस पांगती, मुख्य विपणन अधिकारी महेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे
सीएम धामी ने 15 ग्राम पंचायतों को किया सम्मानित..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गांवों में स्वच्छता की मिसाल बनने वाले नैनीताल, चंपावत, देहरादून, ऊधम सिंह नगर जिले की 15 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच पर्यावरण मित्रों को भी सम्मानित किया गया। इससे पूर्व सीएम ने मुख्य सेव सदन में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा अभियान की शुरुआत की। यह अभियान दो अक्तूबर तक चलेगा। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा गीत का भी विमोचन किया। सीएम धामी ने सभी पंचायतों और स्वच्छता दूतों का आभार जताया। कहा, स्वच्छता दूत ही स्वच्छता अभियान की धुरी बताया।
कहा, जो सम्मान राज्य ने प्राप्त किया, वो इनके बिना असंभव था। भारतीय संस्कृति और दर्शन में स्वच्छता हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। ये हमारे मूल्यों और संस्कारों का अभिन्न अंग है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे स्वच्छ भारत मिशन की वजह से देश स्वच्छता के प्रति, पुनः जागृत हुआ है। उन्होंने अपेक्षा की कि इस महाअभियान में सभी पंचायत प्रतिनिधि, समुदाय स्तरीय संगठन, स्वयं सेवी संगठन एवं समस्त नागरिक अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे और पिछले वर्षों की भांति अभियान को सफल बनाएंगे।
