उत्तराखंड में इन पदों पर मिलेगी सीधी भर्ती, जल्द करें आवेदन..
उत्तराखंड: युवाओं के लिए काम की खबर है। 21 मार्च को राजधानी में रोजगार मेला लगने वाला है। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय देहरादून द्वारा कार्यालय परिसर में दिनांक- 21/03/2023 को प्रातः 10:00 बजे से जनपद के बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिये वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है।1252 अभ्यर्थियों का पूर्व पंजीकरण ( Pre Registration ) कार्यालय परिसर में दिनाँक 06 मार्च 2023 से 20 मार्च 2023 के मध्य कार्य दिवस में प्रातः 10:00 बजे से अपराहन 5:00 बजे तक किया जायेगा तथा रोजगार मेले के दिन भी साक्षात्कार हेतु पंजीकरण किया जायेगा साक्षात्कार दिनांक 21 मार्च 2023 को प्रातः 10:00 बजे से आरम्भ होंगे।
अभ्यर्थी अपने साथ अनिवार्य रूप से अपना बायोडाटा मूल प्रमाण – पत्री , उनकी छायाप्रति इस कार्यालय में पंजीयन कार्ड , पासपोर्ट फोटो एवं आईडी प्रूफ लाना सुनिश्चित करना होगा । कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए फेस मॉस्क का प्रयोग अवश्य करे । साथ ही कोविड -19 की गाइडलाइन का पालन करें । मेले में प्रतिभागी नियोजक कम्पनियों एवं रिक्तियों का विवरण निम्न प्रकार है।
वायुसेना में 12वीं पास युवाओं के लिए निकली भर्ती..
देश-विदेश: भारतीय वायुसेना (IAF) में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी है। भारतीय वायुसेना ने अग्निवीर वायु के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार जो इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं वो अधिकारिक वेबसाइट https://agnipathvayu.cdac.in/AV/पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते है। आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 मार्च बताई जा रही है।
बता दे कि भारतीय वायु सेना (IAF) अग्निवीरवायु भर्ती 2023 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 17 मार्च से शुरू हो गई है। इस भर्ती के लिए केवल अविवाहित भारतीय पुरुष और महिला उम्मीदवारों आवेदन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन कराने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू के बाद ट्रेनिंग के लिए सलेक्ट किया जाएगा. इस भर्ती से संबंधित हर जानकारी आपको नोटिफिकेशन में मिलेगी।
शैक्षिणिक योग्यता और आयु सीमा
उम्मीदवारों का जन्म 26 दिसंबर 2002 और 26 जून 2006 के बीच होना चाहिए। वहीं शैक्षिक योग्यता की बात करें तो विज्ञान स्ट्रीम में 12वीं पास होना चाहिए। 50 प्रतिशत कम से कम नंबर होने चाहिए।इसके अलावा उम्मीदवारों को सरकारी मान्यता प्राप्त पॉलिटेक्निक संस्थान से इंजीनियरिंग (मैकेनिकल / इलेक्ट्रिकल / इलेक्ट्रॉनिक्स / ऑटोमोबाइल / कंप्यूटर साइंस / इंस्ट्रूमेंटेशन टेक्नोलॉजी / सूचना प्रौद्योगिकी) में तीन साल का डिप्लोमा कोर्स कुल मिलाकर 50% अंकों के साथ और डिप्लोमा कोर्स में अंग्रेजी में 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। (या इंटरमीडिएट/मैट्रिकुलेशन में, यदि डिप्लोमा पाठ्यक्रम में अंग्रेजी विषय नहीं है) भी आवेदन कर सकते हैं।
नाटू-नाटू’ की शानदार जीत के बाद देश लौटे राम चरण..
फैंस ने एयरपोर्ट पर किया ग्रैंड वेलकम..
देश-विदेश: इस वक्त पूरी दुनिया में एसएस राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ अपना परचम लहरा रही है। हर तरफ केवल इस फिल्म का जलवा देखने को मिल रहा है। फिल्म के गाने ‘नाटू-नाटू’ ने ऑस्कर जीतकर देश का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। इस गाने पर देश की जनता जोरों-शोरों से थिरक रही है। अब हाल ही में, देश का सम्मान बढ़ाकर फिल्म के अभिनेता रामचरण दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उनका बहुत ही खास अंदाज में वेलकम किया गया।
12 मार्च का दिन हर देशवासी के लिए बहुत ही यादगार बन गया है क्योंकि इस दिन भारत ने दुनिया के सबसे बड़े अवॉर्ड शो में दो ऑस्कर जीता था। सबसे पहले तो गुनीत मोंगा की शॉर्ट फिल्म ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ ने अवॉर्ड अपने नाम किया। उसके बाद ‘आरआरआर’ के गाने ‘नाटू- नाटू’ ने पूरी दुनिया में अपनी सफलता का परचम लहराया और दूसरा ऑस्कर अपने नाम किया।
अब हाल ही में, सोशल मीडिया पर राम चरण की एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें अभिनेता लॉस एंजिल्स से भारत वापस लौट आए हैं। फैंस ने उनका भव्य स्वागत किया है। इस दौरान राम चरण ने मीडिया से भी बात की और कहा, मैं बहुत खुश हूं। हमारी इस खुशी का श्रेय एसएस राजमौली, एमएम कीरावनी और चंद्रबोस को जाता है, उनकी कड़ी मेहनत की वजह से हम आज यह दिन देख पाए हैं और ऑस्कर घर लेकर आ पाए हैं।
राम चरण ने आगे कहा, ‘फिल्म ‘आरआरआर’ को देखने और ‘नाटू-नाटू’ को अपना प्यार देने के लिए मैं सभी फैंस का शुक्रगुजार हूं। अभिनेता के रूप में जब हम शूटिंग कर रहे थे, हमने कभी नहीं सोचा था कि इस गाने का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोलेगा। आज, यह हमारी फिल्म नहीं है. यह हमारा गीत नहीं है। यह लोगों का गीत बन गया है। इसने हमें ऑस्कर के लिए एक नया रास्ता दिया है।’
आपको बता दें कि इससे पहले जूनियर एनटीआर 15 मार्च को अमेरिका से लौटे थे। हैदराबाद एयरपोर्ट पर सैकड़ों फैंस ने उनका काफी उत्साह से स्वागत किया था। उनकी पत्नी, लक्ष्मी प्रणति उन्हें हवाई अड्डे पर लेने आई थीं। इस दौरान जूनियर एनटीआर ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि ऑस्कर मिलना उनकी जिन्दगी का सबसे अच्छा समय था।
उत्तराखंड की बेटी मानसी नेगी ने लगाई नौकरी की गुहार..
उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड की गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर मानसी नेगी ने हाल ही में अपनी एक पोस्ट में सरकार से नौकरी की गुहार लगाई हैं। बता दे की मानसी नेगी ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में नेशनल यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स मीट में गोल्ड मेडल हासिल किया तो खुशी के साथ उनका दर्द भी छलक आया। आपको बता दे कि मानसी नेगी ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद जहां एक तरफ अपने सारे प्रशंसकों और चाहने वालों का आभार व्यक्त किया है
और गोल्ड मेडल जीतने की खुशी जाहिर की तो वहीं एक ऐसा ट्वीट किया जो सोचने को मजबूर कर रहा है कि खिलाड़ी कितने उपेक्षित है, उन्होंने उत्तराखंड सरकार से नौकरी की मांग की है मानसी का कहना हैं कि एक बार नौकरी के सिलसिले में सरकारी लोगों से मुलाकात की है, लेकिन अभी तक उनकी नौकरी को लेकर कोई ठोस जवाब सरकार की तरफ से उन्हें नहीं मिल पाया हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले की रहने वाले मानसी नेगी के पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी मां गांव में रहती हैं।मानसी का भाई भी एक छोटी-मोटी नौकरी देहरादून में करता हैं। मानसी ने अपने शानदार प्रदर्शन की चलते देहरादून के रायपुर स्पोर्ट्स स्कूल से ग्रेजुएशन किया। उत्तराखंड के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में रहते हुए मानसी नेगी ने कई उपलब्धियां हासिल कीं।
लेकिन जब वह स्कूल से पास आउट हुईं तो उच्च शिक्षा के साथ-साथ उसे खेल में भी सपोर्ट उत्तराखंड में नहीं मिला। मानसी गरीब परिवार से आती हैं, लिहाजा उसके एथलेटिक्स में उज्ज्वल भविष्य के नाते उत्तराखंड सरकार या फिर उत्तराखंड के किसी शिक्षण संस्थान को मानसी की मदद के लिए हाथ बढ़ाना चाहिए था। लेकिन मानसी का कहना है कि उत्तराखंड में उसे किसी का सपोर्ट नहीं मिला।
पंजाब की यूनिवर्सिटी से पढ़ रही हैं मानसी
आपको बता दे कि पंजाब की लवली यूनिवर्सिटी ने मानसी की शिक्षा का जिम्मा उठाया। मानसी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि पंजाब की लवली यूनिवर्सिटी उन्हें फ्री शिक्षा देती है। बदले में वह पंजाब की यूनिवर्सिटी के लिए एथलेटिक्स में प्रतिभाग करती हैं। यूनिवर्सिटी के लिए खेलती हैं। मानसी नेगी भले ही पंजाब की लवली यूनिवर्सिटी के लिए खेलती हैं, लेकिन उसका लगाव आज भी उत्तराखंड से है। लिहाजा वह चाहती हैं कि वह अपना कैरियर उत्तराखंड में सेट करें, जिसके लिए वह उत्तराखंड सरकार से सरकारी नौकरी की मांग कर रही हैं। वही मानसी का कहना हैं कि वह 3 बार इस दौरान मुख्यमंत्री से मिल से भी चुकी हैं। उसने तीनों बार मुख्यमंत्री से नौकरी के संबंध में बातचीत की। वह चाहती हैं कि वह उत्तराखंड में सेटल होकर उत्तराखंड के खिलाड़ियों को सपोर्ट करें।
इसके साथ ही मानसी का कहना हैं कि खेल मंत्री के माध्यम से भी उनके लिए ना तो कभी कोई सहयोग दिया गया और ना ही मुलाकात की गई। मानसी ने कहा कि सिर्फ एक कार्यक्रम के दौरान खेल मंत्री रेखा आर्य ने उन्हें कुछ पुरस्कार दिया था। उसके बाद खेल मंत्री द्वारा उनसे कोई भी बातचीत नहीं की गई। मानसी का कहना हैं कि वह गरीब परिवार से हैं और अपने परिवार के लिए उत्तराखंड में रहकर ही कुछ करना चाहती हैं।
लिहाजा उत्तराखंड सरकार से मानसी ने गुहार लगाई है कि उत्तराखंड में खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तराखंड का राष्ट्रीय खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड सरकार उन्हें उत्तराखंड में ही नौकरी दे। ताकि वह उत्तराखंड में रहकर ही अपने प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों संग भराड़ीसैंण में मनाया लोकपर्व फूलदेई…
उत्तराखंड: लोक पर्व फूलदेई के अवसर पर गुरूवार को भराड़ीसैंण स्थित मुख्यमंत्री आवास में क्षेत्र के बच्चों ने पारम्परिक मांगल गीतों के साथ रंग-बिरंगे प्राकृतिक पुष्पों की वर्षा की। सीएम धामी ने सभी को इस पावन पर्व की शुभकामना देते हुए कहा कि किसी भी राज्य की संस्कृति एवं परंपराओं की पहचान में लोक पर्वों की अहम भूमिका होती है। हमें अपने लोक पर्वों एवं लोक परम्पराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में लागातार प्रयास करने होंगे।
सीएम धामी का कहना हैं कि बच्चों को अपनी लोक संस्कृति और लोक पंरपराओं से जोड़े रखने के लिए लोक पर्व फूलदेई को आने वाले समय में संस्थागत तरीके से बाल पर्व के रूप में वृहद स्तर पर प्रति वर्ष मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में मनाया जाने वाला लोकपर्व ‘फुलदेई’ हमारी संस्कृति को उजागर करता है साथ ही यह पर्व पहाड़ की परंपराओं को भी कायम रखे हुए है।
‘‘फूलदेई छम्मा देई, दैणी द्वार भर भकार। यानी यह देहरी फूलों से सजी रहे। घर खुशियों से भरा हो। सबकी रक्षा हो। अन्न के भंडार सदैव भरे रहे। उत्तराखंड में इसे फूल संक्रांति के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन घरों की देहरी को फूलों से सजाया जाता है। घर-मंदिर की चौखट का तिलक करते हुए ’फूलदेई छम्मा देई’ कहकर मंगलकामना की जाती है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉत्र धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।
विदेशों में दिखेगा भारत का उद्यमिता कौशल..
मंत्रालय की पहल पर युवा उद्यमियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण..
देश-विदेश: भारत के उद्यमिता (आंत्रप्रेन्योरशिप) कौशल की तर्ज पर विश्व के अन्य देशों में भी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। विदेश मंत्रालय की पहल पर भूटान, मैक्सिको, साउथ सूडान, सूडान, तजाकिस्तान, अफगानिस्तान, इथोपिया, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बोस्वाना, एस्वातिनी, नाइजीरिया समेत 13 देशों के 29 युवा भारत में लघु उद्यम का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन्हें भारतीय उद्यमिता मॉडल भी दिखाया जा रहा है।
राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) में 8 हफ्ते का प्रशिक्षण 23 जनवरी को शुरू हुआ था, जो 17 मार्च को समाप्त होगा। इस दौरान विदेशी युवा उद्यमियों को भारत सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी अलग-अलग सत्रों में सरकार के उद्यमिता मॉडल के बारे में बताया। इसमें बताया गया कि नए व युवा उद्यमियों को किस तरीके से भारत सरकार उद्यम के लिए प्रोत्साहित कर रही है और किस तरह से युवा अपना उद्यम स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार के अवसर दे रहे हैं।
विदेश मंत्रालय का 165 देशों से है समन्वय
विदेश मंत्रालय के इंडियन टेक्निकल एंड इकॉनमिक कॉपरेशन (आईटेक) डिविजन की तरफ से निसबड में यह कार्यक्रम चल रहा है। संस्थान की एक अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रालय का समन्वय 165 देशों से है। प्रशिक्षण ले 13 देशों के युवाओं में से अधिकांश भावी उद्यमी हैं तो कुछ सरकारी कर्मचारी हैं। यहां युवाओं को स्वउद्यम के नए तरीके बता भारत सरकार की योजनाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी जा रही है। विदेशी प्रतिनिधियों को अध्ययन भ्रमण भी कराया गया। युवा उद्यमी एनएसआईसी फरीदाबाद, सूरजकुंड, प्रगति मैदान पुस्तक मेले में भी पहुंचे तो देहरादून, ऋषिकेश व मसूरी की पर्यटन गतिविधियों में भी व्यवसाय की संभावनाओं का अध्ययन किया। युवाओं ने अक्षरधाम मंदिर, गुरुद्वारों, लोटस टेंपल आदि का दौरा कर भारत की सभ्यता-संस्कृति की जानकारी ली।
नई तकनीकों से युवा प्रभावित
भूटान के केजान छोर्डेन का कहना है कि यहां आकर स्व उद्यम के नए-नए तरीकों के बारे में जानने को मिल रहा है। भारत की महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों से बहुत प्रभावित हूं। अफगानिस्तान के अहमद स्कैप लुदिन ने कहा कि उद्यम के नए ट्रेंड के बारे में जानने को मिल रहा है। यहां की सरकार भी युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन दे रही है।
क्षेत्रीय भाषाओं में क्लैट आयोजित करने की मांग संबंधी याचिका पर जवाब तलब
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट- 2024) को सभी क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित करने की मांग संबंधी पर याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने याचिका पर जवाब देने के लिए अधिकारियों को चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी। वर्तमान में क्लैट केवल अंग्रेजी में आयोजित किया जाता है। याचिका में तर्क दिया गया है कि इससे गैर-अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के साथ घोर अन्याय होता है।
उत्तराखंड के हर जिले में होगी महिला होमगार्ड की भर्ती..
उत्तराखंड: प्रदेश में होमगार्ड भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट आया है। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के सभी जिलों में अब महिला होमगार्ड की भर्ती की जाएगी। जिसके आदेश भी कहा जा रहा है कि जारी किए गए है। वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि महिला होमगार्ड को अब कमांडों जैसा तेज तर्रार बनाया जा रहा है। बता दे कि उत्तराखंड होमगार्ड मुख्यालय द्वारा महिला होमगार्ड के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
होमगार्ड मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में प्रदेश के शेष 10 जिलों में भी महिला होमगार्ड की भर्ती कराने को कहा गया है। भर्ती के बाद महिला होमगार्ड को शस्त्र चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से महिला होमगार्डस को (सेल्फ लोडिंग रायफल) एसएलआर चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ताकि महिला जवान भी पुरुष जवानों की बराबरी कर सकें। गौरतलब है कि अभी तक देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिले में महिला होमगार्ड की भर्ती की जाती थी। बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से महिला होमगार्डस को (सेल्फ लोडिंग रायफल) एसएलआर चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि महिला जवान भी पुरुष जवानों की बराबरी कर सकें। गौरतलब है कि अभी तक देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिले में महिला होमगार्ड की भर्ती की जाती थी।
नेटफ्लिक्स की इन पॉपुलर सीरीज के तीसरे सीजन की हुई घोषणा..
देश-विदेश: ओटीटी बेव सीरिज लवर्स के लिए एक अच्छी खबर है। पॉपुलर स्ट्रीमिंग एप्प नेटफ्लिक्स ने मंगलवार को ओटीटी के सबसे पॉपुलर शोज ‘दिल्ली क्राइम’, ‘मिसमैच्ड’ और ‘कोटा फैक्ट्री’ के तीसरे सीजन का एलान किया है। इन शोज के नए सीजन की घोषणा नेटफ्लिक्स ने इंस्टाग्राम पर एक टीजर शेयर कर की है। इसके साथ ही मजेदार कैप्शन भी लिखा है कि अब आपके कॉफी कप को भरने का समय है क्योंकि आपके फेवरेट शोज इस बार पूरे नए ट्विस्ट के साथ वापस आ रहे हैं।
दिल्ली क्राइम- पॉपुलर शो दिल्ली क्राइम थ्रिल और सस्पेंस से भरा है। शेफाली शाह की यह सीरिज राजधानी में हाई-प्रोफाइल अपराधों की जांच करती हैं। शो के पहले दो सीज़न वास्तविक और काल्पनिक दोनों घटनाओं से प्रेरित थे
मिसमैच्ड- संध्या मेनन की साल 2017 में आई उपन्यास ‘व्हेन’ ‘डिंपल मेट ऋषि’ पर आधारित, ‘मिसमैच्ड’ में लोगों ने प्राजक्ता कोली और रोहित सराफ की जोड़ी को काफी पसंद किया है। शो के दो सीजन सफलतापूर्ण रहें। अब इसके बाद शो का तीसरा सीजन आने वाला है। ‘मिसमैच्ड’ ‘ऋषि’ और ‘डिंपल’ की लव स्टोरी पर आधारित है। ‘ऋषि’ ओल्ड स्कूल रोमांस में विश्वास करता है और वह ‘डिंपल’ से शादी करना चाहता है।
कोटा फैक्ट्री- राघव सुब्बू द्वारा निर्देशित ‘कोटा फैक्ट्री’ ‘वैभव ‘ के बारे में है, जो कोटा के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों में से एक ‘माहेश्वरी’ की एडमिशन लेता है और कैसे वह अपनी दोस्ती, अपने गुरु के साथ अपने रिश्ते और आईआईटी में जाने के बढ़ते दबाव को संतुलित करने की कोशिश करता है। इस शो में जितेंद्र कुमार, मयूर मोरे, रंजन राज, आलम खान, एहसास चन्ना, रेवती पिल्लई और उर्वी सिंह हैं।
द फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स- ‘द फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ जीवन चार ‘बॉलीवुड पत्नियों’ के जीवन पर आधारित है। इस सीरिज में महीप कपूर ,संजय कपूर की पत्नी, भावना पांडे ,चंकी पांडे , सीमा खान ,सोहेल खान ,और नीलम कोठारी ,समीर सोनी हैं। यह शो फिल्म निर्माता करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन के डिजिटल लेबल धर्माटिक एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित है।
शी- वहीं, ‘शी’ फिल्म निर्माता इम्तियाज अली द्वारा लिखित और निर्मित, एक अंडरकवर मुंबई कांस्टेबल की केंद्रीय भूमिका में अदिति पोहनकर को पेश करती है। इसे वायाकॉम 18 स्टूडियोज के टिपिंग प्वाइंट और विंडो सीट फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है।
मजोठी गांव की मानसी नेगी ने नेशनल लेवल पर 20 Km रेस में जीता गोल्ड..
उत्तराखंड: राज्य की होनहार बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। आज बेटियां अपनी काबिलियत के दम पर आए दिन सफलता के ऊंचे-ऊंचे मुकाम हासिल कर रही हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही होनहार बेटी से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसने एक बार फिर से नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल हासिल किया है। बता दे कि चमोली के मजोठी गाव की बेटी मानसी नेगी ने तमिलनाडु में अयोजित 82वें आल इंडिया अंतर विश्वविद्यालय एथेलिटिक मीट 2023 में रेस वॉक (20KM) में स्वर्ण पदक जीता।
खेतों में प्रैक्टिस कर खुद को मजबूत बनाने वाली, गजब प्रतिभा की धनी इस मानसी ने साबित किया है कि सपने उन्हीं के सच होते हैं जिनके सपनों में जान होती हैं। पंख से कुछ नहीं होता होंसलों में उड़ान होती हैं। जिस उत्तराखंड में एथलेटिक्स से दूर दूर तक अब तक किसी का कोई वास्ता नहीं था, वो उत्तराखंड अब विजेताओं की फौज खड़ी कर रहा है। आपको बता दे कि मानसी ने 2021 में राष्ट्रीय खेल में सिल्वर मेडल,यूनिवर्सिटी लेवल कॉम्पिटीशन में भी सिल्वर मेडल,खेलो इंडिया में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक,नवंबर 2022 नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता और अब एक बार फिर से नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीता हैं।
उत्तरकाशी पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया..
करेंगे वाइब्रेंट विलेज योजना की समीक्षा..
उत्तराखंड: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार दोपहर उत्तरकाशी दौरे पर पहुंचे। इस दौरान वे हर्षिल घाटी के धराली गांव में वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत गांव में मूलभूत सुविधाओं आदि को लेकर ग्रामीणों के साथ बातचीत करेंगे। दो दिवसीय भ्रमण के तहत वे दोपहर करीब 12 बजे हर्षिल हैलीपैड पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया का भटवाड़ी ब्लाक प्रमुख विनीता रावत, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश सेमवाल, भाजपा नेता जगमोहन रावत आदि ने स्वागत किया। उनका यह भ्रमण केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी वाइब्रेंट विलेज योजना को लेकर है। जिसमें वे सीमांत धराली गांव के ग्रामीणों की सरकार से अपेक्षाओं के बारे में भी जानकारी लेंगे। साथ ही वर्तमान में गांव में मौजूद मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा करेंगे।
क्या है योजना..
आपको बता दें कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सरकार देश की सीमा पर स्थित गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अलग से बजट खर्च करने जा रही है। जिसके लिए 4800 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इनमें से 2500 करोड़ रुपए का बजट केवल सड़कों के विकास पर खर्च होगा। जिससे सीमांत गांव के बाशिंदों को विकास की उम्मीद जगी है।
