कौथिग मुंबई में दिखेगी उत्तराखंड की संस्कृति..
जुबिन, पवनदीप सहित कई सितारे देंगे प्रस्तुति..
उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड के सम्मान और पहचान का प्रतीक सामाजिक व सांस्कृतिक महोत्सव कौथिग-मुंबई का 12 दिवसीय आयोजन गुड़ी पाड़वा के दिन 22 मार्च से शुरू हो रहा है। यह उत्सव दो अप्रैल तक चलेगा। कार्यक्रम का आयोजन मुंबई के नेरुल स्थित रामलीला मैदान में किया जाएगा।
इस उत्सव में उत्तराखंड के कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुति से लोगों का दिल जीतेंगे। इनमें संगीत के क्षेत्र से जुबिन नौटियाल, पवनदीप, प्रसून जोशी और कलाकार सुधीर पांडेय, उर्वशी रौतेला, हिमानी शिवपुरी अपनी प्रस्तुति देंगे।
नेटफ्लिक्स ने फिर सस्ते किए अपने प्लान, जानें अब कहां कितने हुए दाम..
देश-विदेश: ‘नेटफ्लिक्स’ दुनिया भर में एक लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म है, जिस पर दर्शकों द्वारा पसंद की जाने वाली कई फिल्में और वेब सीरीज मौजूद हैं। सिनेमा प्रेमी इन फिल्मों और वेब सीरीज को देखने के लिए अक्सर इसका सब्सक्रिप्शन खरीदते हैं। जहां नेटफ्लिक्स आए दिन उस पर रिलीज होने वाले शोज और फिल्मों के लिए चर्चाओं में रहता है, वहीं आज यह प्लेटफॉर्म किसी और वजह से सुर्खियों में हैं। हमारी यह खबर नेटफ्लिक्स सब्सक्राइबर्स के लिए खुशखबरी से कम नहीं है क्योंकि प्लेटफॉर्म ने कई देशों में सब्सक्रिप्शन कीमतों को घटाने का फैसला किया है।
नेटफ्लिक्स ने कथित तौर पर 30 से अधिक देशों में सब्सक्रिप्शन कीमतों को कम करने का फैसला किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने यह फैसला उन ग्राहकों को अपने से जोड़ने के प्रयास में लिया है, जो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की बढ़ती कीमतों के कारण दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं। नेटफ्लिक्स ने यह फैसला में मध्य पूर्वी देशों जैसे यमन, जॉर्डन, लीबिया और ईरान, केन्या, अफ्रीकी बाजार, क्रोएशिया, स्लोवेनिया और बुल्गारिया जैसे यूरोपीय देश शामिल में जारी करने का फैसला किया है।
इसके अलावा लैटिन अमेरिका के निकारागुआ, इक्वाडोर और वेनेजुएला सहित कई देशों की सब्सक्रिप्शन कीमतों में कमी देखी गई है। एशियाई देशों में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस जैसे कई देश शामिल हैं। विश्लेषकों का कहना है कि, ‘यह निश्चित रूप से न केवल नेटफ्लिक्स के लिए बल्कि स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री के हालिया रुझानों के खिलाफ है।’
नेटफ्लिक्स के एक प्रवक्ता का कहना हैं कि ‘हम जानते हैं कि जब मनोरंजन की बात आती है तो सब्सक्राइबर्स के पास ज्यादा विकल्प नहीं होते हैं और नेटफ्लिक्स एक ऐसा अनुभव प्रदान करने के लिए समर्पित है, जो उनकी अपेक्षाओं से बढ़कर है।’ पिछले साल जनवरी में नेटफ्लिक्स ने यूएस और कनाडा में सब्सक्राइबर्स के लिए अपने प्लान की कीमत बढ़ाई थी। बाद में मार्च में, नेटफ्लिक्स ने यूके और आयरलैंड के सब्सक्राइबर्स के लिए अपनी सब्सक्रिप्शन कीमतों में भी बढ़ोतरी की थी।
उत्तराखंड की गरिमा जोशी ने व्हीलचेयर पर बैठकर जीते दो गोल्ड मेडल..
उत्तराखंड: कहते हैं कि सपने उन्हीं के सच होते हैं, जिनके सपनों में जान होती हैं। पंख से कुछ नहीं होता होंसलों में उड़ान होती हैं। इस बात को साबित कर दिखाया है उत्तराखंड की बेटी गरीमा जोशी ने। गरिमा ने दिव्यांग होने के बावजूद भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत के दम पर दो गोल्ड मेडल जीत प्रदेश को गौरावान्वित किया है।
उत्तराखण्ड युवा कल्याण, प्रारद एवं खेल उत्तराखण्ड शासन देहरादून द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुम्भ 2023 में दिव्यांग एथलीट गरिमा जोशी ने दो गोल्ड मेडल जीते है। विगत 21 व 22 फरवरी को दिव्यांग वर्ग की पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गरिमा जोशी ने 2 गोल्ड मेडल जीते है। गरिमा जोशी उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र के छतगुल्ला गांव की रहने वाली है। वह इससे पहले भी कई मेडल जीत चुकी है।
आपको बता दे कि विगत 31 मई 2018 को बंगलूरु में अभ्यास के दौरान अज्ञात वाहन की टक्कर से उन्हें काफी चोटें आयी। लेकिन इसके बावजूद गरिमा ने हार नहीं मानी। अपनी कमजोरी को अपनी ताकर बना कर गरिमा अब व्हीलचेयर के सहारे तमाम प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर अपना डंका बजा रही है। गरिमा लगातार शानदार प्रदर्शन कर कई मेडल अपने नाम कर चुकी है। बेटी की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है।
मथुरा में इस युवा उद्यमी ने फ्लिपकार्ट के जरिए अपने सपनों को पूरा किया..
देश-विदेश: मथुरा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले पीयूष हमेशा एक उद्यमी बनना चाहते थे। उनका सपना किसी तरह अपना कारोबार शुरू करना था। भले ही पीयूष ने अपनी पढ़ाई एमबीए में पूरी करने के बाद एक एमएनसी के लिए काम किया पर वह अपने काम से संतुष्ट नहीं था। 2020 में, COVID-19 महामारी के प्रकोप से देशव्यापी प्रतिबंध लगाए गए थे और इसी बीच पीयूष की नौकरी भी चली गई और उसे मथुरा में अपने माता-पिता के घर लौटना पड़ा।
पीयूष कहते हैं, ”लॉकडाउन के दौरान, मैं अपने करियर को लेकर बेहद चिंतित था, मैं कुछ भी नहीं कमा रहा था। ऐसी परिस्थितियों ने मुझे उन सभी चीजों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया जिनमें मैं अच्छा था। मुझे अपनी जीविका के लिए कुछ करना था।इस तरह के प्रश्नों और चिंताओं ने पीयूष के मन में एक नया दृष्टिकोण पैदा किया और उनका पुराना उद्यमशीलता का सपना एक बार फिर उभरने लगा। अपने सपने को पूरा करने के लिए पीयूष ने नए अवसरों की तलाश शुरू कर दी। उसने महसूस किया कि वह एक ऐसे शहर में रहते हैं जो सदियों से एक तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, और यहां पर पूजा संबंधित उत्पादों की मांग है।
पीयूष ने बताया, ”मैंने देखा कि मेरे आसपास बहुत सारे मंदिर हैं और यहां पर बहुत सारे उत्पाद – जैसे सुगंधित अगरबत्ती, धूपबत्ती और पूजा के सामान की काफी डिमांड है। मेरा मानना है कि भारत के बाजारों में इन उत्पादों की हमेशा मांग रहेगी।पीयूष अपने इस विचार पर एकदम सही था और उसने बिल्कुल नए सिरे से अपना नया व्यवसाय शुरू किया। अपने माता-पिता की मदद से उसने शुरुआत में इन उत्पादों को स्थानीय स्तर पर बेचने का काम किया है। साथ ही उन्होंने घर पर उत्पाद बनाना भी शुरू किया। कुछ महीनों के बाद उन्होंने महसूस किया कि वह अपने ग्राहकों की संख्या का विस्तार करना चाहते हैं, और उन्होंने सोचा कि क्यों न ऑनलाइन बिक्री की जाए।
बहुत जल्द ही उन्होंने अक्टूबर 2020 में फ्लिपकार्ट के साथ मिलकर शंख स्टोर नाम से अपना ऑनलाइन वेबसाइट शुरू किया। पीयूष कहते हैं कि ‘फ्लिपकार्ट पर अपना कारोबार शुरू करने के बाद से मेरे पास देश के हर हिस्से से ऑर्डर आने शुरू हो गए। जितना मैं एक पूरे महीने में कमाता था, अब मैं एक सप्ताह में उससे अधिक कमाता हूँ! पीयूष ने अपने व्यवसाय में जो सफलता देखी, वह आज भी उनके विकास को प्रेरित कर रही है। जिस पीयूष ने अपने छोटे से व्यवसाय को सक्रिय रूप से निवेश करके घर पर शुरू किया था, अब उसी पीयूष ने एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी स्थापित कर ली है।
पीयूष के पिता बालकृष्ण अग्रवाल कहते हैं ”मैं अपने बेटे के काम से बहुत खुश हूं और मैं उसके फैसले पर कायम हूं।पीयूष ने एक उद्यमी बनकर अब तक जो हासिल किया है, उस पर उसे गर्व है, और अब वो सिर्फ यही पर नहीं रुकेगा। पीयूष कहते हैं ‘मैं इस बिजनेस को उस मुकाम तक ले जाना चाहता हूं, जहां मैं हर महीने एक करोड़ रुपये से ज्यादा कमा सकूं और मैं अपने इस उत्पादों को देश के हर घर तक पहुंचते हुए देखना चाहता हूं।
यमुनोत्री धाम के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर आयी सामने..
उत्तराखंड: यमुनोत्री धाम के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है आपको बता दे कि धामी सरकार ने रोपवे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एक एमओयू साईन किया हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विभाग और निजी निर्माण कंपनी के साथ एमओयू साईन किया गया।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना हैं कि खरसाली से यमुनोत्री धाम तक बनने वाला यह रोपवे मॉ यमुना के ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन धामों को एक साथ जोड़ने और उत्तराखण्ड में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं में एक और नये अध्याय का कार्य करेगा। परियोजना का क्रियान्वयन तय सीमा में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। 3.38 किमी लंबाई का यह रोपवे बनने से मात्र 15 मिनट में श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे. इस रोपवे की यात्री क्षमता एक घंटे में लगभग 500 लोगों को ले जाने की होगी। यह रोपवे पर्यटन विभाग द्वारा पीपीपी मोड पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। जिसकी लागत लगभग 166.82 करोड़ रूपये है.
प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति दो मार्च की बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव..
उत्तराखंड: अगले महीने प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति आ सकती है। सभी पहलुओं पर इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। दो मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में यह नीति रखी जाएगी। सरकार ने माना है कि प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में 2000 मेगावाट तक की क्षमता है। इसमें बड़े प्रोजेक्ट के लिए 600 मेगावाट, आवासीय प्रोजेक्ट के लिए 250 मेगावाट, कॉमर्शियल व इंडस्ट्री प्रोजेक्ट के लिए 750 मेगावाट, इंस्टीट्यूशंस के लिए 350 मेगावाट और एग्रीकल्चर के लिए 50 मेगावाट की क्षमता आंकी गई है। इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रख कर सौर ऊर्जा नीति तैयार की जा रही है।
नई पॉलिसी में स्थानीय युवाओं के रोजगार की भी गारंटी दी गई है। इसमें कहा गया है कि जो भी सरकारी भूमि को लीज पर लेकर अपना सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा, उसे 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होगा। उरेडा अपने टेंडर में इस शर्त को जारी करेगा। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि सौर ऊर्जा नीति शासन में विभागीय प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि दो मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसका मसौदा रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में सौर ऊर्जा नीति लागू हो जाएगी।
सीएम सौर स्वरोजगार योजना में होगा संशोधन..
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत दस हजार सोलर प्लांट लगाने की योजना थी लेकिन इसके मुकाबले महज 120 प्लांट ही लग पाए हैं। अब सीएम सौर स्वरोजगार योजना में संशोधन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए 27 फरवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हितधारकों के भी सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद योजना में संशोधन का प्रस्ताव दो मार्च की कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।
एकता कपूर के मशहूर शो में लीड रोल निभाएंगे पारस कलनावत..
देश-विदेश: छोटे पर्दे के मशहूर कलाकार पारस कलनावत कुछ समय पहले सुर्खियों में छाए हुए थे। पारस को रातों रात अनुपमा शो से बाहर निकाल दिया गया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने तेजी से रिएक्ट किया और अभिनेता के सपोर्ट में आ गए। शो में पारस के किरदार को काफी पसंद किया जाता था और ऐसे में अचानक उन्हें बाहर निकाल देने किसी को भी पच नहीं रहा था। लेकिन इसके बाद पारस झलक दिखला जा में नजर आए और अपने डांस मूव्स के सबका दिल जीत लिया। वहीं, अब पारस के फैंस के लिए एक गुडन्यूज है।
आपको बता दे कि पारस कलनावत जल्द ही कुंडली भाग्य में बतौर लीड नजर आएंगे। दरअसल, शो में लीप आएगा और उसके बाद कई नए किरदारों की एंट्री होगी। पहले शो में लीड एक्ट्रेस के लिए देबत्तमा साहा, सुंबुल तौकीर और सृष्टि जैन का नाम सामने आ रहा था, तो लीड एक्टर के लिए अनुपमा फेम पारस कलनावत और हर्ष राजपूत का नाम लिया जा रहा है। ऐसे में फैंस को जल्द ही पारस एक नए अवतार में देखने को मिल सकते हैं।
बता दें कि अनुपमा से निकाले जाने के चलते पारस कलनावत काफी समय तक सुर्खियों में थे। उस दौरान अभिनेता ने कहा था वह शो में मिल रहे स्क्रीन स्पेस से खुश नहीं थे। ऐसे में जब उन्हें झलक दिखला जा का ऑफर मिला तो उन्होंने उसे हां कह दिया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनका दूसरे चैनल के साथ शो करना मेकर्स को रास नहीं आया और रातों रात उन्हें शो से बाहर कर दिया गया।
इसके बाद शो में उनकी जगह दूसरे सितारे को कास्ट कर लिया गया। झलक दिखला जा में पारस कलनावत ने अपने डांस मूव्स से लोगों को काफी इंप्रेस किया। शो में वह अलग-अलग डांस फॉर्म कर फैंस का दिल जीतने में भी कामयाब रहे। वहीं, इसके बाद वह म्यूजिक वीडियो जरीया तू और गल्लां मिठियां में भी नजर आए। वहीं, अब अभिनेता के कुंडली भाग्य में नजर आने की खबरों से फैंस एक्साइटेड हो गए हैं।
पौड़ी में शिक्षक ने क्रूरता की हद कर दी, पीट-पीटकर छात्र का तोड़ा डाला हाथ..
उत्तराखंड: प्रदेश के स्कूल पढ़ाई के लिए कम और विवादों के लिए ज्यादा चर्चा में रहते हैं। पौड़ी जिले में भी एक सरकारी शिक्षक पर छात्र को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। आरोप है कि टीचर ने छात्र को इतनी क्रूरता से पीटा कि उसका एक हाथ ही टूट गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। छात्र के परिजन भी परेशान हैं, क्योंकि छात्र अब परीक्षा देने में असमर्थ है। 27 फरवरी से छात्र की परीक्षाएं भी होनी हैं। मामला कल्जीखाल ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज कांडा का है। बता दे कि पीड़ित छात्र कक्षा 9 में पढ़ता है।
स्कूल में भूपेंद्र थपलियाल नाम के शिक्षक की तैनाती है, जिस पर छात्र को पीटने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में एक लावारिस कुत्ता घुस गया था। इस बात के लिए टीचर ने छात्र को जिम्मेदार ठहराया और उसे पीटने लगा। टीचर ने छात्र को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका हाथ ही तोड़ दिया। छात्र के हाथ की हड्डी टूट गई है।
परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश है। बच्चे के हाथ में प्लास्टर लगा है। परिजनों का कहना हैं कि आगामी 27 फरवरी से छात्र की परीक्षाएं होनी हैं, अब वो परीक्षा में कैसे बैठ पाएगा। परिजनों ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
केदारनाथ यात्रा पड़ाव के सीतापुर व गौरीकुंड में किया जा रहा शौचालयों का निर्माण..
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को मार्च माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दिए है, ताकि केदारनाथ धाम में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा यात्रा मार्ग में किए जानी व्यवस्थाओं एवं तैयारियों के लिए कार्य शुरू कर दिए गए हैं। यात्रा में आने वाले तीर्थ यात्रियों को सुलभ शौचालय की कोई परेशानी न हो, इसके लिए यात्रा मार्ग एवं विभिन्न पड़ावों में सुलभ इंटरनेशल द्वारा तैयार किए जाने वाले शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
इंचार्ज सुलभ इंटरनेशनल धनंजय पाठक ने बताया कि सीतापुर पार्किंग नंबर वन में 10 एवं 25 तथा पार्किंग नंबर दो में 25 सीट तथा गौरीकुंड घोड़ा पड़ाव में 6 सीट के शौचालयों निर्माण का कार्य प्रगति पर है। अधिशासी अभियंता डीडीएमए प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में जिन स्थानों में मार्ग क्षतिग्रस्त हैं एवं रैलिंग टूट गई है उनका मरम्मत कार्य गतिमान है तथा यात्रा मार्ग में चीरबासा हेलीपैड के पास क्षतिग्रस्त मार्ग एवं रैलिंग का मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य निरंतर जारी है तथा बड़ी लिनचोली के आगे यात्रा मार्ग में बर्फ हटाने का कार्य प्रगति पर है।
सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी लाखों की सौगात..
उत्तराखंड: सीएम धामी द्वारा की गई घोषणाओं के तहत विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु लगभग 7 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। सीएम द्वारा संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में प्राचीन रूद्रेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार व पैदल मार्ग निर्माण हेतु 35.84 लाख एवं जनपद अल्मोड़ा में विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अन्तर्गत सोमेश्वर मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु 92.12 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
विधासभा सोमेश्वर के अन्तर्गत ही बयालाखालसा मंदिर में कार्य हेतु 72.07 लाख तथा जनपद अल्मोड़ा में ग्राम सभा जाख-भगेतिया में स्वर्गाश्रम के सौन्दर्यीकरण हेतु 42.18 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जनपद पिथौरागढ़ में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत ग्राम ल्न्ठयूड़ा में बहुउद्देशीय मैदान के निर्माण हेतु तथा चण्डाक पिथौरागढ़ में जल संचय, जल क्रीड़ा हेतु मिनी झील का अवशेष कार्य हेतु 01-01 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
जनपद पिथौरागढ़ में पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत चुकानीबगर से नाजरीकोट ट्रेक रूट के निर्माण हेतु 86.34 लाख, पिथौरागढ़ में ग्राम जारजिबली बाननी से छिपला केदार तक ट्रैक रूट के निर्माण हेतु 46 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही जनपद उधम सिंह नगर में समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में पर्वतीय विकास भवन हेतु 40 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में ही बंग भवन हेतु 91.08 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
