टिहरी जेल शिफ्ट किया गया अंकिता का आरोपी..
उत्तराखंड: अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में जहां एक महीना बीत जाने के बाद भी जांच जारी है। वहीं दो आरोपियों को खांड्यूसैंण पौड़ी के जिला कारागार से शिफ्ट कर दिया गया है। अंकिता के हत्यारे सौरभ को टिहरी जेल भेजा गया है। तो वहीं एक अन्य आरोपी को देहरादून शिफ्ट किया गया है। ऐसे में कई सवाल उठ रहे है कि ये बदलाव क्यों किया गया है। अंकिता मर्डर केस के दो आरोपियों को बुधवार को पौड़ी जिला कारागार से शिफ्ट कर दिया गया है। जबकि एक आरोपी अभी पौड़ी जेल में ही है। हत्याकांड के तीनों आरोपी बीती 23 सितंबर से पौड़ी जिला कारागार में बंद थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 30 अक्तूबर को तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर ऐक्ट भी लगा दिया था।हत्याकांड के आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया।
बताया जा रहा है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत उसके दो साथी आरोपी जेल में बंद हैं। वहीं अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब सबको एसआईटी की चार्जशीट दाखिल करने का इंतजार है। इस केस में सबसे अहम चार्जशीट को ही माना जा रहा है। हालांकि हत्याकांड के एक माह गुजर जाने के बाद भी अब तक इस मामले में एसआईटी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। जिसको लेकर लगातार लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
उत्तराखंड में कई IPS अधिकारियों के तबादले..
उत्तराखंड: प्रदेश में शासन से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। शासन ने कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए है। बताया जा रहा है कि पुलिस विभाग में सात आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। इसके साथ ही तीन अन्य पुलिस अधिकारियों के भी ट्रांसफर किए गए हैं। जिसके आदेश जारी किए गए है।आपको बता दे कि एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह को हरिद्वार जिले का एसएसपी बनाया गया है।
वहीं हरिद्वार के एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत को पुलिस उप महानिरीक्षक अभिसूचना एवं सूचना के साथ पुलिस उप महानिरीक्षक कारागार की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि आईपीएस अजय सिंह को बनाया गया हरिद्वार का नया एसएसपी, आईपीएस आयुष अग्रवाल एसएसपी एसटीएफ, आईपीएस योगेंद्र सिंह रावत बने डीआईजी कारागार, आईपीएस हिमांशु कुमार वर्मा एसपी बागेश्वर, आईपीएस प्रमेन्द्र डोभाल प्रभारी एसपी चमोली,आईपीएस अमित श्रीवास्तव एसपी पुलिस मुख्यालय बनाए गए।
योगी की राह पर धामी सरकार, एमबीबीएस पाठ्यक्रम पर यह हो रही तैयारी..
उत्तराखंड: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की राह पर अब धामी सरकार भी चल पड़ी है। उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई हिन्दी में कराने के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने का काम शुरू हो गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी 15 दिन के भीतर पाठ्यक्रम के संदर्भ में सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट देगी। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एमबीबीएस छात्रों की हिन्दी में पढ़ाई की घोषणा की थी। इसी के तहत अब राज्य में इसकी कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एमएसएम रावत की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना की ओर से गठित इस कमेटी में हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के एनॉटामी विभाग के प्रोफेसर डॉ एसके सिंह, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के ही पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ हरिशंकर पांडेय और दून मेडिकल कॉलेज के रेडियोथैरेपी विभाग के प्रोफेसर डॉ दौलत सिंह को सदस्य सचिव बनाया गया है।
15 दिन में तैयार होगी रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना की ओर से गठित समिति 15 दिन में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दे देगी। यह कमेटी इस दौरान मध्य प्रदेश का दौरा कर वहां चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा तैयार एमबीबीएस के हिन्दी पाठ्यक्रम का अध्ययन भी करेगी।स्वास्थ्य महानिदेशक और चिकित्सा शिक्षा निदेशक रहे डॉ आरपी भट्ट का कहना है कि एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में कराना एक बड़ा विचार है। रूस को छोड़कर अधिकांश देश अंग्रेजी में ही डॉक्टरों की पढ़ाई करा रहे हैं। इस कदम से मरीजों को तो फायदा हो सकता है।
लेकिन इंटरनेशनल लेबल पर रिसर्च आदि के काम प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जा सकता है। साथ ही पाठ्यक्रम तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि भाषा की वजह से नई पीढ़ी के डॉक्टरों की क्षमता प्रभावित न हो। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना हैं कि सरकार एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई हिन्दी में कराने के लिए पाठ्यक्रम तैयार करा रही है। इसके लिए मध्य प्रदेश का मॉडल अपनाया जाएगा। इस संदर्भ में एक कमेटी गठित की गई है।
उत्तराखंड : श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में वित्तीय अनुशासन व पारदर्शिता के लिए प्रदेश सरकार ने वित्त नियंत्रक की नियुक्ति कर दी है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान को तत्काल प्रभाव से बीकेटीसी के वित्त नियंत्रक का अस्थाई रूप से अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रदेश सरकार द्वारा बीकेटीसी में पहली बार वित्त नियंत्रक की नियुक्ति की गई है। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने वित्त नियंत्रक की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष श्री अजेंद्र अजय ने विगत दिवस मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर और प्रदेश के संस्कृति व धर्मस्व सचिव हरिचंद्र सेमवाल को पत्र लिख कर तत्काल वित्त नियंत्रक नियुक्त करने की मांग की थी। उन्होंने लिखा था कि बीकेटीसी में वित्तीय अनुशासन व पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वित्त नियंत्रक की नियुक्ति आवश्यक है।

अजेंद्र के पत्र पर कार्रवाई करते हुए शासन ने पर्यटन विकास परिषद के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान को बीकेटीसी के वित्त नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस संबंध में वित्त विभाग के संयुक्त सचिव विक्रम सिंह राणा ने बुधवार को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि वित्त सेवा के अधिकारी चौहान को वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ कार्यहित में बीकेटीसी के वित्तीय कार्यों के निर्वहन हेतु अस्थाई रूप से वित्त नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
वर्तमान में बीकेटीसी के ढांचे में वित्त सेवा से संबंधित पद सृजित नहीं है। इस कारण शासन ने श्री चौहान की नियुक्ति अस्थाई रूप से की है। लिहाजा, शासन ने संस्कृति व धर्मस्व विभाग के सचिव से यह भी अपेक्षा की है कि बीकेटीसी के ढांचे में वित्त सेवा से संबंधित पद का सृजन यथाशीघ्र कर लिया जाए। ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या पैदा ना हो।

उधर, बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने वित्त नियंत्रक की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वित्त नियंत्रक की नियुक्ति के पश्चात बीकेटीसी में मुख्यमंत्री जी की भावना के अनुरूप वित्तीय अनुशासन व पारदर्शिता कायम होगी। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद से अजेंद्र लगातार बीकेटीसी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जुटे हुए हैं। कर्मचारियों की वेतन विसंगति का मामला हो या अधिकारियों व कर्मचारियों की वर्षों से लटकी पड़ी पदोन्नत्तियां, अजेंद्र ने इनको तेजी से निस्तारित किया। इसके साथ ही पहली बार बीकेटीसी में कार्मिकों के स्थानांतरण भी किए गए।
भारत पर चीन के ‘नापाक’ इरादे नहीं होंगे कामयाब- सीएम धामी..
उत्तराखंड: भारत और उत्तराखंड से लगे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर दुश्मन का आंख दिखाना अब संभव नहीं हो पाएगा। उत्तराखंड में चीन सीमाओं पर सुरक्षा के लिए तैनात उत्तराखंड सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सीएम धामी ने उत्तराखंड के सीमांत जिलों में तैनात होने वाले हिम प्रहरियों को पांच- पांच हजार रुपये महीने का मानदेय देने का प्लान बनाया है। आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार सीमांत के जिलों में कुल दस हजार हिम प्रहरियों की तैनाती करने जा रही है। केंद्र से वित्तीय सहायता पर सहमति मिलते ही सरकार योजना को लागू कर दी जाएगी। उत्तराखंड सरकार चीन- नेपाल से सटे गांवों पर पलायन रोकथाम के लिए हिम प्रहरी योजना लागू करने की तैयारी कर रही है।
गृह विभाग ने पिथौरागढ़, चम्पावत, उत्तरकाशी, चमोली और यूएसनगर जिले के सीमांत से सटे ब्लॉकों में प्रस्तावित इस योजना का खाका तैयार कर लिया है। अपर सचिव रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि योजना पर प्रति माह पांच करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। केंद्र की अनुमति के बाद योजना लागू हो जाएगी। देश और उत्तराखंड पर चीन के नापाक इराकों पर नजर रखने को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने फुलप्रूफ बनाया है। किसी भी बाहरी आक्रामण को नाकाम करने को सीएम धामी ने उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए बॉर्डर एरिया पर निगरानी और त्वरित एक्शन के लिए बॉर्डर पर रह रहे युवाओं को हिम प्रहरी योजना से जोड़ा जाएगा।
यही नहीं, सीमांत इलाकों में अभेद सुरक्षा के लिए रिटायर्ड सैन्य कर्मियों की भी मदद ली जाएगी। हिम प्रहरी योजना के तहत करीब 10 हजार सेवानिवृत जवानों, पैरामिलिट्री से रिटायर्ड सैनिक सहित युवाओं को जोड़ा जाएगा। ‘हिम प्रहरी’ योजना से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह सभी हिम प्रहरी जरूरत पड़ने पर बाहरी आक्रमण की स्थिति में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे सकेंगे। सरकार का मानना है कि इसके लिए लिए प्रतिमाह 5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सीएम धामी ने केंद्र सरकार से मांग भी की है।
ट्विटर के नए बॉस का आदेश! सप्ताह में सात दिन रोज 12 घंटे काम करें या छोडे़ं नौकरी..
देश-विदेश: दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और ट्विटर के नए बॉस एलन मस्क अपने तेज-तर्रार फैसलों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में ट्विटर को खरीदने के बाद उन्होंने कई ताबड़तोड़ फैसले किए हैं। इसी क्रम में ट्विटर के नए बॉस ने कंपनी के कर्मचारियों को आतंरिक रूप से कंपनी की नई वर्क पॉलिसी भेजी है। जानकारी अनुसार, मस्क ने कर्मचारियों को सप्ताह में सात दिन 12 घंटे की शिफ्ट में काम करने का निर्देश दिया है। ट्विटर के इंटर्नल सर्कुलर में कहा गया है कि ऐसा न करने पर उन्हें जॉब से निकाला भी जा सकता है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ऐसा ट्विटर कर्मचारियों को एलन मस्क की ओर से दी गई समय-सीमा और उनके काम करने की आक्रामक नीति के तहत किया गया है। सूत्रों ने बताया कि निर्देशों में कहा गया है कि कर्मचारियों को ओवरटाइम, शिफ्ट टाइमिंग, अतिरिक्त वेतन-भत्ते और जॉब सिक्योरिटी आदि के बारे में बिना चर्चा किए सिर्फ अपने पर काम पर ध्यान देना चाहिए।
तो इंजीनियर खो सकते हैं नौकरी..
इंजीनियरों को कथित तौर पर नवंबर की शुरुआत की समय-सीमा दी गई है और यदि वे मस्क की अपेक्षाओं के अनुसार, बदलाव की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहते हैं, तो वे अपनी नौकरी खो सकते हैं। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के कर्मचारी अब चिंतित हैं कि उन्हें बिना किसी चेतावनी या एग्जिट पैकेज के निकाल दिया जा सकता है। कर्मचारियों को नवंबर की शुरुआत की समय-सीमा दी गई है, जिसमें विफल रहने पर वे अपनी नौकरी खो सकते हैं। इंजीनियरों के लिए नवंबर की शुरुआत तक कार्य पूरा करना ट्विटर में उनके करिअर के लिए एक सीढ़ी के रूप में देखा जा रहा है।
आज किसान भवन में मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम का आयोजन..
उत्तराखंड: एससीईआरटी बुधवार से किसान भवन सभागार में दो दिवसीय सत्र की मेजबानी कर रहा है ताकि बच्चों में मातृभाषा की अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने और उनमें उन भाषाओं के प्रति सम्मान पैदा किया जा सके। कार्यक्रम में 18 विभिन्न भाषाओं का प्रतिनिधित्व किया जाएगा। शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण निदेशक सीमा जौनसारी का कहना है कि कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत करेंगे।
कार्यक्रम में लोक गीतों और उत्तराखंड की लोक भाषाओं, जैसे गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, मरछा और जड आदि में बच्चों को लोक भाषाओं में संवाद और लोक कथाओं के माध्यम से खुद को अभिव्यक्ति करने का अवसर मिलेगा। आपको बता दे कि कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित कक्षा तीन से लेकर 8वीं तक के बच्चे प्रतिभाग करेंगे। उद्घाटन सत्र में शिक्षा सचिव रविंद्र नाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी भी उद्घाटन सत्र में विचार रखेंगे।
एसडीआरएफ ने देर रात कोटि ढलानी में ट्रैकिंग में रास्ता भटके लोगों को सुरक्षित निकाला..
उत्तराखंड: देहरादून के कोटी धुली-भद्रराज में ट्रेकिंग करने गए पांच युवक रात में लापता हो गए। उन्होंने इस दौरान किसी तरह इसकी सूचना एसडीआरएफ को दी। जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचते ही पांचों युवकों को जंगल से बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, तरुणा तोमर(22) पुत्री सहदेव सिंह ज्ञान विहार कॉलोनी बिजनौर, सूरज सिंह(20) पुत्र संतोष सिंह निवासी बोखरा स्टील सिटी झारखंड, यश चौधरी(22) पुत्र नरेंद्र सिंह, अंकिता(20) पुत्री जसपाल निवासी कर्णप्रयाग प्रवीण सिंह(18) पुत्र जसपाल सिंह, चमोली ट्रैकिंग के लिए निकले थे। लेकिन वे अंधेरा ज्यादा होने के कारण जंगल में भटक गए। सूचना पर एसडीआरएफ की टीम ने सुरेश तोमर के नेतृत्व में रात में ही सर्च ऑपरेशन चलाया। टीम ने पांचों युवक युवतियों को सकुशल खोजकर घरों को रवाना किया।
इरफान के बेटे बाबिल की पहली फिल्म रिलीज को तैयार..
देश-विदेश: फिल्म ‘बुलबुल’ से बतौर फिल्म निर्देशक चर्चा में आईं हिंदी सिनेमा की जानी मानी गीतकार अन्विता दत्त की बतौर निर्देशक दूसरी फिल्म ‘कला’ की रिलीज डेट का मंगलवार को नेटफ्लिक्स ने ऐलान कर दिया। दिवंगत अभिनेता इरफान खान के बेटे बाबिल का इस फिल्म में लीड रोल है, उनके साथ फिल्म में ‘बुलबुल’ की हीरोइन तृप्ति डिमरी और ओटीटी पर तेजी से लोकप्रिय हुए अभिनेता अमित सियाल भी हैं। इस फिल्म की रिलीज आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ और ईशान खट्टर की फिल्म ‘पिप्पा’ के साथ हो रही है लेकिन इन दोनों फिल्मों के सिनेमाघरों तक पहुंचने से एक दिन पहले ही फिल्म ‘कला’ ओटीटी पर रिलीज हो जाएगी।
आजादी के पहले के कश्मीर की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘कला’ की कहानी बीती सदी के चौथे और पांचवें दशक की एक गायिका की कहानी है। इस गायिका का नाम है कला और इसका दुखद अतीत जब एक बार फिर उसके वर्तमान के सामने आता है तो उसकी मेहनत से बनी प्रतिष्ठा और उसकी समाज में बनी हैसियत खतरे में पड़ती दिखती है। इस हिला देने वाले मोड का आरंभ और अंत दोनों इस गायिका की मां से उसके रिश्ते से जुड़े हुए हैं। कला की परवरिश के दौरान घटी घटनाओं के स्याह साये इस गायिका की सफलता को कैसे प्रभावित करने की कोशिश करते हैं, यही फिल्म ‘कला’ का क्लाइमेक्स है।
फिल्म ‘कला’ की निर्देशक अन्विता दत्त ने ही इस फिल्म के हीरो के तौर पर बाबिल का चुनाव किया। इरफान खान के बेटे बाबिल सिनेमा से शुरू से जुड़े रहे हैं। वह फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ की तकनीशियनों की टीम में शामिल थे। इसके अलावा वह तमाम नाटक मंडलियों से भी जुड़े रहे हैं। बाबिल का रुझान शुरू से अभिनय की तरफ रहा है। फिल्म ‘कला’ में बाबिल की जोड़ी अभिनेत्री तृप्ति डिमरी के साथ बनी है। तृप्ति डिमरी के करियर के लिए क्लीन स्लेट फिल्म्स की पिछली फिल्म ‘बुलबुल’ टर्निंग प्वाइंट रही है।
फिल्म ‘कला’ के कलाकारों में बाबिल, तृप्ति और अमित सियाल के अलावा नीर राव, अविनाश राज शर्मा और आशीष सिंह के अलावा स्वास्तिका मुखर्जी भी शामिल हैं। फिल्म की निर्माता कर्णेश शर्मा की कंपनी क्लीन स्लेट फिल्म्स है। ये कंपनी कर्णेश ने अपनी बहन अनुष्का शर्मा के साथ मिलकर स्थापित की थी, लेकिन अब अनुष्का इस कंपनी से अलग हो चुकी है। क्लीन स्लेट फिल्म्स की एक और वेब सीरीज ‘पाताल लोक’ के दूसरे सीजन की शूटिंग भी तेजी से चल रही है।
फिल्म ‘कला’ नेटफ्लिक्स पर 1 दिसंबर को रिलीज होगी। इसमें संगीत अमित त्रिवेदी का है और इसके गाने अन्विता दत्त के अलावा अमिताभ भट्टाचार्य, कौसर मुनीर, स्वानंद किरकिरे और वरुण ग्रोवर ने लिखे हैं। वरुण ग्रोवर इन दिनों बतौर फिल्म निर्देशक अपनी पारी शुरू करने की तैयारी में हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले बच्चों की कहानी पर बन रही उनकी फिल्म की शूटिंग करीब करीब पूरी हो चुकी है।
मनी लॉन्ड्रिंग में फंसी पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार की पत्नी की कंपनी..
उत्तराखंड: करीब 200 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में देहरादून की एक कंपनी की जांच के आदेश दिए गए हैं। सोशल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड नाम की इस कंपनी में प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार की पत्नी वर्ष 2017 से 2020 तक डायरेक्टर थीं। वर्तमान में भी उनके रिश्तेदार ही इसमें डायरेक्टर बताए जा रहे हैं।
आरोप है कि इस अवधि में कंपनी में फर्जी तरीके से हजारों लोगों के नाम से आरडी-एफडी में रुपया जमा कर काले धन को वैध किया गया। शासन के निर्देश पर इस कंपनी की गतिविधियों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई है। इस मामले में विधायक खानपुर उमेश कुमार ने शासन से शिकायत की थी। इस कंपनी का मुख्यालय देहरादून-हरिद्वार बाईपास के ब्राह्मणवाला में है। यह कंपनी आरडी, एफडी, बचत खाते आदि वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है।
आपको बता दे कि वर्ष 2017 से 2020 तक कंपनी में 200 करोड़ रुपये से भी अधिक की धनराशि एफडी के रूप में जमा की गई। अलग-अलग नामों से खुले इन खातों की पड़ताल की गई तो पता चला कि इनमें से कई लोग मर चुके हैं। वहीं, कुछ लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि उनके नाम से एफडी चल रही है।
गतिविधियों की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी..
विधायक का कहना है कि जब इस मामले को उठाया गया तो पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार ने अपनी पत्नी का इस्तीफा दिलवा दिया। पिछले दिनों शासन ने मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने के निर्देश दिए थे। पुलिस मुख्यालय ने कंपनी की गतिविधियों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी है। इस संबंध में एडीजी कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन की ओर से पत्र जारी किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने जांच जल्द पूरी कर रिपोर्ट मांगी है।
40 से 50 हजार लोगों की एफडी, आरडी..
शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि इस कंपनी में करीब 40 से 50 हजार लोगों के नाम पर आरडी और एफडी के खाते खोले गए हैं। इन खातों में निवेश दिखाकर बहुत से लोगों ने काले धन को वैध किया। अब आर्थिक अपराध शाखा की जांच में ही सारी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
