उत्तराखंड में अब टीएचडीसी बनाएगा आठ नई पनबिजली परियोजनाएं..
उत्तराखंड: प्रदेश में जल्द आठ नई पनबिजली परियोजनाएं शुरू होने जा रही हैं। इनसे करीब तीन हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। इनमें से चार परियोजनाएं कुमाऊं व चार गढ़वाल मंडल में बनाई जाएंगी। इन परियोजनाओं के लिए ऊर्जा मंत्रालय से सैद्धांतिक सहमित मिल चुकी है। अक्तूबर माह से नई परियोजनाओं पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
टीएचडीसी के अध्यक्ष एवं एमडी राजीव कुमार विश्नोई का कहना हैं कि उत्तराखंड में हाइड्रो प्रोजेक्ट के जरिये कुल करीब दस हजार मेगावाट बिजली उत्पादन संभव है। आठ परियोजनाएं ऐसी चिह्नित की गई हैं, जिनसे तीन हजार मेगावाट बिजली बन सकती है।
इनमें कुमाऊं की धौली व काली गंगा क्षेत्र में चार और गढ़वाल में यमुना वैली में चार परियोजनाएं बनेंगी। परियोजनाओं का काम नई कंपनी करेगी। इस कंपनी का गठन एक माह में होने की उम्मीद है। इसमें टीएचडीसी की हिस्सेदारी 74% और राज्य सरकार का हिस्सा 26% होगा। टीएचडीसी हाइड्रो प्रोजेक्ट की तकनीक भी सरकार को देगा। नई परियोजनाओं पर उत्तराखंड सरकार भी गंभीर है।
परियोजनाओं पर करीब बीस हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। विश्नोई का कहना हैं कि इस समय देश में थर्मल पावर से करीब 60%, वैकल्पिक ऊर्जा से 30% व हाइड्रो से लगभग 10% बिजली बन रही है। इसके चलते हाइड्रो को लेकर राज्य में बड़ी संभावना है। जल विद्युत परियोजनाओं का काम उत्तराखंड में अब टीएचडीसी ही करेगा।
महाराष्ट्र सरकार ने की लोगों से आज सुबह 11 बजे राष्ट्रगान गाने की अपील
देश-विदेश: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लोगों से अपील की है कि वे स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उत्सव के हिस्से के रूप में आज सुबह 11 बजे राष्ट्रगान गाएं। जानकारी के अनुसार राज्य भर में सुबह 11 बजे से 11:01 बजे के बीच राष्ट्रगान गाने को कहा गया है।पिछले सप्ताह जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि सभी राज्य सरकार के विभागों, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए भागीदारी अनिवार्य है। इसके साथ ही आम नागरिकों से भी इस अभियान में हिस्सा लेने की उम्मीद की जाती है।
आदेश में कहा गया है कि यह केंद्र सरकार के स्वराज महोत्सव का हिस्सा है। इसमें निजी प्रतिष्ठानों, व्यापारियों और यहां तक कि केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले विभागों सहित अन्य सरकारी विभागों के भी भाग लेने की उम्मीद है। आदेश में कहा गया है कि छात्रों से खुले मैदान में राष्ट्रगान गाने के लिए इकट्ठा हो सकते हैं। इससे पहले महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा था कि देश अमृत महोत्सव (स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ) मना रहा है और इसलिए राज्य सरकार के सभी अधिकारियों को अगले साल 26 जनवरी तक कार्यालयों में फोन कॉल लगाते समय नमस्ते के बजाय वंदे मातरम कहना होगा।
हालांकि, इसके अगले दिन ही उन्हें यू-टर्न लेना पड़ा। जिसके बाद उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों के लिए फोन कॉल उठाते समय वंदे मातरम कहना अनिवार्य नहीं है। फोन कॉल के दौरान राष्ट्रवाद को दर्शाने वाले किसी भी समान शब्द का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की आलोचना का सामना करने के बाद उनका यह बयान सामने आया।

- प्रह्लाद सबनानी
वरिष्ठ स्तंभकार
अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने घोषणा की है कि वे प्रदेश के 6 जिलों सीतापुर, लखीमपुर, पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर एवं फर्रुखाबाद के 5 तीर्थस्थलों को आपस में जोड़ने हेतु 500 किलोमीटर से भी लम्बा श्री परशुराम तीर्थ सर्किट बनाने जा रहे हैं। ये पांचों तीर्थ स्थल, नैमिष धाम, महर्षि दधीचि स्थल मिश्रिख, गोला गोकर्णनाथ, गोमती उद्गम, पूर्णागिरी मां के मंदिर के बॉर्डर से बाबा नीब करोरी धाम और जलालाबाद परशुराम की जन्मस्थली, हिंदुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं।
इसी प्रकार दक्षिण भारत की शैली में वृंदावन के ‘रंगजी’ मंदिर के आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कर उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना को पूर्ण करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने 16.20 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई है। इस दिव्यदेश मंदिर का निर्माण वर्ष 1833 में शुरू हुआ था। भगवान नारायण के लोक को ‘दिव्यदेश’ की संज्ञा दी जाती है। दिव्यदेश की पहचान पांच प्रमुख स्तंभों से होती है। इसमें गरुड़ स्तंभ, गोपुरम, पुष्करणी, पुष्प उद्यान और गोशाला होती है। ऐसे 107 दिव्यदेश भारत में और एक नेपाल में स्थित हैं।
अयोध्या में भी भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य जोर शोर से चल रहा है। 5 अगस्त 2020 को शुरु हुए श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य का लगभग एक तिहाई काम सम्पन्न हो चुका है। अब श्रीराम मंदिर के गर्भगृह का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह की पहली शिला रखते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ‘राष्ट्र मंदिर’ का रूप ले लेगा। 1100 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले इस श्रीराम मंदिर के निर्माण में अभी तक 192 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। श्रीराम जन्मभूमि परिसर से कुछ दूरी पर दक्षिण भारत के द्रविड़ शैली में भव्य श्रीरामलला देवस्थानम मंदिर भी बनाया जा रहा है।
पूर्व में केंद्र सरकार ने भी देश के 12 शहरों को “हृदय” योजना के अंतर्गत भारत के विरासत शहरों के तौर पर विकसित करने की घोषणा की है। ये शहर हैं, अमृतसर, द्वारका, गया, कामाख्या, कांचीपुरम, केदारनाथ, मथुरा, पुरी, वाराणसी, वेल्लांकनी, अमरावती एवं अजमेर। हृदय योजना के अंतर्गत इन शहरों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, ताकि इन शहरों की पुरानी विरासत को पुनर्विकसित कर पुनर्जीवित किया जा सके। इस हेतु देश में 15 धार्मिक सर्किट भी विकसित किये जा रहे हैं। जिनमें शामिल हैं, हिमालय सर्किट, नोर्थ ईस्ट सर्किट, कृष्ण सर्किट, बुद्धिस्ट सर्किट, कोस्टल सर्किट, डेजर्ट सर्किट, ट्राइबल सर्किट, वाइल्ड लाइफ सर्किट, रुरल सर्किट, स्पीरीचुअल सर्किट, रामायण सर्किट, हेरीटेज सर्किट, तीर्थंकर सर्किट एवं सूफी सर्किट। “हृदय” योजना को लागू करने के बाद से केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनमें से अधिकतर परियोजनाओं पर काम भी प्रारम्भ हो चुका है। इन सभी योजनाओं का चयन सम्बंधित राज्य सरकारों की राय के आधार पर किया गया है।
इसी प्रकार, पर्यटन मंत्रालय ने “प्रसाद” नामक एक विशेष योजना को प्रारम्भ किया है। जिसके अंतर्गत 15 राज्यों में धार्मिक स्थलों पर 24 परियोजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से पर्यटन मंत्रालय द्वारा वित्त की व्यवस्था की जाती है। “प्रसाद” योजना के अंतर्गत रोड, रेल एवं जलमार्ग के माध्यम से परिवहन की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इन चुने हुए धार्मिक स्थलों पर बैंकों के एटीएम का जाल बिछाया गया है। वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था, रेस्ट रूम का निर्माण, वेटिंग रूम का निर्माण, फर्स्ट-एड के अंतर्गत दवाईयों की व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था, दूरसंचार के साधनों की व्यवस्था, आदि की जा रही है। इन विभिन्न परियोजनाओं को निजी एवं सरकारी क्षेत्र में, पीपीपी मॉडल के अंतर्गत, संयुक्त रूप से चलाने के प्रयास किये जा रहे है। इस योजना को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा भी प्रयास किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार भारत में धार्मिक स्थलों को विकसित करने में एकाएक इतनी दिलचस्पी क्यों लेने लगीं हैं? इसका उत्तर दरअसल इस तथ्य में छुपा है कि भारत में यात्रा एवं पर्यटन उद्योग 8 करोड़ व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रहा है एवं देश के कुल रोजगार में पर्यटन उद्योग की 12 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। भारत में प्राचीन समय से धार्मिक स्थलों की यात्रा, पर्यटन उद्योग में, एक विशेष स्थान रखती है। एक अनुमान के अनुसार, देश के पर्यटन में धार्मिक यात्राओं की हिस्सेदारी 60 से 70 प्रतिशत के बीच रहती है। देश के पर्यटन उद्योग में लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि दर अर्जित की जा रही है जबकि वैश्विक स्तर पर पर्यटन उद्योग केवल 5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज कर रहा है। भारत में पर्यटन उद्योग लगभग 23,400 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय अर्जित कर रहा है। देश में पर्यटन उद्योग में 87 प्रतिशत हिस्सा देशी पर्यटन का है जबकि शेष 13 प्रतिशत हिस्सा विदेशी पर्यटन का है। अतः भारत में रोजगार के नए अवसर निर्मित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों को विकसित करने हेतु प्रयास कर रही हैं।
पर्यटन उद्योग में कई प्रकार की आर्थिक गतिविधियों का समावेश रहता है। यथा, अतिथि सत्कार, परिवहन, यात्रा इंतजाम, होटल आदि। इस क्षेत्र में व्यापारियों, शिल्पकारों, दस्तकारों, संगीतकारों, कलाकारों, होटेल, वेटर, कूली, परिवहन एवं टूर आपरेटर आदि को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। उक्त कारणों में चलते हाल ही के समय में भारत में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के चार मंत्रालय – पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, रेल्वे मंत्रालय एवं परिवहन मंत्रालय, आपस में तारतम्य बनाते
हुए मिलकर कार्य कर रहे हैं। इन चारों मंत्रालयों के संयुक्त प्रयासों से देश में धार्मिक यात्राओं को आसान बना दिया गया है। परिवहन मंत्रालय द्वारा विभिन्न तीर्थ स्थलों पर आसानी से पहुंचने हेतु मार्गों को विकसित किया गया है एवं बुनियादी ढांचे को भी विकसित किया जा रहा है। जिसके चलते देश के नागरिकों द्वारा धार्मिक यात्राएं करने की मात्रा में काफी उच्छाल देखने में आ रहा है।
भारतीय रेल ने कई विशेष सर्किट मार्ग पर विशेष रेलगाड़ियों को चलाने का अभियान भी प्रारम्भ किया है। नवम्बर 2018 से श्री रामायण एक्सप्रेस नामक विशेष रेलगाड़ी प्रारम्भ की गई है। यह रेल भारत एवं श्रीलंका में प्रभु श्रीराम से सम्बंधित महत्वपूर्ण स्थानों के मार्ग के बीच चलायी जा रही है। यह रेल प्रभु श्रीराम के जन्म स्थान अयोध्या से प्रारम्भ होती है एवं रेल के मार्ग में पड़ने वाले प्रभु श्रीराम की श्रद्धा के प्रमुख केंद्रों पर रूकती है। साथ ही, यदि श्रद्धा स्थल रेल्वे मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित है तो भारतीय रेल श्रद्धालुओं को उक्त स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी करती है। इस तरह की कई अन्य विशेष रेलगाड़ियां राजकोट, जयपुर एवं मदुरई आदि स्थानों से भी चलाई जा रही हैं।
साथ ही अब वैष्णो देवी मंदिर पर पहुंच मार्ग को भी आसान बना दिया गया है। अब जम्मू-उधमपुर-कटरा रेलवे लाइन भी प्रारम्भ कर दी गई है। अब दिल्ली से कटरा तक रेल सेवा उपलब्ध करा दी गई है। कई रेलगाड़ियां अब सीधे कटरा तक पहुंच रही हैं। इससे वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को बहुत आसानी हो गई है। इसी प्रकार, एक विशेष पर्यटन रेलगाड़ी भारत दर्शन के लिए भी चलायी जा रही है। इस पैकेज टूर में 6 धार्मिक स्थल शामिल किए गए हैं, यथा, बैद्यनाथ, गंगासागर, कोलकत्ता, वाराणसी, प्रयागराज, आदि।
बुद्धिस्ट सर्किट पर भी विशेष रेलगाड़ियां अब चलाई जाने लगी हैं। विशेष पैकेज टूर के अंतर्गत बोद्धगया, नालंदा एवं वाराणसी शहरों के बीच 8 दिन की धार्मिक यात्रा सम्पन कराई जा रही है। भगवान बुद्ध के दर्शनार्थ यात्री विभिन्न देशों यथा जापान, चीन, थाईलैंड एवं श्रीलंका आदि से आते हैं। बुद्धिस्ट सर्किट पर पड़ने वाले अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन भी विदेशों से आए हुए इन यात्रियों को कराए जाते हैं एवं इनके सुख सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। पूरी सुविधाएं रेल्वे विभाग द्वारा प्रदान की जाती हैं।
गुरुद्वारा सर्किट पर पंज तख़्त एक्स्प्रेस नामक रेलगाड़ी चलायी जा रही है। इसके माध्यम से सिख धर्माविलंबियों को इस सर्किट पर पड़ने वाले गुरुद्वारों की यात्रा बहुत ही सहज तरीके से करायी जा रही है। इनमें शामिल हैं, अमृतसर में श्री अकाल तख़्त, श्री आनन्दपुर साहिब में तख़्त केशगड़, भटिंडा में तख़्त श्री दमदमा साहिब, पटना में तख़्त श्री पटना साहिब एवं नांदेड़ में तख़्त श्री हजूर साहिब।
उत्तराखंड में चार धाम – केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री – को भी बारहों महीने के लिए रोड के माध्यम से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे है। यह एक विशेष सर्किट के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
उक्त विभिन्न सर्किट को विकसित करने के पीछे भारत की जड़ें तलाशने के साथ ही देश में धार्मिक पर्यटन को पंख देने की मंशा भी काम कर रही है। योग एवं आयुर्वेद भी हाल ही के समय में विदेशों में काफी लोकप्रिय हो गया है। अतः इसकी खोज के लिए विदेशों से भी कई पर्यटक भारत में धार्मिक पर्यटन करने के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। इससे विदेशी पर्यटन भी देश में तेजी से वृद्धि दर्ज कर रहा है।
केंद्र सरकार के साथ साथ हम नागरिकों का भी कुछ कर्तव्य है कि देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हम भी कुछ कार्य करें। जैसे प्रत्येक नागरिक, देश में ही, एक वर्ष में कम से कम दो देशी पर्यटन स्थलों का दौरा अवश्य करे। विदेशों से आ रहे पर्यटकों के आदर सत्कार में कोई कमी न रखें ताकि वे अपने देश में जाकर भारत के सत्कार का गुणगान करे। आज करोड़ों की संख्या में भारतीय, विदेशों में रह रहे हैं। यदि प्रत्येक भारतीय यह प्रण करे की प्रतिवर्ष कम से कम 5 विदेशी पर्यटकों को भारत भ्रमण हेतु प्रेरणा देगा तो एक अनुमान के अनुसार विदेशी पर्यटकों की संख्या को एक वर्ष के अंदर ही दुगना किया जा सकता है।
भाजपा ने धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस..
उत्तराखंड: प्रदेश में भाजपा समेत विभिन्न संगठनों ने स्तंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया। भाजपा महानगर महिला मोर्चा की अध्यक्ष कमली भट्ट ने विभिन्न स्थानो पर जाकर ध्वजारोहण किया। अंबेडकर नगर मंडल में मंडल अध्यक्ष विशाल गुप्ता के नेतृत्व में ध्वजारोहण किया गया। उधर, जीएमएस मंडल में मंडल अध्यक्ष विजेंद्र थपलियाल के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसमें राज्य सभा सांसद नेरश बसंल, कैंट विधायक सविता कपूर, राजेंद्र सिंह ढिल्लो, सिद्धार्थ बंसल, धनराज छेत्री, श्रवण वर्मा, अंकित अग्रवाल, मोहन भट्ट, विशाल शर्मा, रणजीत सेमवाल मौजूद रहे।
भाजपा अध्यक्ष के विवादित बयान पर सांसद रमेश पोखरियाल निशंक का बचाव..
उत्तराखंड: हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के ‘शक की निगाह’ वाले बयान पर बचाव करते हुए सफाई दी है। निशंक का कहना हैं कि प्रदेश अध्यक्ष के बयान में उनके भाव को समझना चाहिए। उसे अन्यथा नहीं लेना चाहिए। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि जो आदमी देश की आजादी का उत्सव नहीं मनाना चाहता है, ऐसा कोई व्यक्ति हो सकता है तो पहचान में आना चाहिए। फिर उसे देश में रहने का क्या हक है? जो अपने देश की आजादी और देश के प्रति वफादार नहीं हो सकता है तो उसे देश में रहना चाहिए? भाजपा अध्यक्ष ने यह कहा कि हर घर में यदि तिरंगा होगा तो कितना स्वाभिमान सम्मान होगा। निशंक ने यह बातें हरिद्वार में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान कही।
निशंक का हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के बाद हर छोटे बड़े राजनीतिक दल के नेताओं के हाथ में तिरंगा दिख रहा है। जनता में देश के लिए जुनून और जज्बा दिखाई दे रहा है। इस समय देश एकजुट है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि हर दिल में तिरंगा होना चाहिए। जिस दिन हर हाथ और हर दिल में तिरंगा होगा, विश्व में भारत शिखर पर होगा।
अक्षय कुमार की फिल्म ‘रक्षा बंधन’ इतनी कमाई पर ही सिमटी..
देश-विदेश: 11 अगस्त को रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म ‘रक्षा बंधन’ को पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत मिली थी और इसके बाद दिन प्रतिदिन इसके अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। त्योहार के समय पर रिलीज करने के बावजूद भी इस फिल्म को दर्शकों का ठंडा रिस्पॉन्स मिला। वहीं वीकएंड पर फिल्म कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई। फिलहाल रविवार की कमाई में थोड़ा उछाल देखने को मिला था, लेकिन फिल्म पहले मंडे के टेस्ट भी फेल होती नजर आ रही है। पांचवे दिन का कलेक्शन भी सामने आ चुका है जो अक्षय के साथ ही मेकर्स के लिए भी बेहद निराशा जनक है।
आपको बता दे कि साल 2022 में रिलीज हुई अक्षय कुमार की दो फिल्में ‘बच्चन पांडे’ और ‘सम्राट पृथ्वी राज चौहान’ पहले भी बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही थीं और अब फिल्म ‘रक्षा बंधन’ की कमाई को देखने के बाद लग रहा है कि अभिनेता अक्षय कुमार की ये फिल्म भी एक लो नोट पर सिमट रही है। यहां तक कि दर्शक न मिल पाने की के कारण फिल्म के शोज तक कैंसिल करने पड़ रहे हैं। अगर ऐसा ही हाल रहा तो एक ही साल में अक्षय कुमार की ये तीसरी फ्लॉप फिल्म होगी और इस साल उनकी फ्लॉप की हैट्रिक लग जाएगी, जो उनके करियर और ब्रांड बेल्यू के लिए बेहद खराब है।
‘रक्षा बंधन’ की कमाई में जिस तरह से हर रोज गिरावट देखने को मिल रही है, उससे तो यही लग रहा है कि जैसे अक्षय का चार्म अब कम हो गया है। सामने आए शुरुआती आंकड़ों के अनुसार ‘रक्षा बंधन’ की कमाई में चौथे दिन के मुकाबले 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पहले ही इसकी कमाई उम्मीद से कम रही है और अब एक बार फिर से सोमवार को कलेक्शन कम होना मेकर्स के लिए चिंता का विषय है। इस फिल्म ने पहले दिन 9 करोड़, दूसरे दिन तकरीबन 6 से 6.40 करोड़, तीसरे दिन 6.80 करोड़ कमाए थे। हालांकि रविवार को मामूली बढ़त हासिल करते हुए रक्षा बंधन ने तकीरबन 8 करोड़ की कमाई की थी। अब पहले सोमवार का शुरुआती कलेक्शन भी सामने आ चुका है, जिसके अनुसार अक्षय की इस फिल्म ने पांचवे दिन सिर्फ 6 करोड़ का कलेक्शन ही किया है।
आनंद एल राय के निर्देशन में बनी ‘रक्षा बंधन’ की कहानी एक ऐसे मिडिल क्लास भाई के इर्द-गिर्द घूमती है, जो जीवन की परेशानियों के बीच अपनी बहनों की जिम्मेदारी उठाता नजर आ रहा है। अक्षय ने फिल्म में चार बहनों के भाई की भूमिका अदा की है। वह एक ऐसे भाई के किरदार में हैं जो अपनी बहनों की शादी एक अच्छे घर में करना चाहता है। इन सबके बीच उसकी अपनी शादी भी रुकी हुई है। फिल्म में अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर एक बार फिर स्क्रीन पर साथ नजर आ रहे हैं। ‘रक्षा बंधन’ में प्यार, दोस्ती, कॉमेडी और इमोशन का तड़का लगाया गया है।
केदारनाथ में प्रशासन ने भेजे दस हजार झंडे..
उत्तराखंड: विश्व विख्यात केदारनाथ धाम में आजादी के अमृत महोत्सव पर केदारनाथ धाम में मानव श्रृंखला बनायी जायेगी। साथ ही केदारनाथ में स्थित सभी भवनों में तिरंगा लगाया जायेगा। केदारनाथ आने वाले प्रत्येक यात्री को पैदल मार्ग सहित केदारनाथ धाम में तिरंगे वितरित किये जा रहे हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। सम्पूर्ण जनपद के साथ ही केदारनाथ में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में 15 अगस्त को ध्वजा रोहण के बाद मानव श्रृंखला बनायी जायेगी।
साथ ही केदारनाथ के सभी भवनों में तिरंगे को लगाया जायेगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में छोटे-बड़े मिलाकर दस हजार झंडे भेज दिये गये हैं। सभी यात्रियों को भी झंडे वितरित किये जा रहे हैं। साथ ही धाम पहुंचने वाले यात्रियों को भी आजदी के अमृत महोत्सव में शामिल किया जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
वहीं आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में जनपद के सभी विभागों की ओर से अपने-अपने स्तर से आम जनमानस को घरों में तिरंगा फहराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों को पुलिस के जवान झंडे उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे की अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।
इसके साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग ने जनपद के आंगनबाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत छोटे बच्चों में देश प्रेम की भावना उजागर करने के उद्देश्य से चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है तथा जिला सूचना कार्यालय में पंजीकृत सांस्कृतिक दलों ने भी जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों मे नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सभी घरों में तिरंगा झंडे लगाये जाने के लिए जागरुक किया जा रहा है।
पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद के सभी गांवों में 13 से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय ध्वज लगाये जाने के लिए ग्राम स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराये जा रहे हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात कार्मिक भी सभी लोगों को अपने घरों में तिरंगा लगाये जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
यहां ‘लाल सिंह चड्ढा’ को पछाड़ आगे निकली ‘रक्षा बंधन’..
देश-विदेश: अक्षय कुमार की फिल्म ‘रक्षा बंधन’ के दूसरे दिन की कमाई में भारी गिरावट देखने को मिली है। सामने आर हे शुरुआती आंकड़ों के अनुसार रक्षा बंधन ने पहले दिन की तुलना में दूसरे दिन 25 फीसदी कम कमाई की है। बता दे कि रक्षा बंधन के अवसर पर रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म को छुट्टियों का फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है।
जानकारी के अनुसार फिल्म ने पहले दिन 9 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। वहीं दूसरे दिन की बात करें तो रक्षा बंधन ने शुक्रवार को 6 से 6.40 करोड़ रुपये तक की कमाई की है। यानी एडवांस बुकिंग के बाद अब अक्षय कुमार की फिल्म वर्ड ऑफ माउथ के जरिए दर्शकों को सिनेमाघरों तक आकर्षित करने में नाकाम रही है।
यदि सिनेमाघरों के ऑक्यूपेंसी की बात करें तो दूसरे दिन की शुरुआत औसत रही। हालांकि दोपहर के शो के बाद ऑक्यूपेंसी में बढ़ोतरी देखी गई। गुजरात, सौराष्ट्र, सीआई और राजस्थान जैसे कुछ बड़े केंद्रों में अक्षय कुमार की फिल्म ने लाल सिंह चड्ढा से बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन ओवरऑल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो रक्षा बंधन अन्य सभी जगहों पर आमिर खान की अभिनीत फिल्म से पिछड़ गई।
वहीं लाल सिंह चड्ढा के दूसरे दिन की कमाई की बात करें तो फिल्म की कमाई में शुक्रवार को 35 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म ने अपनी रिलीज के दूसरे दिन 7.75 से लेकर 8. 25 करोड़ तक की कमाई की है। वहीं क्षेत्र के अनुसार फिल्म की कमाई की बात करें तो फिल्म ने दिल्ली-एनसीआर और पूर्वी पंजाब में अच्छा प्रदर्शन किया है। जबकि दिल्ली और मुंबई के चुनिंदा सिनेमाघरों में दर्शकों की सम्मानजनक भीड़ देखने को मिली।
कोरोना सक्रिय केस और संक्रमण दर में भी गिरावट, 24 घंटे में 68 मौत..
उत्तराखंड: देश में बीते 24 घंटे में नए कोरोना केस, सक्रिय केस और संक्रमण दर तीनों में गिरावट आई। सक्रिय केस में बीते 24 घंटे में 4271 की गिरावट आई है। हालांकि बीते 24 घंटे में महामारी से 68 मौतें दर्ज हुई हैं। इनमें केरल द्वारा जोड़ी गई 24 मौतें शामिल हैं। शनिवार सुबह 8 बजे अपडेट आंकड़ों के अनुसार 15,815 नए संक्रमित मिले। इस दौरान 20,018 मरीज कोरोना से उबर गए। देश में सक्रिय केस शुक्रवार की तुलना में और घटकर 1,19,264 हो गई। दैनिक संक्रमण दर 4.36 फीसदी रह गई है।
सक्रिय केस कुल केस की तुलना में घटकर 0.27 फीसदी हो गए हैं। बीते 24 घंटे में 68 मौतों के साथ कुल मौतें बढ़कर 5,26,996 हो गई है। इसी तरह कुल केस बढ़कर 4,42,39,372 हो गए हैं। शुक्रवार को देश में 16,561 नए संक्रमित मिले थे और संक्रमण दर 5.44 फीसदी दर्ज की गई थी। शनिवार को राष्ट्रीय कोविड रिकवरी रेट 98.54 फीसदी दर्ज की गई। शनिवार को साप्ताहिक संक्रमण दर 4.79 फीसदी दर्ज की गई। जबकि मृत्यु दर 1.19 फीसदी।
महामारी से उबरने वालों की संख्या बढ़कर 4,35,93,112 हो गई है। देशव्यापी कोविड टीकाकरण अभियान के तहत अब तक कोविड वैक्सीन की 207.71 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।
चारधाम यात्रा मार्ग पर खोले जाएंगे ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा मार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय से मुलाकात कर इलेक्ट्रॉनिक चार्जिंग स्टेशन का मुद्दा उठाया। केंद्रीय मंत्री का कहना हैं कि इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए। इसके साथ ही नैनीताल जिले के रानीबाग में एचएमटी उद्योग को राज्य सरकार को सौंपने का आग्रह किया। सरकार इस उद्योग को खरीदने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पांडेय से चारधाम यात्रा मार्ग पर इलेक्ट्रॉनिक चार्जिग स्टेशन बनाने का आग्रह किया। जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों से बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों को चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से चार्जिंग स्टेशन के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए कहा। सीएम ने कहा कि जल्द ही राज्य सरकार की ओर से स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजेगी।
मुख्यमंत्री ने जनपद नैनीताल के रानीबाग स्थित एचएमटी उद्योग को राज्य सरकार को सौंपने के लिए मंत्रालय के अधिकारियों का निर्देश देने का आग्रह किया। सीएम ने कहा कि एचएमटी उद्योग लगातार घाटे में चलने के कारण आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने इसे बंद करने की सिफारिश की थी। एचएमटी उद्योग को जैसा है, जहां है के आधार पर राज्य सरकार को हस्तांतरित किया जाना प्रस्तावित है। प्रदेश सरकार ने एनबीसीसी की ओर से तय एचएमटी की चल और अचल संपत्ति के मूल्य का आकलन किया गया। इस मूल्य पर एचएमटी को खरीदने के लिए सरकार ने अपनी सहमति भारी उद्योग मंत्रालय को भेज दी है।
