आज और कल बंद रहेंगे बैंक, बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश..
देश-विदेश: केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कामगार संगठनों ने 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। बैंक संगठनों ने हड़ताल का समर्थन करते हुए सोमवार और मंगलवार को बैंक बंद रखने का फैसला लिया है। हड़ताल व बैंकों की बंदी के चलते बैंकिंग, परिवहन, रेलवे, रक्षा व बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। आपको बता दे कि ऊर्जा मंत्रालय ने सरकार से सभी प्रतिष्ठानों और एजेंसियों को हाईअलर्ट पर रहने, निरंतर बिजली आपूर्ति बनाए रखने और राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने को कहा है।
संयुक्त मंच में आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं। कोयला, इस्पात, तेल, टेलिकॉम, पोस्टल, इनकम टैक्स, तांबा, बैंक, बीमा जैसे क्षेत्रों में यूनियनों को भी हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है। रेलवे और रक्षा क्षेत्र की यूनियनें देशभर में सैकड़ों जगह हड़ताल के समर्थन में भारत बंद करेंगी।
A safeguarded data place can make doc sharing less difficult, while as well allowing managers to control the files that are shared. It can be configured to restrict access and even make audit information, making it simple to manage https://dataroomhub.net/capitalized-earnings-method-problems-and-solutions each support user’s access rights. In addition , VDRs can be used to create customized contracts and agreements with clients and users. Place be incredibly helpful for businesses that need to share confidential documents without worrying regarding security.
Traditional data rooms end up having file distribution. Documents can accumulate and become hard to access, whenever not out of the question to find. That’s where a data space with a safeguarded file circulation system is supplied. A data space with a file-distribution system can easily solve these kinds of problems. It will help you keep every file you need in a central position and allow you to assign distinct roles to different users. It will likewise make it easier to get documents whenever needed.
A data room using a secure document distribution strategy is an essential characteristic. This will generate it easier to share documents with customers. The document distribution program should let administrators to create different degrees of access to varied groups and servers. This will help to manage and track the files and ensure that no one can alter them. Having data distribution program will help you prevent such complications. If you have the time, consider by using a data space that has multiple servers and locations.
While men in the West might assume that Hungarian mail buy brides is going to leave their native area to find a new husband, this is not the truth. Most Hungarian females prefer to remain within their home country and live the life span that they have usually dreamed of. Hungarian mail purchase brides are like their American counterparts – they will work hard to provide their hubby and children and do not compensate available.
A common place to find a Hungarian mail purchase bride is certainly an online online dating service. Various websites specialize in preparing this type of dating. Both country-specific and international dating websites offer the support. To use a all mail order star of the event service, all you have to do is enroll, and an automated system will match the profile using a variety of can certainly profiles. Once you have found a lot of women who seem to be suitable, you could start meeting these people.
When approaching a Hungarian mail order bride, you will need to be authentic and well intentioned. Hungarian women of all ages value individuality, so make sure you highlight the traits which will make you one of a kind. Make sure if you’re open and have absolutely your emotions to be sure she’s impressed. Even if to get reaching your possible partner for the first time, you should be individual and show desire for her. Any time she would not respond to your message instantly, she’ll very likely hungarian girls find out more about the next person.
While many European women could be more expensive than Hungarian ship order brides, this online dating service is an excellent alternative. Hungarian girls are more plain and simple and won’t request expensive gift items, and the cost of travel to Hungary is considerably less than in the Western world. Your services provided by a online dating agency will surely cost only a bit more00. It will be well worth the money you’ll spend on this new wife.
Hungarian snail mail order wedding brides come from a rustic where everyone works hard to be successful in life. Ladies from this nation study difficult to get a good work and become accepted in society. However , career success and financial secureness can’t replace the happiness of becoming a loving wife and mother. Considering the importance of a family in Hungarian culture, these types of women for no reason consider divorce or the breakdown of family members bonds. They don’t desire to raise children on their own.
Internet dating Hungarian email order wedding brides isn’t improbable if you know best places to look. The principal goal is to find a girl who have you have common interest in. If you are unable to locate a girl whom shares your interests, you can utilize a professional online dating service to help you locate her and meet her. Hungarian mailbox order birdes-to-be have dating profiles that detail every single girl’s interests, age, and family status.
One reason why Hungarian ship order brides to be are so popular is the persistence and dedication with their jobs. They may be dedicated to all their careers and do not expect all their men being their particular primary strategy to obtain support. Somewhat, they seek a partner with whom they will enjoy life. Fortunately they are reliable and highly sensible, and the ability to gain their own cash makes them ideally suited brides meant for foreigners. If you have been thinking about online dating a Hungarian mail buy bride, consider yourself lucky!
अभी तक नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं कर पाई कांग्रेस..
उत्तराखंड: प्रदेश में पांचवीं विधानसभा का पहला सत्र 29 मार्च से शुरू होने जा रहा है, लेकिन मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस अभी तक नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं कर पाई है। कहा जा रहा है कि विधानमंडल दल की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा, लेकिन यह बैठक कब होगी, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। आपको बता दे कि विधानसभा चुनाव में अपेक्षित नतीजे नहीं मिल पाने पर पार्टी हाईकमान की ओर से राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय को पर्यवेक्षक बनाकर उत्तराखंड भेजा गया था। तमाम प्रत्याशियों और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ हार के कारणों पर मंथन करने के बाद वह अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप चुके हैं। बताया जा रहा था कि रिपोर्ट मिलने के बाद पार्टी हाईकमान नेता प्रतिपक्ष के मसले को शीघ्र सुलझा लेगा। लेकिन फिलहाल ऐसे कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं।
पार्टी के भीतर की अलग-अलग गुटों की ओर से लॉबिंग शुरू..
बता दे कि 15 मार्च को गणेश गोदियाल भी प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं। उनके इस्तीफे के साथ ही कार्यकारिणी भी निष्प्रभावी हो गई है। पूरे दस दिन गुजर जाने के बाद भी दोनों पदों पर नियुक्ति को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के भीतर की अलग-अलग गुटों की ओर से लॉबिंग शुरू हो गई है। प्रदेश महामंत्री संगठन मथुरा दत्त जोशी का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष पद पर शीर्ष नेतृत्व शीघ्र फैसला लेगा। जहां तक 29 से विधानसभा सत्र शुरू होनेे की बात है तो ऐसी कोई सांविधानिक बाध्यता नहीं है कि नेता प्रतिपक्ष का चयन उससे पहले होना जरूरी है। उधर, निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि दोनों ही पदों की नियुक्ति पर पार्टी हाईकमान को फैसला लेना है। जो फैसला होगा, सभी को मंजूर होगा।
रितु खंडूरी प्रदेश की छठी और पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष..
उत्तराखंड: कोटद्वार से भाजपा विधायक रितु भूषण खंडूरी आज उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा की अध्यक्ष बन गई। वह निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। सदन में संसदीय कार्यमंत्री की भूमिका में प्रेमचंद अग्रवाल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्रवाल को अधिकृत किया। वहीं, शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक विधानसभा सचिव को किसी दल या सदस्य ने कोई नामांकन नहीं किया। शनिवार को निर्वाचन की प्रक्रिया विधानसभा में सुबह 11 बजे से सभामंडप में शुरू हुई।
आपको बता दे कि इस अवसर पर विधानसभा के सभी सदस्य उपस्थित रहे। चुनाव कराने तक वरिष्ठ विधायक एवं प्रोटेम स्पीकर बंशीधर भगत विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका रहे। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने उन्हें निर्वाचन अवधि तक के लिए अध्यक्ष नियुक्त किया है। कार्यसूची के अनुसार बंशीधर भगत ने रितु खंडूरी को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की।
इसके बाद उनका उद्बोधन हुआ और फिर नवनिर्वाचित अध्यक्ष रितु ने आसन ग्रहण किया। प्रेमचंद अग्रवाल, भरत सिंह चौधरी, कैलाश चंद्र गहतोड़ी, सतपाल महाराज, उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, मुन्ना सिंह चौहान, सरिता आर्य, दुर्गेश्वर लाल, चंदन राम दास, प्रमोद नैनवाल, सविता कपूर, महेश जीना, बिशन सिंह, मदन कौशिक व विनोद कंडारी विधानसभा अध्यक्ष पद पर रितु खंडूरी के प्रस्तावक हैं।
धमाके से दहला मसूरी, मची अफरा तफरी..
उत्तराखंड: मसूरी शहर के कुलड़ी में गुब्बारा गैस भरने वाले सिलिंडर में धमाका होने से गुब्बारा बेचने वाला युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज से पूरा क्षेत्र दहल उठा। हादसे में गुब्बारे बेचने वाला युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाके से आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना में घायल युवक को स्थानीय लोगों ने अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। कुलड़ी के समर हाउस के निकट एक होटल की छत पर गुब्बारे बेचने वाले 19 साल के युवक अरविंद कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह गुब्बारे में गैस भरने का काम कर रहा था अचानक गुब्बारा गैस सिलिंडर में धमाका हो गया। इससे युवक का एक पैर घटना स्थल से करीब दो सौ फीट दूर एक धार्मिक स्थल के परिसर में जा गिरा। गंभीर रूप से घायल युवक को आनन-फानन कपड़ों में लपेटकर अस्पताल ले जाया गया। धमाके से आसपास के घरों के शीशे, पानी की टंकियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कुछ देर तो किसी को समझ में नहीं आया कि हुआ क्या है। उप जिलाचिकित्साल मसूरी के सीएमएस डॉक्टर यतींद्र सिंह का कहना हैं कि गुब्बारे में गैस भरने वाला सिलिंडर फटने से हादसा हुआ है।
लगा बम विस्फोट हुआ
घटना स्थल के पास मौजूद दुकानदार राजेश गोयल का कहना हैं कि वह अपनी दुकान पर थे तभी जोरदार धमाका हुआ। कुछ समझ में ही नहीं आया फिर घटना स्थल पर पहुंचे तो एक युवक लहूलुहान पड़ा था और उसका एक पैर गायब था। किसी तरह से गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले गए। कोतवाल गिरीश चंद्र शर्मा का कहना हैं कि घायल युवक अरविंद कुमार (19 ) पुत्र सुरेन्द्र सिंह रसूलपुर गामड़ी, जिला अमरोहा, उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। पूरे मामले की जांच की जा रही। घटना में गंभीर रूप से घायल युवक अपने किसी रिश्तेदार के साथ मसूरी में रहता है और मालरोड पर गुब्बारे बेचने का काम करता है।
द कश्मीर फाइल्स को यू ट्यूब पर डालने की बात पर भड़के अनुपम खेर-कहा कुछ ऐसा..
देश-विदेश: विवेक अग्निहोत्री की हालिया रिलीज हुई फिल्म द कश्मीर फाइल्स बॉक्स ऑफिस पर लगातार बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ रहा है। कमाई के मामले में महज 13 दिनों के अंदर ही इस फिल्म ने 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। 13 दिन के अंदर ही 200 करोड़ क्लब में शामिल होते ही द कश्मीर फाइल्स ने अक्षय कुमार की फिल्म सूर्यवंशी का भी रिकॉर्ड तोड़ डाला है। द कश्मीर फाइल्स में अहम रोल अदा करने वाले कलाकार अनुपम खेर ने अब फैन्स के नाम एक मैसेज शेयर किया है और लोगों से गुजारिश की है इस फिल्म को लोग सिनेमाघरों में ही जाकर देखें।
आपको बता दे कि अनुपम खेर ने अपनी बात सामने रखते हुए ट्वीट किया है, ‘अब तो दोस्तों द कश्मीर फाइल्स सिनेमा हॉल में ही जाकर देखना। आप लोगों ने 32 साल बाद #KashmiriHindus के दुःख को जाना है। उनके साथ हुए अत्याचार को समझा है। उनके साथ सहानुभूति दिखाई है। लेकिन जो लोग इसका मजाक उड़ा रहे है। कृपया उनको अपनी ताक़त का एहसास कराएं।
द कश्मीर फाइल्स पर बोलने पर बॉलीवुड के तमाम सेलेब्स बोलने से बच रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने दबी जुबान में इस फिल्म को लेकर अपनी बात सामने रखने की कोशिश भी की है। कई सेलेब्स ने तो खुलेआम इस फिल्म का विरोध जताया है। बीते दिनों ही आदिल हुसैन, स्वरा भास्कर, प्रकाश राज और गौहर खान समेत कई लोगों ने द कश्मीर फाइल्स को लेकर विवादित बयान दिया था।
जून के पहले हफ्ते से शुरू होगी आदि कैलाश यात्रा..
उत्तराखंड: भारत तिब्बत सीमा के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण होने के बाद अब कुमाऊं मंडल विकास निगम इस बार आदि कैलाश यात्रा वाहनों से कराएगा। बता दे कि अधिक से अधिक लोगों को इस यात्रा से जोड़ने और उन्हें पिछले साल की अपेक्षा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निगम ने नोएडा की संस्था डिवाइन मंत्रा प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है। यहां पर सड़क न होने के कारण आदि कैलाश जाने वाले यात्रियों को लगभग दो सौ किलोमीटर पैदल चलना होता था। इस बार केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों और सीमा सड़क निर्माण विभाग की पहल पर नाभिढांग और जोलिंगकांग तक एनएच का निर्माण कार्य चल रहा है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार पूरी यात्रा वाहनों से ही कराई जाएगी और किसी को भी पैदल नहीं चलना पड़ेगा।
आपको बता दे कि जून के पहले हफ्ते से यात्रा शुरू होगी और अक्टूबर तक चलेगी। डिवाइन मंत्रा ने यात्रा के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा हैं कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए ही निगम ने नोएडा की संस्था से अनुबंध किया है।
अब इस यात्रा को निगम और मंत्रा दोनों मिलकर कराएंगे। रोजगार को बढ़ावा देने के लिए यात्रा मार्ग पर निगम के सहयोग से बनाए गए स्थानीय होम स्टे को भी उपयोग में लाया जाएगा। इससे तीर्थ यात्रियों को कुमाऊं की संस्कृति और परंपराओं को भी समझने का मौका मिलेगा।
आपको बता दे कि स्कंद पुराण के मानस खंड में आदि कैलाश एवं ओम पर्वत की यात्रा को कैलाश मानसरोवर यात्रा के बराबर ही प्रमुखता दी गई है। पिथौरागढ़ जिले में भारत तिब्बत सीमा के पास स्थित आदि कैलाश हूबहू कैलाश पर्वत की छवि है। कहा जाता है कि आदि कैलाश पर भी समय-समय पर भोले बाबा का निवास रहा और पास ही स्थित पार्वती सरोवर माता पार्वती का स्नान स्थल था। ओम पर्वत तीन देशों की सीमाओं से लगा हुआ है। इस स्थान के धार्मिक एवं पौराणिक महत्व का वर्णन महाभारत, रामायण एवं पुराणों में भी मिलता है। आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा सिर्फ दो स्थानों की यात्रा नहीं है बल्कि अपने आप में अनेक धार्मिक तीर्थों को समेटे है। यह यात्रा काठगोदाम से शुरू होकर भीमताल, कैंची धाम, चितई गोलू मंदिर, जागेश्वर धाम, पार्वती मुकुट, ब्रह्मा पर्वत, शेषनाग पर्वत, शिव मंदिर, पार्वती सरोवर, गौरीकुंड, पाताल भुवनेश्वर, पांडव किला, कुंती पर्वत, पांडव पर्वत एवं वेदव्यास गुफा से होकर गुजरती है।
रितु खंडूरी कर सकती हैं आज विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन..
उत्तराखंड: कोटद्वार से विधायक रितु खंडूरी को विधानसभा अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। आज रितु खंडूरी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर सकती हैं। सोमवार से विधानसभा सत्र आहूत किए जाने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना हैं कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए पार्टी ने दो विधायकों के नाम प्रस्तावित किए हैं। इनमें पहला नाम राजपुर रोड के विधायक खजानदास का है और दूसरा कोटद्वार की विधायक रितु खंडूरी का। लेकिन प्रदेश मंत्रिमंडल में चंदन राम दास को जगह मिलने के बाद अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े खजानदास का पलड़ा हलका हो गया है।
आपको बता दे कि यमकेश्वर से टिकट कटने के बाद अचानक कोटद्वार सीट पर उतारी गईं रितु खंडूरी की जीत ने प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को बेहद प्रभावित किया है। पार्टी महिलाओं को प्राथमिकता देना चाहती है। इसी कड़ी में उनसे विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कराया जा सकता है। सोमवार से विधानसभा सत्र हो सकता है। बृहस्पतिवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा सत्र की तिथि को लेकर निर्णय हो सकता है।
चारधाम यात्रा को लेकर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को दिए ये निर्देश..
उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा में सुविधाओं को लेकर स्वत: संज्ञान लिए जाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की हैं। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वह दो माह के भीतर बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति केआर श्रीराम की ओर से चारधाम यात्रा की कमियों के संबंध में दिए पत्र के क्रम में उनका निस्तारण करें। इसके साथ ही कोर्ट ने जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है।
आपको बता दे कि सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में हुई। बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति केआर श्रीराम ने बीती 15 जून 2019 को उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को हो रही दिक्कतों और वहां की अव्यवस्थाओं को लेकर पत्र भेजा था। जिसमे कहा गया था कि चारधाम में आपदा का इंतजार हो रहा है। यमुनोत्री में तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की जरूरत है।
खुद के चारधाम यात्रा के दौरान के अनुभव बयां करते हुए कहा था कि यात्रा मार्ग में कई किलोमीटर तक पुलिस का जवान मौजूद नहीं रहता है। इस परिस्थिति में स्वास्थ्य या आपातकाल में मदद की उम्मीद नहीं की जा सकती। यात्रा मार्ग पर बैठने को बेंच, कुर्सी, शौचालय अथवा दूसरी अन्य सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने स्वयं खच्चर से और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिट्टी से भरे कट्टे वाले पथरीले रास्तों से यात्रा तय की। इतने लंबे मार्ग में आराम करने के लिए कोई सुख सुविधा नहीं है न ही चिकित्सा की सुविधा है। इसका संज्ञान लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं। जिससे तीर्थयात्रियों को चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
