कोरोना के बढ़ते के केसों के बीच 31 जनवरी तक स्कूल बंद..
उत्तराखंड : उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल सभी आंगनबाड़ी और 12वीं तक के स्कूल 31 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोविड 19 को लेकर नई एसओपी जारी की है। इसके तहत उक्त अवधि में राजनीतिक रैलियां और धरना-प्रदर्शन पर भी रोक रहेगी। राज्य में 16 जनवरी को जारी एसओपी की अवधि रविवार को समाप्त हो गई।
प्राधिकरण के सीईओ और मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु के अनुसार, कोविड के तहत लागू प्रतिबंधों को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। नाइट कर्फ्यू, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए तय समयावधि पूर्व की तरह लागू रहेगी। सियासी दलों के किसी भवन में होने वाले कार्यक्रमों में सभागार की क्षमता के 50 अथवा 300 लोगों तक, जो भी कम होगा वहीं मान्य होगा। उधर, शिक्षा सचिव आर.मीनाक्षीसुंदरम के अनुसार स्कूल बंद रहने की अवधि में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। अधिकारियों को इस बाबत दिशानिर्देश दे दिए गए हैं।
बुरांश के फूल से कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज हो सकता है..
IIT मंडी की रिसर्च में किया गया दावा..
हिदेश -विदेश : मालयी क्षेत्रों में पाया जाने वाला बुरांश का फूल कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज हो सकता है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित आईआईटी के शोध में यह बात कही गई है। बुरांश का वैज्ञानिक नाम रोडोड्रेंड्रॉन अर्बोरियम (Rhododendron arboreum) है। इसके फूल के अर्क का इस्तेमाल पहाड़ पर रहने वाले लोग पीने के लिए करते हैं। इसे जूस के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है और खासतौर पर गर्मियों के सीजन में इसे लोग काफी पसंद करते हैं। अब इसको लेकर वैज्ञानिकों ने एक नया शोध किया है जिसमें पाया गया है बुरांश की पंखुड़ियों के अर्क ने कोविड-19 वायरस को बनने से रोका है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी (आईसीजीईबी) के शोधकर्ताओं ने इस हिमालयी फूल की पंखुड़ियों में फाइटोकेमिकल्स की पहचान की है, जो संभवत कोविड-19 संक्रमण के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अब शोध टीम बुरांश की पंखुड़ियों से हासिल विशिष्ट फाइटोकेमिकल्स से कोविड-19 का रेप्लिकेशन रोकने की सटीक प्रक्रिया समझने की कोशिश कर रही है। आईआईटी मंडी और आईसीजीईबी के शोधकर्ताओं ने बुरांश की पंखुड़ियों में फाइटोकेमिकल्स की पहचान की है। इसमें कोविड-19 के संक्रमण के इलाज की संभावना सामने आई है. शोध टीम के निष्कर्ष हाल ही में बायोमॉलिक्युलर स्ट्रक्चर एंड डायनेमिक्स पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
आईआईटी मंडी स्कूल ऑफ बेसिक साइंस में एसोसिएट प्रोफेसर श्याम कुमार मसाकापल्ली के मुताबिक उपचार के विभिन्न एजेंटों का अध्ययन किया जा रहा है। उनमें पौधे से प्राप्त रसायन फाइटोकेमिकल्स से विशेष उम्मीद है क्योंकि उनके बीच गतिविधि में सिनर्जी है और प्राकृतिक होने के चलते विषाक्त करने की कम समस्याएं पैदा होती हैं। हम बहु-विषयी दृष्टिकोण से हिमालयी वनस्पतियों से संभावित अणुओं की तलाश कर रहे हैं।’
पंखुड़ियों में वायरस रोधी गुण..
आईआईटी मंडी और आईसीजीईबी के वैज्ञानिकों ने वायरस रोकने के मद्देनजर शोध में विभिन्न फाइटोकेमिकल्स युक्त अर्क का वैज्ञानिक परीक्षण किया। उन्होंने बुरांश की पंखुड़ियों से फाइटोकेमिकल्स निकाले और इसके वायरस रोधी गुणों को समझने के लिए जैव रासायनिक परीक्षण और कंप्यूटेशनल सिमुलेशन का अध्ययन किया। आईसीजीईबी के रंजन नंदा ने बताया, ‘हमने हिमालय की वनस्पतियों से प्राप्त रोडोड्रेंड्रॉन अर्बोरियम की पंखुड़ियों के फाइटोकेमिकल का प्रोफाइल तैयार किया और परीक्षण किया. इनमें कोविड वायरस से लड़ने की उम्मीद दिखी है।
भाजपा की टीम-22 पर दिखी सीएम धामी की छाप..
उत्तराखंड : विधानसभा चुनाव-22 के लिए गुरुवार को घोषित भाजपा की टीम पर सीएम पुष्कर सिंह धामी की युवा छाप साफ-साफ झलक रही है। पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी के ओएसडी और धामी के करीबी रहे सुरेश गढ़िया, दुर्गेश्वर लाल समेत 15 युवाओं पर भाजपा ने मैदान में उतारा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी युवा नेतृत्व के प्रतीक के रूप में खुद खटीमा से चुनाव मैंदान में हैं।
भाजपा शुरू से धामी को युवा नेतृत्व के रूप में पेश करती आ रही है। धामी को धाकड़ बल्लेबाज की उपमा दे चुके भाजपा हाईकमान ने उम्मीदवार तय करने में धामी को युवा चेहरे चुनने की पूरी छूट दी। सूत्रों के अनुसार पार्टी द्वारा कराए गए सर्वें में कई टिकट काटने की सिफारिश की गई थी।
भाजपा ने बुजुर्गो के टिकट काटने में भले ही देर नहीं लगाई, लेकिन युवाओं पर कैंची चलाने में हिचकी है। कपकोट में गढिया पहली बार चुनाव मैदान में उतर रहे है। जबकि भाजपा ने युवा दुर्गेश लाल पर विश्वास जताते हुए उसे पार्टी से टिकट दिया है। 2017 में वे निर्दलीय चुनाव लड़े थे। इसके बाद कुछ समय पहले ही कांग्रेस ने अपनी पार्टी में ज्वाइन कराया था।
कांग्रेस से टिकट न मिलता देख वे गुरुवार को ही भाजपा में शामिल हुए और टिकट ले गए। द्वाराहाट से उम्मीदवार बनाए गए अनिल शाही ने भी चौंकाया है। शाही को भी भाजपा ने युवा चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया है। भाजपा के युवा उम्मीदवारों में अगला नाम देवप्रयाग से विनोद कंडारी और सितारगंज सौरभ बहुगुणा का नाम है।
वर्ष 2017 की जंग में कामयाब रहे कंडारी और बहुगुणा पर भाजपा ने दोबारा विश्वास जताया है। इस कड़ी आगे वर्तमान विधायक भेल रानीपुर से आदेश चौहान, रुड़की से प्रदीप बत्रा, श्रीनगर से धन सिंह रावत, लैंसडौन से दिलीप रावत, भीमताल राम सिंह कैड़ा भी धामी की यूथ टीम का हिस्सा है।
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उत्तराखंड में ओमिक्रॉन पकड़ रहा रफ्तार..
उत्तराखंड : में ओमिक्राॅन वैरिएट से संक्रमित 25 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही राज्य में इस वैरिएंट से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 118 हो गई है। ओमिक्राॅन से संक्रमित सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ तृप्ति बहुगुणा ने बुधवार को बताया कि दून मेडिकल कॉलेज की लैब से बुधवार को आई रिपोर्ट के अनुसार 25 सैंपल ओमिक्राॅन वैरिएंट से संक्रमित मिले हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही राज्य में ओमिक्राॅन से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 118 हो गई है और इनमें से कोई भी मरीज गंभीर नहीं है।
उनका कहना हैं कि ओमिक्राॅन से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नए वैरिएंट से संक्रमित हो रहे अधिकांश लोगों को अस्पतालों की जरूरत नहीं पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस वैरिएंट से संक्रमित लोगों की संख्या 93 थी जिसमें से अधिकांश लोग ठीक हो चुके हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना संक्रमण से बचने के लिए ऐहतियात बरतने की अपील की है। साथ ही कोविड एप्रोपिएट विहेवियर अपनाने को भी कहा गया है।
दिल्ली-यूपी सहित पड़ोसी राज्यों के मिले 111 पर्यटक कोविड पॉजिटिव
तीर्थनगरी ऋषिकेश क्षेत्र में कोरोना की रफ्तार नहीं थम रही है। बुधवार को लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती में दिल्ली-यूपी सहित पड़ोसी राज्यों के 111 पर्यटक समेत कोरोना के 194 नए मामले आए हैं। पॉजिटिव आए स्थानीय लोगों को दवा किट देकर होमआइसोलेट कर दिया है। मुनिकीरेती कोविड नोडल अधिकारी डा. जगदीश जोशी ने बताया कि तपोवन चेकपोस्ट में हुए एंटीजन रैपिड टेस्ट में 17 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है।
यमकेश्वर ब्लॉक के कोविड नोडल अधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि लक्ष्मणझूला घूमने आए 111 पर्यटकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। सभी दिल्ली,यूपी, हरियाणा के रहने वाले हैं। इसके अलावा 110 स्थानीय लोगों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, ऋषिकेश सरकारी अस्पताल के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया कि अस्पताल में 278 लोगों ने कोरोना जांच कराई थी, जिसमें 56 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। इसमें ऋषिकेश शहर के 20 लोग शामिल हैं। सभी को कोविड किट देकर होमआउसोलेट कर दिया गया है।
क्या फिर लौट रही मंडल बनाम कमंडल की राजनीति..
देश – विदश : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले नए राजनीतिक समीकरण भी सामने आ रहे हैं। एक दूसरे के समर्थन में सेंध लगाने के लिए राजनीतिक दल तमाम उपाय कर रहे हैं। आखिर जनता के फैसले का आधार क्या होगा?
बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा बिष्ट यादव को पार्टी में शामिल करके अपने चौदह विधायकों और मंत्रियों के पार्टी छोड़ने के गम को भुलाने और अखिलेश यादव के परिवार में सेंध लगाने की खुशी भले ही मनाई हो लेकिन इतनी बड़ी संख्या में विधायकों और नेताओं के जाने की अभी और कीमत चुकानी पड़ रही है। यूपी बीजेपी में मची इस भगदड़ का फायदा बीजेपी के सहयोगी दल भी उठाने में लगे हैं। यही वजह है कि टिकट बंटवारे पर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक लगातार चल रही बैठकों के बावजूद ना तो अभी सहयोगी दलों के साथ सीटों की साझेदारी तय हो सकी है और ना ही उम्मीदवारों के नाम।
बीजेपी बैकफुट पर..
यूपी बीजेपी के एक बड़े नेता नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं कि अन्य पिछड़ा वर्ग के एक दर्जन से ज्यादा विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद बीजेपी बैकफुट पर है और नहीं चाहती कि अब कोई और मौजूदा विधायक पार्टी छोड़े या फिर कोई सहयोगी दल उनसे अलग हो। उनके मुताबिक, “पिछले सात-आठ साल में बीजेपी ने जिस तरह से अन्य पिछड़ी जातियों को पार्टी से जोड़ा है, उस अभियान को पहली बार गहरा धक्का लगा है। इन विधायकों के पार्टी छोड़कर जाने से ना सिर्फ विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान होगा बल्कि पार्टी के सामाजिक आधार को भी नुकसान पहुंचेगा जिसे बड़ी मुश्किल से तैयार किया गया था।”
सहयोगी दलों को देने लगी भाव..
यूपी में बीजेपी की मुख्य रूप से अब दो सहयोगी पार्टियां रह गई हैं- अपना दल (सोनेलाल) और निषाद पार्टी। अपना दल तो बीजेपी के साथ 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त से ही गठबंधन में है लेकिन निषाद पार्टी के साथ गठबंधन नया है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद कहते हैं कि बीजेपी ने उन्हें 15 सीटें देने का आश्वासन दिया है लेकिन बीजेपी की ओर से इस बात की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बीजेपी निषाद पार्टी को अधिकतम दस सीटें देने पर विचार कर रही है लेकिन इससे पहले पार्टी पांच से ज्यादा सीटें देने को राजी नहीं थी। वहीं अपना दल भी करीब तीस सीटों की मांग कर रही लेकिन बीजेपी उसे पंद्रह से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बीजेपी की तरह अपना दल के भी दो विधायक पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।
टिकट बंटवारे में समस्या..
बीजेपी के नेता लगातार कह रहे हैं कि पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे और सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे को लेकर किसी तरह की कोई समस्या नहीं है लेकिन समस्या साफ दिख रही है क्योंकि एक हफ्ते से ज्यादा लंबे समय तक हुए मंथन के बावजूद कोई सहमति नहीं बन पा रही है। जहां तक अपना दल का सवाल है तो बीजेपी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में उसे 11 सीटें दी थीं जिनमें से 9 सीटों पर अपना दल के उम्मीदवार जीते थे। अपना दल के एक विधायक को योगी सरकार में राज्य मंत्री भी बनाया गया है लेकिन पार्टी की लगातार शिकायत रही है कि उसे एक सहयोगी की तरह सम्मान नहीं दिया गया और तमाम नियुक्तियों और दूसरी चीजों में नजरअंदाज किया गया। यहां तक कि पार्टी की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल को 2019 में मोदी मंत्रिमंडल में भी नहीं शामिल नहीं किया गया था। काफी दबाव बनाने के बाद कैबिनेट विस्तार में उन्हें मंत्री बनाया गया लेकिन सिर्फ राज्यमंत्री ही।
अपना दल को भाव देने के मूड में नहीं थी भाजपा..
बीजेपी इस बार विधानसभा चुनाव में अपना दल को 11 से ज्यादा सीटें देने को कतई तैयार नहीं थी लेकिन राज्य की राजनीति में बदले नए समीकरणों ने उसे ऐसा करने पर मजबूर कर दिया है। वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं, “स्वामी प्रसाद मौर्य और उनके साथियों के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद जिस तरह से नब्बे के दशक वाली मंडल-कमंडल की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है, उसे देखते हुए दोनों ही पार्टियां अब बीजेपी पर दबाव बना रही हैं और इस स्थिति में बीजेपी इन्हें नजरअंदाज नहीं कर पाएगी।”
दोनों के ही पास समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में जाने के विकल्प अभी भी खुले हुए हैं, ये बीजेपी को भी पता है। इसलिए बीजेपी पूरी कोशिश करेगी कि इन्हें अपने साथ ही रखा जाए।”
मंडल और कमंडल..
कुछ दिन पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यूपी में लड़ाई 80 बनाम 20 की है। उन्होंने इस अनुपात को बहुत स्पष्ट तो नहीं किया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि उनका इशारा ”हिन्दू बनाम मुसलमान” की ओर था। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य जब बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में गए तो उन्होंने पार्टी दफ्तर में अपने भाषण में इसी तर्ज पर कहा, “लड़ाई 85 बनाम 15 की है।”
मौर्य के बयान से मिले संकेत..
स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा, “सरकार बनवाएं दलित-पिछड़े और मलाई खाएं अगड़े 5 फीसदी लोग। आपने 80 बनाम 20 फीसदी का नारा दिया है, लेकिन मैं कह रहा हूं यह 15 बनाम 85 की लड़ाई है। 85 फीसदी हमारा है और 15 फीसदी में भी बंटवारा है।” स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान को नब्बे के दशक की उस राजनीति की ओर लौटने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है जब राममंदिर आंदोलन के चरमोत्कर्ष के दौरान भी दलितों और पिछड़ों की एकजुटता यानी सपा और बसपा के गठबंधन ने बीजेपी को सत्ता से बाहर कर दिया। ये दोनों ही पार्टियां मंडल आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद राजनीतिक पटल पर तेजी से उभरीं और उसके बाद यूपी की राजनीति में सरकारें बनाती रहीं।
सोशल इंजीनियरिंग..
साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, यूपी में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 21।1 फीसदी और अनुसूचित जनजाति की आबादी 1।1 फीसदी है जबकि पिछड़ी जातियों की आबादी 50 फीसदी से ज्यादा है। बहुजन समाज की चर्चा जब होती है तब इसी तबके में मुस्लिम समुदाय की आबादी को भी जोड़ दिया जाता है और इस आधार पर दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को 85 फीसदी से ज्यादा बताया जाता है। 85 बनाम 15 की राजनीति का यही आधार है और राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस आधार पर यदि वोटों का ध्रुवीकरण होता है तो निश्चित तौर पर धर्म के आधार पर होने वाले ध्रुवीकरण पर वो भारी पड़ेगा।
हालांकि यह भी माना जा रहा है कि तमाम पिछड़ी और अनुसूचित जातियों को अपनी ओर करने की बीजेपी की कोशिशों के बाद अब नब्बे के दशक वाले जातीय ध्रुवीकरण की उम्मीद नहीं है और इस ध्रुवीकरण में दलित समुदाय का एक बड़ा हिस्सा सपा गठबंधन से अलग है और वह या तो बीएसपी के साथ है या फिर बीजेपी के। इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि करीब तीन दशक की इस राजनीतिक उठापटक में सिर्फ जातियों के आधार पर ही राजनीतिक रुझान तय नहीं हो रहे हैं बल्कि हर राजनीतिक पार्टी में हर वर्ग के लोग हैं। इस स्थिति में जाति के आधार पर कोई राजनीतिक पार्टी शायद वैसी आक्रामक राजनीति ना कर सके जैसी कि नब्बे के दशक में हो रही थी। सभी को साथ लेकर चलना उसके बाद से ही राजनीतिक दलों की जरूरत बन चुकी है और उसी आधार पर हर पार्टी अपने-अपने तरह से सोशल इंजीनियरिंग में लगी हुई हैं।
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद नोएडा में जब्त किए गए 1.33 करोड़ रुपये..
देश -विदेश : उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नोएडा में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हो रही है। अभी तक पुलिस और स्टेटिक टीम सवा करोड़ से अधिक नकदी अलग अलग जगह से बरामद कर चुकी है। यह सिलसिला अभी भी जारी है। इसकी कड़ी में बुधवार को भी 4 लाख रुपये बरामद किए गए।
उत्तर में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से पुलिस और स्टेटिक टीमों ने भारी मात्रा में नकदी जब्त की है। इसके तहत गौतमबुद्ध नगर से 1 करोड़ 33 लाख 30 हजार 500 रुपये जब्त किए गए हैं। टीम ने अलग अलग जगह से 25 लाख, 5 लाख, 4 लाख और 99 लाख 30 हजार 500 रुपये बरामद किए हैं। खास बात यह है कि जब्त नकदी के संबंध में अभी तक कोई दस्तावेज पेश नहीं किए गए है। रकम को अलग अलग थानों में रखा गया है। इसके दस्तावेज पेश करने के लिए संबंधित व्यक्ति को बुलाया गया है, लेकिन कोई भी पेश नहीं हुआ है।
इनकम टैक्स भी अपने स्तर पर नकदी की जांच कर रही है। आशंका है कि संबंधित नकदी को चुनाव में प्रयोग किया जाना था। बता दें कि चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को उत्तर प्रदेश और चार अन्य राज्यों में चुनावों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसके बाद से ही पुलिस और अन्य टीमें सघन चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है।
इनोवा कार से 4 लाख रुपये बरामद..
नॉलेज पार्क पुलिस व एफएसटी टीम-3 ने बुधवार को चेकिंग के दौरान सेक्टर 151से एक इनोवा कार से 4 लाख रुपये बरामद किए हैं। कार चालक विनीत कुमार मदान नकदी के संबंध में कोई अभिलेख पेश नहीं कर सका। इसके चलते नकदी को सीज कर दिया गया।
कोरोना के नए केसों ने डराया,एक्टिव मामले 18 लाख से ज्यादा..
देश – विदेश : बीते 4 दिनों में कोरोना वायरस के नए केसों में जो कमी देखने को मिल रही थी, वह फिर से खत्म हो गई है। बुधवार को आए बीते एक दिन के आंकड़े में कोरोना के 2 लाख 83 हजार नए केस मिले हैं। इसके साथ ही देश भर में कुल सक्रिय मामलों की संख्या तेजी से बढ़ते हुए 18 लाख 31 हजार हो गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि एक तरफ कोरोना के नए केस 2,82,970 मिले हैं तो वहीं इसी दौरान 1 लाख 88 हजार से ज्यादा लोगों ने कोरोना को मात दी है। कोरोना के नए केसों में जिस तेजी से इजाफा हो रहा है, उससे माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में आंकड़ा 20 लाख के पार हो सकता है।
देश में अब तक मिले कुल केसों की तुलना में एक्टिव मामले फिलहाल 4.83 फीसदी हैं। इसके अलावा रिकवरी रेट भी लगातार तेजी से घट रहा है और यह अब 93.88 पर्सेंट है। हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक राहत की बात यह है कि कोरोना की तीसरी लहर के दौरान नए केसों का आंकड़ा 4 लाख के पार नहीं जाएगा। इससे पहले कुछ अनुमानों में यह संख्या 4 से 8 लाख तक पहुंचने की बात कही गई थी। इस बीच कोरोना के डेली पॉजिटिविटी रेट की बात करें तो यह 15.13 पर्सेंट हो गया है, जबकि वीकली पॉजिटिविटी रेट 15.53 फीसदी है।
ओमिक्रॉन वैरिएंट के केस 9 हजार के करीब..
कोरोना के बढ़ते केसों के बीच थोड़ी सी राहत यह भी है कि इस बार दूसरी लहर की तरह ज्यादातर लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है। यही नहीं जिस ओमिक्रॉन वैरिएंट के तेजी से फैलने के दावे किए जा रहे थे, उसके मामले भारत में बहुत ज्यादा नहीं हैं। देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले फिलहाल 8,961 ही हैं। इससे साफ है कि तीसरी लहर में जो नए केस मिल रहे हैं, उसकी वजह ओमिक्रॉन वैरिएंट नहीं है बल्कि डेल्टा वैरिएंट के चलते ऐसा हो रहा है। देश में कोरोना टीकाकरण की बात करें तो अब तक 158 करोड़ से ज्यादा टीके लग चुके हैं। इसके अलावा 4 करोड़ के करीब किशोरों को भी कोरोना का टीका लगाया जा चुका है।
उत्तराखंड में एक बार फिर बदलेगा मौसम,बारिश-बर्फबारी का अलर्ट..
उत्तराखंड : उत्तराखंड के पर्वतीय जिंलों में 19, 20 और 21 जनवरी को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इस दौरान 2500 से 3000 मीटर उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 21 के बाद अगले दो दिनों में बारिश में तेजी आ सकती है। मंगलवार की शाम से राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते एक बार फिर मौसम बदलता दिख रहा है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, मैदानी क्षेत्रों के कुछ भागों विशेषकर हरिद्वार व उधमसिंहनगर जिले में उथला से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। 19 जनवरी से उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग चमोली पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की हल्की बारिश बर्फबारी हो सकती है।
19 को ही 3000 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फवारी की अधिक संभावना है, जबकि 20 और 21 को पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश, बर्फवाती का क्रम जारी रह सकता है। 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फबारी हो सकती है। 22 और 23 को प्रदेश में बारिश में वृद्धि होगी। कोहरे और ठंड को लेकर एक बार फिर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा लगने से ड्राइविंग की मुश्किल स्थिति बनेगी। हवाई अड्डे में न्यूनतम सीमा से कम दृश्यता विमान लैंडिंग को प्रभावित कर सकती है। मौसम विभाग ने यात्रियों से अपनी यात्रा निर्धारण के लिए एयरलाइन, रेलवे, राज्य परिवहन के संपर्क में रहने का सुझाव दिया है। कोहरे में चलते समय फोग लाइट के इस्तेमाल का सुझाव दिया है।
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