1 नवंबर से इन फोन में नहीं चलेगा व्हाट्सएप,ध्यान से देखिये ये पूरी लिस्ट..
देश-विदेश: हर साल व्हाट्सएप कई सारे पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए अपना सपोर्ट बंद करता है। सपोर्ट बंद करने का मतलब यह है कि कुछ डिवाइस के लिए व्हाट्सएप का नया अपडेट जारी नहीं किया जाता है। पहले से इंस्टॉल एप काम करता रहता है लेकिन अपडेट ना मिलने की वजह से एप को नए फीचर्स नहीं मिल पाते हैं और सिक्योरिटी का खतरा रहता है। इस साल भी कई सारे व्हाट्सएप के लिए 1 नवंबर से सपोर्ट बंद हो रहा है। तो आइए देखते हैं कि इस लिस्ट में आपका फोन भी शामिल है या नहीं।
Android डिवाइस की लिस्ट..
यदि आपके पास कोई पुराना फोन है जिसमें एंड्रॉयड वर्जन 4.0.4 है तो आपके फोन में 1 नवंबर के बाद व्हाट्सएप नहीं चलेगा। इस लिस्ट में Samsung Galaxy Trend Lite, Galaxy Trend II, Galaxy SII, Galaxy S3 mini, Galaxy Xcover 2, Galaxy Core, और Galaxy Ace 2 फोन शामिल हैं। वहीं अन्य फोन की बात करें तो इस लिस्ट में LGs Lucid 2, LG Optimus F7, LG Optimus F5, Optimus L3 II Dual, Optimus F5, Optimus L5, Optimus L5 II, Optimus L5 Dual, Optimus L3 II, Optimus L7, Optimus L7 II Dual, Optimus L7 II, Optimus F6, Enact , Optimus L4 II Dual, Optimus F3, Optimus L4 II, Optimus L2 II, Optimus Nitro HD, 4X HD, Optimus F3Q के साथ सपोर्ट बंद होने वाला है।
इस लिस्ट में ZTE Grand S Flex, ZTE V956, Grand X Quad V987 और ZTE Grand Memo के नाम शामिल हैं। लिस्ट में हुवावे के फोन Huawei Ascend G740, Ascend Mate, Ascend D Quad XL, Ascend D1 Quad XL, Ascend P1 S और Ascend D2 का नाम है। सोनी के भी कुछ फोन इस लिस्ट में हैं जो कि Sony Xperia Miro, Sony Xperia Neo L और Xperia Arc S हैं।
iOS डिवाइस
आईओएस की अगर बात करें तो iOS 10 और इससे ऊपर के सभी वर्जन में व्हाट्सएप काम करेगा। यदि किसी के पास ऐसा आईफोन है जिसमें आईओएस 9 है तो उसमें 1 नवंबर से व्हाट्सएप काम नहीं करेगा। इस लिस्ट में iPhone 6S, iPhone 6S Plus, Apple iPhone SE 1 आदि शामिल हैं।
KaiOS डिवाइस..
आपको बता दे कि जियो फोन और जियो फोन 2 के अलावा नोकिया के भी कई फोन में KaiOS दिया गया है। इनमें से जिन फोन में KaiOS 2.5.0 है या इससे ऊपर का वर्जन है उनमें व्हाट्सएप सपोर्ट करेगा। JioPhone और JioPhone 2 में व्हाट्सएप का सपोर्ट मिलता रहेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को संबोधित मन की बात को सुना। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, स्वामी यतीश्वरानंद एवं मेयर सुनील उनियाल गामा भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में उत्तराखंड में शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण की प्रथम डोज लगाने पर उत्तराखंड सरकार की सराहना की। मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री ने बागेश्वर जनपद की हेल्थ वर्कर पूनम नौटियाल से बात की। पूनम नौटियाल ने कहा कि हमने अपने क्षेत्र में लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। एक दिन में पर्वतीय क्षेत्रों में 8 से 10 किमी की दूरी तय कर कोविड टीकाकरण किया। बुजुर्गों, दिव्यांगों एवं धात्री महिलाओं का उनके घरों पर जाकर टीकाकरण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने पूनम के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कि उन्होंने आउट ऑफ द वे जाकर लोगों का टीकाकरण किया।
मन की बात कार्यक्रम को सुनने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात हम सभी को देशहित और समाज हित में सोचने और काम करने के लिए प्रेरित करती है। प्रधानमंत्री जी ने एक अभिभावक की तरह मार्गदर्शन किया। उनका सक्षम नेतृत्व ही था कि ‘सबको वैक्सीन मुफ्त वैक्सीन’ अभियान से देश, 100 करोङ वैक्सीनैशन डोज का पङाव पार कर चुका है। आज देश एक नये उत्साह और ऊर्जा से आगे बढ रहा ही। आज भारत ने कोविड वैक्सीनैशन में दुनिया को राह दिखाई है। निस्संदेह इसमें हमारे हेल्थ वर्कर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि कोविड वारियर्स की दिन रात की मेहनत से ही हम कोविड से बाहर निकल रहे हैं। परंतु हमें अभी भी सावधानी रखनी है। हम उत्तराखण्डवासियों के लिए सम्मान की बात है कि प्रधानमंत्री जी ने राज्य की हेल्थ वर्कर पूनम नौटियाल से बात की। उत्तराखण्ड के हेल्थ वर्कर्स का जज्बा ही है कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखण्ड में 100 प्रतिशत पहली डोज का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। हम जल्द ही शतप्रतिशत सेकेंड डोज का लक्ष्य भी हासिल करेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि प्रधानमंत्री मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जो मंत्र दिया है, हम सबको मिलकर इसे साकार करना है। त्योहारों का सीजन चल रह है, इस दौरान हमें स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा देना है। वोकल फॉर लोकल का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय लोगों की आमदनी को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के लिए हम सभी को अपनी दिनचर्या का अंग मानकर प्रयास करने होंगे। अपने घरों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता पर ध्यान देना होगा। आइये, हम संकल्प लें कि स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढाते हुए हम सब मिलकर अपने देश को पूरी तरह स्वच्छ बनाएंगे और स्वच्छ रखेंगे।
मुख्यमंत्री ने मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से बात करने वाली बागेश्वर जनपद की श्रीमती पूनम नौटियाल से फोन से वार्ता कर उनके सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी।
उत्तराखंड में वन विभाग भर्ती में आया बड़ा अपडेट..
उत्तराखंड: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने वन आरक्षी के 894 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी हैं। UKSSSC की इस भर्ती में अभ्यर्थी अब 25 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दें कि इससे पहले आवेदन की लास्ट डेट 16 अक्टूबर थी ऐसे में जो अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके पास आवेदन करने का एक और मौका है।
ऑनलाइन आवेदन करने से छूट गए अभ्यर्थी इस मौके का फायदा उठाकर वन आरक्षी के 894 पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही आपको बता दें की वन आरक्षी के इन पदों पर सीधी भर्ती की विज्ञप्ति उत्तराखंड शासन के शुल्क माफी के शासनादेश से पहले जारी हो गई थी। सभी अभ्यर्थियों को आवेदन की विस्तारित अवधि में शुल्क अदा करना होगा।
साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी के अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में राहत दी जाएगी। आपको बता दें की अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इसी वर्ष दिसंबर में लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा प्रस्तावित की है। हालांकि दिसंबर में परीक्षा कब होगी इसकी तिथि अभी तक तय नहीं हो पाई है। ऐसे में, जिन इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों ने अबतक आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्द अप्लाई कर देना चाहिए।
14 साल बाद बढ़ने जा रहे हैं माचिस के दाम, इतने में मिलेगी 1 रुपये वाली डिब्बी..
देश-विदेश: एक तरफ जहां पेट्रोल- डीजल, गैस और खाने की तेल के दाम तेजी से बढ़ते जा रहे हैं वहीं अब दैनिक उपयोग में आने वाली माचिस की कीमत भी 14 साल बाद बढ़ने जा रही है। एक रुपये में मिलने वाली माचिस की डिब्बी अब दो रुपये में मिलेगी और नई कीमतें एक दिसंबर से लागू होंगी। पांच प्रमुख माचिस उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से 1 दिसंबर से प्रति माचिस की कीमत एक रुपये से बढ़ाकर दो रुपये करने का फैसला लिया है।
आपको बता दे कि पिछली बार माचिस की डिब्बी की कीमत में वर्ष 2007 में संशोधन किया गया था तब 50 पैसे से बढ़ाकर माचिस की डिब्बी की कीमत एक रुपये कर दी गई थी। गुरुवार को शिवकाशी में ऑल इंडिया चैंबर ऑफ माचिस की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
माचिस निर्माताओं का कहना हैं कि माचिस बनाने के लिए 10 से अधिक प्रकार के कच्चे माल की जरूरत होती है। लेकिन कच्चे माल की कीमत में काफी बढ़ोतरी हो गई है जिससे अब वर्तमान कीमत पर बेचना संभव नहीं है। निर्माताओं ने कहा कि एक किलोग्राम लाल फास्फोरस 425 रुपये से बढ़कर 810 रुपये, मोम 58 रुपये से 80 रुपये, बाहरी बॉक्स बोर्ड 36 रुपये से 55 रुपये और भीतरी बॉक्स बोर्ड 32 रुपये से 58 रुपये तक पहुंच गया है। कागज, स्प्लिंट्स की कीमत , पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर के दामों में भी 10 फीसदी से अधिक की वृद्धि हो गई है। डीजल की बढ़ती कीमत ने भी उन इस उद्योग पर अतिरिक्त बोझ डाला है।
तमिलनाडु में माचिस उद्योग से 4 लाख लोगों को रोजगार..
तमिलनाडु में इस उद्योग में लगभग चार लाख लोग काम करते हैं और इन कर्मचारियों में 90 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं। माचिस की कीमत बढ़ने के बाद कर्मचारियों को बेहतर भुगतान मिलने की उम्मीद है।
हरीश चौधरी बने कांग्रेस के पंजाब प्रभारी..
उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब प्रभारी के पद से मुक्त कर दिया है। अब हरीश चौधरी को पंजाब और चंडीगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। दो दिन पहले ही हरीश रावत ने राहुल और सोनिया गांधी से पंजाब प्रभारी के पद से मुक्त करने की अपील की थी। पार्टी ने रावत की बात मान ली है। हरीश रावत ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अपनी व्यस्तता को लेकर यह अपील की थी। अब पंजाब में हरीश रावत की जिम्मेदारी हरीश चौधरी संभालेंगे।
सिद्धू के इस्तीफे को चौधरी ने किया था मैनेज..
हरीश चौधरी ने नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाई थी। आपको बता दे कि सिद्धू इकबाल प्रीत सिंह को डीजीपी और एपीएस देओल को महाधिवक्ता बनाने से नाराज थे। यह नाराजगी इतनी बढ़ी कि सिद्धू ने अचानक इस्तीफा देकर कांग्रेस हाईकमान को सकते में डाल दिया लेकिन हरीश चौधरी ने पूरे मामले को बेहतरीन ढंग से मैनेज किया।
राजस्थान से सटी सीटों पर फायदा मिलने की उम्मीद..
आपको बता दे कि हरीश चौधरी राजस्थान सरकार में राजस्व मंत्री है। कांग्रेस को उम्मीद है कि पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनाने के बाद राजस्थान की सीमा से सटी पंजाब की विधानसभा सीटों पर पार्टी को इसका फायदा मिलेगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू मामले में भी पार्टी ने हरीश चौधरी को पर्यवेक्षक बना कर पंजाब भेजा था।
हरीश चौधरी को पंजाब का प्रभारी तो बना दिया गया लेकिन उनके सामने चुनौती भी कम नहीं हैं। पार्टी में उपजे असंतोष को खत्म करना ही सबसे बड़ी चुनौती है। पार्टी में कई नेता नाराज हैं तो वहीं सिद्धू की तल्खी भी कम नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद सिद्धू की नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से भी नहीं बन रही।

- प्रवीण गुगनानी
सलाहकार राजभाषा
विदेश मंत्रालय
विश्व के प्रसिद्ध कूटनीतिज्ञ, राजनयिक व ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने कहा था कि “यदि अपने देश की दीर्घकालिक समस्याओं को सुलझाना है तो, इतिहास पढ़िए, इतिहास पढ़िए, इतिहास पढ़िए; इतिहास में ही राज्य चलाने के सारे रहस्य छिपे हैं।” भारत के संदर्भ में यह कहा जा सकता है कि यदि देश चलाना है, सुशासन करना है तो देश में जनसंख्या असंतुल का इतिहास पढ़ो। हमें भारत की सबसे बड़ी व संवेदनशील समस्या जनसंख्या असंतुलन को समझना है तो हमें इतिहास अवश्य पढ़ना होगा – विशेषतः भारत में तुष्टिकरण का इतिहास।
यदि हम भारत में जनसंख्या की चर्चा करें तो जनसंख्या असंतुलन की चर्चा आवश्यक हो जाती है और जनसंख्या असंतुलन की चर्चा करें तो भारतीय राजनीति के सबसे घृणित शब्द तुष्टिकरण की चर्चा आवश्यक हो जाती है। यहां आवश्यक हो जाता है कि हम इस तुष्टिकरण शब्द को भली भांति समझ लेवें। तुष्टिकरण के विषय में बाबा साहेब अम्बेडकर ने कहा था कि – ”कुछ वर्ग मौके का फायदा लेकर अपने स्वार्थ के लिए अवैधानिक मार्ग अपनाते हैं। शासन इस संबंध में उनकी सहायता करता है। इसे ही अल्पसंख्यक तुष्टिकरण कहते हैं।”
बाबासाहेब अम्बेडकर तुष्टिकरण को सदैव राष्ट्रविरोधी मानते थे। कांग्रेसजनित यह एक शब्द तुष्टिकरण ही वह एकमात्र नीति है जिसके कारण देश में जनसंख्या असंतुलन की विकट समस्या उत्पन्न हुई है। इस बार विजयादशमी उत्सव पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक जी ने जो कहा उसका एक प्रमख बिंदु देश में बढ़ता जनसंख्या असंतुलन है।
इस वर्ष विजयदशमी के अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत में जनसंख्या असंतुलन के प्रति अपनी चिंताओं को मुखर रूप से रखा। विभिन्न समुदायों में जनसंख्या वृद्धि दर में भारी अन्तर, अनवरत विदेशी घुसपैठ व मतांतरण के कारण देश की समग्र जनसंख्या विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसंख्या के अनुपात में बढ़ रहा असंतुलन देश की एकता, अखंडता व सांस्कृतिक पहचान के लिए गंभीर संकट का कारण बन सकता है, यह कहते हुए संघ ने अपनी चिंता को देश के समक्ष प्रकट किया है। 1951 से 2011 के बीच जनसंख्या वृद्धि दर में भारी अन्तर के कारण देश की जनसंख्या में जहां भारत में उत्पन्न मतपंथों के अनुयाइयों का अनुपात 88 प्रतिशत से घटकर 83.8 प्रतिशत रह गया है, वहीं मुस्लिम जनसंख्या का अनुपात 9.8 प्रतिशत से बढ़ कर 14.23 प्रतिशत हो गया है।
भागवत जी ने संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की ओर से सरकार से स्पष्ट आग्रह किया कि; देश में उपलब्ध संसाधनों, भविष्य की आवश्यकताओं एवं जनसांख्यिकीय असंतुलन की समस्या को ध्यान में रखते हुए देश की जनसंख्या नीति का पुनर्निर्धारण कर उसे सब पर समान रूप से लागू किया जाए। सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जाए। राष्ट्रीय नागरिक पंजिका (National Register of Citizens) का निर्माण कर इन घुसपैठियों को नागरिकता के अधिकारों से तथा भूमि खरीद के अधिकार से वंचित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, देश के सीमावर्ती प्रदेशों तथा असम, पश्चिम बंगाल व बिहार के सीमावर्ती जिलों में तो मुस्लिम जनसंख्या की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है, जो स्पष्ट रूप से बांग्लादेश से अनवरत घुसपैठ का संकेत देता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त उपमन्यु हजारिका आयोग के प्रतिवेदन एवं समय-समय पर आये न्यायिक निर्णयों में भी इन तथ्यों की पुष्टि की गयी है। यह भी एक सत्य है कि अवैध घुसपैठिए राज्य के नागरिकों के अधिकार हड़प रहे है तथा इन राज्यों के सीमित संसाधनों पर भारी बोझ बन सामाजिक-सांस्कृतिक, राजनैतिक तथा आर्थिक तनावों का कारण बन रहे हैं।
पूर्वोत्तर के राज्यों में तीव्रता से उपजाया जा रहा जनसांख्यिकीय असंतुलन तो और भी गंभीर रूप ले चुका है। अरुणाचल प्रदेश में भारत में उत्पन्न मत-पंथों को मानने वाले जहां 1951 में 99.21 प्रतिशत थे, वे 2001 में 81.3 प्रतिशत व 2011 में 67 प्रतिशत ही रह गये हैं। केवल एक दशक में ही अरूणाचल प्रदेश में ईसाई जनसंख्या में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार मणिपुर की जनसंख्या में इनका अनुपात 1951 में जहां 80 प्रतिशत से अधिक था, वह 2011 की जनगणना में 50 प्रतिशत ही रह गया है। उपरोक्त उदाहरण तथा देश के अनेक जिलों में ईसाईयों की अस्वाभाविक वृद्धि दर कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा एक संगठित एवं लक्ष्यबद्ध मतांतरण की गतिविधि का ही संकेत देती है। प्रबोधन में आग्रह किया गया है कि, संघ का अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल सभी स्वयंसेवकों सहित देशवासियों का आव्हान करता है कि वे अपना राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर जनसंख्या में असंतुलन उत्पन्न कर रहे सभी कारणों की पहचान करते हुए जन-जागरण द्वारा देश को जनसांख्यिकीय असंतुलन से बचाने के सभी विधि सम्मत प्रयास करें।
चमोली और पौड़ी के दौरे पर पहुंचे सीएम धामी, कुमाऊं में जायजा लेंगे भाजपा अध्यक्ष कौशिक..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज शुक्रवार को पौड़ी और चमोली जिले में आपदाग्रस्त इलाकों के दौरे पर पहुंचे हैं। सीएम पहले चमोली के डुंग्री गांव पहुंचे और आपदा पीड़ितों को सांत्वना दी। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि18 अक्तूबर को गांव के दो लोग भारी बारिश के दौरान पानी लाइन ठीक करने गए थे। लेकिन तब से वे लापता हैं। सीएम ने ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को पत्र लिखकर अपेक्षा की है कि वह इस प्राकृतिक आपदा में अपने जिलों में राहत कार्यों का निरीक्षण करें। तत्काल आपदा प्रभावितों को राहत दिलाएं। मुख्यमंत्री धामी ने आह्वान किया है कि सभी प्रभारी मंत्री अपने जिलों का भ्रमण करते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण, बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा, राहत सामग्री, धनराशि का वितरण एवं प्रभावित परिवारों की कुशलक्षेम और क्षतिग्रस्त कार्यों का पुनर्निर्माण की कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami ने आज चमोली जिले के डुंग्री गांव पहुंच कर आपदा में लापता लोगों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता के प्रति आश्वस्त किया है। pic.twitter.com/Cb9Ro7B0oc
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) October 22, 2021
उनका कहना हैं कि जिले के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाए ताकि आपदा से प्रभावित जनमानस को यथासमय आसानी से राहत प्राप्त हो सके। क्षतिग्रस्त कार्यों को समय से पूर्ण कराया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में राज्य के लगभग समस्त जिले अतिवृष्टि के कारण आपदा से प्रभावित हुए हैं। इस आपदा से जिलों में भूस्खलन, बाढ़ आदि के कारण अत्यधिक नुकसान एवं जनहानि भी हुई है। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सरकार निरन्तर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने सभी से व्यक्तिगत ध्यान देने और आवश्यक सहयोग की भी अपेक्षा की।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कौशिक का दो दिवसीय दौरा आज से..
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक शुक्रवार से नैनीताल जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए दो दिवसीय दौरा करेंगे। वह शुक्रवार को दोपहर दो बजे बिंदुखत्ता और सूर्याजाला के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाएंगे। साढ़े तीन बजे हल्द्वानी में आपदा कंट्रोल रूम का शुभारंभ करेंगे। रात में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे।
इसके बाद शनिवार को वह रामनगर में आपदा प्रभावितों से मिलेंगे। जिसके बाद आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। कौशिक के इस दौरे में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान और सोशल मीडिया संयोजक शेखर वर्मा भी साथ रहेंगे।
उत्तराखंड आपदा में मरने वालों की संख्या पहुंची 69 के पार..
उत्तराखंड: प्रदेश में हो रही बारिश से कुदरती आपदा में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को गढ़वाल में पांच और कुमाऊं में छह शव बरामद किए गए थे। जिससे प्रदेश में मृतकों की संख्या 69 पहुंच गई।
सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 64 बताई जा रही है। छितकुल में ट्रैकर में मरे गए लोग इसमें शामिल नहीं हैं। वही प्रशासन का कहना है कि उनके शव अभी तक निकाले नहीं गए हैं। 27 ट्रैकर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की लताश जारी है। वहीं, कई जगहों पर फंसे पर्यटकों को भी निकालाने का काम जारी है।
कुमाऊं में 120 सड़कें बंद..
प्रदेश में बारिश के कहर ने सड़कों की हालत भी बिगाड़ दी है। कुमाऊं मंडल के पांच पर्वतीय जिलों में कुल 120 सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ में 75, चंपावत में 28, अल्मोड़ा में 12, नैनीताल में चार और बागेश्वर में एक मोटर मार्ग पर यातायात ठप पड़ा हुआ है। बंद सड़कों में पहाड़ की दोनों लाइफ लाइन भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग, टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (बारहमासी सड़क) शामिल हैं।
इसके साथ ही पहाड़ी जिलों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत भी शुरू हो गई है। बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत में पेट्रोल खत्म होने की सूचना चस्पा कर दी गई है। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों को कब्जे में ले लिया है। इसी तरह कुकिंग गैस, दूध आदि की आपूर्ति न होने से भी इन वस्तुओं के लिए भी मारामारी हो रही है।
पंजाब कांग्रेस प्रभारी पद से मुक्ति चाहते हैं हरीश रावत..
उत्तराखंड: पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी के पद से मुक्त करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने यह बात कही है। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि ‘मैं आज एक बड़ी उपापोह से उबर पाया हूं। एक तरफ जन्मभूमि (उत्तराखंड) के लिए मेरा कर्तव्य है और दूसरी तरफ कर्मभूमि पंजाब के लिए मेरी सेवाएं हैं, स्थितियां जटिलतर होती जा रही हैं
क्योंकि ज्यों-ज्यों चुनाव आएंगे, दोनों जगह व्यक्ति को पूर्ण समय देना पड़ेगा। कल उत्तराखंड में बेमौसम बारिश ने जो कहर ढाया है, मैं कुछ स्थानों पर जा पाया, लेकिन आंसू पोछने मैं सब जगह जाना चाहता था। मगर कर्तव्य पुकार, मुझसे कुछ और अपेक्षाएं लेकर खड़ी हुई।
मैं जन्मभूमि के साथ न्याय करूं, तभी कर्मभूमि के साथ भी न्याय कर पाऊंगा। मैं पंजाब कांग्रेस और पंजाब के लोगों का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे निरंतर आशीर्वाद और नैतिक समर्थन दिया। संतों, गुरुओं की भूमि, श्री नानक देव जी व गुरु गोबिंद सिंह जी की भूमि से मेरा गहरा भावनात्मक लगाव है। मैंने निश्चय किया है कि लीडरशिप से प्रार्थना करूं कि अगले कुछ महीने में उत्तराखंड को पूर्ण रूप से समर्पित रह सकूं, इसलिए पंजाब में जो मेरा वर्तमान दायित्व है, उस दायित्व से मुझे अवमुक्त कर दिया जाए।
आपको बता दें कि पंजाब और उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। हरीश रावत पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी हैं। इस कारण वह उत्तराखंड पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। वहीं हरीश रावत ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात की। उनका कहना हैं कि वह राहुल गांधी से उत्तराखंड की बात करने गए थे। राज्य में अगले साल चुनाव होने हैं और वर्तमान में प्राकृतिक आपदा ने उत्तराखंड में तबाही ला दी है।
इसी संबंध में वह राहुल गांधी से बात करने गए थे। वहीं हरीश रावत ने कहा वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलेंगे। हरीश रावत के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद राहुल गांधी से उनकी मुलाकात के कई मायने निकले जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।
नए नाम से जाना जाएगा फेसबुक, मार्क जुकरबर्ग जल्द करेंगे एलान..
देश-विदेश: पिछले 17 सालों से फेसबुक एक ही नाम से जाना जाता रहा है, लेकिन अब इसकी री-ब्रांडिंग की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि फेसबुक का नाम बदलने वाला है और इसका आधिकारिक एलान जल्द ही फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग करने वाले हैं। अगले सप्ताह फेसबुक के एक इवेंट में नए नाम का एलान हो सकता है।
जानकारी के अनुसार 28 अक्तूबर को फेसबुक का एक कॉन्फ्रेंस होने वाला है जिसमें मार्क जुकरबर्ग फेसबुक के नए नाम का एलान कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक एप के अलावा कंपनी के अन्य प्रोडक्ट जैसे इंस्टाग्राम, व्हाट्सप्प, ओक्युलस आदि के नाम को लेकर भी बड़े एलान हो सकते हैं, हालांकि इस रिपोर्ट पर फेसबुक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
आपको बता दे कि इस सप्ताह की शुरुआत में ही फेसबुक ने कहा था कि वह अब मेटावर्स कंपनी बनने जा रही है जिसके लिए उसने 10 हजार लोगों को नियुक्ति की है और भविष्य में अन्य नियुक्तियां भी होंगी। मेटावर्स का मतलब एक आभासी दुनिया से है जिसमें लोग फिजिकली मौजूद ना होते हुए भी मौजूद रहेंगे। मेटावर्स शब्द वर्चुअल रियलिटी और ऑग्युमेंट रियलिटी जैसा ही है।
मेटावर्स में केवल फेसबुक ही नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां निवेश कर रही हैं। मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि आने वाले समय में लोग फेसबुक को सिर्फ एक सोशल मीडिया कंपनी नहीं, बल्कि एक मेटावर्स कंपनी के रूप में जानें। फेसबुक अपने वास्तविक और वर्चुअल दुनिया के अनुभवों के निर्माण के लिए पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर भर्ती करेगा। इस भर्ती अभियान में फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, पोलैंड और स्पेन सहित अन्य देशों में लोगों को काम पर रखा जाएगा।
