अनारवाला–मालसी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी मिलेगी बेहतर यातायात सुविधा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अनारवाला क्षेत्र में अनारवाला–मालसी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस परियोजना पर कुल ₹319.30 लाख की लागत आएगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्य को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए।
मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। इससे अनारवाला और मालसी क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी और आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत करना और आमजन को सभी जरूरी सुविधाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
पांच अलग-अलग देशों में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजों में हुए शामिल
नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही अंडर-19 यूथ वनडे सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भारतीय कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अंतिम मैच में वैभव का बल्ला जमकर बोला और उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में शतक जड़कर टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया, जिसे भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह भुनाया।
भारतीय पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और ऑरोन जॉर्ज ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 227 रनों की शानदार साझेदारी कर टीम को ठोस आधार दिया। कप्तान वैभव ने मात्र 74 गेंदों में 127 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें नौ चौके और 10 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
यह वैभव सूर्यवंशी का सीरीज में पहला बड़ा प्रदर्शन नहीं है। इससे पहले दूसरे यूथ वनडे में भी उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में 68 रन बनाए थे, जिसमें 10 छक्के और एक चौका शामिल था। उस मुकाबले में उनका स्ट्राइक रेट 283.33 रहा था, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा था।
दक्षिण अफ्रीका की धरती पर लगाया गया यह शतक वैभव के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि साबित हुआ। महज 14 वर्ष की उम्र में वह पांच अलग-अलग देशों—भारत, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अब दक्षिण अफ्रीका—में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं।
गौरतलब है कि इसी सीरीज के लिए बीसीसीआई ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी थी। कप्तान बनते ही उन्होंने इतिहास रच दिया और यूथ वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में टीम की कमान संभालने वाले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2007 में 15 साल 141 दिन की उम्र में अंडर-19 टीम की कप्तानी की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तराखण्ड में माल्टा उत्पादन की अपार संभावनाएँ मौजूद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ITBP स्टेडियम सीमा द्वार, देहरादून में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल्टा महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए कृषकों से मुलाकात कर माल्टा और नींबू की खटाई का स्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में माल्टा उत्पादन की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में ठोस पहल करते हुए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसके माध्यम से माल्टा के उत्पादन, विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन से पहाड़ी क्षेत्रों के कृषकों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय फलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार माल्टा के साथ-साथ कीवी, सेब, आडू, पुलम, नींबू प्रजाति के फल एवं अन्य स्थानीय फलों के उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा माल्टा महोत्सव जैसे आयोजन, किसानों को सीधे उपभोक्ताओं और बाजार से जोड़ने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
सर्दियों के मौसम में सिर्फ गर्म कपड़े पहनना ही काफी नहीं होता, बल्कि शरीर को भीतर से गर्म और मजबूत रखना भी उतना ही जरूरी है। ठंड और शीतलहर के दौरान अगर शरीर की आंतरिक ऊर्जा कमजोर पड़ जाए, तो सर्दी-जुकाम, खांसी, जोड़ों के दर्द और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में भारतीय रसोई में मौजूद कुछ पारंपरिक चीजें प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करती हैं। इनमें अदरक और लहसुन को सबसे प्रभावी माना जाता है।
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों के अनुसार अदरक और लहसुन की तासीर गर्म होती है। इनमें मौजूद थर्मोजेनिक गुण शरीर के मेटाबॉलिज्म को सक्रिय कर अंदर से गर्माहट पैदा करते हैं। अदरक में पाया जाने वाला जिंजरॉल और लहसुन का एलिसिन तत्व रक्त संचार को बेहतर बनाता है, जिससे ठंड के कारण होने वाली सुस्ती और कमजोरी कम होती है। यही नहीं, ये दोनों तत्व सर्दियों में वायरल संक्रमण से बचाव में भी मददगार माने जाते हैं।
इनका नियमित और संतुलित सेवन श्वसन तंत्र को मजबूत करता है और फेफड़ों में जमा कफ को बाहर निकालने में सहायक होता है। ठंड के मौसम में दिल पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करने में भी लहसुन उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह रक्त को गाढ़ा होने से रोकता है। वहीं अदरक सूजन और जकड़न को कम कर जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में सहायक है।
लहसुन को ऐसे करें शामिल
लहसुन का अधिक लाभ पाने के लिए इसे कच्चा या हल्का भूनकर सेवन करना बेहतर होता है। सुबह खाली पेट एक-दो कलियां शहद के साथ लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। दाल, सब्जी और सूप में लहसुन का इस्तेमाल स्वाद के साथ-साथ सेहत भी बढ़ाता है। कुछ लोग सरसों के तेल में लहसुन पकाकर उस तेल से पैरों की मालिश करते हैं, जिससे शरीर की ठंडक कम होने में मदद मिलती है।
अदरक से बढ़ेगी अंदरूनी गर्मी
अदरक की चाय या काढ़ा सर्दियों में सबसे आसान और असरदार उपाय माना जाता है। अदरक, तुलसी और काली मिर्च को पानी में उबालकर पीने से गले की खराश और सर्दी में राहत मिलती है। खाने से पहले अदरक के छोटे टुकड़े पर नमक और नींबू लगाकर चबाने से पाचन बेहतर होता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
संक्रमण और जोड़ों के दर्द से सुरक्षा
सर्दियों में जोड़ों की अकड़न और दर्द आम समस्या है। अदरक और लहसुन में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये दोनों मिलकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं, जिससे मौसमी बीमारियां शरीर पर आसानी से हावी नहीं हो पातीं।
सावधानी भी जरूरी
हालांकि अदरक और लहसुन बेहद फायदेमंद हैं, लेकिन इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक सेवन से एसिडिटी या पेट में जलन हो सकती है। गर्भवती महिलाएं या किसी विशेष दवा का सेवन कर रहे लोग इन्हें नियमित रूप से लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार की चिकित्सीय समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
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वन संरक्षण कानून संशोधन पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा
नई दिल्ली। कांग्रेस ने वन संरक्षण कानून में वर्ष 2023 में किए गए संशोधनों को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि इन बदलावों के जरिए देश में वन प्रबंधन को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो पर्यावरण सुरक्षा और पारंपरिक वन नीति के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
कांग्रेस महासचिव और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी को जारी एक सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के फैसलों से जंगलों के संरक्षण की मूल भावना कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त 2023 में वन संरक्षण अधिनियम, 1980 में किए गए संशोधन संसद में जल्दबाजी में पारित कराए गए थे।
जयराम रमेश के अनुसार, संशोधन के तहत न केवल कानून का नाम बदलकर वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम किया गया, बल्कि जंगलों के संचालन और प्रबंधन से जुड़े प्रावधानों में भी बड़े बदलाव किए गए। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस ने चेताया था कि इन संशोधनों से निजी संस्थाओं के लिए जंगलों में प्रवेश का रास्ता खुलेगा और अब मंत्रालय का ताजा सर्कुलर उसी दिशा में संकेत दे रहा है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि मौजूदा कदम केवल शुरुआत है और आने वाले समय में इससे जंगलों के व्यावसायिक इस्तेमाल को और बढ़ावा मिल सकता है। पार्टी का आरोप है कि इससे पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और स्थानीय समुदायों के हितों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
मंत्रालय के सर्कुलर के मुताबिक, यदि राज्य सरकारें किसी सरकारी या गैर-सरकारी संस्था के साथ मिलकर प्राकृतिक पुनरुत्पादन, वृक्षारोपण या वन प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां संचालित करती हैं, तो इन्हें वन गतिविधि माना जाएगा। ऐसे मामलों में प्रतिपूरक वनीकरण और नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) के भुगतान जैसी शर्तें लागू नहीं होंगी। इसके साथ ही राज्यों को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे इन गतिविधियों से होने वाले राजस्व के बंटवारे का ढांचा स्वयं तय करें।
कांग्रेस का कहना है कि इन प्रावधानों से जंगलों के निजी और व्यावसायिक प्रबंधन की राह आसान हो गई है, जिस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अंडरग्राउंड केबलिंग और सड़क मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश
मसूरी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, एमडीडीए और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान मंत्री ने क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद कर मसूरी के विकास से जुड़े सुझाव भी प्राप्त किए।
बैठक में संबंधित विभागों द्वारा चल रही योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली गई और सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने विद्युत विभाग को अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा, ताकि शहर की सुंदरता और विद्युत व्यवस्था दोनों में सुधार हो सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को मसूरी की सभी सड़कों की मरम्मत का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि मसूरी के बिलाड़ू, धोबी घाट और कंपनी गार्डन क्षेत्र में एसटीपी लाइनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा कैमलबैक क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट को जुलाई माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है और राज्य सरकार इसके लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।
मार्वल स्टूडियोज ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ का नया टीजर जारी कर दिया है, जिसने फैंस के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। एक मिनट के इस टीजर में एक्स-मेन यूनिवर्स के दो दिग्गज किरदार—चार्ल्स जेवियर और मैग्नेटो—एक बार फिर आमने-सामने नजर आते हैं, जिससे मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में एक्स-मेन की मजबूत एंट्री के संकेत मिलते हैं।
टीजर की शुरुआत प्रोफेसर एक्स (पैट्रिक स्टीवर्ट) और मैग्नेटो (इयान मैकेलेन) के बीच शतरंज के खेल से होती है। मैग्नेटो का गंभीर संवाद टीजर को गहराई देता है, जिसमें वह मौत और पहचान पर सवाल उठाते हैं। इसके बाद जेम्स मार्सडेन के साइक्लोप्स की दमदार झलक दिखाई देती है, जो अपना विजर हटाकर आंखों से ऊर्जा किरणें छोड़ते नजर आते हैं। खास बात यह है कि ये तीनों कलाकार साल 2000 में रिलीज हुई पहली ‘एक्स-मेन’ फिल्म से जुड़े रहे हैं, जिससे पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं।
यह ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ का चौथा टीजर है, जो एक्स-मेन थीम पर केंद्रित है। इससे पहले जारी टीजर में थोर के रूप में क्रिस हेम्सवर्थ और स्टीव रोजर्स के रूप में क्रिस इवांस नजर आ चुके हैं। ये टीजर फिलहाल सिनेमाघरों में ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ के साथ दिखाए जा रहे हैं।
मार्वल स्टूडियोज ने पहले ही घोषणा कर दी है कि ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ 18 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी। क्रिसमस के मौके पर आने वाली यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग की मजबूत दावेदार मानी जा रही है।
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हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 2.16 लाख से अधिक छात्र होंगे परीक्षा में शामिल
देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक संचालित होंगी। इस वर्ष राज्यभर में बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए व्यापक स्तर पर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि हाईस्कूल में 1,12,679 और इंटरमीडिएट में 1,03,442 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षाएं प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाए गए कुल 1,261 केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। परिषद सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के अनुसार, इनमें 50 एकल और 1,211 मिश्रित परीक्षा केंद्र शामिल हैं। इस बार 24 नए केंद्र बनाए गए हैं, जबकि 156 केंद्रों को संवेदनशील और छह को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
परीक्षा व्यवस्था के तहत हाईस्कूल स्तर पर 29 और इंटरमीडिएट स्तर पर 45 प्रश्न पत्रों की लिखित परीक्षाएं कराई जाएंगी। उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन परीक्षा केंद्रों से उप-संकलन केंद्रों पर किया जाएगा, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
हाईस्कूल परीक्षा में 1,10,573 संस्थागत और 2,106 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं इंटरमीडिएट में 99,345 संस्थागत और 4,097 व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 21 फरवरी को इंटरमीडिएट की ड्राइंग एवं पेंटिंग की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 23 फरवरी को हिंदुस्तानी संगीत और टंकण, 24 फरवरी को हाईस्कूल की हिंदी तथा इंटरमीडिएट की हिंदुस्तानी संगीत, जबकि 25 फरवरी को इंटरमीडिएट की जीव विज्ञान और कृषि शस्य विज्ञान की परीक्षा होगी। अंतिम दिन 20 मार्च को हाईस्कूल की हिंदुस्तानी संगीत और व्यवसायिक ट्रेड की परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक तथा इंटरमीडिएट की संस्कृत, उर्दू और पंजाबी विषय की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक आयोजित की जाएगी।
‘कथित ऑडियो क्लिप के आधार पर प्रदेश में अनावश्यक माहौल बनाया जा रहा’- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और इस दिशा में सरकार ने हर स्तर पर गंभीर, संवेदनशील और पारदर्शी कार्रवाई की है। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए महिला अधिकारी रेणुका देवी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की, जिसके बाद सरकार की प्रभावी कानूनी पैरवी के चलते तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
सीएम धामी ने बताया कि एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष जताया है। इससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता और मजबूती की पुष्टि होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कथित ऑडियो क्लिप को लेकर प्रदेश में भ्रम और अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता के साथ अपने निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है और दोषियों को कड़ी सजा मिल चुकी है।
सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में प्रदेशवासियों की भावनाएं अंकिता के साथ जुड़ी हुई हैं, लेकिन इस दुखद घटना से सबसे अधिक प्रभावित उसके माता-पिता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं अंकिता के माता-पिता से संवाद करेंगे और उनकी भावनाओं, पीड़ा और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे का कोई निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

