देहरादून- अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में किसी भी वीआईपी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। मामले की जांच कर चुकी एसआईटी के सदस्य और तत्कालीन एसपी देहात हरिद्वार शेखर सुयाल ने शनिवार को मीडिया के सामने जांच से जुड़े अहम तथ्यों को रखा।
शेखर सुयाल ने बताया कि शुरुआती दौर में एक व्यक्ति की पहचान जरूर की गई थी, जिसे कथित तौर पर वीआईपी बताया जा रहा था, लेकिन जांच के दौरान उसके खिलाफ कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला जिससे उसे इस हत्याकांड से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की गई।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद यह बात तेजी से फैली थी कि रिजॉर्ट में किसी खास व्यक्ति के आने की तैयारी थी और उसे विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था। जब उसने इसका विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि उस समय मामला गुमशुदगी का था और जांच एक ब्लाइंड केस के रूप में शुरू हुई थी। एसआईटी के सक्रिय होने के बाद महज पांच घंटे के भीतर तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसआईटी को अंकिता और उसके मित्र के बीच हुई चैट में ‘वीआईपी’ शब्द का जिक्र मिला था, जिसके बाद इस पहलू की गंभीरता से जांच की गई। अंकिता के मित्र पुष्प समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। रिजॉर्ट कर्मचारियों, दोस्तों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध का स्केच तैयार कराया गया, जिसकी पहचान नोएडा निवासी धर्मेंद्र उर्फ प्रधान के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र घटना से पहले रिजॉर्ट आया था और अंकिता के मित्र ने उसकी पहचान भी की थी। एसआईटी ने धर्मेंद्र को जांच में शामिल कर उसकी आवाजाही, संपर्क और रिजॉर्ट आने के उद्देश्य की पूरी पड़ताल की। जांच में सामने आया कि वह जमीन खरीद के सिलसिले में क्षेत्र में आया था और एक स्थानीय परिचित उसे भोजन के लिए रिजॉर्ट ले गया था। उसके खिलाफ भी कोई आपत्तिजनक साक्ष्य नहीं मिला।
शेखर सुयाल ने यह भी बताया कि तीनों दोषियों ने अपने बयानों में यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अंकिता पर अतिरिक्त सेवाएं देने का दबाव बनाया था, लेकिन किसी वीआईपी के शामिल होने के ठोस प्रमाण जांच में नहीं मिले।
वहीं, अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा फेसबुक लाइव और ऑडियो रिकॉर्डिंग के जरिए पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ सहित अन्य लोगों पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अलग से एक नई एसआईटी का गठन किया है। इस टीम द्वारा मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। उर्मिला सनावर को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने को कहा गया है। उसने ऑनलाइन माध्यम से पुलिस सुरक्षा की मांग भी की है, हालांकि अब तक उसका ठोस पता सामने नहीं आ सका है।
राज्य में माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा
दिल्ली में भी आयोजित होगा उत्तराखंड माल्टा महोत्सव : मुख्यमंत्री
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय उद्यान सर्किट हाउस गढ़ीकैंट में उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों के माल्टा एवं नींबू प्रजाति के फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर माल्टा एवं नींबू की खटाई सहित नींबू प्रजाति के फलों से बने विभिन्न उत्पादों का स्वाद भी लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान एवं परंपरा से जुड़ा है। राज्य की आर्थिकी व समृद्धि को सशक्त करने में बागवानी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इन्हीं संभावनाओं को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने एप्पल मिशन व कीवी मिशन जैसी कई उल्लेखनीय शुरूआत की है। इसी तर्ज पर राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढावा देने के लिए माल्टा मिशन की शुरूआत की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के माल्टा की ब्रांडिंग व इसे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य के हर जनपद में माल्टा महोत्सव का आयोजन इन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य के माल्टा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। खेती व बागवानी के क्षेत्र में समुचित प्रोत्साहन, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। यह पहल पलायन रोकने और युवाओं को अपने गांव के पास ही रोजगार देने में गेम चेंजर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय विशिष्टताओं के अनुरूप उपयुक्त खेती और बागवानी को प्रोत्साहित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर विकसित कर उत्पादन और विपणन को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में माल्टा व गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। सरकार द्वारा बागान लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत अनुदान तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सेलाकुई में सुगंधित पौधों के लिए स्थापित केंद्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महक क्रांति की शुरूआत कर राज्य में सुगंधित पौधों की खेती को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल की गई है।
मुख्यमंत्री ने माल्टा महोत्सव में प्रतिभाग करने आए पौड़ी गढ़वाल के माल्टा उत्पादक श्री हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे रोपित किए हैं तथा इस बार भी 200 पौधे रोपित करने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अन्य किसानों को इनसे प्र्रेरणा लेकर बागवानी के क्षेत्र में विद्यमान संभावनाओं को साकार करने में सरकार के प्रयासों को सफल बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव किसानों को नए बाजारों से जोड़ने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में उत्तराखंड औद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित कर इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसान भाइयों तक पहुँचाया जाए और यह महोत्सव इन्हीं प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।
कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी कैलाश पंत, प्रताप सिंह पंवार तथा सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं विभिन्न जनपदों से आए किसान भी उपस्थित रहे।
देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस ने वर्ष 2026 के लिए अपनी प्राथमिकताओं और रणनीति का रोडमैप तय कर लिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स-फ्री देवभूमि मिशन पर विशेष फोकस किया गया।
बैठक में पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि बदलती चुनौतियों के बीच साइबर सर्विलांस और साइबर इंटेलिजेंस को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है। एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप इन क्षेत्रों में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने ATS, ANTF और ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि ड्रग-फ्री उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के विजन को साकार करने के लिए एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और अधिक सशक्त किया जाएगा। साथ ही, ATS की संरचना में एकरूपता लाने के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए 1930 हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने तथा 112 इमरजेंसी सिस्टम के साथ उसके तकनीकी समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें DGP-IGP Conference-2025 के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा कर भविष्य की पुलिस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

डीजीपी ने सभी अनुभागों को अपने-अपने प्रस्तावों और लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एक्शन प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले बजट, प्रोक्योरमेंट और अन्य वित्तीय मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही लंबित पत्रावलियों और शासन स्तर पर अटके प्रस्तावों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक कार्यों में देरी रोकने के लिए ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली के अनिवार्य उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री के “सरलीकरण, समाधान और निस्तारण” के विजन को दोहराया गया। डीजीपी ने कहा कि समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया से ही पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
प्रशिक्षण के क्षेत्र में पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रस्तावित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, पुलिस कर्मियों के कल्याण, पदोन्नति और पुरस्कारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए सभी इकाइयों को समय पर ACR भरने को कहा गया।
इसके अलावा डीजीपी ने उत्तराखण्ड पुलिस गीत के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि यह गीत पुलिस बल की कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भावना और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। इसे सभी प्रमुख पुलिस आयोजनों और आधिकारिक कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से बजाया जाएगा।
बैठक में अपराध एवं कानून व्यवस्था, प्रशासन, दूरसंचार, साइबर, यातायात, प्रशिक्षण और परिक्षेत्र स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित पुलिस मुख्यालय के सभी अनुभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नए साल और लगातार चलने वाली पार्टियों के बीच ज्यादा खाना लगभग हर किसी के साथ हो जाता है। स्वादिष्ट व्यंजन और मिठाइयों के कारण कई लोग जरूरत से कहीं अधिक कैलोरी ले लेते हैं। इसके बाद वजन बढ़ने की चिंता में लोग अगले ही दिन जिम में जरूरत से ज्यादा कसरत करने या डाइट को अचानक बेहद सख्त बनाने की गलती कर बैठते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं।
वजन नियंत्रण और मेटाबॉलिज्म पर काम करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि एक दिन में बहुत अधिक खाने के बाद शरीर को खुद को संतुलित करने के लिए समय चाहिए। ज्यादा कैलोरी लेने पर शरीर के हार्मोन, खासतौर पर इंसुलिन और पाचन से जुड़े एंजाइम्स, अतिरिक्त दबाव में आ जाते हैं। ऐसे में तुरंत भारी एक्सरसाइज या भूखा रहना शरीर के संतुलन को और बिगाड़ सकता है।
वेट लॉस एक्सपर्ट डॉक्टर मल्हार गणला के अनुसार, पार्टी के बाद अगले एक-दो दिन शरीर के लिए रिकवरी पीरियड की तरह होते हैं। इस दौरान अत्यधिक वर्कआउट करने से भूख और इंसुलिन का चक्र गड़बड़ा सकता है, जिससे बार-बार खाने की तलब लगने लगती है। अगर यह आदत कुछ दिनों तक जारी रहे, तो शरीर तैलीय और नमकीन खाने का आदी हो सकता है, जो आगे चलकर इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह बन सकता है।
डॉक्टर बताते हैं कि जब हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, तो दिमाग बार-बार भूख के संकेत भेजता है, भले ही शरीर को वास्तव में खाने की जरूरत न हो। इसलिए जरूरी है कि पार्टी के बाद खुद को सजा देने के बजाय शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने का मौका दिया जाए।
विशेषज्ञों की सलाह है कि अधिक खाने के बाद अगले दो दिनों तक हल्का, सादा और घर का बना भोजन लिया जाए। इससे शरीर को अतिरिक्त कैलोरी को धीरे-धीरे खर्च करने का समय मिलता है और मेटाबॉलिज्म स्थिर रहता है। इस दौरान पर्याप्त पानी पीना और हल्की गतिविधि, जैसे टहलना, फायदेमंद हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वजन घटाने की जल्दबाजी से ज्यादा जरूरी है भूख और हार्मोनल संतुलन को सामान्य बनाए रखना। संयमित खानपान और धैर्य के साथ अपनाया गया तरीका न केवल वजन बढ़ने से बचाता है, बल्कि छुट्टियों के बाद शरीर को फिर से स्वस्थ लय में लौटाने में भी मदद करता है।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज प्रेम नगर में व्यापार मंडल प्रेम नगर एवं महावीर सेवा समिति द्वारा आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गरीब एवं असहाय लोगों को कंबल वितरित कर उन्हें राहत प्रदान की।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उपस्थित सभी लोगों को नव वर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह वर्ष सेवा का वर्ष है। उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्गों की सेवा करना ही सच्चा मानव धर्म है और ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।

उन्होंने व्यापार मंडल प्रेम नगर एवं महावीर सेवा समिति के पदाधिकारियों को इस पुनीत एवं जनसेवा के कार्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक कार्य निरंतर करते रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैंट विधायक सविता, प्रदेश मंत्री भाजपा नेहा जोशी, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष भूषण भाटिया, महामंत्री फकीर चंदा, विक्की खन्ना सहित कई लोग उपस्थित रहे।
सरकार आपके द्वारः-‘प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में 05 जनवरी को कालसी-पजीटिलानी में बहुउद्देशीय शिविर’
जनहित में बडी पहलः शिविर में ही जारी होंगे आयुष्मान, यूडीआईडी और दिव्यांग प्रमाण पत्र
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिलेगा संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,
प्रमाण पत्रों से पेंशन तकः शिविर में आय, जाति, निवास व उत्तराधिकार मामलों का होगा समाधान
लाभ भी, समाधान भीः डीएम ने क्षेत्रीय जनता से शिविर में सहभागिता की अपील की
देहरादून– जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत माननीय प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में सोमवार, 05 जनवरी, 2026 को प्रातः 11ः00 बजे से अपराह्न 4ः00 बजे तक विकासखंड कालसी स्थित पंजीटिलानी मिनी स्टेडियम में वृहद बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें। सभी विभाग आवेदन प्रपत्रों एवं योजनाओं से संबंधित संपूर्ण जानकारी के साथ शिविर स्थल पर उपस्थित रहेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण करेंगे तथा विभागीय स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशा मुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदा गौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।
ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।
लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।
सुपीरियर (अमेरिका)- अमेरिका के एरिजोना राज्य में शुक्रवार को एक भीषण हवाई हादसा हो गया। पहाड़ी क्षेत्र में उड़ान भर रहा एक निजी हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना सुबह करीब 11 बजे टेलीग्राफ कैन्यन क्षेत्र के पास हुई, जो फीनिक्स से लगभग 100 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। हेलिकॉप्टर एक मनोरंजन गतिविधि के लिए लगाए गए लंबे स्टील केबल से टकरा गया, जिसके बाद संतुलन बिगड़ने से वह गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे में 59 वर्षीय पायलट और तीन युवा महिलाओं की जान गई है, जिनकी उम्र 21 और 22 वर्ष बताई जा रही है। पिनाल काउंटी शेरिफ कार्यालय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हेलिकॉप्टर उड़ान के दौरान अचानक एक केबल से टकराया और कुछ ही पलों में नीचे गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया, लेकिन दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में कई घंटे लग गए।
जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर ने क्वीन क्रीक शहर के एक एयरफील्ड से उड़ान भरी थी। सुरक्षा कारणों के चलते हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में हवाई गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई।
इस दुर्घटना की जांच संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) और राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि हादसे के सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।
हिंदी सिनेमा के अनुभवी अभिनेता अनुपम खेर ने अपने लंबे और प्रेरणादायक फिल्मी सफर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली है। उन्होंने अपनी 550वीं फिल्म पर काम शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि यह फिल्म दर्शकों की पसंदीदा और यादगार फिल्म खोसला का घोसला की अगली कड़ी है, जिसे खोसला का घोसला 2 नाम दिया गया है। फिल्म की शूटिंग शुरू होते ही यह खबर फिल्म जगत में चर्चा का विषय बन गई है।
अनुपम खेर ने इस मौके पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने अपने करियर के अलग-अलग किरदारों की झलक दिखाती हुई तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा— “550 नॉट आउट”। इस संदेश के जरिए उन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत और सफलता की यात्रा को याद किया। अभिनेता ने बताया कि जब वे 1981 में मुंबई आए थे, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे सैकड़ों फिल्मों में काम करते हुए इस मुकाम तक पहुंचेंगे।
उन्होंने शूटिंग के पहले दिन का जिक्र करते हुए कहा कि वे दिल्ली में फिल्म के पहले शॉट के लिए पूरी तरह तैयार हैं और आज भी उनके भीतर काम को लेकर वही जुनून और ऊर्जा है। अनुपम खेर ने अपने करियर को अभी भी ‘इंटरवल पॉइंट’ पर बताया और कहा कि सपनों की कोई उम्र या सीमा नहीं होती। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दर्शकों, फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और पूरी फिल्म टीम को दिया।
70 वर्ष की उम्र में भी अनुपम खेर लगातार फिल्मों में सक्रिय हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। वर्ष 2025 में भी वे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे, जिनमें उनके निर्देशन की फिल्म तन्वी द ग्रेट के साथ-साथ मेट्रो इन दिनों, द बंगाल फाइल्स और हरि हर वीर मल्लु जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं।
रुद्रप्रयाग/ चमोली- उत्तराखंड में नववर्ष की शुरुआत के साथ ही मौसम ने पहाड़ों में ठंड का असर बढ़ा दिया है। लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों को राहत देते हुए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिली है। शुक्रवार को केदारनाथ धाम में इस साल की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है। ताजी बर्फ की सफेद चादर से पहाड़ ढकने लगे हैं, वहीं तापमान में भी स्पष्ट गिरावट महसूस की जा रही है।
रुद्रप्रयाग जनपद के कई इलाकों में मौसम ने करवट ली। गुप्तकाशी क्षेत्र में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई, जिससे ठंड और बढ़ गई। उधर चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहा। मलारी में गुरुवार रात हल्की बर्फबारी हुई, जबकि हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ के नर-नारायण पर्वत, नीलकंठ और बसुधारा क्षेत्र समेत कई ऊंची चोटियों पर बर्फ जमने की सूचना है। हालांकि यह बर्फबारी ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इसका असर निचले इलाकों तक साफ नजर आया।
बर्फबारी के बाद शुक्रवार को जब मौसम साफ हुआ तो पहाड़ों पर जमी बर्फ धूप में चमकती दिखाई दी। वहीं मैदानी और घाटी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत के कुछ हिस्सों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। आगामी दिनों की बात करें तो तीन और चार जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जबकि पांच जनवरी को एक बार फिर मौसम में बदलाव हो सकता है। इसके बाद छह और सात जनवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। वहीं बीते दिन मैदानी इलाकों में घने कोहरे के चलते दिनभर ठंड का असर बना रहा और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने कहा सीएम धामी के नेतृत्व में प्रशासनिक सुधारों की मिसाल कायम कर रहा उत्तराखंड
देहरादून- उत्तराखंड में सशक्त नेतृत्व, स्थिर शासन और निर्णायक प्रशासन के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य निरंतर विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नववर्ष 2026 के अवसर पर राज्य निगम कर्मचारी महासंघ उत्तराखंड ने इसी विश्वास और आशा के साथ प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। महासंघ का मानना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य न केवल प्रशासनिक सुधारों की नई मिसाल कायम कर रहा है, बल्कि कर्मचारियों, आम जनता और विकास से जुड़े सभी वर्गों के हितों का संतुलन भी प्रभावी ढंग से साधा जा रहा है। इसी क्रम में महासंघ के प्रतिनिधि मंडल ने नववर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर प्रदेश की उन्नति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।
नववर्ष पर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट
आज दिनांक राज्य निगम कर्मचारी महासंघ उत्तराखंड के प्रतिनिधि मंडल ने महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी के नेतृत्व में नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं देने हेतु माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा उनके कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड को उन्नति, समृद्धि और सुशासन की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की कामना की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पाण्डे, मुख्यमंत्री के सचिव एवं पेयजल सचिव शैलेश बगौली तथा अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान से भी मुलाकात कर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान प्रशासनिक नेतृत्व में राज्य की नीतियां अधिक जनोन्मुखी, पारदर्शी और कर्मचारी हितैषी बन रही हैं, जिससे सरकारी निगमों और संस्थाओं का कार्य निष्पादन भी बेहतर हो रहा है।
कर्मचारियों की भूमिका को बताया राज्य की प्रगति का आधार
इस अवसर पर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने बीते वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय देखे हैं, जिनका सीधा लाभ प्रदेश की जनता और कर्मचारियों को मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य निगमों में कार्यरत कर्मचारी विकास की रीढ़ हैं और उनकी भूमिका को सशक्त बनाना राज्य के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।महासंघ के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच सकारात्मक संवाद से नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नववर्ष 2026 में राज्य सरकार कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेगी और निगमों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। राज्य निगम कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी के साथ नंदलाल जोशी, बालेश कुमार, हरि सिंह, कुनाल शर्मा, मनोज कुमार, अमजद खां, अरविंद पायल तथा रविनन्दन सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य, प्रशासनिक स्थिरता और निरंतर विकास की कामना की।
