19 सिलेंडर पकड़े गए, 43 हजार 700 रुपये का लगाया जुर्माना
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए बुधवार को खाद्य आपूर्ति विभाग ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया। इस दौरान होटल, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया गया। अभियान में कुल 129 होटल–ढाबों की जांच की गयी, जिसमें घरेलू गैस के दुरुपयोग के 19 मामले सामने आए। विभाग ने मौके पर ही 43 हजार 700 रुपये का जुर्माना वसूल किया।
खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने पौड़ी नगर क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र बडोला के नेतृत्व में 24 होटल व ढाबों का निरीक्षण किया। यहां नौ घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर 20 हजार 700 रुपये का जुर्माना किया गया। दुगड्डा क्षेत्र में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कृष्ण बौंठियाल की टीम ने 14 होटलों की जांच की। उफरैंखाल क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक शशिबाला रावत और विशेष राठौड़ के नेतृत्व में 11 होटलों का निरीक्षण किया गया, जहां एक घरेलू सिलेंडर के दुरुपयोग पर 2 हजार 300 रुपये का जुर्माना लगाया गया। खोलाचौरी व घुड़दौड़ी क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक राकेश पंत की टीम ने 14 होटलों की जांच की।
नगर निगम श्रीनगर क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक विजय कैंतुरा के नेतृत्व में 19 होटलों का निरीक्षण किया गया। यहां सात घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर 16 हजार 100 रुपये का जुर्माना किया गया। वहीं नगर निगम कोटद्वार क्षेत्र में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी करण सिंह क्षेत्री की टीम ने 24 होटलों का निरीक्षण कर दो घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर 4 हजार 600 रुपये का जुर्माना किया। नीलकंठ व लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक ज्योति नेगी और दिव्या मुखिया के नेतृत्व में 23 होटलों की जांच की गयी।
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग नियम विरुद्ध है। आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तेज रफ्तार जीवन, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने बीते कुछ वर्षों में लिवर से जुड़ी बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ा दिया है। स्थिति यह है कि अब केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि युवा और बच्चे भी लिवर संबंधी समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार न किया जाए, तो लिवर की छोटी परेशानियां भी गंभीर रूप ले सकती हैं।
लिवर हमारे शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पाचन और चयापचय जैसी अहम प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। लिवर से जुड़ी बीमारियां जैसे फैटी लिवर या सिरोसिस न केवल जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, बल्कि कई मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।
पहले से मौजूद बीमारियां बढ़ा सकती हैं लिवर का खतरा
विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों से ग्रसित है और उन्हें नियंत्रित नहीं करता, तो इसका सीधा असर लिवर की सेहत पर पड़ सकता है। इन बीमारियों की अनियंत्रित स्थिति लिवर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है, जिससे गंभीर रोग विकसित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को मधुमेह, उच्च रक्तचाप या बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें नियमित जांच करानी चाहिए। ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और लिपिड प्रोफाइल के साथ-साथ समय-समय पर लिवर, किडनी और आंखों की जांच भी जरूरी मानी जाती है, क्योंकि इन अंगों पर इन बीमारियों का सबसे अधिक असर पड़ता है।
डायबिटीज और लिवर रोगों का गहरा संबंध
डायबिटीज से पीड़ित लोगों में लिवर से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक देखा गया है। जिस तरह मधुमेह किडनी को प्रभावित करता है, उसी प्रकार यह लिवर की कार्यप्रणाली को भी नुकसान पहुंचा सकता है। डायबिटिक मरीजों में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज विकसित होने की आशंका अधिक रहती है, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है।
अध्ययनों के अनुसार, सिरोसिस से पीड़ित अधिकांश मरीजों में ग्लूकोज इंटॉलरेंस या डायबिटीज की समस्या पाई जाती है। इसी कारण विशेषज्ञ ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने पर विशेष जोर देते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर भी लिवर के लिए खतरा
आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन शोध बताते हैं कि यह लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों को भी बढ़ा सकता है। सिरोसिस की स्थिति में लिवर में रक्त प्रवाह बाधित होता है, जिससे पोर्टल वेन पर दबाव बढ़ता है। इस स्थिति को पोर्टल हाइपरटेंशन कहा जाता है, जो लिवर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इसलिए उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखना बेहद आवश्यक है।
बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और लिवर की सेहत
हाई कोलेस्ट्रॉल केवल दिल ही नहीं, बल्कि लिवर के लिए भी नुकसानदायक होता है। सामान्य स्थिति में लिवर अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को प्रोसेस कर बाहर निकाल देता है, लेकिन अत्यधिक वसायुक्त आहार लेने से यह क्षमता प्रभावित हो जाती है। इसके कारण फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है, जो समय के साथ गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।
शोध बताते हैं कि शरीर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल फैटी लिवर डिजीज की गंभीरता को और बढ़ा सकता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
(साभार)
सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान व कल्याण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हाथीबड़कला, देहरादून में नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वीर भूमि है और राज्य सरकार उनके सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सैनिक पुत्र होने की वजह से उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सैनिकों से संबंधित हर कार्यक्रम में जाने का प्रयास करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच जरूर जाते हैं। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लिए प्रधानमंत्री ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के तीव्र विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरणों, आवास एवं कल्याण सुविधाओं में लगातार वृद्धि की गई है, जिससे सक्रिय सैनिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिक समुदाय का मनोबल और गौरव भी और अधिक बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों और सेवा निवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की शान हैं, जिनके त्याग, बलिदान और अनुशासन के कारण आज भारत सुरक्षित और सशक्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा सैनिकों को मिलने वाली पुरस्कार एवं सम्मान राशि में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे शहीदों और वीर सैनिकों के सम्मान को और अधिक गरिमा मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय धामी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 28 शहीद सैनिकों के परिजनों को सरकारी सेवा में रोजगार प्रदान किया जा चुका है, जो सरकार की सैनिक परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह, ब्रिगेडियर केजी बहल, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, ले.जनरल अश्वनी कुमार, मेजर जनरल ओपी राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, मेजर जनरल ओपी सोनी, मेजर जनरल आनंद रावत सहित पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को मजबूती, सीएम धामी ने की पुलिस की सराहना
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (पी.ए.सी) एवं 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि अब तक की उनकी परीक्षा केवल शुरुआत थी, असली परीक्षा अब शुरू हो रही है। उन्हें अब प्रदेश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दो अंतरराष्ट्रीय एवं दो आंतरिक सीमाओं से लगा राज्य है। राज्य में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा, साइबर क्राइम, महिला अपराध, यातायात, आपदा प्रबंधन, चारधाम एवं कांवड़ यात्रा जैसे अनेक मोर्चों पर पुलिस की प्रभावी भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और उत्कृष्ट प्रशिक्षण से परिपूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है। बीते तीन वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवास के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिला सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने महिला अपराधों के निस्तारण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है तथा गृह मंत्रालय की रिपोर्ट अनुसार पोक्सो एवं महिला अपराधों के मामलों के निस्तारण में देश में पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप बीते चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। राज्य में सभी परीक्षाएँ पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कार्मिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाएँगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सचिव गृह शैलश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन, ए.पी अंशुमान, आईजी योगेन्द्र सिंह रावत एवं पुलिस के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जयराम रमेश बोले—भारत-पाक तनाव पर चीन की मध्यस्थता का दावा चिंताजनक
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने को लेकर चीन द्वारा किए गए मध्यस्थता के दावे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इन बयानों को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए केंद्र सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी देश की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में स्थिति साफ करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चीन जैसे देश, जो खुले तौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है, उसके द्वारा भारत-पाक संबंधों में मध्यस्थता का दावा करना राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस का सवाल
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में भूमिका निभाई थी। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने अब तक इन दावों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। अब चीन के विदेश मंत्री द्वारा इसी तरह का बयान सामने आने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
कांग्रेस नेता ने यह भी याद दिलाया कि चार जुलाई 2025 को भारतीय सेना के उप प्रमुख राहुल सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत को चीन की ओर से रणनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ा था। ऐसे में चीन द्वारा मध्यस्थता का दावा कई सवाल खड़े करता है।
ऑपरेशन सिंदूर और चीन की भूमिका पर उठे सवाल
कांग्रेस ने कहा कि चीन की पाकिस्तान के प्रति झुकी हुई नीति जगजाहिर है। ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने में उसकी भूमिका का दावा न सिर्फ विरोधाभासी है, बल्कि यह देशवासियों को दिए गए भरोसे के भी खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को हल्के में लेने जैसा है।
जयराम रमेश ने भारत-चीन संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि 2020 में चीन को लेकर दिए गए बयानों से भारत की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का व्यापार घाटा बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रों में चीन पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे हालात में यह जानना जरूरी है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में चीन की कथित भूमिका क्या थी।
क्या है चीन का दावा
गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना चीन की इस साल की कूटनीतिक सफलताओं में शामिल है। इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
भारत का आधिकारिक रुख
भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच उत्पन्न हालात दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत से सुलझाए गए थे। नई दिल्ली का स्पष्ट मत है कि भारत-पाकिस्तान से जुड़े मामलों में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है।
सेमीफाइनल में हार के बावजूद अर्जुन एरिगेसी का दमदार प्रदर्शन
नई दिल्ली। भारतीय शतरंज के उभरते सितारे अर्जुन एरिगेसी ने विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें उज्बेकिस्तान के मजबूत खिलाड़ी नोदिरबेक अब्दुसातोरोव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद अर्जुन ने वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया। वहीं, नॉर्वे के दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने सभी चुनौतियों को पार करते हुए एक बार फिर खिताब जीत लिया।
सेमीफाइनल में अर्जुन एरिगेसी और नोदिरबेक अब्दुसातोरोव के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें उज्बेक खिलाड़ी ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। दूसरी ओर, गत चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने अमेरिका के फाबियानो कारुआना को 3-1 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। खिताबी मुकाबले में कार्लसन ने अब्दुसातोरोव को मात देकर आठवीं बार विश्व ब्लिट्ज चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
अर्जुन एरिगेसी के इस प्रदर्शन की देशभर में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि शतरंज में भारत की प्रगति निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के साथ-साथ रैपिड चैंपियनशिप में भी पदक हासिल करना अर्जुन के कौशल, धैर्य और समर्पण का प्रमाण है, जो युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
22 वर्षीय अर्जुन एरिगेसी के लिए यह टूर्नामेंट यादगार रहा। उन्होंने रैपिड और ब्लिट्ज दोनों प्रारूपों में विश्व स्तर पर कांस्य पदक जीतकर एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की है। क्वालिफाइंग राउंड में अर्जुन ने लगातार बेहतरीन खेल दिखाया और कई दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। दूसरे दिन के मुकाबलों में उन्होंने दमदार रणनीति और आत्मविश्वास के साथ जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण में जगह बनाई।
हालांकि सेमीफाइनल की बाधा वह पार नहीं कर सके, लेकिन दो विश्व पदकों के साथ अर्जुन एरिगेसी का यह प्रदर्शन भारतीय शतरंज के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।
डीजी से लेकर सचिव स्तर तक प्रमोशन, सरकार ने जारी की सूची
देहरादून। राज्य सरकार ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी करते हुए उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कार्मिक विभाग और गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत कई अधिकारियों को उच्च पदों और वेतनमान में पदोन्नत किया गया है, जिससे प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार वर्ष 2010 बैच के आठ आईएएस अपर सचिवों को सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है। इनमें डॉ. अहमद इकबाल, सोनिका, रंजना राजगुरु, ईवा आशीष श्रीवास्तव, आनंद स्वरूप, देवकृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडेय और राजेंद्र कुमार शामिल हैं। प्रतिनियुक्ति पर तैनात ईवा आशीष श्रीवास्तव को परफॉर्मा पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा, 2001 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आर. मीनाक्षी सुंदरम को लेवल-15 ग्रेड में पदोन्नत किया गया है।
राज्य सरकार ने अन्य बैच के अधिकारियों को भी वेतनमान में उन्नयन का लाभ दिया है। 2013 बैच के आईएएस अधिकारियों मयूर दीक्षित, वंदना, विनीत कुमार, रीना जोशी और डॉ. आनंद श्रीवास्तव को चयन वेतनमान लेवल-13 प्रदान किया गया है। वहीं, 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक वेतनमान लेवल-12 में पदोन्नत किया गया है। इस सूची में नमामि बंसल, गौरव कुमार, संदीप तिवारी, रवनीत चीमा, विनोद गिरी गोस्वामी, प्रशांत कुमार आर्या, आशीष कुमार भटगाई, प्रकाश चंद्र, दीप्ति सिंह और निधि यादव शामिल हैं। इसके साथ ही 2022 बैच के आईएएस दीपक रामचंद्र सेठ, राहुल आनंद और आशिमा गोयल को वरिष्ठ वेतनमान लेवल-11 दिया गया है।
इसी क्रम में गृह विभाग ने भी आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। एडीजी अभिनव कुमार को डीजी रैंक में पदोन्नत किया गया है। वहीं, डीआईजी निवेदिता कुकरेती, पी. रेणुका देवी और बरिंदरजीत सिंह को आईजी पद पर पदोन्नति दी गई है। इसके अतिरिक्त, प्रहलाद नारायण मीणा, प्रीति प्रियदर्शिनी और यशवंत सिंह को एसएसपी से डीआईजी पद पर पदोन्नत किया गया है।
अन्य पदोन्नतियों में आईपीएस तृप्ति भट्ट और रामचंद्र राजगुरु को सेलेक्शन ग्रेड लेवल-13, आईपीएस अर्पण यदुवंशी को जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड तथा आईपीएस निशा यादव और जितेंद्र चौधरी को वरिष्ठ वेतनमान लेवल-11 प्रदान किया गया है। सभी पदोन्नति आदेश एक जनवरी से प्रभावी होंगे।
लोकप्रिय वेब सीरीज ‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुकी है। पांचवें और अंतिम सीजन को लेकर दुनियाभर के दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फैंस लंबे समय से फिनाले एपिसोड का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें कहानी का निर्णायक मोड़ सामने आने वाला है। आइए जानते हैं कि सीरीज का आखिरी एपिसोड कब और कहां देख सकते हैं।
भारत में कब और कहां देखें फिनाले
‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ सीजन 5 कुल आठ एपिसोड में रिलीज किया गया है, जिसे अलग-अलग चरणों में दर्शकों के सामने लाया गया। सीरीज का पहला हिस्सा 26 नवंबर 2025 को रिलीज हुआ, जबकि दूसरा पार्ट क्रिसमस के मौके पर स्ट्रीम किया गया। अब इसका ग्रैंड फिनाले न्यू ईयर ईव पर रिलीज हो रहा है।
यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। अमेरिका, कनाडा और ब्राजील में फिनाले एपिसोड 31 दिसंबर को शाम 5 बजे स्ट्रीम होगा, जबकि भारतीय दर्शक इसे 1 जनवरी 2026 की सुबह 6:30 बजे देख सकेंगे।
अब तक का सबसे लंबा एपिसोड
सीजन 5 का अंतिम एपिसोड इस पूरी सीरीज का सबसे लंबा एपिसोड बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिनाले की अवधि करीब 2 घंटे 5 मिनट है। लंबे रनटाइम की वजह से दर्शकों को एक इमोशनल और रोमांचक क्लाइमैक्स देखने को मिलने की उम्मीद है। सोशल मीडिया पर भी इस एपिसोड को लेकर जबरदस्त चर्चा है और कई संभावित स्पॉइलर वायरल हो रहे हैं।
फिनाले में क्या हो सकता है खास
‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ की कहानी हमेशा अच्छाई और बुराई के संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती रही है। पांचवें सीजन में खलनायक वेक्ना पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली नजर आ रहा है। ऐसे में इलैवन और उसकी टीम को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
फिनाले में वेक्ना की खतरनाक योजना, हॉकिन्स को बचाने की कोशिश और सुपरपावर से लैस किरदारों के बीच निर्णायक जंग देखने को मिल सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस अंतिम अध्याय में कुछ अहम किरदारों की किस्मत बदल सकती है, जिससे कहानी और भी भावनात्मक मोड़ ले सकती है।
(साभार)
टनल हादसे के बाद त्वरित रेस्क्यू, सभी घायल सुरक्षित बाहर निकाले गए
चमोली।अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग के भीतर एक हादसा हो गया। परियोजना की सुरंग के भीतर शिफ्ट परिवर्तन के दौरान दो लोको ट्रेनों के आमने-सामने टकरा जाने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
घटना पीपलकोटी के समीप मायापुर गांव क्षेत्र में बनी लगभग सात किलोमीटर लंबी सुरंग में हुई। टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा संचालित इस परियोजना में सुरंग के भीतर आवाजाही और सामग्री ढुलाई के लिए लोको ट्रेनों का उपयोग किया जाता है। हादसे के समय एक ट्रेन श्रमिकों व अधिकारियों को लेकर जा रही थी, जबकि दूसरी ट्रेन निर्माण सामग्री से लदी हुई थी।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, टक्कर के समय दोनों ट्रेनों में कुल 109 लोग सवार थे। हादसे में करीब 60 मजदूर और कर्मचारी घायल हुए। राहत एवं बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित सुरंग से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल 10 लोगों को जिला अस्पताल गोपेश्वर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का उपचार पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया।
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ के अधीन है और सभी घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या आपसी संचार में चूक की आशंका जताई जा रही है।
देर रात हुए इस हादसे के बाद परियोजना प्रबंधन, जिला प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सुरंग के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में स्थानीय कर्मचारियों और रेस्क्यू टीम की अहम भूमिका रही।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से फोन पर वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर घायलों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने को कहा गया।
पुल निर्माण को स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रीय जनता ने जताया सीएम धामी व लोनिवि मंत्री का आभार
यमकेश्वर (पौड़ी)। जनपद के विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग पर बनने वाले 24 मीटर स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग में 158.17 लाख (रुपये एक करोड़ अठावन लाख सत्रह हजार मात्र) की लागत से बनने वाले 24 मीटर स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज का आभार व्यक्त किया है।
यमकेश्व क्षेत्र की जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग में पर 158.17 लाख (रुपये एक करोड़ अठावन लाख सत्रह हजार मात्र) की लागत से बनने वाले 24 मीटर लम्बे स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज का आभार व्यक्त किया है।
लोनिवि मंत्री महाराज ने कहा कि अधिकारियों को पुल के निर्माण का कार्य गुणवत्ता पूर्ण और तय समय पर पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया के पश्चात निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा। पुल के बन जाने पर लोगों काफी सुविधा और राहत मिलेगी।
