प्राधिकरण क्षेत्र में जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी– बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शिमला बाई-पास क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माणों पर सीलिंग की प्रभावी कार्रवाई की गई। एमडीडीए का स्पष्ट कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत मुकेश द्वारा शिमला बाई-पास रोड, एस0आर0 पैट्रोल पम्प के निकट, नया गांव देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। जांच में पाया गया कि उक्त निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त संग्राम सिंह द्वारा रतनपुर, शिमला बाई-पास रोड देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध निर्माण न केवल नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि यातायात, पर्यावरण और जनसुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसी कारण प्राधिकरण द्वारा ऐसे निर्माणों के विरुद्ध लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह पूरी कार्रवाई संयुक्त सचिव एमडीडीए गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान सहायक अभियन्ता शशांक सक्सेना, अवर अभियन्ता ललित नेगी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण एवं नियमानुसार संपन्न किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। बिना स्वीकृति किए जा रहे व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माण शहर की नियोजित विकास व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे निर्माणों से आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमडीडीए की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी अपील है कि निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सभी निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों के अनुरूप ही किए जाएं। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। एमडीडीए ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करें और किसी भी प्रकार के निर्माण से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य लें।
सीएम ने सुनी आमजन की समस्याएं
रानीखेत। विकासखंड ताड़ीखेत की न्याय पंचायत जैनोली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के स्टालों का एक-एक कर निरीक्षण किया ।
मुख्यसेवक के स्टाल पर बैठकर आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए प्राप्त शिकायतों पर एक-एक कर चर्चा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सेवाएं आमजन को उनके द्वार पर उपलब्ध हों, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से दौड़-भाग न करनी पड़े। अधिकारी स्वयं गांव में आकर जनता के कार्य करेंगे और उनकी परेशानियों का समाधान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सभी विभाग एक ही मंच पर जनता के द्वार पर उपस्थित हैं और आमजन को इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जनता की सुविधा के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।
शिविर के दौरान पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज जैनोली के जर्जर भवन को लेकर प्राप्त शिकायत पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन गाँव की ओर अभियान शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जिससे जनसमस्याओं का समाधान त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी रूप से किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा , जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज ऋषिकेश स्थित पीएम श्री आई०डी०पी०एल० इंटर कॉलेज, वीरभद्र में भारतीय साहित्य संगम (राष्ट्रीय साहित्यकारों की अखिल भारतीय संस्था) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन किया तथा उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित भी किया। उन्होंने भारतीय साहित्य संगम द्वारा आयोजित ऑनलाइन व्याख्यानमाला एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की 330 श्रृंखलाओं के माध्यम से विश्व कीर्तिमान स्थापित करने को अत्यंत सराहनीय उपलब्धि बताया।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर लंदन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सम्मानित किया जाना भारतीय साहित्य की वैश्विक पहचान और स्वीकार्यता का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों—मुंबई, दिल्ली सहित अन्य स्थानों से पधारे प्रतिष्ठित साहित्यकार, लेखक एवं कवि अपनी रचनात्मक उपस्थिति से समारोह को गौरवान्वित कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब साहित्य और आध्यात्मिक चिंतन मानवता को जोड़ने, नैतिक मूल्यों को सहेजने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि एक संवेदनशील और संस्कारित समाज के निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक प्रयासों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक चेतना के प्रसार में भी सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और साहित्य समाज को शसक्त बनाता है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने छात्र छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।
इस अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र रांगड़, डॉ. राजेश डोभाल, डॉ. देवी दत्त अविनाशी, शंभु प्रसाद भट्ट, संजीव कुमार चौहान, निरंजन डोभाल सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य लोग छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
ऑस्कर विजेता फिल्म ‘ओपेनहाइमर’ के बाद मशहूर निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन एक बार फिर दर्शकों को भव्य सिनेमाई अनुभव देने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘द ओडिसी’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर जारी कर दिया गया, जिसने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ा दी है। ट्रेलर में हॉलीवुड स्टार मैट डैमन को इथाका के राजा ओडीसियस के किरदार में दिखाया गया है, जो ट्रोजन युद्ध के बाद अपने सैनिकों के साथ घर लौटने की कठिन यात्रा पर निकलते हैं।
ट्रेलर में समुद्र, युद्ध और मानवीय भावनाओं का प्रभावशाली संगम देखने को मिलता है। विशाल समुद्री जहाजों पर सवार सैनिकों के दृश्य और युद्ध के बाद की चुनौतियां कहानी को और गहराई देती हैं। खासतौर पर ट्रेलर के अंतिम हिस्से में एक भावुक पल देखने को मिलता है, जहां युद्ध पर जाते समय एक सैनिक से उसके सुरक्षित लौटने का वादा लिया जाता है। यह दृश्य युद्ध की भयावहता के बीच मानवीय रिश्तों और भावनाओं को बखूबी दर्शाता है।
फिल्म की स्टारकास्ट भी इसे खास बनाती है। मैट डैमन के साथ टॉम हॉलैंड ओडीसियस के बेटे टेलीमाचस की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि ऐनी हैथवे उनकी पत्नी पेनेलोप का किरदार निभा रही हैं। इसके अलावा रॉबर्ट पैटिनसन, जेंडाया, लुपिटा न्योंगो, चार्लीज थेरॉन, मिया गोथ और बेनी सफ्डी जैसे बड़े सितारे भी फिल्म का हिस्सा हैं, हालांकि ट्रेलर में उनकी झलक सीमित रखी गई है।
‘द ओडिसी’ को नई और उन्नत IMAX तकनीक के साथ फिल्माया गया है, जिससे इसका दृश्य प्रभाव और भी भव्य होने की उम्मीद है। यह फिल्म 17 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर को दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है और फिल्म को लेकर पहले से ही भारी क्रेज देखने को मिल रहा है।
(साभार)
मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी का जोशीला आगाज
चार स्तर पर होगी प्रतियोगिता, चैंपियन को मिलेंगे 5 लाख
रोशनाबाद/हरिद्वार। हरिद्वार के योगस्थली खेल परिसर में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी का जोशीला आगाज हुआ। न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक चार लेवल पर आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में लगभग 2 लाख खिलाड़ी शिरकत करेंगे।
योगस्थली खेल परिसर में खेल मंत्री रेखा आर्या ने ट्रॉफी का ध्वजारोहण और मशाल को प्रज्ज्वलित करके प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। खेल महाकुंभ को इस साल नए प्रारूप में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26 के रूप में आयोजित किया जा रहा है। प्रतियोगिता न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय चार चरणों में आयोजित की जा रही है।
उद्घाटन अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस बार कुल 26 खेल स्पर्धाएं रखी गई हैं, जिनमें आधुनिक खेलों के साथ परंपरागत खेलों को भी शामिल किया गया है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को 2 लाख और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीम को 1 लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि मिलेगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भाजपा सरकार ने खिलाड़ियों के हित के लिए नीतिगत फैसले किए जिनमें बाद राज्य में खेलों को लेकर माहौल बदला और एक खेल संस्कृति विकसित होनी शुरू हुई।
उन्होंने कहा कि इस चैंपियनशिप के विजेता भी सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण के हकदार होंगे।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि युवा खेलों को टाइम पास के रूप में नहीं बल्कि करियर के रूप में अपनाएं । अगर वें 100% अनुशासन और समर्पण खेल को देंगे तो उन्हें चैंपियन बनने से कोई रोक नहीं सकता।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, महामंत्री हीरा सिंह, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, शक्ति सिंह, जिला खेल अधिकारी वडाली गुरुंग, लव शर्मा, वीरेंद्र पाल आदि उपस्थित रहे।
नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने पर मिलेंगे एक लाख
राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ियों के लिए 1 लाख रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि घोषित की गई है। प्रतियोगिता के दौरान जीते गए पदकों के आधार पर अंकों का योग करके समग्र चैंपियन का चयन किया जाएगा। चैंपियन चुने गए खिलाड़ी को मुख्यमंत्री ट्रॉफी और ₹5 लाख की धनराशि दी जाएगी।
मंत्री संग फोटो के लिए मची होड़
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी काफी देर तक खेल मंत्री रेखा आर्या आयोजन स्थल पर ही रुकी रही क्योंकि हजारों खिलाड़ी उनके साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे। मंत्री ने भी उन्हें निराश नहीं किया और खिलाड़ियों के बीच उन्होंने लगभग 1 घंटे का समय गुजारा। इस दौरान उन्होंने सैकड़ो खिलाड़ियों से अलग-अलग बातचीत करके उनका उत्साह बढ़ाया और खिलाड़ियों को भी मंत्री के साथ सेल्फी लेने का पर्याप्त अवसर मिला।
जनवरी 2026 से शुरू होगा तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
देहरादून। राज्य में राफ्टिंग पर्यटन को और सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाया है। अब गंगा सहित अन्य नदियों में राफ्टिंग कराने वाले गाइडों के लिए प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पर्यटकों को तुरंत मदद मिल सके।
सचिवालय में आयोजित बैठक में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने राफ्टिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ राज्य में राफ्टिंग गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के करीब 900 राफ्टिंग गाइडों को तीन दिवसीय फर्स्ट एड और सीपीआर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से यूएसए स्थित हैनीफिल सेंटर संस्था के सहयोग से आयोजित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत जनवरी 2026 के पहले सप्ताह से होगी।
बैठक में राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम आयु सीमा को 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही राफ्टिंग एसोसिएशन की ओर से उठाए गए अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें नदी तटों पर राफ्टिंग कैंपों की स्थापना, गंगा नदी की वहन क्षमता का पुनर्मूल्यांकन, मुख्य मार्ग से राफ्टिंग पिकअप प्वाइंट तक पहुंच व्यवस्था में सुधार और राफ्टिंग पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एंबुलेंस सुविधा की व्यवस्था शामिल है।
पर्यटन सचिव ने आश्वासन दिया कि राफ्टिंग से जुड़े इन सभी विषयों पर शीघ्र प्रभावी निर्णय लिए जाएंगे, ताकि प्रदेश में साहसिक पर्यटन को सुरक्षित और आकर्षक बनाया जा सके।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की उठी मांग
नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या की घटना को लेकर देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद सहित कई हिंदू संगठनों ने नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के मद्देनज़र मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इस बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प की स्थिति भी बनी, जिसे पुलिस ने समय रहते संभाल लिया।
बताया जा रहा है कि यह मामला बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले का है, जहां 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित तौर पर भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। आरोप है कि युवक पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद न केवल बांग्लादेश बल्कि भारत में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
हिंदू संगठनों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर उठाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अर्जुन बबूता को रजत, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने जीता कांस्य
नई दिल्ली। 68वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इस रोमांचक प्रतियोगिता में नौसेना के किरण अंकुश जाधव ने शानदार निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने ओलंपियन अर्जुन बबूता को मामूली अंतर से पीछे छोड़ते हुए खिताब जीता।
फाइनल में जाधव ने 252.1 अंक अर्जित कर पहला स्थान पाया, जबकि अर्जुन बबूता 251.4 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 229.8 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
इस स्पर्धा में रेलवे के शाहू तुषार माने चौथे स्थान पर रहे। इसके अलावा हिमांशु, रामायण तोमर, ओंकार विकास वाघमारे और प्रदीप सिंह ने भी फाइनल में जगह बनाकर अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया।
पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल जूनियर फाइनल में भी मुकाबला बेहद रोचक रहा। गुजरात के मोहम्मद मुर्तजा वानिया ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 254.3 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। पश्चिम बंगाल के अभिनव साव ने 251.6 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि ओंकार विकास वाघमारे ने 230.1 अंक जुटाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
रानीखेत में प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय नागरिकों के साथ किया चाय पर संवाद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के रानीखेत में प्रातःकालीन भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों के साथ चाय पर संवाद कर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को लेकर फीडबैक लिया। लोगों ने अभियान की सराहना करते हुए इसे जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूती मिल रही है। सरकार सीधे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझ रही है और उनके त्वरित निस्तारण के लिए ठोस कदम उठा रही है।
प्रातः भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री की मुलाकात दिल्ली से आए पर्यटकों से भी हुई। उन्होंने पर्यटकों से शीतकालीन यात्रा अनुभव के बारे में जानकारी ली। पर्यटकों ने उत्तराखंड में पर्यटन सुविधाओं और व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिसे मुख्यमंत्री ने जनहित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा बताया।
विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने तैनाती प्रस्ताव को दी मंजूरी
कहा, फैकल्टी की कमी होगी दूर, शिक्षण व प्रशिक्षण कार्यों में होगी गुणात्मक वृद्धि
देहरादून। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब फैकल्टी की कमी आड़े नहीं आयेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से विभिन्न संकायों में चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में तैनाती दे दी गई है। सूबे के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों के तैनाती प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ होगा तथा शिक्षण, प्रशिक्षण एवं शोधात्मक कार्यों को नई गति मिलेगी।
राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को उच्च मानकों के अनुरूप विकसित करने में निरंतर प्रयासरत है। सरकार मेडिकल कॉलेजों में जहां आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करा रही है वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी बड़े स्तर पर तैनाती कर रही है। इसी क्रम में सूबे के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से विभिन्न संकायों में चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों के तैनाती प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही इन चयनित संकाय सदस्यों को प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। जिसमें राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में विभिन्न संकायों में 41 असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती दी गई है। इसी प्रकार राजकीय मेडिकल हरिद्वार में 12, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 33, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में 24, राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर में 02 तथा राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में 28 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रथम तैनाती दी गई है। मेडिकल कॉलेजों में दो दर्जन से अधिक संकायों में संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई है। जिसमें विशेष तौर पर एनेस्थीसिया संकाय में 15 असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती मिली है। इसी प्रकार एनाटॉमी व पीडियाट्रिक्स में 7-7, ब्लड बैंक, रेडियोथेरेपी व डर्मेटोलॉजी में 3-3, कम्युनिटी मेडिसिन व पैथोलॉजी 12-12, डेंटिस्ट्री 2, इमरजेंसी व फॉरेन्सिक मेडिसिन 1-1, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, रेस्पीरेट्री मेडिसिन व फार्माकोलॉजी 5-5, माइक्रोबॉयोलॉजी व आर्थोपीडिक्स 9-9, ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी 8, ऑप्थैल्मोलॉजी 4 तथा ओटो-राइनो-लेरिंगोलॉजी, बॉयोकैमेस्ट्री, साईकाइट्री व फिजियोलॉजी संकाय में 6-6 असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती मिली है। मेडिकल कॉलेजों में मानकों के अनुरूप प्रत्येक संकाय में फैकल्टी की तैनाती से न केवल मेडिकल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी बल्कि प्रशिक्षण व शोध कार्यों को भी गति मिलेगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होगी जिससे वहां आने वाले रोगियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
बयान-
प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को उच्च मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ ही अनुभवी व प्रशिक्षित फैकल्टी की भी तैनाती की जा रही है। इसी कड़ी में चयन बोर्ड से चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों को विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। असिस्टेंट प्रोफसरों की नई नियुक्ति से कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर होगी जिससे शिक्षण, प्रशिक्षण एवं शोध कार्यों में गुणात्मक सुधार होगी ही साथ ही सम्बद्ध चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाएं भी और मजबूत होगी।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
